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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
अभी 200 करोड़ रूपए के 2 हजार 148 कार्य प्रगति पर
रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश में वन विभाग द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत वानिकी कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने आज यहां बताया कि इनमें वानिकी तथा वन क्षेत्रों में भू-जल संवर्धन के अधिक से अधिक कार्य शामिल किए गए हैं। राज्य में इसके तहत वर्तमान में चालू वर्ष 2020 के दौरान स्वीकृत 194 करोड़ 32 लाख रूपए की राशि के 2 हजार 148 कार्य प्रगति पर है।
वन मंत्री अकबर ने बताया कि इनमें मुख्य रूप से आवर्ती चराई, पौधा तैयारी, पथ रोपण, पुलिया निर्माण, स्टाप डेम निर्माण, चारागाह विकास, गौठानों में रोपण, भू-जल संरक्षण कार्य, निःशुल्क वितरण के लिए पौधा तैयारी, बांस रोपण, नदी तट रोपण, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण आदि कार्यों को प्राथमिकता से शामिल किया गया है। इसके तहत वन वृत्त बिलासपुर के अंतर्गत लगभग 80 करोड़ रूपए की राशि के 756 कार्य प्रगतिरत है। इसी तरह वन वृत्तवार दुर्ग में 30 करोड़ रूपए की राशि के 372 कार्य, जगदलपुर में 41 करोड़ रूपए के 272 कार्य तथा सरगुजा में 7 करोड़ 38 लाख रूपए की राशि के 116 कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा वन वृत्तवार रायपुर में 14 करोड़ रूपए की राशि के 138 कार्य और कांकेर में 27 करोड़ रूपए की राशि के 494 कार्य प्रगति पर है।
इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक तथा वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि इनमें बिलासपुर वन वृत्त के अंतर्गत बिलासपुर वन मंडल में 5 करोड़ रूपए के 30 कार्य तथा अनुसंधान एवं विस्तार में 30 लाख रूपए के 3 कार्य शामिल है। इसी तरत मरवाही वन मंडल में 10 करोड़ रूपए के 77 कार्य, कोरबा वन मंडल में 22 लाख रूपए के 13 कार्य तथा कटघोरा वन मंडल में 13 करोड़ रूपए के 42 कार्य शामिल है। इसके अलावा रायगढ़ वन मंडल में 23 करोड़ रूपए के 164 कार्य, धरमजयगढ़ वन मंडल में 14 करोड़ रूपए के 113 कार्य, जांजगीर-चांपा वन मंडल में 7 करोड़ रूपए के 268 कार्य तथा मुंगेली वन मंडल में 7 करोड़ रूपए के 46 कार्य शामिल है।
इसी तरह दुर्ग वन वृत्त केन्द्र के अंतर्गत दुर्ग वन मंडल में 2 करोड़ 43 लाख रूपए के 9 कार्य, राजनांदगांव वन मंडल में 12 करोड़ रूपए के 204 कार्य, खैरागढ़ वन मंडल में 7 करोड़ 50 लाख रूपए के 67 कार्य, कवर्धा वन मंडल में 2 करोड़ 30 लाख रूपए के 51 कार्य तथा बालोद वन मंडल में 80 करोड़ रूपए के 41 कार्य शामिल हैं। जगदलपुर वन वृत्त के अंतर्गत बस्तर वन मंडल में 5 करोड़ 46 लाख रूपए के 74 कार्य तथा अनुसंधान एवं विस्तार के अंतर्गत 13 लाख रूपए के एक कार्य, दंतेवाड़ा वन मंडल में 9 करोड़ 36 लाख रूपए के 83 कार्य, सुकमा वन मंडल में 18 करोड़ रूपए के 59 कार्य और बीजापुर वन मंडल में 8 करोड़ रूपए के 51 कार्य शामिल हैं।
