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केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को बनाएंगे अधिक प्रभावशाली : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
देश में एक बिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अग्रणी : केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने प्रदाय किया देश के पहले लिथियम ब्लॉक का कंपोजिट लाइसेंस अनुबंध
सामरिक महत्व के खनिजों के व्यापक अन्वेषण पर हुई सार्थक चर्चा
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने आज मंत्रालय महानदी भवन में खनिज विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा, अन्वेषण कार्यों, तकनीकी नवाचारों और राजस्व उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री श्री रेड्डी ने खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की और देश की प्रगति में राज्य की अग्रणी भूमिका की बात कही। उन्होंने देश में वर्ष 2024-2025 में कोयला उत्पादन में 1 बिलियन टन का लक्ष्य हासिल करने पर खुशी जाहिर की और इसे पाने में छत्तीसगढ़ के योगदान को सराहा। इस मौके पर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने देश के पहले लिथियम ब्लॉक के कंपोजिट लाइसेंस अनुबंध दस्तावेज सफल बोलीदाता के प्रतिनिधि को सौंपे। साथ ही दंतेवाड़ा जिले के तीन और कांकेर जिले के एक लौह अयस्क ब्लॉक के प्रीफर्ड बिडर आदेश प्रदान किए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज की यह समीक्षा बैठक प्रदेश में कोयला एवं खनन के क्षेत्र के लिए लाभदायक होगी। हम केंद्र सरकार के साथ आवश्यक समन्वय करते हुए खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को और अधिक प्रभावशाली बनाएंगे। विकसित भारत के निर्माण में हमारा राज्य खनिज क्षेत्र के माध्यम से एक मजबूत स्तंभ बने, यही हमारा लक्ष्य है। श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से परिपूर्ण राज्य है और संसाधनों का समुचित व सतत उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में अनेक नवाचारी पहल की गई हैं। हमारे राज्य में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, टिन, चूना पत्थर सहित कई क्रिटिकल खनिजों की उपलब्धता है, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ ही देश की औद्योगिक प्रगति में भी अहम भूमिका निभाती हैं। विकसित राष्ट्र की परिकल्पना के परिप्रेक्ष्य में सामरिक महत्व के खनिजों की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए विभाग द्वारा अपनी अन्वेषण योजना में व्यापक बदलाव करते हुए क्रिटिकल खनिजों के अन्वेषण को प्राथमिकता दी जा रही है।
साय ने कहा कि पारदर्शिता, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और तकनीकी दक्षता लाने के लिए खनिज ऑनलाइन पोर्टल, ई-नीलामी प्रक्रिया, स्टार रेटिंग जैसे उपायों को अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डीएमएफ के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों के समावेशी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
केंद्रीय खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, चूना पत्थर जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के साथ-साथ देश का एकमात्र टिन उत्पादक राज्य होने का गौरव भी छत्तीसगढ़ को प्राप्त है।
रेड्डी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ और खनन क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ ने इस दिशा में जो अग्रणी कदम उठाए हैं, वे भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार खनिज संसाधनों के अन्वेषण, सतत उपयोग और खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़, खनिज क्षेत्र में अपनी मजबूत भूमिका निभाते हुए देश के समग्र विकास में प्रभावी योगदान देता रहेगा।
