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पद्मश्री राधेश्याम बारले को सेंट मदर टेरेसा यूनिवर्सिटी द्वारा दिया गया डॉक्टर की मानद उपाधि
दुर्ग / शौर्यपथ /
सेंट मदर टेरेसा युनिवरसिटी, कासा एवं दादा साहेब फाल्के, आइकॉन एवार्ड आर्ग नाइजेशन 2022 कल्याण जी जाना युथ फाउंडेशन के सयुक्त तत्वाधान में हॉलिडे इन हॉटल मयूर विहार नई दिल्ली के फाइफ स्टार हॉटल में आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि फग्गन सिंह कुलस्ते केन्द्रीय राज्यमंत्री इस्पात एवं ग्रामीण विकास भारत सरकार, बालीवुड अभिनेता रजामुराद, महाभारत सीरियल के गुरु द्रोणाचार्य समीर शुक्ला, मदर टेरेसा यूनिवर्सिटी के फाउंडर प्रेसीडेंट एवं वाइस चानस्लर डॉ आर विजया सरस्वती के करकमलों से छत्तीसगढ़ के ख्याति नाम पंथी के पुरोधा पद्मश्री राधेश्याम बारले को डॉ की मानद उपाधि प्रदान किया गया।
ज्ञातव्य हो कि देशभर के 21 महान हस्तियों को सभी छेत्रो में विशेष योगदान देने वाले महान हस्तियों को डॉ की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया जिसमें समारोह में इकलौते पद्मश्री सम्मान से सम्मानित कलाकार थे डॉ बारले ने जिन्हें लोककला पंथी नृत्य व अन्य लोक विधा के संरक्षण संवर्धन हेतु लोककला आयोजन के माध्यम से लंबे समय से सेवा देते आ रहे है । उक्त समारोह दो सत्र में हुआ प्रथम सत्र के मुख्य अतिथि थे भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला, डेयरी,पशुपालन, मतस्य पालन, विभाग,भारत सरकार की उपस्थिति में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ उक्त समारोह में बॉलीवुड के कई नामी कलाकार सभागार में उपस्थित थे । बतादे पद्मश्री डॉ राधेश्याम बारले को इसके पहले छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2012 में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा गुरु घासीदास सामाजिक दलित चेतना सम्मान,वर्ष 2016 मे तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा डॉ भवँर सिंह पोर्ते आदिवासी सेवा सम्मान,वर्ष 2008 में देवदास बंजारे सम्मान जैसे तीन तीन राज्य अलंकरण प्राप्त करने वाले सतनामी समाज सहित छत्तीसगढ़ के एकमात्र कलाकार है और वर्ष 2021में राष्ट्रपति महामहिम रामनाथ कोविंद द्वारा भारत सरकार के चौथा श्रेष्ठ नागरिक सम्मान पद्मश्री सम्मान से नवाजे जा चुके है। इनके पूर्व बारले जी को धरती पुत्र सम्मान,छत्तीसगढ़ सतनामी रत्न सम्मान, छत्तीसगढ़ कलारत्न सम्मान, कला साधक सम्मान, लाइफ टाइम अचीव मेन्ट एवार्ड, सतनामी गौरव सम्मान, जिला युवा पुरस्कार, पंथी रत्न सम्मान, जैसे सैकड़ो सम्मान से सम्मानित हो चुके है विगत 17वर्षों से अपने नेतृत्व में प्रदेश के 18 जिलों में लोककला महोत्सव आयोजन के माध्यम से छत्तीसगढ़ के लुप्त होती विधाओ के संरक्षण, संवर्धन हेतु कार्य कर गाँव के सुदूर अंचलो के कलाकारों मंच देने का प्रयास भी करते आरहे है। मानद उपाधि प्रदान किये जाने वाले इस कार्यक्र में सुश्री अमृता बारले, छत्तीसगढ़ी फि़ल्म अभिनेता डॉ अजय मोहन सहाय सहित बॉलीवुड के कई सितारे,मंत्री विधायक व राज्य सभा सदस्य एवं देशभर जे आये कई कलाकार, साहित्यकार, समाज सेवी मौजूद थे।
रायपुर / शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर चालू अकादमिक कैलेण्डर वर्ष 2021-22 के लिए अब विश्वविद्यालयों की शेष सभी परीक्षाएं ऑनलाईन/ब्लैण्डेड मोड में आयोजित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालयों के सुझाव और छात्र-छात्राओं के मांग पर उच्च शिक्षा विभाग द्वारा इस आशय के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
