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June 02, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग जिले के थनौद गांव में आयोजित राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी 'सुशासन तिहारÓ कार्यक्रम के दौरान जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश पांडेय…

  दुर्ग।शौर्यपथ / दुर्ग जिले के लिए आज का दिन विकास के नए अध्याय के रूप में दर्ज हुआ, जब सीएम साय ने जिले को ₹737 करोड़ के विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात दी। मुख्यमंत्री के दुर्ग आगमन पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र कौशिक ने उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।
इस अवसर पर आयोजित “सुशासन तिहार” कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों की सहभागिता रही। कार्यक्रम ने मुख्यमंत्री की सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और पारदर्शी प्रशासन की कार्यशैली को प्रभावी रूप से सामने रखा।
मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों के माध्यम से दुर्ग जिले के बुनियादी ढांचे, जनसुविधाओं और क्षेत्रीय प्रगति को नई गति देने का संदेश दिया। जनकल्याण, पारदर्शिता और संवेदनशील प्रशासन को केंद्र में रखकर प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का उनका संकल्प कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा।
भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र कौशिक ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास, सुशासन और जनविश्वास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा दुर्ग को प्रदान की गई ₹737 करोड़ की विकास सौगात को जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
सुशासन, विकास और जनकल्याण के संदेश के साथ आयोजित यह कार्यक्रम दुर्ग के विकास इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की पहल रंग लाई, एक ही परिसर में संचालित होंगे कलेक्टर, एसपी सहित प्रमुख विभागों के कार्यालय दुर्ग। प्रदेश के 120 वर्ष पुराने ऐतिहासिक दुर्ग…

दुर्ग में सियासी गलियारों में चर्चा, जन्मदिन पर पोस्टरों की बाढ़ और मुख्यमंत्री आगमन पर सन्नाटा क्यों?

दुर्ग। राजनीति में पोस्टर, बैनर और होर्डिंग केवल स्वागत या शुभकामना के माध्यम नहीं होते, बल्कि वे स्थानीय सत्ता संतुलन, प्रभाव और राजनीतिक प्राथमिकताओं का भी संकेत देते हैं। दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में इन दिनों ऐसा ही एक दिलचस्प राजनीतिक संदेश चर्चा का विषय बना हुआ है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दुर्ग जिला मुख्यालय में सैकड़ों करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात देने पहुंच रहे हैं। नगर निगम और भाजपा संगठन की ओर से लगातार यह बताया गया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शहर को लगभग 300 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की स्वीकृति मिली है। महापौर अलका बाघमार ने भी विभिन्न प्रेस विज्ञप्तियों के माध्यम से मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और इसे दुर्ग के विकास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

लेकिन राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर एक अलग तस्वीर पर भी गई है।

जन्मदिन पर पोस्टरों का महासागर, मुख्यमंत्री आगमन पर सीमित स्वागत

कुछ महीने पहले महापौर अलका बाघमार के जन्मदिन के अवसर पर शहर के प्रमुख चौक-चौराहों से लेकर मुख्य मार्गों तक पोस्टर और बैनरों की भरमार देखने को मिली थी। नगर निगम के ठेकेदारों और उनसे जुड़े समूहों द्वारा लगाए गए शुभकामना संदेशों ने ऐसा माहौल बना दिया था कि मानो शहर में हो रहे विकास का पूरा श्रेय महापौर को ही दिया जा रहा हो।

दुर्ग नगर निगम के इतिहास में शायद पहली बार किसी महापौर के जन्मदिन पर इतनी व्यापक स्तर की पोस्टरबाजी देखने को मिली थी। कई राजनीतिक जानकारों ने तब इसे स्थानीय शक्ति प्रदर्शन और प्रभाव स्थापित करने की कवायद माना था।

इसके विपरीत, आज जब प्रदेश के मुख्यमंत्री दूसरी बार जिला मुख्यालय पहुंच रहे हैं और विकास कार्यों की बड़ी सौगात देने वाले हैं, तब शहर में उनके स्वागत को लेकर वैसा उत्साह पोस्टर और बैनरों में दिखाई नहीं देता। प्रोटोकॉल मार्ग और कुछ चुनिंदा स्थानों को छोड़ दें तो शहर का अधिकांश हिस्सा सामान्य नजर आता है।

क्या ठेकेदारों की प्राथमिकता बदल गई है?

राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर ऐसा क्यों?

