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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
रायपुर / शौर्यपथ / स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में प्रतिदिन 22 हजार सैंपल कलेक्शन एवं जांच का लक्ष्य रखा है। कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर नियंत्रण के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच हेतु सभी जिलों के लिए लक्ष्य तय किए गए हैं। आरटीपीसीआर और ट्रू-नाट मशीन से जांच के लिए सभी जिलों में सैंपल संकलित किए जा रहे हैं। वहीं रैपिड एंटीजन किट से भी सभी जिलों में कोरोना संक्रमण के संभावित मरीजों की जांच की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को परिपत्र जारी कर प्रतिदिन तय लक्ष्य के अनुसार सैंपल कलेक्शन और जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रैपिड एंटीजन किट से जांच के भी निर्देश दिए हैं।
आरटीपीसीआर एवं ट्र-नाट विधि से जांच के लिए सैंपल कलेक्शन हेतु प्रशिक्षित स्टॉफ नर्स,ए.एन.एम., एम.पी. डब्लू. फॉर्मासिस्ट, नेत्र सहायक, दंत सहायक इत्यादि की सहायता लेने कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने रोजाना रायपुर जिले के लिए 2440, गरियाबंद के लिए 500, धमतरी, महासमुंद, कबीरधाम और बालोद के लिए 630-630, दुर्ग के लिए 1510, बेमेतरा के लिए 580, बलौदाबाजार-भाटापारा के लिए 670, रायगढ़ के लिए 1280, कोरबा और जांजगीर-चांपा के लिए 970-970, जशपुर के लिए 500, बस्तर, कांकेर और कोंडागांव के लिए 605-605, दंतेवाड़ा के लिए 590, सुकमा के लिए 490, नारायणपुर के लिए 480, बीजापुर के लिए 410, सूरजपुर और बलरामपुर-रामानुजगंज के लिए 530-530, कोरिया के लिए 570, सरगुजा के लिए 940, मुंगेली के लिए 600, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के लिए 350, बिलासपुर के लिए 1540 तथा राजनांदगांव के लिए 1340 सैंपल कलेक्शन एवं जांच का लक्ष्य रखा है।
प्रदेश भर में प्रतिदिन आरटीपीसीआर जांच के लिए 5405 और ट्रू-नाट विधि से जांच के लिए 3520 सैंपल संकलित किए जाएंगे। वहीं रैपिड एंटीजन किट से रोज 13 हजार से अधिक सैंपलों की जांच की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, शहरी व ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए भी जिला स्तर पर प्रतिदिन रैपिड एंटीजन किट से जांच के लिए लक्ष्य निर्धारित किया है।
बिलासपुर / शौर्यपथ / प्रदेश के गृह, जेल, लोक निर्माण विभाग तथा सहकारिता मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिये अस्पतालों में बेड एवं वेंटिलेटर की संख्या बढ़ाने तथा होम आइसोलेशन की अच्छी व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।
मंत्री साहू ने आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पतालों में मरीजों की दवाईयों के अलावा भोजन, नाश्ता की अच्छी व्यवस्था रखी जाये। इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिलनी चाहिये। उन्होंने प्रतिदिन कोरोना जांच के लिये ज्यादा से ज्यादा सैम्पल लेने का निर्देश दिया। उन्होंने सिम्स के अलावा अपोलो तथा अन्य प्राइवेट अस्पताल के संचालकों की बैठक लेकर उन्हें कोरोना मरीजों के इलाज के लिये बेहतर व्यवस्था बनाने के निर्देश दिये जायें ताकि मरीजों को रायपुर रेफर न करना पड़े।
प्रभारी मंत्री ने अस्पतालों में उपलब्ध वेंटिलेटर, बेड व अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि जिला अस्पताल में 40 तथा निजी अस्पतालों में 30 वेंटिलेटर अभी उपलब्ध हैं। अन्य प्राइवेट अस्पतालों से बात चल रही है जिससे वेंटिलेटर की संख्या बढ़कर 96 हो जायेगी। श्री साहू ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को कोविड अस्पतालों का औचक निरीक्षण करने कहा ताकि वहां की व्यवस्था निरंतर अच्छी हो सके।