August 26, 2026
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    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की बड़ी घोषणा, बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि 3 माह बढ़ेगी

    रायपुर ।
    राजधानी रायपुर के सोनपैरी स्थित सद्गुरु कबीर आश्रम में सोमवार को आयोजित संत कबीर जयंती महोत्सव में कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू शामिल हुए। कार्यक्रम में सभी अतिथियों ने गुरु असंग देव का आशीर्वाद लिया और आश्रम परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत ने कहा कि संत कबीर का सत्य, समरसता, मानव सेवा और सद्भाव का संदेश आज भी समाज और राष्ट्र के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि संत कबीर ने जात-पात, ऊंच-नीच और आडंबर से ऊपर उठकर मानवता, प्रेम और विवेक का मार्ग दिखाया। उन्होंने सोनपैरी कबीर आश्रम द्वारा शिक्षा, गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत कबीर की तपोभूमि है और उनके विचार आज भी समाज में प्रेम, भाईचारे और समरसता का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि उनका बचपन कबीरपंथी समाज के बीच बीता और संत कबीर की शिक्षाओं का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव रहा है। मुख्यमंत्री ने संत कबीर द्वारा सामाजिक कुरीतियों, छुआछूत और जातिगत भेदभाव के विरुद्ध किए गए संघर्ष को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 18 लाख आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 10 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास की दिशा में हो रही प्रगति का भी उल्लेख किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

    बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी घोषणा

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ाई जाएगी। इसके तहत बिजली उपभोक्ता सरचार्ज माफी और अन्य आकर्षक प्रावधानों का लाभ लेकर अपने लंबित बिजली बिलों का भुगतान कर सकेंगे।

    गुरु असंग देव का संदेश

    गुरु असंग देव ने कहा कि संत कबीर ने समाज से पाखंड और कुरीतियों को समाप्त करने का संदेश दिया। उन्होंने सेवा, परमार्थ, गौसेवा, वृक्षारोपण और ग्राम विकास को जीवन का आधार बताते हुए समाज में संवाद और प्रेम बढ़ाने का आह्वान किया।

    अन्य वक्ताओं ने भी रखा पक्ष

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि संत कबीर की वाणी आज भी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ प्रेरणा देती है और वृक्षारोपण आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है।

    केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि संत कबीर ने सत्य, सेवा और सादगी का मार्ग दिखाया, जिसे अपनाकर समाज और राष्ट्र का कल्याण किया जा सकता है।

    कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक इंद्र कुमार साहू, विभिन्न आयोगों एवं निगमों के पदाधिकारी, संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कबीरपंथी अनुयायी उपस्थित रहे।

    मुख्य बिंदु
    सोनपैरी कबीर आश्रम में संत कबीर जयंती महोत्सव का आयोजन।
    राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने संत कबीर के संदेश को आज भी प्रासंगिक बताया।
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संत कबीर के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
    अतिथियों ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
    मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि 3 माह बढ़ाने की घोषणा, जिससे उपभोक्ता सरचार्ज माफी सहित अन्य प्रावधानों का लाभ उठा सकेंगे।

    रायपुर ।
    छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा 26 से 30 जून 2026 तक पांच दिवसीय "इन्फ्लुएंसर मीट एवं फेमिलराइजेशन (FAM) टूर" आयोजित किया जा रहा है। इस पहल के तहत सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है, ताकि उनके डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रदेश की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और जनजातीय विरासत का व्यापक प्रचार-प्रसार हो सके।

    फेम टूर के दौरान प्रतिभागी मैनपाट, सतरेंगा और रामगढ़ महोत्सव का अनुभव ले रहे हैं। वे यहां की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति, लोककलाओं, पर्यटन सुविधाओं और सांस्कृतिक आयोजनों को करीब से देख रहे हैं तथा फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री तैयार कर रहे हैं, जो सोशल मीडिया के जरिए देश-विदेश के लाखों-करोड़ों दर्शकों तक पहुंचेगी।

    मैनपाट अपनी हरी-भरी वादियों, तिब्बती संस्कृति, झरनों और शांत प्राकृतिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध है, जबकि सतरेंगा तेजी से विकसित हो रहा इको-टूरिज्म गंतव्य है, जहां जलाशय आधारित पर्यटन और साहसिक गतिविधियां आकर्षण का केंद्र हैं। वहीं रामगढ़ महोत्सव के माध्यम से प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर, लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाओं से परिचित कराया जा रहा है।

