
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
रायपुर/शौर्यपथ/
राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके 20 अक्टूबर 2021 को दुर्ग जिले के अहिवारा में वरघोड़ा शोभायात्रा एवं अभिनंदन समारोह में शामिल होंगी। सुश्री उइके सुबह 10:10 बजे रायपुर से सड़क मार्ग से रवाना होंगी और सुबह 11:00 बजे पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस अहिवारा पहुंचेगी। वे वहां से सुबह 11:25 बजे रवाना होंगी और सुबह 11:30 बजे दशहरा मैदान, नंदनी नगर, अहिवारा पहुंचेंगी और वहां आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 20 अक्टूबर को अपने निवास कार्यलय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए धन्वन्तरी जेनरिक मेडिकल स्टोर योजना का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के तहत राज्य में 59 दुकानों की शुरुआत की जा रही है।
धन्वन्तरी जेनरिक मेडिकल स्टोर्स से उपभोक्ताओं को सस्ते दर पर दवाईयां उपलब्ध होगी। उपभोक्ताओं को दवाइयों की एमआरपी पर न्यूनतम 50.09 प्रतिशत और अधिकतम 71 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा। योजना के तहत 169 शहरों में 190 मेडिकल स्टोर्स प्रारंभ करने की योजना है। इन मेडिकल स्टोर्स में 251 प्रकार की जेनरिक दवाइयां तथा 27 सर्जिकल उत्पाद की बिक्री अनिवार्य होगी। इसके अलावा वन विभाग की संजीवनी के उत्पाद, सौंदर्य के साधन और शिशु आहार आदि का भी विक्रय किया जाएगा।
रायपुर /शौर्यपथ/
आईएएनएस-सी वोटर द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को देश के सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री के रूप में चिन्हित किए जाने की खबर से आज सोशल मीडिया में नागरिकों में खासा उत्साह रहा। ट्विटर पर हैशटैग “बेस्ट सीएम भूपेश बघेल” 2 घंटे से अधिक समय तक टॉप-5 में ट्रेंड करता रहा। 07 हजार से अधिक लोगों ने अपनी पोस्ट में इस हैशटैग का इस्तेमाल किया।
गौरतलब है कि आईएएनएस-सी वोटर ने अपने सर्वेक्षण के परिणाम कल जारी किए थे। इसके मुताबिक राज्य के 94 प्रतिशत लोगों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी खुशी जाहिर की थी। आईएएनएस ने अपनी सर्वे रिपोर्ट जारी करते हुए कहा था कि बघेल ने छत्तीसगढ़ में कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करना शामिल है, जिन्होंने कोविड -19 के लिए माता-पिता / अभिभावकों को खो दिया है। महतारी दुलार योजना के तहत ऐसे बच्चों की पढ़ाई का खर्च छत्तीसगढ़ सरकार वहन करेगी। नीति आयोग की एसडीजी इंडिया इंडेक्स रिपोर्ट 2020-21 के अनुसार, सतत विकास लक्ष्यों के लैंगिक समानता पैरामीटर पर छत्तीसगढ़ भारत में शीर्ष प्रदर्शन करने वाला राज्य था। नीति आयोग 115 संकेतकों पर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की प्रगति को ट्रैक करता है। पिछले साल, छत्तीसगढ़ ने लैंगिक समानता पैरामीटर पर 43 अंक हासिल किए और भारत में सातवें स्थान पर था। इस साल, इसने 61 स्कोर किया और चार्ट में शीर्ष पर रहा। सीवोटर के संस्थापक यशवंत देशमुख ने कहा- " ऐसे मुख्यमंत्रियों को लोगों ने पसंद किया है जिनमें निर्णय लेने की क्षमताएं हैं और जिनके काम करने की शैली सीईओ जैसी है।
रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ में न केवल लघु वनोपजों का संग्रहण किया जा रहा है बल्कि उनकी प्रासेसिंग कर अनेक प्रकार के हर्बल औषधि और उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इन कार्यों से युवाओं और महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार भी उपलब्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और श्री सचिन राव ने आज राजधानी रायपुर के कलेक्टोरेट के समीप जी.ई रोड में हर्बल उत्पाद विक्रय केन्द्र संजीवनी का निरीक्षण किया। इन केन्द्रों में प्रसंस्करण इकाईयों से तैयार किए गए लगभग 120 प्रकार के हर्बल उत्पादों का मार्केटिंग एवं विक्रय की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान बताया कि छत्तीसगढ़ हर्बल ब्राण्ड से इन उत्पादों की मार्केंटिंग एवं विक्रय का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा राजधानी रायपुर के छत्तीसढ़ हर्बल संजीवनी विक्रय केन्द्र के माध्यम से किया जा रहा है। राज्य के विभिन्न वनमण्डलों, जिला यूनियनों के स्व-सहायता समूहों के माध्यम से निर्मित प्रमुख उत्पादों द्वारा निर्मित उत्पादों का विक्रय यहां किया जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ के वन उत्पादों के मार्केंटिंग एवं विक्रय कार्य को बढ़ावा मिला है। उन्होंने बताया कि प्रोसेसिंग युनिटों की स्थापना के बाद स्थानीय लोगों की आय में बढ़ोतरी हुई है। महिला समूहों से तैयार उत्पादों को देश भर में मार्केट उपलब्ध कराने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफार्म में बिक्री की व्यवस्था की गई है।
गौरतलब है कि संजीवनी विक्रय केन्द्रों में राज्य के विभिन्न जिलों के निर्मित प्रमुख उत्पाद जैसे जगदलपुर जिला का काजू, चिरौजीं, महुआ तेल, कोण्डागांव जिला का तिखुर, ईमली चपाती, नारायणपुर का फूल झाड़ू एवं कांकेर का महुआ लड्डू शामिल है। इसी तरह भानुप्रतापपुर जिला का शहद, गरियाबंद जिला का सर्व ज्वर हर चूर्ण तथा बलौदाबाजार का जामुन जूस, आंवला कैंडी एव अन्य उत्पाद शामिल है। इस प्रकार बिलासपुर जिला का शहद, कटघोरा का शतावरी चूर्ण, अश्वगंधा चूर्ण, मरवाही जिला का सफेद मुसली चूर्ण, जशपुर जिला का च्यवनप्राश, सैनेटाइजर, राजनांदगांव जिला का महुआ स्कैस, कवर्धा जिला का शहद तथा बालोद जिले के महुआ चटनी, महुआ अचार उत्पाद आदि भी शामिल है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया, रायपुर नगर निगम के महापौर श्री एज़ाज़ ढेबर, विधायक देवेंद्र यादव और कुलदीप जुनेजा, अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, विशेष सचिव कृषि डॉ एस. भारतीदासन, कलेक्टर रायपुर सौरभ कुमार, नगर निगम रायपुर के आयुक्त प्रभात मलिक, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ में न केवल लघु वनोपजों का संग्रहण किया जा रहा है बल्कि उनकी प्रासेसिंग कर अनेक प्रकार के हर्बल औषधि और उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इन कार्यों से युवाओं और महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार भी उपलब्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और श्री सचिन राव ने आज राजधानी रायपुर के कलेक्टोरेट के समीप जी.ई रोड में हर्बल उत्पाद विक्रय केन्द्र संजीवनी का निरीक्षण किया। इन केन्द्रों में प्रसंस्करण इकाईयों से तैयार किए गए लगभग 120 प्रकार के हर्बल उत्पादों का मार्केटिंग एवं विक्रय की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान बताया कि छत्तीसगढ़ हर्बल ब्राण्ड से इन उत्पादों की मार्केंटिंग एवं विक्रय का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा राजधानी रायपुर के छत्तीसढ़ हर्बल संजीवनी विक्रय केन्द्र के माध्यम से किया जा रहा है। राज्य के विभिन्न वनमण्डलों, जिला यूनियनों के स्व-सहायता समूहों के माध्यम से निर्मित प्रमुख उत्पादों द्वारा निर्मित उत्पादों का विक्रय यहां किया जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ के वन उत्पादों के मार्केंटिंग एवं विक्रय कार्य को बढ़ावा मिला है। उन्होंने बताया कि प्रोसेसिंग युनिटों की स्थापना के बाद स्थानीय लोगों की आय में बढ़ोतरी हुई है। महिला समूहों से तैयार उत्पादों को देश भर में मार्केट उपलब्ध कराने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफार्म में बिक्री की व्यवस्था की गई है।
गौरतलब है कि संजीवनी विक्रय केन्द्रों में राज्य के विभिन्न जिलों के निर्मित प्रमुख उत्पाद जैसे जगदलपुर जिला का काजू, चिरौजीं, महुआ तेल, कोण्डागांव जिला का तिखुर, ईमली चपाती, नारायणपुर का फूल झाड़ू एवं कांकेर का महुआ लड्डू शामिल है। इसी तरह भानुप्रतापपुर जिला का शहद, गरियाबंद जिला का सर्व ज्वर हर चूर्ण तथा बलौदाबाजार का जामुन जूस, आंवला कैंडी एव अन्य उत्पाद शामिल है। इस प्रकार बिलासपुर जिला का शहद, कटघोरा का शतावरी चूर्ण, अश्वगंधा चूर्ण, मरवाही जिला का सफेद मुसली चूर्ण, जशपुर जिला का च्यवनप्राश, सैनेटाइजर, राजनांदगांव जिला का महुआ स्कैस, कवर्धा जिला का शहद तथा बालोद जिले के महुआ चटनी, महुआ अचार उत्पाद आदि भी शामिल है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया, रायपुर नगर निगम के महापौर एज़ाज़ ढेबर, विधायक देवेंद्र यादव और कुलदीप जुनेजा, अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, विशेष सचिव कृषि डॉ एस. भारतीदासन, कलेक्टर रायपुर सौरभ कुमार, नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री प्रभात मलिक, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक चतुर्वेदी सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां मुख्यमंत्री निवास में संसदीय सचिवों, विधायकों, विभिन्न आयोग-मंडल और प्राधिकरण के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की और उन्हें आईएएनएस-सी वोटर गवर्नेंस इंडेक्स के अनुसार देश में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले मुख्यमंत्री चुने जाने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर संसदीय सचिव चन्द्रदेव राय, रश्मि आशीष सिंह, विधायक अमितेश शुक्ल, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य गृह निर्माण मंडल कुलदीप जुनेजा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम अरूण वोरा, उपाध्यक्ष मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण डॉ. लक्ष्मी धु्रव, उपाध्यक्ष अनुसूचित जाति प्राधिकरण किस्मत लाल नंद और श्रीमती उत्तरी जांगड़े, विधायक श्रीमती अनिता शर्मा और रामकुमार यादव, अध्यक्ष पाठ्यपुस्तक निगम शैलेष नितिन त्रिवेदी, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल अटल श्रीवास्तव, अध्यक्ष राज्य अल्पसंख्यक आयोग महेन्द्र छाबड़ा आदि उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि गांधी जी आज भी प्रासंगिक हैं। वर्तमान दौर में भी देश और दुनिया के नवनिर्माण के लिए उनके विचार को आत्मसात करना हम सबके लिए जरूरी है। उन्होंने कहा-हम सब के अंदर जो गांधीवादी विचार हैं, उन्हें जागृत करने की आवश्यकता है। गांधी को हमें स्वयं में ढूंढना है। इससे पूरे समाज के स्वरूप को सही दिशा में बदला जा सकता है।