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज नगर निगम क्षेत्र को कंटेन्टमेंट जोन घोषित कर सभी व्यवसायिक संस्थानों को बंद करने के संबंध में राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य एवं नगर निगम के अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर वर्मा ने कहा कि जिले में कोरोना संक्रमण से बढ़ती हुई मरीजों की संख्या चिंताजनक है। नगर निगम क्षेत्र में निरंतर कोरोना पॉजिटिव मरीज की संख्या बढ़ रही है। संक्रमण के इस चेन की कड़ी को तोडऩा जरूरी है। इसके लिए नगर निगम क्षेत्र के सभी व्यवसायिक संस्थानों को बंद किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस अवधि में संक्रमण से बचाव के लिए नागरिक घर पर ही सुरक्षित रहें। बिना कारण घर से निकलने पर सख्त दण्डात्मक कार्रवाई की जाए। कोई भी व्यवसायिक संस्थाएं खोले जाने पर सील बंद की कार्रवाई करें। पुलिस तथा नगर निगम की टीम पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी करें। नगर निगम क्षेत्र के लिए वार्ड प्रभारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है, वे अपने टीम के साथ सभी वार्डों में निरीक्षण करेंगे तथा प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने वालों पर चालानी कार्रवाई करें।
कलेक्टर ने कहा कि जिले की फैक्ट्रियां चालू रहेंगी। फैक्ट्री प्रबंधकों द्वारा वहां काम करने वाले कर्मचारियों के लिए पास की व्यवस्था की जाए। जिसमें आने-जाने का समय लिखा हो। वही शासकीय कर्मचारी भी अपना पहचान पत्र साथ रखें। कलेक्टर वर्मा ने कहा कि जिन मरीजों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं है, उन्हेंं घर में ही आईसोलेशन में रखा जाएगा। ऐसे मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है। इन मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवाई एवं अन्य सुविधा उपलब्ध कराएंगे तथा लगातार मानिटरिंग भी करते रहेंगे। जिन घरों में कोरोना के मरीज मिलते है, वे घर से बाहर न जाए और कोई बाहर से घर में न आए। उन्होंने कहा कि सर्विलेंस टीम के माध्यम से सर्दी, खांसी, बुखार लक्षण वाले मरीजों की जानकारी ले तथा उनका सेंपल लेकर जांच कराए। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए घरों से नहीं निकलनेे, मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग तथा कोरोना के प्रोटोकाल का पालन करने कहा है। उन्होंने कोरोना के बचाव एवं सुरक्षा के लिए लोगों में जागरूकता लाने कहा है।
कलेक्टर ने कहा नवरात्र का पर्व आने वाला है, जिसे पिछले चैत्र नवरात्र पर्व की तरह ही मनाया जाएगा। जिन स्थानों पर देवी प्रतिमा स्थापित की जाएगी, वहां प्रोटोकाल का पालन करना अनिवार्य होगा। बैठक में अपर कलेक्टर सीएल मारकंडे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम मुकेश रावटे सहित पुलिस विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री किसान के हितग्राहियों को केसीसी प्रदाय करने के लिए आए आवेदनों के प्रकरणों को शीघ्र निराकरण करने के निर्देश जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल ने गुरूवार को हुई जिला स्तरीय बैंकर्स की समीक्षा बैठक में बैंक के अधिकारियों को दिए।
जिपं सीईओ अग्रवाल ने बताया कि कलेक्टर यशवंत कुमार के निर्देश पर बैठक का आयोजन किया गया। बैठक जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित की गई। जिसमें बताया गया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार पीएम किसान हितग्राहियों को केसीसी प्रदाय करने के लिए विभिन्न शिविर के माध्यम से किसानों से 23 हजार 49 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 5 हजार 458 प्रकरण स्वीकृत किये गए हैं। लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने कहा। इसी तरह ऋण जमा अनुपात, वार्षिक साख योजना पर चर्चा की गई। इसके अलावा पशुपालक विभाग, उद्यानिकी विभाग के बैंको को भेजे गए प्रकरणों पर चर्चा करते हुए प्रकरणों को स्वीकृत करने कहा गया। वहीं मछली पालन विभाग, विभिन्न शासकीय योजनांतर्गत ऋण वितरण की समीक्षा की गई। