August 10, 2026
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    PANKAJ CHANDRAKAR

    PANKAJ CHANDRAKAR

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज भक्त माता कर्मा जयंती की पूर्व संध्या पर राजधानी रायपुर के कृष्णा नगर स्थित कर्मा धाम में आयोजित जयंती समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि संगठन एवं समर्पण में ही शक्ति है। उन्होंने भक्त माता कर्मा के रास्ते पर चलकर सामाजिक संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, समाज को जोड़ने और सामाजिक विषमता को दूर करने के लिए कार्य करने का आव्हान कार्यक्रम में किया। मुख्यमंत्री ने इसके पहले कर्मा धाम में भक्त माता कर्मा मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने माता कर्मा धाम में बनने वाले ऑडिटोरियम का भूमि पूजन और शिलान्यास किया और परिसर में रुद्राक्ष का पौधा भी रोपा।

    गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, लोकसभा सांसद सुनील सोनी, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष थानेश्वर साहू, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष संदीप साहू, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के अध्यक्ष विपिन साहू, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की उपाध्यक्ष चित्ररेखा साहू, जिला साहू समाज के अध्यक्ष मेघराज साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, साहू समाज के पदाधिकारी और सदस्य इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कर्मा धाम में भक्त माता कर्मा की 1005 वीं जयंती के अवसर पर 21 से 28 मार्च तक जयंती समारोह का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम के दौरान साहू समाज और ग्रीन आर्मी द्वारा गोबर के गमले में रूद्राक्ष का पौधा भेंटकर मुख्यमंत्री का सम्मान किया गया।

    मुख्यमंत्री बघेल ने समारोह को सम्बोधित करते हुए सभी लोगों को भक्त माता कर्मा जयंती की बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने माता कर्मा के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि हमारे मन में अटूट विश्वास, श्रद्धा और समर्पण है, तो कोई भी ऐसा लक्ष्य नहीं है, जिसे हासिल ना किया जा सके। माता कर्मा ने यह साबित किया कि भक्त की श्रद्धा में यह शक्ति है कि भगवान को भी प्रकट होने पर विवश कर दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मा जयंती पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है, लेकिन इसके बाद कोरोना संकट के कारण भक्त माता कर्मा जयंती के समारोहों का आयोजन विगत दो वर्ष नहीं किया जा सका। अब स्थिति सामान्य होने पर फिर से सार्वजनिक और धार्मिक आयोजन शुरू हो गए हैं।


    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ भक्त माता कर्मा जयंती का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि हालांकि इस समारोह का आयोजन साहू समाज द्वारा किया जाता है, लेकिन गांव के सभी समाज के लोग इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। छत्तीसगढ़ में जयंती समारोह के दौरान गांवों में कलश यात्रा और शोभा यात्रा निकालने की भी परंपरा है। इसके माध्यम से भक्त माता कर्मा, भगवान श्रीकृष्ण और बलभद्र का स्मरण करते हैं। भगवान जगन्नाथ के भोग के रूप में खिचड़ी का प्रसाद भी वितरित किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठन और समर्पण में शक्ति होती है, हमें भक्त माता कर्मा के रास्ते पर चलते हुए समाज को जोड़ने और समाज में कटुता को दूर कर सामाजिक समरसता और भाई चारे के लिए काम करना है। उन्होंने समाज द्वारा कर्मा धाम के लिए आरक्षित जमीन का पट्टा उपलब्ध कराने की मांग पर कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विभिन्न समाजों को सामाजिक एवं शैक्षणिक कार्याें के लिए भवन निर्माण के लिए जमीन बाजार मूल्य के मात्र 10 प्रतिशत मूल्य पर दी जा रही है। साहू समाज भी इस दिशा में जल्द पहल करें।

    गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने इस अवसर पर भक्त माता कर्मा जयंती की शुभकामनाएं देते हुए सभी के लिए मंगल कामना की। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठन, समरसता और भाई चारे का वातावरण बनाकर रखे और संगठन को मजबूत बनाकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सामाजिक और शैक्षणिक प्रयोजनों के लिए विभिन्न समाजों को मात्र 10 प्रतिशत मूल्य पर जमीन उपलब्ध कराई जा रही है, इसमें 90 प्रतिशत छूट दी जा रही है। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को आयोजकों द्वारा प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।

     

     

     