केंद्रीय मंत्री श्री रेड्डी ने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान देश की सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा के निरीक्षण का ज़िक्र किया। उन्होंने खदान में किए जा रहे नवाचारों और अत्याधुनिक तकनीकों की भी सराहना की। उन्होंने गेवरा में जापानी मियावाकी तकनीक से विकसित वृक्षारोपण स्थल का उल्लेख करते हुए इस पहल के वृहद स्तर पर उपयोग की भी बात कही। श्री रेड्डी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में पीएम सूर्य घर योजना के तहत सौर विद्युत उपलब्ध कराने की भी बात कही। उन्होंने खनन क्षेत्रों में बढ़ रहे यातायात के दबाव एवं नागरिक सुरक्षा को देखते हुए कोयला परिवहन के लिए बनाए जा रहे डेडिकेटेड कोल कॉरिडोर की प्रगति की भी जानकारी ली।
मुख्यमंत्री के सचिव और खनिज साधन विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा संचालित खनन गतिविधियों एवं नीतियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खनिज संसाधनों के समुचित दोहन एवं प्रबंधन के लिए केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों का बेहतर समन्वय करते हुए कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 28 प्रकार के खनिज मौजूद हैं। हमारा राज्य देश के कुल क्षेत्रफल का मात्र 4% होने के बावजूद राष्ट्रीय खनिज उत्पादन मूल्य में 17% से अधिक का योगदान देता है और खनिज उत्पादक राज्यों में द्वितीय स्थान पर है।
खनिज राजस्व और अन्वेषण में ऐतिहासिक प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में छत्तीसगढ़ ने लगभग 14,195 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व अर्जित किया है, जो प्रदेश की कुल आय का 23% और जीएसडीपी का 11% है। राज्य ने ई-नीलामी के माध्यम से 48 मुख्य खनिज ब्लॉक्स का सफलतापूर्वक आवंटन किया है। उन्होंने कहा कि 2024-25 की 56 अन्वेषण परियोजनाओं में से 32 सामरिक, क्रिटिकल व डीप सीटेड खनिजों के लिए हैं। पिछले वर्षों में ई-नीलामी के माध्यम से ग्रेफाइट, ग्लूकोनाइट,निकल-क्रोमियम-पीजीआई, गोल्ड जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के 10 ब्लॉक्स आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश का पहला लिथियम ब्लॉक कटघोरा में सफलतापूर्वक आवंटित हुआ है, जो ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है और यह हमारे राज्य की क्षमता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद ने बताया कि खनिज ऑनलाइन पोर्टल, क्लाउड बेस्ड व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम जैसी पहल से पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित की गई है। वहीं गौण खनिजों के लिए स्टार रेटिंग प्रणाली, वैज्ञानिक पद्धति से माइनिंग और पर्यावरण सुरक्षा के साथ सतत खनन को बल मिला है। उन्होंने बताया कि पूर्व खदानों के पुनर्विकास जैसे विश्रामपुर में केनपारा ईको टूरिज्म और जामुल में किन्नू गार्डन के प्रकल्प इस दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने बताया कि खनिज विकास निधि से प्रदेश के खनिज बाहुल्य अंदरूनी क्षेत्रों में रेल पथ निर्माण हेतु 720 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं परिवहन ढांचे को मजबूत कर रही हैं। उन्होंने बताया कि डीएमएफ पोर्टल के माध्यम से 33 जिलों में 15 हजार करोड़ से अधिक की राशि से खनन प्रभावित क्षेत्रों का समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने सौंपे लिथियम ब्लॉक के कंपोजिट लाइसेंस और लौह अयस्क ब्लॉक्स के प्रीफर्ड बिडर आदेश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने आज समीक्षा बैठक के दौरान कटघोरा लिथियम ब्लॉक के कंपोजिट लाइसेंस अनुबंध दस्तावेज और 04 लौह अयस्क ब्लॉक्स के प्रीफर्ड बिडर आदेश सफल बोलीदाताओं को प्रदान किए। इसके साथ ही टिन खनिज के 03 भौमिकी प्रतिवेदन ई-नीलामी के माध्यम से आवंटन हेतु भारत सरकार के कोयला मंत्रालय को सौंपा गया है। चूंकि टिन सामरिक महत्व का खनिज है, इसलिए खनिज अधिनियम के तहत इसके आवंटन का अधिकार भारत सरकार के खान मंत्रालय को है। प्रदेश के खनिज विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के दंतेवाड़ा, सुकमा और बस्तर जिले अंतर्गत तीन ब्लॉक्स को चिन्हित किया गया है। इसमें ग्राम नेरली, जिला दंतेवाड़ा; ग्राम कुमा कोलेंग, जिला सुकमा; और ग्राम कुमा कोलेंग, जिला सुकमा एवं बस्तर शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा भारत का पहला लिथियम ब्लॉक, ई-नीलामी के माध्यम से कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र में माईकी साउथ माइनिंग प्रा. लि. को 76.05% की उच्चतम बोली के साथ आवंटित किया गया है।
