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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
बालोद - सगाई में गए परिवार के सूने घर पर हाथ साफ करने वाले तीन चोर पुलिस के हत्थे चढ़ गए। देवरी थाना पुलिस ने 6 लाख से ज्यादा के सोने-चांदी के गहनों और नगदी के साथ तीनों आरोपियों को धर दबोचा।
26 अप्रैल की रात परसुली गांव में कमलेश केशरिया अपने पूरे परिवार के साथ अर्जुनी सगाई कार्यक्रम में गया था। पीछे से चोरों ने मौका देखकर घर का कुंदा तोड़ा और अलमारी में रखा सोने का रानी हार, मंगलसूत्र, चांदी की पायल, करधन और 51 हजार नगद पार कर दिया। सुबह घर लौटे परिजनों के होश उड़ गए।
एसपी योगेश पटेल के निर्देश पर थाना प्रभारी मनीष शेण्डे की टीम ने जाल बिछाया। मुखबिर की सूचना पर गांव के ही भीखम लाल सिन्हा, रामेश्वर उर्फ झम्मन सोनकर और जितेश उर्फ जीतू सोनकर को उठाया। सख्ती से पूछताछ में तीनों टूट गए।
चोरों ने सारा माल खरखरा नंदी के श्मशान घाट में गड्ढा खोदकर छिपा रखा था। पुलिस ने मौके से 1 किलो 650 ग्राम चांदी, 27 ग्राम से ज्यादा सोना और 34 हजार नगद बरामद कर लिया। कुल 6,02,709 रुपये का माल जब्त हुआ।
फिलहाल तीनों सलाखों के पीछे हैं। इस पूरी कार्रवाई में देवरी थाना और साइबर सेल बालोद की टीम ने बाजी मारी।
ब्यूरो चीफ: प्रवीण गुप्ता
कवर्धा।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर आयोजित नेशनल लोक अदालत ने कबीरधाम जिले में न्याय को सरल, त्वरित और मानवीय स्वरूप देने का उदाहरण प्रस्तुत किया। जिले में आयोजित इस महाअभियान में 31 हजार से अधिक प्रकरणों का सफल निराकरण किया गया, वहीं वर्षों से बिखरे परिवारों में भी खुशियां लौट आईं।
छत्तीसगढ़ में आयोजित इस नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने वर्चुअल माध्यम से किया। इसके पश्चात जिला कबीरधाम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष कु. संघरत्ना भतपहरी ने लोक अदालत का विधिवत शुभारंभ किया।
नेशनल लोक अदालत को यादगार बनाने के लिए जिला न्यायालय परिसर में विशेष सेल्फी प्वाइंट बनाया गया था, जहां पक्षकारों ने तस्वीरें लेकर इस अवसर को यादगार बनाया। इसके साथ ही आयोजित स्वास्थ्य शिविर में पहुंचे लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श का लाभ भी लिया। न्यायालय परिसर का सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण वातावरण लोगों को विशेष रूप से आकर्षित करता नजर आया।
जिले में कुल 11 खण्डपीठ गठित की गई थीं, जिनमें 10 खण्डपीठ जिला मुख्यालय कवर्धा तथा 1 खण्डपीठ व्यवहार न्यायालय पंडरिया में संचालित की गई।
इन खण्डपीठों में निम्न प्रकार के प्रकरण रखे गए थे—
नेशनल लोक अदालत के दौरान विभिन्न खण्डपीठों में उल्लेखनीय निराकरण हुए—
इस प्रकार जिले में कुल 31,734 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 10 करोड़ 77 लाख 03 हजार 433 रुपये की राशि से जुड़े मामलों का समाधान किया गया।
परिवार न्यायालय में पहुंचे एक मामले में पति की शराब की लत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया था। पति अपनी आय का अधिकांश हिस्सा शराब में खर्च कर पत्नी और दो बच्चों को प्रताड़ित करता था। परेशान होकर पत्नी ने अलग रहकर भरण-पोषण की मांग करते हुए न्यायालय की शरण ली थी।
लोक अदालत में पीठासीन अधिकारी द्वारा दोनों पक्षों को समझाइश और परामर्श दिया गया। अंततः पति-पत्नी ने आपसी सहमति से फिर साथ रहने और परिवार को दोबारा बसाने का निर्णय लिया। इस समझौते ने न केवल एक परिवार को टूटने से बचाया बल्कि बच्चों के भविष्य को भी नई उम्मीद दी।
एक अन्य प्रकरण में वर्ष 2025 में विवाह करने वाले नवविवाहित दंपत्ति शादी के महज 20-25 दिनों बाद विवाद के कारण अलग हो गए थे। मामला परिवार न्यायालय तक पहुंच गया था।
परिवार न्यायालय में हुई परामर्श प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों ने अपने मतभेद भुलाकर पुनः साथ रहने की सहमति दी। इस समझौते के साथ उनके दाम्पत्य जीवन में फिर से खुशियों की शुरुआत हुई।
कबीरधाम में आयोजित नेशनल लोक अदालत केवल प्रकरणों के निराकरण तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने समाज में संवाद, समझौता और पारिवारिक एकता का मजबूत संदेश भी दिया। त्वरित एवं सुलभ न्याय व्यवस्था के माध्यम से हजारों लोगों को राहत मिली और कई परिवारों के जीवन में नई शुरुआत संभव हो सकी।