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की उपस्थिति में आज यहां मुख्यमंत्री निवास में राजस्थान को केन्द्र द्वारा आबंटित कोयला खदान के संबंध में बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के वनमंत्री मोहम्मद अकबर, राजस्थान के ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू सहित छत्तीसगढ़ और राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

     

    रायपुर /शौर्यपथ/

    राज्यपाल अनुसुईया उइके ने सूरजपुर जिले के पंडो नगर में बने राष्ट्रपति भवन का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बड़े गर्व की बात है कि देश के प्रथम राष्ट्रपति ने गांव के इस छोटे से भवन में रात्रि विश्राम कर अति पिछड़े जनजातीय समुदाय से भेंट की और उन्हें अपना दत्तक पुत्र होने की घोषणा की थी। राज्यपाल ने पूरे परिसर का भ्रमण कर भवन के ऐतिहासिक महत्व के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को इसके बेहतर रख-रखाव के निर्देश भी दिए। इस दौरान उन्होंने गांव के पीएटी में चयनित पंडो जनजाति के 3 विद्यार्थियों सहित पंडो जनजाति के वरिष्ठ सदस्यों एवं पदाधिकारियों का सम्मान कर उनकी हौसला अफजाई की।

    तत्पश्चात् राज्यपाल उइके ने इसके परिसर में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए आम और कटहल का पौधा रोपित किया। उन्होंने ग्रामवासियों से पेड़-पौधे व वन संरक्षण का भी आग्रह किया।


    इस अवसर पर सरगुजा कमिश्नर जी.आर. चुरेंद्र, सूरजपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, एसपी राजेश अग्रवाल, विशेष पिछड़ी जनजाति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष उदय कुमार पण्डो, समाज के प्रदेश सचिव देवचंद पण्डो सहित समाज के जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

     

     रायपुर /शौर्यपथ/

    जनजातीय महिलाओं को सशक्त व मजबूत होने का किया आव्हान

    राज्यपाल अनुसुईया उइके अपने दो दिवसीय सरगुजा प्रवास के दौरान आज सूरजपुर जिले के पण्डोनगर पहुंची। पण्डोनगर पहुंचने पर विशेष पिछड़ी जनजाति पंडो समुदाय द्वारा परंपरागत ढंग से राज्यपाल सुश्री उइके का स्वागत किया गया। कार्यक्रम स्थल पहुंच राज्यपाल आदिवासी महिलाओं को कर्मा नृत्य करते देख खुद को रोक नहीं पाई और मांदर की थाप पर महिलाओं के साथ थिरकने लगी। इस दौरान राज्यपाल ने पण्डो जनजाति समुदाय को प्रदाय किए गए नवीन एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    राज्यपाल उइके ने सर्व विशेष पिछड़ी जनजाति समाज कल्याण समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पण्डो जैसे अत्यंत पिछड़ी जनजाति को देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने दत्तक पुत्र के रूप में स्वीकार किया और उनके विकास के लिए हर संभव प्रयास किए। उन्होंने कहा कि आदिवासी ईमानदार और भोले-भाले होते हैं, इसी कारण उन्हें शोषण का शिकार होना पड़ रहा है। हमें शिक्षित और जागरूक होने की जरूरत है, तभी हमारा विकास संभव है। राज्यपाल ने कहा कि शासन-प्रशासन विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए तमाम कोशिशें कर रही है, किंतु आपकी अज्ञानता शोषण का कारण बन रही है। झाड़-फूंक और अंधविश्वास से ऊपर उठकर बीमार होने पर नजदीकी चिकित्सालय में जाकर इलाज कराएं।

    राज्यपाल उइके ने कहा कि गर्भवती महिलाओं पर केन्द्रित कई शासकीय योजनाएं संचालित हैं। साथ ही पौष्टिक आहार वितरित किए जा रहे हैं, जिससे बच्चों का भी समुचित विकास होगा। समाज के प्रबुद्ध लोगों को सामने आकर समुदाय को जागरूक करने की जरूरत है ताकि उन्हें अपने अधिकारों का ज्ञान हों और वे शासकीय योजनाओं का लाभ ले पाएं। राज्यपाल ने आयुष्मान कार्ड योजना का इलाज में लाभ लेने और जिनका आयुष्मान कार्ड नहीं बना है उन्हें तत्काल अपना आयुष्मान कार्ड बनवाने को कहा।

