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May 28, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

इंस्पायर, विज्ञान ज्योति और किरण जैसी योजनाएं होंगी लागू, आर्सेनिक विषाक्तता और कैंसर रिसर्च पर विशेष फोकस

कोलकाता/नई दिल्ली, ।
केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार को नई गति देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बीच कोलकाता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह तय किया गया कि केंद्र की प्रमुख विज्ञान एवं नवाचार योजनाओं को राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा।

बैठक में विज्ञान शिक्षा, शोध, स्टार्टअप प्रोत्साहन, जैव प्रौद्योगिकी, नैदानिक अनुसंधान और महिला वैज्ञानिकों की भागीदारी बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई।

विद्यार्थियों और महिलाओं के लिए बड़ी पहल

बैठक में निर्णय लिया गया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की प्रमुख योजनाएं —

  • INSPIRE
  • INSPIRE MANAK
  • विज्ञान ज्योति
  • किरण योजना
  • WISE कार्यक्रम

को पश्चिम बंगाल के स्कूलों और कॉलेजों में व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा। इन योजनाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना और विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल का वैज्ञानिक और शैक्षणिक ढांचा देश के सबसे मजबूत इकोसिस्टम में से एक है, जिसे राष्ट्रीय विज्ञान योजनाओं से जोड़कर नवाचार आधारित विकास को नई दिशा दी जा सकती है।


आर्सेनिक विषाक्तता पर होगा विशेष वैज्ञानिक अध्ययन

बैठक में पश्चिम बंगाल के कई जिलों में सामने आए आर्सेनिक विषाक्तता के मामलों को गंभीर जनस्वास्थ्य चुनौती मानते हुए CSIR संस्थानों के माध्यम से तत्काल वैज्ञानिक अध्ययन शुरू करने का निर्णय लिया गया।

इस अध्ययन का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य प्रभावों की जांच करना और वैज्ञानिक समाधान विकसित करना होगा।


कैंसर और रोगाणुरोधी दवाओं पर संयुक्त रिसर्च

बैठक में यह भी तय हुआ कि राज्य के वैज्ञानिक संस्थानों, सरकारी मेडिकल कॉलेजों, कैंसर अस्पतालों और AIIMS नेटवर्क को जोड़कर:

  • कैंसर दवाओं के परीक्षण,
  • रोगाणुरोधी (Antimicrobial) उपचार,
  • नैदानिक अनुसंधान (Clinical Research)

पर सहयोगात्मक शोध कार्य शुरू किए जाएंगे।

यह नेटवर्क चिकित्सा अनुसंधान और नई दवाओं के परीक्षण में पूर्वी भारत के लिए एक महत्वपूर्ण मॉडल बन सकता है।


विज्ञान आधारित क्षेत्रीय विकास का नया मॉडल

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि वैज्ञानिक संस्थानों, मेडिकल नेटवर्क और शिक्षा जगत के समन्वय से पूर्वी भारत में विज्ञान आधारित विकास का नया मॉडल तैयार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे पश्चिम बंगाल का योगदान भारत की ज्ञान आधारित और नवाचार केंद्रित अर्थव्यवस्था में और मजबूत होगा।


जल्द होगी समन्वय बैठक

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और केंद्र सरकार के वैज्ञानिक मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों की प्रारंभिक समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री के साथ उच्चस्तरीय मंत्रिस्तरीय समीक्षा बैठक होगी, जिसमें योजनाओं की प्रगति और नए सहयोग क्षेत्रों पर चर्चा की जाएगी।

प्रमुख संदेश

यह पहल केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार की उस साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत विज्ञान, अनुसंधान, स्टार्टअप और तकनीक आधारित जनकल्याण को राज्य के विकास के केंद्र में रखा जाएगा।

  नई दिल्ली / एजेंसी / प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चीन के शांक्सी प्रांत में एक खदान दुर्घटना के कारण हुई दुखद मौतों पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
भारतीय लोगों की तरफ से प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग और चीन के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। श्री मोदी ने कहा कि शोक संतप्त परिवारों को इस दुखद घड़ी को सहने की शक्ति मिले, साथ ही उन्होंने शेष सभी लापता लोगों के शीघ्र और सुरक्षित बाहर निकलने की भी कामना की।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
"चीन के शांक्सी प्रांत में एक खदान हादसे में लोगों की मौत से दुखी हूँ। भारत के लोगों की तरफ से, राष्ट्रपति शी जिनपिंग और चीन के लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएँ। इस दुखद घड़ी में शोक संतप्त परिवारों को शक्ति मिले। सभी लापता लोगों की शीघ्र और सुरक्षित बरामदगी के लिए प्रार्थना करता हूं।"