सरगुजा वन वृत्त के अंतर्गत सरगुजा वन मंडल में एक करोड़ 83 लाख रूपए के 25 कार्य, सूरजपुर वन मंडल में 5 करोड़ रूपए के 27 कार्य, मनेन्द्रगढ़ वन मंडल में 12 लाख रूपए के 60 कार्य तथा जशपुर वन मंडल में 40 लाख रूपए के 4 कार्य शामिल हैं। रायपुर वन वृत्त के अंतर्गत धमतरी वन मंडल में 6 करोड़ रूपए के 61 कार्य, रायपुर वन मंडल में 2 करोड़ रूपए के 12 कार्य, बलोदाबाजार वन मंडल में 3 करोड़ 44 लाख रूपए के 22 कार्य, अनुसंधान एवं विस्तार रायपुर में 23 लाख रूपए के 3 कार्य, गरियाबंद वन मंडल में एक करोड़ रूपए के 23 कार्य तथा महासमुंद वन मंडल में 99 लाख रूपए की राशि के 17 कार्य शामिल हैं।
इसी तरह कांकेर वन वृत्त के अंतर्गत कांकेर वन मंडल में एक करोड़ रूपए के 33 कार्य, पूर्व भानुप्रतापपुर वन मंडल में 5 करोड़ रूपए के 74 कार्य तथा पश्चिम भानुप्रतापपुर वन मंडल में 2 करोड़ 68 लाख रूपए के 46 कार्य शामिल हैं। इसके अलावा नारायणपुर वन मंडल में एक करोड़ 28 लाख रूपए के 19 कार्य, केशकाल वन मंडल में 4 करोड़ रूपए के 86 कार्य तथा दक्षिण कोण्डागांव वन मंडल में 12 करोड़ 51 लाख रूपए की राशि के 236 कार्य शामिल हैं।
रायपुर / शौर्यपथ / पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में कोविड-19 की पहचान के लिए अब तक दो लाख से अधिक सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच की जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विशेष सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना ने बताया कि 25 दिसम्बर तक रायपुर मेडिकल कॉलेज में दो लाख एक हजार 979 सैंपलों की जांच की गई है। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण की पुष्टि के लिए आरटीपीसीआर सबसे विश्वसनीय और सटीक जांच है। राज्य में भी इसकी पहचान के लिए अधिक से अधिक सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच पर जोर दिया जा रहा है। रायपुर मेडिकल कॉलेज के वायरोलॉजी लैब में इस साल 14 अप्रैल से 22 सैंपलों के साथ आरटीपीसीआर जांच की शुरूआत हुई थी। लॉक-डाउन के उस दौर में कन्ज्युमेबल्स (Consumable) एवं अन्य संसाधनों की दिक्कतों के बीच राज्य शासन ने इस लैब को शुरू किया था। इसे शुरू करने स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव के मार्गदर्शन में भारत सरकार, आईसीएमआर और विभिन्न राज्यों से मदद और समन्वय के लिए अलग-अलग मोर्चे पर करीब 20 अधिकारी-कर्मचारी दिन रात काम कर कर रहे थे। सैंपलों की जांच के दौरान लैब में कार्यरत साइंटिस्ट, लैब टेक्नीशियन और माइक्रोबायोलॉजिस्ट सहित कुल आठ लोग संक्रमित भी हो चुके हैं। इसके बावजूद यहां की टीम पूरी तत्परता और समर्पण से सैंपलों की जांच में लगी हुई है। मात्र 22 सैंपलों की जांच से शुरू रायपुर मेडिकल कॉलेज के इस लैब में अभी रोजाना 1500 सैंपलों की जांच हो रही है। अभी यहां रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार और गरियाबंद से प्राप्त सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच की जा रही है।
श्रमिकों का पंजीयन कराने तथा अपंजीकृत कारखानों पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश
रायपुर / शौर्यपथ / श्रम कल्याण मंडल की आज हुई बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। श्रम कल्याण मंडल अध्यक्ष शफी अहमद ने मंडल के कार्यो की समीक्षा की। उन्होंने श्रमिकों की सुविधाओं के लिए सभी जिलों में श्रम भवन और ज्यादा फैक्ट्रियांे वाले जिलों में श्रमिक डोरमेट्री बनाने के निदेएगा.सूरजपुर में दाल भात और सिलाई सेंटर खोले जाएंगे.
