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June 11, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

   रायपुर/ । धान के अलावा अन्य फसल लेने पर 15000 रू. प्रति क्विंटल देने के फैसले को भेदभाव पूर्ण और धान के किसान विरोधी बताते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, धान के किसान हमारी पहचान है, प्रदेश के अर्थव्यवस्था की धूरी है, भाजपा की सरकार दुर्भावना पूर्वक इसे मिटाने पर तुली है। आखिर इस सरकार को धान के किसानों से इतनी हिकारत क्यों? प्रदेश का जनवायु और मानसून धान के अनुकूल है। दलहन, तिलहन एवं अन्य फसल लेने के लिये न किसानों की तैयारी है, न ही वातावरण अनुकूल। सरकार पहले जो खाद का संकट सामने खड़ा है, उसका निराकरण करे।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकार का फैसला अव्यावहारिक है। धान के खेत में तिली, राहेर, कोदो, कुटकी, रागी, कपास, उड़द, मूंग कैसे बोयेंगे किसान? क्या किसान मेढ़ पार फोड़ कर, धान के खेत को पाट कर भर्री बना दे? छत्तीसगढ़ में मानसून, वर्षा, मिट्टी, जलवायु, धान के खेती के अनुकूल है, जरूरत के मुताबिक खाद उपलब्ध कराने में नाकाम सरकार अपनी अक्षमता छुपाने अब 15 हजार का प्रलोभन दे रही है, पहले अन्य फसलो की समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था करें सरकार।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि यह सरकार खाद नहीं दे पा रही है इसलिए प्रलोभन दे रही है। पिछले तीन साल में धान की एमएसपी वृद्धि का लाभ पहले ही किसानों से छीन लिया गया है, साय सरकार आने के बाद 117 फिर 69 और 72 रुपए की वृद्धि धान के एमएसपी में हो चुकी है कुल 258 रुपए बढ़े है लेकिन यह सरकार 3358 की जगह केवल 3100 रुपए प्रति क्विंटल ही दे रही है, आगे भी धान की कीमत बढ़ाने का इरादा इस सरकार का नहीं है जबकि कृषि लागत पिछले ढाई साल में 12 से 15 हजार रुपए प्रति एकड़ बढ़ चुका है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकार बताये, खरीफ के लिये कितने उर्वरको की व्यवस्था हो पाई है? सरकार का खुद का दावा है कि लक्ष्य 15 लाख 54 हजार मीट्रिक टन के लक्ष्य के विपरीत केवल 11 लाख 11 हजार मीट्रिक टन का कुल भंडारण है, जिसमें से अभी तक कुल केवल 4 लाख 11 हजार मीट्रिक टन का वितरण हुआ है जो कुल डिमांड का मात्र 26 प्रतिशत है। सोसायटियों तक पर्याप्त खाद कब तक पहुंचेगा? सरकार किसानों के लिये आवश्यक यूरिया डीएपी की व्यवस्था करे।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि मोदी निर्मित महंगाई के कारण खेती की लागत बढ़ गई है, डीजल महंगा होने से जुताई, मताई, हार्वेस्टिंग की लागत 20 प्रतिशत बढ़ गया है, खाद बीज के दाम बढ़ाए, पोटास एन पी के महंगा हुआ है, एक तरफ यह सरकार एनपीके को डीएपी का विकल्प बता रही है, दूसरी तरफ एन पी के और पोटास के दाम में 15 और 30 प्रतिशत की वृद्धि कर देती है, यह कैसा विकल्प? यह तो किसानों पर दुगुना आर्थिक बोझ है। कृषि की लागत पिछले साल की तुलना में कम से कम 12 से 15 हजार रुपए प्रति एकड़ बढ़ गई है। वैकल्पिक खाद, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी की गुणवत्ता पर किसानों को भरोसा नहीं है। भाजपा की सरकार में छत्तीसगढ़ नकली खाद नकली बीज अमानत दावों को खपाने का संरक्षण स्थल बन चुका है सत्ता के संरक्षण में जमकर कालाबाजारी हो रही है किसान शोषण के शिकार हैं। कीटनाशक के दाम बढ़ाए, लेकिन धान के एम एस पी में वृद्धि का लाभ किसानों को नहीं मिलेगा? कांग्रेस ने 2500 का दावा करके 2640 और 2660 रुपए दिया यह सरकार एम एस पी वृद्धि को खुद ही खा रही है। यह सरकार तरह-तरह के बहाने बनाकर अड़ंगे लगा रही है। किसानों को पिछले खरीफ सीजन में दिए गए डीएपी की मात्रा से 40 प्रतिशत और यूरिया में 20 प्रतिशत कम देने का तुगलकी फरमान जारी किया गया है। सहकारी समितियों से खाद का कोटा तय करके (प्रति एकड़ के हिसाब से) कम खाद का वितरित किया जा रहा है। पिछले साल तक किसानों को सोसायटी से नगदी और सामग्री का अनुपात 60रू40 था जिसे अब घटाकर 70रू30 कर दिया गया है अर्थात खाद बीज (सामग्री) लेने की की लिमिट 10 प्रतिशत घटा दिया गया है। यदि राहत देना है तो बिना भेदभाव के सभी किसानों को 15 हजार प्रति एकड़ की दर से इनपुट सब्सिडी दे सरकार।
  रायपुर/ । प्रदेश कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपुत ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि प्रदेश में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत होने जा रही है, लेकिन भाजपा सरकार की लापरवाही के कारण सरकारी स्कूलों में आज भी शिक्षकों की भारी कमी है.भाजपा सरकार ने बड़े-बड़े विज्ञापन और घोषणाएं कर शिक्षकों की भर्ती का वादा तो किया, लेकिन आज तक भर्ती प्रक्रिया जमीन पर दिखाई नहीं दे रही है। स्कूल खुलने जा रहे हैं, लेकिन 57000 हजार पद खाली पड़े हैं। सरकार की नीयत केवल प्रचार तक सीमित है, जबकि बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पूरी तरह उपेक्षित है।

