September 08, 2026
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    राजनांदगांव

    राजनांदगांव (1782)

    राजनांदगांव । शौर्यपथ । मोहला वनांचल के ग्राम मुनगाडीह में स्वतत्रंता दिवस के मौके पर आयोजित एक सादकी पूर्ण कार्यक्रम में शाला प्रबंधन समिति और माध्यमिक शाला, प्राथमिक शाला के शिक्षकों की उपस्थिति में शिक्षा सारथियों का सम्मान किया गया। गोटाटोला जोन के मीडिया प्रभारी शेख अफजल ने बताया की इस कोरोना काल मे जब स्कूल बंद है तब बच्चो को पढ़ाई से जोड़ने स्कूल शिक्षा विभाग पढ़ई तुंहर दुआर योजना ले के आई। इस योजना के माध्यम से बच्चो को ऑनलाइन वर्चुअल क्लास के माध्यम से बच्चो को पढ़ाई से जोड़ा जाना है लेकिन मोबाइल और नेटवर्क की समस्या के कारण कुछ बच्चे ऑनलाइन क्लास से जुड़ नही पा रहे हैं। ऐसे ही बच्चो को पढ़ाई से जोड़ने के लिए मोहल्ला क्लास की शुरुआत की गई। इस योजना के माध्यम से बच्चो को उनके घरों के आसपास पढ़े लिखे युवाओ के माध्यम से सुरक्षित और कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पढ़ाई करवाना है। मोहला विकासखंड के ग्राम मुनगाडीह में भी मोहल्ला क्लास का संचालन किया किया जा रहा है। मोहल्ला क्लास में शिक्षक सारथी के रूप में पिल्ले राम कुंजाम, मंजू सलाम, दामिनी कोवाची अपनी सहभागिता दे रहे है। ग्राम मुनगाडीह में आयोजित इस कार्यक्रम में शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला मुनगाडीह संकुल डुमरटोला की टीम, विकासखंड मोहला से श्रीमति सरोज सिंह, टीकम सिंह नायक, मुन्ना लाल मोंगरे, मोहन लाल कमरो, जितेंद्र कुमार सिन्हा के अलावा विशेष रूप से श्रीमती बेलास बाई कोरेटी (आंगनबाड़ी कार्यकर्ता), धनेश कुमार कोवाची, रामसाय देशमुख, उत्तम कुमार और ग्राम के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। शिक्षा सारथियों के सम्मानित होने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी रोहित कुमार अम्बादे, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र कुमार देवांगन, बीआरसीसी खोमलाल वर्मा ने सभी शिक्षकों और शिक्षा सारथियों को बधाई देते हुए इसमें निहित उद्देश्य के बारे में बताया है कि शिक्षा सारथियों के सम्मान से निश्चित तौर पर उनका मनोबल बढ़ेगा और वे लगन से अपने कार्य को बेहतर रूप से करेंगे क्योंकि इस कोरोना महामारी के दौर में शिक्षा सारथी ही बच्चो और पढ़ाई के बीच मे सेतु की तरह कार्य कर रहे है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / प्रदेश में 8 हजार प्राईवेट स्कूलों में 15 लाख बच्चे अध्ययनरत है जिसमें से शिक्षा का अधिकार कानून के अंतर्गत प्रदेश के 6500 प्राईवेट स्कूलों में 2.85 लाख बच्चे अध्ययनरत् है। इन बच्चों को एक समान शिक्षा और सुविधा प्रदान किया जा रहा है, लेकिन फीस में भारी भिन्नता है, जिसको लेकर छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन विगत छह माह से लगातार सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों से यह मांग कर रही है कि फीस मे एकरूपता लाया जाना चाहिए।

    निर्धारित शुल्क
    नर्सरी से लेकर कक्षा पांचवी तक 7000 रूपये प्रति छात्र प्रति वर्ष
    कक्षा छटवीं से लेकर आठवीं तक 11,400 रूपये प्रति छात्र प्रति वर्ष
    कक्षा नवमीं से लेकर बारहवीं तक 15,000 रूपये प्रति छात्र प्रति वर्ष
    राज्य सरकार, स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा आरटीई के अंतर्गत प्रवेशित 2.85 लाख बच्चों के लिए क्षण शुल्क, प्रतिपूर्ति राशि प्रदेश के 6500 प्राईवेट स्कूलों को दिया जाता है।
