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June 09, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

  बस्तर / शौर्यपथ / सुकमा के जंगलों के बीच मैदान में युवाओं को क्रिकेट खेलते देख उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव खुद को रोक न सके। उन्होंने गाड़ी रुकवाई, खिलाडिय़ों के बीच मैदान में पहुंचे और क्रीज पर जाकर बैट थाम लिया। टूर्नामेंट खेल रहे कुशल गेंदबाजों की गेंदों पर कुछ करारे शॉट भी लगाए। यह बदलते बस्तर की खुशनुमा तस्वीर है।
किरंदुल से सुकमा के रास्ते का यह मुनगा गांव था जहां श्री साव ने मैदान में बल्ला भांजा। सुकमा जिले के ग्राम पंचायत कोर्रा का आश्रित गांव है यह। मैदान पर खेलने के लिए जुटे युवाओं से पता चला कि यहां 7 जून से क्रिकेट टूर्नामेंट चल रहा है जिसमें आसपास के गांवों की 16 टीमों ने भाग लिया है। मैदान के एक छोर पर खिलाडिय़ों का झुंड तो दूसरे छोर पर दर्शकों का झुंड था।
उप मुख्यमंत्री साव ने कुछ गेंदे खेलने के बाद पिच पर ही खिलाडिय़ों से अपने सहज-सरल अंदाज में बातचीत शुरू की, जिससे इस टूर्नामेंट की जानकारी मिली। उन्होंने खिलाडिय़ों के मांगे बिना ही सभी 16 टीमों को क्रिकेट किट देने का वादा किया, जिससे वे पूरे साजो-सामान के साथ अपने खेल का आनंद ले सकें। श्री साव से चर्चा के बीच खिलाडिय़ों ने खेल मैदान की कमी की बात रखी, जिस पर उन्होंने कलेक्टर को निर्देशित कर समुचित व्यवस्था का आश्वासन दिया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव इन दिनों चार दिनों के बस्तर प्रवास पर हैं। वे रोज दिनभर निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। साथ ही अधिकारियों की बैठक लेकर इनकी प्रगति की समीक्षा भी कर रहे हैं। बस्तर संभाग के प्रगतिरत काम जल्दी कैसे पूरे हों... अप्रारंभ कार्यों को तत्काल शुरू कर कैसे तेजी से अंजाम तक पहुंचाएं, इन पर बैठकों में मंथन भी कर रहे हैं।

नई दिल्ली/ एजेंसी / प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र में हुई भीषण औद्योगिक दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
प्रधानमंत्री ने सोमवार शाम सोशल मीडिया मंच ङ्ग पर जारी अपने संदेश में कहा कि वह विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र में हुई दुर्घटना से अत्यंत व्यथित हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध करा रहा है। प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से अनुग्रह सहायता राशि की घोषणा करते हुए कहा कि हादसे में मृत प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 2 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा—
"विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र में हुई दुर्घटना से व्यथित हूं। मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।"
उन्होंने आगे कहा कि पीएमएनआरएफ से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे।

रायपुर/शौर्यपथ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुशासन तिहार 2026 के तहत बालोद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में संचालित विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सकारात्मक सोच, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार केवल प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने लंबित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और नक्शा सुधार जैसे राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण तथा मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

पीएम आवास और सूर्यघर योजना पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा ऋतु से पहले अधिकतम प्रधानमंत्री आवास योजना के स्वीकृत मकानों का निर्माण पूरा किया जाए। साथ ही अधिक कारीगरों को मेसन प्रशिक्षण देकर निर्माण कार्यों में गति लाई जाए।

उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत वर्ष 2027 तक प्रदेश में 5 लाख सौर संयंत्र स्थापित करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

खरीफ सीजन की तैयारी और किसानों पर फोकस

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को किसानों के लिए खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी पात्र किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जोडऩे और एग्रीस्टैक पंजीयन कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा।

महिला सशक्तिकरण और कुपोषण उन्मूलन

बिहान योजना की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने तथा रेडी-टू-ईट खाद्य सामग्री निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए।

समीक्षा में बताया गया कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 20,245 तथा बालोद जिले में 36,312 लखपति दीदी तैयार हो चुकी हैं। वहीं औराटोला को लखपति ग्राम के रूप में विकसित किया गया है।

स्वास्थ्य, पेयजल और सड़क सुरक्षा पर निर्देश

मुख्यमंत्री ने बरसात से पहले स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, मौसमी बीमारियों की रोकथाम तथा टीबी मुक्त पंचायत अभियान की प्रभावी निगरानी के निर्देश दिए। बालोद जिले में बढ़ती डॉग बाइट घटनाओं पर भी विशेष चिंता जताई गई।