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के पीएमईजीपी योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 65 भौतिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसकी सूची के अनुसार प्रकरणों को स्वीकृति प्रदान करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजनांतर्गत 26 का भौतिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है। खादी ग्रामोद्योग विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष में 2020-21 में 51 भौतिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें 33 प्रकरण पर स्वीकृति मिली शेष प्रकरण बैंक के माध्यम से स्वीकृति किए जाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के प्रकरणों पर चर्चा की गई। इसके अलावा बीसी सखियों को ऋण प्रकरणों पर भी चर्चा करते हुए प्रकरणों का निराकरण करने कहा गया। बैठक सभी विभागीय अधिकारी, जिला स्तरीय बैंक के अधिकारी मौजूद रहे।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सीआरपीएफ के अतिरिक्त बटालियन की तैनाती के साथ मोबाइल टावरों की स्थापना की मांग
बस्तर के युवाओं के लिए विशेष भर्ती रैली और बस्तरिया बटालियन के गठन का किया आग्रह
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नक्सल उन्मूलन की कार्ययोजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए केंद्र से सहयोग मांगा है। इस संबंध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने देश के गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखते हुए पूर्व में आबंटित 7 सीआरपीएफ बटालियनों को राज्य को अतिशीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने बस्तर के युवाओं के लिए विशेष भर्ती रैली एवं एक अतिरिक्त बस्तर बटालियन के गठन का भी आग्रह किया है।
पत्र में मुख्यमंत्री ने लिखा है कि वर्ष 2018 में गृह मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के लिए 7 अतिरिक्त सीआरपीएफ बटालियन आबंटित की गई थी, जिसे दक्षिण बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया जाना था। चयनित लोकेशन पर निर्माण कार्य पूर्ण करा लिया गया है, इसलिए पूर्व में आवंटित 7 सीआरपीएफ बटालियनों को राज्य को अतिशीघ्र उपलब्ध कराया जाए।
पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा है कि नक्सल प्रभावित जिलों में दूर संचार सुविधा में वृद्धि हेतु 1028 मोबाइल टावरों की स्थापना की स्वीकृति दी गयी थी, इसके लिए लोकेशनों का चयन कर गृह मंत्रालय को भेजा जा चुका है। टॉवरों की स्थापना जल्द किया जाए, जिसका लाभ आम लोगों के साथ ही सुरक्षा बलों को भी हो सके। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पत्र में बस्तर के युवाओं के लिए सेना द्वारा विशेष भर्ती रैली के आयोजन का आग्रह भी किया है।
उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की एक अतिरिक्त बस्तरिया बटालियन के गठन की भी बात कही है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होने के साथ ही नक्सल मोर्चे पर भी बेहतर परिणाम मिल सके। मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग में प्री फेब्रिकेटेड तकनीक से पुल पुलिया एवं उन्नत तकनीक से सड़कों के निर्माण पर विचार करने का आग्रह किया है, ताकि कम समय में उच्च गुणवत्ता से निर्माण कार्य सम्भव हो सके।
मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र में आशा जताते हुए कहा है केंद्र से सहयोग मिलने पर छत्तीसगढ़ राज्य को नक्सल समस्या से मुक्त करने की दिशा में हमें निर्णायक बढ़त प्राप्त होगी।
दुर्ग / शौर्यपथ / यातायात विभाग और आरटीओं विभाग को लोगों की जान की परवाह बिल्कुल नही है। कहीं भी ये केवल दोपहिया वाहन वालों को कभी हेलमेट के नाम पर तो कभी कुछ के नाम पर चालान काटने तक ही सीमित है, लोग मरे तो मरे इनको क्या करना। भारी वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाना अनिवार्य है ताकि उनके तेज गति पर नियंत्रण लग सके, लेकिन आरटीओं के अधिकारियों और कर्मचारियों को केवल शहर के भारी वाहनों खासतौर से हाईवा वालों से केवल मंथली से मतलब है। लोग मरे चाहे जाये चुल्हा भाड़ में की तर्ज पर केवल ये लोग कार्य कर रहे हैं।
पिछले कई सालों से सबसे अधिक अवैध और वैध सामानों की ढुलाई सबसे अधिक हाईवा वाहनों से ही हो रही है, और इनकी गति पर नियंत्रण नही हेै, ये ब्रेकर हो, गड्डा हो, चाहे सामने कोई हो, उनको कुचलते दबाते जल्दी निकलने से मतलब है। जबसे हाईवा वाहनों की शहरी और शहरी क्षेत्र से लगे गांवों में बाढ आई है तब से हाईवा लोगों के जान का काल बन गया है। आये दिन हाईवा के चपेट में आकर लोग मर रहे है।
