July 31, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    शौर्यपथ। मई महीने की शुरुआत कुछ राशियों के लिए बड़ी सफलता के द्वार खोलने वाली है, तो कुछ को सावधानी बरतने की सलाह दी जा…

    रायपुर । शौर्यपथ। 

    छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में संकल्प प्रस्तुत करते हुए प्रदेश की महिलाओं के प्रति अपनी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 'डबल इंजन' की सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सर्वांगीण सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह समर्पित है।

    लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी का नया युग

    मुख्यमंत्री ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण को एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह पहल लोकतांत्रिक संस्थाओं को न केवल सुदृढ़ करेगी, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में आधी आबादी की भूमिका को भी प्रभावी बनाएगी। उन्होंने कहा, "जब महिलाएं नीति निर्धारण में शामिल होंगी, तभी विकास अधिक समावेशी और संतुलित होगा।"

    सांस्कृतिक गौरव और प्रेरणा

    छत्तीसगढ़ की माटी को माता शबरी, माँ दंतेश्वरी और माँ महामाया की पावन भूमि बताते हुए श्री साय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी सृजन और शक्ति की आधारशिला है। उन्होंने अपने संबोधन में भक्त माता कर्मा, तीजन बाई, और उषा बारले जैसी विभूतियों के साथ-साथ रानी लक्ष्मीबाई और रानी दुर्गावती जैसी वीरांगनाओं का उल्लेख करते हुए उन्हें समाज का प्रेरणास्रोत बताया।

    वर्ष 2026: "महतारी गौरव वर्ष"

    मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि छत्तीसगढ़ में वर्ष 2026 को "महतारी गौरव वर्ष" के रूप में मनाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य मातृशक्ति के योगदान को रेखांकित करना और उनके आर्थिक व सामाजिक विकास को नई गति देना है।

    सशक्तिकरण के जमीनी प्रयास

    शासन की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:

    आर्थिक आत्मनिर्भरता: स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ा जा रहा है।

    सामाजिक सुरक्षा: आवास, स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य योजनाओं के जरिए महिलाओं के जीवन स्तर में क्रांतिकारी बदलाव आया है।

    पंचायती राज में नेतृत्व: स्थानीय निकायों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र को निचले स्तर पर मजबूत कर रही है।

    अंत में मुख्यमंत्री ने आह्वान किया:

    "मातृशक्ति का सशक्तिकरण केवल एक नीतिगत विषय नहीं है, बल्कि यह एक समतामूलक और समृद्ध समाज के निर्माण का आधार है। हम एक ऐसी व्यवस्था बनाने के लिए संकल्पित हैं जहाँ हर महिला आत्मनिर्भर और गौरवान्वित महसूस करे।"

    रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की।

    इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रिपरिषद द्वारा आधुनिक खेल मैदान एवं अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी के निर्माण हेतु सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा के नाम दर्ज भूमि में से 5 एकड़ भूमि रियायती दर पर आबंटित करने के महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से जिले की खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी और क्रिकेट के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित मांग पर मंत्री परिषद की बैठक में त्वरित निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से राजनांदगांव में अत्याधुनिक स्टेडियम का निर्माण संभव होगा, जिससे प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही, आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण यहां की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का बेहतर मंच मिलेगा।

    इस दौरान विधायक श्री धरम लाल कौशिक, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, विधायक श्री ललित चंद्राकर, छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया, राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव श्री योगेश बागड़ी सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

    रायपुर | विशेष रिपोर्ट

    छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी खर्चों में कटौती की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाते हुए मंत्रालय (महानदी भवन) की कैंटीन में दी जा रही सब्सिडी को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इस फैसले के बाद अब मंत्रालय में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को सस्ता भोजन नहीं मिल सकेगा, बल्कि बाजार दरों के अनुसार भुगतान करना होगा।

