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June 20, 2026
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रायपुर

रायपुर (6047)

राज्य के पंजीकृत 25.49 लाख से अधिक किसानों ने बेचा धान: किसानों को 31 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि का हुआ भुगतान
महासमुंद जिला 11.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीद कर राज्य में पहले नंबर पर
रायपुर /शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में राज्य शासन द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत इस खरीफ सीजन में रिकॉर्ड 149.25 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है। इसमें मोटा धान 81.98 लाख मीट्रिक टन, पतला धान 10.75 लाख मीट्रिक टन और सरना धान 56.52 लाख मीट्रिक टन शामिल है। धान की यह खरीदी राज्य बनने के बाद का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। धान खरीदी का सिलसिला 14 नवंबर 2024 से शुरू होकर 31 जनवरी 2025 तक निरंतर जारी रहा जिसके अंतर्गत राज्य के पंजीकृत 25 लाख 49 हजार 592 किसानों ने धान विक्रय किया। धान खरीदी के एवज में किसानों को बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत 31 हजार 89 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। महासमुंद जिला सर्वाधिक 11.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीद कर राज्य में पहले नंबर पर है। वहीं बेमेतरा जिला 9.38 लाख मीट्रिक टन धान खरीद कर दूसरा और बलौदाबाजार-भाटापारा जिला 8.56 लाख मीट्रिक टन धान खरीदकर तीसरा स्थान हासिल की है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि धान खरीदी के साथ ही कस्टम मीलिंग के लिए तेजी के साथ धान का उठाव किया जा रहा है। अभी तक 123 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान के उठाव के लिए डीओ और टीओ जारी कर दिया गया है। जिसके विरूद्ध 103 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान का उठाव हो चुका है। धान उठाव पंजीकृत 4102 राइस मिलरों के जरिए धान का उठाव निरंतर किया जा रहा है। विगत वर्ष 144.92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी।
खाद्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बस्तर जिले में 27 लाख 60 हजार 712 क्विंटल, बीजापुर में 11 लाख 97 हजार 888 क्विंटल, दंतेवाड़ा जिले में 03 लाख 34 हजार 315 क्विंटल, कांकेर जिले में 53 लाख 14 हजार 290 क्विंटल, कोण्डागांव जिले में 31 लाख 24 हजार 810 क्विंटल, नारायणपुर जिले में 03 लाख 80 हजार 758 क्विंटल, सुकमा जिले में 9 लाख 29 हजार 389 क्विंटल, बिलासपुर जिले में 69 लाख 19 हजार 834 क्विंटल, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 14 लाख 05 हजार 797 क्विंटल, जांजगीर-चांपा जिले में 63 लाख 27 हजार 930 क्विंटल, कोरबा जिले में 29 लाख 15 हजार 548 क्विंटल, मुंगेली जिले में 55 लाख 60 हजार 324 क्विंटल, रायगढ़ जिले में 50 लाख 87 हजार 976 क्विंटल, सक्ती जिले में 51 लाख 37 हजार 411 क्विंटल और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 46 लाख 56 हजार 713 क्विंटल धान की खरीदी गई हैं।
इसी प्रकार बालोद जिले में 75 लाख 65 हजार 598 क्विंटल, दुर्ग जिले में 57 लाख 61 हजार 71 क्विंटल, कवर्धा जिले में 64 लाख 93 हजार 622 क्विंटल, राजनांदगांव जिले में 70 लाख 14 हजार 883 क्विंटल, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले में 40 लाख 37 हजार 641 क्विंटल, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 2 लाख 22 हजार 426 क्विंटल, धमतरी जिले में 61 लाख 98 हजार 136 क्विंटल, गरियाबंद जिले में 53 लाख 53 हजार 499 क्विंटल, रायपुर जिले में 69 लाख 97 हजार 417 क्विंटल, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में 29 लाख 70 हजार 361 क्विंटल, जशपुर जिले में 37 लाख 39 हजार 371 क्विंटल, कोरिया जिले में 12 लाख 84 हजार 751 क्विंटल, सरगुजा जिले में 36 लाख 46 हजार 903 क्विंटल, सूरजपुर जिले में 39 लाख 72 हजार 44 क्विंटल और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में 9 लाख 69 हजार 895 क्विंटल धान की खरीदी की गई है।

विश्व कैंसर दिवस पर मुख्यमंत्री का संदेश : स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं,कैंसर से बचाव करें

      रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक रहने और समय पर जांच व उपचार कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें कैंसर की रोकथाम, शीघ्र पहचान और प्रभावी इलाज के प्रति जनमानस को जागरूक करने का अवसर प्रदान करता है।
   मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार कैंसर की रोकथाम और उपचार के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। शासकीय अस्पतालों में कैंसर की जांच और उपचार की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे मरीजों को सुलभ और किफायती इलाज मिल सके।
   मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जागरूकता, नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कैंसर से बचा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अस्वस्थ जीवनशैली और  खानपान से दूर रहकर स्वस्थ जीवन शैली को अपनाने  की अपील की और कहा कि स्वस्थ जीवनशैली ही दीर्घायु और निरोगी जीवन का आधार है।

   रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 4 फरवरी को नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने मां नर्मदा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि मां नर्मदा का आशीर्वाद समस्त जीवों के कल्याण के लिए है। नर्मदा नदी केवल जलधारा नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और समृद्धि की प्रतीक है।  मां नर्मदा की निर्मल धारा जीवनदायिनी है और हमें जल संरक्षण का संदेश देती है। इस पावन पर्व पर हम सभी संकल्प लें कि जल संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण की रक्षा के लिए सतत प्रयास करेंगे।

रायपुर /शौर्यपथ / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व में केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केन्द्रीय बजट में कई अहम व जनता को राहत देने वाली घोषणाएं की है। इस अवसर पर पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के ध्येय को लेकर कार्य कर रही है। मोदी सरकार 3.0 का बजट केंद्रीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी ने संसद भवन में प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के सभी वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखकर अमृत काल के इस बजट से सीधे जनता को लाभ मिलेगा।
भावना बोहरा ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भाजपा के अंत्योदय की परिकल्पना को सार्थक एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के गरीब कल्याण व सुशासन को परिलक्षित करते हुए बजट प्रस्तुत किया है। अमृतकाल के इस बजट में केंद्र सरकार ने देश की महिलाओं, गरीब, किसान, व्यापारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, इन्फ्रास्ट्रक्चर, रक्षा, कृषि, पशुपालन, कौशल विकास, डिजिटल विकास सहित सबसे बड़ी राहत मध्यमवर्गीय परिवार को देते हुए 12 लाख रुपए तक की आय में टैक्स छूट की सुविधा ऐतिहासिक घोषणा है। बजट में  सभी क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता के साथ शामिल किया है। वहीं हमारे अन्नदाताओं का सम्मान करते हुए बजट में किसान क्रेडिट कार्ड में ऋण सीमा को 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए तक करने की घोषणा हमारे देश के 7.7 करोड़ किसान भाई-बहनों के परिश्रम और देश के विकास में उनकी भूमिका के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने वाला निर्णय है।
भावना बोहरा ने कहा कि विगत 10 वर्षों में केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था सभी प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनी है । पिछले 10 वर्षों में, मोदी सरकार में देश ने विकास का जो रोल मॉडल बनाया और संरचनात्मक सुधारों को किया है उससे पूरे विश्व की निगाह आज भारत की ओर है। वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट में गरीब, युवा, किसान, महिला पर ध्यान केंद्रित करते हुए, विभिन्न क्षेत्रों में विकास के उपाय प्रस्तावित किए गए हैं। किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री धन- धन्य कृषि योजना’ की शुरुआत की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत कम उत्पादकता, मध्यम फसल सघनता और औसत से कम ऋण मानकों वाले 100 जिले शामिल होंगे। इससे 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलेगी। लघु एवं सूक्षम उद्योग चलाने वाले एमएसएमई के लिए ऋण सीमा को 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया गया है जिससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा । स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और हमारे युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ऋण को 10 करोड़ से 20 करोड़ रुपये तक , आत्मनिर्भर भारत के लिए महत्वपूर्ण 27 फोकस क्षेत्रों में ऋण के लिए गारंटी शुल्क को घटाकर 1 प्रतिशत किया गया । अगले 5 साल में मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल एजुकेशन में 75 हजार सीटों को बढ़ाया जाएगा।