आरटीओं विभाग कभी ये देखने या जांच करने नही जाते कि जीपीएस सिस्टम लगा है कि नही लगा है तो उसमे छेड़छाड़ तो नही किया गया है, यहां तब कि जब फिटनेट चेक कराने गाड़ी आती है वहां भी आपसी लेनदेन कर बिना जीपीएस के जांच के फिटनस ओके कर दिया जा रहा है। इस लापरवाही के कारण लोगों की जान जा रही है और तेज रफ्तार हाईवा के कारण लोग असमय काल की गाल में समा रहे हैं।
इसी प्रकार का आज फिर एक मामला सामने आया है कि पूर्व संसदीय सचिव लाभचंद बाफना के भाई अशोक कुमार बाफना की तेज रफ्तार हाईवा क्रमांक सीजी 07 बीडी 0780 ने आज प्रात: दस बजे बागडूमर के पास सायकल से जा रहे पति पत्नी को जोरदार ठोकर मार दिया जिससे घटना स्थल पर ही साठ वर्षीय मोतीन बाई की मौत हो गई वहीं उसका पति माखन सिंह दूर फेंका गया जिससे उसको मामूली चोट आई और पतिबच गया। बताया जाता है कि पति माखन सिंह अपनी पत्नी मोतिन बाई को सायकल पर बिठाकर अपनें गांव से केनरा बैंक रूपये निकालने जा रहा था।
दुर्ग / शौर्यपथ / प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर ने सृमीक्षा बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा कोविड केअर पर की। उन्होंने कहा कि कोविड मरीजों को संक्रमण के दायरे से बाहर लाना, उन्हें हर संभव सुविधा उपलब्ध कराना अभी सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्य है। अस्पतालों में व्यवस्था मुकम्मल होनी चाहिए। साफ सफाई लगातार होती रहे। भोजन आदि का समय बिल्कुल नियमित बना रहे। गंभीर मरीजों की स्थिति पर विशेष नजर रखें। अतिरिक्त वेंटिलेटर का इंतजाम भी कर लें। सीटी स्कैन की व्यवस्था भी मुकम्मल हो। मंत्री ने कहा कि कोविड के लिए स्टीम, गर्म पानी वगैरह बहुत उपयोगी होते हैं। यह व्यवस्था होती रहे। खाने की गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए। बैठक में सांसद विजय बघेल, संभागायुक्तटीसी महावर, आईजी विवेकानंद सिन्हा, सीएफ श्रीमती शालिनी रैना, कलेक्टर डॉ. सवृर्1ेश्वर नरेंद्र भुरे, एसपी प्रशांत ठाकुर, नगर निगम आयुक्त भिलाई ऋतुराज रघुवंशी, जिला पंचायत सीईओ सच्चिदानंद आलोक एवं अपर कलेक्टर प्रकाश सर्वे, बीबी पंचभाई उपस्थित थे। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने बताया कि अस्पताल की व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग हो रही है। खाने की गुणवत्ता देखने अधिकारी औचक निरीक्षण करते हैं। साफ सफाई के लिए टीम लगाई गई है। व्यवस्था की बेहतरी के लिए निरंतर जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों से मिले फीडबैक के मुताबिक कार्य कर रहे हैं। विधायक श्री अरुण वोरा ने टेस्टिंग बढ़ाने तथा कोविड संक्रमण को रोकने अन्य सुझाव भी दिए।
कलेक्टर ने बताया कि कोविड वारियर इस आपदा से जूझने पूरे समय लगे हैं। हम लगातार संक्रमित क्षेत्रों का सर्वे कर रहे हैं और सैंपल ले रहे हैं। इसे तेजी से बढ़ाया गया है और आगे भी संक्रमण को थामने की दिशा में अधिकाधिक टेस्ट का लक्ष्य है। मंत्री ने कहा कि मरीजों की सुविधा और उनके बेहतर उपचार के लिए सभी प्रभावी कार्य सुनिश्चित हो। इस संबंध में जो निजी अस्पताल प्रोटोकॉल के मुताबिक कार्य करना चाहें उन्हें भी प्रोत्साहित करें। मंत्री ने कहा कि सैनिटीजशन का कार्य बेहद अहम है। इसकी मॉनिटरिंग होती रहे।
गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू भी वीसी के माध्यम से कुछ देर के लिए बैठक से कनेक्ट हुए। उन्होंने कहा कि लॉक डाउन के दौरान कोरोना संक्रमण को रोकने में पुलिस ने बड़ी भूमिका निभाई। ऐसे संक्रमित कोरोना वारियर के इलाज पर भी लगातार नजर रखें। साथ ही जेल में भी संक्रमण की स्थिति पर नजर रखें।
बैठक में मंत्री ने अन्य विभागों की समीक्षा भी की। उन्होंने गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन पर नजर रखने की बात कही। सुपोषण अभियान के लक्ष्यों पर नजर रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुपोषित रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। मंत्री ने कानून एवं व्यवस्था के अतिरिक्त अन्य विषयों पर भी गहन चर्चा की। मंत्री ने कहा कि कोविड नियंत्रण के साथ ही रोजगारमूलक गतिविधि को भी बढ़ावा दिया जाए। मंत्री ने कहा कि नागरिकों की बुनियादी समस्या हल करना सबसे पहली प्राथमिकता है। कोविड काल में रेस्पॉन्स सिस्टम पर सबसे ज्यादा काम करें, इससे संक्रमण को थामने में काफी मदद मिलेगी।