जारी आदेश में कहा गया है कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कोविड-19 महामारी के कारण मार्च 2020 से लागू लॉकडाउन से उत्पन्न विशिष्ट परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा उच्च शिक्षण संस्थानों के अकादमिक कैलेंडर, अध्यापन पद्धति एवं परीक्षा आयोजन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया गया है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पत्र 11 फरवरी 2022 के द्वारा सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को क्षेत्रीय परिस्थिति के आधार पर शिक्षण संस्थान खोलने, क्लास रूम का संचालन करने एवं परीक्षाओं का ऑफलाईन, ऑनलाईन अथवा ब्लैण्डेंड मोड में आयोजन करने संबंधी निर्णय लेने अधिकृत किया गया है।
आदेश में कहा गया है कि कोविड-19 संक्रमण की द्वितीय एवं तृतीय लहर के कारण राज्य में शिक्षा सत्र 2021-22 का अध्यापन कार्य विलम्ब से प्रारंभ हुआ था, जिसके परिणाम स्वरूप पाठ्यक्रम विलम्ब से पूर्ण होकर परीक्षाएं भी विलम्ब से ही आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन सामान्यत: 50 से 60 दिन में पूर्ण होता है। इतनी लम्बी अवधि तक कोविड प्रोटोकॉल अनुरूप व्यवस्था करना परीक्षा केन्द्रों के लिए बड़ी चुनौती है। इस दिशा में छोटी सी चूक के गंभीर परिणाम भी हो सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए परीक्षाओं के आयोजन के संबंध में विभिन्न विश्वविद्यालयों से प्राप्त सुझावों में ऑनलाईन/ब्लैण्डेड मोड के संबंध में की गई अनुशंसा के आधार पर वर्ष 2021-22 की शेष परीक्षा ऑनलाईन, ब्लैण्डेंड मोड में आयोजित करने का निर्देश दिया गया है।
भिलाई / शौर्यपथ /
विधायक निधि से सेक्टर 6 बी-3 उद्यान के मध्य एस्ट्रोटर्फ युक्त बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण किया जाएगा। करीब 10 लाख रुपए की लागत से सर्व सुविधा युक्त बैडमिंटन कोर्ट बनाया जाएगा। जहां क्षेत्र के युवाओं और बच्चे बैडमिंटर खेल सकेंगे। सड़क नम्बर 67.68 बी 3 मैदान सेक्टर 6 वार्ड 63 भिलाई में बननेे वाले इस बैडमिंटन कोर्ट के निर्माण कार्य शुरू करने से पहले रविवार को सुबह 11 बजे भूमिपूजन का आयोजन किया गया।
विधायक देवेन्द्र यादव एवं महापौर नीरज पाल के निर्देश पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एमआईसी पीडब्ल्यूडी प्रभारी व विधायक प्रतिनिधि एकांश बंछोर और भवन विभाग के एमआईसी सदस्य साकेत चंद्राकर रहे है। जिन्होंने साथ में मिलकर भूमिपूजन किया। विधि विधान के साथ मंत्रोंचार करके भूमिपूजन किया गया।
इसके बाद एकांश बंछोर ने बताया कि भिलाईनगर विधायक की पहल से सेक्टर 6 में जल्द ही सर्व सुविधा युक्त बैडमिंटर कोर्ट का निर्माण किया जाएगा। जिसके लिए आज विधि विधान से भूमिपूजन किया गया है। इसी के साथ ही आने वाले दिनों में जल्द ही निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा। इस अवसर पर साकेत चंद्राकर वार्ड पार्षद 63ने कहा कि भिलाईनगर विधायक की पहल से ना सिर्फ सेक्टर 6 बल्की पूरे शहर में लगातार विकास कार्य हो रहे है। इस अवसर पर राकेश ठाकुरएराजू रजकए सुमित पावरएकुलदीप राठीएयुवराजएहेमन्तएराकेश पाठकए हलदर राठौड़ए देवानंदए रंजीतएसुनील पटेलएआरण्डीण् कालेएश्रीनिवास रावएजनार्दन निवास अन्य लोग कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
रिसाली / शौर्यपथ /