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि नगर निगम से जुड़े ठेकेदारों और हितधारकों के लिए वर्तमान समय में नगर निगम की सत्ता और उससे जुड़े निर्णय अधिक महत्वपूर्ण हैं। निगम स्तर पर होने वाले विकास कार्यों, टेंडरों और परियोजनाओं का सीधा संबंध स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से होता है। ऐसे में उनके लिए स्थानीय नेतृत्व को खुश रखना राजनीतिक और व्यावहारिक दृष्टि से अधिक लाभकारी माना जा सकता है।

यही कारण है कि जब अवसर महापौर के जन्मदिन का था तो पोस्टरों की बाढ़ आ गई, लेकिन जब मुख्यमंत्री के स्वागत की बारी आई तो वही उत्साह दिखाई नहीं दिया।

पोस्टर वार का राजनीतिक अर्थ

राजनीति में अक्सर कहा जाता है कि पोस्टर वहां लगते हैं जहां संदेश देना होता है। इसलिए यह मामला केवल स्वागत और शुभकामना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय राजनीतिक समीकरणों का संकेत भी माना जा सकता है।

एक ओर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्य की सर्वोच्च राजनीतिक कार्यपालिका का प्रतिनिधित्व करते हैं और शहर को करोड़ों रुपये के विकास कार्य उपलब्ध करा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर महापौर के प्रति दिखाई गई असाधारण पोस्टरबाजी यह संकेत देती है कि कुछ वर्गों की नजर में तत्काल प्रभाव और पहुंच का केंद्र स्थानीय सत्ता अधिक महत्वपूर्ण है।

सवाल जो जवाब मांगते हैं

क्या मुख्यमंत्री के स्वागत में अपेक्षित स्तर की तैयारी नहीं हुई?

क्या पोस्टर लगाने वाले समूहों की प्राथमिकताएं स्थानीय सत्ता तक सीमित हैं?

क्या यह केवल संयोग है या फिर स्थानीय राजनीतिक संदेश देने की सुनियोजित रणनीति?

क्या विकास कार्यों का श्रेय लेने की होड़ में पोस्टर राजनीति नया अध्याय लिख रही है?

निष्कर्ष

दुर्ग की यह पोस्टर राजनीति कई सवाल छोड़ रही है। मुख्यमंत्री के प्रति सार्वजनिक आभार और जमीन पर दिखाई देने वाले राजनीतिक उत्साह के बीच का अंतर चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पोस्टर और बैनर भले ही कागज और फ्लेक्स के बने हों, लेकिन वे अक्सर सत्ता के वास्तविक केंद्रों और प्राथमिकताओं का संकेत दे जाते हैं।

आज दुर्ग की राजनीति में उठ रहा सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या ठेकेदारों और स्थानीय हितधारकों की नजर में महापौर को प्रसन्न करना मुख्यमंत्री के स्वागत से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है, या फिर यह केवल राजनीतिक संयोग है?

(यह लेख स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों और सार्वजनिक रूप से दिखाई देने वाले पोस्टर-बैनर के आधार पर विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।)

  रायपुर, / आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़ श्री महादेव कावरे (आईएएस) के सेवानिवृत्त होने पर आज नवा रायपुर में भावभीनी विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। सहकारिता विभाग राजपत्रित अधिकारी संघ एवं अपेक्स बैंक एम्प्लाइज यूनियन द्वारा आयोजित इस समारोह में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, कुशल नेतृत्व तथा जनहितकारी कार्यों को स्मरण करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी।
बीजापुर जिले के मूल निवासी श्री महादेव कावरे की प्रारंभिक शिक्षा बीजापुर में हुई। उन्होंने अपने प्रशासनिक जीवन की शुरुआत विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों से की और रक्षा, रेलवे तथा राज्य प्रशासनिक सेवा में उल्लेखनीय सेवाएं दीं। वे एसडीएम, एनआरडीए महाप्रबंधक, बेमेतरा एवं जशपुर के कलेक्टर तथा रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के कमिश्नर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे।
इसके अलावा उन्होंने सचिव आवास एवं पर्यावरण, सचिव आबकारी, गृह विभाग तथा संचालक कोष एवं लेखा जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अपनी सेवाएं देकर प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सहकारिता विभाग में उनके कार्यकाल को पारदर्शिता, नवाचार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष रूप से याद किया जाएगा।
सम्मान समारोह में सहकारिता विभाग के अपर आयुक्त एवं अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री के.एन. कांडे सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने श्री कावरे के प्रशासनिक योगदान की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं सफल भविष्य की कामना की।

 