भिलाई / शौर्यपथ / चरोदा रेलवे में इन दिनों कोविड-19 के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। यहां के अधिकारी सेनेटाईज कराने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने सहित अन्य एहतियात बरतने के प्रति बिलकुल लापरवाही और उदासीन बने हुए है। रेलवे के चरोदा स्थित इलेक्ट्रिक लोको शेड के एक सीनियर सेक्शन इंजीनियर की कोरोना के मौत और एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी के कोरोना संक्रमित पाये जाने के बाद भी भारी लापरवाही बरती जा रही है, यहां कोरोना संक्रमण रोकने कोई उपाय नहीं बरतने से रेलवे के चरोदा स्थित इलेक्ट्रिक लोको शेड में कार्य करने वाले कर्मचारियों का गुस्सा आज फूट पड़ा और यहां सामान्य पाली में काम करने वाले करीब 2 सौ कर्मचारियों ने काम ठप कर दिया और डीईई शशांक कोष्टा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इन कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि लोको शेड में सीनियर सेक्शन इंजीनियर रहे देवकुमार सोनवानी की 30-31 सितंबर की दरम्यानी रात तबियत बिगडऩे के बाद अस्पताल ले जाने पर मौत हो गई थी। बाद में कोरोना जांच में सोनवानी के संक्रमित होने की पुष्टि हई थी। बावजूद इसके लोको शेड में संक्रमण रोकने के लिए न तो सेनिटाइजर का छिड़काव किया गया और न ही सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के प्रति अधिकारियों ने किसी तरह की दिशा-निर्देश जारी किया। इससे पहले लोको शेड के सेक्शन ई-6 जूनियर इंजीनियर रुस्तम राय की जांच रिपोर्ट में भी 28 अगस्त को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। रुस्तम राय अभी चंदूलाल चंद्राकर कोविड केयर सेंटर में भर्ती है। लेकिन बताया जा रहा है कि 27 सितंबर को रुस्तम राय 4 से 5 सेक्शन में जाकर लोको रिपेयरिंग का काम करता रहा। वहीं अनेक कर्मचारियों की मौजूदगी में शेड के अंदर हुए बैठक में भी उसने हिस्सा लिया था। वहीं लंग्स में संक्रमण के चलते नारायणा हास्पिटल में भर्ती वरिष्ठ अनुभाग अभियंता ए प्रसाद राव भी कोरोना संक्रमण के संदेह के घेरे में है। इन हालातों के बावजूद लोको शेड का न तो सैनिटाइजेशन हुआ और न ही रेलवे के दूसरे विभागों की तर्ज पर सुरक्षा का कोई उपाय अपनाया गया है।
अधिकारी लागू किये 50 प्रतिशत कर्मचारियों से बारी बारी काम लेने का नियम
रेलवे बोर्ड द्वारा कोरोना संक्रमण की संभावना के चलते 50 प्रतिशत उपस्थिति का नियम लागू किया गया है। लेकिन इसका पालन केवल कार्यालयीन कर्मचारियों पर लागू होने से इलेक्ट्रिक लोको शेड के कर्मचारियों को कोरोना काल से पहले की तरह ही प्रतिदिन ड्यूटी करनी पड़ रही है। अब जब कर्मचारियों का आक्रोश फूट पड़ा है तो आज पूरे लोको शेड को सेनिटाइज करने व शनिवार 5 सितंबर को काम के अनुसार कर्मचारियों की ड्यूटी सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया है। इसके बाद सोमवार से सोशल डिस्टेंसिंग अपनाते हुए काम लेने का भरोसा अधिकारियों ने दिया है।
लगभग आठ सौ कर्मचारी है यहां कार्यरत
बीएमवाय चरोदा के इलेक्ट्रिक लोको शेड में तकरीबन 800 कर्मचारी कार्यरत है। यहां पर रेलवे के इलेक्ट्रिक लोको इंजन का रखरखाव व मरम्मत होता है। कर्मचारियों की माने तो कोरोना संक्रमण का दस्तक पड़ते ही देश व प्रदेश के अनेक निजी व सरकारी इकाईयों में काम बंद हो गया, लेकिन इलेक्ट्रिक लोको शेड में पूर्ववत कामकाज चलता रहा। डिविजनल इलेक्ट्रिक अभियंता शशांक कोष्टा के द्वारा शेड का कभी भी सैनिटाजेशन या फागिंग नहीं कराया गया। जबकि पीपी यार्ड सहित आसपास के अन्य शेड में निश्चित समयावधि के बीच सेनिटाइजर का छिड़काव व फांगिंग होता रहा है।