नगर पालिक निगम रिसाली का पहला आम बजट मंगलवार को मैत्रीकुंज के मंगलभवन में महापौर शशि सिन्हा 29 मार्च को पेश करेगी। इसके लिए रिसाली निगम ने पूरी तैयारी कर ली है। सदन की कार्यवाही सभापति केशव बंछोर की अनुमति से सुबह 11 बजे शुरू होगी। निगम के पहली सामान्य सभा में केवल बजट संबंधी एजेंडा ही रखा गया है। बजट पेश के बाद इसपर चर्चा की जायेगी।
खास बात यह है कि रिसाली नगर पालिक निगम का पहला आम बजट होगा। जगह अभाव के कारण महापौर परिषद के सद्स्यों ने मैत्रीकुंज स्थित निगम के मंगलभवन में सामान्य सभा कराने का निर्णय लिया। व्यवस्थाओं का जायजा लेने निगम आयुक्त आशीष देवांगन सोमवार सुबह 10 बजे मंगलभवन पहुंचे थे। उन्होंने व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए है।
रायपुर/ शौर्यपथ /
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भारत की जनता को मोदी सरकार ने धोखा दिया है और ठगा है। लोगों के वोट हासिल करने के पहले पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर, पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) और सीएनजी की कीमत पांच राज्यों के चुनाव तक नहीं बढ़ी लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद पिछला एक सप्ताह हर घर के बजट के लिए एक बुरा सपना रहा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हर दिन वृद्धि और गैस सिलेंडर, पीएनजी और सीएनजी की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी से आम आदमी परेशान है। चुनाव में वोट हासिल करने के लिये भाजपा ने महंगाई पर नियंत्रण रखा, चुनाव जीतने के बाद मोदी और भाजपा को जनता की परवाह नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि केंद्र के जनविरोधी रवैये के खिलाफ कांग्रेस द्वारा पेट्रोल, डीजल, गैस, घरेलू सामान जैसी आवश्यक वस्तुओं की लगातार बढ़ती महंगाई के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ ''महंगाई मुक्त भारत अभियानÓÓ 31 मार्च से तीन चरणों में चलायी जायेगी। 31 मार्च को 11 बजे कांग्रेस के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता गैस सिलेंडर और चूल्हे घर के बाहर रखकर घंटी और ड्रम बजाकर कुंभकर्णी निद्रा में सोई गूंगी बहरी केंद्र सरकार को जगाने के लिये प्रदर्शन करेंगे। महंगाई मुक्त भारत अभियान का दूसरा चरण 2 अप्रैल से 4 अप्रैल के बीच होगा। इसके तहत
सोशल मीडिया अभियान- 31 मार्च को प्रात: 11 बजे प्रदेश के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता गण स्थानीय स्तर पर अपने घर, सार्वजनिक स्थलों पर गैस सिलेंडर, डीजल, पेट्रोल के कीमतों में भारी वृद्धि के खिलाफ बहरी भाजपा, मोदी सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुये उक्त कार्यवाही का वीडियो, फोटोग्राफ बनाकर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पोस्ट करेंगे।
जिला मुख्यालय धरना- 2 से 4 अप्रैल के बीच प्रदेश के समस्त जिला मुख्यालयों में महंगाई मुक्त भारत अभियान के तहत एक दिवसीय धरना का आयोजन किया जायेगा, जिसमें स्थानीय पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं सहित आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित किया जायेगा। मोर्चा संगठन, प्रकोष्ठ विभाग-7 अप्रैल को राजधानी रायपुर में प्रदेश के कांग्रेस मोर्चा संगठन, प्रकोष्ठ विभाग, श्रमिक संगठन, यूनियन एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ महंगाई मुक्त भारत धरना, प्रदर्शन का आयोजन किया जायेगा।
दुर्ग / शौर्यपथ /
