
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
रायपुर / शौर्यपथ / भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य विजय जयसिंघानी ने कहा कि 29,30 जुलाई को ही क्यों किराना दुकानों को छूट दी जा रही है, जबकि 1, 2 अगस्त को भी छूट दी जानी चाहिए। क्योंकि राजधानी, रायपुर व प्रदेश भर में रक्षाबंधन त्यौहार को मनाया जाता है, एवं किसी भी नागरिक को कोई असुविधा न हो इसके लिए नई गाइडलाइन बनाकर रक्षाबंधन पर्व के चलते 1 व 2 अगस्त को छूट देना अति आवश्यक है।
साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि किसी प्रकार की छूट का दुरुपयोग न करें, मात्र अपने त्योहारों के लिए आवश्यक सामग्री का क्रय करने के बाद तत्काल अपने घरों में लौटकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, क्योंकि हमारी सावधानी ही हमारी सुरक्षा है।
भिलाई / शौर्यपथ / महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव ने कचांदुर स्थित चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज में कोविड केयर सेंटर का जायजा लिया। निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी और सीएमएचओ गंभीर ठाकुर के साथ मेडिकल कॉलेज के लैब, आईसोलेशन वार्ड, मेल-फीमेल वार्ड, डॉफिंग एरिया का निरीक्षण किया। हर वार्ड में बेड, पंखा, वेंटीलेशन, हैंड वाश और सेनिटाइजर सहित अन्य व्यवस्थाओं को देखकर खुशी जाहिर की। चार दिनों में 900 बिस्तर सहित अन्य जरूरी सुविधाओं से युक्त कोविड केयर सेंटर तैयार करने के लिए जिला, निगम के अधिकारी/कर्मचारियों एवं स्वास्थ्य विभाग का आभार जताया। महापौर यादव ने कहा कि चार दिन पहले शनिवार को चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज कचांदुर को कोविड केयर सेेंटर बनाने के लिए अधिकारियों से चर्चा की थी।
चार दिन बाद निगम प्रशासन की टीम ने मेडिकल कॉलेज के हर वार्ड को व्यवस्थित कर दिया। निगम के अधिकारी/कर्मचारियों ने कोरोना महामारी से लडऩे के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया। चार दिनों में 900 बिस्तर का सुविधायुक्त कोविड केयर सेंटर तैयार कर दिया। जबकि चार दिन पहले मेडिकल कॉलेज को कोविड केयर सेंटर बनाने के लिए चर्चा की थी तब मरीजों का बेहतर इलाज के लिए हर वार्ड की साफ-सफाई, बिजली और पानी की सप्लाई सहित सुरक्षा व्यवस्था की बात सामने आई थी। इतने कम समय में इसे पूरा कर पाना संभव नहीं लग रहा था। लेकिन आयुक्त रघुवंशी के मार्गदर्शन में हमारे कोरोना वारियर्स ने रात दिन काम कर न केवल हास्पिटल परिसर को साफ-सुथरा किया, बल्कि संक्रमित लोगों का बेहतर इलाज की पूरी व्यवस्था ही तैयार कर लिया। हर वार्ड में एक निश्चित दूरी पर बेड की व्यवस्थाएं की गई है। मरीजों के हाथ धोने के लिए हैंडवाश, सैनिटाइजर, सहित अन्य जरूरी व्यवस्था की गई है। इससे यहां मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त तरूणपाल लहरे, अधीक्षण अभियंता सत्येन्द्र सिंह, जोन-2 की आयुक्त पूजा पिल्ले, स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेन्द्र मिश्रा, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली सहित अन्य मौजूद रहे।