    पैरेट्स एसोसियेशन का कहना है कि राज्य सरकार, स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा सभी प्राईवेट स्कूलों चाहे छोटे हो या बड़े सभी स्कूलों के लिए एक समान शिक्षण शुल्क निर्धारित किया गया, इससे यह प्रमाणित होता है कि राज्य सरकार, स्कूल शिक्षा विभाग यह स्वीकार कर रही है कि जो शिक्षण शुल्क राज्य सरकार, स्कूल शिक्षा विभाग ने निर्धारित किया है वह जस्टिफाईड है।
    छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों से यह मांग किया गया है कि जो शिक्षण शुल्क राज्य सरकार, स्कूल शिक्षा विभाग ने आरटीई के बच्चों के लिए प्राईवेट स्कूलों में निर्धारित किया है और जो जस्टिफाईड है, वही शिक्षण शुल्क प्राईवेट स्कूलों में अन्य बच्चों से भी लिया जाना चाहिए।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / गांवों में स्वच्छता को बढ़ावा देने राज्य स्तर से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना अंतर्गत चार करोड़ 34 लाख रूपए के पुरस्कार दिए जाएंगे। ग्राम पंचायतों और प्रतिभागियों को गांधी जयंती पर 2 अक्टूबर को पुरस्कृत करेंगे। राज्य स्वच्छता पुरस्कार-2020 के तहत स्वच्छ सुंदर शौचालय पुरस्कार के प्रत्येक विजेता हितग्राही को 5001 रूपए का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर दस-दस हितग्राहियों का चयन किया जाएगा। स्वच्छ सुंदर सामुदायिक शौचालय पुरस्कार जिला एवं राज्य स्तर पर दिए जाएंगे। जिला स्तर की विजेता ग्राम पंचायत को 21 हजार रूपए और राज्य स्तरीय विजेता पंचायत को एक लाख रूपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। राज्य स्तर पर उत्कृष्ट सेग्रिगेशन शेड के लिए चयनित ग्राम पंचायत को एक लाख रूपए दिए जाएंगे। माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के लिए दो श्रेणियों में विजेताओं का चयन किया जाएगा। जिला स्तर की विजेता पंचायत को 21 हजार रूपए और राज्य स्तरीय विजेता को 51 हजार रूपए के पुरस्कार से नवाजा जाएगा।
    विद्यार्थियों में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने स्कूलों के माध्यम से उत्कृष्ट निबंध सृजन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। जिला स्तर पर पूर्व माध्यमिक और हाईस्कूल दो अलग-अलग वर्गों में आयोजित इस प्रतियोगिता के दोनों वर्गों के विजेताओं को 21 हजार रूपए प्रथम पुरस्कार, 11 हजार रूपए द्वितीय पुरस्कार और पांच हजार रूपए तृतीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। जिला स्तर पर आयोजित उत्कृष्ट नारा लेखन प्रतियोगिता के तीन विजेताओं को 21 हजार रूपएए 11 हजार रूपए और पांच हजार रूपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। दीवार लेखन प्रतियोगिता के तहत जिला स्तर पर स्वच्छाग्रही या स्वसहायता समूह के प्रतिभागियों द्वारा दस सर्वश्रेष्ठ लेखन को प्रत्येक को पांच हजार रूपए का पुरस्कार दिया जाएगा।
    प्लास्टिक मुक्त ग्राम पंचायतों को जिला एवं राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। जिला स्तरीय विजेता को 21 हजार रूपए और राज्य स्तरीय विजेता को एक लाख रूपए का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत काम कर रहे स्वसहायता समूहों में से उत्कृष्ट स्वच्छाग्रही समूह पुरस्कार के जिला स्तरीय विजेता को 21 हजार रूपए एवं राज्य स्तरीय विजेता को 51 हजार रूपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। राज्य स्तर पर उत्कृष्ट बायोगैस संयंत्र पुरस्कार की विजेता ग्राम पंचायत को 51 हजार रूपए दिए जाएंगे। एस.ई.सी.एल. की सहायता से संचालित दिव्यांगों के लिए सामुदायिक शौचालय निर्माण की पायलट परियोजना के अंतर्गत तीन सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायतों को ढाई लाख रूपए, डेढ़ लाख रूपए और एक लाख रूपए के पुरस्कार से नवाजा जाएगा।