प्रासंगिक हैं। वर्तमान दौर में भी देश और दुनिया के नवनिर्माण के लिए उनके विचार को आत्मसात करना हम सबके लिए जरूरी है। उन्होंने कहा-हम सब के अंदर जो गांधीवादी विचार हैं, उन्हें जागृत करने की आवश्यकता है। गांधी को हमें स्वयं में ढूंढना है। इससे पूरे समाज के स्वरूप को सही दिशा में बदला जा सकता है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज शाम यहां नवीन विश्राम गृह रायपुर में आयोजित गांधी जी के मूल्यों और सिद्धांतों पर चलने वाले लोगों के अभिनंदन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ने समाज को जोड़ने और श्रम को सम्मानित करने का कार्य किया। महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका से लौटकर पूरे देश का भ्रमण किया और विभिन्न समाजों से चर्चा करने के बाद कहा था कि भारत की आत्मा गांव में बसती है। गांधी जी ने सत्य, अहिंसा, शांति, प्रेम और भाईचारा की बात कही और इन्हीं मूल्यों के आधार पर स्वयं जीवन जीकर लोगों को आपसी सद्भाव का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार गांधी के आदर्श और विचारों के अनुसार चल रही है। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने सुराजी गांव योजना का प्रारंभ करने का संकल्प लिया और गांव-गांव को स्वावलंबी बनाने का मार्ग प्रशस्त किया। इसी कड़ी में कुपोषण, अशिक्षा और बेरोजगारी को दूर करने के लिए अभियान शुरू किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के विचारों के अनुसार श्रम का सम्मान करने के लिए सरकार द्वारा अपने वादे के अनुसार सबसे पहले किसानों का ऋण माफ किया। साथ ही भूमिहीन खेतिहर मजूदरों को सालाना 6 हजार रूपए देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि जब गांव-गरीब की जेब में पैसा आएगा, तभी उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और प्रदेश एवं देश सुदृढ़ होगा।
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में सरकार द्वारा 80 से 90 प्रतिशत योजनाएं महात्मा गांधी के बताए गए ‘‘सर्वोदय’’ के सिद्धांत पर आधारित है। इसमें समाज के गरीब, पिछड़े तथा अंतिम से अंतिम व्यक्ति के हित को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में गांव, गरीब और किसानों के उत्थान को प्राथमिकता में रखा गया है। इस अवसर पर गांधीवादी विचारक श्री बालचंद कछवाहा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा भी मंचस्थ थे।
मुख्यमंत्री द्वारा समारोह में जिन गांधीवादी विचारकों का सम्मान किया गया, उनमें पद्मश्री धरमपाल सैनी, गनियारी-बिलासपुर में संचालित जन-स्वास्थ्य सहयोग केन्द्र, सरगुजा की चिकित्सक डॉ. बियाट्रिस, बस्तर की गांधीवादी विचारक एम.के.नायडू, समाजसेविका शैल चौहान ग्राम जाता, विकासखंड बेमेतरा, ग्राम कंडेल जिला धमतरी के सेवानिवृत्त शिक्षक एवं लोक कथाकार श्री मुरहाराम कमलवंशी, अंबिकापुर की सेवानिवृत्त शिक्षिका एवं लोक कथाकार डॉ. आशा शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता गरियाबंद सुश्री लता नेताम, कोण्डागांव के शिल्पकार भूपेश तिवारी शामिल हैं।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा संचालित दाई-दीदी क्लीनिक और धनंवतरी जेनरिक मेडिकल स्टोर योजना का निरीक्षण किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव कुमार डहरिया, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, विधायक एवं छत्तीसगढ़ राज्य गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, महापौर एजाज ढेबर एवं श्री सचिन राव भी उनके साथ थे।
निरीक्षण के दौरान दाई-दीदी क्लिनिक योजना के संबंध में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट में कार्यरत डॉ. तृप्ति पाणिग्रही ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य स्लम एवं ऐसी नगरीय जनसंख्या को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है जिनकी पहुंच अस्पतालों तक नहीं हो पाती। यह महिलाओं के लिए पूर्णतः महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित यूनिट है, जिससे महिलाएं बिना किसी संकोच के बेहतर स्वास्थ्य लाभ ले पा रही हैं। उन्होंने बताया कि अब तक इस मोबाइल यूनिट में 266 शिविर के माध्यम से 16 हजार 491 मरीजों को इलाज मुहैय्या कराया गया है। इस यूनिट में 41 प्रकार के मेडिकल जांच की सुविधा उपलब्ध है, जिससे अब तक 3 हजार 846 टेस्ट किये जा चुके है।