प्रदेश कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 5000 शिक्षकों के पद इसी शिक्षा सत्र में भरने की घोषणा किया था, वही भी नहीं भरे गये।  भाजपा सरकार बताए कि आखिर शिक्षकों की भर्ती की घोषणा केवल सुर्खियां बटोरने के लिए थी या वास्तव में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए? यदि सरकार गंभीर होती तो नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले नियुक्तियां पूरी हो चुकी होतीं।भाजपा सरकार में शिक्षकों की भर्ती की घोषणा के बावजूद अभी तक स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियाँ क्यों नहीं हो पाई। शिक्षा बजट खर्च होने के बाद भी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की कमी क्यों है ? क्या भाजपा सरकार के लिए बच्चों का भविष्य प्राथमिकता नहीं है?

प्रदेश कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता वन्दना राजदूत ने कहा कि भाजपा सरकार “सुशासन” और “विकास” के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि हजारों स्कूल बिना पर्याप्त शिक्षकों के संचालित हो रहे हैं। कई स्कूलों में एक ही शिक्षक के भरोसे पूरी व्यवस्था चल रही है, वहीं अनेक विषयों के शिक्षक अब तक नियुक्त नहीं किए गए हैं। इसके अलावा नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहे हैं लेकिन निजी विद्यालयों को अभी तक पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। शिक्षा विभाग को बच्चों में मतभेद ना कर अच्छी शिक्षा देने पर फ़ोकस करना चाहिए। प्रदेश के अभिभावक जानना चाहते हैं कि जब स्कूल खुलने की तारीख पहले से तय थी, तो शिक्षकों की भर्ती और पदस्थापना समय पर क्यों नहीं हुई?
  रायपुर/ । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने आवास एवं पर्यावरण मंत्री द्वारा बिल्डरों एवं हाउसिंग सोसायटियों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक के सन्दर्भ में कहा कि प्रदेश की आवासीय कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवार  मूलभूत सुविधाओं के अभाव, अधूरी परियोजनाओं और बिल्डरों की मनमानी से परेशान हैं। ऐसे में केवल बैठक कर फोटो खिंचवाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सरकार को यह बताना चाहिए कि अब तक इन समस्याओं के समाधान के लिए क्या ठोस कार्रवाई की गई है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि राजधानी में ही हजारों सोसायटियां में इस भीषण गर्मी में पानी कि प्रायप्त व्यवस्था नगर निगम नहीं कर पा रही हैँ,पानी के टैंकरो से कॉलोनीयों में जल आपूर्ति भी यह सरकार जनता को इस भीषण गर्मी में राहत देने में विफल साबित हो रही हैँ और साथ ही अनेक स्थानों पर सड़क, ड्रेनेज, जल निकासी, पार्क, पेयजल, बिजली कटौती तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी है। यदि इतने बड़े पैमाने पर समस्याएं मौजूद हैं तो यह राज्य सरकार और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था की विफलता  है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जिन बिल्डरों ने बिना आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए कॉलोनियों का हैंडओवर किया या जिन परियोजनाओं में नियमों का उल्लंघन हुआ, उनके खिलाफ अब तक कितनी कार्रवाई की गई है। केवल समीक्षा बैठकों से जनता की समस्याएं दूर नहीं होंगी।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार समस्याओं के समाधान से अधिक प्रचार पर ध्यान दे रही है। यदि सरकार वास्तव में गंभीर है तो प्रत्येक कॉलोनी की समस्याओं के निराकरण के लिए समयबद्ध कार्य योजना जारी करें, जिम्मेदार अधिकारियों और बिल्डरों की जवाबदेही तय करे तथा उसकी प्रगति को सार्वजनिक करे। नहीं तो  कांग्रेस पार्टी आवासीय कॉलोनियों में रहने वाले नागरिकों के अधिकारों और सुविधाओं के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी तथा सरकार को जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए बाध्य करेगी।