विधायक ने चिकित्सकों का बढ़ाया हौसला
महापौर ने कोविड केयर सेंटर में चिकित्सक और पैरा मेडिकल स्टाफ का हौसला आफजाई किया। कोरोना पीडि़तों का बेहतर इलाज के लिए चिकित्सक और नर्सिंग स्टॉफ का आभार भी जताया। आगे भी कोरोना से महामारी से लडऩे के लिए इसी तरह से सेवाएं देने का आग्रह किया। सीएमएचओ डॉ ठाकुर और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से चिकित्सक, नर्सिंग स्टॉफ, लैब टेक्नीशियन की ड्यूटी चार्ट की जानकारी ली।
दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आज कंचादुर स्थित चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कालेज हास्पिटल पहुंचकर यहां कोविड केयर सेंटर की व्यवस्था देखी। यहां शीघ्र ही कोविड मरीजों को रखा जाएगा। यहां पर कलेक्टर ने इमरजेंसी की स्थिति में आक्सीजन सपोर्ट एवं अन्य आवश्यक मेडिकल उपकरणों की व्यवस्था देखी। इसके अतिरिक्त पीपीई किट एवं अन्य कोविड संक्रमण से बचाने वाली सामग्री तथा दवाओं की स्थिति की जानकारी भी ली।
कलेक्टर ने यहां ड्यूटी करने वाले स्टाफ के रहने की व्यवस्था भी देखी। साथ ही मरीजों के भोजन के लिए की गई व्यवस्था एवं स्टाफ के भोजन के लिए की गई व्यवस्था की जानकारी ली। वे सभी वार्डों में गये। वहां टायलेट की स्थिति, वेंटीलेशन की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी वार्डों में बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। यहां नियुक्त किए गए हेल्थ स्टाफ से भी कलेक्टर ने बातचीत की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर से इनका शेड्यूल लिया। कलेक्टर ने पूरे अस्पताल में पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मियों को रखने के निर्देश दिए। इस दौरान भिलाई नगर निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी भी थे। वे इस कोविड केयर सेंटर के नोडल अधिकारी भी हैं।
उन्होंने निगम अमले को चिन्हांकित स्थलों पर कैमरे लगाने, कोविड मरीजों की सुविधा के लिए इमरजेंसी अलार्मिंग सिस्टम आदि के लिए निर्देशित किया। सीएमएचओ ने बताया कि पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। ड्यूटी आफिसर नियुक्त कर दिये गए हैं। स्टाफ के प्रशिक्षण का कार्य पूरा हो गया है। पूरी व्यवस्था पर लगातार मानिटरिंग की जा रही है।
दुर्ग / शौर्यपथ / नगर के गंजपारा मेनरोड निवासी एक युवा स्टील कारोबारी ने डेढ वर्ष पूर्व हुई मां की मौत का स्वयं को जिम्मेदार ठहराते हुए बीती रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। आत्महत्या की जानकारी तब मिली जब सुबह जब पति की आहट नहीं मिलने पर पत्नी ने देवर के साथ दरवाजा खोल कर देखा तो कमरे के अंदर उसका पति फंदे पर झूलता हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर दुर्ग सीएसपी विवेक शुक्ला, सिटी कोतवाली थाना प्रभारी राजेश बागड़े टीम के साथ पहुंचे। मृतक के पास से सुसाइड नोट पुलिस को मिला है जिसमें खुद को उसने जिम्मेदार ठहराते हुए डेढ़ वर्ष पूर्व मां की मृत्यु के पश्चात डिप्रेशन में रहने का उल्लेख किया है।
