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May 31, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

 

बिलासपुर।
भारत सरकार के कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चन्द्र दुबे ने एसईसीएल के एक दिवसीय दौरे के दौरान कंपनी के कार्यों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने डिजिटल परिवर्तन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ एवं लोकार्पण किया।

एसईसीएल मुख्यालय पहुंचने पर मंत्री दुबे ने कोयला श्रमिक स्मारक पर माल्यार्पण कर कोयला श्रमिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और देश की ऊर्जा सुरक्षा में उनके योगदान को नमन किया। इसके बाद आयोजित समीक्षा बैठक में कोयला उत्पादन, डिस्पैच, गुणवत्ता प्रबंधन, सुरक्षा, कोल गैसीफिकेशन, पर्यावरणीय पहल, डिजिटलीकरण, सीएसआर गतिविधियों और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

मंत्री दुबे ने सुरक्षित एवं सतत खनन, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और परिचालन दक्षता बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि एसईसीएल देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से कोयलांचल क्षेत्रों में अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता है।

एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक कोल इंडिया के 100 मिलियन टन उत्पादन में एसईसीएल ने 26.86 मिलियन टन का सर्वाधिक योगदान दिया है।

बैठक के दौरान मंत्री ने “ई-डाडास” (डिजाइन एंड ड्रॉइंग्स अप्रूवल इन एसईसीएल) पोर्टल और “हॉस्पिटल मैनेजमेंट एंड इन्फॉर्मेशन सिस्टम” (HMIS) पोर्टल का शुभारंभ किया। ई-डाडास पोर्टल के जरिए आधारभूत संरचना परियोजनाओं की इंजीनियरिंग डिजाइनों की ऑनलाइन जांच और अनुमोदन प्रक्रिया डिजिटल होगी, जबकि HMIS पोर्टल से एसईसीएल अस्पतालों में मरीजों के रिकॉर्ड प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी अधिक प्रभावी होगी।

दौरे के दौरान मंत्री दुबे ने बिलासपुर स्थित इंदिरा विहार स्वास्थ्य केंद्र में अत्याधुनिक 5-पार्ट हेमेटोलॉजी एनालाइज़र यूनिट का लोकार्पण भी किया। यह मशीन संक्रमण और विभिन्न बीमारियों की सटीक जांच में सहायक होगी तथा अस्पताल सेवाओं की गति और गुणवत्ता को बेहतर बनाएगी।

लोकार्पण के बाद मंत्री ने स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की सराहना की। बैठक में एसईसीएल के निदेशकगण, सीवीओ, विभागाध्यक्ष और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

खाद्य अधिकारी समेत पूरा नेटवर्क बेनकाब, 90 लाख में तय हुआ था गैस गबन का सौदा

महासमुंद/रायपुर।
बहुचर्चित एलपीजी गबन मामले में फरार चल रहे ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के मालिक संतोष सिंह ठाकुर और उनके पुत्र सार्थक सिंह ठाकुर को पुलिस ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार शहर और मोबाइल नंबर बदल रहे थे। पुलिस की तकनीकी जांच, टॉवर डंप, सीडीआर, टोल डेटा और सोशल मीडिया विश्लेषण के बाद दोनों तक पहुंच संभव हो सकी।

पुलिस जांच में अब तक कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार खाद्य अधिकारी अजय यादव इस पूरे गबन कांड का मुख्य षड्यंत्रकारी था, जबकि पंकज चंद्राकर डील मैनेजर की भूमिका में सामने आया। मनीष चौधरी ने विभिन्न एजेंसियों के बीच मध्यस्थता कर रकम तय कराने में अहम भूमिका निभाई।

सूत्रों के मुताबिक शुरुआत में 1 करोड़ 30 लाख रुपये की मांग रखी गई थी, लेकिन करीब एक सप्ताह तक चली बातचीत के बाद 90 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। पुलिस का दावा है कि सुपुर्दनामे से 11 दिन पहले यानी 19 मार्च से ही एलपीजी गबन की साजिश शुरू हो चुकी थी।


कैसे हुआ पूरा खेल?

