September 24, 2026
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    रायपुर

    रायपुर (6110)

    नगरी। ग्राम फरसियाँ के श्रद्धालु युवाओं की टोली मां बमलेश्वरी के दर्शन के लिए पैदल ही डोंगरगढ़ के लिए निकल पड़े। 06 अक्टूबर को प्रातः 6:00 बजे महामाई मंदिर, फरसिंया से प्रारंभ यह पदयात्रा अनुमान के अनुसार 10 अक्टूबर को, मां बमलेश्वरी मंदिर, डोंगरगढ़ दर्शन के लिए पहुंच जाएगी। क्षेत्रवासीयों द्वारा पदयात्रा पर निकले श्रद्धालु युवक खोमेश्वर सोन फरसियां, ओमकार श्रीमाली, अक्षय नाग, शिवा शांडिल्य संबलपुर की सरहाना की जा रही है।

    रायपुर/शौर्यपथ/प्रदेश में संचालित स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन 28 और 29 अक्टूबर को रायपुर में किया जाएगा। राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में पांच संभाग रायपुर, दुर्ग, बस्तर, बिलासपुर और सरगुजा के चयनित खिलाड़ी शामिल होंगे। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि खेल प्रतियोगिताएं कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुए केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए संचालित की जाए।
    प्रतियोगिता पूर्व माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर बालक और बालिका वर्ग के लिए आयोजित होगी। पूर्व माध्यमिक स्तर पर बालक एवं बालिका वर्ग के लिए 100 मीटर, 200 मीटर की दौड़ और 100ग400 रिले रेस, कबड्डी, बैडमिंटन, शतरंज, खो-खो और सिर्फ बालिका वर्ग के लिए फुगड़ी की प्रतियोगिता होगी। इसी प्रकार उच्चतर माध्यमिक स्तर पर बालक और बालिका वर्ग के लिए 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर की दौड़ और 100ग400 रिले रेस, कबड्डी, बैडमिंटन, शतरंज, खो-खो, फुटबाल और व्हालीबॉल की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
    आयुक्त लोक शिक्षण डॉ. कमलप्रीत सिंह ने राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता के संबंध में सभी संभागीय संयुक्त संचालक, स्कूल शिक्षा को निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दें कि 22 अक्टूबर तक जिले की टीम बनाकर सूची संभागीय कार्यालय में प्रस्तुत करें। इसी प्रकार संभागीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन 24 से 26 अक्टूबर तक सम्पन्न कर चयन सूची लोक शिक्षण संचालनालय में प्रेषित की जाए। चयनित संभागीय दल 27 अक्टूबर को शाम 5 बजे तक रायपुर में उपस्थित होना सुनिश्चित करे।
    राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता के आयोजन के लिए जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय के सहायक संचालक क्रीडा श्री अनिल मिश्रा और सहायक जिला क्रीडा अधिकारी रायपुर श्री आई.पी. वर्मा को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

