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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
एक माह में 77 प्रतिशत किसानों से हुई धान की खरीदी
77 हजार 454 किसानों से 478 करोड 50 लाख रूपए धान की खरीदी हुई
कलेक्टर ने कहाः- धान खरीदी नहीं होगी प्रभावित, किसान को अफवाहों से बचने की अपील
कवर्धा / शौर्यपथ / खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान करने पर कबीरधाम जिला पूरे प्रदेश में टॉप पर पहुंच गया है। कबीरधाम जिले में समर्थन मूल्य पर शुरू हुई धान खरीदी से लेकर अब तक एक माह में 77 हजार 454 पंजीकृत किसानो से कुल 25 लाख 90 हजार क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसकी राशि 478 करोड 50 लाख रूपए है। इस प्रकार 77 प्रतिशत पंजीकृत किसानों के द्वारा पंजीकृत धान के रकबे में से 65 प्रतिशत रकबा के विरुद्ध धान का विक्रय किया जा चुका है। कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने कहा कि जिले के सभी पंजीकृत किसानों से धान की खरीदी की जाएगी। उन्होने किसानों से धान खरीदी के संबंध में फलाई जा रही अफवाहों को ध्यान नहीं देने की अपील करते हुए कहा कि धान खरीदी केन्द्रों प्रतिदिन के धान क्षमता के आधार पर किसानों को टोकन जारी किया जा जा रहा है। धान खरीदी कार्य किसी भी प्रकार का प्रभावित नहीं होने दिए जाएंगे, इसके लिए सतत निगरानी रखी जा रही है। कलेक्टर ने कहा कि जिले में अब तक जिस प्रकार धान खरीदी केन्द्रों में किसानों से निरंतर जिला प्रशासन को सहयोग मिल रहा है, आज उसी का परिणाम है कि जिले में सुगम और शांति पूर्ण ढंग से धान खरीदी हो रही है।
कबीरधाम जिले में 94 धान खरीदी केन्द्र है। जिले में पंजीकृत किसानों की संख्या एक लाख सात सौ ग्यारह है। पंजीकृत धान का रकबा 108812 है। 2.5 एकड़ से कम भूमि धारित करने वाले पंजीकृत जिले में 64 हजार 90 किसानों है, जिसमें से 50 हजार 90 किसानों की धान का विक्रय कर चुके हैं इनके द्वारा अब तक कुल 9 लाख 52 हजार 390 क्विंटल धान का विक्रय किया जा चुका है जिसकी लागत 179 करोड़ है।
जिले में 2.5 एकड़ से 5 एकड़ तक की भूमि धारित करने वाले पंजीकृत 24 हजार 8 सौ 78 किसानों में से 18 हजार 918 किसानों के द्वारा 9 लाख 22 हजार 888 क्विंटल धान का विक्रय किया गया है जिसकी राशि 174 करोड रूपए है। इस प्रकार 78 प्रतिशत पंजीकृत सीमांत लघु किसानों के द्वारा धान का विक्रय किया गया है। धान खरीदी शुरू होने से लेकर अब तक पिछले एक महिने में कुल पंजीकृत एक लाख 711 किसानों में से 77 हजार 454 किसानों से कुल 25 लाख 90 हजार क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसकी राशि 478 करोड 50 लाख रूपए है। इस प्रकार 77 प्रतिशत पंजीकृत किसानों के द्वारा पंजीकृत धान के रकबे में से 65 प्रतिशत रकबा के विरुद्ध धान का विक्रय किया जा चुका है।
वर्ष 2020 से कोविड 19- कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण लाकडाउन एवं अन्य कारणों से बारदाना तैयार नहीं होने के कारण कबीरधाम जिले में आवश्यक नए बारदाना प्राप्त नहीं होने से धान की व्यवस्था प्रभावित ना हो करके राईस मिलर और पीडीएस दुकानों में गत वर्षो के उपलबध शत प्रतिशत बारदाना का उपयोग अभी तक की धान खरीदी में किया गया है। वर्तमान बारदानों की कमी की देखते हुए धान खरीदी की व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा द्वारा किसानों से उनके धान की खरीदी के लिए आवश्यक बारदानों के 50 प्रतिशत बरदाना शासकीय दर पर उपलब्ध कराने की अपील की गई थी, जिसके परिणाम भी अच्छे आए हैं और किसानों के द्वारा बारदाना उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला कलेक्टर शर्मा ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिले में जो भी पंजीकृत किसानों के द्वारा धान खरीदी के लिए टोकन दिया जाएगा उनका धान अवश्य रूप से खरीदा जाएगा। किसानों को किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं देने के लिए आग्रह किया गया है। वर्तमान में जिले में बारदाना की कमी को देखते हुए 15 जनवरी तक उन किसानों को टोकन जारी कर धान खरीदी की जाएगी जिनके द्वारा न्यूनतम 50 प्रतिशत धान खरीदी के लिए दी जाएगी।
कलेक्टर ने बताया कि कि जिले में 15 जनवरी तक जिले में बारदाना समुचित मात्रा में प्राप्त हो जाएगा। जो किसान बारदाना की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं उनका धान 15 जनवरी के बाद खरीदी की जाएगी। इस प्रकार जिला प्रशासन के द्वारा धान खरीदी की व्यवस्था बनाया गया है, जिला कलेक्टर के द्वारा सभी किसानों को धान खरीदी प्रारंभ होने से आज तक तक धान खरीदी व्यवस्था में जिला प्रशासन का साथ देने के लिए धन्यवाद देते हुए आगामी एक माह भी इसी प्रकार का साथ देने की अपील करते हुए सभी किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जो पंजीकृत किसान धान विक्रय करना चाहता है उसे व्यवस्था अनुसार टोकन जारी कर उनका धान निर्धारित समय अवधि में अवश्य खरीदा जाएगा।
