August 09, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स–2026 की मेजबानी पर सीएम साय की केंद्रीय मंत्री मांडविया से भेंट
           रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री मनसुख मांडविया से सौजन्य भेंट कर “प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स–2026” के आयोजन पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और सम्मान का विषय है, जिससे राज्य की जनजातीय खेल परंपराओं को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के तहत एथलेटिक्स, तीरंदाजी, कुश्ती, वेटलिफ्टिंग, हॉकी, फुटबॉल और तैराकी की प्रतियोगिताएँ होंगी, जबकि दो खेल डेमो स्वरूप आयोजित किए जाएंगे। सरगुजा में कुश्ती, तीरंदाजी व वेटलिफ्टिंग, रायपुर में हॉकी, फुटबॉल व तैराकी तथा बिलासपुर में एथलेटिक्स प्रतियोगिताएँ प्रस्तावित हैं। उद्घाटन समारोह 14 फरवरी 2026 को रायपुर में होगा।
    केंद्रीय मंत्री मांडविया ने आयोजन के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन जनजातीय युवाओं में खेलों के प्रति नया उत्साह और अवसर पैदा करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने ईएसआईसी अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण, खेल अधोसंरचना विकास और लेबर कोड जैसे ऐतिहासिक सुधारों के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को राज्य के कथित शराब घोटाले से जुड़े मामलों में 2 जनवरी 2026 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है।
    इस घटनाक्रम से जुड़ी मुख्य जानकारियां निम्नलिखित हैं:
    जमानत और रिहाई का विवरण

    न्यायालय का आदेश: बिलासपुर उच्च न्यायालय के जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच ने चैतन्य बघेल को जमानत प्रदान की।
    किन मामलों में मिली राहत: उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले और राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो/आर्थिक अपराध शाखा (ACB/EOW) द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार मामले, दोनों में जमानत दी गई है।
    जेल से रिहाई: लगभग 170 दिनों (6 महीने) तक रायपुर सेंट्रल जेल में रहने के बाद, चैतन्य बघेल 3 जनवरी 2026 को जेल से बाहर आए।
    संयोग: दिलचस्प बात यह है कि चैतन्य को 18 जुलाई 2025 को उनके स्वयं के जन्मदिन पर गिरफ्तार किया गया था, और उनकी रिहाई उनके बेटे के जन्मदिन के अवसर पर हुई है।

    भाजपा (BJP) की प्रतिक्रिया
    भाजपा ने इस जमानत को लेकर स्पष्ट किया है कि यह केवल एक कानूनी प्रक्रिया है और दोषमुक्ति नहीं है:

    सच्चिदानंद उपासने (भाजपा प्रवक्ता): उन्होंने कहा कि "जमानत का मतलब यह नहीं है कि वह निर्दोष हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि जांच जारी रहेगी और मामला अदालत में चलता रहेगा।
    भाजपा का रुख: पार्टी का मानना है कि शराब घोटाले में उनकी संलिप्तता के साक्ष्य हैं और कानून अपना काम कर रहा है। जमानत महज एक कानूनी राहत है, कोई क्लीन चिट नहीं।

    भूपेश बघेल और कांग्रेस का पक्ष

    भूपेश बघेल ने इसे "सत्य की जीत" बताया और आरोप लगाया कि उनके परिवार को केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा राजनीतिक प्रतिशोध के तहत परेशान किया जा रहा है।
    उन्होंने कहा कि यह सरकारी षड्यंत्रों के खिलाफ एक जीत है और न्याय मिलने में देरी भले ही हुई, लेकिन अंततः न्याय मिला।

         रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव ‘बस्तर पंडुम 2026’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
       मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति को बस्तर अंचल की समृद्ध जनजातीय कला, संस्कृति, परंपराओं एवं लोक जीवन से अवगत कराते हुए कहा कि बस्तर पंडुम राज्य की जनजातीय विरासत के संरक्षण, संवर्धन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह आयोजन तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसका अंतिम चरण फरवरी 2026 में बस्तर में संपन्न होगा।
     इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, बुनियादी ढांचे के विस्तार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनकी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
     राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने जनजातीय संस्कृति से जुड़े इस आयोजन की सराहना करते हुए बस्तर पंडुम 2026 के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
     उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम 2026 के माध्यम से लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वाद्ययंत्र, हस्तशिल्प, जनजातीय व्यंजन, वेशभूषा सहित विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा।

        नई दिल्ली। शौर्यपथ।

       साल 2025 में दुनिया भर में सेक्स स्कैंडल्स की बाढ़ ने समाज के हर वर्ग को झकझोर दिया। राजनीतिक हस्तियों से लेकर धार्मिक गुरुओं तक, ये कांड न केवल सुर्खियां बने बल्कि कानूनी सजाओं, इस्तीफों और सामाजिक बहस को जन्म दिए। भारत में प्रजवाल रेवन्ना का मामला सबसे बड़ा राजनीतिक घोटाला साबित हुआ। 

