August 02, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    22 जुलाई से 28 जुलाई तक बंद रहेगी सभी दुकानें एवं आर्थिक गतिविधियां
    अतिआवश्यक सेवाएं निरंतर रहेगी जारी

    मुंगेली / शौर्यपथ / नोवल कोरोना के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम तथा स्वास्थ्यगत आपातकालीन स्थिति को नियंत्रित रखने हेतु कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी पी. एस. एल्मा ने जिले के सभी नगरीय निकाय सीमा क्षेत्र एवं जरहागांव, सेतगंगा तथा बरेला ग्राम के सम्पूर्ण क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है।
    उन्होने महामारी रोग अधिनियम एवं भारतीय दंड सहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियो का प्रयोग करते हुए जिले के नगर पालिका परिषद मुंगेली, नगर पंचायत लोरमी, नगर पंचायत पथरिया, नगर पंचायत सरगांव सीमा क्षेत्र तथा जरहागांव, सेतगंगा एवं बरेला ग्राम के सम्पूर्ण क्षेत्र को संक्रमण से बचाने एवं स्वास्थ्यगत आपात स्थिति को नियंत्रण मे रखने के लिए 22 जुलाई से लेकर 28 जुलाई की रात 12 बजें तक, समस्त व्यावसायिक प्रतिष्ठान, गोदाम सप्ताहिक हाट-बाजार को बंद रखने का आदेश जारी किया गया हैं। अति आवश्यक सेवाएं जैसे राशन सब्जी,फल, दूध कृषि किटनाशक की दुकानें प्रातः 7 बजे से लेकर सुबह 11 बजें तक ही अपना व्यापार कर सकेंगे।
    इसी तरह घर पर जाकर दूध बाटने वाले दूध विक्रेता, न्यूज पेपर हांकर प्रातः 06 बजे से 9.30 बजे तक प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे। नगर पालिका परिषद मुंगेली, नगर पंचायत लोरमी, पथरिया, सरगांव के कार्यालय तत्काल प्रभाव से आम जनता से काम-काज हेतु बंद रहेंगे। किंतु अतिआवश्यक बिजली पानी, साफ-सफाई का काम-काज निरंतर जारी रहेंगे। जिले के नगरीय क्षेत्रो मे समस्त सार्वजनिक परिवहन सेवाएं जिसमे निजि बसे, टैक्सी, आटो रिक्शा, इत्यादि का परिचालन तत्काल प्रभाव से बंद रहेंगे। केवल इमरजेंसी मेडिकल सेवा वाले व्यक्तियों को वाहन द्वारा आवागमन की अनुमति होगी। नगर पालिका परिषद मुंगेली, नगर पंचायत लोरमी, पथरिया, सरगांव सीमा क्षेत्र जरहागांव, सेतगंगा तथा बरेला ग्राम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फैक्ट्री, निर्माण एवं श्रम कार्य शर्तो के अधीन कार्य कर सकेंगे। सभी धार्मिक, सस्कृतिक एवं पर्यटन स्थल आम जनता के लिए पूर्णतः बंद रहेंगे।
    सभी नागरिक अपने घर मे रहेंगे। बुनियादी आवश्यकताओ की पूर्ति के क्रम मे बाहर जाने पर सामाजिक दूरी के दिशा-निर्देशो का अनुपालन करेंगे। इसी तरह फेस मास्क का उपयोग और शासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। इसी तरह कार्यालय कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक (शहर तथा ग्रामीण) कोषालय, अनुविभागीय दंडाधिकारी, तहसील, थाना एवं चैकी आम जनता के लिए बंद रहेंगे। इसी तरह जिले के नगरीय सीमा क्षेत्र के समस्त शासकीय,अर्धशासकीय कार्यालयों को तत्काल प्रभाव से बंद किया गया है। सभी पदाधिकारी तथा कर्मी अपने घर से शासकीय कार्यों का निष्पादन करेंगें। आवश्यकता पडने पर कार्यालय प्रमुख उन्हे कार्यालय मे बुला सकेंगे।
    सभी नगरीय क्षेत्रो और जरहागांव, सेतगंगा, बरेला ग्राम के सीमा क्षेत्र मे स्थित समस्त शासकीय व अर्धशासकीय बैंक न्यूतम अनिवार्य आवश्यकता तक ही कर्मचारियो-अधिकारियो का उपयोग करेंगे और महामारी से सुरक्षा हेतु दिए जा रहे निर्देशो का अक्षरशः पालन अनिवार्य रूप से करेंगे। जारी आदेश का उल्लंघन करने वालो की विरूद्ध भारतीय दंड संहिता 1860 के धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    कोविड-19 के तहत क्वारांटाईन किए गए विधायक वोरा के संपर्क में आने वाले नेताओं जनप्रतिनिधियों व कर्मचारियों को भी होम क्वांराटाईन किए जाने को लेकर भाजयुमो ने जिलाधीश व स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन सौंपा..

        दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग शहर के विधायक अरुण वोरा कुछ दिनों पूर्व दिल्ली प्रवास पर थे और उनके दिल्ली से वापसी आने पर कोविड-19 के नियमों के तहत उन्हें होम क्वांराटाईन होना था पर उनके द्वारा नियमों को ताक में रखकर नगर निगम के अधिकारी कर्मचारियों महापौर और तो और प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की उन सभी मिलने वाले वरिष्ठ नेताओं जनप्रतिनिधि महापौर को होम क्वांराटाईन किए जाने को लेकर तथा विधायक निवास के पीछे दरवाजे पर गुपचुप तरीके से चस्पा की गई कवरिंटी न सूचना पर जिला अध्यक्ष दिनेश देवांगन के नेतृत्व में दुर्ग जिलाधीश एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा गया कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए मांग की गई कि जनता स्वास्थ्य से लापरवाही ना हो इसके लिए संपर्क में आए नेताओ व अधिकारियों सहित सभी को जल्द से जल्द क्वांराटाईन किया जाए इस दौरान जिला भाजयुमो मंत्री राहुल दीवान,प्रचार मंत्री राजा महोबिया,गौरव शर्मा,मंडल अध्यक्ष तेखन सिन्हा सहित उपस्थित कार्यकर्ताओं ने विधायक के खिलाफ जोरदार नारेबाजी किया।