By- नरेश देवांगन 

जगदलपुर, शौर्यपथ। बस्तर जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन पर लगाम कसने के लिए खनिज विभाग द्वारा लगातार सख्त और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। संचालक खनिज एवं बस्तर कलेक्टर के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिला खनिज जांच उड़नदस्ता दल ने विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर अवैध कारोबारियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 36 वाहनों को जब्त किया है।

खनिज विभाग की इस सक्रियता को जिले में प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और राजस्व संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभागीय टीम ने उपनपाल, देवड़ा, कोडेनार, बड़ेआमाबाल, कोरपाल, बेलगांव, धरमपुरा, जगदलपुर, कुम्हरावंड, पिपलावंड, बजावंड, बडांजी, तारापुर और बनियागांव सहित कई क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण किया। जांच के दौरान अवैध रूप से रेत एवं चुना पत्थर का उत्खनन, परिवहन और भंडारण करते पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए सभी वाहनों को पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया है, वहीं चार भंडारणकर्ताओं के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनिज गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमावली 2015 एवं खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1967 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

खनिज विभाग की इस मुहिम से अवैध खनिज कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं आम लोगों में प्रशासन की सक्रियता को लेकर सकारात्मक संदेश गया है। विभागीय अधिकारियों की सतर्कता और मैदान स्तर पर लगातार निगरानी से यह साफ संकेत मिला है कि प्राकृतिक संसाधनों की लूट अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस अभियान में खनि अधिकारी शिखर चेरपा, सहायक खनि अधिकारी जागृत गायकवाड, खनि निरीक्षक अंकित पुरी, अनि सिपाही डिकेश्वर खरे, नगर सैनिक विजय कश्यप, कृष्णा बघेल एवं सहदेव बघेल सहित जिला खनिज जांच उड़नदस्ता दल के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक भूचाल देखने को मिला है। अन्नाद्रमुक (AIADMK) के तीन विधायकों—मरगथम कुमारवेल (मदुरंतकम), पी. सत्यभामा (धरापुरम) और एस. जयकुमार (पेरुंदुरई)—ने अपने पद से इस्तीफा देकर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) का दामन थाम लिया है। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इस्तीफे स्वीकार किए जाने के बाद यह घटनाक्रम तमिलनाडु की राजनीति में सत्ता संतुलन बदलने वाला माना जा रहा है।

विश्वास मत से शुरू हुई राजनीतिक बगावत

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार ये तीनों विधायक उस बागी गुट का हिस्सा थे जिसने हाल ही में विधानसभा में हुए विश्वास मत के दौरान TVK सरकार के पक्ष में मतदान किया था। उस समय ही यह संकेत मिल गया था कि AIADMK के भीतर असंतोष गहराता जा रहा है। अब इन विधायकों का औपचारिक रूप से TVK में शामिल होना इस बगावत को खुला राजनीतिक संदेश बना चुका है।

इस्तीफा देने के तुरंत बाद तीनों नेताओं ने सचिवालय पहुंचकर TVK के वरिष्ठ नेता और मंत्री आधव अर्जुन से मुलाकात की तथा पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान TVK नेतृत्व ने इसे “जनता के विश्वास और विकास की राजनीति की जीत” बताया।

उपचुनाव में TVK को बड़ा फायदा?

इन तीन सीटों के खाली होने के साथ-साथ मुख्यमंत्री विजय द्वारा पहले ही तिरुचि ईस्ट सीट छोड़ने के कारण अब राज्य में कुल चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना तय माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा माहौल TVK के पक्ष में दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री विजय की लोकप्रियता, युवा मतदाताओं का समर्थन और सरकार की आक्रामक राजनीतिक रणनीति TVK को उपचुनाव में मजबूत स्थिति में ला सकती है। यदि TVK इन सीटों पर जीत दर्ज करती है तो विधानसभा में उसकी स्थिति पहले से अधिक प्रभावशाली हो जाएगी और विपक्ष का दबाव और कमजोर पड़ सकता है।

AIADMK और DMK का तीखा हमला

इस पूरे घटनाक्रम पर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। AIADMK और DMK दोनों ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए “हॉर्स ट्रेडिंग” यानी विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया है।

AIADMK नेताओं का कहना है कि सत्ता के दबाव और राजनीतिक प्रलोभन के जरिए विपक्षी विधायकों को तोड़ा जा रहा है। वहीं DMK ने भी सरकार पर लोकतंत्र कमजोर करने का आरोप लगाया है।