    राहत आयुक्त ने कलेक्टरों को जारी किए दिशा-निर्देश

    राज्य आपदा मोचन निधि से दी जाएगी अर्थिक अनुदान सहायता

    रायपुर/शौर्यपथ/ राजस्व सचिव एवं राहत आयुक्त छत्तीसगढ़ शासन सुश्री रीता शांडिल्य ने सभी जिला कलेक्टरों एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को कोविड-19 के कारण मृत व्यक्तियों के परिजनों, आश्रितों को राज्य आपदा विमोचन निधि से 50 हजार रूपए की आर्थिक अनुदान सहायता देने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी कलेक्टरों को कहा गया है कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय के अनुक्रम में भारत सरकार के गृह मंत्रालय (आपदा प्रबंधन प्रभाग) तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देश एवं परिपत्र के अनुक्रम में प्रभावित व्यक्तियों को तत्काल आर्थिक अनुदान सहायता देने के लिए समुचित कार्यवाही सुनिश्चित करें। राहत आयुक्त ने दिशा-निर्देशों के साथ उच्चतम न्यायालय के आदेशों की छायाप्रति तथा गृह मंत्रालय द्वारा जारी सर्कुलर तथा संशोधन की छायाप्रति कलेक्टरों को भेजी है।
    उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली द्वारा 30 जून 2021 तथा 04 अक्टूबर 2021 को पारित आदेश में कोविड-19 से मृत व्यक्तियों के परिजनों को आर्थिक अनुदान सहायता किस आधार पर दिया जाना है, इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया गया है। उक्त आदेशों की छायाप्रति तथा भारत सरकार, गृह मंत्रालय, रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया द्वारा उच्चतम न्यायालय के 30 जून 2021 के निर्णय के पालन में 03 सितंबर 2021 को जारी सर्कुलर तथा तत्संबंध में 11 सितंबर 2021 में संशोधन की छायाप्रति भी जिला कलेक्टरों को पत्र के साथ भेजी गई है।
    उच्चतम न्यायालय द्वारा 04 अक्टूबर 2021 को पारित निर्णय के अनुसार कोविड-19 के कारण मृत व्यक्ति के परिजन को 50 हजार रूपए अनुग्रह राशि का भुगतान किया जाएगा, जिसे आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधान के अंतर्गत अनुग्रह भुगतान माना जाएगा तथा यह भुगतान भारत संघ, राज्य सरकारों द्वारा विभिन्न परोपकारी योजनाओं के तहत इस संबंध में घोषित अथवा प्रदान की जाने वाली राशि से अतिरिक्त होगा।
    उच्चतम न्यायालय के निर्णय के अनुसार अनुग्रह सहायता राशि का भुगतान राज्य आपदा मोचन निधि से किया जाएगा। मृतक के परिजनों को अनुग्रह सहायता राशि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जिला प्रशासन द्वारा संवितरित की जाएगी। कोविड-19 से मृत व्यक्तियों के परिजनों को अनुग्रह राशि दी जाएगी, जिसका जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जिला प्रशासन द्वारा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पर्याप्त प्रचार-प्रसार किया जाएगा एवं इस संबंध में सूचना एक सप्ताह के भीतर प्रकाशित की जाएगी। ऐसी सूचना ग्राम पंचायत कार्यालय, तहसील, जनपद पंचायत कार्यालय, जिला पंचायत कार्यालय, नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम कार्यालय तथा जिला कार्यालय में चस्पा कर प्रकाशित की जाएगी। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जिला प्रशासन द्वारा (कोविङ-19 के कारण मृत्यु तथा तत्संबंध में प्रमाण-पत्र के साथ) आवेदन प्राप्त होने के 30 दिनों की अवधि में अनुग्रह सहायता राशि 50 हजार रूपए का भुगतान किया जाएगा।
    राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा 11 सितंबर 2021 को जारी निर्देशों के अनुसार कोविड-19 से हुई मृत्यु के संबंध में मृत्यु प्रमाण-पत्र में उल्लेखित मृत्यु का कारण निर्णायक नहीं होगा तथा इस संबंध में ऐसे अन्य जांच एवं उपचार संबंधी दस्तावेज जिससे यह स्पष्ट होता है कि मृतक की मृत्यु कोविड-19 के कारण हुई है, ऐसी स्थिति में भी उसके परिजन को 50 हजार रूपए अनुग्रह राशि की पात्रता होगी। मृतक के परिजनों को 50 हजार रूपए की अनुग्रह सहायता से इस आधार पर इंकार नहीं किया जाएगा कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण-पत्र में मृत्यु का कारण ‘कोविड-19 के कारण मृत्यु‘ के रूप में नहीं किया गया है। मृत्यु के प्रमाणीकरण संबंधी शिकायत होने पर पीड़ित व्यक्ति जिला स्तर पर समिति से संपर्क कर सकता है। समिति में अतिरिक्त जिला कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, विभागाध्यक्ष मेडिसिन (यदि मेडिकल कॉलेज जिले में स्थित है) और एक विषय विशेषज्ञ होंगे, जो आवश्यक दस्तावेजों के परीक्षण एवं सत्यापन पश्चात् कोविड-19 से मृत्यु के संबंध में अधिकारिक प्रमाण-पत्र जारी कर सकेंगे कि मृतक की मृत्यु का कारण कोविड-19 है।
    सभी जिलों में इस प्रकार की समिति गठित की जाएगी तथा जिला स्तर पर उक्त समिति का पूर्ण पता और उससे संबंधित विवरण प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रकाशित एवं प्रसारित किया जाएगा। नगर निगम क्षेत्र में उसी प्रकार की एक समिति उपायुक्त नगर निगम (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य), मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सिविल अस्पताल, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, प्राचार्य, विभागाध्यक्ष मेडिसिन (यदि मेडिकल कॉलेज स्थित है) तथा विषय-विशेषज्ञ की गठित की जाएगी तथा इस समिति का कार्यालय संबंधित नगर निगम कार्यालय होगा।
    यदि समिति का निर्णय आवेदक (दावेदार) के पक्ष में नहीं है, तब इसका स्पष्ट कारण शिकायत निवारण समिति द्वारा अभिलिखित किया जाएगा। भविष्य में कोविड-19 से होने वाली मृत्यु से प्रभावित परिवारों को भी अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की जाएगी। कोविड-19 से मृत्यु के संबंध में सही कारण बताते हुए मृत्यु प्रमाण-पत्र, अधिकारिक प्रमाण-पत्र जारी करने के संबंध में 04 अक्टूबर 2021 को उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्णयानुसार निर्देशित किया गया है- यदि मृतक की आरटीपीसीआर, मॉलिक्यूलर टेस्ट, आरएटी रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई हो अथवा अस्पताल, रोगी सुविधा केन्द्र में चिकित्सक द्वारा जांच के माध्यम से चिकित्सकीय रूप से कोविड-19 निर्धारित किया गया हो। परीक्षण की तारीख से कोविड-19 अथवा चिकित्सकीय रूप से कोविड-19 निर्धारित होने के 30 दिन के भीतर होने वाली मृत्यु को कोविड-19 के कारण होने वाली मृत्यु माना जाएगा, भले ही मृत्यु अस्पताल, रोगी सुविधा केन्द्र के बाहर हुई हो। साथ-ही अस्पताल, रोगी सुविधा केन्द्र में कोविड-19 के ऐसे मामले जिनमें मरीज 30 दिनों से अधिक समय तक भर्ती रहा और बाद में उसकी मृत्यु हो गई, उन्हें भी कोविड-19 से मृत्यु माना जाएगा।