नगर पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला ने बताया कि मृतक आनंद राठी, उम्र 38 साल द्वारा आत्महत्या करने की आज सुबह सूचना मिली थी । आनंद राठी और उनके परिवार का माहेश्वरी स्टील के नाम से बड़ा कारोबार है। मृतक की पत्नी के अलावा घर में दो बच्ची और छोटे भाई का भी परिवार रहता है। परिजनों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वे काफी परेशान थे। अंग्रेजी में लिखे सुसाइड नोट में मृतक ने अपने आत्महत्या के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है। इस मामले में किसी को भी दोषी करार नहीं दिया है। साथ ही डेढ़ वर्ष पूर्व मां की मृत्यु के पश्चात डिप्रेशन में रहने का भी उल्लेख मृतक द्वारा सुसाइडल नोट में किया गया है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।
भिलाई / शौर्यपथ / ईदुलअजहा के लिए लाये गये फरीदनगर में एक डेढ क्विलंटल का बकरा बाहुबलि सुल्तान लोगों के लिए कौतूहल बना हुआ है। इस बकरा को देखने के लिए यतीमखाना चौक के पास लालबहादुर (इम्तियाज) के घर के सामने हुजूम लग रहा है और लोग फोटो खींच रहे हैं तथा उसके साथ विडियो बना रहे है। बकरा मालिक पूरी सोशल डिस्टेंसिंग रखते हुए लोगों को दिखा रहे हैं। इस बकरा को खरीदने के लिए भी कई लोग आ चुके है, लेकिन बकरा के मालिक लालबहादुर ने स्पष्ट कह दिया है कि मैं इस बकरा को नही बेचूंगा। इस बकरा के मालिक ने बताया कि इस बकरा की जानकारी मिलने पर पंजाब के अंतिम छोर पाक के पास से मंगाया हूं। ये बकरा तोंतापरी और जमनापाली का क्रास बीट है,और इसकी प्रजाति लुप्त होने के कगार पर है। इसके कान ही डेढ़ डेढ फीट के है और इसकी लंबाई करीब दस फीट की है। इसके सर का बाल भी बहुत बड़े बडे है और इसके बाल उसके नाक तक बढ़ा हुआ है, तथा केवल आंख खुली है। यह देखने में भी बहुत आकर्षक लग रहा है।
इस बकरे को नही करायेंगे कुर्बानी, रखेंगे पालकर
बकरे के मालिक लालबहादुर और उनके बड़े भाई इश्तखार ने बताया कि यह बकरा बाहुबलि सुल्तान कुर्बानी के लिए पंजाब से मंगाये थे लेकिन इस प्रजाति के विलुप्त होने की स्थिति को देखते हुए हम लोगों ने निर्णय लिया है कि अब इसको कुर्बानी नही करायेंगे क्योंकि अन्य बहुत सारे लोग भी यह मांग कर रहे हैं कि इसकी कुर्बानी नही कराकर इसको पालकर रखे, इसलिए इस भारी भरकम बकरे की जगह अब दूसरा बकरा कुर्बानी करायेंगे और इस बकरा को पाल कर रखेंगे ताकि ये बकरा अन्य लोगों के भी काम आ सके और इसकी प्रजाति यहां बढ़े। जैसे जैसे लोगों की जानकारी मिल रही है लोग इससे क्रासबीट के लिए अनुरोध कर रहे है।
दुर्ग । शौर्यपथ । दुर्ग थोक फल सब्जी मंडी के पूर्व अध्यक्ष नासिर खोखर द्वारा जिला कलेक्टर से दुर्ग भिलाई के सभी सब्जी के थोक , चिल्हर विक्रेता व रेजा, हमाल, वाहन चालकों की कैम्प लगाकर कोरिना जांच की मांग की गई थी । जिस पर जिला प्रशासन के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से आज थोक फल सब्जी मंडी धमधा रोड में कैंप लगाकर जांच की गई । जिसमे मंडी के व्यापारी, कर्मचारी, रेजा हमाल , वाहन चालकों की जांच की गई । मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला दुर्ग द्वारा भेजी गयी टीम में डॉ विभोर लाल व उनके सहयोगी लैब टेक्नीशियन पीयूष व जितेंद्र थे व दूसरी टीम में डॉ आलोक शर्मा के साथ लैब टेक्नीशियन हेमलता निर्मलकर, थलेस्वर साहू, स्वास्थ कर्मी नितिन बैस उपस्थित रहे । स्वास्थ विभाग की टीम ने सोशल डिस्टेंस का पालन करने, सेनेटाइजर का उपयोग करने व कोरोना से सुरक्षा व सावधानी के उपाय बताकर जागरूकता अभियान भी चलाया । मंडी के पूर्व अध्यक्ष नासिर खोखर ने कहा कि सब्जी मंडी में रोज हजारों लोगों को आना जाना है यहां संक्रमण का ज़्यादा खतरा है । एक व्यापारी या विक्रेता संक्रमित होता है तो सैकड़ों लोगो से संपर्क के कारण बहुत तेज़ी से संक्रमण फैलने का का खतरा हो सकता है , सब्जी आवश्यक वस्तु होने के कारण जिला प्रशासन के आदेशानुसार व्यापारी सब्जी मार्केट जनहित में चालू रख रहे है इसलिए यहां कारोना की जांच अतिआवश्यक थी । सब्जी व्यापारियों की जांच व जागरूकता अभियान में संगठन के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों ने सहयोग किया व जांच कराने लोगो को प्रेरित किया । नासिर खोखर ने कहा कि आगे भी कैंप लगवाकर सब्जी व्यवसाय से जुड़े लोगों की जांच करवाई जाएगी ।
बेमेतरा/नवागढ़ ( शौर्यपथ ) नवागढ़ में चर्चित नवागढ़-बेमेतरा मार्ग पर न्यायालयीन आदेशों की अवमानना कर गरीब आदिवासी के मकान एवं दुकान को तोड़े जाने के मामले में मलबे को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। नवागढ़ जनपद पंचायत सीईओ ने उक्त भूमि पर पड़े हुए मलबे को उठाने के लिए आदेश कर दिया जबकि उक्त मामला में उच्च न्यायालय ने स्टे ऑर्डर दिया हुआ है। जिसकी आगामी सुनवाई 31 जुलाई को होनी है। सीइओ के आदेश पर वहाँ कर्मचारी हाइवा एवं जेसीबी लेकर पहुँच गए और मलबे को उठाने लगे।
पीड़ित कृष्णा ध्रुव ने बताया कि उसने जेसीबी एवं हाइवा ड्राइवर से पूछताछ किया तो ड्राइवर ने कहा कि हमे लाखन सिंह ने भेजा है। जिसके पश्चात कृष्णा ने मामले की शिकायत कलेक्टर बेमेतरा से की। मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर शिव अनंत तायल ने नवागढ़ अनुविभागीय अधिकारी ज्योति सिंह को फोन कर कार्य रोकने हेतु आदेशित किया। जिसके पश्चात एसडीएम ने दखल देते हुए मौके पर जाकर कर्मचारियों को कार्य रोकने को कहा औऱ सीईओ नवागढ़ को फटकार लगाई।
कलेक्टर को दिए शिकायत में आदिवासी कृष्णा ध्रुव ने उल्लेख किया ही पहले ही नवागढ़ तहसीलदार ने न्यायालयीन आदेशों की अवहेलना कर कोरोना काल मे मेरे दुकान व मकान को तोड़कर रोजी रोटी को नुकसान पहुचाया है। फिर भी जनपद के नेता क़ी मंशा पूर्ण नही हो पाई तो सीईओ पर दबाव डालकर न्यायालयीन प्रक्रिया में दखल कर रहे है। उन्होंने कलेक्टर के अतिरिक्त एसडीएम नवागढ़ एवं थाना प्रभारी नवागढ़ को लिखित शिकायत सौपी है, और कोर्ट के मामले में दखल करने वाले के ऊपर कार्यवाही की मांग की है।
नवागढ़ जनपद पंचायत सीईओ नरपत लाल साहू द्वारा कलेक्टर द्वारा घोषित लॉकडाउन के बीच इस तरह का आदेश देना अनेक सवालों को खड़ा करता है। ऐसी क्या जरूरत आन पड़ी की सीईओ ने न्यायालयीन मामले में हस्तक्षेप कर लॉकडाउन का भी ख्याल न रखा।
"सामान्य सभा में समतलीकरण का निर्णय लिया गया था,जिसके आधार पर जनपद पंचायत से मलबा उठाने का आदेश दिया गया था।"
एनएल साहू
