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रायपुर/शौर्यपथ /राज्यपाल श्री रमेन डेका ने अपने एक दिवसीय दन्तेवाड़ा प्रवास के दौरान बस्तर की आराध्य देवी मां दन्तेश्वरी की दर्शन और पूजा-अर्चना कर प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
बलरामपुर /शौर्यपथ/छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग रायपुर द्वारा जारी आदेशानुसार महात्मा गांधी की पुण्य तिथि 30 जनवरी 2025 को शुष्क दिवस घोषित किया गया है। कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा ने उक्त दिवस में जिले के समस्त देशी/विदेशी मदिरा दुकानें को बंद रखने के निर्देश दिये है। इस दिन मदिरा का विक्रय, परिवहन एवं सेवन पूर्णतः बंद रहेगा।
रायपुर/शौर्यपथ /राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंग ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने नगरीय निकायों एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचन संबंधी कार्याे की जानकारी राज्यपाल को दीं।
रायपुर/शौर्यपथ /राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां राजभवन में राष्ट्रीय बाल पुरूस्कार से सम्मानित बालिका सुश्री हेमवती नाग को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर उसकी हौसला अफजाई की। उन्होंने कोंण्डागांव जिले की बेटी को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा हाल ही में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरूस्कार से सम्मानित किए जाने पर विशेष रूप से राजभवन आमंत्रित किया था। उनके साथ कोंडागांव बालिका गृह की अधीक्षक श्रीमती मणि शर्मा भी उपस्थित थी।
उल्लेखनीय है कि सुश्री हेमवती ने अनेकों बाधाओं को पार करते हुए जुडो खेल का प्रशिक्षण लिया और अनेकों राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किया। उन्होंने बालिका गृह जिला कोंडागांव में यह प्रशिक्षण प्राप्त किया और प्रदेश का नाम रौशन किया।
राजभवन में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया 6 राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेश का स्थापना दिवस
रायपुर /शौर्यपथ /राज्यपाल श्री डेका ने इस अवसर पर सभी राज्यों की विशेषताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश, भारत के सबसे बड़े राज्यों में से एक है। यह भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की जन्मभूमि है। यह हिन्दुओं की प्राचीन सभ्यता का उद्गम स्थल है। भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश सारनाथ में दिया और बौद्ध धर्म की नींव रखी। अभी प्रयागराज में महाकुंभ चल रहा है। यह विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है। महाकुंभ के दौरान करोड़ों श्रद्धालु, साधु-संत और विद्वान एकत्रित होते हैं। यह आयोजन वेदों और पुराणों में वर्णित पवित्रता और मोक्ष का प्रतीक है। उत्तरप्रदेश, की सांस्कृतिक धरोहर, इस राज्य को एक सशक्त राज्य बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देती है। महाकुंभ जैसे आयोजनों की सफलता यह दर्शाती है कि उत्तरप्रदेश न केवल भारत की आस्था का केंद्र है बल्कि विश्व के मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना रहा है।
आंध्रप्रदेश ने कृषि, उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन और शैक्षणिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। आंध्रप्रदेश की लगभग 60 प्रतिशत आबादी कृषि और संबंधित गतिविधियों में लगी हुई है। आंध्रप्रदेश, घरेलू पर्यटकों के बीच एक लोकप्रिय गंतव्य है। विशेष रूप से तिरूपति बालाजी मंदिर, हिंदू पौराणिक कथाओं के सबसे महत्वपूर्ण स्थलों में से एक है।