    सरकार अब तक मंत्रालय स्थित कॉफी हाउस को हर महीने लगभग 18 लाख रुपये की सब्सिडी देती थी। इस व्यवस्था को समाप्त करने से राज्य सरकार को हर साल करोड़ों रुपये की बचत होने की संभावना जताई जा रही है।

    ☕ कॉफी हाउस पर लगा ताला

    इस निर्णय का सीधा असर मंत्रालय में संचालित कॉफी हाउस पर पड़ा है, जिसे अब बंद कर दिया गया है। वर्षों से कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए यह स्थान एक महत्वपूर्ण बैठक और विश्राम स्थल के रूप में जाना जाता था।

    ? निजी कंपनी संभालेगी जिम्मेदारी

    नई व्यवस्था के तहत अब मंत्रालय की कैंटीन का संचालन एक निजी कंपनी को सौंपा जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी और वित्तीय बोझ भी कम होगा।

    ? बचत बनाम सुविधा का सवाल

    जहां एक ओर सरकार इस निर्णय को वित्तीय अनुशासन और बचत की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों के बीच इस फैसले को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई कर्मचारियों का कहना है कि सब्सिडी खत्म होने से उनकी दैनिक खर्चों में बढ़ोतरी होगी।

    ⚖️ संसद की तर्ज पर फैसला

    गौरतलब है कि यह निर्णय संसद की कैंटीन में पहले ही समाप्त की जा चुकी सब्सिडी के मॉडल से प्रेरित बताया जा रहा है, जहां इसी प्रकार सरकारी सहायता को बंद कर दिया गया था।

    ? निष्कर्ष:

    सरकार का यह कदम जहां एक ओर आर्थिक बचत की दिशा में प्रभावी माना जा रहा है, वहीं यह कर्मचारियों की सुविधाओं पर सीधा असर डालता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि निजी संचालन में कैंटीन की गुणवत्ता और कीमतों का संतुलन कैसे बनाए रखा जाता है।

    'अमर इंफ्र ाÓ से जुड़े दस्तावेज खंगाले जा रहे, भारतमाला परियोजना से कनेक्शन की जांच

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग जिले में गुरुवार तड़के प्रवर्तन निदेशालय (श्वष्ठ) की टीम ने तथाकथित समाजसेवी और 'अमर इंफ्राÓ के संचालक चतुर्भुज राठी के ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की। महेश कॉलोनी स्थित उनके निवास पर शुरू हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में अचानक हलचल तेज हो गई।
    सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'भारतमाला परियोजनाÓ से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के इनपुट के आधार पर की जा रही है। अमर इंफ्रास्ट्रक्चर लंबे समय से सड़क निर्माण और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में सक्रिय रही है, जिसके चलते जांच का दायरा व्यापक माना जा रहा है।
    कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। तथाकथित समाजसेवी राठी के निवास के बाहर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और परिसर में आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। ईडी की टीम अंदर दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है, साथ ही डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है।
    इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। सत्ताधारी दल से जुड़े नेता के यहां हुई कार्रवाई को लेकर विभिन्न तरह के सियासी अर्थ निकाले जा रहे हैं। विपक्ष इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम बता रहा है, वहीं स्थानीय स्तर पर इस घटनाक्रम ने चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है। फिलहाल, ईडी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी और संभावित रूप से बड़े खुलासे भी सामने आ सकते हैं।

      रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए "सुशासन तिहार 2026" की शुरुआत आज से होने जा रही है। यह अभियान 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में चलाया जाएगा, जिसके तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जन शिकायतों का समयबद्ध निराकरण ही सुशासन की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि आमजन को पारदर्शी, सरल और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    पहले चरण में लंबित मामलों के निराकरण पर जोर