इसके अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा ई-ऑक्शन के माध्यम से दंतेवाड़ा और कांकेर जिलों के कुल चार लौह अयस्क ब्लॉक्स के लिए उच्चतम बोलीदाताओं आर्सेलर मित्तल, रूंगटा सन्स और सागर स्टोन को आवंटित किया गया है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, सचिव श्री अंकित आनंद, कोयला मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव श्रीमती रुपिंदर बराड़, संयुक्त सचिव श्री बी. पी. पति, कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन श्री पी. एम. प्रसाद, एसईसीएल के सीएमडी श्री हरीश दुहन, खनिज संचालक श्री सुनील जैन एवं इंडियन ब्यूरो ऑफ माइंस के अधिकारी सहित केंद्र तथा राज्य सरकार के खनिज विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री रेड्डी का पुष्पगुच्छ, शॉल एवं बेल मेटल से बने प्रतीक चिन्ह नंदी भेंट कर अभिनंदन किया।
यह केवल परिवहन सेवा का शुभारंभ नहीं, महिलाओं में स्वावलंबन और उद्यमिता को बढ़ावा देने का है सशक्त प्रयास – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
लखपति दीदी योजना के तहत 40 महिलाओं को मिला रोजगार
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में एक नई पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सेवा—ई-ऑटो सेवा—का शुभारंभ किया। यह सेवा नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन "बिहान" के सहयोग से शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि यह केवल एक परिवहन सेवा का शुभारम्भ नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वावलंबन और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार का एक सशक्त प्रयास है।
ई-ऑटो सेवा का संचालन महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा, जिसमें 3 क्लस्टरों के 15 ग्राम संगठनों की कुल 40 महिला सदस्य शामिल हैं। यह ई-ऑटो सेवा 130 किलोमीटर के दायरे में आवासीय क्षेत्रों, कार्यालयों, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और जंगल सफारी जैसे प्रमुख स्थानों को जोड़ेगी।
‘लखपति दीदी योजना’ के तहत यह पहल 40 महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।महिलाओं की मासिक आय में वृद्धि होगी और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। यह सेवा आने वाले समय में स्थानीय परिवहन के क्षेत्र में एक मॉडल बनकर उभरेगी, जिससे नवा रायपुर के निवासियों को सुविधाजनक, किफायती और प्रदूषण रहित परिवहन सुविधा प्राप्त होगी।
इस अवसर पर आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, एनआरडीए के सीईओ सौरभ कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सौरभ सिंह ने पदभार ग्रहण किया। मुख्यमंत्री साय ने पदभार ग्रहण पर सौरभ सिंह को बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विधायक संपत अग्रवाल,पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल,क्रेडा के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, मुख्यमंत्री के सचिव एवं खनिज विभाग के सचिव श्री पी.दयानंद, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के प्रबंध संचालक सुनील जैन सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण उपस्थित थे।
रायपुर/शौर्यपथ /नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में ग्रीनफील्ड इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर के अंतर्गत एक अत्याधुनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) की स्थापना की जा रही है। यह सेंटर इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में काम कर रहे उद्योगों और स्टार्टअप्स के लिए अत्यधिक लाभकारी साबित होगा।