    सामुदायिक शौचालय के उत्कृष्ट ड्राइंग-डिजायन प्रतियोगिता के तहत तीन वर्गों में पुरस्कार दिए जाएंगे। राज्य स्तरीय इस प्रतियोगिता में साढ़े तीन लाख रूपए, साढ़े चार लाख रूपए और साढ़े पांच लाख रूपए लागत के सामुदायिक शौचालय का उत्कृष्ट ड्राइंग-डिजाइन प्रस्तुत करने वाले एक-एक आर्किटेक्ट या इंजीनियर को 51 हजार रूपए का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। सेग्रिगेशन शेड का उत्कृष्ट ड्राइंग-डिजाइन बनाने वाले तीन विजेताओं को राज्य स्तर पर 21 हजार रूपए, 11 हजार रूपए और पांच हजार रूपए के पुरस्कार दिए जाएंगे। गांव को स्वच्छ बनाने के लिए सर्वश्रेष्ठ कार्ययोजना (Best working plan) सुझाने वाले तीन व्यक्तियों को 21 हजार रूपए, 11 हजार रूपए और पांच हजार रूपए के पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसी तरह से ग्रामीण स्वच्छता के संबंध में सर्वश्रेष्ठ नवाचार का सुझाव देने वाले तीन प्रतिभागियों को 21 हजार रूपए, 11 हजार रूपए और पांच हजार रूपए के पुरस्कार दिए जाएंगे।
    इन प्रतिस्पर्धात्मक पुरस्कारों के साथ ही प्रदेश के एक जिले को एक करोड़ रूपए का स्वच्छता स्थायित्व पुरस्कार, तीन विकासखंडों को 50-50 लाख रूपए और पांच ग्राम पंचायतों को 20-20 लाख रूपए के पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इन पुरस्कारों के लिए आवेदन 30 जुलाई से लिए जाएंगे। प्रविष्टि जमा करने की अंतिम तिथि 15 अगस्त रखी गई है। प्रविष्टि निर्धारित प्रारूप में आवेदन और फोटो के साथ संबंधित जनपद पंचायत के माध्यम से भेजी जा सकती हैं।
    सामुदायिक शौचालय के उत्कृष्ट ड्राइंग-डिजायन प्रतियोगिता, सेग्रिगेशन शेड के उत्कृष्ट ड्राइंग-डिजाइन प्रतियोगिता, गांव को स्वच्छ रखने के लिए सर्वश्रेष्ठ कार्ययोजना Best working plan और ग्रामीण स्वच्छता के संबंध में सर्वश्रेष्ठ नवाचार के सुझाव के लिए प्रविष्टि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के राज्य कार्यालय को भेजना होगा। अलग-अलग पुरस्कारों के लिए प्राप्त प्रविष्टियों के अंतर्विकासखंड दल, अंतर्जिला दल और राज्य स्तरीय दल या एजेंसी द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद विकासखंड स्तरीय, जिला स्तरीय एवं राज्य स्तरीय पुरस्कार चयन समिति द्वारा विजेताओं का चयन किया जाएगा।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आगामी त्यौहार को देखते हुए कोविड-19 की रोकथाम एवं जीवन की सुरक्षा के लिए सभी नागरिकों को सजगता और सतर्कता रखने कहा है। उन्होंने कहा है कि कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने के कारण जिले में दो सब्जी विक्रेताओं की मृत्यु हो गई है।
    उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि भीड़ वाली जगहों में जाने से बचें। मास्क का प्रयोग करें एवं सोशल डिस्टेसिंग में रहे। सेनेटाईजर का उपयोग करें एवं हाथ को बार-बार साबुन से धोते रहे तथा स्वच्छता बनाए रखे। कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन कर जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाएं।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / भारत निर्वाचन आयोग द्वारा फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों का विशेष संक्षिप्त पुर्नरीक्षण अर्हता 1 जनवरी 2021 का पुर्नरीक्षण संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है। जिसके अनुसार 16 नवम्बर 2020 को मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया जाएगा। 16 नवम्बर 2020 से 15 दिसम्बर 2020 तक दावा-आपत्ति लिए जाएंगे। 5 जनवरी 2021 को निर्वाचक रजिस्टीकरण अधिकारी द्वारा प्राप्त दावा-आपत्ति का निराकरण किया जाएगा एवं 15 जनवरी 2021 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