थाना सिंघोड़ा पुलिस ने दिसंबर 2025 में 6 एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रकों को जब्त किया था। भीषण गर्मी और सुरक्षा कारणों से इन ट्रकों को सुरक्षित रखने के लिए जिला प्रशासन ने खाद्य विभाग के माध्यम से ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स को सुपुर्द किया।

30 मार्च 2026 को खाद्य विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रकों को संतोष सिंह ठाकुर के सुपुर्द किया गया, जिसके बाद ट्रकों को रायपुर स्थित उरला प्लांट ले जाया गया। जांच में सामने आया कि सुपुर्द किए गए पांच ट्रकों में भरी करीब 87 टन एलपीजी गैस, जिसकी कीमत लगभग 77 लाख रुपये थी, का आपराधिक न्यास भंग करते हुए गबन कर लिया गया।


फर्जी पंचनामा और बिना GST के बिक्री

जांच में खुलासा हुआ कि सभी कैप्सूल खाली होने के बाद 6 से 8 अप्रैल के बीच तौल करवाई गई और फर्जी तौल पंचनामा तैयार किया गया। सबसे गंभीर बात यह रही कि मुख्य षड्यंत्रकारियों को ही पंचनामा का गवाह बनाया गया।

पुलिस के अनुसार आपदा की स्थिति का फायदा उठाते हुए गबन की गई एलपीजी गैस को 20 अलग-अलग एजेंसियों और संस्थानों को कच्चे बिल पर बिना GST के मनमाने दामों में बेचा गया। अप्रैल महीने में केवल 40 टन एलपीजी खरीदी गई, जबकि बिक्री 135 टन तक पहुंच गई।


चार राज्यों में दबिश, कोल्हापुर होटल से गिरफ्तारी

मुख्य आरोपी संतोष सिंह ठाकुर और सार्थक सिंह ठाकुर लगातार रायपुर, कवर्धा, छुईखदान, कान्हा-किसली, कोलकाता, पुणे, मुंबई और कोल्हापुर जैसे शहरों में ठिकाने बदलते रहे। पुलिस की चार विशेष टीमें लगातार उनकी तलाश में जुटी थीं।

सैकड़ों CCTV फुटेज, टोल प्लाजा डेटा और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर दोनों के महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित न्यू चालुक्य होटल में छिपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी संतोष सिंह ठाकुर के पास से 20 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए।


अब तक 6 आरोपी गिरफ्तार, बढ़ सकती है संख्या

इस मामले में अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे पहले खाद्य अधिकारी अजय यादव, पंकज चंद्राकर, मनीष चौधरी और निखिल वैष्णव गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई नए नाम सामने आ सकते हैं। मामले में आपराधिक षड्यंत्र, कूट रचना, शासकीय संपत्ति की हेराफेरी और कालाबाजारी सहित बीएनएस और आवश्यक वस्तु अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

 

   भिलाई। शहर में गुरुवार को ईद उल अजहा की रौनक रही। सुबह 7 बजे से शहर की अलग-अलग  मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज शुरू कर दी गई थी। अलग-अलग वक्त में इन मस्जिदों-ईदगाहों में हजारों की तादाद में लोगों ने ईद की नमाज अदा की। इसके साथ ही तीन दिन तक चलने वाला कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ। वहीं इस्पात नगरी भिलाई से हज पर गए जायरीनों का हज पूरा होने की खुशियां उनके घरवालों ने मनाई।
जामा मस्जिद सेक्टर-6 की ईदगाह में सुबह 8 बजे ईद की नमाज अदा की गई।  भिलाई नगर मस्जिद  ट्रस्ट के सदर मिर्जा आसिम बेग ने अपनी सालाना रिपोर्ट में मस्जिद में जारी कार्यों के साथ आवाम के सामने ट्रस्ट की आय-व्यय का ब्यौरा दिया। नमाज के बाद मुल्क में अमन व तरक्की की दुआएं की गईं। ईदगाह मैदान में मौजूद विभिन्न धर्म व समुदाय के प्रतिनिधियों ने मुस्लिम भाईयों को गले मिल कर ईद की मुबारकबाद दी। भिलाई नगर मस्जिद ट्रस्ट की ओर से सभी मेहमानों के लिए सेवइयों का इंतजाम भी किया गया।
नमाज के बाद घरों में कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ। लोगों ने अपने अपने सामर्थ्य के अनुरूप बकरों की कुर्बानी दी। यह कुर्बानी लोग अपनी सुविधा अनुसार 29 व 30 मई तक करेंगे। हज के मुबारक सफर पर जायरीनों के घर भी खुशियों का माहौल रहा। लोगों ने फोन और वीडियो कॉल पर बात कर अपने परिजनों को हज पूरा होने की मुबारकबाद दी। इधर ईद की नमाज के बाद लोग कब्रिस्तान भी पहुंचे। जहां अपने परिजनों की कब्र पर फूल चढा कर फातिहा पढ़ी। ईद के मौके पर देर रात तक मुबारकबाद देने एक दूसरे के घरों में लोग पहुंचे। ईद की नमाज को देखते हुए यातायात पुलिस ने ईदगाहों और मस्जिदों के आगे सुबह से ही चाक चौबंद व्यवस्था कर रखी थी।