    जनजातीय महिलाओं को सशक्त व मजबूत होने का किया आव्हान

    उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजातियों को शोषण से बचाने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने हेतु प्रयास करने की बात कही। साथ ही कहा कि जनजातीय कला एवं संस्कृति को संजोकर रखने के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा। सामाजिक उत्थान के लिए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सभी को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि हमें पांचवी अनुसूची द्वारा प्रदत्त अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए ताकि अनुसूचित क्षेत्र में ग्रामसभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया जा सके।
    राज्यपाल उइके ने जनजातीय महिलाओं को सशक्त व मजबूत होने का आव्हान किया। महिलाओं के लिए सरकार आजीविका मूलक योजनाएं संचालित कर रही हैं, इसलिए हमें काम करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें जनजातीय आहार का हिस्सा रहे कोदो, कुटकी, चिरौंजी एवं रागी जैसे फसलों के उत्पादन को बढ़ाना होगा, जिससे आर्थिक रूप से सक्षम होने के साथ-साथ हमें पौष्टिक आहार भी मिले।

    जनजातीय महिलाओं को सशक्त

    राज्यपाल ने समाज के लोगों को जाति प्रमाण पत्र बनाने में आ रही दिक्कतों पर चिंता जाहिर करते हुए जिला प्रशासन को इसका निराकरण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने वर्षों से काबिज अति पिछड़े ग्रामीणों को पट्टा देने की कार्रवाई तेज करने की बात कही तथा समाज के लोगों को प्रभावित करने वाले अतिक्रमण को तत्काल हटाने हेतु निर्देशित किया। समाज की मांग पर पोखरिया नाला में पुल निर्माण तथा पंडोनगर गांव में समाज के लिए सामुदायिक भवन निर्माण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
    राज्यपाल ने नवीन एंबुलेंस को दिखाई हरी झंडी

    राज्यपाल ने विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय की मांग पर स्वेच्छा अनुदान से नवीन एंबुलेंस प्रदान करते हुए उसे हरी झंडी दिखाई। इस एंबुलेंस में चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ के साथ निशुल्क दवाओं की भी सुविधा ग्रामीणों को मिल सकेगी। एंबुलेंस के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा।

    करमा नृत्य पर थिरकी राज्यपाल

    कार्यक्रम स्थल पर राज्यपाल के सम्मान में आदिवासी महिलाओं द्वारा परंपरागत करमा नृत्य की प्रस्तुती दी गई। आदिवासी महिलाओं को थिरकते देख राज्यपाल खुद को नहीं रोक पाई और महिलाओं के साथ मांदर की थाप पर जमकर थिरकी।

    तीर धनुष से किया सम्मानित

    कार्यक्रम के अंत में पंडो समाज के लोगों ने मंच पर राज्यपाल को आदिवासी समाज के संस्कृति का प्रतीक तीर धनुष भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में सरगुजा कमिश्नर  जी.आर. चुरेंद्र, सूरजपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, एसपी राजेश अग्रवाल, विशेष पिछड़ी जनजाति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष उदय कुमार पण्डो समेत प्रदेश भर के विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति एवं स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम 26 मार्च से 28 मार्च तक सूरजपुर, अम्बिकापुर और बलरामपुर जिले के प्रवास पर रहेंगे और वहां आयोजित विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

    मंत्री डॉ. टेकाम 25 मार्च को रायपुर से दोपहर 2 बजे प्रस्थान कर शाम 7.30 बजे अम्बिकापुर पहुंचेंगे। 26 मार्च को सर्किट हाऊस अम्बिकापुर से प्रातः 9 बजे सूरजपुर जिले के प्रतापपुर पहुंचेंगे और वहां सुबह 10 बजे आयोजित खेल मड़ई कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। डॉ. टेकाम कार्यक्रम पश्चात संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा, अम्बिकापुर के लिए प्रस्थान करेंगे और वहां सुबह 11.30 बजे आयोजित विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। कार्यक्रम पश्चात खड़गवा के लिए प्रस्थान करेंगे और वहां शाम 4 बजे गौठान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। मंत्री डॉ. टेकाम कार्यक्रम पश्चात ग्राम जरही के लिए प्रस्थान करेंगे और वहां शाम 5 बजे उर्दू अकादमी द्वारा आयोजित कव्वाली कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम पश्चात वे सर्किट हाऊस अम्बिकापुर के लिए प्रस्थान करेंगे।