सीईओ जनपद पंचायत नवागढ़।"कलेक्टर के आदेशानुसार मलबा उठाने के कार्य को तत्काल रोकने हेतु सीईओ को निर्देशित किया गया है।"
ज्योति सिंह
एसडीएम नवागढ़।
नवागढ़ / शौर्यपथ / वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते प्रदेश में लॉकडाउन का सिलसिला लगातार जारी है। ऐसे में नवागढ़ ब्लॉक के ग्राम मुरता के युवाओं ने लॉकडाउन का सदुपयोग करते हुए गाँव में पेड़ लगाने का काम किया है। जो आज ग्राम मुरता सहित आसपास के इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पौधरोपण के प्रमुख सूत्रधार शिक्षक विक्रम साहू ने बताया कि लॉकडाउन के चलते स्कूल कॉलेज सहित सब कुछ बंद था। जिससे युवाओं का ज्यादातर समय ऑनलाइन गेमिंग एवं चैटिंग में व्यतीत हो रहा था। लिहाजा लॉकडाउन में समय का सदुपयोग करने के लिए व्हाटसएप ग्रुप रामवाटिका बनाया गया। जिसमें गांव के युवाओं को जोड़ा गया। जिसके बाद सभी ने आपस में चर्चा कर कुछ रुपये एकत्रित किए और इस तरह से गांव के सार्वजनिक जगहों में पौधा लगाने की शुरुआत हुई। जो निरन्तर जारी है।
इधर वरुण साहू ने बताया कि पौधरोपण के लिए आवश्यक सामानों सहित पौधे खरीदने के लिए राम वाटिका ग्रुप के सदस्यों ने चन्दा जमा किया। 8 हजार 500 रुपये का 30 नग सिर्फ पाम ट्री खरीदा गया है। जिसमें से 20 पौधों को गांव के मावली मंदिर तालाब किनारें में लगाया गया है। उन्होंने आगे बताया कि मुरता मेनरोड से मावली मंदिर पहुंच मार्ग के दोनों किनारें तकरीबन 30 अशोक के पौधे रोपे गए हैं। यहां युवाओं के द्वारा न सिर्फ पौधरोपण किया जा रहा है, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखने जाली तार का घेरा भी लगाया जा रहा है। जिससे कि पशुओं एवं बकरियों से पौधों को बचाया जा सकें।
इस तरह से राम वाटिका ग्रुप ने पौधरोपण कर गांव की तस्वीर बदलने का बीड़ा उठाया है। जिसे समस्त ग्रामवासियों का भरपुर समर्थन मिल रहा है। इनमें राजदेव साहू, विकास साहू, जितेंद्र साहू, चमन, प्रशांत, अमन, कुंजबिहारी साहू, अजय श्रीवास, संजय साहू, भागिरती साहू, होली साहू सहित अन्य ग्रामीणों ने सहयोग प्रदान किया।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग के कसारीडीह, डिपरापारा, शिवनगर सहित ग्राम-सिलोदा, महमरा, विनायकपुर, खपरी, कुठेलाभाठा बररहापुर, नंदवाय, गोता, खर्रा, कुम्हारी वार्ड-9 एवं 11,ग्राम मेड़ेसरा, चीचा, अहिवारा के वार्ड-7 एवं 4, ग्राम करेला भरर, अखरा एवं पाटन के वार्ड-38 कन्टेन्मेंट क्षेत्र घोषित किया गया है। नया कोरोना पाॅजिटिव केस पाये जाने पर संबंधित क्षेत्रों को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। उक्त क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित करने के परिणामस्वरूप कन्टेनमेंट जोन में चिन्हांकित क्षेत्र में सभी प्रकार के दुकानें व वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बंद रहेगी। इसके अलावा सभी प्रकार की वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किसी भी कारण से घर से बाहर निकलना प्रतिबंधित होगा। उक्त क्षेत्र की निगरानी पुलिस विभाग के द्वारा पेट्रोलिंग कर की जावेगी। जिला चिकित्सालय व स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से संबंधित क्षेत्र में स्वास्थ्य की निगरानी के साथ ही निर्देशानुसार सेम्पल की जांच की जायेगी।
भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई स्टील प्लांट के अंदर चल रहे अनफिट और कंडम वाहनों की जांच होगी। इसके लिए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने जांच के लिए बीएसपी प्रबंधन को पत्र लिखा है और जवाब मांगा है। अब ऐसे लग रहा है कि जल्द ही बीएसपी में सालों से चल रहे इस भ्रष्टाचार का जल्द ही खात्मा होने वाला है और सरकार को नुकसान पहुंचाने वाले अधिकारियों पर भी बड़ी कार्यवाही होने की भी संभावना नजर आ रही। आरटीओ दुर्ग ने पत्र में कहा है कि बीएसपी के अंदर स्वयं संयंत्र के वाहनों के साथ-साथ विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से भारी माल वाहन व अन्य भारी वाहन संचालित हो रहे हैं।
इन वाहनों में दस्तावेज, फिटनेस और बिना पंजीयन के कई वाहन संचालित होने के कारण राज्य शासन को राजस्व की बड़ी हानि की शिकायत लगातार प्राप्त हो रही है। इसके लिए प्रवर्तन टीम द्वारा जांच के लिए पूर्व में जनवरी और फरवरी 2020 में संयंत्र के अंदर जाने का प्रयास किया गया परन्तु प्रबंधन द्वारा अनुमति नहीं दी गई। इसलिए जांच नहीं हो पाई। अभी दोबारा शिकायत मिली है जिसकी जांच होनी है। इसलिए प्रवेश की अनुमति दे।
गौरतलब है कि भिलाई नगर विधायक व मेयर देवेंद्र यादव ने कल ही बीएसपी में चल रहे कंडम वाहनों और बिना परमिट आदि के बिना चल रहे गैर कानूनी कार्य करने वालो के खिलाफ सीएम को पत्र लिख कर शिकायत किये थे। । देवेंद्र ने सीएम भूपेश बघेल को पत्र लिखकर कहे थे कि भिलाई इस्पात संयत्र में अधिकारियों की सांठगांठ से निजी वाहन व सैकड़ों कंडम वाहन चल रहे हैं।
इनमें ट्रेवल एजेंसी द्वारा अधिकारियों की सेवा में लगाए गए वाहनों से लेकर भारी वाहन भी शामिल हैं। संयंत्र में ऐसे कई वाहन चल रहे हैं जिनकी न तो फिटनेस सही है और न ही वे मानकों पर खरे उतरते हैं। केवल अधिकारियों की मिलीभगत से इन वाहनों का संचालन हो रहा है। देवेन्द्र ने सीएम भूपेश बघेल को पत्र लिखकर ऐसे अधिकारियों व कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मेयर देवेन्द्र ने पत्र में लिखा है कि भिलाई इस्पात संयंत्र में विभिन्न टूर एवं ट्रेवल्स के माध्यम से संचालित वाहन टैक्सी परमिट के स्थान पर संयंत्र के उच्च अधिकारियोंं की सांठगांठ से निजी वाहन संलग्र कर संचालित किए जा रहे हैं।
वहीं संयंत्र के भीतर काफी संख्या में भारी वाहन ट्रक, डंफर, जेसीबी आदि बिना पंजीयन व फिटनेस के लंबे समय से अधिकारियों की मिलीभगत से संचालित हो रहे हैं। इससे संयंत्र के भीतर दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
साथ ही वाहनों का परमिट व पंजीयन शुल्क राज्य सरकार को नहीं मिल पा रहा है। जिससे सरकार को वर्षों से राजस्व की हानि हो रही है।विधायक व महापौर देवेन्द्र यादव ने पत्र के माध्यम से सीएम भूपेश बघेल से कहा है कि भिलाई इस्पात संयंत्र में चल रहे वाहनों की जांच कराई जाए। राजस्व हानि को लेकर स्थानीय प्रशासन से जांच कराने के बाद संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