आज दुनिया में इंसानियत को जिंदा रखने की जरुरत: हाफिज कासिम

मर्कजी मस्जिद पावरहाउस कैम्प 2 मे ईदुल अजहा की नमाज इमाम हाफिज क़ासिम बस्तवी ने अदा करवाई। नमाज़ से पहले आवाम को खिताब करते हुए मौलाना जुनैद ने कहा कि हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम व उनके बेटे हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम की कुर्बानी इंसानियत के लिए बड़ा पैगाम है कि अपनी महबूब प्यारी चीज को अल्लाह के राह में कुर्बान कैसे करें।  उन्होंने कहा कि आज दुनिया में इंसानियत को जिंदा रखने की जरुरत है। अल्लाह के नबी हजरत मोहम्मद सल्लु अलैहिस्सलाम ने सादगी की जिंदगी अपनाने,  दूसरों की खैर ख्वाही और अमन के लिए हमेशा कुरबानी की तालीम दी है, हमें उसी रास्ते पर चलना होगा। इस मौके सभी ने मिलकर अल्लाह से अपने गुनाहों की माफ़ी मांग कर नेक और सीधे रास्ते पर चलने, आपसी मोहब्बत-भाईचारा कायम करने के साथ मुल्क की तरक्की अमन-चैन की दुआएं की। इस मौके पर सदर मोहम्मद असलम, नायब सदर इमामुद्दीन पटेल, सेक्रेटरी सैय्यद असलम, खजांची निजामुद्दीन,नायब  सेक्रेटरी मोहम्मद अकरम,नायब खजांची हाफिज महफूज, युसूफ सिद्दीकी, हाफिज अहमद, जफर कुरैशी,अलीम, मोहम्मद सोहेल मोहम्मद और अशरफ इनाम सहित बड़ी तादाद में मौजूद लोगों ने एक दूसरे को ईद उल अजहा की मुबारकबाद दी।
 
अमन की दुआएं की नमाजियों ने 

शेर-ए-खुदा मस्जिद हाउसिंग बोर्ड ईदगाह में सुबह हज़रत अल्लामा मौलाना ताज़िम रज़ा मिस्बाही  ने नमाज अदा करवाई। मस्जिद कमेटी के सदर हाजी ताहिर सिद्दीकी की तरफ से तमाम नमाज़ियों को दिली मोहब्बत के साथ ईद-उल-अज़हा की मुबारकबाद पेश की गई। ईद-उल-अज़हा की नमाज़ के बेहतर इंतज़ामात को देखते हुए जामुल थाना प्रभारी रामेन्द्र सिंह एवं थाना स्टाफ की गरिमामयी मौजूदगी रही। इस मौके पर हाजी एम. एच. सिद्दीकी, कमेटी के सरपरस्त इस्तेखार सिद्दीकी, रशीद खान, हाजी मुश्ताक अहमद, ज़ाकिर हुसैन, मोहम्मद, अब्दुल माजिद उर्फ गुड्डु भाई, सैय्यद इरफ़ान रिज़वी, जावेद खान, अहमद हुसैन उर्फ छोटू , रेयाज़ अहमद, फ़िरोज़ अहमद, मेराज अहमद खान, नज़ीर खान, अबरार रज़ा, आफ़ताब हुसैन, समर, सुब्हान अंसारी और फ़िरोज़ उस्ताद सहित तमाम लोगों ने अपनी भागीदारी दी।

पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के मुख्य केंद्रीय प्रभारी स्वामी परमार्थ देव की रहेगी विशेष उपस्थिति

विभिन्न एकीकृत चिकित्सा पद्धतियों की जानकारी के साथ मिलेगा उपचार का अवसर भी

भिलाई। इस्पात नगरी भिलाई में तीन दिवसीय विशाल एकीकृत योग शिविर का आयोजन 30 मई से मनसा कॉलेज कुरूद रोड कोहका में किया जा रहा है। शिविर में तीनों दिन पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के मुख्य केंद्रीय प्रभारी स्वामी परमार्थ देव की विशेष उपस्थिति रहेगी। पतंजलि योग समिति, भारत स्वाभिमान न्यास, पतंजलि युवा भारत और किसान सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय विशाल शिविर में सुबह 5:15 बजे से 7:30 बजे तक योग के माध्यम से निरोग रहने विविध योगासनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस संदर्भ में भारत स्वाभिमान न्यास छत्तीसगढ़ प्रमुख अनूप बंसल और युवा भारत के प्रभारी जयंत भारती ने बताया कि शिविर में समूचे छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रहेगी वहीं एकीकृत चिकित्सा पद्धतियों में योग के साथ-साथ यज्ञ चिकित्सा, वॉटर थेरेपी और एक्यूप्रेशर के माध्यम से उपचार के संबंध में जानकारी दी जाएगी। इस दौरान चयनित लोगों का आयोजन स्थल पर उपचार भी किया जाएगा। यहां कार्यकर्ताओं को इन एकीकृत चिकित्सा पद्धतियों के बारे में विशेषज्ञों द्वारा विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिसमें कार्यशाला में विभिन्न सत्र होंगे।
शिविर में स्वामी परमार्थ देव की उपस्थिति को विशेष उपलब्धि माना जा रहा है। आयोजकों ने बताया कि स्वामी परमार्थ देव 30 व 31 मई और एक जून को तीनों दिन योग शिविर की निगरानी करेंगे तथा शिविर में उपस्थित लोगों का मार्गदर्शन करेंगे। योग शिविर  के अलावा स्वामी परमार्थ देव के अन्य कार्यक्रम भी रखे गए हैं। जिसमें 30 मई को राजनांदगांव में कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लेंगे। वहीं राजनांदगांव,बालोद, खैरागढ़ व मानपुर मोहला जिले के योग शिक्षकों एवं पदाधिकारियों के साथ विशेष बैठक करेंगे। इसी तरह 31 मई को भिलाई के योग शिविर में भाग लेने के साथ स्वामी परमार्थ देव आयोजन स्थल पर ही सुबह 8:00 बजे से 10:00 बजे तक कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे।  
उल्लेखनीय है कि स्वामी परमार्थ देव, हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ और भारत स्वाभिमान (न्यास) के मुख्य केंद्रीय प्रभारी हैं। वह योग ऋषि स्वामी रामदेव के प्रमुख शिष्यों में से एक हैं और भारत भर में योग, आयुर्वेद और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार तथा योग शिविरों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे पतंजलि परिवार (महिला पतंजलि, युवा भारत आदि) के माध्यम से आमजन और ग्रामीण क्षेत्रों तक योग विद्या को पहुँचाने के लिए निरंतर देशव्यापी शिविरों का नेतृत्व कर रहे हैं। आयोजकों ने बताया कि शिविर की सारी तैयारियां अंतिम चरण में है। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा लोगों से इस नि:शुल्क योग शिविर का लाभ उठाने की अपील की है। आयोजन की तैयारियों में नरेंद्र पटेल, शंभू प्रसाद कुशवाहा, पिंकी चौधरी, प्रतिभा, उर्वशी शर्मा, प्रीति त्रिपाठी, मुरलीधर साहू, संदीप, दिनेश शर्मा, देवेश सिंह साहू, भावेश साहू, राजेश तिवारी, तिजाऊ राम साहू  और बलवंत सिंह सहित अन्य लोग जुटे हैं।

