August 09, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    खाना खजाना /शौर्यपथ /सोया चाप प्रोटीन का अच्छा ऑप्शन है. वहीं, वेजिटेरियन लोगों के लिए यह नॉनवेज से कम नहीं है। चाप को कई तरह…
    धर्म संसार /शौर्यपथ / मार्गशीर्ष मास में शुक्लपक्ष की एकादशी को मोक्षदा एकादशी का व्रत रखा जाता है। ऐसा कहाजाता है कि इस दिन ही…
    शिक्षा /शौर्यपथ / विदुर नीति में विदुर जी के विचारों को बताया गया है। विदुर जी को बुद्धिजीवी मानते हैं। इसलिए आज भी लोग उनके…

    खेल /शौर्यपथ / भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 26 दिसंबर (बॉक्सिंग डे) से चार मैचों की बॉर्डर-गावस्कर सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) पर खेला जाना है। इस मैच से एक दिन पहले ही टीम इंडिया ने अपने प्लेइंग XI का ऐलान कर दिया है। टीम इंडिया की ओर से मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर शुभमन गिल और मोहम्मद सिराज अपना डेब्यू टेस्ट मैच खेलेंगे। एडिलेड में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया को आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। मैच की दूसरी पारी में टीम इंडिया महज 36 रन ही बना सकी थी, जिसके बाद से पृथ्वी शॉ और ऋद्धिमान साहा का प्लेइंग इलेवन से बाहर होना लगभग तय माना जा रहा था, इसके अलावा कप्तान विराट कोहली पैटरनिटी लीव पर स्वदेश लौट गए हैं और वहीं तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी चोट के चलते सीरीज के बचे हुए मैचों से बाहर हो चुके हैं। चलिए एक नजर डालते हैं टीम इंडिया के प्लेइंग XI की पांच अहम बातों पर-
    1- सलामी बल्लेबाज के तौर पर शुभमन करेंगे टेस्ट डेब्यूः पिछले कुछ समय से शुभमन गिल टेस्ट टीम का हिस्सा तो बने हैं, लेकिन अभी तक उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल होने का मौका नहीं मिला था। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में शुभमन का रिकॉर्ड शानदार है, उन्होंने 23 मैचों की 38 पारियों में 68.78 की औसत से कुल 2270 रन बनाए हैं। उनका बेस्ट स्कोर 268 है, जबकि उनके बल्ले से 7 सेंचुरी और 11 हाफसेंचुरी निकल चुकी हैं। शुभमन वनडे इंटरनैशनल में डेब्यू कर चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्हें डेब्यू टेस्ट खेलने का मौका नहीं मिला था। पहले टेस्ट की दोनों पारियों में पृथ्वी शॉ 0 और 4 रन बनाकर आउट हुए। शॉ पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म में चल रहे हैं और ऐसे में गिल को टीम में जगह मिली।
    2- मोहम्मद सिराज के लिए खास होगा टेस्ट डेब्यूः ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आए सिराज के पिता का निधन हुआ, लेकिन वह स्वदेश नहीं लौटे। सिराज के पिता का सपना था कि वह टीम इंडिया के लिए खेलें और टीम को जीत दिलाएं। सिराज अपने पिता के इस सपने को पूरा करना चाहते हैं और यही वजह है कि वह ऑस्ट्रेलिया दौरे से स्वदेश नहीं लौटे। सिराज ने बॉर्डर-गावस्कर सीरीज से पहले दो प्रैक्टिस मैच भी खेले और इस दौरान कुल पांच विकेट लिए। सिराज ने अपनी गेंदबाजी से प्रभावित किया और यही वजह है कि चोटिल शमी की जगह उन्हें नवदीप सैनी पर तरजीह दी गई।
    3- ऋषभ पंत के लिए होगी अग्नि-परीक्षाः पंत ने टेस्ट करियर का शानदार आगाज किया था। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में सेंचुरी भी जड़ी है, लेकिन इसके बाद वह वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड में बुरी तरह फेल हुए। इसके अलावा पंत का फॉर्म लिमिटेड ओवर क्रिकेट में भी हिला हुआ नजर आया, जिसके चलते उन्हें प्लेइंग XI से बाहर किया गया। पंत ने इस टेस्ट सीरीज से पहले प्रैक्टिस मैच में सेंचुरी ठोकी थी। वहीं साहा पहले टेस्ट की दोनों पारियों में फेल हुए, जिसके चलते उन्हें बेंच पर वापस जाना पड़ा और पंत को टीम में जगह मिली। हालांकि पंत के लिए यह किसी अग्नि-परीक्षा से कम नहीं होगा।
