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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
बिलासपुर / शौर्यपथ / जिले में इस बार का वृक्षारोपण मनरेगा की मद से हो रहा है और जंगल विभाग चुन-चुन कर बिलासपुर के प्रशासनिक अमले और जनप्रतिनिधियों को गुमराह कर रहा है। जिले की प्रत्येक रेंज में बीटगार्ड से लेकर रेंजर और डीएफओ तक केवल पौधे लगाने के स्थान पर रुपये तोड़ने का काम किया जा रहा है। जनप्रतिनिधि वृक्षारोपण का सतही काम देख कर सोशल मीडिया पर खुश हो रहे है। जबकि बिलासपुर के गौठान स्वं सहायता समूह और वन प्रबंधक समिति को कुछ हासिल नही हुआ। फाॅरेस्ट ने सबसे पहले महात्मा गांधी रोजगार गारंटी कानून के 4 करोड़ 25 लाख में सेंधमारी की और गड्ढे में जमकर पैसा कमाया। एक नही दर्जनों स्थानों पर मानव श्रम की जगह मशीन से गड्ढा खोदा गया। कई जगहों पर कम भुगतान कर गड्ढे खोदवाय गए।
अब मामला जैविक खाद्य का है। जिले में मुख्यमंत्री से लेकर मुख्य सचिव और कलेक्टर से विधायक तक ने घुम-घुम कर गौठान निर्माण कराए। इस तरह जिले में 97 गौठान बने और मुख्यमंत्री की महत्वकांक्षी योजना अस्तित्व में आई। गौठान में जैविक खाद्य बनाई गई और खाद्य जिले में जैविक खाद्य की खपत का आंकलन करके ही बनी। किन्तु फाॅरेस्ट ने जिले के गौठानों को बड़ा झटका दिया। 4 लाख गड्ढांे में राजनंदगांव जिले के वनप्रबंधन समितियों की जैविक खाद्य डाली जा रही है। अब सवाल यह उठ रहा है कि जिले के उदासीन नेतृत्व को यह पता ही नई चला की पेड़ लगाने के दौरान अपने हाथों से जिस जैविक खाद्य को डाल रहे है उसका उत्पादन बिलासपुर में नही हुआ है। जिले के प्रभारी मंत्री ने अपनी प्रशासनिक पकड़ को इतना ढीला कर रखा है कि अधिकारी शासन के दिशा निर्देश को ही अनदेखा करते है।
यही कारण है कि बिलासपुर के गौठान का जैविक खाद्य गौठान में ही पड़ा है और राजनंदगांव से जैविक खाद्य के तीन ट्रक अब तक आ चुके है। विभाग को जैविक खाद्य बुलाने की शीघ्रता इतनी थी कि खाद्य लेने वाले ट्रक यहीं से भेजे गए। इस मामले में जंगल के उच्च अधिकारी गेंद को एक दुसरे के पाले में डालते है। एक बड़ा अधिकारी दुसरे बड़े अधिकारी के निर्देश पर काम होना बताता है, जबिक बड़े अधिकारी का कहना है कि मैने पुरी जिम्मेदारी रेंजर को देदी है, और रेंजर दिशा निर्देश के अनुसार ही काम करेगा। अब यह बात समझ के परे है कि रेंजर को कागज पर छपा हुआ दिशा निर्देश मानना है या कि साहब के मौखिक दिशा निर्देश मानना है। कुल मिलाकर यी समझ आता है कि राजनंदगांव का प्रभारी मंत्री और फाॅरेस्ट का मिनिस्टर एक ही है। तो क्या लोक निर्माण और गुह विभाग बिलासपुर प्रभारी इतना कमजोर हो गया या बिलासपुर के नेताओं की जागरूक्ता केवल फेसबुक तक है।
दुर्ग / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के तहत दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र में 10 सार्वजनिक स्थान जिसमें जिला चिकित्सालय, कलेक्ट्रेट परिसर, मुक्तिधाम, नई गंज मंडी, इंदिरा मार्केट, पुलगांव गौठान मार्ग, शिवनाथ नदी पुराना पुल जैसे जर्जर हो चुकी सड़कें शामिल हैं। इन स्थानों को पक्की सड़क से मुख्य मार्ग से जोडऩे का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जाने के लिए विधायक अरुण वोरा ने कार्यपालन अभियंता अशोक श्रीवास से जल्द प्रस्ताव बना कर निर्माण कार्य प्रारंभ करने हेतु चर्चा की। इन स्थानों पर हजारों लोगों का आवागमन दिन रात लगा रहता है किन्तु पिछले कई वर्षों से गड्ढा युक्त हो चुकी सड़कों से आम जन एवं कार्यालयीन