उन्होंने जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, ई-ऑफिस, ई-डिस्ट्रिक्ट और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की प्रगति की समीक्षा करते हुए नागरिक सेवाओं को और अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

शिक्षा और कानून-व्यवस्था की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने पीएम श्री स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, नवाचार आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने तथा नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। सड़क दुर्घटनाओं में कमी को सकारात्मक संकेत बताते हुए उन्होंने हेलमेट और यातायात नियमों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और सभी अधिकारियों को इसी भावना के साथ कार्य करना चाहिए।

दुर्ग। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राहुल शर्मा ने रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों के कारण आम जनता लगातार महंगाई की मार झेल रही है और सबसे अधिक असर गृहणियों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है।

राहुल शर्मा ने जारी बयान में कहा कि रसोई गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि से मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों की परेशानियां बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई अपने चरम पर है, जबकि युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है और किसानों को भी विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के रोजगार और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार अपेक्षित परिणाम देने में विफल रही है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि हाल के वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार इन घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में असफल रही है। साथ ही उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र की परिसंपत्तियों के निजीकरण को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की।

राहुल शर्मा ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ता है, जिससे खाद्यान्न और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं महंगी हो जाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ती महंगाई और आर्थिक चुनौतियों के कारण व्यापार एवं रोजगार के अवसर प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि जनता लगातार आर्थिक दबाव झेल रही है, जबकि सरकार राहत देने के बजाय विभिन्न क्षेत्रों में शुल्क और खर्च बढ़ा रही है। राहुल शर्मा ने कहा कि जनता इन मुद्दों को देख रही है और आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से अपना निर्णय देगी।

राहुल शर्मा
महामंत्री, शहर जिला कांग्रेस कमेटी, दुर्ग

नई दिल्ली/रायपुर: इतिहास के पन्नों में आज 8 जून का दिन भारतीय और विश्व पटल पर अपनी एक बेहद खास और अमिट पहचान रखता है।…
नई दिल्ली/रायपुर: ग्रहों की बदलती चाल और आज के विशेष नक्षत्रों के प्रभाव से देश-दुनिया में एक नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है।…
सार्थक महिला समूह को जिम्मेदारी देने की प्रक्रिया पर उठे सवाल, निगम कर्मचारी से रिश्तेदारी की भी चर्चा दुर्ग / शौर्यपथ / शहर के गरीबों और जरूरतमंदों के लिए बनाए…

जांच में सामने आए अलग-अलग कारण, प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई

    रायपुर / शौर्यपथ / मैनपाट विकासखंड में कथित रूप से पीलिया से पांच लोगों की मौत की खबरों के बीच स्वास्थ्य, राजस्व एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की संयुक्त जांच में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। जांच दल ने स्पष्ट किया है कि मृतकों में सामूहिक पीलिया या जलजनित संक्रमण के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं तथा सभी मौतों के कारण अलग-अलग पाए गए हैं।
संयुक्त टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा कर परिजनों से चर्चा, वर्बल ऑटोप्सी, स्वास्थ्य परीक्षण और पेयजल स्रोतों की जांच की। रिपोर्ट के अनुसार ग्राम कुनिया के जितेन्द्र यादव की मृत्यु सेप्टिक शॉक (एमओडीएस) से हुई, जबकि ग्राम बरिमा की भगवती यादव में हेपेटाइटिस-ए की पुष्टि हुई थी, लेकिन चिकित्सकीय रिपोर्ट में मृत्यु का कारण यकृत संबंधी जटिलताएं और कार्डियो-रेस्पिरेटरी अरेस्ट बताया गया है।
इसी तरह विकास यादव (बरिमा) की मृत्यु के संबंध में विभिन्न चिकित्सकीय कारण दर्ज किए गए हैं। वहीं नर्मदापुर के विकास यादव बचपन से सिकल सेल रोग से पीड़ित थे और उनमें हेपेटाइटिस के लक्षण नहीं पाए गए। ग्राम केसरा की आकांक्षा यादव भी हेपेटाइटिस से प्रभावित नहीं थीं तथा वे लंबे समय से टीबी और श्वसन संबंधी बीमारी से जूझ रही थीं।
जांच में यह भी सामने आया कि सभी मृतक अलग-अलग गांवों के निवासी थे, जिनके बीच 15 से 20 किलोमीटर की दूरी है। स्वास्थ्य सर्वेक्षण में मृतकों के परिवारों और आसपास के लोगों में पीलिया या हेपेटाइटिस के कोई लक्षण नहीं मिले, जिससे जल स्रोतों के माध्यम से किसी सामूहिक संक्रमण की आशंका खारिज होती है।
एहतियातन स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में डोर-टू-डोर सर्वेक्षण, दवा वितरण और पेयजल स्रोतों के क्लोरीनेशन का कार्य जारी है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी स्वास्थ्य संबंधी लक्षण पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें और अपुष्ट अफवाहों से बचें।