 भिलाई। छत्तीसगढ़ शासन के महिला एवं बाल विकास के संयुक्त निदेशक नंदलाल चौधरी इसी माह सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वे छत्तीसगढ़ ज्ञान विज्ञान ज्योतिष संस्थान से भी जुड़े हैं। संस्थान के पदाधिकारियों व सदस्यों ने उनके सम्मान में एक गरिमामय समारोह का आयोजन भिलाई निवास कॉफी हाउस के सभागार में किया।
ज्ञात हो कि सेक्टर-2 निवासी नंदलाल चौधरी पवार क्षत्रिय समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। समारोह में उपस्थित लोगों ने श्री चौधरी के व्यक्तित्व की सराहना की। वहीं श्री चौधरी ने अपने सम्मान के लिए सभी का आभार जताया। उनकी सेवानिवृत्ति पर आयोजित सम्मान समारोह में गीतांजलि चौधरी, गौरव चौधरी, पल्लव चौधरी, भुनिशा चौधरी, उमेश चितलांगिया एनआईटी एलुमनी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व छत्तीसगढ़ ज्ञान विज्ञान ज्योतिष संस्थान के संरक्षक, एक्सपर्ट पैरेंटिंग कोच चिरंजीव जैन, एस्ट्रोलॉजर पीडी स्वर्णकार, एस्ट्रोलॉजर राकेश शर्मा, एस्ट्रोलॉजर बीपी पटेल, एस्ट्रोलॉजर राजेंद्र केसर, बैडमिंटन की राष्ट्रीय खिलाड़ी संगीता राजगोपालन, संतोष सोनी, प्रवीण आहूजा, प्रवीण सिंह, राजेंद्र सोनबोइर और देवेश सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।

बालोद शौर्यपथ
संवाददाता लोकेश कुमार साहू

  बालोद - डौंडीलोहारा विकासखंड के भंवरमरा, कंमकापार, अरजपूरी, रेंगाडबरी, देवरी के आस-पास भरनाभाट, रीवागहन, आलीवारा, सुरसुरी, फरदफोड, घीना, सुरेगाँव, भीमकंहार में पंचायत के द्वारा भी पेड़ों को लकड़ी ठेकेदारों को बेचा जा रहा है क्षेत्र में पर्यावरण की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं और जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं। खुले मैदान में प्रतिबंधित अर्जुन वृक्ष की लकड़ी का जखीरा पड़ा है, मानो तस्करों ने वन विभाग और राजस्व विभाग को खुली चुनौती दे दी हो।
कैमरे में कैद तस्वीरें चीख-चीख कर गवाही दे रही हैं - भरानाभाट और रीवागहन के इलाके में दर्जनों की संख्या में कटे हुए कीमती अर्जुन के लट्ठे बेखौफ डंप किए गए हैं। हैरानी की बात ये है कि भंवरमरा, कंमकापार, अरजपूरी से लेकर देवरी तक के जगहों से लकड़ी तस्कर दिनदहाड़े ट्रैक्टर-ट्रॉली में लादकर इस प्रतिबंधित लकड़ी का परिवहन कर रहे हैं। ना कोई रोकने वाला, ना कोई टोकने वाला।

ये वही अर्जुन वृक्ष है जिसे छत्तीसगढ़ वन अधिनियम में 'प्रतिबंधित' श्रेणी में रखा गया है। इसकी एक टहनी काटना भी गैर-कानूनी है, यहाँ तो रेंगाडबरी-देवरी बेल्ट में पूरा जंगल साफ कर दिया गया और अब ट्रैक्टर भर-भर कर माल पार किया जा रहा है।

दोनों विभाग कटघरे में जबकि रेंगाडबरी और माटरी मोड दोनों स्थानों पर वन विभाग का बेरियल होने के बाद भी आराम से लकड़ी से लदा हुआ ट्रैक्टर पार हो जाता है।
सवाल सीधा है - डौंडीलोहारा ब्लॉक में इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित और बिना अनुमति के लकड़ी खुले आम रोजाना निकल जाते हैं, और खुले आसमान के नीचे कैसे पहुंची और ट्रैक्टर से कैसे ढोई जा रही है?

