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April 22, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

मनोरंजन / शौर्यपथ /जब करीना कपूर खान और सैफ अली खान ने शादी की, तो सारा अली खान से एक सवाल किया गया कि आखिर उन्हें करीना को क्या कहना चाहिए. करीना कपूर और सारा का अब बहुत अच्छा रिश्ता है, लेकिन जब करीना की नई-नई शादी हुई थी, तो सारा हैरान थी कि वह उनके साथ कैसा व्यवहार करेंगी.
एक टॉक शो में सैफ और करीना की शादी के बाद सारा अली खान ने एक पुरानी बात शेयर की है. करीना सारा और उसके भाई को दोस्त की तरह मानती हैं. उनके साथ सभी विषयों पर बातचीत करती हैं. पहले तो सारा को करीना पर शक था, चूंकि करीना इतनी बड़ी सुपरस्टार हैं, तो उन्हें आश्चर्य होता था कि क्या वह उनके साथ अच्छा व्यवहार करेंगी. करीना ने उन्हें कभी स्टारडम में नहीं लाया.
जब करीना की शादी हो गई और वे सैफ के घर आ गईं. इसके बाद सारा अली पिता सैफ को फोन करने की सोच रही थी कि उन्हें करीना को क्या कहकर बुलाना है. वे करीना को बेबो कहना चाहती थीं. फिर सारा ने सोचा कि क्यों न उन्हें आंटी कहा जाए? आखिर में उसने सैफ से वही सवाल कर दिया.
उसका सवाल सुनकर सैफ अली खान हैरान रह गए. सैफ ने कहा, ‘आप किसे आंटी कहती हैं? अगर करीना को आंटी कहा जाता है, तो मैं इसे बिल्कुल पसंद नहीं करूंगा. आंटी के अलावा उसे कुछ भी कहो.’ सारा भी सैफ की बात से सहमत थीं.
अब सारा करीना को 'के' या 'करीना' ही कहती हैं. सारा ने बताया था कि उनके और करीना के रिलेशन में कभी कन्फ्यूजन नहीं रहा है. उन्होंने कहा था, ‘देखो तुम्हारी मां बहुत अच्छी हैं. मैं चाहती हूं कि हम दोनों दोस्त रहें. काम की बात करें तो सारा अली खान की कुली नंबर 1 जल्द ही रिलीज़ होगी.

राजशेखर नायर/दैनिक शौर्यपथ/नगरी


नगर पंचायत नगरी क्षेत्र में शासकीय भूमियों पर बेखौफ अतिक्रमण का सिलसिला जारी है।

नगरवासी आरोप लगा रहे हैं कि इन्हें नगर पंचायत के कुछ कर्मचारियों व जनप्रतिनिधियों का संरक्षण हासिल है।

आरोप ये भी लग रहे हैं कि नियमों को ताक में रखकर भूमियों पर निर्माण की एनओसी नगर पंचायत द्वारा दी जा रही है।

जिलाधीश महोदय धमतरी से निवेदन हैं कि वर्ष 2019-20 में नगर पंचायत क्षेत्र में सभी नामांतरण किए गए भूमि व एनओसी की जांच की जाए और दोषी अधिकारी कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।

कई शासकीय भूमियों पर अब भी भू माफियाओं की नजर गड़ी हुई है व धीरे-धीरे इन शासकिय भूमियों को हथियाने का षड्यंत्र रचा जा रही है।