भावना बोहरा ने बताया कि अनुसूचित जाती और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के सशक्तिकरण और ‘पहली बार उद्यमी’ बनने वालों के लिए एक नई योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत अगले 5 वर्षों के दौरान 2 करोड़ रुपये तक का टर्म लोन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 कार्यक्रम चलाया जाएगा जिसमें योजना के तहत देश भर में 8 करोड़ से अधिक बच्चों, 1 करोड़ गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं तथा आकांक्षी जिलों और पूर्वोत्तर क्षेत्र में लगभग 20 लाख किशोरियों को पोषण संबंधी सहायता मिलेगी। शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालयों के उन्न्यायाँ और भारत नेट परियोजना के तहत उन्हें डिजिटल बनाने के लिए अगले 5 वर्षों में सरकारी स्कूलों में 50,000 अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जाएंगी वहीं ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी कोग्रामीण क्षेत्रों के सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा । अगले तीन वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में डे केयर कैंसर सेंटर स्थापित किये जाएंगे जिससे कैंसर पीड़ित मरीजों को उपचार मिलेगा। घर घर स्वच्छ पेयजल की अपृति के लिए जल जीवन मिशन का विस्तार 2028 तक कराया जा रहा है। ऐसी कई अन्य घोषणाएं हैं जो देश के विकास को नई गति देने के साथ ही जनता की सुविधाओं, आर्थिक सशक्तिकरण, युवाओं को रोजगार, किसानों व कृषि को विस्तार तथा महिलाओं को सक्षम बनाने के लिए बजट में निहित हैं। मैं इस सर्वव्यापी एवं सर्वसमावेशी बजट के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करती हूँ।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों के साहस को सराहा
रायपुर/शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों को नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत एक बड़ी सफलता मिली है। थाना गंगालूर क्षेत्र में नक्सल उन्मूलन अभियान के दौरान सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में अब तक 08 नक्सलियों के शव सहित इंसास राइफल, वीएलजी लॉन्चर सहित कई हथियार बरामद किए गए हैं। सुरक्षाबलों को आशंका है कि इस मुठभेड़ में कई और नक्सली मारे गए या घायल हुए होंगे। फिलहाल, क्षेत्र में सघन सर्चिंग अभियान जारी है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस सफलता पर सुरक्षाबलों की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल उन्मूलन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यह सुरक्षाबल के जवानों की बड़ी सफलता है, उनके साहस को सलाम करता हूं। जवान मजबूती के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक देश-प्रदेश से नक्सलवाद का अंत करेंगे। हम इस संकल्प को पूरा करने में सफल हो रहे हैं, नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसे गिन रहा है।उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य बस्तर को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाना और आदिवासी समुदाय के विकास को तेज़ करना है। मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में माओवादियों से हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने और सरकार की पुनर्वास योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 31 जनवरी 2025 को डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा 202 एवं केरिपु 222 वाहिनी की संयुक्त टीम को पश्चिम बस्तर डिवीजन में माओवादियों की उपस्थिति की जानकारी मिली थी। इसी आधार पर सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान के लिए निकली। इस दौरान 01 फरवरी की सुबह साढ़े आठ बजे से रुक-रुक कर कई बार मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने 08 नक्सलियों को मार गिराया और उनके ठिकानों से विस्फोटक सामग्री एवं आधुनिक हथियार बरामद किए।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बस्तर अंचल के नक्सल प्रभावित ईलाकों में नए सुरक्षा कैम्पों की स्थापना कर वहां के लोगों को सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही नियद नेल्ला नार योजना के तहत गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास और लोगों को शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ पहुंचा रही है। नियद नेल्ला नार योजना में शामिल गांवों में सड़कों का निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत जैसी सुविधाओं का विकास और  रोजगार को बढ़ावा दे रही है, जिससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित करने में मदद मिल रही है।

ऊर्जा से भरे प्रतिभाशाली युवाओं के सहयोग से होगा विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर का 10वां दीक्षांत समारोह आयोजित