जिले में अब तक 6 लाख 10 हजार क्विंटल धान का उठाव
जिले में अब तक किए गए धान में से 6 लाख 10 हजार क्विंटल धान का उठाव सोसाइटी से किया जा चुका है। मार्कफेड के द्वारा वर्तमान में अधिकतम कैपेसिटी में धान का उठाव संग्रहण केंद्र के लिए किया जा रहा है। जिले में राइस मिलर की संख्या कम होने तथा अन्य जिलों के राइस मिलर के द्वारा धान उठाव नहीं होने के कारण प्रतिदिन खरीदी की जा रही है धान के केवल 40 प्रतिशत धान का ही उठाव सोसाइटी से हो पा रहा है। जिला प्रशासन के द्वारा सोसाइटी से धान के उठाव नहीं होने के कारण खरीदी व्यवस्था प्रभावित ना हो करके खरीदी केन्द्रों में वैकल्पिक धान खरीदी स्थान का भी चयन किया गया है और प्रतिदिन सोसायटीवार जिसका सतत निगरानी की जा रही है। जिला प्रशासन का यह प्रयास है कि प्रतिदिन के लिए जिन किसानों को टोकन जारी किया गया है उनका धान खरीदी उसी दिन सूर्यास्त के पहले सूर्यास्त के पहले कर ली जाए। कलेक्टर ने कहा कि अभी तक किसान साथियों, किसान बंधु एवं उनके प्रतिनिधियों का व्यवस्था में पूर्ण सहयोग जिला प्रशासन को प्राप्त हुआ है साथ ही आगे भी सहयोग प्राप्त करने की अपील की अपेक्षा की गई।
बिलासपुर / शौर्यपथ / बिलासपुर में कई दिनों के बाद ऐसा हुआ कि प्रदेश के मुख्यमंत्री 2 दिन बिलासपुर में है । और 428 करोड़ की लागत के शिलान्यास तथा लोकार्पण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया । लोकार्पण उन योजनाओं का होगा जिनका शिलान्यास पिछले शासन में हुआ था और शिलान्यास उन योजनाओं का होगा जो इस शासन के हैं। मुख्यमंत्री बिलासपुर आए और राजनैतिक कयास न लगे ऐसा नहीं हो सकता पिछले एक माह में कई बार निगम मंडलों में नियुक्ति का कयास लगाया जा रहा है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मरकाम ने दिसंबर माह में 15 दिनों के भीतर नियुक्ति का वादा किया था पर यह वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है। दिसंबर माह में ही कांग्रेस ने अपनी सत्ता में वापसी का त्यौहार मनाया और इस त्यौहार के बाद से ही कार्यकर्ताओं को यह लगने लगा है कि अब सरकार चुनाव वोट पर आ गई है।
भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने भी जिस तरह से अपने प्रदेश संगठन पर ध्यान दिया है उससे लगता है कि भाजपा ने भी चुनाव के लिए भी तैयारी शुरू कर दी है, और भाजपा का यह इतिहास है कि जब वह केंद्र में शासन में होती है और किसी भी राज्य में चुनाव की तैयारी करती है तब राज्य सरकार से उसके संबंध लगातार खट्टे होते जाते हैं । इन दिनों छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी ऐसा दिखाई दे रहा है जानकारों की माने तो केंद्र और राज्य के बीच यह खटास अब बढ़ती ही जाएगी। जिसका सीधा अर्थ है की छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का अधिकतर समय केंद्र के साथ मतभेद निपटाने में लगेगा एक तरफ से यह मुख्यमंत्री बघेल के लिए चुनौती भी रहेगा कि वे केंद्र से किस तरह के संबंध रखें, ममता जैसा टकराव या फिर एक परिपक्व नेता की तर्ज पर अपनी जनता का हित देखकर रोज अपना काम निकालने का रास्ता प्रदेश का मुख्यमंत्री होने के नाते जनता तो उनसे यही उम्मीद करेगी कि वे वैसा मार्ग निकालें जिससे उन्होंने अपने घोषणा पत्र में जो वादे किए हैं उसे पूरा कर सकें ।
जबकि भाजपा पग पग पर उन्हें धोखेबाज मुख्यमंत्री के रूप में प्रचारित कर रही हैं। और अब भाजपा के नेताओं की जुबान भी तीखी होती जाएगी इस बीच में भाजपा संगठन के दोनों बड़े नेता छत्तीसगढ़ में लगातार दौरा कर रहे हैं । और उनका लक्ष्य सीधे कार्यकर्ताओं से बात करना है जबकि कांग्रेसी नेताओं के पास दो काम है जनता के हित करने वाली योजनाओं को लागू करना और अपने ही कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ रहे असंतोष पर काबू पाना । भूपेश सरकार के मंत्रिमंडल में रविंद्र चौबे, टी एस सिंह देव, मोहम्मद अकबर जैसे दिग्गज नाम के मंत्री तो हैं किंतु वे अपने विभागों के साथ प्रभावी नजर नहीं आते। जिला पंचायत के कार्यक्रमों के दम पर सरकार जनता के हित में काम करती नजर तो आती है किंतु इस विभाग का मंत्री प्रभावी तौर पर खड़ा नहीं दिखाई देता कारण योजनाओं का श्रेय सीएम अपने खाते में डालते हैं यही हाल स्वास्थ्य विभाग का है पिछला 1 साल कोविड-19 से जूझते हुए बीता पर यहां भी इस विभाग का मंत्री वैसा प्रभाव नहीं छोड़ पाया जैसा उम्मीद थी खेती किसानी के मुद्दे पर भी बघेल मंत्रिमंडल के सदस्य मीडिया में प्रभाव छोड़ते नहीं दिख रहे हैं। कांग्रेस का मीडिया प्रभारी रायपुर छोड़ किसी भी अन्य जिले में प्रभावी नहीं है लोकार्पण और शिलान्यास विज्ञापन की दम पर कुछ घंटे प्रभाव दिखाया जा सकता है किंतु इससे नए छत्तीसगढ़ की संकल्पना कैसे पूरी होगी, और अपने आखरी कार्यकाल में यही गलती विश्वसनीय छत्तीसगढ़ के नाम पर डॉक्टर रमन ने की थी।