यह कॉमन फैसिलिटी सेंटर तकनीकी नवाचार, औद्योगिक सहयोग और रोजगार सृजन का केंद्र बनेगा। यह प्रोजेक्ट, छत्तीसगढ़ को तकनीकी रूप से समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री साय के संकल्प को पूरा करने में मददगार होगा।
यह परियोजना नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित की जा रही है। इसके लिए केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा ईएमसी 2.0 योजना के तहत 75 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त हुई है। इसकी कुल लागत 108.43 करोड़ रुपये है, जिसमें राज्य सरकार की भागीदारी 33.43 करोड़ रुपये की होगी।
नवा रायपुर में 3.23 एकड़ भूमि में विकसित यह सेंटर प्रिंटेड सर्किट बोर्ड प्रोटोटाइपिंग, 3डी प्रिंटिंग, ईएमसी टेस्टिंग, पर्यावरण और विश्वसनीयता परीक्षण जैसी आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित है। इससे सेमीकंडक्टर, एलईडी लाइटिंग, सोलर चार्ज कंट्रोलर, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) उपकरण, ऑटोमेशन सॉल्यूशन और एससीएडीए पैनल जैसे उत्पादों के निर्माण में लगे उद्योगों को तकनीकी सहयोग मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय का कहना है कि हमारा उद्देश्य केवल उद्योग लगाना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को तकनीकी अवसरों से जोड़ना और राज्य को आत्मनिर्भर बनाना है। यह कॉमन फैसिलिटी सेंटर निवेशकों के लिए एक नया अवसर है और यह छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के मानचित्र पर प्रमुखता से स्थापित करेगा।
यह सेंटर उन छोटे उद्यमों के लिए भी बेहद उपयोगी है जो अपने उत्पादों की गुणवत्ता जांचना चाहते हैं या नए डिजाइनों पर काम कर रहे हैं। स्टार्टअप्स अपने उत्पादों का परीक्षण कर सकेंगे, नवीन प्रोटोटाइप तैयार कर सकेंगे और तेजी से उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। इससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और उद्योगों को आवश्यक तकनीकी सहयोग मिलेगा।
इसके साथ ही राज्य सरकार की औद्योगिक नीति में मिलने वाले प्रोत्साहनों से राज्य में नए निवेश बढ़ेंगे। यह परियोजना छत्तीसगढ़ की औद्योगिक प्रगति में एक नया अध्याय जोड़ेगी और नवा रायपुर को तकनीक के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाएगी।
पॉलीमेटिक कम्पनी
पॉलीमेटिक कम्पनी भारत में सेमीकंडक्टर के उत्पादन में अग्रणी रही है। यह कम्पनी 2019 में स्थापित हुई। 2008 में चेन्नई में आप्टो-इलेक्ट्रानिक्स में सेमीकंडक्टर का उत्पादन शुरू किया जहां एलइडी चिप के मेन्युफैक्चरिंग और पैकेजिंग किया जा रहा है।
कम्पनी द्वारा कैलिफोर्निया में अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर टेस्टिंग की सुविधा पिछले पांच दशक से दी जा रही हैं इसका उपयोग विश्व की कई देशों की कम्पनी करती है।
फ्रांस में कम्पनी मोनोक्रिस्टलाईन, पॉलिक्रिस्टलाईन सिलीकॉन, सिलीकॉन-कार्बाइट और सफरवेफर्स का उत्पादन कर रही है।
नवा रायपुर में कम्पनी दुसरा प्लांट स्थापित करने जा रही है। यह प्लांट भारत को सेमीकंडक्टर में क्षेत्र में पावर हाउस के रूप में स्थान दिलाएगी।
इस प्लांट में क्रिटकल सेमीकंडक्टर मॉड्यूल तथा सेटेलाईट कम्युनिकेशन के उपकरण तैयार होंगे।
प्लांट में 5 जी-6 जी से लेकर नए जनरेंशन चिप तैयार होंगे। जिसकी आपूर्ति घरेलू और विश्व के अन्य देशों में की जाएगी।
कम्पनी सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में टेक्नीकल गैप को भरने के साथ-साथ सप्लाई चैंन को मजबूत करेगी। और भारत को एडवांस सेमीकंडक्टर उत्पादन में लीडर बनाएगी।
10 हजार करोड़ का अतिरिक्त निवेश
पॉलीमेटिक कम्पनी ने नवा रायपुर में पावर मॉड्यूल और फैब्रिकेशन अत्याधुनिक की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 10 हजार करोड़ के निवेश की घोषणा की है। यह युनिट फील्ड-इफेक्ट ट्रांजिस्टर्स, मोस्फेट, थाइरिस्टर्स पर केंद्रीत होगा। इस पावर इलेक्ट्रानिक्स का उपयोग विशेष रूप से इलेक्ट्रिकल वाहनों में उपयोग होगा।