    मंत्री डॉ. टेकाम 27 मार्च को सर्किट हाऊस अम्बिकापुर से प्रातः 9.30 बजे बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर के लिए प्रस्थान करेंगे और वहां सुबह 10.30 बजे महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। मंत्री डॉ. टेकाम शाम 6 बजे वाड्रफनगर में उर्दू अकादमी द्वारा आयोजित कव्वाली कार्यक्रम में शामिल होने के पश्चात वे प्रतापपुर रेस्ट हाऊस के लिए प्रस्थान करेंगे।
    मंत्री डॉ. टेकाम 28 मार्च को प्रातः 11.30 बजे प्रतापपुर कन्या माध्यमिक शाला में सायकल वितरण कार्यक्रम में और दोपहर 12 बजे प्रतापपुर में आयोजित खेल मड़ई के समारोह कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दोपहर 1 बजे सर्किट हाऊस अम्बिकापुर पहुंचेंगे और यहां से दोपहर 2 बजे रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।

     

    कवर्धा /शौर्यपथ/

    प्रदेश सरकार के वन, परिवहन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री तथा कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर की अनुशंसा पर कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने कवर्धा विधानसभा अंतर्गत विभिन्न निर्माण कार्यो के लिए विधायक मद अंतर्गत 32 लाख 99 हजार 800 रूपए की स्वीकृति दी है। स्वीकृत कार्यो में कवर्धा नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत केसरवानी सामुदायिक भवन के पास अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य के लिए 5 लाख रूपए, कंडरा समाज के पास सामुदायिक भवन निर्माण कार्य के लिए 9 लाख 99 हजार 800 रूपए, नगर पंचायत पिपरिया में सतनामी समाज के पास सामुदायिक भवन निर्माण कार्य के लिए 6 लाख 50 हजार रूपए, ग्राम पंचायत महराजपुर में सतनामी समाज के पास सामुदायिक भवन निर्माण कार्य के लिए 6 लाख 50 हजार रूपए, ग्राम पंचायत बोदा 3 में कंकालिन मंदिर के पास सामुदायिक भवन निर्माण कार्य के लिए 5 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। कार्य एजेंसी मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका कवर्धा, पिपरिया और संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचयात बोड़ला को बनाया गया है।

    धमतरी /शौर्यपथ/

    ज़िले की दो महिलाओं को आज नई दिल्ली में सम्मानित किया गया, जिन्होंने मनरेगा श्रमिक परिवार के सदस्य होने के नाते प्रोजेक्ट ’उन्नति’ के जरिए कौशल विकास का प्रशिक्षण लेकर अपने हुनर को आगे बढ़ाया। धमतरी के भानपुरी की नीतू बाई साहू को मशरूम उत्पादन के लिए तथा सारंगपुरी की फूलवंतिन कंवर को मोमबत्ती बनाने में सिद्धहस्त प्राप्त कर स्वरोजगार स्थापित करने के लिए उक्त सम्मान केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह के द्वारा दिया गया। उक्त सम्मान बड़ौदा आरसेटी की निदेशक अनिता टुडू ने प्रतीकात्मक तौर पर प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि आजादी के 75 साल पूरा होने के अवसर पर केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से ’आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत नई दिल्ली के जनपथ स्थित डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर में देश भर से प्रोजेक्ट ’उन्नति’ के तहत आज सम्मानित किया गया।

    दुर्ग /शौर्यपथ/

    प्रदेश में बालिकाओं के विवाह हेतु मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना संचालित है। जिसके तहत विवाह की संपूर्ण सामग्री, वस्त्र ,अलमीरा, पेटी, बर्तन, मंगलसूत्र एवं एक हजार रुपया चेक के माध्यम से दिया जाता है। जिससे कि विवाह में होने वाले अनावश्यक खर्च पर रोक लगती है। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग दुर्ग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह का आयोजन बुधवार 23 मार्च को वैशाली नगर सांस्कृतिक भवन में किया गया। इस कार्यक्रम में 38 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने नव दंपतियों की सुखमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर महापौर नीरज पाल, गिरवर प्रसाद, नीता लोधी, तुलसी साहू, बाल विकास परियोजना अधिकारी पूजा अग्रवाल, पर्यवेक्षक शिल्पा श्रीवास्तव और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

    बिलासपुर /शौर्यपथ/

    राज्यपाल अनसुईया उईके आज यहां हाईकोर्ट के सामने स्थित एक निजी हॉटल में आयोजित नारी सम्मान कार्यक्रम में शामिल हुई। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रदेश की दर्जन भर महिलाओं को सम्मानित कर उनका हौंसला बढ़ाया। इस अवसर पर अटल बिहारी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. वाजपेयी, संभागायुक्त डॉ. संजय अलंग, पुलिस महानिरीक्षक रतनलाल डांगी उपस्थित थे।