कर्मचारियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वर्तमान में कांग्रेस सरकार ने सुगम सड़क योजना के अंतर्गत प्रदेश भर में सार्वजनिक स्थानों में पहुंच मार्ग बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रु की राशि का बजट आबंटन किया है। श्री वोरा ने 64 करोड़ की लागत से बनने जा रहे नेहरू नगर चौक से मिनीमाता चौक तक के मार्ग चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण की भी जानकारी ली जिसपर कार्यपालन अभियंता ने बताया कि अगस्त माह के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ कर लिया जाएगा साथ ही 14 करोड़ की लागत से बन रहे ऑडिटोरियम का कार्य भी अंतिम चरण में है जिसे अतिशीघ्र लोकार्पित किया जाएगा।
रायपुर / शौर्यपथ / राजधानी के डॉ. अम्बेडकर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड और अस्पताल के अन्य संवेदनशील जगहों पर अब सफाई कर्मचारी पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) किट पहन कर कार्य करेंगे। अस्पताल प्रशासन ने कोरोना संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए 170 सफाई कर्मचारियों के लिए पीपीई किट यानी व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए हैं। पीपीई किट मिलने के बाद सफाई कर्मचारी और अधिक आत्मविश्वास के साथ सेवा का कार्य कर सकेंगे। कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए सभी सफाई कर्मचारियों को मास्क, ग्लव्स और सैनेटाइजर्स उपलब्ध करवाए गए थे। राज्य सरकार के निर्देश पर सभी सफाई कर्मचारियों के लिए अलग से ठहरने की व्यवस्था और प्रोटीन युक्त भोजन की व्यवस्था भी किए गए हैं। कोविड-19 वार्ड में आइसोलेशन में कर्मचारियों और अन्य स्थानों पर सफाई कार्य में लगे सफाई कर्मियों की सुरक्षा को देखते हुए पीपीई किट अति आवश्यक थी।
बता दें कि कोरोना से पीड़ित मरीजों का मेकाहरा में 7 जून से इलाज शुरु किया गया। अस्पताल में 500 बेड का कोविड-19 बार्ड बनाया गया है अब तक 1000 कोरोना पॉजिटिव मरीज इलाज के बाद डिस्चार्ज भी हो गए हैं। ऐसे में सफाई कर्मचारियों की ज़िम्मेदारी दुगुना हो गयी हैं ।
भारतीय सफ़ाई कर्मचारी महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष निलेश लंगोटे का कहना है सफाई कर्मचारियों की स्वास्थ्य को लेकर सावधानी जरुरी है। ये हमारे फ्रंट लाइन करोना योद्धा है। रायपुर मेकाहारा के सफाई कर्मचारी की जरुरत को देखते हुए अस्पताल प्रशासन अलग से कपड़े का ड्रेस बनवाया है जिसके बाद महिला सफाई कर्मी पीपीई कीट को पहनते हैं। वहीं संक्रमण से बचाव के लिए सभी 170 सफाई कर्मचारियों को अस्पताल परिसर से लगे मंगल भवन को क्वारेंटाइन सेंटर के रुप अस्थायी आवास व्यवस्था किया गया है। कोविड वार्ड में ड्यूटी के बाद ठनहें 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन भी किया जाता है। ताकि परिवार से दूर रहने वाले इन सभी कर्मचारियों के बेहतर स्वास्थ्य व परिजनों को भी वायरस से सुरक्षित रखा जा सके। इन सभी के लिए अच्छा प्रोटीन युक्त भोजन और नास्ता भी दिया जा रहा है। कोरोना काल के विपरीत परिस्थितियों में कोरोना वारियर्स का सम्मान पाने का असली हकदार सफाई कर्मचारी हैं।
डॉ अंबेडकर अस्पताल के पीआरओ शुभ्रा सिंह ठाकुर ने कहा कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए सफाई कर्मचारी सराहनीय कार्य कर रहे हैं। ऐसे में यह हम सब की जिम्मेदारी है कि उनकी सेहत और सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखें। कोविड-19 वार्ड में तैनात सफाई कर्मचारियों, डॉक्टरर्स, स्टाफ नर्स व अन्य सहयोगी स्टाफ को भी पीपीई कीट उपलब्ध कराया गया है। पीआरओ सुश्री ठाकुर ने बताया यदि भविष्य में और पीपीई किट या अन्य किसी संसाधन की कमी होती है, तो वह उपलब्ध करवाया जाएगा।उन्होंने कहा कोरोना संकट के दौरान विपरीत परिस्थितियों में भी सफाई कर्मचारी आइसोलेशन, अस्पतालों, चिकित्साकर्मियों के अस्थाई निवास वाले होटल्स में दिन-रात पूरी कर्मठता और तत्परता से काम कर रहे हैं।