दुर्ग / शौर्यपथ / कोरोना की त्रासदी से निपटने के लिए अविलंब निर्णय प्रशासन द्वारा लिए जा रहे हैं। आज सेक्टर 9 हॉस्पिटल में भी कोविड यूनिट आरम्भ करने का निर्णय लिया गया। इसमें 25 बेड होंगे। इसमें आईसीयू एवं एचडीयू की सुविधा भी होगी। इस संबंध में इस संबंध में कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने बीएसपी प्रबंधन के साथ मिलकर चर्चा की। चर्चा के पश्चात निर्णय लिया गया कि कोविड मरीजों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए सेक्टर 9 हॉस्पिटल में कोविड यूनिट आरंभ किया जाए। इस कोविड यूनिट में 25 बेड होंगे, इसमें गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू की सुविधा भी होगी। इससे बीएसपी प्रबंधन में कार्यरत अधिकारी कर्मचारियों को लाभ मिल सकेगा।
कलेक्टर ने बीएसपी प्रबंधन के साथ मिलकर आज अस्पताल में कोविड यूनिट के लिए प्रोटोकॉल के मुताबिक आवश्यक सुविधाओं पर चर्चा की। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि इसके लिए प्रोटोकॉल के मुताबिक सभी सामग्रियां उपलब्ध हैं। ऑक्सीजन की जरूरतों से संबंधित, साथ ही कोरोनावारियर्स के लिए की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपकरण पीपीई किट वगैरह सभी सुविधाएं इस केंद्र में उपलब्ध होंगे। उल्लेखनीय है कि परसों ही 6 निजी अस्पतालों को भी जिला प्रशासन ने कोविड के मरीजों के इलाज की अनुमति दी है यह सुविधा उन मरीजों के लिए है जो शासकीय अस्पतालों में इलाज का लाभ नहीं लेना चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि शासकीय अस्पतालों में मरीजों का इलाज नि:शुल्क किया जा रहा है। जिला प्रशासन लगातार कोविड मरीजों के इलाज की निगरानी एवं उन्हें दी जा रही सुविधाओं की मॉनिटरिंग की जा रही है।
कल ही विधायक देवेंद्र यादव, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे एवं अन्य अधिकारियों ने कोविड केयर सेंटर कचांदूर एवं शंकराचार्य हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। उल्लेखनीय है कि निजी अस्पतालों के आरंभ होने से इलाज की अतिरिक्त क्षमता जिले में उत्पन्न हुई है। जिला प्रशासन द्वारा तेजी से कोविड संक्रमण को थामने के संदर्भ में निर्णय लिए जा रहे हैं कांटेक्ट ट्रेसिंग का कार्य तेज किया जा चुका है। हर दिन लगभग हजार सैंपल लिए जा रहे हैं। इसके पश्चात मरीजों को अस्पताल पहुंचाने एवं इनके प्राइमरी कांटेक्ट की व्यवस्था की जा रही है। कलेक्टर ने सभी निगम अधिकारियों को एवं पंचायत अधिकारियों को इस संबंध में निर्देशित किया है कि हॉटस्पॉट एरिया में किसी भी तरह से कोताही नहीं बरतें, संक्रमण को उन्हीं स्थानों तक सीमित रखने की दिशा में काम करना है।
जहां पर संक्रमण के बड़े पैमाने पर मामले सामने आ रहे हैं। वहां पर तेजी से सर्वे कार्य किया जा रहा है। जिन लोगों को सर्दी खांसी की शिकायत आ रही है उनके सैंपल भेजे जा रहे हैं साथ ही डेटाबेस के माध्यम से इसकी मॉनिटरिंग भी लगातार की जा रही है। इसके साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए भी एक बड़ा निर्णय लिया गया है। काढ़ा वितरण के महा अभियान जिला प्रशासन द्वारा चलाये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्टॉल लगाकर काढ़े के वितरण करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए हैं।
भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र के राजभाषा विभाग द्वारा राजभाषा माह का शुभारंभ शुक्रवार 04 सितंबर को कार्यपालक निदेशक कार्मिक एवं प्रशासन सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। इस उदघाटन समारोह सह काव्य पाठ के मु य अतिथि कार्यपालक निदेशक कार्मिक एवं प्रशासनसुरेश कुमार दुबे थे एवं विशिष्ट अतिथि महाप्रबंधक प्रभारी (कार्मिक) सुश्री निशा सोनी,एवं अध्यक्षता, महाप्रबंधक संपर्क प्रशासन एवं जनसंपर्क जेकब कुरियन ने की तथा इस कार्यक्रम का संयोजन उप महाप्रबंधक (संपर्क एवं प्रशासन) एवं राजभाषा प्रभारी श्री सौमिक डे की।
कार्यक्रम में उप महाप्रबंधक संपर्क एवं प्रशासन एवं राजभाषा प्रभारी सौमिक डे ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सितंबर माह को राजभाषा पखवाड़ा के रूप में मनाने के लिए संयंत्र स्तरीय विभिन्न प्रतियोगिताओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। जिसमें उन्होंने बताया कि 08 सितंबर, 2020 को तात्कालिक निबंध लेखन प्रतियोगिता के रूप में प्रथम प्रतियोगिता आयोजित होने जा रही है, जिसके पश्चात 10 सितंबर को काव्य लेखन, 16 सितंबर 2020 को संयंत्र के महिला कार्मिकों हेतु चित्र देखो-कहानी लिखो एवं 18 सितंबर को क्विज प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। सभी प्रतियोगिताओं में प्रविष्टियाँ सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार की जायेगी।