1. वन विभाग की नाकामी: अरजपूरी-कंमकापार रेंज में बिना वन विभाग की TP यानी ट्रांजिट परमिट के लकड़ी का एक लट्ठा भी नहीं हिल सकता। फिर ट्रैक्टरों में भरकर अर्जुन वृक्ष एवं अन्य दूसरे प्रजाति की लकड़ी भंवरमरा से भरानाभाट तक कैसे दौड़ रही है? क्या डौंडीलोहारा रेंज के बीट गार्ड से लेकर रेंजर तक सबकी मिलीभगत है?
2. राजस्व विभाग की लापरवाही: रीवागहन, भरानाभाट की राजस्व जमीन पर खड़े पेड़ काटने के लिए तहसीलदार की अनुमति जरूरी है। क्या पटवारी-RI ने आंखें बंद कर लीं? या फिर 'नजराना' लेकर देवरी-रेंगाडबरी मार्ग से ट्रैक्टरों को हरी झंडी दे दी गई?

स्थानीय ग्रामीणों का फूटा गुस्सा - "ये कोई पहली घटना नहीं है। डौंडीलोहारा के इन गांवों में महीनों से अवैध कटाई और ट्रैक्टर से ढुलाई का खेल चल रहा है। मुख्य सड़क से ट्रैक्टर गुजरते हैं, सब देखते हैं, पर विभाग को नहीं दिखता। शिकायत करो तो फाइल दबा दी जाती है। विभागों की ये उदासीनता नहीं, खुली सांठगांठ है।"

औषधीय खजाने की लूट
अर्जुन सिर्फ पेड़ नहीं, आयुर्वेद का खजाना है। हार्ट के मरीजों के लिए संजीवनी माने जाने वाले इस पेड़ को तस्कर चंद रुपयों के लिए भंवरमरा-कंमकापार के जंगलों से काट रहे हैं और ट्रैक्टर से बेच रहे हैं। पर्यावरण को हो रहे नुकसान की भरपाई कौन करेगा?

जनता की मांग - अब सिर्फ कार्रवाई नहीं, जवाबदेही तय हो
ग्रामीणों ने दो टूक कहा है:
1. वन विभाग तत्काल FIR दर्ज कर डौंडीलोहारा के तस्कर गिरोह और ट्रैक्टर मालिकों को बेनकाब करे।
2. राजस्व विभाग बताए कि भरानाभाट, रीवागहन की जमीन पर ये 'लकड़ी का पहाड़' कैसे खड़ा हुआ और ट्रैक्टर कैसे चल रहे हैं?
3. भंवरमरा, अरजपूरी, देवरी बीट के लापरवाह अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई हो। जिन रास्तों से ट्रैक्टर निकले, वहाँ के बीट गार्ड और कोटवार से जवाब तलब हो।

डौंडीलोहारा क्षेत्र में ट्रैक्टर जब्त कर ठोस कार्रवाई करें। अब देखना है कि खबर छपने के बाद भी विभागों की नींद टूटती है या फिर 'सब चलता है' की तर्ज पर ट्रैक्टर से हरियाली का कत्लेआम चलता रहेगा।

 

डौंडीलोहारा से लोकेश कुमार साहू की खास रिपोर्ट

बालोद (डौंडीलोहारा )गजईडीह, - बस्तर पुलिस के वीर सपूत शहीद आरक्षक स्व. खिलावन सिंह कोकिला की 19वीं पुण्यतिथि आज गुरुवार को उनके गृह ग्राम गजईडीह में पूरे राजकीय सम्मान के साथ मनाई जाएगी।

12 अप्रैल 1976 को जन्मे खिलावन सिंह कोकिला ने 28 मई 2007 को कर्तव्य पथ पर अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। शहीद की स्मृति में * सुबह 11 बजे ग्राम गजईडीह* में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है।