उन्होंने बताया अस्पताल में तीन पालियों में 24 घंटे ड्यूटी पर सफाई कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। संबंधित ठेका कंपनी को निर्देश दिया गया है समय-समय पर कोविड-19 के लिए जारी गाइड लाइन का पालन किया जाए। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट, प्रोटेक्टिव गियर्स हैं, पर्सनल प्रोटेक्टिव किट पहनने से कोरोनावायरस पीड़ितों का इलाज कर रहे डॉक्टरों और नर्स सहित सफाई कर्मचारियों आदि को सुरक्षित रखने के लिए डिजाइन किया गया है। इन गियर्स को पहनने से डॉक्टर्स व मेडिकल स्टॉफ कीटाणु के संपर्क में आने से खुद को अधिक से अधिक बचा पाते हैं। पीपीई किट में चश्मे, फेस शील्ड, मास्क, ग्लव्स, गाउन, हेड कवर और शू कवर शामिल हैं।
० 200 रूपये रूपये के रिचार्ज की बात को लेकर हत्या
० एक नाबालिक सहित आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
राजनांदगांव / शौर्यपथ / थाना डोंगरगांव के ग्राम कोहका नाला पुल के पास हुयी हत्या को सुलझाते हुए डोंगरगांव पुलिस ने एक आरोपी सहित 1 विधि से सपसरत बालक को गिरफ्तार किया है। प्रार्थी एवलाल मेश्राम पिता स्व. उमेद राम मेश्राम उम्र 53 साल निवासी कोहका थाना डोंगरगांव, जिला राजनांदगांव ने थाना हाजिर आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि बीते गुरूवार को लगभग 15.30 बजे अज्ञात व्यक्ति द्वारा इसके मझला भाई प्रेमलाल मेश्राम की हत्या कर शव को कोहना नाला पुल के नीचे फंेक दिया है । घटना स्थल पर मृतक का टीवीएस मोटर सायकल पुलिया के रेलिंग में खड़ा है। मोटर सायकल के पास ही उसका चश्मा तथा एक अज्ञात व्यक्ति का चप्पल एवं बीयर बोतल का कॉच का छोटा-छोटा तुकडा पड़ा हुआ है कि रिपोर्ट पर थाना डोंगरगांव में अपराध क्रमंाक 133/20 धारा 302 भादंवि का अपराध कायम कर विवेचना कार्यवाही में लिया गया।
प्रकरण को गंभीरता से लेते हुये थाना प्रभारी केपी मरकाम द्वारा श्रीमान पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोरखनाथ बघेल, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी घनश्याम कामड़े अं. चौकी से दिशा-निर्देशन प्राप्त कर आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के लिये सायबर टीम तथा थाना डोंगरगांव कि पुलिस टीम रवाना किया गया। घटना स्थल पर मिले साक्ष्य व गोपनीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर कि संदेही मुकेश वैष्णव तथा विधि से संघसरत बालक को मौके पर देखा गया है। पतासाजी दौरान मौके पर मिला साक्ष्य एवं टॉवर लोकेश से पता चला कि आरोपी मुकेश वैष्णव अपने साथी विधि से संर्घसरत बालक के साथ होकर मृतक प्रेम लाल मेश्राम से वाद-विवाद करते हुए प्रेमलाल मेश्राम की घटना स्थल पर पत्थर से वार कर हत्या कर फरार हो गया है। आरोपी पुलिस से छिपते-छिपाते दिगर राज्य भागने के फिराक में थे, जिन्हें टॉवर लोकेशन व गुप्त सूत्रों से पतासाजी कर आरोपी मुकेश वैष्णव पिता ओमकार वैष्णव उम्र 26 साल निवासी कोहका थाना डोंगरगांव का विधि से संधर्सरत बालक के साथ कुष्ट जिला दुर्ग में घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों से पुछताछ करने पर जुर्म स्वीकार करते हुये बातया की 