      प्रमुख कांडों की समयरेखा

      प्रजवाल रेवन्ना कांड (कर्नाटक): अप्रैल 2024 में 3,000 से अधिक वीडियो वायरल होने के बाद 2025 में जांच तेज। नवंबर 2025 में पूर्व सांसद को बलात्कार के लिए उम्रकैद सजा। घरेलू कामगारों से पुलिसकर्मियों तक शिकार। 

       थाईलैंड भिक्षु उगाही: जुलाई 2025 में 'मिस गोल्फ' गिरफ्तार, 80,000 न्यूड फाइलें जब्त। 102 करोड़ रुपये की ब्लैकमेल से 9 वरिष्ठ भिक्षु संन्यास त्याग चुके। 

      भारत VIP हनीट्रैप: 2025 में 4,000 अश्लील फाइलें लीक, VIPs के चैट-वीडियो से 'क्विड प्रो क्वो' स्कैंडल। 

    विन्स मैकमाहन (USA): जनवरी 2025 में WWE संस्थापक पर ट्रैफिकिंग केस समाप्त, SEC फाइन। 

      UK एंटरटेनमेंट: पूरे साल मनोरंजन जगत के कई मामले। सामाजिक-कानूनी प्रभाव

      इन कांडों ने राजनीतिक इस्तीफे, धार्मिक सुधार और #MeToo जैसी बहसें छेड़ीं। भारत में चुनावी नतीजों पर असर पड़ा, जबकि थाईलैंड में बौद्ध प्रतिष्ठा डगमगाई। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में गोपनीयता और न्याय व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। 

    डर के मारे सरकारी आवास के पीछे फेंका रिश्वत का बैग, ACB ने किया बरामद

    रायगढ़ | शौर्यपथ |
    नववर्ष 2026 की शुरुआत होते ही भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रायगढ़ जिले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ACB की बिलासपुर इकाई ने धर्मजयगढ़ एसडीएम कार्यालय में पदस्थ बाबू अनिल कुमार चेलक को एक ग्रामीण से एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

    कार्रवाई के दौरान घबराए आरोपी ने रिश्वत की रकम को अपने शासकीय आवास के पीछे फेंक दिया था, जिसे ACB टीम ने मौके से बरामद कर लिया।

    जमीन नामांतरण की आड़ में मांगी थी रिश्वत

    एसीबी बिलासपुर के डीएसपी अजितेश सिंह ने बताया कि 24 दिसंबर 2025 को ग्राम अमलीटिकरा, जिला रायगढ़ निवासी राजू कुमार यादव ने ACB कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसने ग्राम अमलीटिकरा में भूमि क्रय की थी, जिसकी रजिस्ट्री और नामांतरण विधिवत उसके नाम पर हो चुका था।

    इसके बावजूद एसडीएम कार्यालय धर्मजयगढ़ में पदस्थ बाबू अनिल कुमार चेलक ने शिकायतकर्ता को कार्यालय बुलाकर यह कहकर डराया कि जमीन की रजिस्ट्री गलत तरीके से हुई है और उसके तथा विक्रेता के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई है।

    2 लाख की मांग, पहली किश्त में 1 लाख तय

    शिकायतकर्ता के अनुसार 22 दिसंबर को उसे मिलने बुलाया गया और 23 दिसंबर को मुलाकात के दौरान बाबू ने कथित शिकायत को नस्तीबद्ध करने के एवज में 2 लाख रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता रिश्वत देना नहीं चाहता था, बल्कि आरोपी को रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था।

    शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाया गया। सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा पहली किश्त के रूप में 1 लाख रुपये लेने पर सहमति दी गई, जिसके बाद ट्रैप की योजना बनाई गई।

    आवास में रिश्वत लेते ही फूटा खेल

    2 जनवरी 2026 को शिकायतकर्ता द्वारा 1 लाख रुपये की राशि आरोपी के धर्मजयगढ़ स्थित शासकीय आवास में दी गई। जैसे ही आरोपी ने रुपये अपने हाथ में लिए, उसे संदेह हुआ और उसने तत्काल आवास का दरवाजा बंद कर लिया।

    ACB टीम के लगातार प्रयास और दरवाजा जोर से खोलने के बाद आरोपी मिला। पहले उसने रिश्वती रकम के संबंध में अनभिज्ञता जताई, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर स्वीकार किया कि उसने रिश्वत की राशि बैग में भरकर आवास के पीछे दीवार की ओर फेंक दी थी। ACB स्टाफ ने उसे फेंकते हुए भी देखा था।

    भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में गिरफ्तारी

    ACB टीम ने मौके से 1 लाख रुपये की रिश्वती रकम बरामद कर आरोपी बाबू अनिल कुमार चेलक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    संयोग: लगातार दूसरे साल 2 जनवरी को ACB की बड़ी कार्रवाई

    गौरतलब है कि ठीक एक वर्ष पहले 2 जनवरी 2025 को भी ACB बिलासपुर इकाई ने जिला जांजगीर में हथकरघा विभाग के निरीक्षक हरेकृष्ण चौहान को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर वर्ष की पहली ट्रैप कार्रवाई की थी।

    राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत पुलिस ने दिया सुरक्षित यातायात का मजबूत संदेश

    राजनांदगांव | शौर्यपथ |
    राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दूसरे दिन राजनांदगांव पुलिस द्वारा हेलमेट के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भव्य बाइक रैली का आयोजन किया गया। रैली का नेतृत्व स्वयं पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा ने किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य दुपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना रहा।

    हेलमेट जन-जागरूकता बाइक रैली में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑपरेशन) मुकेश ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र नायक, प्रशिक्षु आईपीएस एवं नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन, रक्षित निरीक्षक लोकेश कुमार कसेर, यातायात प्रभारी निरीक्षक नवरतन कश्यप सहित यातायात स्टाफ, शहर के थाना व चौकी का पुलिस बल बड़ी संख्या में शामिल हुआ।

    रैली पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्रारंभ होकर नया बस स्टैंड चौक, गुरुद्वारा चौक, मानव मंदिर चौक, भारत माता चौक, गंज चौक, बसंतपुर थाना तिराहा, दुर्गा चौक, महावीर चौक, फव्वारा चौक, अंबेडकर चौक, प्यारेलाल चौक सहित प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर संपन्न हुई। रैली के दौरान शहरवासियों को सुरक्षित ड्राइविंग का संदेश दिया गया।

    इस अवसर पर राजनांदगांव पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की कि—

    • दुपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें

    • तीन सवारी न चलें

    • वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें

    • तेज एवं लापरवाही से वाहन न चलाएं

    • चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट अवश्य लगाएं

    • नशे की हालत में वाहन चलाने से बचें

    • निर्धारित गति सीमा का पालन करें

    पुलिस ने स्पष्ट किया कि यातायात रथ, जागरूकता रैलियों एवं अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से सड़क सुरक्षा को लेकर यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और नागरिकों की जान सुरक्षित रहे।

       रायपुर / शौर्यपथ / भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग ने आज 'इलेक्ट्रिक पावर और नवीकरणीय ऊर्जा' पर छठे IEEE अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (EPREC 2026) का भव्य उद्घाटन किया। 2 से 4 जनवरी, 2026 तक चलने वाले इस तीन दिवसीय IEEE -प्रायोजित सम्मेलन में भारत और विदेशों के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों को इलेक्ट्रिक पावर और नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों में उभरते रुझानों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक मंच पर लाया गया है। संस्थान के परिसर में आयोजित इस उद्घाटन समारोह में आईआईटी भिलाई और कई अन्य प्रमुख संस्थानों के प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति, संकाय सदस्य और छात्र उपस्थित रहे।
    समारोह के मुख्य अतिथि, मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) जयपुर के निदेशक प्रो. नारायण प्रसाद पाधी ने अपने संबोधन में खनिज संपन्न क्षेत्रों, विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के लिए खनन मशीनरी हेतु नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों पर केंद्रित अनुसंधान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप टिकाऊ और अनुप्रयोग-उन्मुख तकनीकी विकास की आवश्यकता को रेखांकित किया। वहीं, आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने कहा कि बिजली और ऊर्जा क्षेत्रों में अनुसंधान का मुख्य फोकस अब उत्पाद विकास और व्यावहारिक परिणामों पर होना चाहिए। एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने बहु-संस्थागत सहयोग के माध्यम से ज्ञान साझा करने को मजबूत करने पर जोर दिया, जबकि शारजाह विश्वविद्यालय के प्रो. रमेश बंसल ने उच्च गुणवत्ता वाले शोध परिणामों को बनाए रखने की बात कही।
    आईईईई ईपीआरईसी 2026 के लिए इस वर्ष 500 से अधिक शोध पत्र प्राप्त हुए थे, जिनमें से कठोर समीक्षा प्रक्रिया के बाद केवल 235 शोध पत्रों को प्रस्तुति के लिए चुना गया है, जो इस सम्मेलन के उच्च तकनीकी मानक को दर्शाता है। सम्मेलन के आयोजन का नेतृत्व डॉ. शैलेंद्र कुमार और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख डॉ. कृष्ण मुरारी द्वारा किया जा रहा है, जिसमें एनआईटी जमशेदपुर के डॉ. ओ. एच. गुप्ता और डॉ. जितेंद्र कुमार आयोजन अध्यक्ष के रूप में शामिल हैं। यह सम्मेलन मुख्य भाषणों, तकनीकी पेपर प्रस्तुतियों और इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को मजबूत करने का प्रयास करेगा।