दुर्ग / शौर्यपथ / जिला अस्पताल की जीवनदीप समिति द्वारा प्रकाशित कराए गए कैलेंडर का विमोचन कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने किया। कैलेंडर में जिला अस्पताल की गतिविधियों और नवाचार को दर्शाया गया है। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. भुरे को विस्तार से कैलेंडर की सामग्री के संबंध में जानकारी जीवनदीप समिति के सदस्यों ने दी।
सदस्यों ने बताया कि जिला अस्पताल द्वारा बीते साल अनेक सकारात्मक पहल मरीजों की बेहतरी को लेकर की गई है। इसका प्रचार प्रसार अधिकाधिक लोगों तक हो इसके लिए यह कैलेंडर भी उपयोगी माध्यम साबित हो सकता है। कलेक्टर ने सामग्री की प्रशंसा की और सदस्यों से कहा कि जिला अस्पताल में किये गए नवाचार का लाभ बड़ी संख्या में नागरिकों को मिलता है। इसी तरह से निरंतर पहल की जानी चाहिए। इस मौके पर सीएमएचओ डॉ गंभीर सिंह ठाकुर, सिविल सर्जन डॉ पी बालकिशोर, जीवनदीप समिति के कार्यकारिणी सदस्य दिलीप ठाकुर, सीनियर रेडियोलॉजिस्ट दुष्यंत देवांगन, दिलेश्वर साहू उपस्थित थे।
नियम विरूद्ध वाहन का चालन कर रहे वाहन चालकों को न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दी हिदायत कहा वाहन के नियमों का पालन करें-नियमों के विरूद्ध वाहन चालन का कार्य करते हुए पाये गये हैं उन्हें बंधपत्र भरवाया जाकर चेतावनी दी गई
दुर्ग / शौर्यपथ / जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजेश श्रीवास्तव के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में आज 3 जनवरी को राजेन्द्र प्रसाद चौक दुर्ग में जागरूकता अभियान प्रारंभ की गई । आज प्रथम दिन दो पहिया वाहनों के विरूद्ध कार्यवाही की गई। उक्त जागरूकता कार्यक्रम में लोकेश पटले न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दुर्ग ने उपस्थित होकर जनमानस को मोटर यान अधिनियम के अंतर्गत जानकारी प्रदान की । जिसमें उन्होंने बताया की सीट बेल्ट यो हेलमेट नहीं पहनने पर 1000 रूपये का अर्थदण्ड, शराब पीकर गाडी चलाने पर 10,000 रूपये, दो पहिये पर 2 से अधिक सवारी बैठाये जाने पर 2000 रूपये और 03 महिने के लिए गाडी जप्त, लिमिट स्पीड से तेज गाडी चलाने पर 5000 रूपये, बिना लायसेंस के वाहन के गाडी चलाने पर 5000 रूपये एवं एम्बुलेंस का रास्ता रोका तो 10,000 रूपये का अर्थदण्ड से दण्डित किया जावेगा ।
जो वाहन चालक मोटर यान अधिनियम के तहत नियमों के विरूद्ध वाहन चालन का कार्य करते हुए पाये गये हैं उन्हें बंधपत्र भरवाया जाकर चेतावनी दी गई कि वह वाहन का चालन नियमों के विरूद्ध न करें अन्यथा वे कानून की परिधि में दण्डनीय अपराध माना जायेगा । लोगों को वाहन चलाने के संबंध में नियमों की जानकारी नहीं होना तथा बढ़ती दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए तथा मोटरयान के नए नियमों की जानकारी जनमानस को दिए जाने के लिए यहां विशेष जागरूकता अभियान हैं। वाहन चालकों को नए संशोधित नियमों की जानकारी तथा मोटर यान अधिनियम के अंतर्गत लाइसेंस बीमा हेलमेट नहीं होने पर लगने वाले अर्थदंड के संबंध में जानकारी देने तथा जो वाहन चालक मोटर यान अधिनियम के तहत गलत पाए जाने वाले वाहन चालकों से बंद पत्र भरवाया जा रहा है दुर्ग में वाहन चालक यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं जिसके कारण दुर्घटनाओं में ज्यादा बढ़ोतरी होती जा रही है लोगों में वह अंचल के नियमों की जानकारी नहीं होने से जुर्माना अदा करना पड़ता है नाबालिक वाहन चालन करते हैं और अपने साथ-साथ अन्य व्यक्तियों के जान को जोखिम में डालते हैं लोगों में वाहन के बीमा करवाए जाने में आर्थिक क्षति तो दिखती है किंतु किसी दुर्घटना होने पर जब ज्ञात होता है कि बीमा नहीं कराए जाने से क्या परेशानी हुई तब बीमा कराने के महत्व को समझते हैं युवा वर्ग के वाहन चालक तीन सवारी वाहन का चलन करते हैं और अपने वाहन को तेज गति से चलाते हैं चलाते हैं मानव जीवन को जोखिम में डालते हैं।
उक्त जागरूकता कार्यक्रम में यातायात विभाग एवं पुलिस विभाग का विशेष सहयोग लिया गया है । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के द्वारा उक्त अभियान में पैरालीगल वालिन्टियर्स की भी सेवाएं ली जा रही है जो वाहन चालकों को वाहन चालन के नियमों से अवगत कराने के साथ ही जो नियमों का उल्लंघन करने वालों को बंधपत्र भी भरवाकर समझाईश देकर नियमों की प्रति जागरूक रहने के लिए व्यक्तिगत तौर पर स्वतः जागरूक रहने हेतु समझा रहे हैं । आगामी दिवस पर चार पहिया वाहनों पर भी इसी प्रकार की जागरूकता अभियान चलाया जाकर उन्हें मोटर यान अधिनियमों की जानकारी दी जावेगी । उक्त जागरूकता अभियान दिनांक 10 जनवरी तक निरंतर जारी रहेगी ।
" भोजन सेवा सेवा को 4 साल पूर्ण "
दुर्ग / शौर्यपथ / एक ओर प्रदेश एवं देश मे आम जन नये साल का जश्न बना रहे थे वही दुर्ग शहर के युवा पार्टी, डांस, मस्ती, जश्न को छोड़कर नये साल के प्रथम दिवस 1 एवं 2 जनवरी 2021 को सुबह से लेकर रात तक मानव सेवा, गौ सेवा कर रहे थे..