निमधा को नर्सिंग कॉलेज, मिनी स्टेडियम और मंगल भवन की सौगात, महिलाओं को दिया ‘करोड़पति दीदी’ बनने का मंत्र

     मरवाही/रायपुर / शौर्यपथ / सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का मरवाही विकासखंड के ग्राम निमधा में एक अलग ही जनसंपर्क और जनसंवाद का दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री गांव के बीच आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर ग्रामीणों से सीधे रूबरू हुए। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानी और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना है। इसी कड़ी में प्रदेशभर के गांवों में जाकर लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव है, उनका मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है, जबकि अन्य मामलों के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों और मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने जिले में नर्सिंग कॉलेज, ग्राम निमधा में मिनी स्टेडियम तथा सर्वसमाज के लिए विशाल मंगल भवन निर्माण की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करते हुए तीनों मांगों को तत्काल स्वीकृति प्रदान कर बड़ी सौगात दी।
ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति में आने वाली समस्याओं से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इस पर उन्होंने अधिकारियों से मौके पर जानकारी लेते हुए व्यवस्था में सुधार और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों और राजस्व निरीक्षकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के निराकरण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और लखपति दीदियों से विशेष संवाद किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक सशक्तता ही ग्रामीण विकास की सबसे बड़ी ताकत है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि अब केवल लखपति दीदी बनने तक सीमित न रहें, बल्कि करोड़पति दीदी बनने का लक्ष्य तय करें। महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता राशि परिवार की जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू खर्चों में महत्वपूर्ण सहयोग कर रही है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवास सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए प्रदेश में जल्द ही सीएम हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। इसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे तथा उनकी निगरानी और समयबद्ध समाधान की व्यवस्था भी की जाएगी।
जनचौपाल के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। महिलाओं ने उन्हें विष्णु भोग चावल, ब्लैक राइस, शहद, पापड़ और लड्डू जैसे स्थानीय उत्पाद भेंट किए। मुख्यमंत्री ने समूहों की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
ग्रामीण संस्कृति से जुड़े इस आत्मीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सरई के दोना-पत्तल में परोसे गए स्थानीय व्यंजनों—जामुन, कोईलार भाजी, बेल का शरबत, आम की चटनी और आमपना का स्वाद भी लिया। इस दौरान उन्होंने जिले की महिला स्व-सहायता समूहों की सफलता की कहानियों पर आधारित ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुस्तक ग्रामीण महिलाओं के संघर्ष, आत्मविश्वास और सफलता की प्रेरक गाथा है, जो हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका यह दौरा केवल योजनाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के बीच बैठकर उनकी वास्तविक जरूरतों और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार का संकल्प समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है तथा इसी सोच के साथ सुशासन को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।
यह जनचौपाल मुख्यमंत्री की सहजता, संवेदनशीलता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर सामने आई, जहां निर्णय भी हुए, समाधान भी मिला और विकास की नई घोषणाओं ने ग्रामीणों में उत्साह का संचार किया।
क्या आप भविष्य में ऐसी सरकारी खबरों के लिए इसी तरह का विस्तृत लेकिन अखबार-शैली का प्रारूप पसंद करेंगे, या थोड़ा अधिक विश्लेषणात्मक समाचार स्वरूप उपयोगी रहेगा?

308 करोड़ की परियोजना का उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया निरीक्षण, बस्तर की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार

रायपुर / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने बहुप्रतीक्षित केशकाल घाट फोरलेन बायपास का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के साथ परियोजना के दोनों छोरों का जायजा लेते हुए कहा कि यह बायपास बस्तर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा इसे शीघ्र पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है।
308 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 11.38 किलोमीटर लंबे बायपास में दो वृहद एवं दो मध्यम पुल भी निर्मित किए जाएंगे। परियोजना पूरी होने के बाद रायपुर-जगदलपुर मार्ग पर आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित होगा।
उप मुख्यमंत्री ने केशकाल-सलना सड़क मजबूतीकरण कार्य का भी निरीक्षण कर गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके बाद वे बेड़मा गांव में जल जीवन मिशन के तहत आयोजित ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर विधायक नीलकंठ टेकाम एवं कलेक्टर नुपुर राशि पन्ना भी उपस्थित रहीं।
बस्तर के विकास को नई गति देने वाली यह परियोजना क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

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