         इस अवसर पर भाजयुमो जिला अध्यक्ष दिनेश देवांगन ने कहा कि कोविड-19 के तहत केंद्र एवं राज्य शासन के द्वारा लागू किए गए नियमों के तहत किसी भी दूसरे राज्य से विशेषकर संक्रमित क्षेत्र से आए व्यक्ति को लौटने के पश्चात 14 दिनों का होम क्वॉरेंटाइन किए जाने का का प्रावधान है किंतु इस मामले में दुर्ग शहर विधायक अरुण वोरा द्वारा देश के सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित राज्य दिल्ली प्रवास से लौटने के पश्चात एक राज्य सरकार के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि होने के बावजूद इस नियम का पालन नहीं किया बल्कि 15 जुलाई की रात्रि दिल्ली से वापसी के बाद दूसरे दिन राज्य शासन में भंडार निगम के अध्यक्ष नियुक्त होने पर नगर निगम दुर्ग कार्यालय पहुंचकर अपने स्वागत समारोह में शामिल हुए इसमें महापौर धीरज बाकलीवाल सहित कांग्रेस पार्षदों व कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ इकट्ठा हुई थी जिस की उपस्थिति में विधायक अरुण वोरा द्वारा बधाई स्वीकार किया गया इस अवसर पर निगम के कमिश्नर से लेकर कई अधिकारी भी शामिल हुए थे क्योंकि बाद में इस मामले पर मीडिया व अन्य लोगों की व्यापक प्रतिक्रिया सामने आने पर जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा कल 20 जुलाई को विधायक महोदय को होम क्वॉरेंटाइन कर तथा सूचना घर के पीछे के दरवाजे पर चस्पा किया गया किंतु इसके पूर्व विधायक वोरा द्वारा ना केवल निगम कार्यालय के भीड़ में शामिल हुए थे बल्कि इस बीच उन्से खाद्य मंत्री अमरजीत सिंह घर पर मिल चुके हैं तथा विधायक महोदय द्वारा स्वयं रायपुर जाकर मुख्यमंत्री जी से भी मुलाकात कर चुके हैं जिसे भी होम क्वांराटाईन किया जाना चाहिए ऐसे में विधायक अरुण वोरा के घर के पिछले दरवाजे पर होम क्वॉरेंटाइन का सूचना चस्पा किया जाना सिर्फ और सिर्फ लीपापोती व खानापूर्ति जैसा है ऐसी स्थिति में जिला भारतीय जनता युवा मोर्चा यह मांग करती है कि कोरोनावायरस संक्रमण के बढ़ते दौर के मामले को देखते हुए नियमानुसार ऐतिहातन के तौर पर विधायक वोरा के संपर्क में रहने वाले जितने भी जनप्रतिनिधि नेताओं तथा कार्यकर्ताओं व अधिकारियों द्वारा प्रत्यक्ष मुलाकात के हैं उन्हें भी चिन्हित कर क्वॉरेंटाइन किया जाना चाहिए ताकि संक्रमण का चैन तोड़ने में सहायता मिल सके।
    ज्ञापन सौंपने के दौरान स्कच्छता प्रकल्प संयोजक अनुपम मिश्रा, पटरी पार सिकोला भाठा मंडल अध्यक्ष तेखन सिन्हा महामंत्री विनीत ताम्रकार बंटी चौहान शुभम साहू दीपक सिन्हा,ज्वाला मरकाम, हरीश देवांगन रवि यादव विश्वजीत देशमुख सोनू देवांगन सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    नवागढ़ / शौर्यपथ / प्रदेश भारतीय जनता पार्टी निर्देशन पर भारतीय जनता पार्टी बेमेतरा जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश जोशी के निर्देशानुसार 20, 21 ओर 22 जुलाई को हरेली त्योहार के अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओ कम से कम 5 पौधा रोपण करना है। इसी के तहत मंगलवार को नवागढ़ मण्डल में छत्तीसगढ़ के प्रथम व कृषि परम्परा से जुड़े हरेली त्योहार पर भाजपा जिला महामंत्री विकास धर दीवान के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने आम, नीम,पीपल एवं बरगद के छायादार वृक्ष लगाते हुए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इसके साथ ही मण्डल के विभिन्न शक्ति केंद्रों में भी भाजपाइयों ने यह अभियान चलाया।
    जिला महामंत्री विकास धर दीवान ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है,जहाँ पर श्रावण मास में हरियाली अमावस्या के दिन किसानों का त्यौहार हरेली मनाया जाता है। वृक्षों से ही पाणी मात्र का जीवन है, वृक्षों से हमे आक्सीजन पाप्त होती है तथा वृक्ष हमारे जीवनदाता हैं, उन्होने कहा कि अधिक-से-अधिक वृक्षों का रोपण एवं उनका संरक्षण हमारा नैतिक दायित्व है।दीवान ने अपने उदबोधन में औषधीय पौधों के रोपण एवं उनके संवर्धन पर विशेष बल दिया तथा कहा कि औषधीय गुणों से परिपूर्ण पौधों का रोपण अत्यंत जरूरी है।
    वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन तिवारी ने कहा कि वृक्षों की महत्ता किसी से छिपी नहीं है, वृक्ष एक ओर जहां हमें जीवनदायनी आक्सीजन पदान करते हैं वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण व पदूषण निवारण की दिशा में पमुख भूमिका निभाते हैं। संजीव तिवारी ने कहा कि निश्चित रूप से पर्यावरण को संरक्षित तभी किया जा सकता है जब अधिक-से-अधिक वृक्षों का रोपण किया जाए, वृक्षों का अधिकाधिक रोपण एवं उनका संरक्षण हमारी पाथमिकताओं में सर्वोपरि होना चाहिए।
    इस दैरान मण्डल अध्यक्ष चन्द्रपाल साहू,महामंत्री मिन्टू बिसेन,महामंत्री सुरेश साहू,पुर्व नप अध्यक्ष गिरेन्द्र महिलांग,देवादास चतुर्वेदी, दयावंत धर बांन्धे,जिला मंत्री मधु रॉय,चैन साहू,राजेन्द्र मिश्रा,महावीर ध्रुव,मधु वर्मा,सनथ वर्मा,मोहन बघेल, ओमकार साहू,उमेश ध्रुव, रोहित साहू,युवराज ठाकुर,सुदेश हरि, मीना साहू,दिलीप नवरंग, किशुन ध्रुव,रामाधार ध्रुव,रामसागर साहू,टीकम पूरी गोस्वामी,रमेश निषाद, राधा गोलू सिन्हा,रीमा रुम्पल टुटेजा, मनीष श्रीवास,हेमा यादव,प्रणय दीवान सहित भाजपा नेता नेताओ ने अपने शक्तिकेन्द्रों में वृक्षारोपण किया।