समाजवादी विचारधारा का जन्म ही समाज के निराश्रित एवं अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को भी वह सुख सुविधाएँ पहुंचाने के लिए हुआ है, जिनसे अभी तक वह अछूता रहा है। एक सच्चे सामाजिक कार्यकर्ता का एकमात्र धर्म मानवता व सेवा होता है।
इन्ही बातों को आत्मसात करते हुए जन समर्पण सेवा संस्था दुर्ग द्वारा 4 साल पूर्व 1 जनवरी 2017 से अनवरत (प्रतिदिन) गरीब, असहाय, अनाथ, एवं विकलांग जनों को निःशुल्क भोजन वितरण कर रही है, जिसमे प्रतिदिन लगभग 60 से 70 लोगो को दुर्ग रेल्वे स्टेशन में रात्रि 8 बजे भोजन कराया जाता आ रहा है..
शहर में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोये, एक मात्र यही उदेश्य को लेकर विगत 4 सालों से जन समर्पण सेवा संस्था कार्य कर रही है, उसी सोच एवं उद्देश्य में संस्था द्वारा प्रतिदिन दुर्ग शहर के विभिन्न स्थानों में जाकर गरीब, असहाय, विकलांग, जरूरतमंदों को खोज खोज कर रात्रि में भोजन करा रही है, साथ ही साथ जरूरतमंदों को उनकी आवश्यकता की वस्तु निःशुल्क वितरण कर रही है..
जन समर्पण सेवा संस्था के इस कार्य को अनवरत 4 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संस्था द्वारा विशेष आयोजन किया गया, जिसमें 1 जनवरी को संस्था के युवा सदस्यो द्वारा दोपहर 12 बजे से शहर में घूम-घुमकर गौ सेवा की गयी, जिसमें युवाओं द्वारा गौ माता को रोटी, हरी सब्जी, गुड़ खिलाया गया, एवं गौ माता को दुर्घटाना से बचाने के उदेश्य से उनके सिर पर रेडियम पट्टी लगाई गयी, जिसमें पुलगांव, पटेल चौक, अंजोरा, नेहरूनगर, स्टेशन रोड, पिसेगांव, गंजपारा चौके, में युवाओं ने लगभग 130 से अधिक गाय को रेडियम पट्टी लगाई गई..
संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा बंटी ने बताया कि गौ माता की सेवा से इस वर्ष की सेवा का कार्य आरंभ करते हुए 4 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संध्या 3 बजे बाल सम्प्रेषण गृह जाकर वहां निवास कर रहे बच्चों को नए वर्ष की मिठाई, फल, बिस्किट का वितरण किया गया, सन्ध्या 5 बजे कादम्बरी नगर में स्तिथ अनाथ बुजुर्गों की हॉस्पिटल में जाकर वहां रहे रही बुजुर्ग महिलाओ को नयी साड़ी, फल, बिस्किट, मिष्ठान का वितरण किया गया.
संध्या 6 बजे शहर के विभिन्न स्थानों में जाकर 126 जरूरतमंदों को ठिठुरती ठंड से बचने के लिए गर्म कपडे, कम्बल एवं गर्म टोपी का वितरण किया गया. कम्बल वितरण करते करते संस्था के सदस्यों के पास किसी सामाजिक व्यक्ति का फोन आया कि नेहरू नगर में रेल्वे फ़ाटक के पास कुछ गरीब रात में ठंड से ठिठुरते दिखते है जिसमें छोटे छोटे बच्चे एवं बुजुर्ग भी है उन्हें कम्बल की आवश्यकता है, संस्था के सदस्यों ने तत्काल उस स्थान नेहरूनगर में जाकर उन 26 गरीब लोगों को कम्बल उपलब्ध कराया एवं साथ ही साथ पास की होटल से सभी गरीबों को भोजन लाकर खिलाया,
प्रतिदिन की भोजन सेवा से 4 वर्ष पूर्ण होने पर इस वर्ष1 जनवरी को भोजन सेवा को विशेष बनाया गया जिसमें गरीब, असहाय, विकलांग जनों के साथ साथ दुर्ग शहर में आये हुए सभी प्रदेश एवं अन्य शहरों के यात्रियों को भोजन कराया गया, साथ ही साथ सेवा कार्य को 4 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सभी आम जनों को मिठाई वितरण किया गया..
संस्था द्वारा आज दिनाँक 1 जनवरी को 1 अनाथ व्यक्ति को बैसाखी वितरण की गयी..
जन सहयोग से संचालित यह संस्था 1 जनवरी को अपने सेवा कार्य का 4 वर्ष पूर्ण की है इस अवसर को यादगार बनाने संस्था द्वारा दो दिवस विभिन्न मानव सेवा के कार्यो एवं गौ सेवा के कार्य को अंजाम दिया गया..
संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा बंटी ने बताया कि 1 जनवरी के साथ साथ 2 जनवरी को भी मानव सेवा का कार्य किया गया, जिसमें संस्था द्वारा जनप्रिय नेता स्व. श्री मोतीलाल वोरा जी की स्मृति में दुर्ग वृद्धाआश्रम में सर्वप्रथम दिवंगत आत्मा की शान्ति के लिए 2 मिनट को मौन श्रद्धांजलि दी गयी, वृद्धाआश्रम में निवास कर रहे बुजुर्गों को वोरा जी के निधन पर अत्यधिक दुख हुआ सभी ने अपना अपना दुख व्यक्त किया, और बताया कि 20 जनवरी को वृद्धाआश्रम श्री मोतीलाल वोरा जी का जन्मदिवस भी मनाया गया था सवेदना व्यक्त करने के पश्चात वृद्धाआश्रम में निवास कर रहे सभी बुजुर्ग महिलाओ को नयी साड़ी, फल, बिस्किट, मिष्ठान, चिप्स, नमकीन का वितरण किया गया..
संस्था द्वारा भोजन सेवा के 4 वर्ष पूर्ण होने पर 2 जनवरी को रात्रि 8 बजे दुर्ग रेलवे स्टेशन में लगभग 150 से अधिक जरूरतमंदों के बीच माननीय श्री मोतीलाल वोरा जी को श्रद्धांजलि देकर सभी जरूरतमंदों को भोजन, नमकीन, बैठाकर खिलाया गया..
संस्था द्वारा दुर्ग भिलाई में जन सेवक बनकर कोरोना काल मे कार्य करने वाले एवं कोरोना काल मे संस्था को मार्गदर्शन देने वाले दुर्ग नगर निगम आयुक्त श्री बर्मन जी, दुर्ग सीएमएचओ श्री गंभीर सिंह ठाकुर जी, दुर्ग सीएसपी श्री विवेक शुक्ला जी, दुर्ग प्रेष क्लब, एवं आरपीएफ थाना दुर्ग का संस्था के सदस्यों द्वारा उनके निवास स्थान या कार्यालय में जाकर सम्मान किया जा रहा है, जिसमें सभी को मोमेंटो, साल, श्रीफल भेंट दिया जा रहा है..
श्री शर्मा ने बताया कि मानव सेवा की प्रेरणा से नि:शुल्क भोजन सेवा की शुरुवात 1 जनवरी 2017 में की गई थी लेकिन संस्था से जैसे-जैसे लोग जुड़ते गए वैसे-वैसे सेवा का विस्तार किया गया। अब जरुरतमंदों को संस्था द्वारा ट्रायसिकल, बैशाखी व कंबल भी उपलब्ध करवाए जा रहे है। संस्था के कार्यो से लोग काफी प्रभावित हो रहे है। जिससे वे अपना जन्मदिन, शादी की सालगिरह एवं अन्य खुशियों के पल मनाने गरीब, असहाय व विकलांगों के बीच पहुंच रहे।
ऐसे लोगों के सहयोग से संस्था जरुरतमंदों के लिए भोजन एवं अन्य संसाधन जुटा रही है।
1 एवं 2 जनवरी के इस सेवा कार्य में अर्जित शुक्ला, शिशुप्रताप शुक्ला, आशीष मेश्राम, प्रकाश कश्यप, संजय सेन, राजेन्द्र ताम्रकार, मृदुल गुप्ता, नीलेश पुरोहित, शुभम सेन, हरीश ढीमर दद्दू ढीमर, भागवत पटेल, मुकेश पटेल, नितिन लुनावत, महेश गुप्ता, सुजल शर्मा, वाशु शर्मा, सुधांशु गुप्ता, पूनम नागरे, सुमित वैष्णव, मीनल जैन, कुश जैन, कान्हा राठी, सिध्धु राठी, कृतज्ञ शर्मा, अनमोल पांडेय, हर्ष जैन, एवं अन्य सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक गण उपस्थित रहे..