राज्यपाल ने कहा कि केरल अपनी शैक्षणिक उन्नति, स्वास्थ्य सेवाओं, साहित्य, कला, सांस्कृतिक विरासत और सुंदर समुद्री तटों के लिए पूरे विश्व में एक मिसाल बन चुका है। साक्षरता दर, स्वास्थ्य सूचकांक और लैंगिक समानता में केरल पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। प्राचीन काल में हमारी कई सभ्यताएं मातृप्रधान रही है। लेकिन वर्तमान में मेघालय एक ऐसा राज्य है जहां की मुख्य जनजातियां मातृवंशीय प्रणाली का अनुसरण करती है और यहां विरासत तथा वंश महिलाओं से चलता है। मेघालय के ग्रामीण जीवन में पर्वतीय जीवन शैली के दर्शन होते हैं। पर्यटन की दृष्टि से यह राज्य महत्वपूर्ण है। यहां विश्व में सबसे अधिक वर्षा वाला क्षेत्र मौसिनराम है।
उन्होंने कहा कि मणिपुर शाब्दिक अर्थाे में आभूषणों की भूमि है। यहां के लोग संगीत तथा कला में बड़े प्रवीण होने के साथ-साथ सृजनशील होते हैं जो उनकी हथकरघा, दस्तकारी के उत्पादों में झलकती है। मणिपुर देश का आर्किड टोकरी है, यहां आर्किड पुष्प की 500 प्रजातियाँ पाई जाती है। प्राकृतिक छटा से भरपूर यह राज्य पर्यटकों के लिए स्वर्ग हैं। राज्यपाल ने कहा कि त्रिपुरा का उल्लेख महाभारत, पुराणों तथा अशोक के शिलालेख में मिलता है। इस राज्य की अपनी अनोखी जनजातीय संस्कृति है। देवी त्रिपुर सुंदरी का प्रसिद्ध शक्तिपीठ भक्तो की आस्था का केंद्र है। दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन दीव इन दो केंद्र शासित प्रदेशों के विलय के बाद यहां विकास की नई संभावनाएं खुली हैं। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि युवाओं को अपने प्रदेशों की सांस्कृतिक धरोहर को सम्मानित एवं संरक्षित करना चाहिए और उस पर गर्व करना चाहिए।
कार्यक्रम में आंघ्र प्रदेश राज्य के प्रतिनिधि श्री जी स्वामी, केरल के प्रतिनिधि श्री विनोद पिल्ले, उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधि श्री प्रतीक पाण्डेय, त्रिपुरा की प्रतिनिधि सुश्री संगीता ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। राज्यपाल द्वारा भी इन को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
कार्यक्रम में पद्मश्री से पुरूस्कृत द्वय श्रीमती उषा बारले ने पंडवानी गायन की और श्री मदन चौहान ने सूफी गायन की शानदार प्रस्तुति दी। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ सी.आर. प्रसन्ना, संयुक्त सचिव श्रीमती हिना नेताम, इन सभी राज्यों के छत्तीसगढ़ में निवासरत युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
रायपुर /शौर्यपथ / स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा बड़ी कार्यवाही करते हुए लंबे समय से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित 27 चिकित्सा अधिकारियो व विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवा समाप्त कर दी गई हैं। साथ ही 21 चिकित्सा अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए है।
विदित हो कि चिकित्सा अधिकारियों व विशेषज्ञ चिकित्सकों को अपने कर्तव्यस्थल से लंबे समय से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के फलस्वरूप कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा लगातार तीन वर्ष से अधिक अवधि के लिए अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहते हुए शासन के मूलभूत नियम और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (अवकाश) नियम का उल्लंघन किया गया था।
अनुपस्थित अधिकारियों व चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी करके अपना पक्ष प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया गया था। सुनवाई में उपस्थित चिकित्सा अधिकारियों/ विशेषज्ञ चिकित्सकों के पक्ष को सुना गया तथा उनके द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन पर गंभीरता से विचार करते हुए चिकित्सा अधिकारियो व विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवा समाप्त कर दी गई हैं।
राज्यपाल से छत्तीसगढ़ भ्रमण पर आए कश्मीर के युवाओं ने की मुलाकात
