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May 02, 2026
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रायपुर

रायपुर (6379)

गांव के नक्सल मुक्त होने पर 1 करोड़ रुपए के होंगे विकास कार्य
छत्तीसगढ़ की नई नक्सलवादी आत्मसमर्पण नीति में विशेष प्रावधान
रायपुर/शौर्यपथ /नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में अब हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले नक्सलियों को सरकार और अधिक प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में तैयार नई नक्सल आत्मसमर्पण नीति के तहत सामूहिक आत्मसमर्पण करने वालों को न केवल घोषित इनाम की दोगुनी राशि मिलेगी, बल्कि नक्सल मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों में एक करोड़ के विशेष विकास कार्य भी कराए जाएंगे।
नक्सली संगठन की किसी फॉर्मेशन इकाई के यदि 80 प्रतिशत या उससे अधिक सक्रिय सदस्य सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण करते हैं, तो उन्हें उनके विरुद्ध घोषित इनामी राशि की दोगुनी राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और कांकेर जैसे अति नक्सल प्रभावित जिलों में यदि किसी ग्राम पंचायत क्षेत्र में सक्रिय समस्त नक्सली व मिलिशिया सदस्य आत्मसमर्पण करते हैं, और ग्राम पंचायत को नक्सल मुक्त घोषित किया जाता है, तो वहां एक करोड़ रूपए के विकासात्मक कार्य स्वीकृत किए जाएंगे।
नई नीति के तहत यदि पति-पत्नी दोनों आत्मसमर्पण करते हैं, तो उन्हें पृथक इकाई मानते हुए अलग-अलग पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। हालांकि यदि किसी योजना में दोनों को एक इकाई माना जाता है, तो वहीं के अनुसार लाभ मिलेगा। इनामी राशि का निर्धारण दोनों के लिए पृथक रूप से किया जाएगा।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली को राहत व सहायता राशि गृह विभाग के बजट से उपलब्ध कराई जाएगी। जिला कलेक्टर को यह सुनिश्चित करना होगा कि आत्मसमर्पण के 10 दिनों के भीतर पूरी राशि संबंधित व्यक्ति को प्रदान कर दी जाए। यदि किसी आत्मसमर्पित नक्सली पर पहले से आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, तो उसके नक्सलवाद उन्मूलन में योगदान और 6 माह तक के अच्छे आचरण को देखते हुए मंत्रिपरिषद की उप समिति इन मामलों को समाप्त करने पर विचार कर सकती है।

रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग के अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया है। उन्होंने कहा कि यह दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में साहस और बलिदान का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में शांतिपूर्ण ढंग से रॉलेट एक्ट के विरोध में एकत्रित निहत्थे नागरिकों पर जब ब्रिटिश जनरल डायर के आदेश पर गोलियां बरसाई गईं, तब सैकड़ों निर्दोष बच्चे, महिलाएं और पुरुष शहीद हो गए। यह घटना पूरे देश को झकझोर देने वाली थी, जिसने आज़ादी की लड़ाई को और अधिक तीव्र और व्यापक बना दिया।
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जलियांवाला बाग हमारे आत्मसम्मान, आज़ादी और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए दी गई असंख्य कुर्बानियों की यादगार है। उन्होंने कहा कि हमें वीर शहीदों के बलिदानों से मिली हुई स्वतंत्रता के मूल्य को समझते हुए सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए।

