July 31, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    485 आवेदन प्राप्त, 165 मामलों का मौके पर निराकरण — सैकड़ों हितग्राही योजनाओं से लाभान्वित

    दुर्ग/शौर्यपथ।
    सुशासन तिहार-2026 के अंतर्गत जनपद पंचायत धमधा के ग्राम मलपुरीकला में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। शासन की योजनाओं को आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाने और समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 485 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 165 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। शेष प्रकरणों के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है।

    शिविर में मलपुरीकला, अकोला, कपसदा, ओटेबंद, गोढ़ी, अछोटी, ढौर (हि), बोरसी, खपरी, पंचदेवरी, ढाबा, मुर्रा, सांकरा एवं कंडरका सहित 14 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत सैकड़ों हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।

    खाद्य विभाग द्वारा 10 हितग्राहियों को नवीन राशन कार्ड वितरित किए गए। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण, स्वच्छाग्राही कार्य और बर्तन बैंक संचालन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले हितग्राहियों एवं समूहों को सम्मानित किया गया। जनपद पंचायत धमधा द्वारा सामाजिक सहायता पेंशन योजना के तहत वृद्धा एवं मुख्यमंत्री पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

    प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास निर्माण पूर्ण करने वाले हितग्राहियों को पीएम आवास की चाबियां सौंपी गईं। मत्स्य विभाग द्वारा विभिन्न मछुआ सहकारी समितियों को आइस बॉक्स एवं जाल वितरित किए गए, वहीं कृषि विभाग ने किसानों को केसीसी कार्ड प्रदान किए।

    स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी वैक्सीन लगवाने वाली बालिकाओं को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। साथ ही कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने पर समाजसेवी यशवंत वर्मा का भी सम्मान किया गया।

    शिविर में अधिकारियों ने विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को विस्तारपूर्वक दी तथा योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

    कार्यक्रम में अनुविभागीय दण्डाधिकारी महेश सिंह राजपूत, जनपद पंचायत धमधा के सीईओ किरण कौशिक, विधायक प्रतिनिधि सतीश साहू, जनपद सदस्य हेमा साहू, सरपंच दशमत साहू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

     

    माड़वी नन्दे और सुमड़ी को मिला नया जीवन, सुकमा में स्वास्थ्य कर्मियों की संवेदनशीलता और साहस की मिसाल

    रायपुर/सुकमा/शौर्यपथ।
    बस्तर के दुर्गम जंगलों में, जहाँ आज भी कई गाँव विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर हैं, वहाँ मानवता और प्रशासनिक संवेदनशीलता की एक ऐसी मिसाल सामने आई है जिसने “सरकार अंतिम व्यक्ति तक” की परिभाषा को जीवंत कर दिया।

    सुकमा जिले के दूरस्थ और पहुँचविहीन ग्राम दुरभा में ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत पहुँची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दो मासूम बच्चियों — 5 वर्षीय माड़वी नन्दे और 4 वर्षीय माड़वी सुमड़ी — को मौत के मुहाने से वापस खींच लाया।

    मलेरिया, गंभीर कुपोषण और शरीर में मात्र 2 से 3 ग्राम हीमोग्लोबिन जैसी बेहद गंभीर स्थिति में जी रहीं इन बच्चियों के लिए यह अभियान किसी जीवनदायिनी आशा से कम नहीं था।


    जंगलों के बीच मानवता का सबसे कठिन सफर

    कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के “स्वस्थ बस्तर” संकल्प को जमीन पर उतारते हुए अदम्य साहस का परिचय दिया।

    स्वास्थ्य कर्मियों ने घने जंगलों, पथरीले रास्तों और नदी-नालों को पार कर दुरभा गाँव तक पहुँच बनाई। जब टीम ने बच्चियों की गंभीर हालत देखी, तो तत्काल उन्हें अस्पताल पहुँचाने का निर्णय लिया गया।

    मीलों तक पैदल सफर कर बच्चियों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक लाया गया, जहाँ से एम्बुलेंस के जरिए लगभग 96 किलोमीटर दूर जिला चिकित्सालय सुकमा पहुँचाया गया।