  रायपुर / नगर पालिक निगम कोरबा के सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत वार्ड क्र. 61, 64 तथा दर्री जोनांतर्गत वार्ड क्र. 52, 53, 54 एवं 58 में 01 करोड़ 08 लाख रूपये के नये विकास कार्य कराये जायेंगे, आज प्रदेश के उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य तथा महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में आयोजित पृथक-पृथक भूमिपूजन कार्यक्रमों के दौरान इन सभी विकास कार्यो का भूमिपूजन उनके करकमलों से किया गया।

नगर पालिक निगम केारबा द्वारा सर्वमंगलानगर जोनांतर्गत वार्ड क्र. 61 बरमपुर बीच बस्ती ट्रांसफार्मर के पास से नदी तक 20 लाख रूपये की लागत से नाली एवं कलवर्ट का निर्माण कार्य, वार्ड क्र. 61 बरमपुर में चैतु मंझवार के खेत के पास से नदी तक 20 लाख रूपये की लागत से नाली एवं कलवर्ट निर्माण तथा वार्ड क्र. 64 इमलीछापर स्थित रामनगर कंचन कंवर के घर से राजेश सोनवानी घर होते हुये नदी तक 11 लाख 50 हजार रूपये की लागत से सी.सी. रोड का निर्माण कार्य कराया जाना हैं। इसी प्रकार निगम के दर्री जोनांतर्गत वार्ड क्र. 52 शारदा चैक गोपाल तिवारी घर से राजकुमार कबाड़ी घर, चित्रा साहू गली शंभू घर से रामानुज घर एवं सतनाम चैक गली में 20 लाख रूपये की लागत से सी.सी. रोड का निर्माण कार्य कराया जाना हैं, वहीं वार्ड क्र. 53 में ही पावर सिटी कालोनी के पास 06 लाख रूपये की लागत से सांस्कृतिक मंच का निर्माण, वार्ड क्र. 54 डुमरमुड़ा बस्ती में ठाकुर देव स्थल के पास 03 लाख रूपये की लागत से शेड का निर्माण, वार्ड क्र. 54 में स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल गोपालपुर में 05 लाख रूपये की लागत से किचन शेड निर्माण व अन्य विस्तार कार्य के साथ-साथ वार्ड क्र. 58 सरदार वल्लभभाई पटेलनगर प्रतीक्षा बस स्टैण्ड के समीप 22 लाख 55 हजार रूपये की लागत से वेंडिंग जोन का निर्माण किया जाना हैं। आज उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के द्वारा इन सभी विकास कार्यो का विधिवत भूमिपूजन किया गया, उन्होने पूजा अर्चना की, शिलान्यास पट्टिका का अनावरण किया तथा कार्यो को प्रारंभ कराया।

राज्य के सर्वांगीण विकास हेतु प्रतिबद्ध है राज्य सरकार

इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का पूरा आशीर्वाद विकास हेतु प्राप्त हो रहा हैं तथा राज्य के सर्वांगीण विकास हेतु राज्य सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है, एक ओर जहाॅं विकास को तेज गति व दिशा दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर केन्द्र व राज्य सरकार की दर्जनों जनकल्याणकारी योजनाओं से आमलोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाया जा रहा है। उन्होने कहा कि हमारा मानना है कि छत्तीसगढ़ राज्य को हमारी ही सरकार ने बनाया था, और अब हमारी ही सरकार छत्तीसगढ़ को संवार रही है। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश का तेजी से विकास हो रहा है, देश के कोने-कोने में फोरलेन -सिक्सलेन सड़कें बन रही है तथा हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है, वहीं गरीब कल्याण की दर्जनों योजनाएं सरकार द्वारा चलाई जा रही है, इधर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में विगत सवा दो वर्ष के दौरान पूर्व में किये गये सभी वायदों को राज्य सरकार पूरा कर रही है, प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना अंतर्गत 1000 रूपये प्रतिमाह उनके खाते में भेजा जा रहा है, 3100 प्रति क्विटल धान की खरीदी, बकाया बोनस का भुगतान, तेदूपत्ता मानक बोरे की दर में वृद्धि, 26 लाख पी.एम.आवासगृहों की स्वीकृति, रामलला दर्शन योजना अंतर्गत भगवान श्रीराम के दर्शन लाभ दिलाने सहित दर्जनों योजनाएं संचालित हो रही है।