हालांकि TVK ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष के विधायक जनता के हित में और विकास की राजनीति से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हो रहे हैं।

विजय की राजनीति का नया दौर

फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए मुख्यमंत्री विजय अब केवल लोकप्रिय चेहरा नहीं बल्कि तमिलनाडु की राजनीति के केंद्र में स्थापित होते दिखाई दे रहे हैं। लगातार बढ़ती राजनीतिक स्वीकार्यता और विपक्षी दलों में सेंध लगाने की रणनीति ने TVK को तेजी से मजबूत किया है।

आने वाले उपचुनाव अब केवल चार सीटों की लड़ाई नहीं रह गए हैं, बल्कि यह तमिलनाडु की बदलती राजनीतिक दिशा का संकेत माने जा रहे हैं। यदि TVK यहां जीत दर्ज करती है तो राज्य की राजनीति में विजय का प्रभाव और अधिक बढ़ सकता है, जबकि AIADMK के लिए यह संकट और गहरा सकता है।

कोंडागांव, शौर्यपथ।  छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद कोंडागांव जिला 2012 से जिला घोषित हो गया था जिसके बाद से अब तक जिले में सभी जिलेवासियों को शासन की सभी योजनाओं को पूरा किया जा रहा है । मगर एक तरफ ध्यान दिया जाए तो एक बड़ी बात सामने आती है देश एक कठनाई से गुजर रहा है जहाँ पेट्रोल व डीजल की किल्लत देखा जा रहा है।

वही अगर बात करे कोंडागांव की तो  

न्यायालय कैदियों को जगदलपुर या नारायणपुर जेल भेजती है जो कोंडागांव मुख्यालय से 60 से 50 किलोमीटर दूर पड़ता है जहाँ रोजना कैदियों को लाने में मशक्कत की जाती है अगर कोंडागांव जिला मुख्यालय में भी एक जेल या उप जेल बन जाए तो पुलिस को राहत मिलेगी।

समस्या क्या है?

कोंडागांव को 2012 में जिला घोषित किया गया था

इसके बावजूद यहां अभी तक जिला जेल/उप-जेल नहीं है

कोर्ट (न्यायालय) से कैदियों को जगदलपुर या नारायणपुर भेजा जाता है

यह दूरी लगभग 50–60 किलोमीटर है

इससे क्या दिक्कतें हो रही हैं?

पुलिस को रोज कैदियों को ले जाने में अधिक मेहनत और संसाधन खर्च

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच आर्थिक बोझ

सुरक्षा जोखिम भी बढ़ता है (लंबी दूरी पर ट्रांजिट)

कैदियों और उनके परिजनों को असुविधा

अब देखने वाली बात होगी कि शौर्यपथ की इस खबर से जिला प्रशासन व शासन क्या कदम उठाएगी।

भिलाई / शौर्यपथ /
भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र स्थित एडवांस बर्न केयर यूनिट ने लगभग 50 प्रतिशत तक झुलसे एक मासूम बच्चे का सफल उपचार कर उसे नई जिंदगी दी।
गंभीर संक्रमण और सेप्टीसीमिया की स्थिति में भर्ती हुए बच्चे का उपचार आधुनिक सुविधाओं, विशेषज्ञ डॉक्टरों और संवेदनशील देखभाल के साथ किया गया। इलाज के दौरान हाई प्रोटीन डाइट, विशेष ड्रेसिंग और दर्द नियंत्रण के साथ बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा गया।
बर्न यूनिट में बच्चे का जन्मदिन केक और सजावट के साथ मनाया गया, जिससे लंबे समय बाद उसके चेहरे पर मुस्कान लौट आई।
डॉ. उदय धाबर्डे ने बताया कि बच्चे की हालत बेहद गंभीर थी, लेकिन पूरी टीम के समर्पण और निरंतर प्रयास से उसे स्वस्थ किया जा सका। अस्पताल से छुट्टी के समय परिजनों ने चिकित्सकीय टीम का भावुक होकर आभार व्यक्त किया।

केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके की मौजूदगी में रायपुर में 257 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र