नगर पालिक निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम शहर विधायक अरुण वोरा ने छग शासन राज्य मंत्री आर.एन. वर्मा, महापौर धीरज बाकलीवाल,सभापति राजेश यादव,प्रभारी मनदीप सिंह भाटिया एवं सदस्यो के साथ दुर्ग निगम क्षेत्र का पहला अखिल भारतीय महापौर हॉकी ट्रॉफी का सोमवार देर शाम को शुभारंभ किया। महापौर ट्राफी का पहला मैच छग बिलासपुर एवं कुरुड़ के बीच हुआ,जिसमे बिलासपुर 3-1 से विजयी,दूसरा मैच झारखंड एवं रायपुर के बीच हुआ में झारखंड विजयी रहे, जगदलपुर डीएचए दुर्ग के बीच मध्य खेला जा रहा है अतिथियों ने दोनों टीम के खिलाडिय़ों से मुलाकात कर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। विधायक अरुण वोरा व महापौर धीरज बाकलीवाल ने कहा कि इस ट्रॉफी से शहर में हमारे देश के राष्ट्रीय खेल को अलग पहचान मिलेगी। युवाओं को हॉकी से जुडऩे की प्रेरणा मिलेगा। 28 से 31 मार्च तक महिला समृद्धि बाजार के सामने सिविल लाइन मैदान में यह स्पर्धा आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर राज्य मंत्री छग शासन आर एन वर्मा, सभापति राजेश यादव, शिक्षा,खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग मनदीप सिंह भाटिया, अब्दुल गनी, संजय कोहले,दीपक साहू,सत्यवती वर्मा, हमीद खोखर,पार्षद नजहत परवीन,महापौर धीरज बाकलीवाल एवं विधायक अरुण वोरा ने कहा कि खेल ऐसा कार्य है जो मेहनत, लगन, परिश्रम व बुद्धिमानी के साथ मैदान में उपस्थित रहकर करना पड़ता है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के बच्चें खेल में भाग ले रहे है। यह मंच जो उन्हें मिला है, उसका पूरा लाभ उठाएं और अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन करें।राजकुमार नारायणी, महेश्वरी ठाकुर, प्रेमलता साहू,बिजेंद्र भारद्वाज,मनी गीते,भास्कर कुण्डले,प्रकाश जोशी,एल्डरमेन रत्ना नारमदेव,जगमोहन ढीमर, प्रकाश गीते,बाजार अधिकारी थानसिंग यादव,निगम अधिकारी व कर्मचारीगण सहित जिला हॉकी संघ अध्यक्ष अंसार अहमद,सूर्यमणि मिश्रा,गुलाब रहमानी,विनोद वाघ, मिर्जा शफी अन्य प्रमुख रूप से मौजूद थे। स्पर्धा में 14 टीमें भाग ले रही हैं। स्पर्धा 28 से 31 मार्च के मध्य आयोजित है।
रायपुर / शौर्यपथ /
केंद्र सरकार द्वारा जून 2022 के बाद से राज्यों को जीएसटी क्षति पूर्ति की राशि न देने के निर्णय पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 17 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र के माध्यम से केंद्र के इस निर्णय से राज्यों को होने वाली हानियों पर चर्चा की है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने उड़ीसा, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, गुजरात, झारखंड, राजस्थान, पंजाब, बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, आंध्रप्रदेश, हैदराबाद, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और दिल्ली जैसे राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजा है। इस पत्र में श्री बघेल ने 17 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से केंद्र सरकार से क्षतिपूर्ति दस वर्ष तक जारी रखने का साझा आग्रह करने का अनुरोध किया है, ताकि राज्यों के राजस्व को भारी हानि होने से बचाया जा सके और जीएसटी क्षतिपूर्ति जारी रखने अन्यथा वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जा सके।
मुख्यमंत्री बघेल ने इसमें राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा करते हुए तीन बिंदुओं में अपनी बात रखी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता में 29 दिसंबर, 2021 को नई दिल्ली में राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वित्त मंत्रियों के साथ बजट-पूर्व बैठक में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों ने जून 2022 में समाप्त होने वाले जीएसटी मुआवजे पर चिंता व्यक्त की थी और केंद्र सरकार से इसे और 5 साल के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया, जबकि इस मामले में सभी राज्य केंद्र सरकार से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद रखते हैं।