हमारी ट्रिपल इंजन की सरकार कर रही तेजी के साथ विकास

महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुये अपने उद्बोधन में कहा कि आप सब के आशीर्वाद से केन्द्र में, राज्य में तथा कोरबा नगर निगम में हमारी सरकार बनी है तथा यह ट्रिपल इंजन की सरकार जिले, प्रदेश व देश का तेजी से विकास कर रही है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का सपना था कि हर व्यक्ति के पास उनका अपना स्वयं का पक्का मकान हों, वे झोपड़ी में न रहें, आज श्री मोदी का यह सपना पूरा हो रहा है तथा हर व्यक्ति के पास अपना स्वयं का पक्का मकान होने जा रहा है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में राज्य का साय-साय विकास हो रहा है, विकास कार्यो हेतु फण्ड की कोई कमी नहीं हो रही है, जहाॅं तक कोरबा नगर निगम के विकास का प्रश्न है, तो उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन लगातार यहाॅं के विकास कार्येा हेतु फण्ड की व्यवस्था करा रहे हैं, इसी का परिणाम हैं कि विगत सवा दो वर्ष के दौरान कोरबा नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न मदों के अंतर्गत 01 हजार करोड़ रूपये के विकास कार्य स्वीकृत किये जा चुके हैं।

उद्योग मंत्री व महापौर ने मेरे वार्ड में कराये 07 करोड़ रू. के कार्य

इस अवसर पर पूर्व पार्षद एवं वर्तमान पार्षद के प्रतिनिधि श्री माधव जायसवाल ने अपने उद्बोधन मे कहा कि मेरे वार्ड क्र. 61 में उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के द्वारा अल्पकाल में ही 07 करोड़ रूपये के विकास कार्य कराये जा चुके हैं, जिसके लिये मैं उद्योग मंत्री श्री देवांगन एवं महापौर श्रीमती राजपूत को धन्यवाद देता हूॅं, आभार व्यक्त करता हूॅ। उन्हेाने कहा कि अभी करोड़ों रूपये के विकास कार्य और किये जाने हैं, जिनकी स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है। इसी प्रकार पार्षद श्रीमती आरती सिंह ने भी सभा को संबोधित किया तथा लगातार विकास कार्य कराये जाने हेतु उद्योग मंत्री श्री देवांगन व महापौर श्रीमती राजपूत के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान पार्षद नरेन्द्र देवांगन, भानुमति जायसवाल, आरती सिंह, राधा महंत, सरोज शांडिल्य, मुकुंद सिंह कंवर, फिरतराम साहू, सुखविंदर कौर, रामाधार पटेल, प्रेमकुमार साहू, सर्वमंगला मण्डल अध्यक्ष मनीष मिश्रा, दर्री मण्डल अध्यक्ष मनोज लहरे, माधव जायसवाल, ईश्वर साहू, नरेन्द्र पाटनवार, रामेश्वर वैष्णव, माखन यादव, देवकी साहू, सुरेन्द्र राजवाडे़, राहुल श्रीवास, मोनू बरेठ, अनिल यादव, मनोज राजपूत, जोन कमिश्नर लीलाधर पटेल, सहायक अभियंता रमेश सूर्यवंशी, यशवंत जोगी, प्रमोद जगत, नोहर सिंह गोस्वामी, रमाबाई, प्रेमाबाई आदि के साथ काफी संख्या में आमनागरिकगण उपस्थित थे।

  रायपुर , / सुशासन शिविरों के माध्यम से शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ अंतिम छोर के पात्र व्यक्तियों तक लगातार पहुंचाया जा रहा है। ये शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन का प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रहे हैं। इसी कड़ी में, जनपद पंचायत धमधा के ग्राम मलपुरी कला निवासी श्री भरत निषाद के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। श्री निषाद लंबे समय से मत्स्य पालन व्यवसाय से जुड़े हैं और अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। वे अपने इस पैतृक व्यवसाय के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए विगत कुछ समय से वित्तीय सहायता की आवश्यकता महसूस कर रहे थे। जब वे विगत दिन मलपुरी कला गांव में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में पहुंचे तब विभाग द्वारा उनकी मांग एवं पात्रता का परीक्षण कर त्वरित कार्यवाही की गई। इसके फलस्वरूप, मत्स्य पालन विभाग द्वारा योजना के अंतर्गत उन्हें आजीविका संवर्धन हेतु ₹1 लाख की वित्तीय सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। चेक प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए हितग्राही भरत निषाद ने बताया कि इस आजीविका अनुदान राशि से वे मत्स्य पालन हेतु आवश्यक संसाधनों का विस्तार करेंगे। उन्होंने कहा कि यह वित्तीय सहयोग उनके व्यवसाय को सुदृढ़ करने के साथ-साथ परिवार के आर्थिक स्तर को उन्नत बनाने और बच्चों की शिक्षा-दीक्षा में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा। हितग्राही ने इस त्वरित एवं पारदर्शी प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया। श्री निषाद की यह कहानी इस तथ्य का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि जिला प्रशासन के ये सुशासन शिविर धरातल पर लक्षित समूहों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में निरंतर सफल हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा - हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक पक्का आवास उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता

प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के आवास निर्माण, ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक घर पूर्ण

भवन सामग्री आपूर्ति से जुड़कर 10 हजार से अधिक महिलाएं बनीं 'लखपति दीदी'

रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभावी क्रियान्वयन को नई गति मिली है। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपए की केंद्रीय एवं राज्यांश राशि जारी की गई है। यह राशि एसएनए स्पर्श (SNA SPARSH) मॉड्यूल के माध्यम से जिलों को आवंटित की गई है, ताकि पात्र हितग्राहियों के आवास निर्माण कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरे किए जा सकें।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में “हर गरीब को पक्का घर” का संकल्प छत्तीसगढ़ में तेजी से साकार हो रहा है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित न रहे। पक्का घर केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि एक परिवार के सम्मान, सुरक्षा, स्थायित्व और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। राज्य में प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के आवासों का निर्माण किया जा रहा है तथा विगत ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक आवास पूर्ण कराए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही 6 लाख से अधिक आवासों का निर्माण कर छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों गरीब परिवारों के सपनों, आत्मसम्मान और सुरक्षित जीवन की कहानी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जारी राशि का उपयोग प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप करते हुए पात्र हितग्राहियों के आवास शीघ्र पूर्ण कराए जाएं, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को समय पर सुरक्षित एवं सम्मानजनक पक्का आवास उपलब्ध कराया जा सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में महिला स्व-सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश में हजारों स्व सहायता समूह सामग्री आपूर्ति से जुड़कर आजीविका अर्जित कर रहे हैं, इनमें से 10 हजार से अधिक महिलाएं 'लखपति दीदी’ बनीं हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सशक्तीकरण, आजीविका संवर्धन और सामाजिक परिवर्तन का भी माध्यम बन रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। ऐसे परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन में सुरक्षा, स्थायित्व और विश्वास का नया वातावरण तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में नवाचार के तहत 1.5 लाख से अधिक आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किया गया है, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही हितग्राहियों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-233-1290 संचालित की जा रही है तथा योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायतों में क्यूआर कोड भी प्रदर्शित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

विशाखा समिति की सक्रियता ने बढ़ाई गंभीरता, महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल दुर्ग। नगर पालिक निगम दुर्ग में सामने आए महिला उत्पीड़न एवं मानसिक प्रताड़ना के गंभीर…

..रायपुर। राजधानी रायपुर के उरला मेटल पार्क स्थित एक फैक्ट्री में शुक्रवार को भीषण आग लगने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे परिसर में घना धुआं फैल गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फैक्ट्री के भीतर कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को भी तैनात किया गया है। आग की तीव्रता को देखते हुए प्राथमिकता आग को अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने और अंदर मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर दी जा रही है।

मौके पर उरला थाना पुलिस, स्थानीय प्रशासन तथा अन्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों के अधिकारी पहुंच गए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। फैक्ट्री परिसर के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के कुछ ही मिनटों में फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा धुएं से भर गया, जिससे कर्मचारियों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद बचाव दल सक्रिय हुआ।

फायर ब्रिगेड की टीम लगातार पानी और अन्य संसाधनों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास कर रही है। हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। प्रारंभिक स्तर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका व्यक्त की जा रही है, लेकिन वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

प्रशासन ने एहतियातन आसपास की औद्योगिक इकाइयों को भी सतर्क कर दिया है ताकि किसी संभावित खतरे को रोका जा सके। फिलहाल किसी के घायल होने या हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

अधिकारियों के अनुसार आग पूरी तरह बुझने और रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त होने के बाद ही नुकसान का आकलन किया जाएगा तथा घटना की विस्तृत जांच शुरू की जाएगी।

मुख्य बिंदु:

  • उरला मेटल पार्क की फैक्ट्री में लगी भीषण आग
  • कई लोगों के फंसे होने की आशंका
  • फायर ब्रिगेड और SDRF की टीम मौके पर तैनात
  • आग लगने के कारणों का अभी खुलासा नहीं
  • शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच के बाद होगी पुष्टि
  • आसपास के औद्योगिक क्षेत्र को अलर्ट पर रखा गया

(समाचार लिखे जाने तक राहत एवं बचाव कार्य जारी था।)

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