    कोविड-19 के ऐसे मामले जो हल नहीं हुए हैं तथा ऐसे व्यक्तियों की मृत्यु अस्पताल अथवा घर में हुई हो और जहाँ फॉर्म-4 एवं 4 (ए) में मृत्यु के कारण का मेडिकल प्रमाण-पत्र (एमसीसीडी) पंजीकरण प्राधिकारी को जारी किया गया हो, उसे कोविड-19 से मृत्यु के रूप में माना जाएगा। यह स्पष्ट किया जाता है कि मृत्यु प्रमाण-पत्र में उल्लेखित मृत्यु के कारण पर ध्यान दिए बिना यदि मृतक के परिवार का सदस्य उपरोक्त में दर्शित पात्रता मानदण्डों को पूरा करता है, तब उसे अनुग्रह सहायता राशि दी जाएगी। सभी संबंधित अस्पतालों द्वारा जहाँ रोगी को भर्ती कराया गया था तथा उपचार दिया गया था, मृतक के परिवार के सदस्य को उसके द्वारा मांगे जाने पर उपचार संबंधी सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे। अस्पताल द्वारा दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने की स्थिति में शिकायत निवारण समिति द्वारा संबंधित अस्पताल से मरीज के उपचार से संबंधित ऐसे दस्तावेज प्राप्त किए जाएंगे, जिससे यह निर्धारित किया जा सके कि मृतक के मृत्यु का कारण कोविङ-19 है।
    कोविङ-19 पॉजिटिव पाए जाने के 30 दिनों के भीतर यदि कोई व्यक्ति आत्महत्या कर लेता है। उस स्थिति में भी परिवार के सदस्य को 50 हजार रुपए अनुग्रह सहायता राशि की पात्रता होगी। यदि कोविड-19 से मृत व्यक्ति के परिवार के सदस्य को अनुग्रह राशि प्राप्त नहीं होने के संबंध में यदि कोई शिकायत हो, तो वह अपनी शिकायत, शिकायत निवारण समिति के समक्ष दर्ज करा सकेगा तथा शिकायत निवारण समिति मृत व्यक्ति के चिकित्सा उपचार संबंधी दस्तावेजों की जाँच कर शिकायत प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर समुचित निर्णय लेगी। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जिला प्रशासन तथा शिकायत निवारण समिति को तकनीकी जटिलताओं को छोड़कर इस प्रकार कार्य करना चाहिए जिससे कोविड-19 से हुई मृत्यु के कारण प्रभावित परिवार को अनुग्रह सहायता राशि सुगमता से प्राप्त हो सके।
    पहले से जारी मृत्यु प्रमाण-पत्र के मामले में यदि मृतक के परिवार का कोई भी सदस्य मृत्यु प्रमाण-पत्र में उल्लेखित मृत्यु के कारण से व्यथित है, वह मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करने वाले और, या पंजीकरण प्राधिकारी से संपर्क करेगा तथा जॉच एवं चिकित्सा उपचार संबंधी आवश्यक दस्तावेजों के परीक्षण के उपरांत सक्षम, पंजीकरण अधिकारी मृत्यु प्रमाण-पत्र को संशोधित करेगा। यदि परिवार का सदस्य पंजीकरण प्राधिकारी के आदेश से व्यथित हो, तब वह शिकायत निवारण समिति के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करेगा। संबंधित प्रकरण में शिकायत निवारण समिति द्वारा दिए गए निर्देश के अनुरूप मृत्यु प्रमाण-पत्र को संशोधित करेगा।
    कलेक्टरों को जारी निर्देश में कहा गया है कि उच्चतम न्यायालय के 4 अक्टूबर 2021 के निर्णय के अनुक्रम में भारत सरकार, गृह मंत्रालय (आपदा प्रबंधन प्रभाग) तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देश, परिपत्र के अनुक्रम में प्रभावित व्यक्तियों को तत्काल आर्थिक अनुदान सहायता देने हेतु समुचित कार्यवाही शीघ्र किया जाना सुनिश्चित करें।