200 रूपये की रिचार्ज की बात को लेकर तीनों में विवाद हुआ था। वाद-विवाद के दौरान मृतक द्वारा मारपीट करने पर दोनों ने एक राय होकर प्रेमलाल मेश्राम के सिर पर पत्थर से वार कर हत्या कर दिया तथा शव का पुल के नीचे फंेक दिये तथा वहां से मोटर सायकल से भाग गये थे। आरोपी तथा विधि संघसरत बालक से घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल तथा हत्या में प्रयुक्त पत्थर को जप्त किया गया है। आरोपीद्वय को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें ज्यूडिशियल रिमांड पर भेजा जा रहा है।
संपूर्ण कार्यवाही के दौरान निरीक्षक केपी मरकाम, सायबर सेल के प्रधान आरक्षक बसंतराव, आरक्षक प्रवीण मेश्राम, आरक्षक मनीष मानिकपुरी, आरक्षक राकेश धु्रव, थाना से सउनि मेघनाथ सिन्हा, सउनि गोवर्धन देशमुख, प्रधान आरक्षक मोहन चंदेल, जय सोनवानी, आरक्षक योगेश साहू, आरक्षक राणा प्रसन्ना, आरक्षक जानेन्द्र वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
दुर्ग । शौर्यपथ । प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने प्रदेश के भाजपा नेताओं को नियमित रूप से मेडिटेशन और योग शिविर में जाने की सलाह दी है। भूपेश सरकार के खिलाफ भाजपा नेताओं की लगातार अनर्गल बयानबाजी पर राजेंद्र ने कहा कि ध्यान-योग करने पर उन्हें 15 साल की सत्ता से हटने के दर्द से उबरने में मदद मिलेगी। उन्हें रमन सरकार की नाकामियों पर आत्मचिंतन करने का सुअवसर मिलेगा। 18 माह की भूपेश सरकार की उपलब्धियां भी साफ-साफ दिखने लगेगी। राजेंद्र ने कहा कि भाजपा की सरकार हमेशा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाली योजनाएं शुरू करती है, जबकि कांग्रेस सरकार हमेशा गरीबों, आदिवासियों और किसानों समेत हर वर्ग के लोगों को सीधा फायदा पहुंचाती है। प्रदेश की जनता के साथ 15 साल तक भाजपा शासनकाल में छलावा होता रहा। भाजपा शासनकाल में भ्रष्टाचार कर प्रदेश की खनिज-वन संपदा को लूटने के साथ विकास कार्यों में कमीशनखोरी का खेल चलता रहा। रमन सरकार ने जनता के हित में ठोस फैसले नहीं किए। किसानों, आदिवासियों, महिलाओं समेत हर वर्ग के साथ रमन सरकार ने धोखा किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सिर्फ 18 माह के कार्यकाल में प्रदेश के हर वर्ग को राहत देने के फैसले किए हैं। इनकी तारीफ करने की बजाय भाजपा नेता ऊलजलूल बयानबाजी कर रहे हैं। राजेंद्र ने कहा कि भाजपा नेता आदिवासियों के हितों का संरक्षण करने की सलाह दे रहे हैं। सच ये है कि रमन सरकार ने आदिवासियों की जमीन जबरन छीनकर उद्योगपतियों को आवंटित कर दी थी, मगर वहां कई साल तक उद्योग नहीं लगाया गया। भूपेश सरकार ने आदिवासियों की जमीन वापस दिलाने का काम किया है। गरीब और भूमिहीन आदिवासियों को वन अधिकार पट्टा दिलाने का काम भूपेश सरकार ने किया है। देश में सबसे ज्यादा तेंदूपत्ता का समर्थन मूल्य 4 हजार रुपए करने सहित 31 वनोपज की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने का ऐतिहासिक फैसला भी भूपेश सरकार की देन है। आदिवासी इलाकों में सबसे पहले हॉट क्लीनिक, सुपोषण अभियान चलाकर जैसी योजनाएं चलाकर स्वास्थ्य सुविधाएं और पौष्टिक भोजन देने की शुरुआत की गई। प्रदेश के अन्य हिस्सों की तरह आदिवासी इलाकों में भी किसानों को कर्जमाफी, 25 सौ रुपए की दर से धान खरीदी और किसान न्याय योजना का फायदा मिला। राजेंद्र ने कहा कि भाजपा नेता डॉ. रमन सिंह, धरमलाल कौशिक, बृजमोहन अग्रवाल, सरोज पांडेय सहित अन्य भाजपा नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बाबा रामदेव और श्री श्री रविशंकर की सलाह मानकर ध्यान-योग करेंगे तो आत्मचिंतन करने में मदद मिलेगी। भाजपा नेताओं को पता चलेगा कि भूपेश सरकार ने आदिवासियों के हित में जितने फैसले किए हैं उतने फैसले किसी भी सरकार ने नहीं किए। भाजपा नेताओं को याद रखना चाहिए कि रमन सरकार के कार्यकाल में चरणपादुका और जर्सी गाय वितरण को लेकर हुए भ्रष्टाचार के साथ-साथ आदिवासियों के शोषण का सच अभी लोग भूले नहीं हैं।