भिलाई / शौर्यपथ / प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राज्य और राज्य के जनता, गरीब, मजदूर किसान के प्रति समर्पण भाव और उनकी रीति- नीति और भिलाई नगर विधायक व महापौर देवेंद्र यादव की जनता के प्रति प्रेम, इनामदारी, निष्ठा और कर्मठता व कार्यकर्ताओं के प्रति समर्पण से प्रभावित होकर सैकड़ों लोगों ने क्रांग्रेस प्रवेश किया।
खुर्सीपार क्षेत्र में आज भूमिपूजन और लोकार्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। करीब 3करोड़ की लागत से यहां विभिन्न विकास कार्य होने वाले हैं। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में कार्यक्रम में शामिल क्षेत्र के नागरिक जो पहले बीजेपी व जनता कांग्रेस जोगी आदि पार्टी से जुड़े थे। वे अपनी पुरानी पार्टी को छोड़ कर भिलाई के युवा महापौर देवेंद्र यादव के काम से प्रभावित होकर उनके साथ जुड़े और कांग्रेस पार्टी ज्वाइन किया। विधायक देवेंद्र यादव ने कांग्रेस के इन सभी नए सदस्यों को कांग्रेस का गमछ पहनाकर पार्टी की सदस्यता दिलाई। विधायक देवेंद्र यादव ने सभी का कांग्रेस परिवार में शामिल होने पर पुष्प माला पहनाकर स्वगात किया। विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि हम सभी मिलकर समाज एवं राष्ट्र की सेवा करेंगे। प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश के हित और विकास के लिए हर कदम साथ देंगे। इस अवसर पर ब्लाॅक कांग्रेस अध्यक्ष डीकाम राजू, एल्डमेन की उपस्थित में मोतीलाल बर्नवाल, सुरेश बर्नवाल, अरूण कुमार, हरिबंधू, रंजू देवी झा, चंद्रकात झा, उमेश प्रसाद, अंजनी मिश्रा, रेनू शर्मा, मीना सहानी आदि ने कांग्रेस ज्वाइन किया।
इन सभी नए कार्यकर्ताओं ने स्वागत के बाद महापौर देवेंद्र यादव का आभार जताते हुए कहां कि वे सालों से पानी की समस्या से जूझ रहे थे। एक-एक बूंद पानी के लिए तरसते थे। वार्ड की नियमित सफाई नहीं होती थी। वर्षों से खुर्सीपार विकास कार्य से अछूता था। पहले के नेताओं ने उन्हें सपने दिखाई और उनका वोट लेकर हर बार धोखा दिया। लेकिन विधायक देेवेंद्र यादव पहले विधायक व महापौर है, जो हमारे घर आते मोहल्ले में आकर पूछते है कोई समस्या तो नहीं। पूरे खुर्सीपार में जितना विकास महापौर देवेंद्र यादव करा रहे हैं। इससे खुर्सीपार की जनता का सपना साकार हो गया है।
जांजगीर-चांपा/ शौर्यपथ / भारतीय जनता पार्टी प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर मंडल स्तर पर अखिल भारतीय प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन बाराद्वार मंडल में 3 दिसंबर को बाराद्वार धर्मशाला में प्रारंभ हुआ। प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन प्रदेश कार्यसमिति सदस्य लीलाधर सुल्तानिया के द्वारा दीप प्रज्वलन एवं फीता काटकर किया गया तत्पश्चात गेन्दू राम साहू द्वारा संगठन गीत लिया गया ।उद्घाटन सत्र का उद्बोधन लीलाधर सुल्तानिया ने दिया। दूसरे सत्र में युवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष कार्तिकेश्वर स्वर्णकार द्वारा पिछले 6 वर्षो में हुए अंत्योदय प्रयत्न विषय पर संबोधन देते हुए केंद्र सरकार के जनकल्याणकारी योजना को बताया दूसरे सत्र में अध्यक्षता पूर्व मंडल अध्यक्ष प्रकाश साहू ने किया , तीसरे सत्र में सासंद गुहाराम अजगले ने केंद्र सरकार के कार्य तथा नये कृषि बिल पर विस्तार से बात रखी तथा किस प्रकार ये कानून किसानो के लिए हितकर है उसे बताया सत्र की अध्यक्षता पूर्व मंडल अध्यक्ष रमेश सिंघानिया ने किया ।चतुर्थ सत्र में जिला अध्यक्ष कृष्ण कांत चंद्रा ने सन 2014 के बाद भारत के राजनीति में बदलाव तथा भारतीय जनता पार्टी एवं हमारा दायित्व पर अपनी बात रखी सत्र की अध्यक्षता लखन राठौर ने किया ।
पांचवें सत्र में जिला उपाध्यक्ष अमर सुल्तानिया ने व्यक्तित्व विकास पर बात रखते हुए कार्यकर्ताओं को में जोश भरा सत्र की अध्यक्षता किसान मोर्चा अध्यक्ष गेंदू साहू ने किया , छठवें सत्र में जिला प्रशिक्षण संयोजक दिनेश सिंह ने हमारी कार्यपद्धति एवं संगठन संरचना में हमारी भूमिका पर विस्तार पूर्वक बात रखी सत्र की अध्यक्षता रामदयाल सिदार ने किया ।प्रशिक्षण कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष संतोष राठौर, महामंत्री गेंदराम मनहर, कृष्णा साहू, विजय जयसवाल, जयप्रकाश साहू,संतोष साहू, मोहन तोदी, महावीर ठाकुर,गोपाल जोशी महावीर राठौर,जयकिशन केडिया, डिंपू महराज, राजकमल राठौर, अरूण शर्मा, नर्मदा साहू,गोविंदा साहू, मेंगनू भैना, सहित सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित थे ।कार्यक्रम का संचालन दीपक ठाकुर ने किया ।
नई दिल्ली / शौर्यपथ / केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन कड़ाके की सर्दी और बारिश के बीच भी जारी है. किसान इन कानूनों का 'काला कानून' करार देते हुए एक महीने से ज्यादा समय से दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं ताकि इन्हें रद्द करवाया जा सके. चार जनवरी (सोमवार) को किसान संगठनों और सरकार के बीच बैठक होनी है. इससे पहले, 30 दिसंबर को बातचीत हुई थी, जिसमें दो मुद्दों पर बात बनी है.
टिकरी बॉर्डर, सिंघु बॉर्डर और चिल्ला बॉर्डर समेत अन्य जगहों पर किसान धरने पर बैठे हैं. बारिश और सर्दी के बीच गाजीपुर (दिल्ली-यूपी बॉर्डर) में चल रहा किसानों का धरना प्रदर्शन आज 37वें दिन में पहुंच गया. गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन में बैठे एक प्रदर्शनकारी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "हम ऐसे खराब मौसम में अपने परिवार से दूर सड़कों पर बैठे हैं. हम उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार कल हमारी मांगों को स्वीकार करेगी."
बता दें कि दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने दिल्ली में गणतंत्र दिवस (Republic Day) के दिन ट्रैक्टर रैली आयोजित करने की धमकी दी है. किसानों ने कहा है कि 23 जनवरी को, यानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर सभी राज्यपालों के आवास पर विरोध प्रदर्शन करेंगे. किसान आंदोलन का समन्वय कर रही 7 सदस्यीय समन्वय समिति ने शनिवार को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार को यह अल्टीमेटम दिया.
