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May 01, 2026
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रायपुर: सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि आम जनता के लिए वह हथियार है जो प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करता है। इसका एक जीवंत उदाहरण हाल ही में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग द्वारा पारित आदेशों में देखने को मिला है, जहाँ जनसेवक विकास तिवारी की अपीलों पर सुनवाई करते हुए आयोग ने कड़ी कार्रवाई की है।

लापरवाही पर भारी दंड: 5 में से 4 मामलों में जुर्माना

जनसेवक विकास तिवारी द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय (रायपुर) के विरुद्ध प्रस्तुत की गई पाँच द्वितीय अपीलों में से चार में आयोग ने कड़ा फैसला सुनाया है। सूचना देने में कोताही बरतने और नियमों की अनदेखी करने पर तत्कालीन जन सूचना अधिकारी (PIO) पर कुल 1 लाख 17 हजार 500 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है।

तीन मामलों में अधिकतम जुर्माना: आयोग ने तीन अलग-अलग प्रकरणों (A/3579/2024, A/3577/2024, A/3575/2024, और A/3570/2024) में पीआईओ पर 25,000 - 25,000 रुपये का अधिकतम जुर्माना लगाया है।

चौथे मामले में आंशिक दंड: एक अन्य प्रकरण (A/3574/2024) में 17,250 रुपये की शास्ति (Penalty) अधिरोपित की गई है।

ऐतिहासिक आदेश: अधिकारी की जेब से वसूलने होंगे 2.56 लाख रुपये

जुर्माने के अलावा, एक अत्यंत महत्वपूर्ण मामले में आयोग ने सूचना के अधिकार के दुरुपयोग को रोकने और आवेदक को न्याय दिलाने के लिए बड़ा आदेश दिया है। इस मामले में कुल 1,26,000 पृष्ठों की विशाल जानकारी प्रदान करने के लिए लगने वाले 2,56,000 रुपये के शुल्क को जन सूचना अधिकारी से ही वसूलने के आदेश जारी किए गए हैं। यह आदेश उन अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो जानकारी देने में जानबूझकर देरी करते हैं या प्रक्रिया को जटिल बनाते हैं।

"शोषितों और वंचितों का हथियार है RTI" - विकास तिवारी

इस सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए जनसेवक विकास तिवारी ने कहा, "सूचना का अधिकार अधिनियम वंचितों, शोषितों और गरीबों को उनका हक दिलवाने के लिए एक अत्यंत मजबूत हथियार है। शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए हमारा यह संघर्ष जारी रहेगा। यह जीत आम जनता की जीत है जो व्यवस्था से जवाब मांगना चाहती है।"

शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की उम्मीद

विकास तिवारी द्वारा उठाए गए इस कदम की आम जनता और शिक्षाविदों द्वारा सराहना की जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर हुई इस बड़ी कार्रवाई से अन्य विभागों के लापरवाह अधिकारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कड़े फैसलों से सरकारी तंत्र में जवाबदेही बढ़ेगी और आम जनता को सूचना पाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

RTI कार्यकर्ता और जनसेवक विकास तिवारी के इस निरंतर प्रयास ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि यदि संकल्प दृढ़ हो, तो कानून की मदद से किसी भी व्यवस्था को सुधारा जा सकता है।

रायपुर । शौर्यपथ। 

छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में संकल्प प्रस्तुत करते हुए प्रदेश की महिलाओं के प्रति अपनी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 'डबल इंजन' की सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सर्वांगीण सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह समर्पित है।

लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी का नया युग

मुख्यमंत्री ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण को एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह पहल लोकतांत्रिक संस्थाओं को न केवल सुदृढ़ करेगी, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में आधी आबादी की भूमिका को भी प्रभावी बनाएगी। उन्होंने कहा, "जब महिलाएं नीति निर्धारण में शामिल होंगी, तभी विकास अधिक समावेशी और संतुलित होगा।"

सांस्कृतिक गौरव और प्रेरणा

छत्तीसगढ़ की माटी को माता शबरी, माँ दंतेश्वरी और माँ महामाया की पावन भूमि बताते हुए श्री साय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी सृजन और शक्ति की आधारशिला है। उन्होंने अपने संबोधन में भक्त माता कर्मा, तीजन बाई, और उषा बारले जैसी विभूतियों के साथ-साथ रानी लक्ष्मीबाई और रानी दुर्गावती जैसी वीरांगनाओं का उल्लेख करते हुए उन्हें समाज का प्रेरणास्रोत बताया।