‘पंचतीर्थ’ और संविधान दिवस से नई पीढ़ी बाबा साहब से ले रही है प्रेरणा: मुख्यमंत्री
प्रिएम्बल वाल पर हस्ताक्षर कर संविधान की मूल भावना के प्रति जताई प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया
  रायपुर /शौर्यपथ / भारत का संविधान हर नागरिक के लिए पवित्र ग्रंथ है, जो हमें गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार देता है। हमारा विशाल लोकतंत्र संविधान की मजबूत नींव पर खड़ा है और बाबा साहब इस ग्रंथ के शिल्पकार थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के तेलीबांधा तालाब से ‘जय भीम पदयात्रा’ का शुभारंभ करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री युवाओं के साथ हुए पदयात्रा में शामिल
मुख्यमंत्री स्वयं इस पदयात्रा में युवाओं के साथ शामिल हुए और पदयात्रा के अंतिम पड़ाव में अंबेडकर चौक स्थित बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं के साथ संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया और संविधान की मूल भावना के प्रति निष्ठा और प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए प्रिएम्बल वाल पर अपने हस्ताक्षर किए। उल्लेखनीय है कि ‘जय भीम पदयात्रा’ का आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग और नेहरू युवा केंद्र संगठन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था।
बाबा साहब की दूरदर्शिता को बताया लोकतंत्र की नींव
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मध्यप्रदेश के मऊ में जन्म लेकर कठिन संघर्षों के बाद बाबा साहब ने उच्च शिक्षा प्राप्त की और भारत जैसे विशाल लोकतंत्र को एक समावेशी और शक्तिशाली संविधान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने बाबा साहब के जीवन से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों को 'पंचतीर्थ' के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है, जिससे नई पीढ़ी उनके विचारों से प्रेरणा ले सके। साथ ही संविधान दिवस की घोषणा कर देशवासियों को संविधान के प्रति समर्पण का संदेश दिया है।
लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण
साय ने कहा कि बाबा साहब की दूरदर्शिता की वजह से आज भारत जैसा विशाल देश अपने लोकतांत्रिक मूल्यों को लगातार समृद्ध कर रहा है, वहीं भारत के साथ आज़ाद हुए अन्य देश लोकतंत्र को साथ लेकर नहीं चल पाए। उन्होंने युवाओं से भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और उन्हें मजबूत करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का पूरा जीवन हम सबके लिए प्रेरणादायी है। उनके अगुवाई में ही देश के संविधान का निर्माण किया गया। उनके आदर्शों एवं बताए गए रास्तों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
युवाओं को किया गया सम्मानित
इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समाज में विशिष्ट योगदान देने वाले युवाओं को मुख्य मंच से सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक खुशवंत साहेब, विधायक  अनुज शर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप सहित बड़ी संख्या में युवा, स्कूली बच्चे और आमजन उपस्थित थे।

रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के नव नियुक्त अध्यक्ष  रामसेवक पैकरा के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और  पैकरा को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी उपस्थित थे और उन्होंने  पैकरा को नए दायित्व की बधाई दी।
मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कहा कि  रामसेवक पैकरा वरिष्ठ राजनेता हैं और सामाजिक जीवन का उन्हें लंबा अनुभव है। उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया है। वे हमेशा से आदिवासी और वनवासी समुदायों के प्रति संवेदनशीलता और धरातल से जुड़कर कार्य करने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उन्हें वन विकास निगम की बड़ी जिम्मेदारी मिलने से जनजातीय समाज को इसका लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लगभग 44 प्रतिशत भूमि वन क्षेत्र से आच्छादित है, जो न केवल जैव विविधता और पर्यावरण के लिए बल्कि आदिवासी संस्कृति और आजीविका के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने वनवासी समुदायों के हित में सरकार द्वारा की जा रही पहल का उल्लेख करते हुए बताया कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष लगभग 4 करोड़ पौधों के रोपण एवं वितरण का लक्ष्य रखा गया है, वहीं बिगड़े वनों के सुधार हेतु 310 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘एक पेड़ माँ के नाम’ योजना का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य में अब तक 3 करोड़ 50 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं।
इस अवसर पर कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, वन मंत्री  केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल सहित विभिन्न मंडल आयोगों के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत के संविधान निर्माता, समाज सुधारक और स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि एवं न्याय मंत्री भारतरत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर को उनकी जयंती (14 अप्रैल) के अवसर पर नमन किया है।
 मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर एक विलक्षण व्यक्तित्व के धनी थे। वे बहुभाषाविद्, प्रखर विधिवेत्ता, कुशल अर्थशास्त्री, सामाजिक न्याय के पक्षधर, और दूरदर्शी राजनेता थे। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण सामाजिक विषमताओं के उन्मूलन और समानता, स्वतंत्रता तथा बंधुत्व के मूल्यों को प्रतिष्ठित करने हेतु समर्पित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में भारत को वह मजबूत नींव प्रदान की, जिस पर आज हमारा देश विविधताओं में एकता की मिसाल बनकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से दलितों, वंचितों, श्रमिकों और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कई ऐतिहासिक संवैधानिक प्रावधानों को स्थापित किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा साहेब का राष्ट्र निर्माण में योगदान न केवल अतुलनीय है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत भी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी नागरिकों से संविधान की मूल भावना, लोकतांत्रिक आदर्शों और सामाजिक न्याय के मूल्यों को आत्मसात करने और उन्हें और अधिक सशक्त बनाने के लिए सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