सरकार और किसान संगठनों के बीच बुधवार को हुई छठे दौर की वार्ता में बिजली संशोधन विधेयक 2020 और एनसीआर एवं इससे सटे इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के संबंध में जारी अध्यादेश संबंधी आशंकाओं को दूर करने को लेकर सहमति बनी थी.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / GST विभाग ने दिल्ली के बुद्ध विहार में अवैध तरीके से चल रही गुटखा फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए 831 करोड़ की जीएसटी की चोरी का मामला पकड़ा है. इस मामले में फैक्ट्री मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है. दिल्ली के जीएसटी कमिश्रर शुभागता कुमार के मुताबिक, उनकी टीम को जानकारी मिली थी कि दिल्ली के बुद्ध विहार में एक अवैध गुटखा फैक्ट्री चल रही है, जिसमें बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की जा रही है. सूचना के आधार पर फैक्ट्री पर छापा मारा गया.
फैक्ट्री के गोदाम से बड़े पैमाने पर गुटखा, तम्बाकू, इन्हें बनाने का सामान और मशीनें बरामद हुईं, जिनकी कीमत करीब सवा 4 करोड़ रुपये है. इस फैक्ट्री में 65 मजदूर काम करते थे. फैक्ट्री से गुटखा कई राज्यों में सप्लाई हो रहा था. जांच, बयान और दस्तावेज देखने से पता चला कि फैक्ट्री मालिक ने 831 करोड़ से ज्यादा का जीएसटी नहीं भरा है, यानि फैक्ट्री मालिक बिना टैक्स दिए लगातार गुटखा सप्लाई कर रहा था.
फैक्ट्री कहीं से भी रजिस्टर्ड नहीं थी और न ही इसमें काम करने वाले मजदूरों की जानकारी कहीं दी गई थी. फैक्ट्री मालिक को जीएसटी एक्ट के तहत गिरफ्तार कर 2 जनवरी को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. दिल्ली जीएसटी विभाग ने इस वित्त वर्ष में अब तक 4327 करोड़ की जीएसटी चोरी का भंडाफोड़ किया है.
नई दिल्ली / एजेंसी / कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (ने किसान आंदोलन के बहाने एक बार फिर नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि देश में फिर से गुलाम भारत जैसी स्थितियां हैं और किसान चंपारण जैसी स्थिति झेलने जा रहे हैं. राहुल गांधी ने ट्वीट किया है, "देश एक बार फिर चंपारन जैसी त्रासदी झेलने जा रहा है.. तब अंग्रेज कम्पनी बहादुर था, अब मोदी-मित्र कम्पनी बहादुर हैं.. लेकिन आंदोलन का हर एक किसान-मज़दूर सत्याग्रही है जो अपना अधिकार लेकर ही रहेगा.."
राहुल ने दो दिन पहले भी नव वर्ष के मौके पर कहा था कि वो अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले किसानों के साथ हैं. 1 जनवरी को कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों का जिक्र करते हुए ट्वीट किया था,, “मैं दिल से सम्मान के साथ अन्याय से लड़ने वाले किसानों और मजदूरों के साथ हूं. सभी को नया साल मुबारक हो.” दो दिन बाद उन्होंने ब्रिटिश काल में चंपारण के किसानों से आज के किसानों की तुलना की है.
बता दें कि ब्रिटिश काल में बिहार के उत्तरी हिस्से में नेपाल से सटे चंपारण इलाके में जबरन किसानों से नील की खेती करवाई जाती थी. इसके लिए अंग्रेजों ने बागान मालिकों को जमीन के ठेकेदारी दे रखी थी और तीन कठिया प्रणाली लागू कर रखी थी, जिसके तहत किसानों को तीन कट्ठे में नील की खेती करनी मजबूरी थी. इस जुल्म के खिलाफ 1917 में महात्मा गांधी ने आंदोलन चलाया था, जिसे पहला सविनय अवज्ञा आंदोलन कहा जाता है. इसे चंपारण सत्याग्रह भी कहा जाता है.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने आज सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक की कोरोना वायरस वैक्सीन को आपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल की अनुमति दे दी है. इसी के साथ भारत को कोरोना वैक्सीन को लेकर चल रहा लंबा इंतजार अब खत्म हो गया. कोविड-19 वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को बधाई देते हुए कहा कि सीरम इंस्टीटयूट और भारत बायोटेक की वैक्सीन को DCGI की मंजूरी मिलने के बाद कोरोना मुक्त राष्ट्र होने का रास्ता साफ हो गया है.
पीएम मोदी ने दूसरे ट्वीट में कहा, "इस पर हर भारतीय को गर्व होगा कि जिन दो टीकों को आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी गई है वे भारत में बने हैं! यह आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने के लिए हमारे वैज्ञानिक समुदाय की उत्सुकता को दर्शाता है जिसके मूल में करुणा और सेवाभाव निहित है."
पीएम मोदी ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, "विपरीत परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट कार्यों के लिए हम डॉक्टरों, चिकित्सा कर्मचारियों, वैज्ञानिकों, पुलिस कर्मियों, स्वच्छता कार्यकर्ताओं और सभी कोरोना योद्धाओं को अपना आभार दोहराते हैं. हम कई लोगों की जान बचाने के लिए उनके प्रति सदा आभारी रहेंगे."
बता दें कि दो दिन पहले ही सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने सीरम इन्स्टीट्यूट ऑफ इंडिया और ऑक्सफोर्ड द्वारा विकसित वैक्सीन कोविशील्ड को अंतिम मंजूरी देने की सिफारिश ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को भेजी थी. इसके बाद कल भारत बायोटेक और ICMR द्वारा विकसित कोवैक्सीन की भी सिफारिश की थी. इन दोनों वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल की इजाजत आज ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने दे दी.