    4- पांच गेंदबाजों के साथ उतरेगा भारतः रविंद्र जडेजा की प्लेइंग XI में वापसी हुई है, जिसके साथ ही टीम इंडिया इस मैच में पांच गेंदबाजों के साथ उतरेगा। पिछले मैच में आर अश्विन, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और उमेश यादव के रूप में चार ही स्पेशलिस्ट गेंदबाज थे। जडेजा की वापसी से टीम इंडिया की बल्लेबाजी में भी गहराई आएगी और गेंदबाजी को तो मजबूती मिलेगी ही। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) पर जडेजा टीम इंडिया के लिए एक्स फैक्टर साबित हो सकते हैं।
    5- केएल राहुल को फिर नहीं मिला मौकाः राहुल को एक बार फिर प्लेइंग XI में जगह नहीं मिली है। ऐसा माना जा रहा था कि राहुल की टीम में वापसी होगी। विराट कोहली की जगह उन्हें टीम में शामिल किया जाएगा, जबकि हनुमा विहारी की जगह रविंद्र जडेजा को मिलेगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। जडेजा को विराट की जगह टीम में जगह मिली, जबकि हनुमा विहारी टीम में टिके हुए हैं। केएल राहुल ने 36 टेस्ट मैचों में 34.58 की औसत से 2006 रन बनाए हैं। इसमें 5 सेंचुरी और 11 हाफसेंचुरी शामिल हैं। राहुल ने अपना आखिरी टेस्ट अगस्त 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था।

    आन्दोलन में छत्तीसगढ़ को बापू के कारण नया नेतृत्व मिला-चुन्नी लाल साहू

    राजशेखर नायर/धमतरी ब्यूरो/दैनिक शौर्य पथ समाचार


    गांधी जी का प्रथम छत्तीसगढ़ प्रवास के शताब्दी वर्ष पर बापू और छत्तीसगढ़ पर केन्द्रित संगोष्ठी
    मुजगहन के साहित्य सदन में हुआ संपन्न
    राष्ट्रीय आन्दोलन में छत्तीसगढ़ को बापू के कारण नया नेतृत्व मिला-चुन्नी लाल साहू
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    साहित्य सदन मुजगहन (धमतरी) में बापू और छत्तीसगढ़ गांधी जी का प्रथम छत्तीसगढ़ प्रवास के शताब्दी वर्ष के अवसर पर कण्डेल नहर सत्याग्रह के अप्रतीम सेनानियों की पुण्य स्मृति में उनके परिजनों का अभिनंदन करते हुए हरि ठाकुर स्मारक संस्थान रायपुर के निदेशक आशीष सिंह ठाकुर के निर्देशन, श्री प्रभात मिश्रा अखिल भारतीय साहित्य प्रदेश संयोजक के मार्गदर्शन एवं साहित्य संगीत सांस्कृतिक मंच के संयोजन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री चुन्नी लाल साहू, कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफे. सुरेश देशमुख एवं विशेष अतिथि धमतरी विधायक श्रीमती रंजना डिपेन्द्र साहू थे।
    कार्यक्रम के मुख्यअतिथि श्री चुन्नीलाल साहू सांसद ने हरिठाकुर स्मारक संस्थान, साहित्य संगीत सांस्कृतिक मंच मुजगहन का आभार मानते हुए कहा-आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। इस ऐतिहासिक दिन को भूलाया नहीं जा सकता। वीर नारायण सिंह के बलिदान को याद किया। उन्होंने महासमुंद क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक घटनाओं को याद दिलाते हुए वीर सुरेन्द्र राय व लाल सिंह मांझी के शहादत को याद किया। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में छ.ग. के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कण्डेल नहर सत्याग्रह में यहां के क्रांतिकारियों के जोश भरने हेतु गांधी जी के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा-यहां के शहीदों को वह स्थान आज नहीं मिला जिसके वे हकदार हैं।