    यह सिर्फ एक रेस्क्यू नहीं था, बल्कि प्रशासन और स्वास्थ्य तंत्र की संवेदनशीलता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की जीवंत तस्वीर थी।


    जब इलाज बना उम्मीद की नई किरण

    जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने युद्ध स्तर पर उपचार शुरू किया।
    एनीमिया और मलेरिया से जूझ रही बच्चियों को तत्काल रक्त चढ़ाया गया, मलेरिया का संपूर्ण उपचार दिया गया तथा पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में विशेष निगरानी में रखा गया।

    कुछ ही दिनों में बच्चियों का हीमोग्लोबिन स्तर बढ़कर 9 ग्राम से अधिक हो गया और उनके चेहरों पर फिर से मुस्कान लौट आई।

    इलाज के दौरान परिजनों को पोषण, स्वच्छता और बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचा जा सके।


    उपचार ही नहीं, योजनाओं से भी जोड़ा गया परिवार

    कलेक्टर अमित कुमार के अनुसार यह मिशन केवल चिकित्सा तक सीमित नहीं था।
    बच्चियों और उनके परिवार को शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने हेतु आवश्यक दस्तावेज भी तैयार किए गए।

    इलाज के बाद दोनों बच्चियों को सुरक्षित उनके गाँव वापस पहुँचाया गया, जहाँ अब उनकी खिलखिलाहट पूरे दुरभा गाँव में उम्मीद और विश्वास की नई कहानी लिख रही है।


    ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ बना जनजीवन का सहारा

    सुकमा जिले में इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत अब तक स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विस्तार किया गया है।

    अभियान की प्रमुख उपलब्धियाँ :

    • कुल लक्ष्य: 2,93,386 लोगों की स्वास्थ्य जांच
    • अब तक जांच एवं उपचार: 1,74,770 लोग
    • रेफर किए गए गंभीर मरीज: 5,240

    इन बीमारियों के मरीजों की पहचान कर उपचार हेतु भेजा गया :

    • मलेरिया
    • टीबी
    • कुष्ठ
    • मोतियाबिंद
    • खून की कमी
    • कुपोषित बच्चे
    • उच्च जोखिम गर्भवती महिलाएँ
    • बीपी एवं शुगर मरीज

    बस्तर के अंतिम छोर तक पहुँची सरकार

    दुरभा गाँव की यह कहानी केवल दो बच्चियों के उपचार की नहीं, बल्कि उस भरोसे की कहानी है जिसमें प्रशासन, स्वास्थ्य कर्मी और सरकार मिलकर यह संदेश दे रहे हैं कि —

    “बस्तर का कोई भी जीवन अब दूरी और दुर्गमता के कारण असहाय नहीं छोड़ा जाएगा।”

    धान सहित 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि से किसानों को मिलेगा लाभ

    रायपुर /शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा विपणन वर्ष 2026-27 हेतु 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धान सहित विभिन्न खरीफ फसलों के एमएसपी में की गई उल्लेखनीय वृद्धि यह स्पष्ट करती है कि केंद्र सरकार किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में धान के एमएसपी में हुई ऐतिहासिक बढ़ोतरी किसानों के सम्मान, आत्मविश्वास और समृद्धि को नई मजबूती प्रदान कर रही है।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देश में सर्वाधिक 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि प्रदेश में रिकॉर्ड धान खरीदी के साथ किसानों का विश्वास सरकार की किसान हितैषी नीतियों पर लगातार बढ़ा है।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार किसान कल्याण, कृषि उन्नति और ग्रामीण समृद्धि के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा कृषि क्षेत्र को नई मजबूती देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं।
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों के हित में लिए गए इस महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी तथा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त किया है।

    लोक सेवा आयोग ने जारी किया अंतिम चयन परिणाम

    वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा – युवा प्रतिभाओं को मिलेगा प्रदेश के नियोजित विकास में योगदान का अवसर