    राज्य सरकार के अनुसार, यह आयोजन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा के नेतृत्व, प्रबंध संचालक विवेक आचार्य तथा उपमहाप्रबंधक पूनम शर्मा के निर्देशन में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का समापन 30 जून को होगा।

    पर्यटन विभाग का मानना है कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर्यटन प्रचार का अत्यंत प्रभावी माध्यम बन चुका है। इस अभियान से तैयार सामग्री प्रदेश के पर्यटन स्थलों की वैश्विक दृश्यता बढ़ाने, पर्यटकों की संख्या में वृद्धि करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार, हस्तशिल्प, लोककला, ग्रामीण पर्यटन तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने में सहायक होगी।

    मुख्य बिंदु
    26 से 30 जून तक आयोजित हो रहा है पांच दिवसीय इन्फ्लुएंसर मीट एवं FAM टूर।
    सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स मैनपाट, सतरेंगा और रामगढ़ महोत्सव का कर रहे हैं भ्रमण।
    डिजिटल कंटेंट के माध्यम से छत्तीसगढ़ पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेगा प्रचार।
    अभियान का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

    रायपुर ।
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की डिजिटल सुशासन पहल लगातार आम नागरिकों के जीवन को सरल बना रही है। सेवा सेतु पोर्टल प्रदेश में शासकीय सेवाओं की ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध उपलब्धता का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है, जिससे नागरिकों का समय और धन बचने के साथ शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।
    इस पहल का एक प्रेरक उदाहरण रायगढ़ जिले की पुसौर तहसील के ग्राम भाठनपाली निवासी अजय कुमार प्रधान हैं। लंबे समय से स्थायी जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए उन्हें सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे थे। समय और आर्थिक नुकसान के बावजूद उन्हें समय पर प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा था, जिससे वे कई सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने से भी वंचित रह जाते थे।
    सेवा सेतु पोर्टल की जानकारी मिलने के बाद अजय कुमार प्रधान ने आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन किया। निर्धारित समय-सीमा में उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और उन्हें स्थायी जाति प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। इससे उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हुआ और रोजगार के नए अवसर भी खुल गए।
    प्रमाण पत्र मिलने के बाद उन्होंने रोजगार सहायक के पद के लिए आवेदन किया। अब वे अपने गांव के लोगों को भी जाति, आय, निवास सहित अन्य शासकीय प्रमाण पत्रों के लिए सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
    अजय कुमार प्रधान का कहना है कि सेवा सेतु पोर्टल ने सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर खत्म कर दिए हैं। अब घर बैठे आवेदन, समय पर सेवा और पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।
    राज्य सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में डिजिटल तकनीक के जरिए सुशासन को गांव-गांव तक पहुंचाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। सेवा सेतु पोर्टल प्रशासन को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने के साथ-साथ नागरिकों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    मुख्य बिंदु
    सेवा सेतु पोर्टल से घर बैठे मिला स्थायी जाति प्रमाण पत्र।
    रायगढ़ के अजय कुमार प्रधान की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ समाधान।
    प्रमाण पत्र मिलने के बाद रोजगार सहायक पद के लिए किया आवेदन।
    ग्रामीणों को ऑनलाइन शासकीय सेवाओं का लाभ लेने के लिए कर रहे हैं प्रेरित।
    सरकार के अनुसार, डिजिटल सुशासन से प्रशासन में पारदर्शिता और नागरिकों का विश्वास बढ़ा है।

    रायपुर ।
    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सोमवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत ने सौजन्य भेंट की।
    मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए राज्यपाल श्री गहलोत का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें प्रदेश की समृद्ध आदिवासी कला एवं सांस्कृतिक धरोहर 'बस्तर आर्ट' का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
    मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों, जनहित से जुड़े मुद्दों तथा आपसी रुचि के विषयों पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा हुई। यह भेंट औपचारिक एवं शिष्टाचार मुलाकात के रूप में संपन्न हुई।
    मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।

    मुख्य बिंदु:

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत की सौजन्य भेंट।
    मुख्यमंत्री निवास, रायपुर में हुई मुलाकात।
    राज्यपाल का बस्तर आर्ट के प्रतीक चिन्ह से सम्मान।
    समसामयिक एवं जनहित के विभिन्न मुद्दों पर आत्मीय चर्चा।

    पंजीयन और प्री-रजिस्टर्ड हितग्राहियों के निराकरण में देशभर में प्रथम स्थान, जांजगीर-चांपा ने 96% लक्ष्य पूरा कर प्रदेश में किया शीर्ष प्रदर्शन