    तमोरा और खरोरा के जंगल सत्याग्रह की घटनाओं को भी विस्तार से बताया। अहिंसा के पुजारी के रूप में यतियतन लाल के कार्यों को याद किया। कहा सभी राष्ट्रीय आन्दोलन जो छत्तीसगढ़ में हुए उसमें बापू के कारण यहां नया नेतृत्व मिला और बापू ने जोश भरने का काम किया। बापू का आर्शीवाद हमेशा छ.ग. को मिलता रहा।
    विशेष अतिथि श्रीमती रंजना साहू विधायक ने कहा-राष्ट्रीय एकता के धरातल पर सुनहरे भविष्य की नींव रखी जा सकती है। दे दी हमें आजादी तुने खडग बिना ढाल, साबरमती के संत तुने कर दिया कमाल। उन्होंने पूरे देश की एकता हेतु अपना जीवन लगा दिया। आगे कहा बीजेपी कभी गांधी जी का विरोध नहीं करती। जिन्होंने पूरा जीवन देश को समर्पित कर दिया उसकी आलोचना नहीं हो सकती। वे सदैव पूजनीय रहेंगे। उनकी स्मृति को नहीं भुलाया जा सकता। राष्ट्रपिता के विचारों को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
    प्रोफे. सुरेश देशमुख ने गांधी जी को याद करने हेतु हरिठाकुर संस्थान और आशीष सिंह, प्रभात मिश्रा, डुमन लाल ध्रुव का आभार माना। उन्होंने गांधी जी के छत्तीसगढ़ प्रवास की घटनाओं को याद करते हुए कहा-किसानों द्वारा नहर सत्याग्रह हेतु एग्रीमेंट/दबाव के विवाद के समाधान हेतु गांधी जी के छत्तीसगढ़ आने एवं अंग्रेजों द्वारा आरोप लगाए गए पानी चोरी षड़यंत्र को विफल करने एवं 4304 रूपये जुर्माना लगाने को वापिस कराया गया। पं. सुन्दर लाल शर्मा, नारायण राव मेघावाले आदि के योगदान से किसानों पर लगाए जुर्माने को वापिस कराया गया। 20 दिसम्बर 1920 को रायपुर एवं 21 दिसम्बर 1920 को गांध्ी जी के आगमन से छत्तीसगढ़ और धमतरी गौरान्वित हुआ।
    संस्कृति विभाग के पुरातत्वविद् श्री अशोक तिवारी ने गांधी जी के छत्तीसगढ़ आगमन के कारण राष्ट्रीय आन्दोलन में बहुत प्रभाव पड़ा। इससे छत्तीसगढ़ में अधिक जागृति आयी। उन्होंने गांधी जी के सत्य के साथ प्रयोग और गांधी जी के प्रभाव से यहां उत्साह का संचार हुआ। यूएसए के नेता भी गांधी जी से प्रभावित थे। उन्होंने आगे कहा कि गांधी जी और गौतम बुद्ध आधुनिक युग के देवता माने जा सकते हैं। गांधी जी का सबसे बड़ा हथियार सत्याग्रह था। जितना महत्व मार्टिन लूथर का यूएसए मेें था वैसा ही भारत में गांधी जी का प्रभाव था। गांधी जी हिन्दू होने के साथ-साथ सभी धर्मों को समान महत्व देने वाले व्यक्ति थे।
    रंगकर्मी आकाश गिरी गोस्वामी ने बापू के परिवेश में छोटेलाल श्रीवास्तव, नत्थूजी जगताप, पं. सुंदरलाल शर्मा आदि को याद करते हुए सभी के अमूल्य योगदान को संवाद के माध्यम से बताया। राष्ट्रीय आन्दोलन में इनके योगदान को कभी भूला नहीं जा सकता। पूरे देश को आपके किए प्रयास को अनुकरण करने की आवश्यकता है। वीर सेनानियों ने सत्य निष्ठा और शांति का जो प्रयास किया वह अविस्मरणीय है।
    इस अवसर पर महात्मा गांधी के प्रथम छत्तीसगढ़ आगमन के शताब्दी वर्ष पर कण्डेल नहर सत्याग्रह के अप्रतीम सेनानियों की पुण्य स्मृति में उनके परिजनों का अभिनंदन किया गया। जिसमें मुख्य रूप से पं. सुन्दरलाल शर्मा परिवार से आशीष शर्मा, बाबू छोटे लाल श्रीवास्तव परिवार से श्री यतीन्द्र भूषण श्रीवास्तव, नत्थूजी जगताप परिवार से श्रीमती कविता बाबर को शाॅल, श्रीफल और गांधी जी की स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
    तत्पश्चात् माननीय अतिथियों की उपस्थिति में चित्रकार श्री मनोहर दास द्वारा तैयार की गई पेंटिंग गांधी जी की जीवनी पर केन्द्रित का अनावरण किया गया।