श्रम कल्याण मण्डल की समीक्षा बैठक में अध्यक्ष श्री अहमद ने अभिदाय वसूली की धीमी गति और जिलेवार फैक्ट्रियों तथा श्रमिकों का पंजीयन की जानकारी संतोषजनक नही होने से नाराजगी व्यक्त की। श्री अहमद ने श्रम कल्याण निरीक्षकों को 10 जनवरी तक जानकारी आवश्यक प्रगति न होने पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी है। श्री अहमद ने बताया अब तक श्रम कल्याण मंडल के पास स्वयं का भवन नहीं था। बजट में रायपुर के मुख्य कार्यालय भवन के लिए एक करोड़ 30 लाख और सभी जिलों में श्रम भवन एवं ज्यादा श्रमिक संख्या वाले जिलों में डोरमेट्री के लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि श्रम कल्याण निरीक्षकों को सभी फैक्ट्रियों का निरीक्षण कर अभिदाय वसूली तेज करने, वास्तविक संख्या में श्रमिकों का पंजीयन कराने तथा अपंजीकृत कारखानों पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान कार्य की प्रगति चेक करने जांच कमेटी बनाकर रेंडम जांच की जाएगी और लापरवाह निरीक्षकों पर सेवा से पृथक करने की कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि सभी संभाग मुख्यालय में श्रम कल्याण मंडल का उप कार्यालय राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शीघ्र ही श्रमिक बस्तियों में श्रमिकों के साथ बैठक कर योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और उनकी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। साथ ही सुझाव भी लिए जाएंगे। श्री शफी अहमद ने बताया कि कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही है। बैठक में श्रम कल्याण निरीक्षकों सहित श्रम कल्याण मंडल के सभी कर्मचारी अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज वरिष्ठ विधायकगणों खेलसाय सिंह और रामपुकार सिंह के राजधानी रायपुर स्थित निवास पहुंचकर उनसे सौजन्य मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम पूछा। मुख्यमंत्री बघेल पहले वरिष्ठ विधायक और सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष खेलसाय सिंह के आनन्द नगर स्थित निवास पहुंचे। उन्होंने खेलसाय सिंह से मिलकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उन्हें शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम भी उपस्थित थे। इसके बाद मुख्यमंत्री बघेल वरिष्ठ विधायक रामपुकार सिंह के विधायक कॉलोनी स्थित निवास पहंुचे, जहां उन्होंने श्री सिंह से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का हालचाल पूछा और उन्हें शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार द्वय रुचिर गर्ग और विनोद वर्मा भी उपस्थित थे।
रायपुर/ शौर्यपथ / भाजपा के प्रशिक्षण कार्यक्रम पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया व्यक्त की प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते डॉ रमन सिंह ने रायगढ़ में भाजपा कार्यसमिति की बैठक में भाजपाइयों को एक साल के लिए कमीशनखोरी बंद कर 30 साल तक काली कमाई करने का फार्मूला बताये थे। अब कार्यकर्ताओं को झूठ बोलने मनगढ़ंत आरोप लगाने की कला सिखा रहे हैं। छत्तीसगढ़ की जनता रमन सिंह और भाजपा के कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार करने के तरीकों को पहचान गई। यही वजह है कि 15 साल के सत्ता के बाद भाजपा 15 सीट में सिमट गई।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के 24 महीने के कार्यकाल के बाद भाजपा छत्तीसगढ़ में मुद्दाविहीन हो चुकी है झूठ फरेब की राजनीति कर रही है और निरंतर छत्तीसगढ़ विरोधी कृत्यों में लगी हुई है भाजपा को छत्तीसगढ़ के किसान मजदूर युवा महिलाएं व्यापारी यहां के कला संस्कृति परंपरा से कोई लेना देना नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि केंद्र में बैठी मोदी सरकार लगातार छत्तीसगढ़ के साथ भेदभाव कर रही है किसानों के धान खरीदी में बाधा उत्पन्न कर रही है नियम शर्ते लगा रही है छत्तीसगढ़ के हिस्से की जीएसटी की राशि एवं जीएसटी की क्षतिपूर्ति राशि को देने में आनाकानी कर रही है।