4 हजार 200 विद्यार्थियों को प्रदान की उपाधि, 16 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक वितरित
रायपुर/शौर्यपथ /देश के लगभग 30 करोड़ बच्चे और युवा विभिन्न स्तरों पर शिक्षा प्राप्त कर रहें हैं। इस समूह के उज्जवल भविष्य के लिए गुणवत्ता भोजन, शिक्षा एवं सुविधाएं उपलब्ध कराना हम सभी की प्राथमिकता है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू कर पूरे देश में शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम खोले गए हैं, जिसमें डिग्री के साथ कौशल विकास को प्राथमिकता दी गई है। भारत को 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह उद्गार राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं कुलाधिपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर ने विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में व्यक्त किये।
 राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 10 वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने से पूर्व विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण कर उनका पुण्य स्मरण किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम और इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजिनियरिंग एण्ड बायोटेक्नोलॉजी, नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक डॉ. वांगा शिवा रेड्डी विशेष रूप से उपस्थित थे।
राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के सभागार में आयोजित भव्य एवं गरिमामय दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 तक उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को पदक एवं उपाधियां वितरित की गई। मेधावी विद्यार्थियों को 16 स्वर्ण, 18 रजत एवं 4  कास्य पदक प्रदान किए गए। साथ ही लगभग 4200 विद्यार्थियों को ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और पी.एच.डी की उपाधि प्रदान की।
कार्यक्रम के अध्यक्षीय उद्बोधन में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आपने अपनी कड़ी मेहनत से अध्ययन कर ये मेडल प्राप्त किए हैं। आपके जीवन की यह अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुझे पूरा विश्वास है कि आपने इस विश्वविद्यालय में जो शिक्षा प्राप्त की है, उसका उपयोग आप समाज एवं देश के कल्याण एवं विकास के लिए करेंगे तथा दूसरों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनेंगे। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कृषि की महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया में युद्ध समाप्त होगा लेकिन खाद्य सामग्री की हमेशा जरूरत पड़ेगी। उन्होंने डॉ स्वामीनाथन के योगदानों का जिक्र किया श्वेत क्रांति से दूध के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की बात कही। उन्होंने कहा कि अब नीली क्रांति का दौर है और आज मत्स्य पालन में देश काफी आगे बढ़ चुका है। भूटान और ताइवान प्रवास के दौरान कृषि कार्य से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों को साझा किया। उन्होंने कहा कृषि एक शानदार व्यवसाय है और इससे जुड़कर भी हम देश के विकास में अपना योगदान दे सकते है। कृषि में असीम संभावनाएं है और युवा पीढ़ी को इसे समझकर इससे जुड़ना होगा। उन्होंने जय जवान जय किसान जय विज्ञान का उल्लेख करते हुए कहा कि विज्ञान से जुड़कर ही हम कृषि को उन्नत बना सकते है।
श्री डेका ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत की परिकल्पना प्रस्तुत की है एवं हम सबको इसे प्राप्त करने के लिए लगातार कार्य करना है। वर्तमान में हम सभी प्रकार के भोजन, अनाज, तिलहन, सब्जी, फल, दूध, मांस, मछली आदि के साथ लगभग 1000 मिलियन टन भोजन का उत्पादन कर रहे हैं। वर्ष 2047 तक इसे 1500 मिलीयन टन तक बढ़ाना होगा। यह एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। बदलते मौसम एवं बाजार के उतार चढ़ाव से कृषि में जोखिम बढ़ गया है। श्री डेका ने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि ऐसी तकनीक का विकास करें जिससे किसानों की लागत कम हो एवं आय बढ़े। हमें प्राकृतिक खेती एवं दलहन, तिलहन के उत्पादन पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश के कुल वर्कफोर्स की संख्या का 45 प्रतिशत भाग अभी भी कृषि में लगा हुआ है एवं इस वर्कफोर्स के जीवन यापन को ऊपर उठाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। कम ऊर्जा की आवश्यकता वाले छोटे-छोटे कृषि यंत्र विकसित करे जिससे कृषि में लागत, मानव श्रम एवं विशेष रूप से महिलाओं की मेहनत कम हो सके। कृषि के क्षेत्र में लोगों को बनाए रखना आज एक बड़ी चुनौती है। कृषि कार्य को आसान बनाना एवं उनकी आय बढ़ाना हमारा प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में भारत में सर्वाधिक जनसंख्या