चेन्नई / एजेंसी / तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी में घमासान शुरू हो गया है. कांग्रेस ने तमिलनाडु में नई कमेटी घोषित की है. कमेटी के गठन पर पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे और सांसद कार्ति चिदंबरम और राज्य के एक नव नियुक्त पदाधिकारी ट्विटर पर भिड़ गए. पदाधिकारी ने कार्ति पर निशाना साधते हुए कहा कि एक व्यक्ति जो अपने पिता के प्रभाव से सांसद बना हो, वो यह नहीं समझ सकता है कि कैसे "कठिन परिश्रम" करके कोई राज्य स्तर का पदाधिकारी बनता है.
कांग्रेस नेता की यह प्रतिक्रिया कार्ति चिदंबरम के उस बयान पर आई है, जिसमें उन्होंने तमिलनाडु में भारी भरकम नई कमेटी के गठन पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इस कमेटी से कोई लाभ नहीं होगा. कार्ति चिदंबरम तमिलनाडु की शिवगंगा सीट से कांग्रेस सांसद हैं. कार्ति पर यह टिप्पणी के महेंद्रन ने की है, जिन्हें शनिवार को तमिलनाडु कांग्रेस का महासचिव बनाया गया है.
तमिलनाडु कांग्रेस के महासचिव के महेंद्रन ने कार्ति चिंदबरम के ट्वीट पर कहा, "यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस और अनुसूचित जाति विभाग के कई पदाधिकारियों को उनकी मेहनत की वजह से तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी में शामिल किया गया है न कि उनके पिता की वजह से है. एनएसयूआई में मेरी मेहनत के लिए मुझे स्टेट टीम में शामिल किया गया है. उम्मीद है कि कुछ लोग जो अपने पिता की वजह से सांसद बने हैं, ये नहीं समझ सकते."
कार्ति चिदंबरम ने इससे पहले अपने ट्वीट में लिखा, "इन बड़ी-बड़ी कमेटियों से कोई उद्देश्य हल नहीं होगा... किसी के पास कोई अधिकार नहीं होगा, जिसका मतलब है कि कोई जवाबदेही नहीं होगी."
नई दिल्ली / एजेंसी / केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच उनका जवाब देने के लिए तीन वीडियो जारी किए हैं. इन वीडियो में एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया कोरोना वायरस टीके से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे हैं. गुलेरिया ने बताया कि देश में कभी भी कोरोना वैक्सीन को अंतिम मंजूरी मिल सकती है और जैसे ही वैक्सीन को हरी झंडी मिलेगी, भारत सरकार चरणबद्ध सघन टीकाकरण अभियान चलाएगी. एक सवाल के जवाब में डॉ. गुलेरिया ने कहा कि शुरुआत में सभी लोगों को कोविड वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार ने रिस्क फैक्टर के हिसाब से टीकाकरण की प्राथमिकताएं तय की हैं. उन्होंने कहा कि पहले चरण में हेल्थ वर्कर्र और फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीके लगाए जाएंगे.
एम्स निदेशक ने बताया कि टीका पाने वाले दूसरे ग्रुप में 50 साल से ऊपर उम्र के लोग होंगे. इनके साथ ही 50 साल से नीचे की उम्र के वैसे लोग भी इस ग्रुप में शामिल होंगे जिनमें इस महामारी के लक्षण रहे हों. उन्होंने कहा कि टीका लगवाना अनिवार्य नहीं होगा बल्कि यह स्वैच्छिक होगा. हालांकि, डॉ. गुलेरिया ने लोगों को सलाह दी कि खुद को और अपने परिजनों, रिश्तेदारों और चाहने वालों को सुरक्षित रखने के लिए टीका जरूर लगवाएं.
क्या टीका सुरक्षित होगा क्योंकि यह जल्दबाजी में बहुत ही कम समय में लाया गया है? इसके जवाब में गुलेरिया ने कहा कि देश में किसी भी वैक्सीन के इस्तेमाल की इजाजत तभी दी जाएगी, जब सरकार यह आश्वस्त हो लेगी कि वह लोगों के लिए सुरक्षित है. उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी जरूरी और उपयुक्त मानदंड पूरे किए बिना सरकार किसी भी वैक्सीन को इजाजत नहीं देगी.
कहां मिलेगा वैक्सीन के सवाल पर एम्स निदेशक ने कहा कि वैक्सीन के लिए रजिस्टर्ड लोगों को रजिस्टर्ड मोबाइल के जरिए सूचना दी जाएगी कि उन्हें कब और कहां टीका लगाया जाएगा. उन्होंने कहा कि इससे होने वाली असुविधा से बचा जा सकेगा और लोगों को आसानी होगी.
क्या कोई व्यक्ति बिना रजिस्ट्रेशन कराए कोविड वैक्सीन ले सकता है? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नहीं बिना पूर्व रजिस्ट्रेशन के किसी को भी वैक्सीन नहीं दी जाएगी. गुलेरिया ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर लोग रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे.
उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रेशन के लिए लोगों को फोटो लगा कोई भी पहचान पत्र जमा करना अनिवार्य होगा. उन्होंने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय द्वारा जारी कार्ड, बैंक या पोस्ट ऑफिस द्वारा जारी पासबुक, MP/MLA/MLC द्वारा जारी किया गया पहचान पत्र, पेंशन कार्ड, नियोक्ता (केंद्र सरकार, राज्य सरकार या पब्लिक लिमिटेड कंपनी) द्वारा जारी पहचान पत्र या वोटर आई कार्ड में से कोई भी एक पहचान पत्र जमा करना होगा. उन्होंने कहा कि जो पेपर रजिस्ट्रेशन के समय दिया जाएगा, टीकाकरण के समय उसी से मिलान किया जाएगा.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