चौंकी प्रभारी अरविंद साहू हुए शामिल
कार्यक्रम में चौंकी प्रभारी अरविंद साहू पुलिस बल के साथ शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए,उन्होंने कहा कि "शहीद खिलावन सिंह कोकिला का बलिदान बस्तर पुलिस के लिए गर्व का विषय है। उनका शौर्य नई पीढ़ी के पुलिस जवानों को हमेशा कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा। हम सब उनके परिवार के साथ खड़े हैं।"

परिवार का आग्रह
शहीद की माता ढेलु बाई कोकिला, पत्नी शशिकला कोकिला और पुत्र विनय कोकिला ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और युवाओं ने कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।

बस्तर पुलिस के इस वीर सपूत का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। "शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशां होगा"

*मुख्यमंत्री श्री साय ने दी बधाई और शुभकामनायें*

रायपुर ।  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से भारतीय वन सेवा (IFS) के लिए चयनित रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव निवासी श्री अजय गुप्ता ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने अजय को भारतीय वन सेवा में चयनित होने पर बधाई देते हुए इसे पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर वनांचल क्षेत्र के लिए गौरव और प्रेरणा का क्षण बताया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अजय गुप्ता ने केवल अपने माता-पिता का ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत प्रेरणादायी है कि एक ऐसा युवा, जिसने बचपन में जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रह कर परिवार का हाथ बंटाया, आज उन्हीं जंगलों के संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी निभाने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि बताती है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि अवसर और संकल्प मिल जाए तो दूरस्थ अंचलों के युवा भी देश की सर्वोच्च सेवाओं में अपनी जगह बना सकते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की ‘लघु वनोपज संघ छात्रवृत्ति’ तथा ‘पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति’ जैसी योजनाओं ने अजय जैसे प्रतिभाशाली युवाओं की राह आसान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि अजय की सफलता वनांचल समाज के सपनों, संघर्ष और आत्मविश्वास की जीत है तथा यह हजारों युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस देगी।

उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव में साधारण परिवेश में पले-बढ़े अजय गुप्ता का बचपन जंगलों, वनोपज संग्रहण और खेती-किसानी के बीच बीता। छुट्टियों के दौरान वे अपने माता-पिता के साथ जंगलों में जाकर तेंदूपत्ता और महुआ एकत्रित करते थे। आर्थिक अभावों के बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाया और 10वीं में 92.66 प्रतिशत तथा 12वीं में 91.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी मेधा का परिचय दिया।

उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर अजय को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर में प्रवेश मिला, जहां अध्ययन के दौरान उन्हें तीन वर्षों तक छात्रवृत्ति का लाभ मिला। अजय ने कठिन परिस्थितियों के बीच अध्ययन जारी रखते हुए भारतीय वन सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 91वीं रैंक प्राप्त की और अपने सपनों को साकार किया।

अजय गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक जीवन में उनके सपने सीमित थे और लगता था कि दुनिया गांव तक ही सीमित है, लेकिन उच्च शिक्षा और नए अनुभवों ने उनके सोचने का दायरा विस्तृत किया। उन्होंने कहा कि जंगल उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है और बचपन से प्रकृति के साथ बने इसी जुड़ाव ने उन्हें वन सेवा में जाने की प्रेरणा दी। उनका मानना है कि जंगल ने उन्हें केवल आजीविका ही नहीं, बल्कि जीवन की दिशा भी दी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अजय की सफलता प्रदेश के उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। उन्होंने कहा कि सही अवसर, मार्गदर्शन, मेहनत और शासन के सहयोग से गांवों और वनांचल क्षेत्रों के युवा भी देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंच सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अजय गुप्ता जैसे युवा आने वाली पीढ़ियों को संघर्ष, आत्मविश्वास और संकल्प की शक्ति का संदेश देंगे तथा छत्तीसगढ़ के युवाओं को नई दिशा और नई प्रेरणा प्रदान करेंगे।

नई दिल्ली ।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं पर आज सुनवाई और फैसले को लेकर राजनीतिक तथा कानूनी हलकों में व्यापक चर्चा रही। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक आदेश की प्रमाणित प्रति और सर्वोच्च न्यायालय की वेबसाइट पर उपलब्ध विस्तृत आदेश का परीक्षण आवश्यक माना जा रहा है।