    जिन नागरिकों की उम्र अर्हता तिथि 1 जनवरी 2021 को 18 वर्ष पूर्ण हो जाएगी, वे अपना नाम मतदाता सूची में जोडऩे हेतु प्रारूप-6 के माध्यम से अपने समीप के मतदान केन्द्र में आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। जिन मतदाताओं की मृत्यु हो गई है या अपने मतदान केन्द्र से बाहर निवास कर रहे हैं, शादी होकर ससुराल चले गए हैं, ऐसे मतदाता का नाम प्रारूप-7 के माध्यम से विलोपित किया जाएगा। मुद्रण त्रुटियों के लिए प्रारूप-8 के माध्यम से मुद्रण त्रुटियों के संशोधन हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं।

    घायल नक्सली के निशानदेही पर मोटोरोला हैंड सेट, एमआई का टेब, मोबाईल बैटरी, पेन ड्राईव, एम्युनेशन, नक्सल साहित्य एवं भारी मात्रा में मोबाईल चीप बरामद

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग क्षेत्र, दुर्ग विवेकानंद सिन्हा के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ला के मार्गदर्शन एवं गोरखनाथ बघेल के नेतृत्व में चलाये जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के दौरान 30.06.2020 को चौकी जोब अंतर्गत ग्राम कटेंगा एवं खोभा के बीच हुये पुलिस नक्सली मुठभेड़ में घायल डीव्हीसी एवं प्लाटून नंबर- 01 के कमांडर डेविड उर्फ उमेश उर्फ अगनान उईके उम्र 34 वर्ष निवासी सावली थाना कोरची जिला गढ़चिरौली को घायल हालत में पकड़ा गया था, जिसका मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव एवं रायपुर में ईलाज कराया जा रहा था। 31.07.2020 को मेडिकल कॉलेज रायपुर से छुट्टी दिया गया, जिसका कुरूक्षेत्र पुलिस लाईन राजनांदगांव में मरंटाईन के लिये रखा गया था, जिसका राजनांदगांव मेडिकल टीम के द्वारा कोरोना टेस्ट कराया गया।
    रिपोर्ट निगेटिव आने पर विधिवत गिरफ्तार किया गया है। घायल नक्सली डेविड़ उर्फ उमेश को पूर्व में एके-47 रायफल, कारतुस, पिस्टल, पिठ्ठू के साथ दैनिक उपयोग का सामान जप्त किया गया था, आज उसके निशानदेही पर 1 नग मोटोरोला वायरलेस हैंड सेट, 1 नग एमआई मोबाईल सेट, 1 नग मोबाईल चार्जर, 17 नग मोबाईल चीप एवं 2 नग पेन ड्राईव, 31 कारतुस 22 कारतुस-14 नग, एके-47-2 नग, 9 एमएम-02 नग, 12 बोर-01 नग, एसएलआर-12 नग एवं नक्सल साहित्य बरामद किया गया। घायल नक्सली के विरूद्ध जिला राजनांदगांव में डेढ़ दर्जन जिला गोंदिया (महाराष्ट्र) में 13 एवं जिला गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) में 29 में हत्या, डकैती, मुठभेड़ एवं आगजनी जैसे गंभीर अपराध पंजीबद्ध है। उपरोक्त अपराधों में वैधानिक कार्यवाही किये जाने हेतु सूचित किया गया है।
    उपरोक्त गिरफ्तार नक्सली के ऊपर छग शासन का 8 लाख, महाराष्ट्र शासन का 16 लाख एवं मध्य प्रदेश शासन का 5 लाख कुल 29 लाख रूपये का ईनाम घोषित है।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोरोना महामारी के दौर में भी डौंडीलोहारा विकासखंड के गांवों में स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता के साथ ही खासकर शिशु और शिशुवती माताओं का खूब ख्याल रखा जा रहा है। स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों को गति देते हुए अस्पताल के कर्मचारी अपनी पूरी निष्ठा के साथ लोगों की देखभाल कर रहे हैं।