ब्यूरो चीफ: प्रवीण गुप्ता
कवर्धा।
छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर भोरमदेव मंदिर परिसर को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है। निर्माणाधीन भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सभी निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना के बेस स्ट्रक्चर और ग्राउंड वर्क को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
भोरमदेव मंदिर प्रांगण में आयोजित समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने अब तक हुए कार्यों, फील्ड प्रोग्रेस और आगामी कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि पिछली समीक्षा के बाद से प्रत्येक सोमवार को प्रोग्रेस मॉनिटरिंग की जा रही है। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि निर्माण एजेंसियां पर्याप्त संख्या में मजदूर, तकनीकी स्टाफ और मशीनरी तैनात करें ताकि कार्यों की गति प्रभावित न हो।
उन्होंने पर्यटन विभाग के इंजीनियरों को भी निर्देशित किया कि वे निर्माण कार्यों में तकनीकी सहयोग सुनिश्चित करें और गुणवत्ता मानकों की सतत निगरानी करें।
समीक्षा बैठक में भोरमदेव मंदिर परिसर, सरोवर, मड़वा महल, छेरकी महल और सरोदा डैम से जुड़े विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री ने आगामी बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से सरोवर क्षेत्र में निर्माण कार्यों की कार्ययोजना व्यवस्थित ढंग से तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सरोदा डैम क्षेत्र में प्रस्तावित कैफेटेरिया को केवल खानपान केंद्र नहीं बल्कि आकर्षक “व्यू पॉइंट” के रूप में विकसित करने की बात कही, जहां पर्यटकों के बैठने और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने की बेहतर व्यवस्था हो।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने निर्देश दिए कि भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर के खंभों, प्रवेश द्वारों और दीवारों में फणी नागवंशी स्थापत्य शैली की कलाकृतियों को प्रमुखता से शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल आधुनिक सुविधाओं तक सीमित न रहे, बल्कि यहां आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को भी महसूस कर सकें।
उन्होंने निर्माण एजेंसियों को पारंपरिक स्थापत्य शैली की मौलिकता बनाए रखने के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए।
बैठक में पूरे भोरमदेव परिसर में जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए केंद्रीकृत पानी टंकी निर्माण के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इसके लिए उपयुक्त स्थल का चयन कर आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना पूर्ण होने के बाद यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य का बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। शासन की मंशा है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक पहचान का भी जीवंत अनुभव मिल सके।
कोंडागांव /
मदर्स डे के पावन अवसर पर शांति फाउंडेशन में आयोजित एक भावनात्मक सम्मान समारोह ने मानवता, सेवा और मातृत्व के प्रति सम्मान का अनूठा संदेश दिया। इस विशेष अवसर पर उन माताओं का सम्मान किया गया, जिन्हें कभी सड़क से रेस्क्यू कर शांति फाउंडेशन के पुनर्वास केंद्र में लाया गया था और आज उपचार, देखभाल एवं अपनत्व के सहारे उन्हें नई जिंदगी मिली है।
कार्यक्रम में शांति फाउंडेशन के संचालक यतेंद्र “छोटू” सलाम एवं फाउंडेशन की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले तुषार जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों ने माताओं के साथ समय बिताया और उन्हें सम्मानित कर मदर्स डे की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के दौरान सभी माताओं के साथ केक काटा गया। पूरा परिसर खुशी, आत्मीयता और सम्मान के भाव से सराबोर दिखाई दिया। माताओं के चेहरों पर मुस्कान और आंखों में छलकती भावनाएं वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर रही थीं।