दूसरे बिंदु में उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश जैसे मैन्युफैक्चरिंग राज्यों के लिए जीएसटी क्षतिपूर्ति नहीं मिलना एक बड़ा वित्तीय नुकसान होगा। वि-निर्माण राज्य होने के नाते, देश की अर्थव्यवस्था के विकास में हमारा योगदान उन राज्यों की तुलना में बहुत अधिक है, जिन्हें वस्तुओं और सेवाओं की अधिक खपत के कारण जीएसटी शासन से लाभ हुआ है। यदि जीएसटी क्षतिपूर्ति जून 2022 से आगे जारी नहीं रखा गया, तो छत्तीसगढ़ भारी राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। आगामी वित्तीय वर्ष में लगभग 5,000 करोड़ का नुकसान हो सकता है। ठीक इसी तरह दूसरे राज्यों को भो आगामी वित्तीय वर्ष में राजस्व प्राप्तियां कम होगी।और राज्यों को इस समस्या से जनहित के कार्यों और विकास कार्यों के लिए पैसों की व्यवस्था करना बहुत कठिन हो जाएगा।
तीसरे बिंदु में बघेल ने बताया है कि जीएसटी व्यवस्था की शुरुआत के बाद टैक्स नीति पर राज्यों की स्वतंत्रता बहुत कम हो गई है। वाणिज्यिक टैक्स के अलावा, राज्यों के पास टैक्स राजस्व की अन्य मदों में राजस्व बढ़ाने के लिए विकल्प नहीं बचे हैं। इसलिए, अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 के दुष्प्रभाव से उबरने के लिए और राज्यों को जीएसटी का यथोचित लाभ मिलने तक, राज्यों को केंद्र सरकार से अनुरोध करना चाहिए कि वह कम से कम अगले 5 के लिए जीएसटी की कमी के लिए क्षतिपूर्ति के मौजूदा तंत्र को जारी रखे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विश्वास जताया कि राज्य उनकी बात से सहमत होंगे और एक साथ इस मुद्दे पर केंद्र से सहमति का साझा अनुरोध करेंगे।
रायपुर /शौर्यपथ/
राज्यपाल अनुसुईया उइके आज रायपुर जिले के तिल्दा स्थित एमिटी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित बी. डी. एस. पी. क्षमता निर्माण कार्यक्रम में शामिल हुई। इस दौरान राज्यपाल सुश्री उइके ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की।
उल्लेखनीय है कि एमिटी विश्वविद्यालय को व्यवसाय विकास सहायता प्रदाता नियुक्त किया गया है, जिसके तहत परिसर में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई स्व सहायता समूह की 230 महिलाएं कौशल विकास का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है।
राज्यपाल उइके ने अपने संबोधन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बहनों से कहा कि आप सभी सशक्त बनें और दूसरों के लिए मिसाल कायम करें। पिछले कुछ वर्षों में तकनीक व नवाचार के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है तथा उद्यमी के रूप में भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। एक समय था जब माना जाता था कि महिलाएं केवल सिलाई एवं बुनाई ही कर सकती है। लेकिन अब महिलाएं सभी क्षेत्रों में नेतृत्व कर रही हैं। आप सभी ने जो प्रशिक्षण प्राप्त किया है, उसको स्वयं तक सीमित न रखें बल्कि अन्य महिलाओं को भी जानकारी देकर प्रोत्साहित करें। उन्हें शासकीय योजनाओं के बारे में बताएं ताकि वे उसका लाभ लेकर आगे बढ़ पाएं। राज्यपाल उइके ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम से जनजाति बाहुल्य और असीम संभावनाओं वाले इस प्रदेश की महिलाओं का कौशल उन्नयन होगा और वे आर्थिक रूप से सक्षम होंगी। प्रदेश में कई उत्पाद