    रायपुर । प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के पंजीयन के लिए 15 जून से 15 जुलाई तक चलाए जा रहे विशेष अभियान में छत्तीसगढ़ ने देशभर में प्रथम स्थान हासिल कर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। राज्य ने अभियान के शुरुआती सिर्फ 9 दिनों में ही 72 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत कार्यप्रणाली का परिचय दिया है।

    महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ ने न केवल नए हितग्राहियों के पंजीयन में बल्कि प्री-रजिस्टर्ड हितग्राहियों के निराकरण में भी सभी राज्यों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान प्राप्त किया है। इस सफलता का श्रेय विभागीय अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों तथा मैदानी अमले के समन्वित प्रयासों को दिया गया है।

    प्रदेश में जांजगीर-चांपा जिला ने 96 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। इसे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में जिले की प्रभावी कार्यप्रणाली का परिणाम माना जा रहा है।

    प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रथम जीवित संतान के जन्म पर पात्र महिलाओं को 5,000 रुपये तथा दूसरी संतान के रूप में बालिका जन्म होने पर 6,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षित मातृत्व के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

    इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सभी सहयोगी संस्थाओं को बधाई देते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ शीघ्र ही शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर देश के लिए एक आदर्श मॉडल बनेगा।

    वहीं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इसे विभाग की सामूहिक प्रतिबद्धता और सतत निगरानी का परिणाम बताते हुए सभी पात्र गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं से 15 जुलाई तक विशेष अभियान के दौरान अपना पंजीयन कराने की अपील की, ताकि वे शासन की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।

    पीटा एक्ट के तहत छापेमारी, तीन युवक और तीन युवतियां हिरासत में; लॉज संचालक की भूमिका की भी जांच

    दुर्ग । कोतवाली थाना पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की संयुक्त टीम ने रविवार को शहर के एक लॉज में छापेमारी कर कथित देह व्यापार का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन युवकों और तीन युवतियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।

    पुलिस के अनुसार, कार्रवाई अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम (PITA) के तहत की गई। जिस भवन में छापेमारी हुई, उसके भूतल पर मिठाई की दुकान एवं आइसक्रीम पार्लर संचालित है, जबकि ऊपरी मंजिल पर स्थित लॉज में कथित तौर पर अवैध गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिली थी।

    छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कुछ दस्तावेज एवं जांच से संबंधित अन्य सामग्री भी जब्त की है। प्रारंभिक जांच में यह भी जानकारी सामने आई है कि लॉज में प्रवेश केवल पूर्व से दर्ज मोबाइल नंबरों के आधार पर ही दिया जाता था। हालांकि, पुलिस ने इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

    कोतवाली पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क, लॉज संचालक की भूमिका तथा संभावित अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच की जा रही है। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध पीटा एक्ट सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

    नोट: यह कार्रवाई पुलिस की प्रारंभिक जांच पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

       दुर्ग / शौर्यपथ / राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान के पहले दिन दुर्ग जिले में निर्धारित 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 81 प्रतिशत बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। अभियान का शुभारंभ शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पोटियाकला में जनप्रतिनिधियों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ।
    जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जिलेभर में अभियान की निगरानी की। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. दिव्या श्रीवास्तव ने बताया कि पालकों में बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने को लेकर उत्साह देखने को मिला। जिला अस्पताल दुर्ग सहित बीएसपी सेक्टर-9 अस्पताल और निजी नर्सिंग होम में जन्मे नवजात शिशुओं को भी जन्म के साथ ही पोलियो की खुराक दी गई।
    अभियान के तहत ट्रांजिट और मोबाइल टीमों ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, झुग्गी-बस्तियों, ईंट भट्ठों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंचकर बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई।
    स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि 29 एवं 30 जून को घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी, ताकि जिले में अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाया जा सके।

      दुर्ग / शौर्यपथ / प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर ने केंद्रीय जेल दुर्ग का निरीक्षण कर बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता, भोजन व्यवस्था एवं विधिक सहायता की समीक्षा की। उन्होंने महिला एवं पुरुष बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और प्रकरणों की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
    निरीक्षण के दौरान उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने तथा पात्र बंदियों के लंबित प्रकरणों की जानकारी प्राधिकरण को भेजने के निर्देश दिए।
    प्रधान जिला न्यायाधीश ने NALSA की SPRUHA योजना-2025 के तहत बंदियों के आश्रित परिवारों की समस्याओं की जानकारी लेकर उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने और पैरालीगल वालंटियर्स के माध्यम से फील्ड सत्यापन कराने के निर्देश भी दिए।
    उन्होंने जेल प्रशासन को सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए मानवीय गरिमा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
    निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भूपेश कुमार बसंत, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उमेश कुमार भागवतकर, जेल अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