इस आयोजन को सफल बनाने में मोनी, मदन कुमारी, आशा खान, फूल कुंवर साहू, बिंद्राबाई, सरला, दशा बाई, कांतम, केशवम सहित शांति फाउंडेशन के समस्त स्टाफ एवं प्रभुजनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के दौरान राजस्थान निवासी मदन कुमारी उर्फ मोनी अम्मा जी की कहानी ने सभी को भावुक कर दिया। उन्हें शांति फाउंडेशन द्वारा रेस्क्यू कर पुनर्वास केंद्र लाया गया था, जहां लगातार उनका उपचार कराया गया।
स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद काउंसलिंग के दौरान उन्होंने अपना घर राजस्थान में बताया। फाउंडेशन की टीम ने उनके बेटे से संपर्क किया, लेकिन बेटे ने अपनी मां को साथ रखने में असमर्थता जताते हुए कहा कि उसकी जिम्मेदारी अब पत्नी और बेटी हैं।
यह घटना वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद मार्मिक पल बन गई और समाज में बढ़ती संवेदनहीनता पर कई सवाल छोड़ गई।
शांति फाउंडेशन में रह रहीं आयशा खान अम्मा जी की कहानी भी लोगों की आंखें नम कर गई। मानसिक रूप से अस्वस्थ अवस्था में उन्हें रेस्क्यू कर पुनर्वास केंद्र लाया गया था। लगातार इलाज और देखभाल के बाद जब उनकी स्थिति में सुधार हुआ तो उन्होंने अपने गांव का नाम दुर्ग बताया।
इसके बाद से शांति फाउंडेशन की टीम उनके परिवार की तलाश में लगातार जुटी हुई है। आयशा खान अक्सर अपने बच्चों को याद कर भावुक हो जाती हैं। लगभग सात वर्षों से वह शांति फाउंडेशन में रहकर जीवन बिता रही हैं और आज भी अपने परिवार से मिलने की उम्मीद लगाए बैठी हैं।
कार्यक्रम के दौरान शांति फाउंडेशन परिवार ने कहा—
“मां केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि भगवान का सबसे सुंदर रूप होती है। मां पूरी जिंदगी अपने बच्चों के लिए त्याग करती है, लेकिन वृद्धावस्था में उन्हें सबसे ज्यादा अपनापन और सहारे की जरूरत होती है।”
फाउंडेशन ने समाज से अपील करते हुए कहा कि अपने माता-पिता और परिवारजनों को कभी बेसहारा न छोड़ें।
शांति फाउंडेशन लगातार असहाय, बेसहारा और मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों की सेवा एवं पुनर्वास के लिए कार्य कर रहा है। मदर्स डे पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि समाज को संवेदनशीलता, सेवा और पारिवारिक मूल्यों का संदेश देने वाला प्रेरणादायी आयोजन बन गया।
भिलाई।
भिलाई नगर थाना क्षेत्र के माया नगर एचएससीएल कॉलोनी में घरेलू विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया, जहां छोटे भाई ने गुस्से में अपने बड़े भाई पर धारदार लोहे के रापा से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बड़े भाई की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। घटना के बाद भिलाई नगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार घटना 10 मई 2026 की है। माया नगर एचएससीएल कॉलोनी, रुआबांधा सेक्टर में रहने वाले दो सगे भाइयों के बीच घरेलू बात को लेकर विवाद और मारपीट की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही भिलाई नगर पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी मनोज यादव ने अपने बड़े भाई अशोक यादव पर घर में रखे धारदार लोहे के रापा से हमला कर दिया। आरोपी ने अशोक यादव के सिर और कनपटी पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गया।
घायल अशोक यादव को तत्काल जिला चिकित्सालय दुर्ग ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए मेकाहारा अस्पताल रायपुर रेफर कर दिया। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई।
मामले में थाना भिलाई नगर में अपराध क्रमांक 249/2026 के तहत प्रारंभ में धारा 109(1) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया था। पीड़ित की मृत्यु के बाद प्रकरण में धारा 103(1) बीएनएस (हत्या) जोड़ी गई। पुलिस ने आरोपी मनोज यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की और विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त धारदार लोहे का रापा भी जप्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में घटना का कारण घरेलू एवं पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है।