    कार्यक्रम का सफल संचालन श्री प्रभात मिश्रा रायपुर एवं आभार प्रदर्शन साहित्य संगीत सांस्कृतिक मंच मुजगहन के अध्यक्ष डुमन लाल ध्रुव ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से साहित्यकार श्री अरविंद मिश्रा, श्री राकेश तिवारी, श्री हीरालाल साहू, द्वारका प्रसाद तिवारी, मन्नम राना, श्री चन्द्रशेखर साहू सरपंच, राजकुमार तिवारी, डाॅ. सरिता दोशी, डाॅ. हेमवती ठाकुर, डाॅ. आनन्द ठाकुर, विनोद जैन, जितेन्द्र प्रताप सिंह, चेतन हिन्दूजा, समृद्ध, अभिनन्यु, उपमन्यु, धनंजय त्रिपाठी, उमेश साहू सांसद प्रतिनिधि, श्री कृष्णा मरकाम प्रदेश कांग्रेस कमेटी संचार विभाग, ओमप्रकाश नाग, हरिशंकर ध्रुव, मयंक ध्रुव, युवराज सोनकले मुख्य रूप से उपस्थित थे।

    राजशेखर नायर/धमतरी ब्यूरो /
    दैनिक शौर्य पथ समाचार

    जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाए गए छायाचित्र प्रदर्शनी के जरिए ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी तो मिल ही रही है, वहीं निःशुल्क ब्रोशर, पाॅम्पलेट एवं पुस्तक इत्यादि मिलने से ग्रामीण सहित स्कूल एवं काॅलेज में पढ़ने वाले बच्चे भी सामान्य ज्ञान से अवगत हो रहें हैं। उक्ताशय के उद्गार आज मगरलोड विकासखण्ड के ग्राम पंचायत पाहंदा स्थित बाजार चैक प्रांगण में लगे छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए सरपंच श्री लोमस सिन्हा ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर इस तरह की छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन काबिल-ए-तारीफ है। चूंकि यह प्रदर्शनी गांव के बाजार चैक में लगी है, तो इससे बाजार में आने-जाने वाले हर कोई अवलोकन कर इसका लाभ उठा रहा है। पंच श्रीमती विमला बाई ध्रुव ने छायाचित्र प्रदर्शनी को सराहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियांे को दर्शाते इस फोटो प्रदर्शनी से विभिन्न योजनाओं के संबंध में बहुत ही अच्छी जानकारी मिली। इस प्रदर्शनी का लाभ निश्चित ही हमारे गांव के लोगों को मिलेगा।
    इस अवसर पर ग्रामीण श्री गयाराम साहू ने कहा कि छायाचित्र प्रदर्शनी के जरिए जहां एक ओर प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिल रही है, वहीं लोगों का बेहतर प्रतिसाद भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण बड़े ही उत्साहपूर्वक छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन कर इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे हैं। श्रीमती कुमारी बाई देवांगन, श्रीमती खेमिन बाई, श्रीमती लक्ष्मी यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने भी मुक्तकंठ से छायाचित्र प्रदर्शनी को सराहा। गौरतलब है कि इस छायाचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदेश सरकार की दो वर्षों की उपलब्धियों को दर्शाया गया है। इसमें राम वन गमन परिपथ, छत्तीसगढ़ी गढ़कलेवा, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य, सुपोषण अभियान, राजीव युवा मितान, आदिवासियों के लिए संचालित योजनाओं में दो वर्ष की प्रगति, एन.जी.जी.बी., पेयजल आपूर्ति के लिए प्रयास और योजनाएं, वनोपज संग्रहण संबंधी प्रगति, डॉ.खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना, सार्वभौम पी.डी.एस., 23 नए तहसीलों के उदय इत्यादि संबंधी छायाचित्र आकर्षक तरीके से लगाया गया है। इसी तरह प्रदर्शनी स्थल पर निःशुल्क ब्रोशर, पाॅम्पलेट एवं पुस्तक भी वितरित किए गए।

    दुर्ग/ कुम्हारी( शौर्यपथ) / कैवल्य पार्क में अरबिंदो चटर्जी दंपत्ति के साथ रुपयों के लेनदेन को लेकर अपने साथियों संग घर मे घुसकर मारपीट करने वाली मुख्य आरोपी पूजा सरकार…
    शौर्यपथ ख़ास / भिलाई अवैध कब्ज़ा चाहे जैसा भी हो अवैध ही कहलाता है अवैध कब्ज़ा करने वाले गरीब हो या अमीर किन्तु कानून की नजर में सब एक बराबर…

    गोधन योजना से सृजित हो रहे हैं रोजगार के नए अवसर : किसान बढ़ रहे हैं जैविक खेती की ओर