विधायक पुन्नूलाल मोहले बोले- समाधान शिविर शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और समाधान का मजबूत सेतु

मुंगेली, । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप सुशासन तिहार के तहत जिला मुख्यालय स्थित सतनाम भवन में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं नागरिकों ने भाग लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की तथा अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

शिविर में विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर अधिकारियों को आमजनों को योजनाओं की समुचित जानकारी उपलब्ध कराने तथा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर नुक्कड़-नाटक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वच्छता, कचरा पृथक्करण एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। नागरिकों को गीले और सूखे कचरे, सेनेटरी वेस्ट तथा स्पेशल केयर वेस्ट को अलग-अलग रखने तथा वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन में सहयोग करने के लिए जागरूक किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान ही वास्तविक सुशासन की पहचान है। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने राशन वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ई-केवाईसी कराने पर जोर दिया तथा बिजली चोरी पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि समाधान शिविर शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और समाधान का मजबूत सेतु बनकर उभरा है। उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों के निराकरण में जिले के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर जिला प्रशासन को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने अधिकारियों को संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि नागरिकों की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने वर्षा ऋतु के पूर्व विद्युत व्यवस्था के सभी आवश्यक मेंटेनेंस कार्य पूर्ण करने तथा बिजली संबंधी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सुशासन तिहार के सफल संचालन में योगदान देने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सामग्री एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के अंतर्गत पांच किसानों को कुल 3 लाख 38 हजार रुपये के चेक प्रदान किए गए। इसके अलावा श्रम कार्ड, आयुष्मान कार्ड, आयुष्मान वय वंदना कार्ड, राशन कार्ड एवं मत्स्य जाल वितरित किए गए। बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया।

कार्यक्रम में मुंगेली एसडीएम श्री अजय शतरंज, सीएमओ श्री होरी सिंह ठाकुर, तहसीलदार श्री कुनाल पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

हर माह मिलने वाली सहायता राशि से घरेलू जरूरतें हो रहीं पूरी, बढ़ा आत्मविश्वास

मुंगेली । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। नियमित आर्थिक सहायता के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह योजना प्रभावी साबित हो रही है। जिले में हजारों महिलाएं इस योजना का लाभ लेकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना रही हैं।

इन्हीं लाभार्थियों में जिले की शिवकुमारी पात्रे भी शामिल हैं, जिन्हें महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली सहायता राशि से आर्थिक संबल प्राप्त हो रहा है। शिवकुमारी पात्रे बताती हैं कि योजना के अंतर्गत मिलने वाली नियमित राशि से परिवार की छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में काफी सहायता मिल रही है। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और दैनिक आवश्यकताओं के लिए अब अतिरिक्त आर्थिक सहयोग उपलब्ध हो गया है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति पहले की अपेक्षा बेहतर हुई है।

उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को भी मजबूत कर रही है। नियमित सहायता राशि मिलने से घरेलू खर्चों का बेहतर प्रबंधन संभव हो रहा है और भविष्य के प्रति विश्वास भी बढ़ा है।