भिलाई नगर पुलिस की इस मामले में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की सराहना की जा रही है। वहीं दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि घरेलू या आपसी विवाद की स्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें तथा किसी भी विवाद की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि हिंसात्मक गतिविधियों में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार आरोपी मोबाइल फोन और ऑनलाइन एप के माध्यम से आईपीएल मैचों में हार-जीत पर दांव लगाकर अवैध रूप से सट्टा संचालित कर रहे थे। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, नगदी रकम और सट्टा लेखा-जोखा से जुड़ी सामग्री जप्त की गई है।
मामले की शुरुआत 12 अप्रैल 2026 को हुई, जब थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र के कंडरापारा इलाके में मुखबिर से सूचना मिली कि ऋषभ नगर निवासी विकास जैन अपने घर से आईपीएल टी-20 मैच चेन्नई और दिल्ली के बीच खेले जा रहे मुकाबले पर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर कार्रवाई की। मौके पर तीन व्यक्तियों को मोबाइल फोन के जरिए ऑनलाइन सट्टा संचालित करते पकड़ा गया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम विकास जैन, रौनक ताम्रकार और प्रवीण ताम्रकार बताए।
पुलिस ने उनके कब्जे से मोबाइल फोन, पॉकेट डायरी, नगदी रकम और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से संबंधित सामग्री जप्त की थी।
प्रकरण में थाना सिटी कोतवाली दुर्ग में अपराध क्रमांक 187/2026 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 4, 6, 7 एवं बीएनएस की धारा 112(2) के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया था।
विवेचना के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस को अन्य आरोपियों की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने अक्षत बोहरे, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद अय्युब और प्रकाश सोनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने पर उनके कब्जे से चार अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल फोन जप्त किए गए।
सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले की विवेचना अभी जारी है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—
जप्त किए हैं। कुल जप्त सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 89,810 रुपये बताई गई है।
इस कार्रवाई में थाना सिटी कोतवाली एवं एसीसीयू टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों और जवानों की सतर्कता एवं त्वरित कार्रवाई से संगठित ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का खुलासा हो सका।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के अवैध सट्टा, जुआ अथवा ऑनलाइन अवैध गतिविधियों से दूर रहें। पुलिस ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें। अवैध सट्टा संचालन में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर, ।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने विभागीय निर्माण कार्यों में तेजी, गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। नवा रायपुर स्थित निर्माण भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासकीय भवनों के निर्माण में अब पारंपरिक ढांचे के बजाय वर्टिकल एवं आधुनिक डिजाइनों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि उपलब्ध भूमि का बेहतर उपयोग हो सके और सुविधाएं अधिक व्यवस्थित रूप में विकसित की जा सकें।
बैठक में विभाग के सभी मुख्य अभियंताओं के साथ विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी उपस्थित रहे।
सचिव श्री बंसल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क, भवन और पुल निर्माण कार्यों में आने वाली प्रमुख बाधाओं जैसे भू-अर्जन, वन-व्यपवर्तन, पोल शिफ्टिंग और अन्य तकनीकी अड़चनों का समय-सीमा में त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं रुचि लेकर इन मामलों की मॉनिटरिंग करें और आवश्यकता पड़ने पर वरिष्ठ कार्यालयों को तत्काल अवगत कराएं, ताकि उच्च स्तर पर समाधान किया जा सके।
बैठक में हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूल, शासकीय छात्रावास, मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और कम्पोजिट भवनों के निर्माण को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि की उपलब्धता और उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए हॉरिजांटल निर्माण के बजाय वर्टिकल निर्माण मॉडल अपनाने की कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही भवनों के डिजाइन आधुनिक, उपयोगी और तकनीकी रूप से उन्नत हों, इस पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