    मुख्यमंत्री ने गोधन न्याय योजना की 10वीं किश्त में गोबर विक्रेताओं के खातों में अंतरित की 5.12 करोड़ रूपए की राशि
    गोधन न्याय योजना में अब तक 1.40 लाख गोबर विक्रेताओं को 64.20 करोड़ रूपए का भुगतान
    गौठानों में किसानों ने किया 5 करोड़ रूपए मूल्य का पैरादान

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज प्रदेश सरकार की गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में गोबर खरीदी की 10वीं किश्त की राशि के रूप में 5 करोड़ 12 लाख रूपए की राशि गौपालकों के खाते में अंतरित की। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 1 लाख 40 हजार से अधिक पशुपालक लाभान्वित हो रहे हैं।
    विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि गोधन न्याय योजना के अंतर्गत अब तक गौपालकों को 64 करोड़ 20 लाख रूपए की राशि दी जा चुकी है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में परिवर्तन आ रहा है। रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और किसान जैविक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। गोधन न्याय योजना में गोबर खरीदी के साथ-साथ हजारों ग्रामीण महिलाएं वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन का कार्य कर रही है। वर्मी कम्पोस्ट की विक्रय दर 8 रूपए प्रति किलो से बढ़ाकर 10 रूपए प्रति किलो कर दी गई है। इस योजना से नए रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। जो किसान वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग कर रहे हैं, वे जैविक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। श्री बघेल ने कहा कि जैविक खेती में उत्पादित होने वाले अनाज और फलों की कीमत डेढ़ से दोगुनी बढ़ जाती है। इससे किसानों की आय में भी अच्छी खासी वृद्धि होगी। उन्होंने गोधन योजना से जुड़े सभी हितग्राहियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे और कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता उपस्थित थीं।
    कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. गीता ने बताया कि प्रदेश में 7 हजार 824 गौठान स्वीकृत किए गए हैं। जिनमें से 4 हजार 704 गौठान पूरे हो गए हैं। इनमें से 4 हजार 173 गौठान सक्रिय हैं। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत अब तक 32 लाख 10 हजार क्विंटल गोबर की खरीदी की जा चुकी है। गोबर से गौठानों में तैयार की गई 8 हजार 50 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट की अब तक बिक्री की जा चुकी है। गौठानों में किसानों ने लगभग 5 करोड़ रूपए मूल्य का पैरा दान किया है। गौठानों में पशु के चारा के रूप में अजोला का उत्पादन किया जा रहा है। जिसमें लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। उन्होंने बताया कि गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट के निर्माण के लिए 78 हजार 47 वर्मी टांका स्वीकृत किए गए थे, जिसमें से 54 हजार 241 वर्मी टांका पूर्ण हो गए हैं और 16 हजार 810 वर्मी टांका का निर्माण प्रगति पर है। डॉ. गीता ने बताया कि रायपुर की दो प्रयोगशालाओं सहित दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा, बस्तर और रायगढ़ की एक-एक प्रयोगशाला में वर्मी कम्पोस्ट के नमूनों की जांच की जा रही है। अब तक 1,006 नमूनों का विश्लेषण किया जा चुका है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों में 47.5 प्रतिशत हितग्राही अन्य पिछड़ा वर्ग के, 44 प्रतिशत हितग्राही महिलाएं और 41 प्रतिशत हितग्राही अनुसूचित जनजाति वर्ग और 7.80 प्रतिशत हितग्राही अनुसूचित जाति वर्ग के हैं।