    शौर्यपथ विचार / गाय का गोबर कई मायनों में हिन्दू धर्म के लिए अलग अलग महत्तव रखता है . घर के आँगन में गोबर की लिपाई , पूजा स्थल में गोबर से लिपना शुभ माना जाता है . गाय के गोबर से ईंधन का उपयोग प्रदुषण के लिए अन्य ईंधनो की अपेक्षा कम हानिकारक है , जमीन की उपजाऊ क्षमता की बढ़ोतरी गाय के गोबर से बने खाद से बढती है , गोबर गैस से ईंधन का निर्माण किया जा सकता है , गोबर से पेपर , गमले , अगरबत्ती आदि कई उपयोगी वस्तुओ का निर्माण किया जाता है जो स्वास्थ्य के लिए भी लाभप्रद है . ऐसे कई उपयोगी वस्तुओ के लिए गोबर एक महत्तवपूर्ण पदार्थ है .
    ऐसी ही कई परिकल्पना को जमीनी स्तर पर लाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने गोबर का क्रय करने की योजना शुरू की चूँकि ये योजना कांग्रेस नीत सरकार ने शुरू की तो इसे नीचा दिखाने की कसार विपक्ष भला कैसे भूल सकती है और गोधन न्याय योजना के शुरू होते ही शुरू हो गयी विपक्ष की अनगर्ल तथ्यहीन विरोध की वाणी किन्तु विपक्ष इस विरोध में ये भी भूल गए कि गोबर से निर्मित उत्पाद के लिए केंद्र सरकार ने पहले भी कई योजनाये बनाई और स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित भी किया साल २०१८ में केन्द्रीय मन्त्रिय गिरिराज ने 12 सितंबर को कुमारप्पा नेशनल हेंडमेड पेपर इंस्टीट्यूट में गोबर से बने पेपर कैरी बैग को लॉन्‍च किया था। छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ने गोबर क्रय करने का निर्णय लेकर छोटे छोटे रोजगार के अवसर तो प्रदान किये साथ ही उन लोगो की नींद भी उड़ा दी जो खाद व उर्वरक के नाम पर प्रतिवर्ष करोडो का मुनाफा करते है किन्तु जमीन की उर्वरक शक्ति को खत्म करने में भी अपरोक्ष रूप से अपना योगदान देते है . सरकार के द्वारा गोबर कराया करने से कई तरह के उत्पाद तो तैयार होंगे ही जो पर्यावरण के लिए तो फायदेमंद रहेंगे ही वही जमीनों की पैदावार क्षमता को भी जैविक खाद के रूप में बढ़ाएंगे . प्रकृति को संतुलन रखने के लिए ऐसे कदम सराहनीय है जो भविष्य में रोजगार के अवसर तो प्रदान करेंगे ही . आत्मनिर्भरता के मोदी सरकार के प्रयासों पर भी पंख लगेंगे . खैर विपक्ष के तथ्यहीन विरोध को दरकिनार करते हुए प्रदेश सरकार ने गोधन न्याय योजना की शुरुवात तो कर ही दी है और सरकार इस गोधन ( गोबर ) का किस तरह उपयोग करती है ये भी धीरे धीरे स्पष्ट हो जायेगा .
        आइये हम बताते है गोबर का उपयोग रोजगार के किस किस क्षेत्र में आमदनी बढाने के लिए किया जा सकता है जिस पर केंद्र सरकार भी गंभीर है सिवाय अंध भक्ति से लिप्त लोगो के ....
    अगर आप गाय के गोबर से पैसा कमाना चाहते हैं तो केंद्र सरकार आपका सहयोग करने को तैयार है। कुमारप्पा नेशनल हैंडमेड पेपर इंस्टीट्यूट में गाय के गोबर से पेपर बनाने की विधि इजाद की गई है। इस विधि को अब 'प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम' के तहत आम लोगों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। मतलब अब आप भी इस प्‍लांट को लगाकर गोबर से पैसे बना सकते हैं। जयपुर स्‍थ‍ित कुमारप्पा नेशनल हैंडमेड पेपर इंस्टीट्यूट (केएनएचपीआई) के डायरेक्‍टर ए.के. गर्ग ने गांव कनेक्‍शन से बताया, ''गाय के गोबर से हैंडमेड पेपर तैयार किया जा रहा है। इस पेपर की क्‍वालिटी बहुत अच्‍छी है। इससे कैरी बैग भी तैयार किया जा रहा है। जैसा की प्‍लास्‍टिक बैग बैन हो रहे हैं, ऐसे में पेपर के कैरी बैग अच्‍छा विकल्‍प हैं।'
    '' ए.के गर्ग इस प्‍लांट की लागत पर कहते हैं, ''ये तो क्वांटिटी (मात्रा) पर निर्भर करता है। 5 लाख से लेकर 25 लाख तक में प्‍लांट लगाए जा सकते हैं। चूंकि ये हैंडमेड पेपर हैं तो इससे हर प्‍लांट में कुछ लोगों को रोजगार भी मिलेगा। अगर 15 लाख में कोई प्‍लांट लगाता है तो इसमें 10 से 12 लोगों को रोजगार मिल सकता है।''
    एमएसएमई मंत्रालय के तहत काम करने वाली हैंडमेड पेपर एंड फाइबर इंडस्‍ट्री के डायरेक्‍टर के.जे. भोसले ने बताया, ''गोबर से पेपर बनाने की विधि से रोजगार मिल सकेगा। इससे पेपर के अच्‍छे कैरी बैग बनने की जानकारी मिली है। जयपुर के केएनएचपीआई में तो इसकी शुरुआत भी हो गई है। जिसे भी ये प्‍लांट लगाना हो वो एक बार जयपुर में बन रहे पेपर के कैरी बैग को देख सकता है। इससे उसे प्रोत्‍साहन भी मिलेगा।'