    नई दिल्ली / एजेंसी / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के 47 स्थानों पर आयोजित 19वें रोजगार मेले में 51 हजार से अधिक युवाओं को विभिन्न केंद्रीय विभागों में नियुक्ति पत्र वितरित किए। इसी क्रम में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल द्वारा आयोजित रोजगार मेले में 257 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। रायपुर में यह कार्यक्रम पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इनमें भारतीय रेलवे के 200, डाक विभाग के 34, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के 7, हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के 5 तथा बैंक ऑफ बड़ौदा के 11 अभ्यर्थी शामिल रहे। कुल 803 चयनित अभ्यर्थियों में से 257 अभ्यर्थी कार्यक्रम में उपस्थित होकर नियुक्ति पत्र प्राप्त किए।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में युवाओं को नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश का युवा अब केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण का सशक्त भागीदार बन रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि रोजगार मेला अभियान युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने के साथ आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान कर रहा है।
रायपुर के कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने चयनित युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है और यही ऊर्जा अमृतकाल में भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।
रोजगार मेले के माध्यम से युवाओं को शासकीय सेवाओं में अवसर उपलब्ध कराते हुए आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक दयानंद, अपर मंडल रेल प्रबंधक बजरंग अग्रवाल, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी राहुल गर्ग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को समन्वय कर हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

रायपुर / जांजगीर-चांपा जिले की होनहार पर्वतारोही अमिता श्रीवास ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर) को 22 मई 2026 को सफलतापूर्वक फतह कर छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि अमिता ने अपने साहस, दृढ़ संकल्प और अथक मेहनत से प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का नया अध्याय रचा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़ की बेटी ने विश्व की सर्वोच्च चोटी पर तिरंगा और हमारे प्रदेश का गौरव बढ़ाया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर कहा कि समिट के बाद बेस कैंप लौटने के दौरान अत्यधिक ऊंचाई, शून्य से लगभग 40 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान और ऑक्सीजन की कमी के कारण अमिता श्रीवास की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिली है। उन्हें हेलीकॉप्टर के माध्यम से रेस्क्यू कर काठमांडू स्थित नॉर्विक इंटरनेशनल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उन्हें गंभीर फ्रॉस्टबाइट एवं हाई एल्टीट्यूड संबंधी स्वास्थ्य समस्याएं हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जानकारी मिलते ही राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक समन्वय स्थापित कर हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अमिता श्रीवास और उनके परिवार के साथ खड़ी है तथा उनके बेहतर उपचार के लिए निरंतर संपर्क और सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अमिता के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि अमिता बिटिया शीघ्र पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर अपने घर लौटें, यही हमारी कामना है। उनका साहस, धैर्य और हौसला हजारों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। छत्तीसगढ़ को उन पर गर्व है।

X अकाउंट ब्लॉक, वेबसाइट टेकडाउन, प्रदर्शनों पर रोक — अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम राष्ट्रीय सुरक्षा पर छिड़ी नई बहस

नई दिल्ली / शौर्यपथ /
देश में युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हुए व्यंग्यात्मक डिजिटल आंदोलन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) को लेकर अब केंद्र सरकार और प्रशासनिक एजेंसियों की सख्त कार्रवाई राष्ट्रीय बहस का विषय बन गई है। सोशल मीडिया आधारित इस आंदोलन पर की गई हालिया कार्रवाइयों ने एक बार फिर लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है।

X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट भारत में प्रतिबंधित

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से प्राप्त इनपुट्स के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69(A) के तहत ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के आधिकारिक X हैंडल @CJP2029 को भारत में प्रतिबंधित (Withheld) कर दिया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई “राष्ट्रीय सुरक्षा, देश की संप्रभुता और युवाओं पर संभावित नकारात्मक प्रभाव” जैसे कारणों को ध्यान में रखते हुए की गई।

मुख्य वेबसाइट भी हुई बंद

शनिवार, 23 मई 2026 को सुबह लगभग 9 बजे संगठन की आधिकारिक वेबसाइट को भी टेकडाउन कर दिया गया। बताया जा रहा है कि इस वेबसाइट से लगभग 10 लाख लोग जुड़े हुए थे।

यह वेबसाइट उस समय विशेष रूप से चर्चा में आई थी, जब यहां NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ऑनलाइन अभियान चलाया गया था, जिस पर 6 लाख से अधिक डिजिटल हस्ताक्षर किए गए थे।

इंस्टाग्राम और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी असर

संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया कि मुख्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई के बाद उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज, व्यक्तिगत अकाउंट और बैकअप अकाउंट का एक्सेस भी प्रभावित हुआ। उन्होंने इसे संभावित हैकिंग या प्लेटफॉर्म आधारित कार्रवाई बताया। हालांकि बाद में इंस्टाग्राम अकाउंट की पहुंच पुनः बहाल होने की जानकारी सामने आई।

जमीनी आंदोलनों पर प्रशासनिक सख्ती

केवल डिजिटल स्तर पर ही नहीं, बल्कि जमीनी गतिविधियों पर भी प्रशासनिक सख्ती देखने को मिली। बेंगलुरु पुलिस ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ द्वारा प्रस्तावित “ह्यूमन चेन” विरोध प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार कर दिया। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी कारणों का हवाला दिया।


क्या है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’?