केंद्र की प्रधानमंत्री मजदूर कल्याण योजना हो, चाहे किसान सम्मान निधि योजना हो केंद्र सरकार की अन्य योजना हो उसमें छत्तीसगढ़ के ढाई करोड़ जनता को दूर रखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ के साथ हो रहे भेदभाव का भाजपा के नेता मौन रहकर समर्थन कर रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि बीते 7 साल में नरेंद्र मोदी की सरकार ने कोई ऐसा काम नहीं किया है जिसका लाभ देश की जनता को मिला हो। जब भाजपा के कार्यकर्ता ही मोदी सरकार के योजनाओं के बारे में नहीं जानते हैं तो निश्चित तौर पर जनता को भी मोदी सरकार की योजनाओं के बारे में ना तो जानकारी है ना ही लाभ मिला है।मोदी सरकार की योजना कागजो और विज्ञापनों तथा मोदी जी के भाषणों से बाहर नही निकल पाई है। मोदी सरकार अडानी-अंबानी जैसे चंद पूंजीपतियों को लाभ पहुँचाने लिए योजना बनाती है जिसका आर्थिक भार देश के आम जनता ऊपर पड़ता है। मोदी की सरकार हर मोर्चे पर फेल हो चुकी है महंगाई चरम सीमा पर है पेट्रोल डीजल के दाम आसमान छू रहे रसोई गैस की कीमत आसमान छू रही है। सब्सिडी खत्म कर दी गई है। रोजगार देने में असफल हुई है। व्यापार-व्यवसाय तबाही की ओर है। देश की अर्थव्यवस्था ऑक्सीजन में है। ऐसे समय में रमन सिंह भाजपा के कार्यकर्ताओं को मोदी सरकार के झूठे यशोगान करने का ट्रेनिंग दे रहे हैं।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / जनसंपर्क विभाग द्वारा शासन के 2 वर्ष पूरा होने पर विकासखंड डोंगरगांव में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, उपलब्धियां और विकास कार्यों की फोटो प्रदर्शनी लगाई गई है। विकासखंड स्तरीय फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से नागरिक योजनाओं से अवगत हुए। ग्राम संबलपुर के श्री सुभाष साहू ने कहा कि जनसंपर्क विभाग द्वारा फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से शासन की सभी योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं लाभों की जानकारी पोस्टर एवं पुस्तकों के माध्यम से लोगों को उपलब्ध कराना एक अच्छी पहल है। इसके माध्यम से लोगों को योजना का लाभ लेने के लिए मार्गदर्शन एवं जानकारी मिल रही है। ग्राम मुंगेरी नवागांव के श्री पालेन्द्र कुमार ने कहा कि जनसंपर्क विभाग द्वारा शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं को जनसमुदाय तक पहुंचाने का प्रयास सराहनीय है। विकासखंड स्तरीय फोटो प्रदर्शनी का जनपद सदस्य श्रीमती अंबिका साहू, सीईओ जनपद पंचायत श्री लेखराम चंद्रवंशी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों, जनप्रतिनिधिगण तथा नागरिकों ने अवलोकन किया। फोटो प्रदर्शनी में जनसंपर्क विभाग के श्री मछेन्द्र महाले एवं नागरिक उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती प्रभा दुबे अपने एक दिवसीय प्रवास पर राजनांदगांव पहुंची। स्थानीय विश्राम गृह में आयोजित बैठक में समीक्षा के दौरान उन्होंने प्रदेश में बच्चों के विरुद्ध होने वाले शोषण, दुव्र्यवहार एवं अमानवीय व्यवहार से संरक्षण के लिए एक रणनीति बनाकर अभियान चलाने के लिए कहा। इसके लिए उन्होंने समेकित बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, पुलिस प्रशासन, चाइल्ड हेल्प लाइन, महिला एवं बाल विकास विभाग को समन्वित तरीके से कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीडि़त बच्चों के पुनर्वास की व्यवस्था करते हुए उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा में लाना होगा। उन्होंने बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा हर प्रकार से सहायता करने की बात कही। इसके साथ ही पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरणों के त्वरित कार्रवाई और राहत, चिकित्सकीय सहायता व मुआवजा राशि देने तथा अन्य बिंदुओं पर समीक्षा भी की। साथ ही उन्होंने शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह, दत्तक ग्रहण एजेंसी का निरीक्षण कर वहां की व्यस्थाओं के संबंध में जानकारी ली और बच्चों के सर्वोत्तम हित में कार्य करने निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती रेणु प्रकाश, सहायक संचालक शिक्षा विभाग सुश्री संगीता राव, प्रशिक्षु डीएसपी रुचि वर्मा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी चंद्रकिशोर लाडे, बाल कल्याण समिति, शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक त्रीथराम खुटेल, रीना ठाकुर, संरक्षण अधिकारी किशन देवांगन एवं जेजेबी के सदस्यों सहित सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।
मोदी सरकार इस धोखे में हैं कि किसानों को बरगलाया, बहकाया और धमकाया जा सकता है छत्तीसगढ़ के किसानों ने भाजपा और रमन सिंह सरकार का मुगालता 2018 में दूर कर दिया मोदी सरकार का यह मुगालता भी देश के किसान दूर कर देंगे रायपुर/ शौर्यपथ / किसानों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी और छत्तीसगढ़ के रमन सिंह जैसे नेताओं की लगातार राजनैतिक कलाबाजी पर प्रदेश कांग्रेस के संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि मोदी सरकार इस धोखे में हैं कि किसानों को बरगलाया बहकाया और धमकाया जा सकता है। रमन सिंह भी किसानों को लेकर इसी मुगालते का शिकार थे। छत्तीसगढ़ के किसानों ने भाजपा और रमन सिंह सरकार का मुगालता 2018 के विधानसभा चुनावों में दूर कर दिया। मोदी सरकार का भी यह मुगालता भी देश के किसान दूर कर देंगे। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बिना मांगें किसान आंदोलनकारियों को केरल में आंदोलन की सलाह देने को हताशा और निराशा का जीता जागता सबूत निरूपित करते हुये प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि पीएम अब किसानों के साथ जुमलेबाजी पर उतर आए हैं। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि 2014 के चुनाव में देश के किसानों को स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के अनुसार लागत मूल्य का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने का वादा कर किसानों को बहकाने का काम मोदी भाजपा ने किया था। 2019 लोकसभा चुनाव में किसान सम्मान निधि 6000 सलाना जमा करने का वादा देकर किसानों को बहकाया गया। भाजपा नेताओं ने किसानों की ही नहीं बल्कि वोट लेने के देश के आम जनता को झूठे सपने दिखाकर बहकाया है। भाजपा सरकार किसानों की मांगों पर जवाब देने के बजाय भाजपा फूट डालो राज करो की नीति अपना रही है। किसानों के खिलाफ असत्यहीन झूठे आरोप लगा रही है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि मोदी सरकार कृषि कानूनों में संशोधनों की बात कर रही है। एक दो साल लागू करके देखने की बात जिम्मेदार मंत्री कर रहे है। इससे स्पष्ट है कि इन किसान विरोधी कानूनों को लागू करने का एजेन्डा तय हो चुका है और किसान हितों को तिलांजलि करने का भाजपा की मोदी सरकार मन बना चुकी है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार बनने के बाद किसानों की कर्ज माफी, 2500 रू. धान का दाम जैसे क्रांतिकारी फैसले लिये गये है जो छत्तीसगढ़ के भाजपा नेतृत्व से बर्दाश्त नहीं हो रहा है। मोदी सरकार की तरह छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता डॉ. रमन सिंह धरमलाल कौशिक किसानों के