    केंद्रीय मंत्री ने किया था लॉन्‍च (२०१८)
    इससे पहले केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री गिरिराज सिंह ने 12 सितंबर को कुमारप्पा नेशनल हेंडमेड पेपर इंस्टीट्यूट में गोबर से बने पेपर कैरी बैग को लॉन्‍च किया था। इस दौरान उन्‍होंने कहा, ''गाय के गोबर से बने उत्पाद गुणवत्ता में बेहतर हैं और किफायती भी हैं. देशभर में इन्हें पसंद किया जा रहा हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच का ही परिणाम हैं कि किसान गाय के गोबर से भी पैसा कमा सकेगा.'' केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अधिकारियों को गोबर से कागज बनाने की यूनिट लगाने के प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाकर मंत्रालय भेजने का निर्देश भी दिया थ। इसलिए अधि‍कारी प्रोजेक्‍ट को लैब से जमीन पर लाने के लिए जुटे हुए हैं।
    पीएम मोदी भी गिना चुके हैं गोबर की उपयोगिता
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पशुओं के अपशिष्ठ (यानि गोबर-गोमूत्र) से कमाई की बात करते रहे हैं। पीएम मोदी ने मन की बात में कहा था, ''गोबर भी किसानों की कमाई का जरिया हो सकता है। किसान गोबर की खाद अपने खेतों के लिए ही नहीं बल्कि उसे ज्यादा मात्रा में उत्पादन कर कारोबार भी कर सकते हैं। सरकार की गोबरधन स्कीम के जरिए वेस्ट को एनर्जी में बदलकर इसे आय का जरिया बनाया जा सकता है।'' सेन्ट्रल इन्स्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग की एक रिपोर्ट के अनुसार देश भर में पशुओं से हर साल 100 मिलियन टन गोबर मिलता है जिसकी कीमत 5,000 करोड़ रुपए है। इस गोबर का ज्यादातर प्रयोग बायोगैस बनाने के अलावा कंडे और अन्य कार्यों में किया जाता है।
    कमाई का जरिया बन रहा गोबर
        गोबर से बन रहे गमले और अगरबत्‍ती गोबर से बना गमला इलाहाबाद जिले के कौड़िहार ब्लॉक के श्रींगवेरपुर में स्थित बायोवेद कृषि प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान शोध संस्थान में गोबर से बने उत्पादों को बनाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। यहां गोबर से गमले और अगरबत्ती जैसे कई उत्‍पाद बनाए जाते हैं। संस्‍थान के प्रबंध निदेशक डॉ. हिमांशू द्विवेदी बताते हैं, "हमारे यहां गोबर की लकड़ी भी बनाई जाती है, इसका हम प्रशिक्षण भी देते हैं। इसे गोकाष्ठ कहते हैं। इसमें लैकमड मिलाया गया है, इससे ये ज्यादा समय तक जलती है। गोकाष्ठ के साथ ही गोबर का गमला भी काफी लोकप्रिय हो रहा है।"
    गोबर से बायो सीएनजी बनाने का प्लांट
    गोबर से बायो सीएनजी भी बनाई जाने लगी है। ये वैसे ही काम करती है, जैसे हमारे घरों में काम आने वाली एलपीजी। लेकिन ये उससे काफी सस्ती पड़ती है और पर्यावरण की भी बचत होती है। बॉयो सीएनजी को गाय भैंस समेत दूसरे पशुओं के गोबर के अलावा सड़ी-गली सब्जियों और फलों से भी बना सकते हैं। ये प्लांट गोबर गैस की तर्ज पर ही काम करता है, लेकिन प्लांट से निकली गैस को बॉयो सीएनजी बनाने के लिए अलग से मशीनें लगाई जाती हैं, जिसमें थोड़ी लागत तो लगती है लेकिन ये आज के समय को देखते हुए बड़ा और कमाई देने वाला कारोबार है। उत्‍तर प्रदेश के कानपुर में रहने वाले विशाल अग्रवाल हाईटेक मशीनों से मदद से बॉयो सीएनजी बना रहे हैं, उनकी न सिर्फ सीएनजी हाथो हाथ बिक जाती है, बल्कि अपशिष्ट के तौर पर निकलने वाली स्लरी यानी बचा गोबर ताकतवर खाद का काम करता है। कानपुर से करीब 35 किमी. दूर ससरौल ब्लॅाक में लगभग पौने दो एकड़ में 5,000 घन मीटर का बायोगैस प्लांट लगा हुआ है।


    गोबर से बना दिया 'वैदिक प्लास्टर'
    हरियाणा के डॉ शिवदर्शन मलिक ने देसी गाय के गोबर से एक ऐसा 'वैदिक प्लास्टर' बनाया है जिसका प्रयोग करने से गांव के कच्चे घरों जैसा सुकून मिलेगा। वर्ष 2005 से वैदिक प्लास्टर की शुरुआत करने वाले शिवदर्शन मलिक का कहना है, "हमें नेचर के साथ रहकर नेचर को बचाना होगा, जबसे हमारे घरों से गोबर की लिपाई का काम खत्म हुआ तबसे बीमारियां बढ़नी शुरु हुईं। देसी गाय के गोबर में सबसे ज्यादा प्रोटीन होती है। जो घर की हवा को शुद्ध रखने का काम करता है, इसलिए वैदिक प्लास्टर में देसी गाय का गोबर लिया गया है।" शिवदर्शन बताते हैं, "हमारे देश में हर साल 100 मिलियन टन गोबर निकलता है। जिसका सही तरह से उपयोग न होने से ज्यादातर बर्बाद होता है। देसी गाय के गोबर में जिप्सम, ग्वारगम, चिकनी मिट्टी, नीबूं पाउडर आदि मिलाकर इसका वैदिक प्लास्टर बनाते हैं जो अग्निरोधक और उष्मा रोधी होता है। इससे सस्ते और इको फ्रेंडली मकान बनते हैं, इसकी मांग ऑनलाइन होती है। हिमाचल से लेकर कर्नाटक तक, गुजरात से पश्चिमी बंगाल तक वैदिक प्लास्टर से 300 से ज्यादा मकान बन चुके हैं।"