श्री बंसल ने वर्ष 2025-26 और 2026-27 के बजट में शामिल सभी निर्माण कार्यों के प्राक्कलन प्राथमिकता क्रम में तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
बैठक में सचिव ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि—
की हर 15 दिनों में नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकरण के निराकरण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सभी कार्यपालन अभियंताओं, अनुविभागीय अधिकारियों एवं उप अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे छुट्टी के दिनों में भी सतर्क रहें और बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ अधिकारी किसी भी दिन निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण कर सकते हैं। इसलिए सभी कार्यों को निर्धारित मानकों और पूर्ण मासिक कार्ययोजना के अनुसार संचालित किया जाए।
बैठक में डीपीआर तैयार करने, एजेंसी निर्धारण, सड़कों एवं भवनों की मरम्मत तथा मेजरमेंट बुक के लिए नई तकनीकों के उपयोग पर भी जोर दिया गया। विभाग का उद्देश्य अब निर्माण कार्यों को अधिक पारदर्शी, तकनीकी रूप से सक्षम और समयबद्ध बनाना है।
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकाय उप-निर्वाचन 2026 का कार्यक्रम जारी कर दिया है। निर्वाचन की अधिसूचना जारी होने के साथ ही सोमवार 11 मई से जिले में चुनावी प्रक्रिया औपचारिक रूप से प्रारंभ हो गई है। जिले की 31 ग्राम पंचायतों तथा नगर पंचायत पलारी में उप-निर्वाचन को लेकर प्रशासनिक तैयारियाँ तेज हो गई हैं।
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार अभ्यर्थी 18 मई 2026 को दोपहर 3 बजे तक नाम निर्देशन पत्र जमा कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 19 मई को होगी, जबकि 21 मई 2026 तक अभ्यर्थी अपना नाम वापस ले सकेंगे।
नगर पंचायत पलारी में मतदान 01 जून 2026 को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक संपन्न होगा। मतगणना एवं निर्वाचन परिणामों की घोषणा 04 जून 2026 को प्रातः 9 बजे से रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा की जाएगी।
पंचायत चुनाव के लिए मतदान 01 जून को सुबह 7 बजे से शाम 3 बजे तक कराया जाएगा। पंचायतों में मतदान समाप्ति के तुरंत बाद संबंधित मतदान केंद्रों पर मतगणना प्रारंभ होगी। इसके बाद खंड मुख्यालयों में 02 जून को सुबह 9 बजे से मतगणना की जाएगी तथा 04 जून 2026 को अंतिम सारणीकरण और परिणामों की घोषणा की जाएगी।
जिले के पांच जनपद पंचायत क्षेत्रों के अंतर्गत कुल 31 ग्राम पंचायतों में उप-निर्वाचन संपन्न कराया जाएगा।
ग्राम पंचायत – हथौद, डेगरापार एवं लाटाबोड़
ग्राम पंचायत – कंवर, धनेली, कोलिहामार, बालोदगहन एवं डढारी
13 ग्राम पंचायतों में चुनाव
8 ग्राम पंचायतों में चुनाव
ग्राम पंचायत – ठेमाबुजुर्ग एवं अवारी
जिले के पांचों जनपद पंचायत क्षेत्रों में कुल:
वहीं नगर पंचायत पलारी के 15 वार्डों में:
निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए विभिन्न जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों हेतु रिटर्निंग एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
उप-निर्वाचन कार्यक्रम जारी होने के साथ ही जिले में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज होने लगी हैं। पंचायतों से लेकर नगरीय निकाय तक स्थानीय नेतृत्व, विकास कार्यों और जनसमस्याओं को लेकर चुनावी माहौल गरमाने लगा है। अब सभी की नजरें 01 जून को होने वाले मतदान और 04 जून को आने वाले परिणामों पर टिकी हैं।
बालोद /शौर्यपथ। नगरीय निकाय आम निर्वाचन-2026 तथा त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन-2026 के कार्यक्रम की घोषणा के संबंध में आज संयुक्त जिला कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री चंद्रकांत कौशिक ने निर्वाचन कार्यक्रम, प्रक्रिया एवं प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों के साथ साझा की।