युवाओं की है। देश एवं प्रदेश की प्रगति में भी युवा शक्ति का भी उल्लेखनीय योगदान है। स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि आप मुझे देश के 100 ऊर्जावान युवा दे दें, मैं देश के भविष्य को बदल दूंगा। आज भारत के पास ऊर्जा से भरी युवाओं की पीढ़ी है, निश्चय ही हम स्वामी विवेकानंद जी के सपनों को पूरा करने की दिशा में सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है और इसे पूरा करने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं। विकसित भारत के साथ ही विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए हमने विजन डॉक्यूमेंट बनाया है। ऊर्जा से भरे प्रतिभाशाली युवाओं के बूते निश्चित ही हम विकसित छत्तीसगढ़ के सपनों को मूर्त रूप प्रदान करेेंगें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक युग विज्ञान एवं तकनीक का युग है। आपने जो ज्ञान अर्जित किया है, उस ज्ञान एवं तकनीक का उपयोग समाज के हित में, देश एवं प्रदेश के विकास में करने की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़वासियों की आकांक्षाओं और सपनों को पूरा करने के लिए पूर्ण समर्पण से कार्य करें और विकसित छत्तीसगढ गढ़ने में अपना बहुमूल्य योगदान दें। रायपुर में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से हम अपने प्रदेश में कृषि विकास को नई ऊंचाइयों पर स्थापित करेंगे। कृषि वैज्ञानिकों और उद्यमियों की सहभागिता से हम किसानों के जीवन को खुशहाल और समृद्ध बनाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक वैज्ञानिक अपनी सोच और काम से देश को कितना बदल सकता है इसका उदाहरण कृषि वैज्ञानिक डा. एमएस स्वामीनाथन के जीवन में हम देख सकते हैं। डा. एमएस स्वामीनाथन जी ने देश में हरित क्रांति लाई। उन्होंने देश को खाद्य सुरक्षा के मामले में आत्मनिर्भर बनाया। जिससे अब भारत को विदेशों से गेंहूं आयात के लिए मुंह नहीं ताकना पड़ा।      
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने हमेशा कृषि क्षेत्र के विकास को अपनी सर्वाेच्च प्राथमिकता में रखा है। उन्होंने हमेशा नवाचारों, अनुसंधानों और उद्यमिता के विकास को प्रोत्साहित और प्रेरित किया है। हमारे युवा सकारात्मक ऊर्जा से भरे हैं। उनके पास नये विचार हैं। हमें उन्हें प्रोत्साहित करना है। सुविधाएं उपलब्ध करानी हैं और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करना है। मुझे इस बात की खुशी है कि विश्वविद्यालय कैंपस में इसके लिए बहुत अच्छा वातावरण आप लोगों ने उपलब्ध कराया है। जीवन में नई संभावनाओं को प्राप्त करने के लिए शिक्षा बेहद आवश्यक है। हमारा देश अपनी शिक्षा व्यवस्था की वजह से ही विश्व गुरु रहा है। हमें अपनी शिक्षा संस्थाओं को लगातार बेहतर करना होगा ताकि एक बार पुनः भारत वैश्विक शिक्षा का केंद्र बन सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न फसलों की 160 से अधिक किस्में और 100 से अधिक उन्नत कृषि तकनीक विकसित की गई है। दुनिया जलवायु परिवर्तन के खतरों से जूझ रही है और इसका सबसे अधिक असर कृषि क्षेत्र पर पड़ेगा। यह खुशी की बात है कि कृषि विश्वविद्यालय के अनुसंधान केंद्रों के वैज्ञानिक जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने वाले बीज तैयार कर रहे हैं। विश्वविद्यालय का बलरामपुर से लेकर सुकमा तक कृषि महाविद्यालय, अनुसंधान केन्द्र और कृषि विज्ञान केन्द्र का मजबूत नेटवर्क है जिनकी सहायता से विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ राज्य में कृषि विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कृषि को राज्य की उन्नति का उत्प्रेरक मानते हुए इस विश्वविद्यालय को देश की दूसरी हरित क्रांति का अग्रदूत बनाने का संकल्प लें। अनुसंधान केंद्रों में हो रही अच्छी रिसर्च का पूरा लाभ के लिए इन्हें किसानों तक पहुंचाना होगा। छत्तीसगढ़ के कृषि विश्वविद्यालय में धान के 23,250 जर्मप्लाज्म हैं, जो कि विश्व में दूसरी नम्बर की सर्वाधिक संख्या है। इसके अतिरिक्त अन्य फसलों की लगभग 6000 किस्में विश्वविद्यालय में संग्रहित हैं। कृषि विश्वविद्यालय एक फसली क्षेत्र को बहुफसली क्षेत्र में परिवर्तित करने, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आय एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने हेतु सतत् प्रयत्नशील है। इन सभी उपलब्धियों तथा उत्कृष्ट कार्यों के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति, वैज्ञानिक, छात्र तथा किसान भाई बधाई के पात्र हैं। इनके सतत् प्रयास से प्रदेश में खेती को नई पहचान मिली है।