उपलब्ध दावों और सामने आई जानकारी के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने चुनाव आयोग की शक्तियों को संवैधानिक दायरे में मानते हुए SIR प्रक्रिया को वैध बताया है।

फैसले से जुड़ी प्रमुख बातें (दावों के अनुसार)

1. चुनाव आयोग की संवैधानिक शक्तियों को समर्थन

बताया जा रहा है कि अदालत ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग को संविधान के अनुच्छेद 324 तथा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण का अधिकार प्राप्त है।

पीठ ने माना कि आयोग ने अपने संवैधानिक अधिकार क्षेत्र के भीतर रहते हुए कार्य किया और प्रक्रिया को “अल्ट्रा वायर्स” नहीं माना जा सकता।

2. नागरिकता और वोटर लिस्ट पर अहम टिप्पणी

सुनवाई के दौरान अदालत द्वारा यह महत्वपूर्ण टिप्पणी किए जाने की चर्चा है कि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटना उसकी नागरिकता समाप्त होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

अदालत ने कथित रूप से यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग केवल चुनावी पात्रता तय कर सकता है, नागरिकता पर अंतिम निर्णय देना उसका अधिकार क्षेत्र नहीं है।

3. “वोट चोरी” और “NRC जैसे अभियान” के आरोप खारिज

याचिकाकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों—जिनमें SIR को “वोट चोरी” अथवा “NRC जैसी प्रक्रिया” बताया गया था—को अदालत ने स्वीकार नहीं किया।

बताया जा रहा है कि कोर्ट ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची का शुद्ध और अद्यतन रहना आवश्यक है तथा प्रक्रिया में दावा, आपत्ति और अपील जैसे पर्याप्त वैधानिक प्रावधान मौजूद हैं।


अन्य महत्वपूर्ण सुनवाई

VVPAT स्लिप पर समय दर्ज करने वाली PIL खारिज

एक अन्य जनहित याचिका में वीवीपैट पर्चियों पर वोट डालने का समय अंकित करने की मांग की गई थी। अदालत ने इसे चुनाव आयोग के तकनीकी अधिकार क्षेत्र का विषय मानते हुए हस्तक्षेप से इनकार किया।

जातिगत जनगणना संबंधी याचिका पर सुनवाई से इनकार

जनसंख्या जनगणना में जातिगत गणना को बाहर रखने की मांग वाली PIL पर भी सुप्रीम कोर्ट ने विचार करने से इनकार किया। अदालत ने इसे सरकार की नीतिगत व्यवस्था का विषय बताया।


राजनीतिक असर

यदि यह फैसला आधिकारिक रूप से इसी स्वरूप में जारी हुआ है, तो इसे चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के लिए बड़ी कानूनी राहत माना जाएगा। वहीं विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे “मतदाता सूची में हेरफेर” संबंधी आरोपों को भी बड़ा झटका लग सकता है।

साथ ही, अदालत की यह टिप्पणी कि “मतदाता सूची से नाम हटना नागरिकता समाप्त होने का प्रमाण नहीं है”, भविष्य की कानूनी और राजनीतिक बहस में महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।

 

दीपक बैज और टी.एस. बाबा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिखाई एकजुटता

छत्तीसगढ़ राजनीतिक।Deepak Baij और T. S. Singh Deo के नेतृत्व में विश्रामपुर में भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस का संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा पर दमनकारी राजनीति करने तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए बड़ा आंदोलन छेड़ने का संकेत दिया है।

विश्रामपुर में आयोजित बैठक एवं प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं पर हो रहे अन्याय को अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभा में मौजूद कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर भाजपा सरकार के खिलाफ संघर्ष को और मजबूत करने का संकल्प लिया।

सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा सरकार प्रशासनिक दबाव और राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं। पार्टी पूरी ताकत और मजबूती के साथ जनता की आवाज उठाती रहेगी।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि यह लड़ाई केवल कांग्रेस की नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जन अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है।

कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि पार्टी का हर वरिष्ठ नेता संघर्ष की इस घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़ा है और अन्याय के खिलाफ यह आंदोलन आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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