    मुख्य अतिथि की आसंदी से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने सभी महिलाओं को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि महिलाएं सभी क्षेत्रों में अच्छा कार्य कर रही है। महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराकर मिथकों को तोड़ा है। उईके ने कहा कि प्रदेश की बहनें बहुत सशक्त है। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने अनेक विदुषी महिलाओं सहित अपने व्यक्तिगत संघर्षों की मिसाल देते हुए कहा कि पल प्रति पल हमें अपने सपनों को साकार करने के लिए लड़ना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जीवन में मुसीबतों के क्षण में भी हमें अपना आत्मविश्वास चट्टानों की तरह मजबूत रखना चाहिए। मजबूत और बेहतर समाज में महिलाएं नींव का कार्य करती है। महिलाएं जितनी मजबूत होगी, परिवार और समाज भी उतना मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि इच्छा शक्ति प्रबल हो तो, आप को आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता। जीवन में हमेशा सकारात्मक रवैया अपनाना चाहिए। राज्यपाल ने जिन महिलाओं को सम्मानित किया उनमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पारूल माथुर, चौकसे इंजीनियरिंग कॉलेज की डॉयरेक्टर  पलक जायसवाल, पं. सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय की सचिव डॉ. इंदू अनंत, कैपेलो सैलून की डॉयरेक्टर शोभा पाठक, छ.ग. ग्राम एकता मंच की जिलाध्यक्ष कुमारी विजया रानी, जिला पंचायत मुंगेली की सदस्य शीलू साहू, प्रजापिता ब्रम्हकुमारी बिलासपुर संस्थान की प्रभारी स्वाति दीदी, चैतन कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. शैली ओझा, सामाजिक कार्यकर्ता  मोनिका इजारद, निदान संस्थान की डायरेक्टर डॉ. सुषमा सिंह, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. उज्जवला करारे एवं बचपन प्ले स्कूल की डायरेक्टर डॉ. किरण सिंह शामिल है।

    बेमेतरा /शौर्यपथ/

    कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र ढोलिया बेमेतरा में आज गुरुवार को मशरूम उत्पादन तकनीक पर एक दिवसीय संगोष्ठी एवं प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय कृषि उच्चतर शिक्षा परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया था। जिसमें कृषकों को स्वयं संचालित उद्यम करके आत्मनिर्भर बनाने के लिए मशरूम उत्पादन की विभिन्न तकनीकों के बारे में बताया गया। इस संगोष्ठी में पैरा मशरूम एवं बटन मशरूम के उत्पादन के लिए वैज्ञानिक तरिकों के बारे में बताया गया। इसके साथ-साथ प्रशिक्षण में पैरा मशरूम उत्पादन के लिए आवश्यक तकनीक, आयस्टर मशरूम के उत्पादन से संबंधित तकनीकों के बारे में चर्चा की गई। प्रशिक्षण में इंदिरा गांधी कृषि महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. सी.एस शुक्ला द्वारा पैरा मशरूम उत्पादन पर जानकारी दी गई। वैज्ञानिक श्री एच.के.सिंग ने बटन मशरूम के उत्पादन एवं उसका प्रसंस्करण करने की विधियों के बारे में किसानों को बताया तथा इसके प्रसंस्करण करके कैसे इसे अधिक दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है के बारे में प्रशिक्षनार्थियों को अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. टी.डी. साहू द्वारा किया गया। महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. के.पी. वर्मा द्वारा कृषकों को मशरूम के विभिन्न उत्पाद बनाकर उसके मूल्य वर्धन एवं गुणवत्ता को लंबे समय तक बनाए रखने के बारे में अवगत कराया साथ-साथ वे किसान जो पहले से मशरूम उत्पादन कर रहे हैं उनसे उनके अनुभव के बारे में जाना। मशरुम उत्पादन तकनीक प्रशिक्षण कार्यक्रम में 107 प्रशिक्षनार्थियों ने प्रशिक्षण लिया। एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि महाविद्यालय के विभिन्न सहायक प्राध्यापक डॉ. असित कुमार,  संजीव मलैया, डॉ. यू.के. धू्रव, डॉ. भारती बघेल, डॉ. प्रीती पैंकरा, डॉ. प्रफुल्ल कुमार, डॉ. सरिता शर्मा एवं अन्य कर्मचारीगणों की भी सहभागिता रही।

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