       दुर्ग / शौर्यपथ / नव वर्ष के पहले ही दिन शिवनाथ महोत्सव ने छठे वर्ष भव्य रूप धारण किया। सुबह से महमरा घाट पर मेला सज गया, जहां भक्तों और पर्यटकों ने शिवनाथ की स्वच्छ धारा में आस्था की डुबकी लगाई। शाम ढलते ही 51 हज़ार दीयों ने तट को आकाशीय ज्योति से नहला दिया।
    बनारस की गंगा आरती की तर्ज पर 11 पंडितों ने विधि-विधान से महाआरती उतारी, जिसे देखने आसपास के जिलों से लेकर अन्य राज्यों तक के हज़ारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। आयोजक वरुण जोशी ने बताया, "22 वर्षों की लंबी लड़ाई के बाद शिवनाथ नदी लीज मुक्त हुई, तब से हम यह महोत्सव मना रहे हैं। यह दुर्ग जिले का सबसे बड़ा नववर्ष उत्सव बन चुका है।"
    कार्यक्रम में सभी वर्गों का ख्याल रखा गया। बच्चों के लिए झूले-जंपिंग, युवाओं के लिए छत्तीसगढ़ मंच के संगीत पर ठुमके, तो महिलाओं-बच्चियों ने दीपदान में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। मुंबई की टीम द्वारा की गई इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी ने तो रंग जमाया ही, आकर्षण का केंद्र बनी रही।
    इस भव्य आयोजन में दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल, ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, पूर्व विधायक अरुण वोरा, महापौर अल्का बाघमार, समाजसेविका मानसी गुलाटी सहित हज़ारों भक्त मौजूद रहे। शिवनाथ महोत्सव ने न केवल आस्था जगाई, बल्कि सांस्कृतिक एकता का अनूठा संगम रचा।

     

       रायपुर। शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शराब घोटाले के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को जमानत प्रदान कर दी। ईडी ने 18 जुलाई 2025 को चैतन्य को भिलाई स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था, जब वे लगभग 168 दिनों से जेल में थे।

       गिरफ्तारी व मामले का सारयह मामला छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़ा है, जिसमें शराब नीति में अनियमितताओं, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के आरोप शामिल हैं। ACB/EOW ने IPC, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और PMLA 2002 के तहत FIR दर्ज की, जिस पर ईडी ने कार्रवाई की। चैतन्य पर जन्मदिन के दिन गिरफ्तारी हुई, जो राजनीतिक विवाद का विषय बनी।

      कानूनी यात्रानिचली अदालतों और सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिकाएं खारिज हुईं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया। बिलासपुर हाईकोर्ट ने 1 जनवरी 2026 के आसपास यह फैसला सुनाया।

       जमानत शर्तें व प्रभावजमानत पर ED/EOW के समन पर उपस्थित होना और अन्य निर्देशों का पालन अनिवार्य है। यह राहत आरोपों से बरी होना नहीं दर्शाता; जांच व ट्रायल जारी रहेगा।

     

    छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को जमानत: 168 दिनों बाद रिहाई की राह!

       रायपुर। शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शराब घोटाले के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को जमानत प्रदान कर दी। ईडी ने 18 जुलाई 2025 को चैतन्य को भिलाई स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था, जब वे लगभग 168 दिनों से जेल में थे।

       गिरफ्तारी व मामले का सारयह मामला छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़ा है, जिसमें शराब नीति में अनियमितताओं, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के आरोप शामिल हैं। ACB/EOW ने IPC, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और PMLA 2002 के तहत FIR दर्ज की, जिस पर ईडी ने कार्रवाई की। चैतन्य पर जन्मदिन के दिन गिरफ्तारी हुई, जो राजनीतिक विवाद का विषय बनी।

      कानूनी यात्रानिचली अदालतों और सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिकाएं खारिज हुईं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया। बिलासपुर हाईकोर्ट ने 1 जनवरी 2026 के आसपास यह फैसला सुनाया।

       जमानत शर्तें व प्रभावजमानत पर ED/EOW के समन पर उपस्थित होना और अन्य निर्देशों का पालन अनिवार्य है। यह राहत आरोपों से बरी होना नहीं दर्शाता; जांच व ट्रायल जारी रहेगा।

     

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