वर्ष 2026: "महतारी गौरव वर्ष"

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि छत्तीसगढ़ में वर्ष 2026 को "महतारी गौरव वर्ष" के रूप में मनाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य मातृशक्ति के योगदान को रेखांकित करना और उनके आर्थिक व सामाजिक विकास को नई गति देना है।

सशक्तिकरण के जमीनी प्रयास

शासन की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:

आर्थिक आत्मनिर्भरता: स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ा जा रहा है।

सामाजिक सुरक्षा: आवास, स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य योजनाओं के जरिए महिलाओं के जीवन स्तर में क्रांतिकारी बदलाव आया है।

पंचायती राज में नेतृत्व: स्थानीय निकायों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र को निचले स्तर पर मजबूत कर रही है।

अंत में मुख्यमंत्री ने आह्वान किया:

"मातृशक्ति का सशक्तिकरण केवल एक नीतिगत विषय नहीं है, बल्कि यह एक समतामूलक और समृद्ध समाज के निर्माण का आधार है। हम एक ऐसी व्यवस्था बनाने के लिए संकल्पित हैं जहाँ हर महिला आत्मनिर्भर और गौरवान्वित महसूस करे।"

रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की।

इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रिपरिषद द्वारा आधुनिक खेल मैदान एवं अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी के निर्माण हेतु सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा के नाम दर्ज भूमि में से 5 एकड़ भूमि रियायती दर पर आबंटित करने के महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से जिले की खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी और क्रिकेट के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित मांग पर मंत्री परिषद की बैठक में त्वरित निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से राजनांदगांव में अत्याधुनिक स्टेडियम का निर्माण संभव होगा, जिससे प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही, आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण यहां की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का बेहतर मंच मिलेगा।

इस दौरान विधायक श्री धरम लाल कौशिक, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, विधायक श्री ललित चंद्राकर, छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया, राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव श्री योगेश बागड़ी सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

रायपुर | विशेष रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी खर्चों में कटौती की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाते हुए मंत्रालय (महानदी भवन) की कैंटीन में दी जा रही सब्सिडी को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इस फैसले के बाद अब मंत्रालय में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को सस्ता भोजन नहीं मिल सकेगा, बल्कि बाजार दरों के अनुसार भुगतान करना होगा।

सरकार अब तक मंत्रालय स्थित कॉफी हाउस को हर महीने लगभग 18 लाख रुपये की सब्सिडी देती थी। इस व्यवस्था को समाप्त करने से राज्य सरकार को हर साल करोड़ों रुपये की बचत होने की संभावना जताई जा रही है।

☕ कॉफी हाउस पर लगा ताला

इस निर्णय का सीधा असर मंत्रालय में संचालित कॉफी हाउस पर पड़ा है, जिसे अब बंद कर दिया गया है। वर्षों से कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए यह स्थान एक महत्वपूर्ण बैठक और विश्राम स्थल के रूप में जाना जाता था।

? निजी कंपनी संभालेगी जिम्मेदारी

नई व्यवस्था के तहत अब मंत्रालय की कैंटीन का संचालन एक निजी कंपनी को सौंपा जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी और वित्तीय बोझ भी कम होगा।

? बचत बनाम सुविधा का सवाल

जहां एक ओर सरकार इस निर्णय को वित्तीय अनुशासन और बचत की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों के बीच इस फैसले को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई कर्मचारियों का कहना है कि सब्सिडी खत्म होने से उनकी दैनिक खर्चों में बढ़ोतरी होगी।

⚖️ संसद की तर्ज पर फैसला

गौरतलब है कि यह निर्णय संसद की कैंटीन में पहले ही समाप्त की जा चुकी सब्सिडी के मॉडल से प्रेरित बताया जा रहा है, जहां इसी प्रकार सरकारी सहायता को बंद कर दिया गया था।

? निष्कर्ष:

सरकार का यह कदम जहां एक ओर आर्थिक बचत की दिशा में प्रभावी माना जा रहा है, वहीं यह कर्मचारियों की सुविधाओं पर सीधा असर डालता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि निजी संचालन में कैंटीन की गुणवत्ता और कीमतों का संतुलन कैसे बनाए रखा जाता है।

'अमर इंफ्र ाÓ से जुड़े दस्तावेज खंगाले जा रहे, भारतमाला परियोजना से कनेक्शन की जांच

दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग जिले में गुरुवार तड़के प्रवर्तन निदेशालय (श्वष्ठ) की टीम ने तथाकथित समाजसेवी और 'अमर इंफ्राÓ के संचालक चतुर्भुज राठी के ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की। महेश कॉलोनी स्थित उनके निवास पर शुरू हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में अचानक हलचल तेज हो गई।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'भारतमाला परियोजनाÓ से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के इनपुट के आधार पर की जा रही है। अमर इंफ्रास्ट्रक्चर लंबे समय से सड़क निर्माण और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में सक्रिय रही है, जिसके चलते जांच का दायरा व्यापक माना जा रहा है।
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। तथाकथित समाजसेवी राठी के निवास के बाहर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और परिसर में आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। ईडी की टीम अंदर दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है, साथ ही डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है।
इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। सत्ताधारी दल से जुड़े नेता के यहां हुई कार्रवाई को लेकर विभिन्न तरह के सियासी अर्थ निकाले जा रहे हैं। विपक्ष इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम बता रहा है, वहीं स्थानीय स्तर पर इस घटनाक्रम ने चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है। फिलहाल, ईडी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी और संभावित रूप से बड़े खुलासे भी सामने आ सकते हैं।

  रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए "सुशासन तिहार 2026" की शुरुआत आज से होने जा रही है। यह अभियान 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में चलाया जाएगा, जिसके तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जन शिकायतों का समयबद्ध निराकरण ही सुशासन की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि आमजन को पारदर्शी, सरल और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

पहले चरण में लंबित मामलों के निराकरण पर जोर

अभियान के पूर्व चरण में ही कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि 30 अप्रैल तक सभी लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से समाधान सुनिश्चित करें। इसमें—
* नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन जैसे राजस्व प्रकरण
* मनरेगा के लंबित मजदूरी भुगतान
* हितग्राहीमूलक योजनाओं के लंबित भुगतान
* आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र
* बिजली, ट्रांसफार्मर और पेयजल (हैंडपंप) समस्याएं के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान रखा जाएगा, साथ ही पात्र हितग्राहियों को उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत और सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रदेशभर में लगेंगे समाधान शिविर

सुशासन तिहार के तहत 1 मई से 10 जून तक लगेंगे शिविर

* ग्रामीण क्षेत्रों में 15–20 ग्राम पंचायतों के समूह में शिविर
* शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर आधारित आयोजन
* मौके पर ही आवेदन स्वीकार और लाभ वितरण
* अधिकतम एक माह में आवेदनों का निराकरण

शिविरों में शासन की योजनाओं के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी और प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति की जानकारी दी जाएगी।

जनप्रतिनिधियों की भागीदारी और सीधा संवाद

अभियान के दौरान मंत्रीगण, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव और प्रभारी सचिव समय-समय पर शिविरों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित करेंगे।

ष्टरू करेंगे औचक निरीक्षण और समीक्षा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर—

* विकास कार्यों का औचक निरीक्षण
* हितग्राहियों से सीधा फीडबैक
* जिला स्तर पर समीक्षा बैठकें करेंगे

निरीक्षण के बाद वे प्रेसवार्ता के माध्यम से जानकारी साझा करेंगे और नागरिकों व सामाजिक संगठनों से सुझाव भी लेंगे।

व्यापक प्रचार से बनेगा जन आंदोलन

जनसम्पर्क विभाग और जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। डिजिटल, प्रिंट और स्थानीय माध्यमों के जरिए अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाएगा

 