रायपुर /शौर्यपथ /जम्मू कश्मीर में उद्योग एवं व्यवसाय के क्षेत्र में अपार संभावनाएं है। युवा विभिन्न क्षेत्रों में स्टार्टअप के लिए आगे आएं लेकिन यह तभी सफल होगा जब यहां शांति होगी। कश्मीर के युवा, अमन एवं शांति के लिए कार्य करें और वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सपने को साकार करने के लिए अपना योगदान दें। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने नेहरू युवा केन्द्र संगठन के ‘युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम‘ के तहत छत्तीसगढ़ भ्रमण पर आए कश्मीर के युवाओं से रूबरू होकर उक्त बातें कहीं।
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय अंतर्गत नेहरू युवा केन्द्र संगठन एवं गृह मंत्रालय भारत सरकार के ‘युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम‘ के तहत कश्मीर के 6 जिलों श्रीनगर, कुपवाड़ा, बारामुला, अनंतनाग, पुलवामा और बड़गांव के स्कूलों और महाविद्यालयों में अध्ययनरत 132 युवा, 6 दिनों के छत्तीसगढ़ र्भ्रमण पर गत 26 जनवरी को राजधानी रायपुर पहुंचे है। इस दौरान वे छत्तीसगढ़ विधानसभा सहित धमतरी जिले में गंगरेल बांध, एडवेंचर पार्क, यूथ क्लब आदि स्थानों में भ्रमण करेंगे। इसी कड़ी में वे राजभवन आए और राज्यपाल श्री डेका से मुलाकात की।
राज्यपाल श्री डेका ने इन युवाओं को देश-प्रदेश, समाज एवं परिवार के प्रति जिम्मेदारी निर्वहन करते हुए कैरियर निर्माण तथा देश के बेहतर नागरिक बनने के लिए जरूरी मार्गदर्शन दिया। श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ और कश्मीर दोनों प्राकृतिक रूप से सुंदर राज्य हैं। युवाओं को एक-दूसरे के राज्य के बारे में जानना चाहिए। जिससे वे अपने गौरवशाली राष्ट्र के बारे में ज्यादा जान पाएंगे। उन्होंने युवाओं को कैरियर एवं जीवन में आगे बढने के लिए जरूरी बाते बताई और कहा कि वर्तमान में जो हम करेंगे वह हमारा भविष्य बनाएगा। उन्होंने कहा कि आज युवाओं के सामने कैरियर निर्माण के बहुत सारे विकल्प हैं। धैर्य के साथ कड़ी मेहनत करें और अपने जुनून को अपना व्यवसाय बनाएं। श्री डेका ने कश्मीर के विशेष ड्राय फ्रूट, गलीचा, कालीन निर्माण, टूरिस्ट गाइड, होम स्टे जैसे व्यवसायों में स्टार्टअप के लिए युवाआंें को मार्गदर्शन दिया।
श्रीनगर जिले की युवा छात्रा कुमारी जीनत राही, कुपवाड़ा की कुमारी रिफत युसुफ, पुलवामा जिले के राजा युनुस आदि ने छत्तीसगढ़ भ्रमण के दौरान हो रहे अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, खान-पान, रहन-सहन अद्भूत है। सभी ने यहां किए गए मेहमानवाजी की सराहना की और कहा कि कश्मीर के दूसरे युवाओं को भी छत्तीसगढ़ आने का मौका मिलना चाहिए। युवाओं ने राज्यपाल श्री डेका सेे अपने कैरियर और राज्य के विकास संबंधी विभिन्न प्रश्न भी पूछे। श्री डेका ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन नेहरू युवा के राज्य संचालक श्री अतुल निकम ने दिया। उप संचालक श्री आर. के तिवारी ने युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, संयुक्त सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, नेहरू युवा केन्द्र के अधिकारी तथा कश्मीर से आए हुए युवा छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंजाब केसरी लाला लाजपत राय की 28 जनवरी को जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लाला लाजपत राय जी का जीवन देश के लिए समर्पण, बलिदान और संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अंग्रेजी साम्राज्य के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। मुख्यमंत्री श्री साय ने लाला लाजपत राय जी के स्वतंत्रता संग्राम में अतुलनीय योगदान को याद करते हुए कहा कि लाला जी ने स्वाधीनता के लिए संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की भी परवाह नहीं की। लाला जी ने कहा था ‘मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी ब्रिटिश सरकार के ताबूत में एक-एक कील का काम करेगी’। श्री साय ने कहा कि लाला जी की कही बात सच साबित हुई और उनकी शहादत ने आजादी की लड़ाई को एक नई दिशा दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लाला लाजपत राय का देश के लिए बलिदान हमें देश की उन्नति के लिए काम करने की सदैव प्रेरणा देते रहेगा।