     

    धमतरी जनपद के सीईओ और दो गौठानों के नोडल अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

    सारंगपुरी व देवपुर गौठान में नियमित रूप से गोबर खरीदी न होने का मामला

    भटगांव गौठान की महिलाएं लेमनग्रास से तैयार कर रही हैं आयल


    रायपुर/शौर्यपथ/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर छत्तीसगढ़ सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में सर्वाधिक लोकप्रिय सुराजी गांव योजना के अंतर्गत संचालित नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी कार्यक्रम की हकीकत जानने मुख्यमंत्री सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों का लगातार जिलों में दौरा जारी है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने आज धमतरी जिले के भटगांव, सारंगपुरी एवं देवपुर गौठानों का निरीक्षण कर वहां समूह की महिलाओं से चर्चा की और उनके द्वारा संचालित आयमूलक गतिविधियांे का जायजा लिया। सारंगपुरी और देवपुर में गोबर की नियमित खरीदी न होने तथा गौठान की गतिविधियों के सुचारू संचालन में बरती जा रही उदासीनता को लेकर विशेष सचिव ने नाराजगी जताई और जनपद पंचायत धमतरी के सीईओ श्री अमित दूबे और सारंगपुरी व देवपुर गौठान के नोडल अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
    डॉ. एस. भारतीदासन ने भटगांव गौठान से जुड़ी समूह की महिलाओं को अधिक से अधिक वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन और विक्रय कर स्वावलम्बी बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने भटगांव में महिला समूह के द्वारा लेमनग्रास की खेती और उससे ऑयल और अन्य उत्पादों बनाने की गतिविधियों का मुआयना किया और इसकी सराहना की। भटगांव गौठान परिसर में वर्किंग शेड बनाने प्रत्येक ब्लॉक के दो-दो गौठान में वर्किंग शेड स्थापित करने के निर्देश दिए। गोठान में गोबर खरीदी एवं उससे समूह को अर्जित आय की भी जानकारी ली। समूह की महिलाओं से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वे अपनी आयमूलक गतिविधियों जितना अधिक विस्तार देेंगी और विविध उत्पाद तैयार करेंगी, समूह को उतना ज्यादा आर्थिक लाभ होगा। इस मौके पर उन्हांेने वहां पांच एकड़ क्षेत्र में की जा रही लेमनग्रास, एलोवेरा, फूल सहित विभिन्न प्रकार की सब्जियों की खेती का भी अवलोकन किया। कलेक्टर ने बताया कि यहां लेमनग्रास ऑयल की प्रोसेसिंग यूनिट तीन लाख रूपए लागत से स्थापित की गई है, अब तक लगभग 25 लीटर ऑयल निकाला गया है। उन्होंने बताया कि लेमनग्रास ऑयल का बाजार मूल्य 1200 रूपए प्रतिलीटर है।
    डॉ. भारतीदासन ने सारंगपुरी और देवपुर गौठान में प्रतिदिन गोबर की खरीदी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी तरह की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान कलेक्टर श्री पी.एस. एल्मा एवं जिला पंचायत की सी.ई.ओ. श्रीमती प्रियंका महोबिया एवं संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

    रायपुर/शौर्यपथ/ जंगली हाथियों से हुई फसल क्षति के कारण जशपुर वनमंडल के कांसाबेल वन परिक्षेत्र अंतर्गत विगत दिनों 12 प्रकरण दर्ज किए गए है। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा फसल क्षति के मूल्यांकन के पश्चात् शीघ्र क्षति पूर्ति की राशि के भुगतान की कार्रवाई की जाएगी।
    इस संबंध में वन मंडलाधिकारी जशपुर से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के अनुसार दोकड़ा वृत्त परिसर चोंगरीबहार तथा दोकड़ा परिसर क्षेत्र में वन्यप्राणी तीन जंगली हाथी विचरण कर रहे हैं, हाथियों की सुरक्षा हेतु वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा प्रभावित ग्राम दोकड़ा, देवरी, कारंगाबहला, कटंगखार, चोंगरीबहार में मुनादी करवाकर जंगल में न जाने हेतु प्रचार-प्रसार कर ग्रामीणों को समझाईश दी जा रही है। रात को वन अमले के द्वारा गश्त की जा रही है तथा गश्ति दल के द्वारा लगातार जंगली हाथियों पर नजर रखी जा रही है। 26 सितंबर 2021 को फसल क्षति के 07 प्रकरण तथा 27 सितंबर 2021 को फसल क्षति के 05 प्रकरण दर्ज किया गया है। फसल क्षति का मूल्यांकन की कार्यवाही की जा रही है, मूल्यांकन प्रतिवेदन प्राप्त होते ही भुगतान की कार्यवाही की जा रही है।

    रायपुर/शौर्यपथ/विधायक एवं छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अरूण वोरा ने श्रीनगर पहुंचकर जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल श्री मनोज सिन्हा तथा मुख्य सचिव श्री अरूण कुमार मेहता से राज्य के प्रतिनिधि के रूप में सौजन्य मुलाकात कर उन्हें ‘‘राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव 2021‘‘ में शामिल होने का न्यौता दिया। रायपुर/शौर्यपथ/विधायक एवं छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अरूण वोरा ने श्रीनगर पहुंचकर जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल श्री मनोज सिन्हा तथा मुख्य सचिव श्री अरूण कुमार मेहता से राज्य के प्रतिनिधि के रूप में सौजन्य मुलाकात कर उन्हें ‘‘राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव 2021‘‘ में शामिल होने का न्यौता दिया। 