मुख्यमंत्री ने सुभाष स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में शुरू होने जा रही धनवंतरी जेनरिक मेडिकल स्टोर का भी अवलोकन किया। इस दौरान जानकारी दी गई कि योजना के तहत राज्य में 20 अक्टूबर को 59 मेडिकल स्टोर का शुभारंभ होगा। इन मेडिकल स्टोर्स से नागरिकों को कम से कम 50 प्रतिशत और अधिकतम 71 प्रतिशत छूट पर दवाईयों की बिक्री की जाएगी। योजना के तहत 169 शहरों में 190 मेडिकल स्टोर्स प्रारंभ करने की योजना है। इन मेडिकल स्टोर्स में 251 प्रकार की जेनरिक दवाईयां तथा 27 सर्जिकल उत्पाद की बिक्री अनिवार्य होगी। इसके अलावा वन विभाग की संजीवनी के उत्पाद, सौंदर्य के साधन और शिशु आहार आदि का विक्रय किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, कृषि विभाग के विशेष सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, कलेक्टर रायपुर सौरभ कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल और नगर निगम रायपुर के आयुक्त प्रभात मलिक सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा संचालित दाई-दीदी क्लीनिक और धनंवतरी जेनरिक मेडिकल स्टोर योजना का निरीक्षण किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव कुमार डहरिया, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, विधायक एवं छत्तीसगढ़ राज्य गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, महापौर एजाज ढेबर एवं श्री सचिन राव भी उनके साथ थे।
निरीक्षण के दौरान दाई-दीदी क्लिनिक योजना के संबंध में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट में कार्यरत डॉ. तृप्ति पाणिग्रही ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य स्लम एवं ऐसी नगरीय जनसंख्या को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है जिनकी पहुंच अस्पतालों तक नहीं हो पाती। यह महिलाओं के लिए पूर्णतः महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित यूनिट है, जिससे महिलाएं बिना किसी संकोच के बेहतर स्वास्थ्य लाभ ले पा रही हैं। उन्होंने बताया कि अब तक इस मोबाइल यूनिट में 266 शिविर के माध्यम से 16 हजार 491 मरीजों को इलाज मुहैय्या कराया गया है। इस यूनिट में 41 प्रकार के मेडिकल जांच की सुविधा उपलब्ध है, जिससे अब तक 3 हजार 846 टेस्ट किये जा चुके है।
मुख्यमंत्री ने सुभाष स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में शुरू होने जा रही धनवंतरी जेनरिक मेडिकल स्टोर का भी अवलोकन किया। इस दौरान जानकारी दी गई कि योजना के तहत राज्य में 20 अक्टूबर को 59 मेडिकल स्टोर का शुभारंभ होगा। इन मेडिकल स्टोर्स से नागरिकों को कम से कम 50 प्रतिशत और अधिकतम 71 प्रतिशत छूट पर दवाईयों की बिक्री की जाएगी। योजना के तहत 169 शहरों में 190 मेडिकल स्टोर्स प्रारंभ करने की योजना है। इन मेडिकल स्टोर्स में 251 प्रकार की जेनरिक दवाईयां तथा 27 सर्जिकल उत्पाद की बिक्री अनिवार्य होगी। इसके अलावा वन विभाग की संजीवनी के उत्पाद, सौंदर्य के साधन और शिशु आहार आदि का विक्रय किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, कृषि विभाग के विशेष सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, कलेक्टर रायपुर सौरभ कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल और नगर निगम रायपुर के आयुक्त प्रभात मलिक सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