रायपुर 12 अप्रैल 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग के अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया है। उन्होंने कहा कि यह दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में साहस और बलिदान का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में शांतिपूर्ण ढंग से रॉलेट एक्ट के विरोध में एकत्रित निहत्थे नागरिकों पर जब ब्रिटिश जनरल डायर के आदेश पर गोलियां बरसाई गईं, तब सैकड़ों निर्दोष बच्चे, महिलाएं और पुरुष शहीद हो गए। यह घटना पूरे देश को झकझोर देने वाली थी, जिसने आज़ादी की लड़ाई को और अधिक तीव्र और व्यापक बना दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जलियांवाला बाग हमारे आत्मसम्मान, आज़ादी और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए दी गई असंख्य कुर्बानियों की यादगार है। उन्होंने कहा कि हमें वीर शहीदों के बलिदानों से मिली हुई स्वतंत्रता के मूल्य को समझते हुए सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए।

संकटमोचन से सबके जीवन में आए सुख, शांति और समृद्धि – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
  रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने समस्त प्रदेशवासियों को हनुमान जयंती के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी है।
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि संकटमोचन भगवान हनुमान सब पर अपनी कृपा बनाए रखें और प्रदेश के सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का संचार हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पवनपुत्र हनुमान जी का जीवन हमें अटूट भक्ति, अदम्य साहस और निस्वार्थ सेवा की प्रेरणा देता है। यह पर्व हमें बुराइयों के विरुद्ध खड़े होने, धर्म और सत्य के मार्ग पर अडिग रहने का संदेश देता है। उन्होंने कामना की कि हनुमान जयंती का यह पर्व सभी के लिए मंगलकारी सिद्ध हो और समाज में सद्भाव, समर्पण और शक्ति का संचार करे।

  रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के सीबीडी स्थित कमर्शियल टॉवर (ब्लॉक-सी) के सातवें तल पर स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज को 33,000 वर्गफुट का पूरी तरह सुसज्जित ऑफिस स्पेस आबंटित किया। यह आधुनिक ऑफिस स्पेस 11 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इस पहल का उद्देश्य नवा रायपुर को भारत का अगला प्रमुख आईटी हब बनाना है।
आर्थिक रूप से पिछड़े युवाओं को मिलेगा सशक्त मंच: 87% कर्मचारी गरीबी रेखा से नीचे आने वाले परिवारों से
संस्था में वर्तमान में 303 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से 279 छत्तीसगढ़ से ही हैं। नवा रायपुर और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को भी सीधे अवसर मिला है। इनमें 161 पुरुष और 142 महिलाएं शामिल हैं। खास बात ये है कि इनमें से 87% कर्मचारी बीपीएल परिवारों से हैं और 83% आरक्षित वर्गों से आते हैं। यह कंपनी अपनी सेवाएं न सिर्फ देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दे रही है।
मुख्यमंत्री ने नव-नियुक्त कर्मियों को सौंपे ज्वाइनिंग लेटर:नवा रायपुर से शुरू हो रही नई कार्य संस्कृति
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 10 नव-नियुक्त कर्मचारियों को प्रतीकात्मक रूप से ज्वाइनिंग लेटर प्रदान किए और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक ऑफिस स्पेस का आबंटन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने की मजबूत शुरुआत है।
अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को भी मिला स्थान:75,000 वर्गफुट में होगी हाई-एंड आईटी गतिविधियों की स्थापना
नवा रायपुर के सेक्टर-21 स्थित इसी कमर्शियल टॉवर में स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज के साथ-साथ हैदराबाद की प्रतिष्ठित कंपनी, टेलीपरफॉर्मेंस (मुंबई) और सीएसएम (भुवनेश्वर) को भी ऑफिस स्पेस उपलब्ध कराया गया है। इन तीनों कंपनियों को कुल मिलाकर 75,000 वर्गफुट का क्षेत्र आवंटित किया गया है, जिससे अनुमानित 1500 से 1800 रोजगार अवसर सृजित होंगे।
नवा रायपुर: अब सिर्फ राजधानी नहीं, तकनीक का गढ़:रोजगार, समानता और प्रगति का नया त्रिकोण
इस बहुआयामी पहल को नवा रायपुर को आधुनिक आईटी गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। यह पहल राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने, सामाजिक समावेश को बढ़ावा देने और तकनीकी उन्नति की दिशा में निर्णायक कदम है।
इस कार्यक्रम में आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, श्री राहुल भगत, उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद तथा एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सौरभ कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि आईटी और सर्विस सेक्टर की कंपनियों के आने से छत्तीसगढ़ की पहचान बदल रही है। छत्तीसगढ़ अब  टेक्नोलॉजी, नवाचार और सेवा क्षेत्र का भी एक उभरता हुआ केंद्र बन रहा है।