    29 जून से 6 जुलाई तक मनाया जाएगा सहकारिता सप्ताह : भरत वर्मा
    मृणेन्द्र चौबे
    राजनांदगांव।शौर्यपथ /जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव में शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में बैंक के अध्यक्ष सचिन बघेल एवं उपाध्यक्ष भरत वर्मा ने बताया कि प्रदेशभर में 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक सहकारिता सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान किसानों, सहकारी समितियों, दुग्ध उत्पादकों तथा आम नागरिकों को केंद्र में रखकर जिला एवं राज्य स्तर पर अनेक जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सहकारिता सप्ताह का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को अधिक सशक्त बनाना, किसानों की आय में वृद्धि करना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना तथा अधिक से अधिक लोगों को सहकारिता आंदोलन से जोड़ना है।
    प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए अध्यक्ष सचिन बघेल एवं उपाध्यक्ष भरत वर्मा ने बताया कि सहकारिता सप्ताह का शुभारंभ 29 जून को पैक्स (PACS) सशक्तिकरण एवं सहकारिता जागरूकता कार्यक्रम के साथ होगा। इस अवसर पर सहकारिता जागरूकता कार्यशालाएं, बायोमेट्रिक पंजीयन, सदस्यता विस्तार अभियान तथा संयुक्त समितियों की भूमिका पर परिचर्चा आयोजित की जाएगी। इन कार्यक्रमों से लगभग डेढ़ लाख सदस्य एवं दुग्ध उत्पादकों के लाभान्वित होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 30 जून को जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (DCDC) की बैठक आयोजित होगी। साथ ही एफपीओ (FPO) एवं पैक्स की किसानों की आय बढ़ाने में भूमिका पर विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की जाएगी। 1 जुलाई को आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ड्रोन के माध्यम से तरल उर्वरक छिड़काव का प्रदर्शन, कृषक संगोष्ठी तथा मृदा स्वास्थ्य विषय पर परिचर्चा आयोजित की जाएगी, जिससे किसानों को नई तकनीकों की जानकारी मिल सके। इसी क्रम में 2 जुलाई को पैक्स बैंक शाखाओं में मॉडल पैक्स का भ्रमण कराया जाएगा। साथ ही महिला हितग्राहियों को एटीएम केसीसी कार्ड एवं रुपे केसीसी कार्ड वितरित किए जाएंगे, ताकि बैंकिंग सेवाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। 3 जुलाई को पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी संघ द्वारा प्रकाशित पाक्षिक सहकारी समाचार पत्र के प्रचार-प्रसार का भी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 4 जुलाई को पैक्स द्वारा संचालित जनऔषधि केंद्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों को स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रेसवार्ता में बताया गया कि 5 जुलाई को प्रदेश के 10 आदिवासी जिलों बस्तर, दंतेवाड़ा, कांकेर, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा, कोंडागांव, कोरबा, महासमुंद एवं राजनांदगांव—में विशेष सहकारिता सदस्यता अभियान चलाया जाएगा।
    इस अभियान के तहत लगभग 20 हजार नए सदस्यों को सहकारिता से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी दिन उत्कृष्ट कार्य करने वाली सहकारी समितियों एवं सदस्यों को 'सहकार प्रेरणा पुरस्कार' से भी सम्मानित किया जाएगा। सहकारिता सप्ताह का समापन 6 जुलाई को रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के साथ होगा। इस अवसर पर सहकारी क्षेत्र में विकेंद्रीकृत विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत भारतीय खाद्य निगम (FCI) के लिए चिन्हित 9 वेयरहाउसों के गोदाम निर्माण का भूमिपूजन भी किया जाएगा। अध्यक्ष सचिन बघेल एवं उपाध्यक्ष भरत वर्मा ने जिले के किसानों, सहकारी समितियों के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं आम नागरिकों से सहकारिता सप्ताह के सभी कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि सहकारिता के माध्यम से ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी जा सकती है। प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से अभिनेष कश्यप (उपाध्यक्ष, रायपुर), नरेश यदु (उपाध्यक्ष, दुर्ग), मो. अकरम कुरैशी (पूर्व राज्य मंत्री दर्जा, छत्तीसगढ़ शासन) सहित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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