    इसी कड़ी में उप स्वास्थ केंद्र दुधली के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र कलकसा में गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए आयरन फोलिक एसिड और विटामिन सीरप का वितरण किया गया। इस मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अमृता ठाकुर, सहायिका सरिता ठाकुर और मितानिन सुनीति तिवारी की मौजूदगी में उप स्वास्थ केंद्र दुधली के सीएचओ भूमिका साहू, पुरूष आरएचओ गोपालकृष्ण व महिला आरएचओ मधुमति साहू ने बताया कि, यह खुराक पोषण और शक्ति के लिए दी गई है। उन्होंने बताया कि आयरन फोलिक एसिड गर्भवती महिलाओं के लिए और विटामिन बच्चों की सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। फोलिक एसिड भ्रुण में नसों के विकास में मदद करता है। गर्भावस्था में यदि आयरन डेफिशिएंसी एनीमिया (शरीर में लौह तत्व की कमी) हो तो फोलिक एसिड बहुत जरूरी होता है। जटिलताओं से फोलिक एसिड शिशु में क्लेफ्ट लिप और पैलेट के खतरे को कम करता है। इसी तरह विटामिन बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए फायदेमंद होता है। इस मौके पर गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक भी किया गया।
    नेशनल फॅमिली एंड हेल्थ सर्वे-4 (2015-16) के अनुसार राजनांदगांव जिले में लगभग 5 वर्ष से कम उम्र के 30 प्रतिशत बच्चों में खून की कमी है और 44.4 प्रतिशत महिलाओं (15-49 वर्ष) में भी खून की कमी है। गर्भवती महिलाओं में यह प्रतिशत 32 है। गर्भवती महिलाओं में खून की कमी मात्र मृत्यु का एक कारण है। अनीमिक महिला अक्सर अनिमिक बच्चे को जन्म देती है।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / ग्रामीण बैंकों के अध्यक्षों ने अपने निहित स्वार्थो की प्रतिपुर्ति और विवेकहीनता के चलते इन अध्यक्षों ने ग्रामीण बैंक के 90 प्रतिशत स्टाफ को ऐसे आरोपों के लिए जिनसे बैंक को न तो वित्तीय हानि हुयी और न ही उनकी बैंक को कोई नुकसान पहुंचाने की नीयत रही है, उसके बावजूद भी स्टाफ गैर अनुपातिक दंड पारित करके बैंक सेवा से बर्खास्त कर दिया, क्योंकि इनके अध्यक्षों ने ग्रामीण बैंक के ऐसे स्टाफ को जिसके कदाचार के कारण बैंक को लाखों की धनीय हानि हुई, यानि जिन्होंने फर्जी ऋण वितरण किया था, ऐसे स्टाफ को इन अध्यक्षों ने अपने विवेकाधीन अधिकारों दुरुपयोग अपने निहित स्वार्थो प्रतिपुर्ति के कारण बैंक सेवा में बनाये रखा है, और इन अध्यक्षों का ग्रामीण बैंक स्टाफ पर अत्याचार का सिलसिला यही पर ही नहीं रूका .
    इनके द्वारा सेवा से बर्खास्त स्टाफ को मिलने वाले रिटायर्ड बेनिफिट के भुगतान में भी अपनी विवेकहीनता या दूषित मानसिकता का परिचय दिया क्योंकि इनके द्वारा कुछ स्टाफ को ग्रेज्युटी और अवकाश नकदीकरण राशि का भुगतान कर दिया गया और वही अधिकांश स्टाफ को रिटायर्ड बेनिफिट्स का भुगतान नहीं किया।
    ऐसी स्थिति में ग्रामीण बैंक स्टाफ जिसे बैंक अध्यक्षों ने अपने अहम के चलते बैंक सेवा से बर्खास्त कर दिया है वह और उसका परिवार आज ईपीएफओ से मिलने वाली पेंसन 1500 से 2000 रूपये पर ही निर्भर होकर अपना जीवन यापन करते हुए स्वाभाविक मौत से पुर्व अकाल मौत का इंतजार कर रहा है। अब रही सही दुश्मनी या कसर इन ग्रामीण बैंक स्टाफ से भारत सरकार द्वारा मान सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर ग्रामीण बैंक स्टाफ के लिए राष्ट्रीयकृत बैंकों के लिए लागु पेंशन के अनुरूप पेंशन अधिनियम 2018 को लागू करना था, लेकिन तोड़ मरोड़ कर त्रुटि पूर्ण ग्रामीण बैंक पेंशन अधिनियम 2018 लागु कर निकाल गई है। ग्रामीण बैंको पेंशन 1 अप्रैल 2018 से लागू हुई है, मतलब 1 अप्रैल 2018 से सेवानिवृत्ति स्टाफ को पेंशन भुगतान किए जाने लगा है।