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ कोई पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं, बल्कि युवाओं द्वारा संचालित एक व्यंग्यात्मक डिजिटल आंदोलन माना जा रहा है। इसकी शुरुआत कथित रूप से सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के विरोध के बाद हुई थी।

यह आंदोलन बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, परीक्षा पेपर लीक और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। विशेष रूप से इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर इसके करोड़ों फॉलोअर्स जुड़ने के दावे किए गए, जिससे यह मुख्यधारा की कई राजनीतिक इकाइयों से अधिक डिजिटल प्रभाव रखने लगा।


लोकतांत्रिक विमर्श के केंद्र में उठा बड़ा प्रश्न

सरकार की इस कार्रवाई को लेकर देशभर में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विपक्षी दलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और डिजिटल अधिकार समूहों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार बताते हुए “असहमति को दबाने” की कार्रवाई कहा है।

वहीं सत्ता पक्ष और कुछ संगठनों का कहना है कि सोशल मीडिया आधारित ऐसे अभियानों के पीछे विदेशी फंडिंग, संगठित टूलकिट और समाज में अस्थिरता फैलाने की संभावनाओं की जांच आवश्यक है।


डिजिटल भारत में नई चुनौती

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ प्रकरण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया आधारित आंदोलनों का प्रभाव अब केवल ऑनलाइन सीमित नहीं रह गया है। यह मामला आने वाले समय में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, डिजिटल नियमन, साइबर कानून और लोकतांत्रिक अधिकारों के बीच संतुलन को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।

‘विकसित भारत 2047’ से लेकर ऊर्जा सुरक्षा तक पर मंथन, मिडिल ईस्ट तनावों के बीच सरकार अलर्ट मोड में

**नई दिल्ली / शौर्यपथ / **
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पांच देशों के महत्वपूर्ण विदेशी दौरे से स्वदेश लौटते ही केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर बड़ा संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्रिमंडल और शीर्ष अधिकारियों के साथ लगभग चार घंटे तक चली एक उच्च स्तरीय मैराथन समीक्षा बैठक की, जिसमें ‘विकसित भारत 2047’, ऊर्जा सुरक्षा, प्रशासनिक सुधार और पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनावों के भारत पर संभावित प्रभावों पर गहन चर्चा हुई।

बैठक को केंद्र सरकार की आने वाली रणनीतिक दिशा तय करने वाला अहम कदम माना जा रहा है। पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “विकसित भारत 2047 केवल एक विजन नहीं, बल्कि देश के प्रति सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता है।”

‘ईज ऑफ लिविंग’ पर विशेष फोकस

प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं और नीतियों का सीधा लाभ आम नागरिकों तक तेज़ी और पारदर्शिता के साथ पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक सुधारों, डिजिटल गवर्नेंस और ‘ईज ऑफ लिविंग’ को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कार्यप्रणाली में गति और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया।

मिडिल ईस्ट संकट पर सरकार सतर्क

बैठक में पश्चिमी एशिया में जारी तनाव और उसके कारण संभावित वैश्विक ऊर्जा संकट पर भी गंभीर चर्चा हुई। तेल, गैस, बिजली और उर्वरक क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करते हुए सरकार ने यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर देश की अर्थव्यवस्था, उद्योगों और आम जनता पर न्यूनतम पड़े।

सूत्रों के अनुसार, ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित रखने और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखने को लेकर विभिन्न मंत्रालयों को समन्वित रणनीति पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

नीति आयोग और मंत्रालयों ने दी प्रजेंटेशन

इस उच्च स्तरीय बैठक में नीति आयोग सहित कई मंत्रालयों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट और आगामी योजनाओं का प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया। तेज़ गति से कार्य पूर्ण करने वाले मंत्रालयों की प्रधानमंत्री द्वारा सराहना भी की गई।

विदेश मंत्री जयशंकर ने साझा की दौरे की उपलब्धियां

बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री मोदी के हालिया पांच देशों के दौरे की उपलब्धियों और वहां हुए रणनीतिक समझौतों की जानकारी मंत्रिमंडल को दी। इन दौरों को भारत की वैश्विक कूटनीतिक स्थिति को और मजबूत करने वाला बताया गया।

सरकार का संदेश स्पष्ट

प्रधानमंत्री की इस मैराथन बैठक को सरकार के “मिशन मोड” में काम करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर जहां देश को विकसित राष्ट्र बनाने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए भी सरकार पूरी सतर्कता और रणनीतिक तैयारी के साथ आगे बढ़ रही है।

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