    छत्तीसगढ़ सरकार पूरी संजीदगी से कर रही है धान खरीदी का काम, किसानों को नहीं होने देंगे कोई तकलीफ: मुख्यमंत्री बघेल
    धान खरीदी की समस्याओं के निराकरण के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध
    छत्तीसगढ़ विधानसभा में 2387 करोड़ रूपए का द्वितीय अनुपूरक बजट पारित
    वित्तीय वर्ष 2020-21 के बजट का आकार बढ़कर हुआ एक लाख 9 हजार 101 करोड़ रूपए
    मुख्यमंत्री ने कहा - हमारी प्राथमिकता प्रदेश के गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं और युवाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार लाना
    धान खरीदी शुरू हुए एक माह हो रहे, केन्द्र ने अब तक नहीं दी एफसीआई को चावल देने की अनुमति

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज चर्चा के बाद ध्वनिमत से 2 हजार 387 करोड़ रूपए का द्वितीय अनुपूरक बजट पारित कर दिया गया। द्वितीय अनुपूरक के बाद अब प्रदेश के वर्ष 2020-21 के मुख्य बजट का आकार कुल एक लाख 9 हजार 101 करोड़ रूपए हो गया है। वर्ष 2020-21 का मुख्य बजट एक लाख 2 हजार 907 करोड़ रूपए का था। प्रथम अनुपूरक का आकार 3 हजार 807 करोड़ रूपए था।
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी संजीदगी के साथ धान खरीदी का काम कर रही है, किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। बारदानों की कमी को दूर करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी प्राथमिकता प्रदेश के गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं और युवा हैं। उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार करना हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हां हमने कर्ज लिया है, किसानों की कर्ज माफी के लिए, धान खरीदी के लिए और लोगों की सहायता करने के लिए। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने स्काई वॉक, एक्सप्रेस-वे, मोबाइल खरीदी और नई राजधानी के लिए ऋण लिया, लेकिन इसका प्रदेश की जनता को क्या फायदा हुआ। मुख्यमंत्री ने नई तहसीलों की जनप्रतिनिधियों की मांग के संबंध में कहा कि राज्य सरकार द्वारा 23 नई तहसीले बनाई गई है। भविष्य में जब भी नई तहसीलें बनाई जाएंगी जनप्रतिनिधियों की मांगों को ध्यान में रखा जाएगा।
    मुख्यमंत्री ने बारदानों की व्यवस्था के संबंध में कहा कि राज्य सरकार ने भारत सरकार के जूट कमिश्नर से छत्तीसगढ़ को 4.50 लाख गठान बारदाना उपलब्ध कराने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने एक लाख 43 हजार गठान बारदाने उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी। लेकिन हमें एक लाख 5 हजार गठान बारदानें जूट कमिश्नर से मिले हैं। कोरोना काल में जूट मिलें बंद थी, इसलिए राज्य सरकार ने पीडीएस की दुकानों से 65 हजार गठान पुराने बारदाने, राईस मिलर्स से 80 हजार गठान बारदाने की व्यवस्था की है। हमें अब तक 2 लाख 62 हजार गठान बारदाने मिले हैं, जिनमें से एक लाख 58 हजार गठान बारदानों का उपयोग किया जा चुका है और एक लाख 4 हजार गठान बारदाने शेष हैं।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आम जनता को सुविधाएं उपलब्ध कराने के कार्य किए, उनकी सराहना भारत सरकार और नीति आयोग ने भी की। कोरोना काल में प्रदेश में 22 हजार से अधिक क्वॉरेंटाइन सेंटर स्थापित किए गए, गरीबों को 35 किलो के मान से 3 माह का अनाज मुफ्त दिया गया, मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को घर पहुंचाकर सूखा राशन दिया गया। श्री बघेल ने कहा कि प्रदेश के भ्रमण के दौरान उन्होंने कई धान खरीदी केंद्रों का भी दौरा किया वहां भीड़-भाड़ नहीं थी और व्यवस्थाएं काफी