नक्सल उन्मूलन अभियान की सफलता से बदली तस्वीर
रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में 76वें गणतंत्र दिवस का आयोजन इस बार इतिहास में खास दर्ज हुआ। वह गांव, जो कभी नक्सलियों के खौफ और आतंक के साए में जीने को मजबूर थे, अब शांति और विकास की नई राह पर चल रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित नक्सल उन्मूलन अभियान की जबरदस्त सफलता के चलते गांवों में सुरक्षा और विश्वास का नया माहौल बनने से इस बार 26 गांवों में पहली बार ग्रामीणों ने तिरंगा फहराया और पूरे उत्साह से गणतंत्र दिवस मनाया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित नक्सल उन्मूलन अभियान ने बस्तर संभाग में सुरक्षा और विकास की नई कहानी लिखी है। इस अभियान के अंतर्गत बस्तर के अंदरूनी और सुदूर इलाकों में सुरक्षा केंद्र स्थापित कर शांति बहाल की गई है। इन गांवों में कभी नक्सलियों का प्रभाव इतना गहरा था कि लोग राष्ट्रीय पर्व तो दूर, सामान्य जीवन भी भय के साए में जीने को मजबूर थे। अब, नक्सल उन्मूलनअभियान के प्रयासों से वहां न केवल शांति स्थापित हुई है, बल्कि स्थानीय लोगों में एक नई उम्मीद जगी है।
गौरतलब है कि बीते एक वर्ष में छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कुल 26 नए सुरक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन सुरक्षा केंद्रों ने न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत किया, बल्कि इन क्षेत्रों को विकास केंद्र का स्वरूप दिया है। बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और कांकेर जिलों के इन गांवों में ग्रामीणों ने पहली बार गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और पूरे उत्साह से इस पर्व में भाग लिया।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर इन सुरक्षा केंद्रों पर पुलिस और सुरक्षा बलों ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान गणतंत्र दिवस के महत्व पर चर्चा की गई और लोगों को मिठाइयां, बच्चों को चॉकलेट और अन्य सामग्री वितरित की गई।
गौरतलब है कि बीजापुर जिले में गुंडम, फुटकेल, छुटवाही, कोंडापल्ली, ज़िडपल्ली, वाटेवागु, कर्रेगट्टा, पीड़िया, नारायणपुर जिले में कस्तुरमेटा, मसपुर, ईरकभट्टी, मोहंदी, होरादी, गारपा, कच्चापाल, कोड़लियार, सुकमा जिले में टेकलगुड़ेम, पुवर्ती, लखापाल, पूलनपाड़, तुमालपाड़, रायगुडेम, गोलाकुंडा, गोमगुड़ा, मेंट्टागुड़ा तथा कांकेर जिले में पानीडोबीर सुरक्षा कैंप बीते एक सालों में स्थापित किए गए हैं।
पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज श्री सुंदरराज पी. ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा बलों के सामूहिक प्रयासों से बस्तर संभाग में शांति और लोकतंत्र की बहाली हुई है। नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत स्थापित सुरक्षा केंद्रों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को शांति और विकास की राह पर लाने में बड़ी भूमिका निभाई है।
जगदलपुर के लालबाग परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य गणतंत्र दिवस समारोह में उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने ध्वजारोहण किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए नक्सल उन्मूलन अभियान की सफलता और बस्तर संभाग में सुरक्षा एवं विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