  रायपुर, / राज्य शासन द्वारा बीते वर्ष आयोजित सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है, जहाँ प्रशासन की तत्परता दूरस्थ वनांचलों में रहने वाले ग्रामीणों के जीवन में स्वावलंबन का नया अध्याय लिख रही है। इसी कड़ी में बस्तर जिले के सुदूर जनपद पंचायत बास्तानार अंतर्गत ग्राम पंचायत छोटे किलेपाल से एक हृदयस्पर्शी सफलता की कहानी सामने आई है, जिसने शासन की संवेदनशीलता और जनहितैषी दृष्टिकोण को सिद्ध किया है।

दंतेवाड़ा जिले की सीमा से लगे इस सुदूर ग्राम छोटे किलेपाल के निवासी श्री सामनाथ ठाकुर और रीता ठाकुर, जो एक ही परिवार के सदस्य हैं, दिव्यांग होने के कारण लंबे समय से गंभीर आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहे थे। शारीरिक अक्षमता के चलते उन्हें अपनी हर छोटी-बड़ी आवश्यकता और दैनिक वस्तुओं के लिए परिवार के अन्य सदस्यों पर पूरी तरह आश्रित होना पड़ता था। इस निर्भरता के कारण न केवल उनका आत्मसम्मान प्रभावित हो रहा था, बल्कि आर्थिक तंगी के दौर में वे परिवार पर भी एक अतिरिक्त बोझ महसूस कर रहे थे। वर्षों से अपनी विवशता को ही नियति मान चुके इन ग्रामीणों के लिए पिछले वर्ष आयोजित सुशासन तिहार आशा की एक नई किरण बनकर आया।

शिविर के दौरान जब इन दिव्यांगों ने पेंशन योजना के लाभ हेतु अपनी मांग रखी, तो प्रशासन ने इसे महज एक औपचारिक आवेदन के रूप में न लेते हुए सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की। जनपद पंचायत बास्तानार के अधिकारियों ने तत्काल सक्रियता दिखाई और ग्राम पंचायत के समन्वय से उनके आधार कार्ड, बैंक पासबुक और राशन कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेजों का संकलन कर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की। पात्र पाए जाने पर उन्हें तत्काल पेंशन की स्वीकृति प्रदान की गई, जिसकी जानकारी मिलते ही पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।

  रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में पत्रकार श्रीमती नीरा साहू द्वारा गुजरात यात्रा पर लिखी गई पुस्तक ‘अविस्मरणीय यात्रा’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमती साहू को उनकी उत्कृष्ट रचना के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में विधानसभा में आयोजित विशेष सत्र एवं शासकीय संकल्प के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और अधिकारों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगी।

मुख्यमंत्री साय ने महिला पत्रकारों के अध्ययन भ्रमण की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण पत्रकारों की दृष्टि को व्यापक बनाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह यात्रा-वृत्तांत पर्यटन प्रेमियों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका सिद्ध होगा।

इस अवसर पर सुश्री निशा द्विवेदी, सुश्री चित्रा पटेल, सुश्री लवलीना शर्मा, जनसंपर्क विभाग की उप संचालक डॉ. दानेश्वरी संभाकर, सहायक संचालक सुश्री संगीता लकड़ा एवं सुश्री आमना खातून सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

श्रम मंत्री ने श्रमवीरों को दी अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस की शुभकामनाएं

रायपुर / अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (मई दिवस) के अवसर पर प्रदेश के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने राज्य के श्रमिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सभी मेहनतकश श्रमिकों के सुखमय और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि 1 मई का दिन श्रमिकों के परिश्रम, समर्पण और योगदान के प्रति आभार व्यक्त करने का विशेष अवसर है।

मंत्री देवांगन ने कहा कि श्रमिक समाज की आधारशिला हैं और उनके बिना विकास की कल्पना अधूरी है। उन्होंने श्रमिकों की सामाजिक और आर्थिक खुशहाली के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों सहित सभी जरूरतमंद वर्गों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों और उनके परिवारों को विभिन्न योजनाओं का लाभ तेजी से उपलब्ध कराया जा रहा है। श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित तीनों मंडलों- भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, संगठित कर्मकार मंडल और राज्य सामाजिक सुरक्षा एवं श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

मंत्री देवांगन ने कहा कि बीते सवा दो वर्षों में विभिन्न योजनाओं के तहत करीब 800 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे न केवल श्रमिकों बल्कि उनके परिवारों के सामाजिक और आर्थिक स्तर में भी सुधार आया है।

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