खेल /शौर्यपथ / मोहम्‍मद कैफ का नाम आते ही, जो सबसे पहली याद भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को आती है, वो है लॉर्डस का मैदान. जहां सचिन तेंदुलकर के आउट होने के बाद फैन्स को लगा था कि नेटवेस्‍ट सीरीज का फाइनल टीम इंडिया अब हार गई, मगर 2002 में उन दिन चमत्‍कार हुआ और यह चमत्‍कार मोहम्मद कैफ ने किया. कैफ के इसी चमत्कार ने सौरव गांगुली को लॉर्ड्स की बालकनी में शर्ट उतारने के लिए मजबूर कर दिया था. आज यानी 1 दिसंबर को मोहम्मद कैफ अपना 40वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं.
प्रयागराज (तब इलाहाबाद) में जन्में कैफ ने मेवा लाल अयोध्‍या प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज सोरांव से 12वीं तक की पढ़ाई की है. इसके बाद वे क्रिकेट की दुनिया में ही रच बस गए. बचपन से ही उनका मन क्रिकेट में बसता था और वे प्रयागराज से कानपुर आ गए. यहां पर वे ग्रीन पार्क स्‍टेडियम के हॉस्‍टल में रहने लगे. यहीं से उनका सफर भारतीय क्रिकेट टीम तक पहुंचा.
भारत को बनाया पहली बार अंडर-19 वर्ल्ड कप चैंपियन
घरेलू क्रिकेट की कड़ी मेहनत से उन्‍हें भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम में जगह मिल गई. साल 2000 में श्रीलंका में हुए अंडर-19 वर्ल्‍ड कप में उन्‍हें कप्‍तानी सौंपी गई और उन्‍होंने टीम इंडिया को इस कैटेगरी में वर्ल्‍ड चैंपियन बना दिया. उनके नेतृत्‍व में भारत ने पहली बार अंडर-19 वर्ल्‍ड कप जीता था. इसी साल उन्‍हें दक्षिण अफ्रीका दौरे पर भारतीय टेस्‍ट टीम में शामिल कर लिया गया. दो साल बाद ही वे वनडे टीम का हिस्‍सा बन गए और उन्‍होंने 2003 के वर्ल्‍ड कप में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्‍व किया. उस समय वे युवराज सिंह के साथ मिलकर भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर की रीढ़ हुआ करते थे.
2002 में दादा को लॉर्ड्स की बालकनी में शर्ट उतारने को किया मजबूर
इंग्‍लैंड के खिलाफ 2002 में नेटवेस्‍ट ट्रॉफी के फाइनल में खेली गई उनकी पारी को भारतीय क्रिकेट की सबसे यादगार पारियों में गिना जाता है. कैफ ने लॉर्ड्स के मैदान पर खेले गए इस मैच में नाबाद 87 रनों की पारी खेलकर भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी. कैफ ने नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल मैच में 325 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए लड़खड़ाई भारतीय पारी को युवराज सिंह के साथ संभाला था और छठे विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी कर भारत को जीत दिलाई थी. इस जीत के बाद कप्तान सौरव गांगुली ने लॉर्ड्स की बालकनी में अपनी शर्ट उतारकर जश्न मनाया था.
सचिन के आउट होने के बाद कैफ का परिवार फिल्म देखने चला गया था
मोहम्‍मद कैफ ने कुछ साल पहले एक इंटरव्यू में बताया था कि नेटवेस्ट सीरीज 2002 में सचिन तेंदुलकर के आउट होने के बाद हर किसी को लग रहा था कि मैच खत्‍म हो गया है. इलाहाबाद में रह रहे कैफ के परिवार को भी यही लगा था. इसीलिए उनके पिता भी परिवार के साथ देवदास फिल्‍म देखने के लिए चले गए थे. लेकिन पीछे से उनके बेटे ने देश को यह जीत दिला दी थी.
स्‍लेजिंग कर नासिर ने तोड़ने की कोशिश की
मोहम्‍मद कैफ ने बताया था कि जब वह बल्‍लेबाजी करने आए तो नासिर हुसैन ने स्‍लेज किया और उन्‍हें यह समझने में समय लगा. दरअसल नासिर ने कैफ को बस ड्राइवर कहा था. जिसके बाद कैफ ने कहा कि यह बस ड्राइवर के लिए बुरा नहीं है. कैफ ने कहा कि टीम को 326 रन का बड़ा लक्ष्‍य हासिल करना था और बल्‍लेबाजी पर आने से पहले हमारा मूड सही नहीं था. युवराज और मैं यूथ टीम में ही साथ थे और हम दोनों एक-दूसरे को बेहतर समझते थे. युवी अपने शॉट्स खेल रहे थे और मैंने भी रन निकालने शुरू किए. मैच धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगा.

मोहम्मद कैफ का क्रिकेट करियर
कैफ ने भारत के लिए 125 वनडे मैच खेले जिनमें 32.01 की औसत से 2753 रन बनाए. उनका सर्वोच्च स्कोर 111 रहा. उन्होंने अपने वनडे करियर में दो शतक और 17 अर्धशतक लगाए. कैफ ने भारत के लिए 13 टेस्ट मैच भी खेले. खेल के लंबे प्रारूप में कैफ का औसत 32.84 का रहा जिसकी मदद से उन्होंने 22 पारियों में 624 रन बनाए हैं. टेस्ट में कैफ के नाम एक शतक और तीन अर्धशतक हैं. उनका सर्वोच्च स्कोर 148 है. कैफ को भारतीय क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ फील्‍डर्स में से एक माना जाता है. वह 2003 में विश्व कप के फाइनल में पहुंचने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थे. कैफ ने अपना आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मैच 2006 में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर खेला था. वह अभी आईपीएल में दिल्‍ली कैपिटल्‍स की कोचिंग टीम का हिस्‍सा हैं.