यह महत्वकांक्षी विस्तार परियोजना भारत को उन्नत सेमीकंडक्टर विनिर्माण के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगा। वहीं छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली युवा इंजीनियरों के लिए 5 हजार उच्च कौशल के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
साइंटिफिक शब्दावली
थाइरिस्टर्स- यह एक स्वींच की तरह काम करता है जो एक दिशा में करेंट को एक दिशा में प्रवाहित करने की अनुमति देता है। इसका उपयोग एसी-डीसी करेंट के स्वींचिंग पावद कंट्रोल तथा अन्य एप्लिकेशन में किया जाता है
फिल्ड-इफेक्ट ट्रांजिस्टर- यह एक ऐसा सेमीकंडक्टर उपकरण है जो विद्युत क्षेत्र का उपयोग करके करेंट को नियंत्रित करता हैं
मोस्फेट- एक ऐसा उपकरण है जो कम पावर में काम करता है और तेज गति से स्वींचिंग को गति प्रदान करता है।
सेमीकंडक्टर-फेब्रिकेशन- यह चिप निर्माण में उपयोग होता है यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें वेफर्स को एकीकृत सर्किट (आइसी) में बदला जाता हैं।
सेमीकंडक्टर-पैकेजिंग- इसका मुख्य कार्य सेमीकंडक्टर चिप को बाहरी खतरों एवं पर्यावरणीय प्रभाव से बचाता है। यह चिप को विद्युत और यांत्रिक रूप से सक्रिट वोल्ट से जोड़ता है।
मुख्यमंत्री साय ने झरिया मोबाइल ऐप व वेबपोर्टल किया लॉन्च
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर अटल नगर के पचेड़ा में 'झरिया' एल्कलाइन वॉटर बॉटलिंग प्लांट का शुभारंभ किया। इस प्लांट का संचालन पचेड़ा, अभनपुर के शारदा स्व-सहायता समूह द्वारा किया जाएगा। प्लांट के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने समूह की दीदियों से बातचीत की और एल्कलाइन वॉटर बॉटलिंग प्लांट संबंधी जानकारी ली। उन्होंने इस अवसर पर प्लांट के एल्कलाइन पेयजल का स्वाद भी चखा और कहा कि एल्कलाइन जल शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। बिहान समूह की महिलाओं द्वारा पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर यूनिट के संचालन को मुख्यमंत्री साय ने महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने वाला एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने झरिया मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल भी लॉन्च किया। यह ऐप लोगों को ऑनलाइन एल्कलाइन पेयजल की मांग करने की सुविधा देगा। उल्लेखनीय है कि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के संयुक्त सहयोग से इस प्लांट की स्थापना की गई है। इस प्लांट में समूह की दस महिलाएं प्लांट का संचालन कर रही हैं। बिहान टीम द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन एवं समन्वय स्थापित कर उन्हें आजीविका संवर्धन की दिशा में निरंतर सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
यह प्लांट पूर्णतः आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित है, जिसमें प्रोसेसिंग से लेकर पैकेजिंग तक की सभी व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की गई हैं। संयंत्र में नवीनतम मशीनों से युक्त दो प्रयोगशालाएं भी स्थापित की गई हैं, जो जल की शुद्धता और एल्कलाइन स्तर की निरंतर जांच एवं नियंत्रण सुनिश्चित करती हैं। इस संयंत्र से रायपुर, नवा रायपुर और आसपास के क्षेत्र के लोगों को उच्च गुणवत्ता युक्त एल्कलाइन जल की सहज उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
इस प्लांट में बिहान की लगभग 10 महिलाएं सतत स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी और उन्हें ‘लखपती दीदी’ के लक्ष्य की ओर बढ़ने का सशक्त अवसर प्राप्त होगा। एल्कलाइन पानी के सेवन से शरीर का पीएच स्तर संतुलित रहता है।एल्कलाइन पानी से हाइड्रेशन बेहतर होता है, वजन नियंत्रित रहता है, हड्डियाँ मजबूत होती हैं और शरीर प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स होता है। इसके साथ ही यह त्वचा की सेहत में सुधार लाता है और हृदय को स्वस्थ रखने में भी सहायक होता है।