    रायपुर, / छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आवास एवं पर्यावरण विभाग अंतर्गत सहायक संचालक (योजना) के 21 पदों पर भर्ती के लिए अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया गया है। राज्य गठन के बाद यह पहला अवसर है जब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में सहायक संचालक (योजना) के पदों पर नियमित भर्ती की गई है।

    वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह भर्ती केवल रिक्त पदों की पूर्ति नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के सुव्यवस्थित, वैज्ञानिक और दूरदर्शी शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने कहा कि नियोजित विकास, आधुनिक शहरों के निर्माण और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। नई नियुक्तियों से विभाग को युवा, प्रशिक्षित और ऊर्जावान अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जो प्रदेश के शहरों और कस्बों के विकास को नई गति देंगे।

    मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को अधिकतम रोजगार अवसर उपलब्ध कराने और शासन-प्रशासन में योग्य प्रतिभाओं को स्थान देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। यह चयन प्रक्रिया उसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

    छत्तीसगढ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी परिणाम के अनुसार लिखित परीक्षा 5 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी तथा साक्षात्कार 12 मई 2026 को संपन्न हुआ। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर अंतिम चयन सूची जारी की गई है।

    वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने चयनित सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश के नियोजित और संतुलित विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि चयनित अधिकारी अपने ज्ञान, कौशल और समर्पण से छत्तीसगढ़ के विकास में उल्लेखनीय योगदान देंगे।

    ऊर्जा संरक्षण की दिशा में उठाया गया हर कदम राष्ट्रनिर्माण में योगदान है - मुख्यमंत्री साय
    सरकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से ईवी में बदलने की दिशा में होगी कार्रवाई
    राष्ट्रहित में ईंधन बचत को जन-आंदोलन बनाने की अपील

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रहित में ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर किए गए आह्वान का समर्थन करते हुए कहा है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों के इस दौर में पेट्रोल-डीजल जैसे मूल्यवान संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करना हम सभी का राष्ट्रीय दायित्व है।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इसी भावना से प्रेरित होकर राज्य शासन द्वारा शासकीय स्तर पर ईंधन की खपत कम करने और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की दिशा में ठोस पहल की जा रही है।
    उन्होंने कहा की कि उनके आधिकारिक भ्रमणों के दौरान अब केवल अत्यावश्यक वाहनों को ही कारकेड में शामिल किया जाएगा। साथ ही मंत्रीगणों तथा विभिन्न निगम-मंडलों के पदाधिकारियों से भी वाहनों एवं अन्य सरकारी संसाधनों के संयमित उपयोग का आग्रह किया गया है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शासकीय परिवहन व्यवस्था को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी कार्य करेगी। इसके तहत समस्त शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में परिवर्तित करने की दिशा में ठोस कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल ईंधन की बचत करेगा, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
    मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से सार्वजनिक परिवहन का अधिकाधिक उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने तथा अनावश्यक निजी वाहनों के उपयोग से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर हम बड़े सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। यदि प्रत्येक नागरिक ईंधन बचत को अपनी जिम्मेदारी माने, तो यह अभियान एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप ले सकता है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 'नेशन फर्स्ट' की भावना के साथ ईंधन संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से राष्ट्रहित में जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक जागरूक कदम देश की ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

     

    चेन्नई/शौर्यपथ।
    तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक और निर्णायक मोड़ तब देखने को मिला जब मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (थलापति विजय) के नेतृत्व वाली नवगठित तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सरकार ने विधानसभा में भारी बहुमत के साथ विश्वास मत हासिल कर लिया।
    13 मई 2026 को आयोजित फ्लोर टेस्ट में विजय सरकार के पक्ष में 144 विधायकों ने मतदान किया, जबकि विरोध में केवल 22 वोट पड़े। इस परिणाम ने न केवल नई सरकार की स्थिरता पर मुहर लगा दी, बल्कि राज्य की पारंपरिक राजनीतिक धुरी को भी पूरी तरह बदल दिया।

    तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बचाने के लिए साधारण बहुमत का आंकड़ा 118 था, जिसे विजय सरकार ने बेहद सहजता और प्रभावशाली राजनीतिक प्रबंधन के साथ पार कर लिया।

    TVK के पास अपने 107 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, वीसीके, आईयूएमएल और एएमएमके जैसे सहयोगी दलों ने सरकार को खुला समर्थन देकर सत्ता पक्ष को और मजबूती प्रदान की।


    AIADMK में बगावत ने विपक्ष को किया कमजोर

    विश्वास मत के दौरान सबसे बड़ा राजनीतिक झटका विपक्षी दल AIADMK को लगा।
    सूत्रों और सदन की स्थिति के अनुसार, पार्टी के लगभग 25 बागी विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर विजय सरकार के पक्ष में मतदान किया।

    इस बगावत के चलते विपक्ष के नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी का खेमाअसहज स्थिति में दिखाई दिया और उनके समर्थन में केवल 22 विधायक ही सरकार के खिलाफ मतदान कर सके।
    राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह घटनाक्रम AIADMK के भीतर गहरे नेतृत्व संकट और असंतोष का संकेत माना जा रहा है।


    DMK का वॉकआउट बना सरकार के लिए राहत

    सदन में फ्लोर टेस्ट से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
    हालांकि मतदान की प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले मुख्य विपक्षी दल DMK के 59 विधायकों ने पूरी प्रक्रिया का बहिष्कार करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

    DMK के इस कदम ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक विरोध बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे “जनादेश से पलायन” करार दिया।


    बीजेपी और PMK ने अपनाया तटस्थ रुख

    विश्वास मत के दौरान भाजपा के एकमात्र विधायक तथा पीएमके के 4 विधायकों ने मतदान से दूरी बनाते हुए तटस्थ रुख अपनाया।
    इस रणनीति को भविष्य की संभावित राजनीतिक संभावनाओं और गठबंधन समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।


    तमिलनाडु की राजनीति में नए युग की शुरुआत

    फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए थलापति विजय ने बेहद कम समय में जिस प्रकार राज्य की सत्ता तक पहुंच बनाई, वह दक्षिण भारतीय राजनीति के इतिहास में एक असाधारण राजनीतिक उभार माना जा रहा है।
    फ्लोर टेस्ट में मिली प्रचंड सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि TVK अब केवल एक उभरता हुआ दल नहीं, बल्कि तमिलनाडु की सत्ता का नया केंद्र बन चुका है।

    राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस शक्ति परीक्षण के बाद विजय सरकार अब प्रशासनिक फैसलों और जनकल्याणकारी योजनाओं को अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ा सकेगी।

    तमिलनाडु विधानसभा में बुधवार को हुए इस विश्वास मत ने एक संदेश साफ कर दिया —
    राज्य की राजनीति अब नए नेतृत्व, नए गठबंधन और नए सत्ता समीकरणों के दौर में प्रवेश कर चुकी है।

    जिले के सबसे बड़े अस्पताल पर उठे गंभीर सवाल, रेफर संस्कृति और अव्यवस्था से मरीज बेहाल दुर्ग। जिले का सबसे बड़ा शासकीय स्वास्थ्य संस्थान कहलाने वाला जिला अस्पताल दुर्ग आज…
    “सूचना लीक” की चर्चा के बीच प्रशासन की सख्ती, खनिज विभाग ने दोहराई जीरो टॉलरेंस नीति बालोद संवाददाता की ख़ास रिपोर्ट बालोद/शौर्यपथ। जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन पर…

      पिथौरा। गुरु घासीदास स्टेडियम सपोस ग़बोद में आयोजित प्रदेश स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि जनपद पंचायत अध्यक्ष ऊषा पुरषोत्तम घृतलहरे ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद पटेल ने की। वहीं विशेष अतिथि के रूप में भाजपा जिला प्रवक्ता स्वप्निल तिवारी, जनपद सभापति कवलजीत छाबड़ा, जनपद सदस्य पुरषोत्तम घृतलहरे, सरपंच किशोर बघेल, बसना विधायक के निज सहायक नरेंद्र बोरे उपस्थित रहे। अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर पूजन-अर्चन के साथ प्रतियोगिता का शुभारंभ कराया।