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा एवं पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ला ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जनप्रतिनिधि, अधिकारियों एवं चेम्बर ऑफ कामर्स के प्रतिनिधियों से लॉकडाउन के संबंध में चर्चा की। इस अवसर पर महापौर श्रीमती हेमा देशमुख उपस्थित थी।
    कलेक्टर वर्मा ने कहा कि राजनांदगांव जिले में विशेषत: नगर पालिक निगम राजनांदगांव क्षेत्र में प्रतिदिन लगातार कोरोना पॉजिटिव मरीज चिन्हित किये जा रहे हैं। जिले में अब तक कुल 440 कोरोना पॉजिटिव मरीज की पहचान की गई है और यह संख्या लगातार बढ़ती ही चली जा रही है। कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी गाईड लाईन अनुसार कोरोना पॉजिटिव केस पाये जाने वाले क्षेत्रों में कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। इसके बावजूद इन क्षेत्रों में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। इसलिए यह आवश्यक है कि कोविड-19 के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाये जाये।
    ऐसी अपातकालीन परिस्थितियों को देखते हुए कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए नगर पालिक निगम राजनांदगांव के संपूर्ण क्षेत्र को 23 जुलाई से कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। नगर पालिक निगम राजनांदगांव के संपूर्ण क्षेत्र को 23 जुलाई 2020 की मध्य रात्रि 12 बजे से 29 जुलाई 2020 मध्य रात्रि 12 बजे तक लॉकडाउन रहेगा और इस दौरान दैनिक आवश्यकता वस्तुएं एवं इमेरजेंसी मेडिकल सेवा आरंभ रहेगी। दुकाने प्रात: 6 बजे से प्रात: 10 बजे तक खुली रहेंगी। आगामी त्यौहार गणेश चतुर्थी, स्वतंत्रता दिवस के लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी होंगे। मेडिकल कालेज में भी कोरोना की जांच के लिए लैब आरंभ हो जाएगा।
    उन्होंने कहा कि लखोली के श्रमिक अब ठीक हो चुके है और सभी व्यापारी उनका सहयोग करें एवं उन्हें कार्य पर रखे। बिना मास्क लगाए आने वाले ग्राहकों को व्यापारी सामान न दें। उन्होंने कहा कि गणेश चतुर्थी में 4 फीट तक की मूर्तियां बेचने की अनुमति दी गई है।
    पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ला ने कहा कि सामुदायिक संक्रमण के मामलों में स्त्रोत का पता कई बार नहीं पता चल पाता है। उन्होंने यह भी कहा कि सामुदायिक संक्रमण का पैटर्न अलर्ट करने लायक है, इसलिए चेन को तोडऩे के लिए लॉकडाउन करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अगले आने वाले दिनों में बहुत से त्यौहार है। इसके लिए हमें सावधानी रखनी होगी। हमें कोरोना के प्रति सजग होकर अपनी जीवन शैली में महत्वपूर्ण परिवर्तन करने होंगे। तभी हम इस महामारी की रोकथाम कर सकेंगे। हम सभी को मास्क के साथ जीने की आदत डालनी होगी और सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना होगा।
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने कहा कि कोविड-19 मरीजों के मामले में रायपुर के बाद राजनांदगांव दूसरे स्थान पर है और यहां मरीजों की संख्या बढ़ी है।
    लालबाग, तुलसीपुर, चिखली, नया ढाबा सहित शहर के कई स्थानों से कोविड-19 के मरीज मिल रहे है जो कि चिंताजनक है। अभी तक 440 केस पॉजिटिव रहे है और रिकवरी रेट 83 प्रतिशत है। लेकिन बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं एवं अन्य लोगों में भी संक्रमण का खतरा फैलने पर स्थिति बिगड़ सकती है। इसके लिए जागरूकता की बहुत जरूरत है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के सेम्पल लेने में भी राजनांदगांव प्रदेश में दूसरे स्थान पर है और अब तक 20 हजार सेम्पल लिए जा चुके हैं। यह कार्य निरंतर जारी है।
    इस मौके पर चेम्बर ऑफ कामर्स के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर ओंकार यदु, अपर कलेक्टर हरिकृष्ण शर्मा, जिला पंचायत की सीईओ श्रीमती तनुजा सलाम, नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे एवं जनप्रतिनिधि, चेम्बर ऑफ कामर्स के प्रतिनिधि, व्यापारिक संगठन उपस्थित थे।

    कल्याणम महिला स्व सहायता समूह को दी गई गौठान की जिम्मेदारी
    पहले ही दिन खरीदी गई 3 क्विंटल गोबर

    दुर्ग / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार राज्य शासन की महत्वकांक्षी योजना गोधन न्याय योजना को छत्तीसगढ़ प्रदेश में पहली बार गौठान स्थल में ही एमआईसी की बैठक कर महापौर धीरज बाकलीवाल द्वारा निगम का पहला गौधन न्याय योजना को शुभारंभ किया गया। इस मौके पर आयुक्त इंद्रजीत बर्मन, सभापति राजेश यादव तथा समस्त एमआईसी प्रभारियों की उपस्थिति में किया गया।
    इस मौके पर महापौर धीरज बाकलीवाल ने छत्तीसगढ़ की पहली हरेली के त्योहार का शहर वासियों एवं समस्त आम नागरिकों को बधाई देते हुये कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल की मंशा के अनुरुप आज पुलगांव स्थित गौठान स्थल पर नगर निगम दुर्ग का पहला गौधन न्याय योजना की शुरुआत की गई है। इसके माध्यम से हम शहर के पशुओं की सेवा कर सकेगें। साथ ही गोधन सेवा के तहत् शहर को सुन्दर और समृद्ध बना सकेगें। उन्होंने कहा नगर पालिक निगम दुर्ग ने पुलगांव के गौठान सहित चार स्थानों पर गौधन न्याय योजना का सेंटर प्रारंभ करने जा रहा है। जिसे बोरसी, उरला, और पटरीपार क्षेत्र में स्थापित किया जावेगा। उन्होनें बताया आज पहले ही दिन गोकुल नगर के 10 मवेशी मालिकों ने शासन द्वारा निर्धारित 2/- की दर से 721 किलोग्राम गोबर नगर निगम को बेची हैं।
    उन्होनें बताया शहर के समस्त पशु पालकों से भी गोबर खरीदी करने की योजना बना ली गई है। इसके लिए नगर निगम के डोर टू डोर कचरा एकत्र करने वाली महिला समूह की महिलाएॅ प्रत्येक वार्ड के पशु पालकों का रजिस्ट्रेशन करेगें। जिसके बाद उनके गोबर की खरीदी निगम द्वारा की जाएगी। उन्होनें शहर के समस्त पशु मालिकों से अपील कर कहा कि वे अपने पशुओं को बांध कर रखें, उनके डेयरी या घर में रखे पशुओं से निकलने वाले गोबर को शासन द्वारा निर्धारित दर पर नगर निगम खरीदेगी । उन्होनें बताया एकत्र गोबर को नियमानुसार प्रोसेस कर उसका वार्मी कम्पोस्ट तैयार की जाएगी। इसके लिए स्थानीय स्व सहायता समूहों को गोबर एकत्र करने और उसका वार्मी कम्पोस्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी जा रही है। उन्होनें बताया गौठान की जिम्मेदारी कल्याणम महिला स्व सहायता समूह को दी गई है।
    कार्यक्रम में आयुक्त इंद्रजीत बर्मन, सभापति राजेश यादव, वित्त प्रभारी दीपक साहू, सामान्य प्रशासन प्रभारी श्रीमती जयश्री जोशी, राजस्व प्रभारी ऋषभ जैन, जलकार्य प्रभारी संजय कोहले, विद्युत यांत्रिकी प्रभारी भोला महोबिया, शिक्षा प्रभारी मनदीप सिंह भाटिया, पर्यावरण प्रभारी श्रीमती सत्यवती वर्मा, महिला एवं बाल विकास प्रभारी सुश्री जमुना साहू, गरीबी उपशन प्रभारी शंकर सिंह ठाकुर, सांस्कृति एवं पर्यटन प्रभारी अनूप चंदानियां, स्वास्थ्य प्रभारी हमीद खोखर, लोक कर्म प्रभारी अब्दुल गनी,कार्यपालन अभियंता मोहनपुरी गोस्ववामी, राजेश पाण्डेय, सहित सहा0 अभियंतागण, उपअभियंता, निगम सचिव व अन्य अधिकारी कर्मचारी और नागरिकगण उपस्थित थे।