अच्छी थी। नई सरकार बनने के पहले प्रदेश में 1900 धान खरीदी केंद्र थे, जिन्हें पहले चरण में बढ़ाकर 2000 किया गया और अब 2300 केंद्रों पर धान की खरीदी हो रही है। पिछले वर्ष 23 दिसंबर तक 5 लाख किसानों ने 18 लाख मेट्रिक टन धान बेचा था, जबकि इस वर्ष 23 दिसंबर तक 9 लाख 90 हजार किसानों ने 38 लाख मैट्रिक टन धान बेचा है। इस वर्ष धान के विक्रय के लिए 21 लाख 38 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में सर्वाधिक है। धान के रकबे में भी 6 लाख एकड़ की वृद्धि हुई है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि धान खरीदी में आ रही समस्याओं के निराकरण के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध है। इस संबंध में मिल रही शिकायतों का लगातार समाधान किया जा रहा है। डायल 112 में अब तक 1700 शिकायतें मिली जिनमें से 483 का निराकरण किया जा चुका है। रकबे में त्रुटि के संबंध में 413 शिकायतें मिली हैं, जिनके निराकरण के लिए अधिकारियों को कहा गया है। उन्होंने बताया कि कल ही उन्होंने केंद्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल से एफसीआई को चावल देने की अनुमति देने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने कहा कि मैं किसान आंदोलन में व्यस्त हूं। धान खरीदी को एक माह हो गया है लेकिन यह दुर्भाग्यजनक है कि अभी तक एफसीआई में चावल देने की अनुमति नहीं मिल पाई है। राईस मिलर्स अब तक 7 लाख मेट्रिक टन से अधिक उठाव कर चुके हैं। यदि एफसीआई में चावल जमा करने की अनुमति नहीं मिलती है तो बारदाने की कमी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को एकमुश्त धान की कीमत 2500 रूपए प्रति क्विंटल इसलिए नहीं दी जा सकी क्योंकि केन्द्र सरकार ने हमारे हाथ-पांव बांध दिए थे। समर्थन मूल्य और 2500 रूपए प्रति क्विंटल के अंतर की राशि किसानों को देने के लिए राज्य सरकार राजीव गांधी किसान न्याय योजना लेकर आई जिसमें किसानों को प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की राशि दी जा रही है। इस योजना में किसानों को तीन किश्तों का भुगतान किया जा चुका है। चौथी किश्त भी इसी वित्तीय वर्ष में दे दी जाएगी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना मरीजों का सरकारी अस्पतालों में मुफ्त में इलाज किया जा रहा है। राज्य सरकार कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए भारत सरकार की गाइडलाइन का पालन कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य संबंधी अधोसंरचना विकसित करने के भी पूरे प्रयास किए है। 15 वर्षों में प्रदेश में केवल 46 आईसीयू बेड थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 400 हो गई है। हजारो बेड, वेंटिलेटर की व्यवस्था की गई। कोरोना पैंडेमिक से निपटने के लिए स्वास्थ्य और पुलिस विभाग सहित पंचायत, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा सहित सभी विभागों के लोगों और जनप्रतिनिधियों में सराहनीय कार्य किया। उन्होंने कहा कि अब कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन आ गया है। यदि विदेशों से आने वालों को पहले ही बड़े शहरों में रोक लिया गया होता, तो यह छत्तीसगढ़ नहीं आ पाता। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर गर्व है और छत्तीसगढ़िया होने का अभिमान है। नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि नरवा प्रोजेक्ट में भारत सरकार ने सूरजपुर और बिलासपुर जिले को पूरे देश में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया है। स्वच्छता के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश में पहला है। गोधन न्याय योजना में अब तक 32 लाख क्विंटल से अधिक गोबर की खरीदी की जा चुकी है और पशुपालकों को 64 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। अंबिकापुर के वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन करने वाले एक महिला स्व-सहायता समूह ने एक बड़ी कम्पनी के साथ 16 रूपए प्रति किलो की दर पर वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री के लिए एमओयू किया है। उन्होंने कहा कि गोबर हमारे लिए पवित्र वस्तु है। आज भी घरों में चूल्हे और पूजा स्थल की लिपाई गोबर से की जाती है। गोबर को हमने अर्थव्यवस्था से जोड़ा है।
    मुख्यमंत्री ने विपक्ष द्वारा कर्ज के आकार बढ़ने के संबंध में की गई शिकायतों का जवाब देते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2019-20 के केन्द्रीय बजट में राज्य को केन्द्रीय करों में राज्य के हिस्से की राशि 26 हजार 13 करोड़ रूपए निर्धारित की गई थी, किन्तु राज्य को वास्तविक रूप से केवल 20 हजार 205 करोड़ रूपए ही प्राप्त हुए। इस प्रकार राज्य को 5 हजार 808 करोड़ रूपए कम प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार वर्ष 2019-20 में राज्य को जीसएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान की राशि 4 हजार 506 करोड़ प्राप्त होनी थी, किन्तु केवल 2 हजार 644 करोड़ ही प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार इन दोनों मदो में कुल 7 हजार 670 करोड़ की कमी होने से राज्य के संसाधनों में भारी कमी आई है।
    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि वर्ष 2019-20 में केन्द्रीय करों में राज्य के हिस्से में कमी को देखते हुए भारत सरकार द्वारा विशेष रियायत के रूप में राज्य को एक हजार 813 करोड़ की अतिरिक्त अधार-सीमा का लाभ एफआरबीएम एक्ट में संशोधन करने की शर्त पर प्रदाय किया गया था। 22 मार्च 2020 से देशव्यापी लॉकडाउन के कारण राज्य के स्वयं के राजस्व में भी आंशिक कमी हुई है, किन्तु वैश्विक आपदा के समय में राज्य के लोगों को फौरी तौर पर राहत प्रदान करने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु राज्य द्वारा लोकहित में आवश्यक व्यय किए गए है। केन्द्र सरकार द्वारा दी गई अतिरिक्त उधार सीमा के लिए निर्देशानुसार राज्य के एफआरबीएम एक्ट में 2019-20 के लिए वित्तीय घाटे की सीमा में वृद्धि हेतु संशोधन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि सामान्य आर्थिक मंदी एवं कोविड-19 महामारी से उत्पन्न विशेष परिस्थितियों के कारण केन्द्र सरकार के साथ-साथ सभी राज्यों के राजस्व प्राप्तियों में भारी कमी दर्ज की गई है। जिसकी पूर्ति के लिए ऋण लिया गया है।
    राज्यों की जीएसडीपी के तिमाही आंकड़े जारी नहीं किए जाते हैं किन्तु केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन के हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार देश की जीडीपी में प्रथम तिमाही में 23.9 प्रतिशत तथा द्वितीय तिमाही में 7.5 प्रतिशत की गिरावट आयी है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि अंत में मार्च 2020 में केन्द्र सरकार ने राज्य को एक हजार 813 करोड़ अतिरिक्त ऋण लेने का निर्देश दिया। लेकिन हमन अतिरिक्त ऋण न लेकर उपलब्ध राशि में ही राज्य के खर्चों को संचालित किया। वर्ष 2020-21 में तो भारत सरकार द्वारा सभी राज्यों को 2 प्रतिशत अतिरिक्त ऋण लेनेे की अनुमति प्रदान की जा चुकी है, किन्तु छत्तीसगढ़ ने अभी तक इस अतिरिक्त ऋण सीमा का लाभ नहीं लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व प्राप्तियों में छत्तीसगढ़ ने बेहतर प्रदर्शन किया है।

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