    अभियान के पूर्व चरण में ही कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि 30 अप्रैल तक सभी लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से समाधान सुनिश्चित करें। इसमें—
    * नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन जैसे राजस्व प्रकरण
    * मनरेगा के लंबित मजदूरी भुगतान
    * हितग्राहीमूलक योजनाओं के लंबित भुगतान
    * आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र
    * बिजली, ट्रांसफार्मर और पेयजल (हैंडपंप) समस्याएं के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान रखा जाएगा, साथ ही पात्र हितग्राहियों को उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत और सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    प्रदेशभर में लगेंगे समाधान शिविर

    सुशासन तिहार के तहत 1 मई से 10 जून तक लगेंगे शिविर

    * ग्रामीण क्षेत्रों में 15–20 ग्राम पंचायतों के समूह में शिविर
    * शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर आधारित आयोजन
    * मौके पर ही आवेदन स्वीकार और लाभ वितरण
    * अधिकतम एक माह में आवेदनों का निराकरण

    शिविरों में शासन की योजनाओं के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी और प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति की जानकारी दी जाएगी।

    जनप्रतिनिधियों की भागीदारी और सीधा संवाद

    अभियान के दौरान मंत्रीगण, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव और प्रभारी सचिव समय-समय पर शिविरों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित करेंगे।

    ष्टरू करेंगे औचक निरीक्षण और समीक्षा

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर—

    * विकास कार्यों का औचक निरीक्षण
    * हितग्राहियों से सीधा फीडबैक
    * जिला स्तर पर समीक्षा बैठकें करेंगे

    निरीक्षण के बाद वे प्रेसवार्ता के माध्यम से जानकारी साझा करेंगे और नागरिकों व सामाजिक संगठनों से सुझाव भी लेंगे।

    व्यापक प्रचार से बनेगा जन आंदोलन

    जनसम्पर्क विभाग और जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। डिजिटल, प्रिंट और स्थानीय माध्यमों के जरिए अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाएगा

     

      रायपुर, / राज्य शासन द्वारा बीते वर्ष आयोजित सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है, जहाँ प्रशासन की तत्परता दूरस्थ वनांचलों में रहने वाले ग्रामीणों के जीवन में स्वावलंबन का नया अध्याय लिख रही है। इसी कड़ी में बस्तर जिले के सुदूर जनपद पंचायत बास्तानार अंतर्गत ग्राम पंचायत छोटे किलेपाल से एक हृदयस्पर्शी सफलता की कहानी सामने आई है, जिसने शासन की संवेदनशीलता और जनहितैषी दृष्टिकोण को सिद्ध किया है।

    दंतेवाड़ा जिले की सीमा से लगे इस सुदूर ग्राम छोटे किलेपाल के निवासी श्री सामनाथ ठाकुर और रीता ठाकुर, जो एक ही परिवार के सदस्य हैं, दिव्यांग होने के कारण लंबे समय से गंभीर आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहे थे। शारीरिक अक्षमता के चलते उन्हें अपनी हर छोटी-बड़ी आवश्यकता और दैनिक वस्तुओं के लिए परिवार के अन्य सदस्यों पर पूरी तरह आश्रित होना पड़ता था। इस निर्भरता के कारण न केवल उनका आत्मसम्मान प्रभावित हो रहा था, बल्कि आर्थिक तंगी के दौर में वे परिवार पर भी एक अतिरिक्त बोझ महसूस कर रहे थे। वर्षों से अपनी विवशता को ही नियति मान चुके इन ग्रामीणों के लिए पिछले वर्ष आयोजित सुशासन तिहार आशा की एक नई किरण बनकर आया।

    शिविर के दौरान जब इन दिव्यांगों ने पेंशन योजना के लाभ हेतु अपनी मांग रखी, तो प्रशासन ने इसे महज एक औपचारिक आवेदन के रूप में न लेते हुए सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की। जनपद पंचायत बास्तानार के अधिकारियों ने तत्काल सक्रियता दिखाई और ग्राम पंचायत के समन्वय से उनके आधार कार्ड, बैंक पासबुक और राशन कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेजों का संकलन कर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की। पात्र पाए जाने पर उन्हें तत्काल पेंशन की स्वीकृति प्रदान की गई, जिसकी जानकारी मिलते ही पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।

      रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में पत्रकार श्रीमती नीरा साहू द्वारा गुजरात यात्रा पर लिखी गई पुस्तक ‘अविस्मरणीय यात्रा’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमती साहू को उनकी उत्कृष्ट रचना के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

    कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में विधानसभा में आयोजित विशेष सत्र एवं शासकीय संकल्प के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और अधिकारों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगी।

    मुख्यमंत्री साय ने महिला पत्रकारों के अध्ययन भ्रमण की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण पत्रकारों की दृष्टि को व्यापक बनाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह यात्रा-वृत्तांत पर्यटन प्रेमियों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका सिद्ध होगा।

    इस अवसर पर सुश्री निशा द्विवेदी, सुश्री चित्रा पटेल, सुश्री लवलीना शर्मा, जनसंपर्क विभाग की उप संचालक डॉ. दानेश्वरी संभाकर, सहायक संचालक सुश्री संगीता लकड़ा एवं सुश्री आमना खातून सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

     

    10वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में हासिल की प्रथम स्थान

    राज्य में संचालित 11 एकलव्य विद्यालयों में परीक्षा परिणाम शत्-प्रतिशत

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और मंत्री श्री नेताम ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं

    रायपुर, / छत्तीसगढ़ के कांकेर निवासी कृतिका टेकाम ने सीबीएसई 10 वीं बोर्ड की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। होनहार छात्रा कृतिका ने संपूर्ण देश में संचालित लगभग 750 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। इस बड़ी उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कृतिका को उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांकेर की होनहार छात्रा कृतिका टेकाम को सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में देशभर के एकलव्य विद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल कृतिका के परिश्रम और प्रतिभा का परिणाम है, बल्कि छत्तीसगढ़ में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और जनजातीय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों की सफलता का भी प्रमाण है। उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के माध्यम से राज्य के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं, जिससे वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को निरंतर प्रोत्साहित करती रहेगी।

    आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कांकेर की छात्रा कृतिका टेकाम को सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में देशभर के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के जनजातीय विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय अंचलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन और अनुकूल वातावरण मिल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप वे राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। मंत्री श्री नेताम ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनजातीय विद्यार्थियों के शैक्षणिक, बौद्धिक और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

    गौरतलब है कि सीबीएसई द्वारा हाल ही में शैक्षणिक सत्र 2025-26 हेतु 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित किया है, जिसमें छत्तीसगढ़ की छात्रा कु. कृतिका टेकाम देशभर के एकलव्य विज्ञालयों में प्रथम स्थान हासिल की है।

    आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि कृतिका टेकाम कांकेर जिले में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रही थी। संपूर्ण देश में संचालित लगभग 750 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश के साथ-साथ आदिम जाति विभाग को भी गौरवान्वित किया है। इसके साथ ही अन्य विद्यार्थियों द्वारा भी अच्छा परीक्षा परिणाम प्राप्त किया गया है। प्रदेश में संचालित 75 एकलव्य विद्यालयों में से हाई स्कूल स्तर पर 71 एकलव्य विद्यालय संचालित हैं। इनमें 11 एकलव्य विद्यालयों द्वारा शत्-प्रतिशत परीक्षा परिणाम अर्जित किया गया।

    उल्लेखनीय है कि प्रदेश में संचालित कुल 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ उनके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसी का परिणाम है कि शिक्षण सत्र 2025-26 में चौथी एकलव्य विद्यालयों की राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में प्रदेश के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के दल द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुये देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया गया।

    आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने बताया कि इसी प्रकार भारत सरकार, पंचायती राज, मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित मॉडल यूथ ग्राम सभा प्रतियोगिता में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुड़ा जिला-गरियाबंद को देश में संचालित 800 विद्यालयों में से राष्ट्रीय विजेता चुना गया। गरियाबंद के चयनित इन विद्यार्थियों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 28 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया, साथ ही इस विद्यालय को एक करोड़ रूपए की उपहार राशि प्रदान की गई है।