कार्यक्रम के अध्यक्ष जेकब कुरियन ने कहा कि आप सभी जानते ही हैं कि प्रतिवर्ष सितंबर माह में संयंत्र प्रबंधन द्वारा राजभाषा के प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती है। किंतु इस वर्ष परिस्थितियां कुछ अलग व विपरीत भी हैं इसलिए हमने इन प्रतियोगिताओं का तरीका बदला है किंतु मुझे पूरा विश्वास है कि इससे इनमें भाग लेने वाले हमारे संयंत्र के हिंदी प्रेमी कार्मिकों के उत्साह में कोई कमी नहीं आएगी, क्योंकि यूनिकोड एवं गूगल वायस टाइपिंग जैसे टूल्स के माध्यम से अब आप बहुत ही आसानी और सरलता से अपनी विचारों को देवनागरी लिपि में प्रकट कर सकते हैं और यही इस राजभाषा पखवाड़े का उद्देश्य भी है। हम बिना किसी झिझक के, बिना किसी परेशानी के हिंदी के प्रचार-प्रसार में जितना सहयोग कर सकते हैं, करें।
उद्घाटन समारोह में संयंत्र के कार्मिक क िकिशोर तिवारी,आलोक शर्मा एवं हेमंत जगम द्वारा स्वरचित कविताओं का पाठ कर सभागार एवं विडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की वाह-वाही लुटी। कवियों को कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जेकब कुरियन द्वारा सम्मानित किया गया। अंत में आभार-प्रदर्शन कर इस उद्घाटन समारोह का समापन किया गया, जिसमें राजभाषा विभागीय टीम ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई सेक्टर 6 में बन रहे नए इंग्लिश मीडियम स्कूल का निरीक्षण आज स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ आलोक शुक्ला ने किया! इस दौरान जिले के कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे एवं आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी उपस्थित रहे! सेक्टर 6 इंग्लिश मीडियम स्कूल के लिए किए जा रहे मॉडिफिकेशन कार्य का जायजा उन्होंने लिया! निरीक्षण में उन्होंने पेंटिंग कार्य, शौचालय, खिड़की, दरवाजे, खेल मैदान, पार्किंग एरिया आदि का जायजा लेकर अधिकारियों को उचित निर्देश दिए! श्री शुक्ला ने बायोलॉजी, केमिस्ट्री एवं फिजियोलॉजी लैब का भी निरीक्षण किया! लाइब्रेरी एवं कक्षाओं में पहुंचकर वेंटीलेशन की व्यवस्था देखी! उन्होंने प्राइमरी स्कूल के बच्चों के द्वारा बनाए गए शिक्षा संबंधी प्रेरणादायक आर्ट को देखकर इसकी तारीफ की !
उल्लेखनीय है कि भिलाई में दो इंग्लिश मीडियम स्कूल खोले जाने हैं खुर्सीपार के अंडा चौक स्थित स्कूल एवं सेक्टर 6 स्कूल का मोडिफिकेशन किया गया है! सेक्टर 6 स्थित स्कूल में फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी लैब को एक नए रूप में तैयार किया गया है ताकि विद्यार्थी आसानी से अपने प्रैक्टिकल कार्य यहां पर कर सकें! लैब में गैस कनेक्शन, प्लेटफार्म, वाटर सप्लाई, इक्विपमेंट को सुरक्षित रखने के लिए छोटे-छोटे खंड तैयार किए गए है! लाइब्रेरी में विद्यार्थियों की क्षमता बढ़ाने के लिए इसमें पूर्व से लगे हुए पार्टीशन को हटाया गया है! पहले छतों से सीपेज की शिकायत प्राप्त होती थी जिसे फ्लोरिंग कर ठीक किया गया है! स्कूल को आकर्षक बनाने के लिए बरामदा में पेंटिंग की गई है! बच्चे बारिश में भी प्रार्थना कर सकें इसके लिए बरामदा में लाइट लगाई गई है!
स्कूल के पीछे पहले कचरा पसरा रहता था और टूटी हुई सेप्टिक टैंक थी जिसे सफाई करा कर इसे खेल मैदान के रूप में विकसित किया जा रहा है, पानी जमा होने के कारण बीएसपी के मेन सीवर लाइन से जोड़ा गया है जिसके कारण यह क्षेत्र खेल मैदान के लिए तैयार हो रहा है! शौचालयों का संधारण कर दरवाजा इत्यादि को व्यवस्थित कर दिया गया है! क्लास रूम में बैठक के लिए कुर्सी टेबल की उचित व्यवस्था की गई है! डॉ आलोक शुक्ला ने स्कूल के निरीक्षण के पश्चात कलेक्टर भूरे एवं निगमायुक्त रघुवंशी से स्कूल के शैक्षणिक विकास के संबंध में चर्चा की! निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास बघेल, जोन आयुक्त महेंद्र पाठक, सहायक अभियंता सुनील जैन, उप अभियंता श्वेता महेश्वर एवं स्कूल स्टाफ मौजूद रहे!