समारोह के विशिष्ट अतिथि कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य कृषि के साथ-साथ उद्यानिकी के क्षेत्र में भी निरंतर प्रगति कर रहा है। नए अनुसंधान और तकनीक के माध्यम से किसान अपना उत्पादन बढ़ा रहे है और आर्थिक रूप से समृद्ध हो रहे है। समारोह में दीक्षांत भाषण इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एण्ड बायोटेक्नोलॉजी, नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक डॉ. वांगा शिवा रेड्डी ने दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने दीक्षांत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया उन्होंने विश्वविद्यालय की गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर विस्तृत प्रकाश डाला। आभार प्रदर्शन कुलसचिव द्वारा किया गया। दीक्षांत समारोह में विभिन्न विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रबंध मण्डल तथा विद्या परिषद के सदस्यगण, प्राध्यापक, वैज्ञानिक, विश्वविद्यालय के अधिकारी, उपाधि तथा पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी तथा उनके पालकगण उपस्थित थे।

आचार्य विद्यासागर जी द्वारा धर्मचर्या हेतु अपने जीवन का लम्बा समय चंद्रगिरि तीर्थस्थल में व्यतीत करना, प्रदेशवासियों का सौभाग्य
डोंगरगढ़ में जैनाचार्य विद्यासागर जी महाराज के प्रथम समाधि स्मृति महोत्सव में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
रायपुर/शौर्यपथ /संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज आध्यात्मिक चेतना के पुंज थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा आचार्य जी से आशीर्वाद लेते थे, उनसे प्रेरणा ग्रहण करते थे। हम सबका सौभाग्य है कि आचार्य जी ने हमेशा हमें प्रेरित किया। यह छत्तीसगढ़ की भूमि धन्य है कि जिसे आचार्य जी ने इतना प्रेम दिया और संलेखना के लिए प्रदेश की इस धरती को चुना। आज उनकी समाधि स्मृति महोत्सव में दर्शन पाकर सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूँ। मेरी प्रार्थना है कि छत्तीसगढ़ के ऊपर उनका आशीर्वाद  हमेशा बना रहे, प्रदेश में सदैव खुशहाली हो।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरि तीर्थस्थल में जैनाचार्य विद्यासागर जी महाराज के प्रथम समाधि स्मृति महोत्सव में सम्मिलित हुए और समाधि के दर्शन किये जहाँ देशभर से पहुंचे अनुयायियों को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही।
श्री साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ वासियों का परम सौभाग्य है कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने धर्मचर्या के लिए अपने यशस्वी जीवन का लम्बा समय डोंगरगढ़ के चंद्रगिरि तीर्थस्थल में व्यतीत किया। आचार्य जी के विचार और उनका जीवन-दर्शन हम सबको प्रेरणा देते रहेंगे। जैनाचार्य विद्यासागर जी महाराज ने समाज को सत्य, अहिंसा और परमार्थ के मार्ग में चलने के लिए एकजुट किया। बाबा जी का जीवन सर्वजन के लिए अनुकरणीय है।
सीएम साय ने कहा कि आचार्य जी के धार्मिक विचार तो प्रेरित करते ही हैं, भारत के प्रति उनकी सोच भी अनुकरणीय है, जिन्होंने देश के करोड़ों लोगों को प्रभावित किया है। उन्होंने राष्ट्रहित को हमेशा सर्वोपरि रखा। अपने संदेश से उन्होंने भारत की एकता को लगातार मजबूत करने का काम किया। उनका स्पष्ट मत था कि भारत में भारतीय शिक्षण पद्धति लागू हो और लोगों के बीच बातचीत के लिए भारतीय भाषा में व्यवहार हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से उनके विचारों को मूर्त रूप देने का प्रयास किया है। आज हमारी शिक्षा पद्धति भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जुडी हुई है। हमें इस बात कि हार्दिक खुशी है कि आचार्य जी के जीवनकाल में उनका यह स्वप्न मूर्त रूप ले सका।
महोत्सव में पूज्य मुनि संतसागर जी महाराज, देशभर से आए मुनिगण, साध्वीगण, अनुयायी एवं अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।

    रायपुर /शौर्यपथ /राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में छत्तीसगढ़ की पूर्व राज्यपाल एवं वर्तमान में उत्तरप्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल ने सौजन्य भेंट की। श्रीमती आनंदी बेन पटेल अभी छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं।

रायपुर/शौर्यपथ /महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहूति देने वाले वीर शहीदों को आज राजभवन में दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी गई।
 राजभवन परिसर में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्पाजंलि अर्पित कर उन्हें सादर नमन किया। इस अवसर पर राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्री भीष्म प्रसाद पाण्डेय, संयुक्त सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम सहित सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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