श्री कौशिक ने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने निर्वाचन कार्यक्रम की तिथियों, नामांकन प्रक्रिया, मतदान केंद्रों की व्यवस्था, मतदाता सूची, आचार संहिता के पालन तथा सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूर्ण की जा रही हैं। मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। साथ ही मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जिला जनसंपर्क अधिकारी श्री चंद्रेश कुमार ठाकुर सहित प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए अधिकारियों ने निर्वाचन संबंधी विभिन्न पहलुओं पर जानकारी प्रदान की।
By- नरेश देवांगन
जगदलपुर, शौर्यपथ। डिमरापाल आयुष औषधालय में नियमित उपस्थिति को लेकर शिकायत के बाद अब मामले में एक नया पहलू सामने आया है। विभागीय सूत्रों एवं संबंधित पक्षों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायत के बाद जिला आयुष अधिकारी द्वारा संबंधित चिकित्सा अधिकारी से चर्चा की गई, जिसमें कथित रूप से नियमित उपस्थिति प्रभावित होने के पीछे “अत्यधिक गर्मी” एवं व्यक्तिगत कारणों का उल्लेख किया गया।
सूत्रों के अनुसार, संबंधित चिकित्सा अधिकारी ने चर्चा के दौरान कहा कि अत्यधिक तापमान के कारण लंबे समय तक अस्पताल में बैठने में कठिनाई होती है। इस पर जिला आयुष अधिकारी ने कथित तौर पर नाराजगी व्यक्त करते हुए यह कहा कि शासकीय सेवा में निर्धारित समय तक उपस्थित रहकर मरीजों को सेवाएं देना आवश्यक दायित्व है और अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी समान परिस्थितियों में कार्य कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि इसके बाद संबंधित चिकित्सा अधिकारी द्वारा पारिवारिक परिस्थितियों, विशेषकर अपनी स्कूली बेटी की देखभाल का उल्लेख करते हुए नियमित उपस्थिति में कठिनाई होने की बात कही गई। साथ ही यह भी चर्चा में आया कि उनकी व्यक्तिगत परिस्थितियों की जानकारी विभागीय स्तर पर होने के कारण उन्हें ऐसे स्थान पर पदस्थ किया गया, जहां आवागमन अपेक्षाकृत सुगम हो। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या सरकारी अस्पताल “व्यक्तिगत सुविधा केंद्र” बनते जा रहे हैं? यदि व्यक्तिगत कारणों और मौसम को आधार बनाकर नियमित ड्यूटी प्रभावित होगी, तो दूरदराज के मरीज आखिर किस भरोसे सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की ओर देखें?
सबसे हैरान करने वाली बात यह बताई जा रही है कि बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अनुपस्थित रहने के बावजूद हाजिरी में अनुपस्थिति दर्ज नहीं होती। हालांकि, इन बिंदुओं की आधिकारिक पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही संभव होगी।
अब मुख्य प्रश्न यह है कि यदि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित सेवाएं प्रभावित होती हैं, तो इसका सीधा असर ग्रामीण मरीजों पर पड़ता है। ऐसे में आमजन की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग इस मामले में तथ्यात्मक जांच कर क्या निष्कर्ष निकालता है और नियमानुसार क्या कदम उठाए जाते हैं।
भिलाई-3: रेलवे प्रशासन ने भिलाई-3 क्षेत्र में अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। रेलवे की बेशकीमती भूमि को खाली कराने के लिए 48 से अधिक परिवारों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है, जिसके बाद से पूरे इलाके में तनाव और चिंता का माहौल है।
? कार्रवाई का मुख्य कारण: 'वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट' का निर्माण
रेलवे विभाग के अनुसार, जिस जमीन पर वर्तमान में कब्जा है, वहां एक जल शोधन संयंत्र (Water Treatment Plant) का निर्माण प्रस्तावित है। इस महत्वपूर्ण परियोजना को समय पर शुरू करने के लिए रेलवे प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
? नोटिस की मुख्य बातें
आदेश की जानकारी: रायपुर के अपर मंडल रेल प्रबंधक (ऑपरेशन) एवं राजसंपदा अधिकारी ने आदेश क्रमांक "बलवंत नेताम +45 अन्य/46/2025" के तहत यह नोटिस जारी किया है।
समय सीमा: कब्जाधारियों को 15 दिनों के भीतर जगह खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
चेतावनी: यदि तय समय में निर्माण नहीं हटाया गया, तो रेलवे स्वयं प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई कर इसे ध्वस्त कर देगा। कार्रवाई के दौरान होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी कब्जाधारियों की होगी।