दुर्ग ( चरोदा ) / शौर्यपथ / दुर्ग-भिलाई ही नही पूरे प्रदेश और देश में कोरोना संक्रमितों की अप्रत्यासित वृद्धि हो रही है। इसके कारण अब लोगों में दहशत भी फैलने लगा है। इसी दहशत में बिते शाम एक युवक की मौत हो गई। भिलाई-चरोदा नगर निगम के ग्रामीण वार्ड सोमनी में गुरुवार की शाम को एक अच्छे खासे स्वस्थ्य युवक की सदमें से इसलिए मौत हो गई कि उसके मां, पिता व दादा में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो गई थी, उसके बाद यह युवक बहुत ही सदमे में आ गया और इसके कारण उसको हार्टअटेैक हो गया जिससे उस युवक की मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक बीते 31 अगस्त को सोमनी गांव के एक अधेड़ व्यक्ति में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इस व्यक्ति को उपचार हेतु भेजने के बाद चाृर सितंबर को परिवार के अन्य सदस्यों का सेम्पल लेकर रैपिड एंटीजन टेस्ट किया गया। इसमें 31 अगस्त को संक्रमित व्यक्ति के बुजुर्ग पिता तथा पत्नी में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। जबकि पुत्र, उसकी पत्नी व उनके बच्चे में कोरोना संक्रमण का कोई लक्षण नहीं मिला। लेकिन दादा, पिता व मां में कोरोना संक्रमण का पता चलते ही निगेटिव होने के बावजूद युवक में घबराहट बढऩे लगी और शाम 7.30 बजे के आसपास घर पर ही तबियत बिगडऩे से उसने दम तोड़ दिया।
इस अप्रत्याशित घटना को लेकर सोमनी गांव में नाराजगी का आलम है। लोगों का नगर निगम प्रशासन व स्वास्थ्य विभभाग पर आरोप है कि 31 अगस्त को परिवार के एक सदस्य में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो जाने के बाद घर का सेनिटाइजेशन नहीं कराया गया। वहीं परिवार के सदस्यों की जांच में भी चार दिन की अतिरिक्त समय लिया जाना घातक साबित हुआ।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / अगस्त के द्वितीय सप्ताह से लेकर अब तक का समय कोरोना का सबसे खतरनाक काल कहा जा सकता है। शुरू से ही दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पॉजिटिव मरीजों की विस्तृत जानकारी प्रदान नहीं की है। विभाग की उक्त सावधानी मरीज को अन्य लोगों की जानकारी से बचाते हुए कार्य करने की रही है। अब विकट परिस्थिति में कंटनमेंट जोन बनाया जाना भी बंद कर दिया गया है, जिससे यह भी पता नहीं लग पा रहा है कि किस क्षेत्र में कोरोना का संक्रमण फैला हुआ है।
जानकारी के अभाव में आम जनता को संक्रमित क्षेत्र और संक्रमित मरीज से बचाने में आने वाली दिक्कत को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग को विशेष पहल करते हुए मरीजों के विषय में विस्तृत जानकारी नाम और निवास सहित उपलब्ध कराया जाना जनहित में हो सकेगा यहां यह भी ध्यान देने योग्य बात है कि संक्रमित व्यक्ति समाज का प्रिय एवं अभिन्न व्यक्ति है उसके प्रति लोगों की सवेदना जुड़ी है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता कचरू प्रसाद शर्मा ने कहा कि उक्त बातों को ध्यान में लाते हुए स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन से जनहित की भलाई के लिए यह कदम उठाने का निवेदन किया है कि कोरोना मरीजों के संबंध में विस्तृत जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से सामने लाई जा सके तो बहुत बड़े क्षेत्र को संक्रमण में जाने से बचाया जा सकेगा। शर्मा ने कहा कि विगत सप्ताह भर से राजनांदगांव जिला कोरोना का मुख्य केंद्र बन चुका है। मेडिकल कॉलेज से लेकर सीएचएसओ कार्यालय तथा अन्य सरकारी कार्यालय के कर्मचारी भी इसकी चपेट में आ चुके है। ऐसे कौन से क्षेत्र है जहां पर आम जाना प्रतिबंधित होना चाहिए और क्योंघ् यह बताया जाना अब लाजिमी जान पड़ रहा है। खुद स्थानीय प्रशासन नगर पालिका से लेकर कलेक्टोरेट कार्यालय और जिला, जनपद को भी आमजनों के लिए बंद किया जा चुका है। तब क्यों न संक्रमित व्यक्ति के नाम और पड़ोस की जानकारी सार्वजनिक करते हुए हर आम और खास वर्ग को उस क्षेत्र में जाने से रोका जाये, ताकि संक्रमण का फैलाव जान लेवा न बन सके।
शर्मा ने यह भी कहा कि जब राजनीतिक क्षेत्र के लोगों सहित बड़े व्यापारी आदि के नाम का खुलासा किया जा सकता है, तब जमीन से जुड़े और जनसामान्य वर्ग के लोगों का नाम संक्रमित होने के बाद क्यों नहीं दिया जा सकता, यह गाईड लाईन जारी करने वालों को भी एक बार पुन: सोचना होगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