बरगलाने बहकाने और धमकाने में लगे है। पहले छत्तीसगढ़ के किसानों को समर्थन मूल्य से ऊपर राशि देने पर छत्तीसगढ़ के किसानों के धान से बना चांवल सेन्ट्रल पूल में नहीं लेने की धमकी छत्तीसगढ़ के पूरे किसानों को दी गयी। इस साल बारदाना आपूर्ति को भाजपा की केन्द्र सरकार ने बाधित किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि एक ओर अपने आपको नेता कहने और समझने वाले भाजपा नेताओं ने किसानों की धान खरीदी में बाधा डालने का हर संभव प्रयास किया है, वहीं दूसरी ओर धान खरीदी को लेकर किसान हितैषी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार पर कोई आरोप लगाने और अव्यवस्था फैलाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते है। भाजपा नेताओं के इस दोहरे चरित्र को छत्तीसगढ़ की जनता और खासकर किसान मजदूर भाई बखूबी समझ चुके हैं, जान गये हैं।
दुर्ग । शौर्यपथ । प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने भाजपा पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि किसानों की आय दुगुना करने का खोखला वादा करने वाली केंद्र की मोदी सरकार देश भर के करोड़ों किसानों को मात्र 18 हजार करोड़ रुपए देकर खुद की पीठ थपथपा रही है। सच ये है कि देश के प्रत्येक किसान को केंद्र सरकार सिर्फ दो हजार रुपए दे रही है जो ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। राजेंद्र ने भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि किसान विरोधी बिल लाने वाली भाजपा सरकार के मंत्री और नेता अब तक किसानों को यह बता पाने में असफल रहे हैं कि नए बिल से किसानों को आखिर क्या लाभ मिलेगा? किसी भी भाजपा नेता ने अभी तक न्यूनतम समर्थन मूल्य को किसान बिल में शामिल करने की मांग तक नहीं की गई है। इससे पता चलता है कि भाजपा नेता किसानों का हित नहीं चाहते। राजेंद्र ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने पर केंद्रीय पूल पर चावल न लेने की धमकी देने वाले मोदी सरकार किसानों की हितैषी होने का ढोंग कर रही है। सच ये है कि तीन नए कृषि कानूनों को लागू करने के बाद पूरे देश में भाजपा का किसान विरोधी चेहरा बेनकाब हो चुका है। किसानों के आंदोलन को लेकर भाजपा नेताओं के अनर्गल बयानों पर प्रहार करते हुए राजेंद्र ने कहा कि अंबानी और अडानी सहित अन्य उद्योगपतियों के मोहजाल में फंसकर भाजपा नेता किसानों को प्रताड़ित और बदनाम कर रहे हैं। पीड़ित पक्ष की आवाज उठाना विपक्षी दलों का काम होता है। विपक्षी दलों के आवाज उठाने पर भाजपा नेता राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं। राजेंद्र ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश से लगभग 20 लाख किसानों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर इस काले कानून का विरोध किया है। देश के किसी भी प्रदेश के किसानों ने बिल का समर्थन नहीं किया है। किसी भी किसान को यह समझ नहीं आ रहा है कि इस बिल का लाभ उन्हें कैसे और कब मिलेगा। राजेंद्र ने कहा कि अगर भाजपा की केंद्र सरकार वास्तव में किसान हित चाहते हैं तो तीनों नए किसान बिल को तत्काल वापस लेने का काम अविलंब करें। फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को कृषि बिल में शामिल करते हुए उसमें बढ़ोतरी भी करें ताकि इससे किसानों की आय बढ़ सके। राजेंद्र ने कहा कि जिस तरह छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ने किसानों का कर्जा माफ किया और 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी के साथ ही 2 रुपए किलो की दर से गोबर खरीदकर किसानों को सम्पन्न और खुशहाल बना रही है। केंद्र सरकार भी भूपेश सरकार से सबक लेकर किसान हितैषी योजनाएं लागू करें।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