जैसे बेल धातु, वनौषधियां, बांस व लकड़ी से बने वस्तुओं की वैश्विक बाजार में काफी मांग है और जनजातीय समाज इससे सीधे जुड़ाव के कारण उन्हें आजीविका के साथ अच्छी आमदनी भी प्राप्त हो रही है। प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की एक अच्छी पहल है, जिसके तत्वावधान में महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। प्रशिक्षण से बस्तर, सरगुजा, राजनांदगांव तथा रायपुर के 230 महिलाएं अपने कौशल एवं व्यावसायिक क्षेत्र में पारंगत होंगी तथा प्रदेश व अपने परिवार के विकास में बराबर की भागीदार बनेंगी। संपदा संपन्न इस प्रदेश में महिलाओं को सतत् रूप से ऐसे अवसर प्रदाय करने की आवश्यकता है जिससे वे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सकें। राज्यपाल सुश्री उइके ने इस दौरान विभिन्न पदों पर रहते हुए अपने तथा देश-प्रदेश की अनेक संघर्षशील महिलाओं का उदाहरण देकर प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने संबोधन के अंत में महिलाओं से कहा कि आपको नेतृत्व करना है तभी आप समाज और देश को कुछ दे पाएंगे।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. विलियम्स सेल्वामूर्ति ने भी महिलाओं के प्रशिक्षण और विश्वविद्यालयीन गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं का उत्साह ही परिवर्तन का सूचक है। आपको जो प्रशिक्षण मिला है, वह आपके सपनों को जरूर पूरा करेगा। इस दौरान राज्यपाल उइके को विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय, बी.डी.एस.पी. कार्यक्रम संयोजक सत्येन्द्र पटनायक सहित प्राध्यापक, विद्यार्थीगण और स्वसहायता समूह की प्रशिक्षु महिलाएं उपस्थित थी।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज साहू समाज की आराध्य देवी शिरोमणि भक्त माता कर्मा जयंती के अवसर पर रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में भक्त माता कर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना कर राज्य की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उद्योग मंत्री कवासी लखमा, अन्य पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष दलेश्वर साहू, खुज्जी विधायक छन्नी साहू, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष संदीप साहू सहित साहू समाज के कई पदाधिकारियों ने भक्त माता कर्मा की पूजा-अर्चना में शामिल हुए।
साहू समाज के पदाधिकारियों ने भक्त माता कर्मा जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा शासकीय अवकाश घोषित किए जाने के लिए उनका आभार जताया और कहा कि इससे जयंती पर्व का मान बढ़ा है। भक्त माता की जयंती के कार्यक्रमों में लोगों की सहभागिता बढ़ी है। पूरा साहू समाज इसको लेकर हर्षित है। उन्होंने बताया कि राज्य में इस साल भक्त माता कर्मा जयंती धूमधाम से मनाई गई और शोभायात्रा-कलश यात्रा भी निकाली गई।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को साहू समाज के पदाधिकारियों ने भक्त माता कर्मा की प्रतिमा भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में साहू समाज सहित सभी समाजों द्वारा भक्त माता कर्मा जयंती का बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। लोगों की आस्था का सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने भक्त माता कर्मा जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राजिम में मेला स्थल का सुव्यवस्थित विकास का काम कराया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को सुविधा होगी।