    मुख्य अतिथि ऊषा पुरषोत्तम घृतलहरे ने खिलाड़ियों एवं उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि सपोस गांव हमेशा से विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए जाना जाता रहा है। अब प्रदेश स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन भी इस गांव की पहचान बनता जा रहा है। उन्होंने आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को आगे लाने में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं, जिसके चलते ग्रामीण खिलाड़ियों की खेल प्रतियोगिताओं में सहभागिता लगातार बढ़ रही है।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जनपद उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद पटेल ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए खेल अत्यंत आवश्यक है। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दिनचर्या में खेल को शामिल करना चाहिए तथा प्रतिदिन कुछ समय खेल गतिविधियों के लिए अवश्य निकालना चाहिए।

    विशेष अतिथि भाजपा जिला प्रवक्ता स्वप्निल तिवारी ने कहा कि सपोस का यह मैदान वर्षों से सैकड़ों खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर प्रदान करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता निश्चित रूप से ग्रामीण खेल प्रतिभाओं के लिए एक बेहतर मंच तैयार करेगी।

    जनपद सदस्य पुरषोत्तम घृतलहरे ने कहा कि वर्तमान भागदौड़ और प्रतिस्पर्धा के दौर में इस प्रकार के आयोजन सराहनीय हैं। कार्यक्रम में स्वागत भाषण सरपंच किशोर बघेल ने दिया तथा संचालन विजय बघेल ने किया।

    प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों एवं दर्शकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

    इस अवसर पर प्रमुख रूप से हरिचरण प्रधान, गुलापी धुबई साहू, संतोष ठाकुर, अश्वनी विशाल, बबीता बघेल, पूजा सिंह ठाकुर, नरोत्तम साहू, पुनीत टंडन, मनोहर दीवान, विकास बघेल, त्रिलोक ठाकुर, जीवन लाल दाता, रवि बंजारा, सुबई साहू, ताम्रध्वज साहू, कमल रात्रे, छगन बेनर्जी रवि बंजारा मोतीलाल ध्रुव दुलमानी यादव एसडीओ यसहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

    बालोद - सगाई में गए परिवार के सूने घर पर हाथ साफ करने वाले तीन चोर पुलिस के हत्थे चढ़ गए। देवरी थाना पुलिस ने 6 लाख से ज्यादा के सोने-चांदी के गहनों और नगदी के साथ तीनों आरोपियों को धर दबोचा।

    26 अप्रैल की रात परसुली गांव में कमलेश केशरिया अपने पूरे परिवार के साथ अर्जुनी सगाई कार्यक्रम में गया था। पीछे से चोरों ने मौका देखकर घर का कुंदा तोड़ा और अलमारी में रखा सोने का रानी हार, मंगलसूत्र, चांदी की पायल, करधन और 51 हजार नगद पार कर दिया। सुबह घर लौटे परिजनों के होश उड़ गए।

    एसपी योगेश पटेल के निर्देश पर थाना प्रभारी मनीष शेण्डे की टीम ने जाल बिछाया। मुखबिर की सूचना पर गांव के ही भीखम लाल सिन्हा, रामेश्वर उर्फ झम्मन सोनकर और जितेश उर्फ जीतू सोनकर को उठाया। सख्ती से पूछताछ में तीनों टूट गए।

    चोरों ने सारा माल खरखरा नंदी के श्मशान घाट में गड्ढा खोदकर छिपा रखा था। पुलिस ने मौके से 1 किलो 650 ग्राम चांदी, 27 ग्राम से ज्यादा सोना और 34 हजार नगद बरामद कर लिया। कुल 6,02,709 रुपये का माल जब्त हुआ।

    फिलहाल तीनों सलाखों के पीछे हैं। इस पूरी कार्रवाई में देवरी थाना और साइबर सेल बालोद की टीम ने बाजी मारी।

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