    डबल इंजन की रफ्तार, योजनाओं की बौछार- किसान, आदिवासी, महिला और युवा बने केंद्र में

       शौर्यपथ लेख / छत्तीसगढ़ में बीते लगभग ढाई वर्षों में शासन की कार्यशैली को लेकर एक नई परिभाषा गढ़ने की कोशिश दिखाई देती है। विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 'सुशासन' को केवल एक नारा नहीं, बल्कि जमीनी क्रियान्वयन का आधार बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। सीमित समयावधि करीब 2 वर्ष 4 माह 17 दिन में ही सरकार ने विकास का जो खाका तैयार किया है, उसे भविष्य की बड़ी तस्वीर के रूप में देखा जा रहा है।

    प्रदेश की पहचान ‘धान का कटोरा’ के रूप में रही है, लेकिन इस पहचान को सम्मान देने का काम हालिया नीतिगत निर्णयों में स्पष्ट दिखता है। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय करना केवल आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि अन्नदाताओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने की पहल भी है। इसके साथ ही, तेंदूपत्ता संग्राहकों जिन्हें ‘हरा सोना’ से जुड़ा श्रमिक वर्ग कहा जाता है, के लिए पारिश्रमिक दर को 5500 रुपये करना और चरण पादुका वितरण जैसे निर्णयों ने आदिवासी क्षेत्रों में राहत पहुंचाई है।

    मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही लगभग 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देना सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। बेघर और जरूरतमंद परिवारों को छत उपलब्ध कराना सुशासन की पहली सीढ़ी के रूप में देखा गया।राज्य सरकार ने 70 लाख से अधिक विवाहित महिलाओं के खातों में प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि देने की पहल की। यह राशि भले सीमित लगे, लेकिन ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों के लिए यह आर्थिक संबल का काम कर रही है। यह कदम महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयासों ने असर दिखाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री श्री अमित शाह की रणनीति और संकल्प के साथ 31 मार्च 2026 तक नक्सलमुक्ति का लक्ष्य एक बड़े बदलाव का संकेत देता है। इससे विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

    विष्णु देव साय सरकार ने युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 'छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग' से जुड़े मामलों में जांच कराना सरकार के जवाबदेही वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है। साथ ही, खेल गतिविधियों विशेषकर बस्तर व सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया गया है।

    विगत वर्ष आयोजित ‘सुशासन तिहार’ को इस वर्ष भी 1 मई से 10 जून तक आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य योजनाओं की जमीनी हकीकत को परखना, नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और प्रशासन को सीधे जनता से जोड़ना है। श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य के समन्वय को 'डबल इंजन सरकार' के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि इस समन्वय से विकास योजनाओं को गति मिली है और इसका लाभ प्रदेश के लगभग तीन करोड़ नागरिकों तक पहुंच रहा है।

    ‘बगिया के विष्णु’ के रूप में पहचाने जाने वाले मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों ईब से इंद्रावती तक विकास का जो रोडमैप तैयार किया है, वह समावेशी विकास की अवधारणा को दर्शाता है। लक्ष्य स्पष्ट है, अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना।

    छत्तीसगढ़ में सुशासन की यह यात्रा अभी 'प्रारंभिक चरण' में है, लेकिन दिशा स्पष्ट दिखाई देती है। सरकार की प्राथमिकताओं में किसान, महिला, आदिवासी, युवा और ग्रामीण समाज केंद्र में हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये नीतियां किस तरह स्थायी बदलाव का रूप लेती हैं, लेकिन फिलहाल इतना तय है कि विकास की यह कहानी गति पकड़ चुकी है।

    साभार - 

    (एल.डी.मानिकपुरी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी, कोरिया)

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