    नवागढ़ / शौर्यपथ / थाना नवागढ एवं दाढी पुलिस के हत्थे चढे अवैध शराब तस्कर का बड़ा गिरोह, एमपी के 27 पेटी गोवा अंग्रेजी शराब कुल 1360 पौवा गोवा अंग्रेजी शराब जुमला कीमती 01 लाख 63 हजार दो सौ रूपये के साथ 03 आरोपी गिरफ्तार हुए। नवागढ़ थाना प्रभारी अम्बर सिंह भारद्वाज ने बताया कि पुलिस अधीक्षक बेमेतर दिव्यांग कुमार पटेल के निर्देशन एवं अति. पुलिस अधीक्षक विमल कुमार बैस व एसडीओपी बेमेतरा राजीव शर्मा के मार्गदर्शन में प्रतिदिन जिले में समस्त थाना प्रभारियों के द्वारा अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा पर लगातार कार्यवाही की जा रही है।

    जिसके तहत रविवार एवं सोमवार को मध्य रात्रि में मुखबीर से सूचना मिला कि थाना नवागढ ग्राम धौराभाठ खुर्द एवं थाना दाढी ग्राम गांगपुर में अवैध शराब की तस्करी होने की सूचना पर तत्काल थाना नवागढ एवं दाढी पुलिस द्वारा संयुक्त कार्यवाही करते हुए अलग – अलग दोनो जगह मौके पर पहुच कर घेराबंदी करते हुए आरोपियो को पकडा गया। जिसमें थाना नवागढ में आरोपी संतोष खाण्डे पिता मंगल खाण्डे उम्र 33 साल निवासी धौराभाठा खुर्द थाना नवागढ के कब्जे से एमपी का 13 पेटी गोवा अंग्रेजी शराब कुल 650 पौवा (117000 मिली) कीमती 78,000/- रूपये को जप्त किया गया।

    वही थाना दाढी में आरोपी मोहन कुर्रे पिता घसीयाराम कुर्रे उम्र 38 साल निवासी गांगपुर थाना नवागढ एवं पुष्पराज ठाकुर पिता रामकुमार ठाकुर उम्र 34 साल निवासी नवागांव कला छिरहा थाना दाढी के कब्जे से 14 पेटी व 10 पौवा गोवा अंग्रेजी शराब कुल 710 पौवा (127,800 मिली) कीमती 85,200/- रूपये जप्त किया गया। उपरोक्त तीन आरोपियो के कब्जे से एमपी का 27 पेटी व 10 पौवा कुल 1360 पौवा गोवा अंग्रेजी शराब (244,800मिली) कुल जुमला 1,63,200/- रूपये (एक लाख 63 हजार दो सौ रूपये) को धारा 34 (2) आबकारी एक्ट के तहत जप्त कर कार्यावाही किया गया।


    उक्त कार्यवाही पुलिस थाना नवागढ प्रभारी निरीक्षक अंबर सिंह, थाना दाढी प्रभारी उप. निरीक्षक आनंद कोमरा, सउनि जगमोहन कुंजाम, सउनि तुलाराम देशमुख, सउनि भानु पटेल, प्र. आर. सुरेश ठाकुर, प्र. आर. सुशील वैष्णव, आर. पूना सिंह, आर. विनोद सिंह, आर. रवि चंद्रवंशी, आर. राज आडिल, आर. चुरावन पाल, आर. हीरालाल साहू, आर. संजय चंद्राकर, आर. हेम प्रसाद साहू, आर. छन्नु टंडन, आर. बालमुकुंद ठाकुर, आर. राजेन्द्र साहू, आर. विजय घृतलहरे, आर. कमलेश नवरत्न, आर. भुपेन्द्र चंद्रवंशी एवं अन्य स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।

    // पुलिस शोध एवं अनुसंधान ब्यूरो के आधुनिकतम मानदंडों के तहत पाटन पुलिस थाना बना प्रदेश का पहला थाना // विशेष महिला कक्ष, आम जनता के लिए काउंसलिंग कक्ष, ई…

    - 85 करोड़ 61 लाख रुपए के 435 विकास कार्यों के भूमिपूजन के साथ ही 16 करोड़ 90 लाख रुपए के 178 कार्यों का किया लोकार्पण,
    -शानदार अधोसंरचना के साथ अत्याधुनिक सुविधाओं का आगाज
    कम्युनिटी हाल के लोकार्पण के दौरान पाटन के नागरिकों के साथ किया संवाद भी