?️ प्रभावित परिवारों में रोष, महापौर से लगाई गुहार
नोटिस जारी होते ही बड़ी संख्या में महिलाएं नगर निगम कार्यालय पहुंचीं और महापौर निर्मल कोसरे से मुलाकात की। निवासियों का कहना है कि वे वर्षों से वहां रह रहे हैं और अचानक बेदखली से उनके सामने छत का संकट खड़ा हो गया है। उनकी मांग है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था या पुनर्वास के उन्हें न हटाया जाए।
? महापौर का रुख: "मानवीय दृष्टिकोण अपनाना जरूरी"
भिलाई-चरोदा नगर निगम के महापौर निर्मल कोसरे ने इस मामले में प्रभावित परिवारों का समर्थन किया है। उनके वक्तव्य के मुख्य बिंदु:
मानवीय संवेदना: उन्होंने रेलवे अधिकारियों से चर्चा कर मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया है।
प्राथमिकता: महापौर ने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन गरीब परिवारों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
निगम का साथ: निगम प्रशासन प्रभावितों के साथ खड़ा है और उनकी बात शासन व रेलवे तक पहुंचाकर उचित समाधान निकालने का प्रयास करेगा।
अब क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि रेलवे की विकास योजना और गरीब परिवारों के आशियाने के बीच प्रशासन क्या बीच का रास्ता निकालता है।
भिलाई: मानसून की तैयारियों और वार्ड क्रमांक 01 में होने वाले उपचुनाव के मद्देनजर, निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने आज जोन-1 का व्यापक दौरा किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विकास कार्यों की समीक्षा और शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करना था।
? मुख्य निरीक्षण बिंदु और निर्देश
1. भेलवा तालाब: सौंदर्यीकरण और संधारण
नेहरू नगर स्थित भेलवा तालाब के निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने निम्नलिखित निर्देश दिए:
स्वच्छता: तालाब के चारों ओर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
सुविधाएं: खेल उपकरणों की मरम्मत और परिसर के आवश्यक संधारण (Maintenance) कार्य तत्काल किए जाएं।
नागरिक सेवा: नागरिकों के लिए सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता पर हो।
2. मानसून पूर्व तैयारी: नाला सफाई और रिटर्निंग वॉल
वर्षा ऋतु में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए आयुक्त ने सख्ती दिखाई:
संजय नगर नाला: नाले की गाद (Silt) निकालने का कार्य युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए ताकि जल प्रवाह सुगम रहे।
गुणवत्ता: रिटर्निंग वॉल के निर्माण में सामग्री और कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता न करने की हिदायत दी।
डेडलाइन: सभी निर्माण कार्य वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले अनिवार्य रूप से पूर्ण किए जाएं।
3. आदर्श आचार संहिता और संपत्ति विरूपण
वार्ड क्रमांक 01 में आगामी उपचुनाव के कारण आदर्श आचार संहिता प्रभावी है, जिसे लेकर आयुक्त ने कड़े कदम उठाए:
पोस्टर-बैनर पर कार्रवाई: सार्वजनिक दीवारों और सरकारी संपत्तियों पर अवैध रूप से लगे पोस्टर, बैनर और वॉल पेंटिंग को तत्काल हटाने (संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत) के निर्देश दिए।
निर्माण पर रोक: वार्ड 1 की सीमा के भीतर कोई भी नया निर्माण कार्य प्रारंभ न करने के आदेश दिए गए।
समीक्षा: लोक निर्माण विभाग द्वारा पहले से चल रहे रोड और नाली निर्माण कार्यों का मौके पर अवलोकन किया गया।
? आयुक्त का वक्तव्य
"शहर की स्वच्छता और व्यवस्थित विकास हमारी प्राथमिकता है। मानसून से पहले सभी नालों की सफाई और रिटर्निंग वॉल का कार्य पूर्ण करना अनिवार्य है। साथ ही वार्ड 1 में आदर्श आचार संहिता का पालन करते हुए संपत्ति विरूपण पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।" — राजीव कुमार पांडेय, आयुक्त
? निरीक्षण दल में शामिल अधिकारी
इस दौरान आयुक्त के साथ मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकारी उपस्थित रहे:
ऐशा लहरे (जोन आयुक्त)
जावेद अली (स्वास्थ्य अधिकारी)
अंकित सक्सेना (सहायक जोन स्वास्थ्य अधिकारी)
संबंधित क्षेत्रों के स्वच्छता निरीक्षक एवं अन्य कर्मचारी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