समूह की दीदियों ने बताया कि इस संयंत्र से पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर 500 एमएल की काँच की बोतलों में आपूर्ति की जाएगी। काँच की बोतलों से ड्रिंकिंग वॉटर आपूर्ति से प्लास्टिक की बोतलों के उपयोग में कमी आने से पर्यावरणीय संतुलन बेहतर होगा और प्लास्टिक जनित दुष्प्रभावों से मुक्ति मिलेगी। साथ ही, नवा रायपुर क्षेत्र को ‘नो प्लास्टिक जोन’ के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल होगी। यह पैकेज्ड ड्रिंकिंग पेयजल की आपूर्ति सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में माँग अनुसार की जाएगी।
समूह की अध्यक्ष श्रीमती पूनम बारले ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि आज पहले दिन ही उन्हें भारतीय प्रबंध संस्थान नवा रायपुर से 200 बोतल पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर की माँग प्राप्त हुई है, जिसे समूह की महिलाएं स्वयं ई-रिक्शा के माध्यम से पहुँचा रही हैं।
इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, आरंग विधायक खुशवंत साहेब, उद्योग सचिव रजत कुमार, एनआरडीए सचिव अंकित आनंद, एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौरभ कुमार, कलेक्टर रायपुर गौरव सिंह, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल तथा सीईओ जिला पंचायत कुमार विश्वरंजन उपस्थित थे।
महापौर ने नागरिकों से उनकी समस्याओं को सुनकर उनकी अन्य समस्या का निराकरण करवाए जाने की बात कही
दुर्ग/शौर्यपथ /नगर पालिक निगम/छत्तीसगढ़ शासन के चलाए जा रहे सुशासन तिहार 2025 के तहत निगम क्षेत्रो के 06 स्थानों में सुशासन तिहार शिविर।आज बोरसी जोन कार्यालय में पहुँचकर महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने खुद काउंटर पर बैठकर लोगो से लिये कइ आवेदन और हितग्रहियो को बाटे फार्म।
महापौर ने नागरिकों से उनकी समस्याओं को सुनकर उनकी समस्या का निराकरण करवाए जाने की बात कही।उन्होंने अन्य समस्याओं के लिए जानकारी लेकर संबंधित विभाग को कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किए।सुशासन तिहार में सबसे ज्यादा माँग की आवेदन पहुच रहे है।
महापौर ने लोगों से मिलकर व्यवस्था की जानकारी ली और अधिकारियों को लोगों को आवेदन लिखने में भी सहयोग करने की बात कही। इस दौरान शिविर में एमआईसी सदस्य देवनारायण चन्द्राकर, चंद्रशेखर चन्द्राकर, ज्ञानेश्वर ताम्रकर,नीलेश अग्रवाल,पार्षद श्रीमती सविता साहू,पार्षद गुलशन साहू,पूर्व पार्षद ज्ञानदास बंजारे, कार्यपालन अभियंता वीपी मिश्रा, गंगाधर ठाकरे, सोमलता साहू, शिवेंद्र साहू सहित अन्य मौजूद रहें।
आयुक्त सुमित अग्रवाल ने कहा कि सुशासन तिहार पर समस्या लेकर पहुच रहे नागरिको को फार्म वितरण करें, केंद्रों में अधिक से अधिक फार्म रखा जाए,केंद्रों में फार्म की कमी न हो
सुशासन तिहार अंतर्गत निगम क्षेत्रो में शिविर लगाया जा रहा है। जिसमें लोगों को अपने क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं की शिकायत समाधान पेटी में जमा करना है ताकि निगम प्रशासन उन शिकायतों का निराकरण कर सके।
शिविर में आने वाले आवेदनों में सबसे अधिक आवेदन पट्टा, राशन कार्ड से जुड़े हुए हैं। वहीं सड़क सीमेंटीकरण और रोशनी की व्यवस्था से जुड़े आवेदन,पाइप लाइन सीवरेज,नाली निर्माण, वृद्धा पेंशन से भी जुड़े आवेदन शिविर में आ रहे हैं।जिसमें शिकायत से अधिक मांग के आवेदन हैं।
कुल 647 आवेदन प्राप्त हुए जिसमे बोरसी ज़ोन कार्यालय से माँग 182 व शिकायत 3 मिले, चंद्रशेखर स्कूल में माँग के 78 आवेदन और शिकायत के 11 मिले, उरला जोन कार्यालय से 26 माँग के आवेदन तो शिकायत के 23 मिले,महात्मा गांधी स्कूल से माँग के 8 आवेदन और शिकायत के 3 आवेदन मिले।इसके अलावा नगर निगम कार्यालय से 122 माँग के आवेदन एवं 17 शिकायत के आवेदन मिले इसके अलावा आदित्य नगर जोन कार्यालय से 163 माँग के आवेदन और 11 शिकायत के आवेदन मिले।
आम नागरिकों को आवेदन भरने में सहयोग शासकीय अधिकारी कर रहें है
सुशासन तिहार अंतर्गत समाधान पेटी में आवेदन करने की अंतिम तिथि 11 अप्रैल