    दुर्ग  / शौर्यपथ /   पाटन ब्लाक में हरेली तिहार के अवसर पर गोधन न्याय योजना की शुरूआत के साथ ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 102 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। लगभग 85 करोड़ रुपए के 435 कार्यों के भूमिपूजन के साथ ही 16 करोड़ रुपए के 178 विकास कार्यों का लोकार्पण मुख्यमंत्री के हाथों हुआ। इन विकास कार्यों से पाटन ब्लाक के लोगों की अधोसंरचना संबंधी जरूरत तो पूरी होगी ही, अत्याधुनिक सुविधाओं वाले शहर के रूप में भी पाटन पूरी तरह तैयार होगा। इंडोर स्टेडियम, अत्याधुनिक कम्युनिटी हाल, स्वीमिंग पुल के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन हुआ। साथ ही मुख्यमंत्री के द्वारा ग्राम सिकोला में पथ वृक्षारोपण का लोकार्पण भी किया गया। इसमें 44 किलोमीटर सड़को में लगभग इतने ही पेड़ लगाए गए। इस मौके पर जिले के सभी ब्लाकों में 10 ग्राम पंचायत इस तरह 30 ग्राम पंचायतों में गोधन न्याय योजना का भी शुभारंभ हुआ। 31 जुलाई तक सभी 216 गौठानों में यह योजना आरंभ हो जाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पाटन के कम्युनिटी हाल के लोकार्पण के दौरान पाटन के नागरिकों के साथ संवाद भी किया।
          पाटन नगर को सामुदायिक भवन जीर्णोद्धार की सौगात- प्रमुख लोकार्पण कार्यों में पाटन में वार्ड क्रमांक 15 में 34 लाख रुपए की लागत से निर्मित डाॅ. खूबचंद बघेल सामुदायिक भवन जीर्णोद्धार कार्य के साथ ही इसी वार्ड में 24 लाख रुपए की लागत से निर्मित गौठान, विभिन्न वार्डों में 32 लाख रुपए से डामरीकरण कार्य, नगर के विभिन्न विकास वार्डों में 73 लाख रुपए के विकास कार्य शामिल है। इस प्रकार नगर पंचायत पाटन में विभिन्न विकास कार्यों के लिए एक करोड़ 65 लाख रुपए की राशि से निर्मित संरचनाओं का लोकार्पण किया गया।
        4 नलजल आवर्धन योजनाओं का शुभारंभ- कुल एक करोड़ 83 लाख रुपए की राशि से निर्मित 4 नलजल आवर्धन योजनाओं का लोकार्पण भी इस अवसर पर किया गया। यह योजनाएं पतोरा, ढौर, भानसुली और खुड़मुड़ा में आरंभ हो जाएंगी। इनकी शुरूआत से इन चार गांवों के लोगों की पेयजल की समस्या पूरी तरह हल हो जाएगी।
        सोलर एनर्जी के कार्य भी होंगे लोकार्पित- पाटन में दो करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सोलर पावर प्लांट के माध्यम से स्ट्रीट लाइट स्थापना कार्य का लोकार्पण भी किया गया। इसी प्रकार 170 सोलर ड्यूल पंप के माध्यम से पेयजल व्यवस्था के कार्यों का लोकार्पण भी हुआ। इसकी लागत 7 करोड़ 41 लाख रुपए है। इस प्रकार 9 करोड़ 41 लाख रुपए की लागत के 178 कार्यों का लोकार्पण सोलर एनर्जी से संबंधित कार्यों का हुआ।
         29 ऐसे कार्य जिनसे गुलजार होगा पाटन- नकटा तालाब का गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का भूमिपूजन भी इस अवसर पर हुआ। पांच करोड़ 97 लाख रुपए की लागत से इस तालाब के जीर्णोद्धार का कार्य होगा। तालाब से शहर की खूबसूरती भी बढ़ेगी और गहराई होने से वाटर लेवल भी बढ़ेगा। इसी तरह से 2 करोड़ 95 लाख रुपए की लागत से हनुमान तालाब का गहरीकरण भी होगा। स्पोर्ट्स फैसिलिटी बढ़ाने के लिए वार्ड क्रमांक 5 में मल्टी परपस इंडोर स्पोर्ट्स हाल का भूमिपूजन हुआ। साढ़े चार करोड़ रुपए की लागत से इसी वार्ड में स्वीमिंग पुल निर्माण कार्य भी होगा। 21 लाख 55 हजार रुपए की लागत से प्रेस क्लब के भवन का भूमिपूजन और 20 लाख रुपए की लागत से बनने वाले कृषक सदन का भूमिपूजन भी इस अवसर पर किया गया। इसके साथ ही नगर के विकास एवं बुनियादी संरचनाओं से संबंधित अनेक कार्यों का भूमिपूजन भी मुख्यमंत्री ने किया। इस प्रकार 40 करोड़ 72 लाख रुपए के 29 अधोसंरचनाओं से संबंधित कार्यों का भूमिपूजन मुख्यमंत्री ने किया।
        जनपद पंचायत संसाधन केंद्र का भी भूमिपूजन- इस मौके पर जनपद पंचायत संसाधन केंद्र का भूमिपूजन भी मुख्यमंत्री ने किया। इसका निर्माण 1 करोड़ 26 लाख रुपए की राशि से कराया जाएगा। इसके साथ ही झीट, मर्रा और सांतरा में भी धान संग्रहण केंद्र का भूमिपूजन भी हुआ।
         19 जलआवर्धन योजनाओं का भी भूमिपूजन- मुख्यमंत्री द्वारा पाटन ब्लाक के 19 गांवों में 4 करोड़ 84 लाख रुपए की लागत से 19 योजनाओं का भूमिपूजन किया गया। इनमें से मुड़पार, तर्रीघाट, सिपकोन्हा, केसरा, छाटा, परसाही, उफरा, सोनपुर, बोरेन्दा, गुढ़ियारी, मगरघटा, सिकोला, अचानकपुर, चुनकट्टा, अमलेश्वर, गोडपेण्ड्री, नवागांव, तेलीगुण्डरा और फेकारी में नलजल आवर्धन योजनाओं का भूमिपूजन किया।
    26 करोड़ रुपए की लागत से नहरों के जीर्णोद्धार का कार्य- मुख्यमंत्री द्वारा इस अवसर पर 6 करोड़ रुपए की लागत में बेलौदी जलाशय तथा नहरों का जीर्णोद्धार कार्य, 4 करोड़ 33 लाख रुपए की लागत से कौही उदवहन सिंचाई योजना का आधुनिकीकरण एवं नहरों की लाइनिंग, 3 करोड़ 31 लाख रुपए की लागत से गुजरा व्यपवर्तन नहर का मरम्मत कार्य शामिल है। इसके साथ ही मगरघटा, कापसी, सांकरा माइनर का जीर्णोद्धार , सेलूद तथा तर्रा के निरीक्षण गृह का जीर्णोद्धार कार्य भी शामिल है।
        हितग्राहियों को वितरण कार्यक्रम- इस अवसर पर 217 स्वसहायता समूहों को 78 लाख रुपए की राशि सक्षम योजना अंतर्गत प्रदाय की गई। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सुपोषण मिशन के द्वितीय चरण की शुरूआत भी की गई। छत्तीसगढ़ महिला कोष अंतर्गत चेक का वितरण भी किया गया। कृषि विभाग द्वारा स्प्रिंकलर एवं मिनीकीट वितरण भी इस अवसर पर किया गया। इसके साथ ही श्रम विभाग की योजनाओं के हितग्राहियों को भी योजनाओं का लाभ दिया गया।