    रायपुर/शौर्यपथ/कवर्धा शहर में अमन, चैन एवं शांति व्यवस्था को पुनः स्थापित करने और कर्फ्यू में धीरे-धीरे शिथिलता लाने आज सर्व समाज के प्रमुखों, कवर्धा चेंबर ऑफ कामर्स तथा व्यापारी संगठनों द्वारा शांति मार्च का आयोजन किया गया। शांति मार्च में सर्व समाज प्रमुखों द्वारा कवर्धा शहर में घटी घटना की घोर निंदा की गई। शांति मार्च में शहर में पुनः अमन और शांति स्थापित करने, सदभावना, आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक एकता का संदेश देते हुए नगर के विभिन्न वार्डाे में भ्रमण किया गया। सर्व समाज प्रमुखों ने नगर के संवेदनशील इलाकों में शांति मार्च और लोगों से चर्चा कर शांति और आपसी भाईचारा स्थापित करने की अपील की।
    शांति मार्च में नगरपालिका अध्यक्ष श्री ऋषि शर्मा, कलेक्टर श्री रमेश कुमार शर्मा, 21वीं बटालियन नारायणपुर के कमांडेंट श्री जितेन्द्र शुक्ला, पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग, जिला पंचायत के सीईओ श्री विजय दयाराम के. और डीएफओ श्री दिलराज प्रभाकर ने सर्व समाज प्रमुखों के साथ शांति का पैगाम देते हुए नगर भ्रमण किया। शांति मार्च की शुरूआत नगरपालिका कार्यालय से हुई। यह शांति मार्च भारत माता चौक, जयस्तंभ चौक, विंध्यवासिनी मंदिर मार्ग, आदर्शनगर, नवीन बाजार चौक, गुरूनानक चौक, ठाकुर देव चौक, दर्री पारा, महावीर स्वामी चौक, ठाकुर पारा, कबीर पारा, करपात्री चौक, शीतला चौक, राधाकृष्ण वार्ड और हैदरपारा चौक से गुजरते हुए एकता चौक में समाप्त हुई। एकता चौक में सर्व समाज प्रमुखों द्वारा हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई आपस में हम भाई-भाई का संदेश दिया।
    नगरपालिका अध्यक्ष श्री ऋषि शर्मा ने इस घटना की घोर निंदा करते हुए कहा कि दो पक्षों में हुए वाद-विवाद को जिला प्रशासन के द्वारा आयोजित शांति समिति की बैठक में सर्व समाज प्रमुखों की उपस्थिति में सुलझा लिया गया था। लेकिन 5 अक्टूबर को कवर्धा में दुर्भाग्यपूर्ण घटना घट गई। इसके कारण जिला प्रशासन को जान-माल की सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगरपालिका क्षेत्र में कर्फ्यू लगाना पड़ा। हम सब शहर में अमन और शांति चाहते हैं। शहर में पुनः शांति स्थापित हो इसके लिए आज सर्व समाज प्रमुखों के द्वारा शांति का पैगाम देते हुए शांति मार्च का आयोजन किया गया। इस आयोजन से निश्चित ही आने वाले समय में शहर में अमन और चैन की बहाली होगी।
    शांति मार्च के दौरान ब्राम्हण समाज के अध्यक्ष श्री चंद्रिका प्रसाद चौबे ने कहा कि कवर्धा शहर में सर्वधर्म के लोग आपसी सद्भावना के साथ निवास करते हैं। लेकिन आज तक इस तरह का उपद्रव और आपसी सद्भावना को ठेस पहुंचाने वाली घटना घटित नहीं हुई थी। जैन समाज के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र बोथरा ने इस घटना में शामिल सभी उपद्रवियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग की है। ठाकुर समाज के अध्यक्ष श्री नरेश सिंह ठाकुर ने भी जिला प्रशासन से निष्पक्ष कार्यवाही की मांग की। उन्होंने कहा कि कवर्धा में आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द्र कायम है। अग्रवाल समाज के श्री कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि इस घटना की शुरूआत से लेकर 5 अक्टूबर को हुए घटना की कड़ी निंदा करते हुए इस हिंसात्मक हमले में शामिल दोनांे पक्षों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।
    मुस्लिम समाज के अध्यक्ष श्री सलीम गौरी ने बताया कि इस घटना के बाद सब के मन में पीड़ा है और वेदना है। जीवन के लिए शांति ही सब कुछ है। मनुष्य सबसे सुंदर प्राणी है, जिसमें बुद्धि, हंसने और बोलने की शक्तियां है। चेंबर ऑफ कामर्स के श्री आकाश आहूजा और श्री दिनेश जैन ने आम लोगों की सुविधा के लिए रोजमर्रा से जुड़े दैनिक उपयोगी सामानों की उपलब्धता के लिए व्यापारिक वर्ग को छूट देने की मांग की है। श्री अकबर कुरैशी ने कहा कि शहर में बाहरी लोग भारी संख्या में यहां निवासी बन रहे है। ऐसे लोगों की पहचान करना चाहिए। शांति मार्च में गुप्ता समाज, सिक्ख समाज, ईसाई समाज, पटेल समाज, आदिवासी समाज, यादव समाज, देवागंन समाज, कलार समाज, कबीरपंथ और पाली समाज के प्रमुखों के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