    हम आपके संज्ञान यह तथ्य लाना चाहते हैं कि ग्रामीण बैंक स्टाफ जो बैंक सेवा में 1 सितंबर 1987 से 31 मार्च 2010 के दौरान सेवारत रहा हो और कम से कम 10 वर्ष की सेवा की हो, ऐसा सेवायुक्त पेंशन की पात्रता रखता है। इसी के चलते ग्रामीण बैंक सेवायुक्त जो अपनी अधिवर्षिता पर चाहे वह 1 अप्रैल 2018 से पूर्व या बाद सेवानिवृत्ति हुआ है, पेंशन प्राप्त कर रहा है वही जो ग्रामीण बैंक स्टाफ बैंक अध्यक्ष के अत्याचार का शिकार होकर दंडस्वरुप सेवानिवृत्ति पेंशन लागू दिनांक 1 अप्रैल 2018 से पुर्व सेवानिवृत्ति हुआ है, उसे पेंशन से वंचित किया है और दिनांक 1 अप्रैल 2018 के बाद दंडस्वरुप बैंक सेवा से बर्खास्त स्टाफ को पेंशन दी जा रही है। ऐसा करके भारत सरकार ने हजारों ग्रामीण बैंक परिवार को जीते-जी मृत्यु के लिए विवश कर दिया है।
    हम ग्रामीण बैंक स्टाफ ने भारत सरकार और ग्रामीण बैंक अध्यक्षों के अत्याचारों से अत्यंत आहत होकर महामहिम राष्ट्रपति और मान. सर्वोच्च न्यायालय भारत को अपने शिकायत पत्र भेजकर मृत्यु दंड की मांग की है। अभी तक हमारे 225 से अधिक पीड़ित साथी अपने शिकायत पत्र भेज न्याय की मांग कर चुके और सिलसिला जारी है।

    राजनांदगांव। शौर्यपथ । जीई रोड़ में बर्फानी आश्रम के पास शनिवार को सुबह एक तेज रफ्तार कार सामने चल रही ट्रेलर के पीछे जा घुसी। घटना इतनी जबरदस्त थी कि कार का सामने का हिस्सा ट्रेलर के पीछे ही फंस गया। कार को ट्रेलर चालक करीब आधा किलोमीटर तक घसीटते ले गया। लोगों ने ट्रेलर को रुकवाकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। कार में एक युवक सवार था जिसकी मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान बिलासपुर हाईकोर्ट के जज गौतम चौरडिया के पुत्र प्रियांश के रूप में की गई है। बताया जाता है कि युवक सुबह करीब 5.30 बजे कार में पेट्रोल भरवाने निकला था। लौटते समय यह हादसा हुआ। कार की रफ्तार काफी तेज थी, अनियंत्रित होकर कार ट्रेलर के पीछे ही जा घुसी। कार के सामने का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। शव को बाहर निकालने में भी मशक्कत करनी पड़ी। ट्रेलर चालक ने कार के टकराकर फंसने का पता ही नहीं चलने की बात कहीं है। लोगों ने जब गाड़ी रूकवाई तब घटना का पता चलने की बात कही है। बाहर हाल सिटी कोतवाली पुलिस जांच में जुट गई है।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने खैरागढ़ विकासखंड के ग्राम बांधामेर के समीप मंदराकोही में गिरदावरी कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने नक्शा देखकर किसानों द्वारा लगाए गए फसलों का अवलोकन किया। उन्होंने सभी पटवारी, आरआई, नायब तहसीलदार, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि कृषि भूमि में बोनी के आधार पर गिरदावरी का कार्य महत्वपूर्ण है। इसके लिए खेतों में निरीक्षण कर सक्रियतापूर्वक सभी टीम वर्क में कार्य करें। कलेक्टर ने किसानों के खेतों का अवलोकन किया।
    कलेक्टर ने ग्राम रेंगाकठेरा में नक्शे का अवलोकन करते हुए खसरा नंबर 625, 651 एवं अन्य किसानों के कृषि भूमि में लगे फसल का अवलोकन किया। उन्होंने पटवारियों से कहा कि खेत-खेत में जाकर गिरदावरी का कार्य करें और जिसने जो फसल लगाया है उसकी जानकारी पंजी में लिखें। उन्होंने पटवारी को नक्शा नवीनीकरण के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर एसडीएम श्रीमती निष्ठा पाण्डेय, जनपद सीईओ श्रीमती रोशनी भगत टोप्पो, नायब तहसीलदार सुश्री मनीषा देवांगन, हुलेश्वर खुंटे, ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी रविन्द्र मेहरा, पीओ मनरेगा उपेन्द्र वर्मा, डीपीएम बिहान दिनानाथ लिलहरे एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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