    लगभग चौवालीस किमी सड़कों पर चौवालीस हजार पौधे लगाने के मातृछाया पथ वृक्षारोपण कार्यक्रम में ग्राम सिकोला में लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा प्रकृति को सहेज कर विकास की ओर सतत बढ़ा रहे कदम

     

       दुर्ग । शौर्यपथ । हम ऐसी योजनाओं पर कार्य कर रहे हैं जिनके माध्यम से प्रकृति के संरक्षण के साथ ही लोगों के आर्थिक बेहतरी का रास्ता भी खुलता है। मातृछाया पथ वृक्षारोपण के लोकार्पण मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा। इस मौके पर उन्होंने बेल और कृष्ण वट पौधे को रोपा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्ग जिले में वन होम, वन ट्री अभियान चलाया गया था। इसमें भी लोगों ने बहुत उत्साह से हिस्सा लेकर अपने घरों में पौधे लगाए। प्रकृति को सहेजने लोग इतने उत्साह से आगे आते हैं तो इस दिशा में अच्छा कार्य करने का हमारा उत्साह दोगुना हो जाता है।

       उल्लेखनीय है कि इस योजना अंतर्गत 44 किमी रास्तों में चौवालीस हजार पौधे प्रमुख सड़कों पर रोपे गए हैं। इसमें खूबसूरत बात यह है कि इनमें केवल एक तरह के पौधे नहीं है जो आम तौर पर सड़क किनारे वृक्षारोपण में किये जाते हैं और पूरे माहौल में एकरसता सी आ जाती है। इसमें सत्रह प्रजाति के पौधे लगाए जा रहे हैं। इनमें बरगद और पीपल जैसे विशाल पेड़ों के पौधे रोपे गए हैं जो दीर्घजीवी होते हैं और ढेर सारा आक्सीजन भी देते हैं और भारतीय परंपरा में जिनका विशेष महत्व है। इसके साथ ही आम, जामुन और इमली जैसे पेड़ों के पौधे लगाए गए हैं। यह फलदार पौधे छायादार और पथिकों के लिए भी उपयोगी होंगे। अर्जुन जैसा मेडिसिनल प्लांट भी लगाया गया है और हर्रा, बहेड़ा तथा आंवला जैसे मेडिसिनल प्लांट भी लगाए गए हैं।

         उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर जिले में बड़े पैमाने पर पौधरोपण का कार्य किया जा रहा है। मातृछाया पथ वृक्षारोपण के लिए व्यापक स्तर पर पौधरोपण किए गए हैं। पौधरोपण के साथ ही इन्हें सहेजने की भी पूरी व्यवस्था की जा रही है। इस अवसर पर मातृछाया पथ लोकार्पण स्थल पर भी अतिथियों ने पौधे रोपे। इस मौके पर मुख्य सचिव आरपी मंडल, पीसीसीएफ राकेश चतुर्वेदी, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू , कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती एम गीता, प्रमुख सचिव वन मनोज पिंगुवा,मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आईजी विवेकानंद सिन्हा, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वी श्रीनिवास राव, वन संरक्षक श्रीमती शालिनी रैना, संचालक कृषि नीलेश क्षीरसागर, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, एसपी प्रशांत ठाकुर, डीएफओ केआर बढ़ाई, जिला पंचायत सीईओ सच्चिदानंद आलोक सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

        इस मौके पर विधायक भिलाई देवेंद्र यादव, खनिज विकास निगम के चेयरमैन गिरीश देवांगन, पूर्व विधायक प्रदीप चौबे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक साहू एवं जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।

    *पिछले साल खारून के किनारे लगाए गए थे पौधे-*

          पिछले साल वन विभाग द्वारा खारून नदी के किनारे पौधे लगाए गए थे। नदी के कटाव को रोकने, तटबंध को मजबूत करने के लिए ऐसे पौधों का प्लांटेशन किया गया था जो मिट्टी की पकड़ को मजबूत करते हैं। नदी तट में प्लांटेशन से नदियों में पानी का स्तर भी बढ़ता है क्योंकि मिट्टी अधिक जल संरक्षण कर रखती है। यह ऐसा काम है जिसके दीर्घकालीन अच्छे नतीजे निकलते हैं।

    *ऐसा निवेश जो भविष्य के लिए बेहद उपयोगी-*

          मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार द्वारा ऐसी योजनाओं पर काम हो रहा है जो इस पीढ़ी को ही नहीं, अगली कई पीढ़ियों के लिए उपयोगी साबित होंगे। मिट्टी की ऊर्वरता को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने गोधन न्याय योजना आरंभ की जिससे गोबर खरीद कर कंपोस्ट खाद के माध्यम से जैविक खेती की दिशा में बड़ा काम होगा। व्यापक पौधरोपण के माध्यम से मिट्टी का संरक्षण तो होगा ही। भूमिगत जल का स्तर भी बढ़ेगा।

    *इन रास्तों में हुआ पौधरोपण-*

    मड़ियापार से हिर्री, अमलेश्वर से झीट, पाटन सिकोला तुलसी मार्ग, भिलाई 3 से तर्रा, खुड़मुड़ी-झीट-मोतीपुर, पाटन-रानीतराई-जामगांव आर, सेलूद जामगांव आर, गाड़ाडीह से फुण्डा, बोरसी से उतई, मोतीपुर-जामगांव-लोहरसी, खर्रा से बरबसपुर, पाटन-मोतीपुर मुख्य मार्ग से सिपकोन्हा, बीजाभाठ से सुरपा, पाटन-मोतीपुर मुख्य मार्ग से ठकुराइनटोला, फुण्डा नहर से अरसनारा, सिकोला से सोनपुर, गुढ़ियारी से कानाकोट, दुर्ग-राजनांदगांव महमरा मुख्य मार्ग, रवेली से राखी और मानिकचैरी से गोड़पेण्ड्री।

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