मनोरंजन / शौर्यपथ / डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने हाल ही में 7 बड़ी फ़िल्मों को अपने प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ करने की घोषणा किया था। इस लिस्ट में कुणाल खेमू की फ़िल्म लूटकेस भी शामिल रहा जो अब रिलीज हो गई है। लुटकेस में मुख्य अभिनेता कुणाल खेमू के साथ गजराज राव, रसिका दुग्गल, रणवीर शौरी और विजय राज हैं। फिल्म राजेश कृष्णन द्वारा निर्देशित और फॉक्स स्टार स्टूडियो एवं सोडा फिल्म्स प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित है व राजेश कृष्णन और कपिल सावंत द्वारा लिखित है।
कहानी: एक प्रिंटिंग प्रेस में काम कर रहे नंदन कुमार (कुणाल खेमू) के लिए जीवन उस लकी मोड़ लेता है, जब उसके हाथ पैसों से भरा एक सूटकेस हाथ लगता है। इस बैग को देखकर नंदन अपने जीवन को लग्जरी बनाने के लिए सोचने लगता है इसे घर ले जाता है। लेकिन, क्या इस पैसे से उसकी यह उसकी मुसीबतों का अंत होगा या नए दुखों की शुरुआत होगी?।
कुणाल फिल्म में एक पति के साथ मजबूर पिता का भी वो रोल प्ले कर रहे हैं, जो मेहनत करके घर के लिए दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करता है और अपनी किस्मत से नाराज है और यह सूटकेस मिलने के बाद उसका जीवन में क्या होता है, ये आपको फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा।
स्टार कास्ट और एक्टिंग: फ़िल्म की स्टार कास्ट काफी मेज़दार है। सबसे ख़ास बात है कि विजय राज एक बार फिर डॉन के किरदार में नज़र आए। उनका किरदार काफी मज़ेदार लग रहा है जो आपको पसंद आएगा। वहीं, गजराज राव नेता की भूमिका में हैं। रणवीर शौरी का किरदार मुंबई पुलिस में एक एनकाउंटर स्पेशलिस्ट है। रसिका दुग्गल कुणाल खेमू की जोड़ी आपको पसंद आएगी। वहीं कुणाल के एक्टिंग आपको कभी हंसाएगी तो कभी रुलाएगी। फिल्म में है और सबका किरदार मजेदार है।
कैसी है फिल्म: फिल्म की कहानी एक नेता पर आधारित है जिसमे काले धन को दिखाया गया है। वैसे तो कई बॉलीवुड फिल्मे इस विषय पर बन चुकी है, लेकिन इस फिल्म को कुछ अलग तरीके से पर्दे पर उतारा गया है। फिल्म के डायलॉग काफी शानदार है, फिल्म में आपको अच्छा खासा ह्यूमर देखने को मिला, फिल्म काफी साफ-सुथरा बनाया गया है, जिसे आप अपने परिवार के साथ भी देख सकते है। फिल्म कॉमेडी के साथ साथ क्राइम को भी छूती हैं। कहानी एक बैग के अंदर भरे पैसों की है, जिसे लेकर स्टोरी में कई उतार-चढ़ाव आते हैं। यह कहानी कई किरदार के इर्द-गिर्द घूमती है जो आपको कई बातों से रूबरू करवाएंगी।
दुर्ग । शौर्यपथ । दुर्ग cmo कार्यालय (स्वास्थ्य अधिकारी ) के सामने पुराने कुएं की सफाई के दौरान कटा हुआ सर मिलने से हड़कम्प मच गया । खबर मिलते ही कोतवाली पुलिस व सिटी एस पी मौके पर पहुंच गए व कटे हुए सर को कब्जे में लेकर कुएं में शरीर के बाकी हिस्से की तलाश की जा रही है ।
केभर लिखे जाने तक पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में कुएं में शरीर के बाकी हिस्से की तलाश जारी है । कटा हुआ सर किसका है इस बारे में कोई जानकारी प्राप्त नही हुई ।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