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पूरे प्रदेश में शासकीय काम-काज में पारदर्शिता व गति लाने के उद्देश्य से सुशासन तिहार मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। सुशासन तिहार तीन चरणों में संपन्न होगा। पहले चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक समाधान पेटी के माध्यम से आवेदन लिए जाएंगे और दूसरे चरण में 12 अप्रैल से 4 मई तक लगभग एक माह के भीतर प्राप्त आवेदनों का संबंधित विभाग द्वारा निराकरण किया जाएगा। वहीं तीसरे एवं अंतिम चरण में 05 मई से 31 मई 2025 के बीच तक शिविरों का आयोजन कर संवाद से समाधान किए जाएंगे।
कलेक्टर ने मैनपाट विकासखंड का किया दौरा
सुशासन तिहार अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कलेक्टर विलास भोसकर ने आज मैनपाट ब्लॉक के ग्राम पंचायत बिसरपानी, लुरेना, सरभंजा, केसरा और कुदारीडीह पंहुचकर लिये जा रहे आवेदनों के संबंध में जानकारी ली और ग्रामीणों से संवाद कर सुशासन तिहार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रदेश स्तर पर सुशासन तिहार मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से आम नागरिकों की शिकायत, मांग और समस्याओं का समयावधि में निराकरण किए जाएंगे।उन्होंने डयूटीरत अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागरिकों की से सहज संवाद स्थापित कर आवेदन भरने में सहयोग करें।
इस दौरान एसडीएम नीरज कौशिक, मैनपाट जनपद सीईओ कुबेर सिंह उरेटी, तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
सरगुजा संभाग के 800 श्रद्धालु करेंगे उज्जैन ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर के दर्शन
श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल
रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ शासन की ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना‘ के तहत आज सरगुजा संभाग के लगभग 800 श्रद्धालु उज्जैन, ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर तीर्थ स्थलों के दर्शन हेतु रवाना हुए। श्रद्धालुओं को अंबिकापुर रेलवे स्टेशन से ‘भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन‘ द्वारा रवाना किया गया। महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर यात्रा का शुभारंभ किया और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल तीर्थ यात्रा ही नहीं, बल्कि नागरिकों को उनकी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना भी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विशेष पहल पर मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन जैसे कल्याणकारी योजना का प्रारंभ किया गया है इस योजना से बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और विधवा, परित्यक्ता महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े स्वयं भी ट्रेन में सवार होकर सूरजपुर तक की यात्रा में श्रद्धालुओं के साथ रहीं। सूरजपुर रेलवे स्टेशन से जिले के 288 तीर्थ यात्रियों को भी इसी ट्रेन से रवाना किया गया। आगे बैकुंठपुर स्टेशन से कोरिया एवं मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले के श्रद्धालु भी इस यात्रा में सम्मिलित हुए।
श्रद्धालुओं में उत्साह, शासन की पहल की सराहना
तीर्थयात्रा के लिए रवाना होने वाले श्रद्धालुओं में उत्साह और आभार का माहौल रहा। 75 वर्षीय श्री राजकुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की तुलना श्रवण कुमार से करते हुए कहा कि यह योजना बुजुर्गों के लिए एक अमूल्य अवसर है। वहीं, उदयपुर से आई श्रीमती अनिता देवी ने महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर दर्शन की खुशी साझा करते हुए राज्य शासन का आभार व्यक्त किया।
निःशुल्क सुविधाएं और सुलभ व्यवस्था
यात्रा के दौरान शासन द्वारा भोजन, आवास, स्वास्थ्य सेवाएं समेत सभी आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। यह योजना वरिष्ठ नागरिकों को न केवल आध्यात्मिक लाभ देती है, बल्कि उनके मन को भी शांति प्रदान करती है।
इस अवसर पर विधायक श्री भुलन सिंह मरावी,नगर निगम अम्बिकापुर की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत सहित जनप्रतिनिधि , समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं नागरिक उपस्थित रहे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