साहू समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से साहू समाज की पूजनीय विभूतियों के संबंध में विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार सभी समाज और वर्गों की सहभागिता उनके तीज-त्यौहार, पर्व और धार्मिक आस्थाओं का मान और सम्मान के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने साहू समाज के पदाधिकारियों से छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी को समृद्ध बनाने तथा किसानों की स्थिति में बदलाव के लिए संचालित योजनाओं, विशेषकर राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना के संबंध में विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पशुधन के संरक्षण और संवर्धन के लिए गांवों में गौठानों का निर्माण किया जा रहा है। गौठान वास्तव में गांव की संपत्ति है। इसका बेहतर संचालन और यहां पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने की जिम्मेदारी गांव वालों की है। उन्होंने राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए गौठानों में उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट का ज्यादा से ज्यादा खेती में उपयोग करने की अपील की। तेलघानी बोर्ड की गतिविधियों के विस्तार के संबंध में भी साहू समाज के पदाधिकारियों से मुख्यमंत्री ने चर्चा की। इस अवसर पर कमलकिशोर साहू, डीडी साहू, हेमंत साहू, नीरा साहू, अंजोर साहू, अमरनाथ साहू, बुद्धेश्वर साहू, मोतीलाल साहू सहित साहू समाज के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर चालू अकादमिक कैलेण्डर वर्ष 2021-22 के लिए अब विश्वविद्यालयों की शेष सभी परीक्षाएं ऑनलाईन/ब्लैण्डेड मोड में आयोजित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालयों के सुझाव और छात्र-छात्राओं के मांग पर उच्च शिक्षा विभाग द्वारा इस आशय के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
जारी आदेश में कहा गया है कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कोविड-19 महामारी के कारण मार्च 2020 से लागू लॉकडाउन से उत्पन्न विशिष्ट परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा उच्च शिक्षण संस्थानों के अकादमिक कैलेंडर, अध्यापन पद्धति एवं परीक्षा आयोजन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया गया है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पत्र 11 फरवरी 2022 के द्वारा सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को क्षेत्रीय परिस्थिति के आधार पर शिक्षण संस्थान खोलने, क्लास रूम का संचालन करने एवं परीक्षाओं का ऑफलाईन, ऑनलाईन अथवा ब्लैण्डेंड मोड में आयोजन करने संबंधी निर्णय लेने अधिकृत किया गया है।
आदेश में कहा गया है कि कोविड-19 संक्रमण की द्वितीय एवं तृतीय लहर के कारण राज्य में शिक्षा सत्र 2021-22 का अध्यापन कार्य विलम्ब से प्रारंभ हुआ था, जिसके परिणाम स्वरूप पाठ्यक्रम विलम्ब से पूर्ण होकर परीक्षाएं भी विलम्ब से ही आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन सामान्यतः 50 से 60 दिन में पूर्ण होता है। इतनी लम्बी अवधि तक कोविड प्रोटोकॉल अनुरूप व्यवस्था करना परीक्षा केन्द्रों के लिए बड़ी चुनौती है। इस दिशा में छोटी सी चूक के गंभीर परिणाम भी हो सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए परीक्षाओं के आयोजन के संबंध में विभिन्न विश्वविद्यालयों से प्राप्त सुझावों में ऑनलाईन/ब्लैण्डेड मोड के संबंध में की गई अनुशंसा के आधार पर वर्ष 2021-22 की शेष परीक्षा ऑनलाईन, ब्लैण्डेंड मोड में आयोजित करने का निर्देश दिया गया है।
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