नई औद्योगिक नीति से नई संभावनाओं का निर्माण, नवा रायपुर को बनाएंगे छत्तीसगढ़ की सिलिकॉन वैली: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
एनआरडीए ने 45 दिनों के भीतर सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि का किया आबंटन
1,143 करोड़ रुपए की लागत से संयंत्र होगा स्थापित, सैकड़ों लोगों को मिलेगा रोजगार का अवसर
पोलीमैटेक कंपनी ने 10 हजार करोड़ के अतिरिक्त निवेश का दिया छत्तीसगढ़ को प्रस्ताव
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर में देश की प्रसिद्ध सेमीकंडक्टर निर्माता कंपनी पोलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट की आधारशिला रखी। यह कंपनी सेमीकंडक्टर चिप बनाने वाली अग्रणी कंपनियों में से एक है, जो छत्तीसगढ़ में 1,143 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा कारखाना स्थापित करेगी। डेढ़ लाख वर्ग फीट में बनने वाला यह प्लांट वर्ष 2030 तक 10 अरब चिप्स तैयार करेगा, जिनका उपयोग टेलीकॉम, 6जी/7जी, लैपटॉप और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में किया जाएगा। इस प्लांट की स्थापना से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है कि छत्तीसगढ़ में पहले सेमीकंडक्टर संयंत्र की स्थापना का भूमिपूजन हुआ है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में सेमीकंडक्टर उद्योग को विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं, जिससे निश्चित रूप से कंपनी को यहां निवेश में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि विश्व के जो भी देश विकसित हुए हैं, उन्होंने तकनीक के क्षेत्र में मेहनत की है, अनुसंधान किया है और ऐसा वातावरण बनाया है जिससे तेज़ी से तकनीकी प्रगति संभव हो पाई। अब 6जी और 7जी तकनीक भी आ रही है और मुझे खुशी है कि इनके लिए आवश्यक चिप्स हमारे देश में ही तैयार होंगे, और नवा रायपुर, अटल नगर में हमारे इंजीनियर इन्हें बनाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष दिसंबर में दिल्ली में आयोजित एक इंवेस्टर्स कनेक्ट प्रोग्राम में राज्य के अधिकारियों की मुलाकात पोलीमैटेक के प्रबंधन से हुई थी और उसी समय कंपनी ने छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई थी।
उन्होंने कहा कि बहुत कम समय में उद्योग विभाग और एनआरडीए ने कंपनी के लिए नवा रायपुर के सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि उपलब्ध कराई। एनआरडीए ने 45 दिनों में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर भूमि आबंटित की और 25 दिनों से कम समय में लीज डीड पंजीकरण का कार्य भी संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल विकसित भारत के सपने को साकार करने हेतु विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में अत्यंत कारगर साबित होगी। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर निश्चित ही छत्तीसगढ़ की सिलिकॉन वैली के रूप में उभरेगा, और इसकी शुरुआत आज के भूमिपूजन से हो चुकी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस संयंत्र में कार्य करने वाले युवाओं को नियुक्ति पत्र भी अपने हाथों से प्रदान किए।
भूमिपूजन अवसर पर पोलीमैटेक कंपनी के एमडी श्री ईश्वर राव ने मुख्यमंत्री श्री साय को राज्य सरकार की तत्परता और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में पॉवर मॉड्यूल फेब्रिकेशन प्लांट स्थापित करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का भी प्रस्ताव दिया। इस संयंत्र के माध्यम से ट्रांजिस्टर, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के क्षेत्र में नई ऊँचाई प्राप्त होगी। इससे राज्य में 5,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा।
इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, एनआरडीए के सीईओ श्री सौरभ कुमार, सीएसआईडीसी के एमडी श्री विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और पोलीमैटेक कंपनी के कर्मचारी उपस्थित थे।

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