शिवकुमारी पात्रे ने बताया कि पहले घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति में कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब योजना से प्राप्त राशि परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बन गई है। उनका मानना है कि शासन की यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ पूरे परिवार को मजबूती प्रदान कर रही है।

उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।

बंटवारा संबंधी प्रकरण के निराकरण से मिली राहत, शासन-प्रशासन के प्रति बढ़ा विश्वास

मुंगेली । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए आयोजित सुशासन तिहार जनसमस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। जिला मुख्यालय स्थित सतनाम भवन में आयोजित समाधान शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित अनेक आवेदनों का मौके पर निराकरण किया गया, जिससे नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।

कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित समाधान शिविरों के माध्यम से राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, आवास, पेंशन, राशन कार्ड, आधार कार्ड सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण किया जा रहा है। इससे शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के साथ ही सुशासन की अवधारणा भी साकार हो रही है।

इसी क्रम में जिले के निवासी सुशील यादव ने अपनी भूमि के बंटवारे से संबंधित राजस्व प्रकरण को लेकर समाधान शिविर में आवेदन प्रस्तुत किया था। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की और उनके प्रकरण का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया।

सुशील यादव ने बताया कि उनकी लंबे समय से लंबित राजस्व संबंधी समस्या का समाधान होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि पहले छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन स्वयं लोगों तक पहुंचकर समस्याओं का निराकरण कर रहा है। इससे आम नागरिकों का समय, श्रम और संसाधनों की बचत हो रही है।

उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार जनता और प्रशासन के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बनकर उभरा है। यह पहल नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रभावी और सहज मंच प्रदान कर रही है, जिससे लोगों का शासन के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।

इलेक्ट्रॉनिक मीटर टेक्नीशियन और डाटा एंट्री ऑपरेटर सहित विभिन्न पदों के लिए होगी चयन प्रक्रिया

मुंगेली, । जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र द्वारा युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 19 जून 2026 को रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। रोजगार मेला जिला रोजगार कार्यालय एवं जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज परिसर, जमकोर में प्रातः 11 बजे से शाम 3 बजे तक आयोजित होगा।

रोजगार मेले के माध्यम से निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक मीटर टेक्नीशियन के लगभग 2 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए 10वीं, 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा एवं स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे।

इसके अलावा डाटा एंट्री ऑपरेटर के 90 से अधिक पदों के लिए भी भर्ती प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। डाटा एंट्री ऑपरेटर पद हेतु 12वीं, स्नातक तथा कंप्यूटर ज्ञान रखने वाले अभ्यर्थियों को अवसर प्रदान किया जाएगा।

जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी निर्धारित तिथि एवं स्थल पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर रोजगार मेले का लाभ उठा सकते हैं। रोजगार मेले में शामिल होने के लिए जिला रोजगार कार्यालय का पंजीयन कार्ड साथ लाना अनिवार्य होगा।

अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी ई-रोजगार पोर्टल एवं ई-रोजगार सीजी एप के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं अथवा जिला रोजगार कार्यालय, मुंगेली से संपर्क कर सकते हैं।

हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने दिए सख्त निर्देश, अनियमितता पर अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही

मुंगेली, । कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की समीक्षा बैठक लेकर जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि मिशन के कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।

बैठक में कलेक्टर ने हर घर जल प्रमाणीकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी पात्र परिवारों तक शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा निर्धारित समय-सीमा में प्रमाणीकरण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल कागजी उपलब्धि पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक घर तक नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित होना चाहिए। जल प्रदाय पूर्णता के प्रमाण-पत्र संबंधित ग्रामों से प्राप्त करने के भी निर्देश दिए गए।

पाइपलाइन विस्तार कार्यों की समीक्षा के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने पर कलेक्टर ने तीनों अनुविभागों के एसडीओ एवं संबंधित इंजीनियरों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने मल्टी विलेज स्कीम (एमवीएस) में बिना सहमति पाइपलाइन बिछाने तथा भुगतान संबंधी शिकायतों की जांच के लिए समिति गठित कर निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश भी दिए।