    नोवेल कोरोना वायरस के संबंध में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मीडिया बुलेटिन - /शौर्यपथ/...pdf

    रायपुर/शौर्यपथ/ राम वन गमन पर्यटन परिपथ समारोह के दूसरे दिन आज माता कौशल्या मन्दिर चंदखुरी में सांस्कृतिक कार्यक्रम में राजनांदगांव के एकता मानस सिन्हा परिवार द्वारा जस जगराता और भजन की शानदार प्रस्तुति दी गई। छह सगी बहनों द्वारा छतीसगढ़ी में मोर गांव के शीतला माता...और छत्तीसगढ़ के राजकीय गीत अरपा पैरी के धार सहित अन्य गीतों को अपने अंदाज में प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी।

    सांस्कृतिक कार्यक्रम की श्रृंखला में एकता मानस सिन्हा परिवार द्वारा श्री राम के लीलाओं का वर्णन किया। आपसी जुगलबंदी से गीत और संगीत से सगी छह बहनों ने कार्यक्रम में उत्साह और जोश भर दिया। छह बहनों में से दुर्गा सिन्हा ने जहाँ अपने मधुर स्वर से सबकों अपनी ओर आकर्षित किया। श्रद्धा सिन्हा ने ढोल, तनुजा सिन्हा ने ऑर्गन, अंजलि सिन्हा ने बेंजो, नूतन सिन्हा ने बाँसुरी और डॉली सिन्हा ने ऑक्टोपैड में अपनी हुनर दिखाते हुए दर्शकों को मंत्र मुग्ध किया। कार्यक्रम में भारी संख्या में पहुंचे लोगों ने छत्तीसगढ़ सरकार के इस आयोजन की खूब सराहना की। ग्रामीण बालमुकुंद, जवाहरलाल, उमेश यादव, संजू देवांगन, पूनम सिन्हा, श्रीमती दुलारी बाई, ऊषा यादव, रेणु साहू,अंजुलता और पवन साहू ने बताया कि चंदखुरी में वे विगत कई साल से माता कौशल्या के मंदिर में दर्शन करने आते रहते हैं। सरकार द्वारा श्री राम की ऊंची प्रतिमा स्थापित करने के साथ आसपास के तालाब का सौंदर्यीकरण कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर यहाँ की महत्ता को बढ़ा दिया है। आज चंदखुरी की पहचान और भी बढ़ गई है।

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