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Rajshekhar Nair/Shorypath News

"पुरुषों की अब है बारी, परिवार नियोजन में हो भागीदारी"

रायपुर 25 नवंबर 2020 ।
पुरुष नसबंदी पखवाड़ा के प्रथम चरण में "मोर मितान मोर संगवारी" कार्यक्रम लक्ष्य दंपत्तियों की भ्रांतियों को दूर करने महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है । इस कार्यक्रम के माध्यम से चौपाल लगाकर इच्छुक लक्ष्य दम्पत्तियों को पुरुष नसबंदी के विषय पर विस्तृत जानकारी देकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है । इस समय प्रदेश में पुरूष नसबंदी के लियें मोबिलाइजेशन सप्ताह चल रहा है जोकि 27 नवंबर तक चलेगा । इस दौरान पुरूष नसबंदी हेतु संभावित लाभार्थियोंको पंजीकृत किया जा रहा है । इसके बाद 28 नवंबर से 4 दिसंबर तक नसबंदी की प्रक्रिया की जाएगी । पखवाड़े के अंतर्गत समस्त गतिविधियों को कोविड-19 से संबंधित समस्त सावधानियां को सुनिश्चित करते हुए मनाया जा रहा है ।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मीरा बघेल बताया, प्रथम चरण के पुरुष नसबंदी पखवाड़े में "मोर मितान मोर संगवारी" कार्यक्रम के तहत योग्य और लक्ष्य दंपत्तियों की भ्रांतियों को दूर करने के लिये विषय विशेषज्ञों द्वारा पुरुष और महिला नसबंदी पर फैली भ्रांतियॉ को दूर किया जा रहा है ।इस दौरान लोगों को बताया जा रहा है कि पुरुष नसबंदी बहुत ही सरल है और कम समय में होने वाली प्रक्रिया है। साथ ही इसमें कोई तकलीफ भी नही होती है। जबकि महिला नसबंदी कराना एक जटिल प्रक्रिया है और इसमें महिलाओं को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना पड़ता है और घरेलू कार्य भी प्रभावित होता है।
उन्होंने बताया, शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने के लियें प्रथम चरण की अवधि में जो लोग पूर्व में नसबंदी की सेवाएं प्राप्त कर चुके हैं, उन दम्पत्तियों को भी चौपाल में बुलाकर उनके माध्यम सेलोगों को प्रोत्साहित करने की अपील करने को कहा गया है। पुरुष नसबंदी से लाभ के बारे में इच्छुक दम्पत्तियों को जानकारी दी जा रही है ताकि दम्पत्ति बिना कोई भय अथवा दबाव के निर्भीक होकर नसबंदी की सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे। प्रथम चरण की अवधि पर चौपाल कार्यक्रम के दौरान पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने हेतु शासन द्वारा विशेष पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। चौपाल में पुरुष नसबंदी हेतु प्रोत्साहित करने आये दम्पत्ति संजय (बदला हुआ नाम) ने बताया,“हमारी शादी वर्ष 2011 में हुई थी हमारे दो बच्चे है और मैं और मेरी पत्नी और बच्चे नही चाहते थे इसलिए मैंने पुरुष नसबंदी कराई है ।संजय कहते हैं कि नसबंदी करा लेने के उपरांत मैं पहले की तुलना में अपने आपको अधिक ऊर्जावान महसूस करताहूं । और अब पत्नी के गर्भधारण करने की चिंता भी नहीं रहती है । स्थाई साधन के रूप में पुरुष नसबंदी एक पक्का और अच्छा साधन है । पुरुष नसबंदी महिलाओं की तुलना में बहुत ही सरल प्रक्रिया है । साथ ही संजय कहते हैं कि जैसा कि समाज में तरह-तरह की भ्रांतियां फैली है की पुरुष नसबंदी कराने से क्षमता कम हो जाती है यह पूरी तरह से गलत है मैं और मेरी पत्नी पूरी तरह से एक दूसरे से संतुष्ट हैं।“

रायपुर / शौर्यपथ / भारतीय प्रशासनिक सेवा वर्ष 1989 बेच के अधिकारी अमिताभ जैन ने आज छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव का पदभार ग्रहण किया। श्री जैन राज्य के 12 वें…

प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की
कार्तिक पूर्णिमा की सभी को दी बधाई व शुभकामनाएं

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कार्तिक पुन्नी के अवसर पर प्रातः राजधानी रायपुर के महादेव घाट पहुंचकर खारून नदी में कार्तिक पूर्णिमा स्नान कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने खारून नदी में कार्तिक स्नान करने के उपरांत नदीतट पर स्थित ऐतिहासिक हटकेश्वर महादेव मंदिर में महादेव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की और प्रदेश के विकास के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री परंपरागत गंगा आरती कार्यक्रम में सम्मिलित हुए व दीपदान किया। उन्होंने कार्तिक पूर्णिमा की सभी को बधाई व शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा,महापौर एजाज ढेबर, नगर निगम के सभापति प्रमोद दुबे सहित अन्य गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे।

समर्थन मूल्य पर धान बेचने 21 लाख 29 हजार 764 किसानों ने कराया पंजीयनधान के अवैध परिवहन पर रोक लगाने सीमावर्ती राज्यों की सीमा पर रखी जाएगी कड़ी निगरानी रायपुर…

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