कलेक्टर ने कहा कि जल जीवन मिशन शासन की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है और इसके क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता, गुणवत्ता तथा जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। डी.डब्ल्यू.एस.एम. की अद्यतन गाइडलाइन की जानकारी नहीं होने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सब इंजीनियर एवं एसडीओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने नल-जल मित्रों के प्रशिक्षण की समीक्षा करते हुए आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें प्रभावी रूप से कार्य में शामिल करने को कहा। साथ ही माह के अंत तक सभी रिट्रोफिटिंग कार्यों को शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए। जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को सप्ताह में नियमित समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।

कलेक्टर ने जर्जर एवं अनुपयोगी जल टंकियों को चिन्हित कर उन्हें हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसी संरचनाएं दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। आमजन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सरपंच, सचिव और ठेकेदारों के साथ अलग समीक्षा बैठक

जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित जल जीवन मिशन की समीक्षा एवं समन्वय बैठक में कलेक्टर ने सरपंचों, सचिवों, ठेकेदारों एवं विभागीय अधिकारियों के साथ योजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन योजनाओं को पूर्ण बताया गया है, वहां प्रत्येक घर तक नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित होनी चाहिए। हर घर जल प्रमाणीकरण केवल दस्तावेजों तक सीमित न रहकर धरातल पर दिखाई देना चाहिए।

कलेक्टर ने फील्ड स्तर पर सरपंच, सचिव, ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग, जनप्रतिनिधि एवं कार्य एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि जिले के प्रत्येक घर तक सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सके।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

सहकारी समितियां एवं महिला स्व-सहायता समूह कर सकेंगे आवेदन

राजनांदगांव, । नगर पालिक निगम राजनांदगांव क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 44 कौरिनभाठा एवं वार्ड क्रमांक 47 मोहारा में शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए पात्र संस्थाओं से 19 जून 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

कलेक्टर कार्यालय की खाद्य शाखा द्वारा जारी सूचना के अनुसार शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन हेतु जिले में स्थित वृहत्ताकार आदिम जाति बहुउद्देशीय सहकारी समिति (लेम्पस), प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां, वन सुरक्षा समितियां, महिला स्व-सहायता समूह तथा अन्य उपभोक्ता सहकारी समितियां आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं।

इच्छुक संस्थाओं को निर्धारित प्रारूप-1 में आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना आवेदन कार्यालय कलेक्टर (खाद्य शाखा), राजनांदगांव में कार्यालयीन समय के दौरान 19 जून 2026 तक जमा करना होगा।

खाद्य विभाग ने बताया कि शासकीय उचित मूल्य दुकान के आबंटन की प्रक्रिया छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2016 के प्रावधानों के अनुसार संपादित की जाएगी। पात्र संस्थाओं से निर्धारित समयावधि के भीतर आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की गई है।

व्यावहारिक प्रशिक्षण से पशुपालन, प्रजनन प्रबंधन और रोग नियंत्रण की मिली जानकारी

राजनांदगांव, । ए-हेल्प मॉड्यूल के अंतर्गत Baroda Rural Self Employment Training Institute में संचालित पशु सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षार्थी दीदियों को शासकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र अंजोरा, दुर्ग का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।

भ्रमण के दौरान उप संचालक डॉ. ए.के. नायर ने पशु सखी दीदियों को बकरी, गाय एवं मुर्गी पालन से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पशुओं के जीवनचक्र, प्रजनन क्षमता, देखभाल, कृत्रिम गर्भाधान (एआई) तकनीक, चारा प्रबंधन, सामान्य रोगों की पहचान, रोकथाम एवं टीकाकरण की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया।

प्रशिक्षार्थियों को प्रक्षेत्र स्थित डेयरी यूनिट, चारागाह विकास क्षेत्र तथा शाहीवाल नस्ल की गायों का भी अवलोकन कराया गया। इस दौरान पशुओं की टैगिंग प्रक्रिया एवं उससे होने वाले लाभों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि टैगिंग से पशुओं की पहचान, स्वास्थ्य निगरानी एवं प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से पशु सखी दीदियों को पशुपालन से जुड़े तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। इससे उनकी दक्षता में वृद्धि होने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आधारित आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने में भी सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान मास्टर ट्रेनर डॉ. अजय कुमार शर्मा सहित प्रशिक्षण से जुड़े अधिकारी एवं प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहे।

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