September 04, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    दुर्ग । शौर्यपथ । दुर्ग नगर पालिक निगम और विधानसभा क्षेत्र लगभग बराबर ही है इस नाते दुर्ग में विकास कार्यो के श्रेय लेने की होड़ हमेशा से विधायक ,…

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / सभी प्राचार्य शासकीय-अशासकीय-अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय शालाओं के कक्षा 1 से 10 तक के हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक उपलब्ध कराया जाता है। मुद्रित कागज के पुर्नपयोग, आर्थिक मितव्ययिता, वन एवं पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल नई दिल्ली द्वारा दिए गए सुझाव तथा सत्र के प्रांरभ में नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों के समय कृत्रिम अभाव तथा पाठ्यपुस्तकों के उपलब्ध नहीं होने के शिकायत को ध्यान में रखते हुए सत्र 2021-22 में जिले के सभी शालाओं में कक्षा 6वीं से 10 वीं तक (कक्षा 1 से 5 को छोड़कर) के विद्यार्थियों को पूर्व में वितरित एवं वर्तमान में पठन-पाठन योग्य पाठ्यपुस्तकें संत्रात में आवश्यक रूप से वापस प्राप्त करेंगे एवं उन्हें आगामी सत्र प्रांरभ होने के समय विद्यार्थियों में वितरण सुनिश्चित करेंगे।
    इन पाठ्यपुस्तकों का कुल 3 सत्रों तक सुरक्षित रखा जाकर उनका पुर्नवितरण किया जा सके तथा बुक बैंक के अंतर्गत पुनर्वितरण योग्य विद्यार्थियों से प्राप्त पुस्तकों की कक्षावार जानकारी संलग्न प्रपत्र में 5 मई 2021 तक कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी में उपलब्ध कराने के लिए सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं प्राचार्य, शासकीय-अशासकीय अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय शाला को निर्देशित किया गया है।

    बिलासपुर / शौर्यपथ / राउत नाच और काक्षन सोहाई तो पूरे प्रदेश में अलग अलग जगहों में होता है लेकिन बिलासपुर में इसका भव्य आयोजन करते हुए इसे महोत्सव की तरह मनाया जाता है। बिलासपुर का राउत नाच महोत्सव प्रदेश में ही नहीं प्रदेश के बाहर भी अपनी खासियत के लिए जाना जाता है। यह महोत्सव बिलासपुर की पहचान है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज बिलासपुर में 43वें राउत नाच महोत्सव का शुभारंभ करते हुए यह बात कही।
    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि बिलासपुर में राउत नाचा उत्सव की शुरूआत छोेटे से बाजार के रूप में हुई लेकिन पूर्व मंत्री स्व. श्री बी.आर.यादव एवं श्री कालीचरण यादव के प्रयासों से यह महोत्सव 43वें वर्ष में आ पहुंचा है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण के समय से ही गौ-पालन प्रचलित है। गौ का महत्व धार्मिक पुराणों में भी मिलता है लेकिन वर्तमान समय में देश में गायों की दुर्दशा हो रही है साथ ही चरवाहों की स्थिति भी खराब हो रही है। इनकी दुर्दशा को रोकने के लिए छ.ग.सरकार ने गोठान की व्यवस्था और चरवाहांे की व्यवस्था बनाई है। गोठान में चारा, पानी, चरवाहे की व्यवस्था के साथ साथ गोबर खरीदने की शुरूआत भी छत्तीसगढ़ में की गई। आज सरकार 2 रूपये किलो में गोबर खरीद रही है और एक रूपये किलों में चावल गरीबों को दिया जा रहा है। गोठानों में उपलब्ध गोबर को बेचकर आज चरवाहे हजारों रूपए कमा रहे हैं। यह उनके आय का स्त्रोत बन गया है। गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाकर महिलाओं को भी रोजगार मिल रहा है। रासायनिक खाद के दुष्प्रभाव को रोकने के लिए वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग से जैविक खेती की ओर बढेंगे और बीमारी से दूर होंगे। इस सोच के साथ छत्तीसगढ़ सरकार कार्य कर रही है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राउत नाच महोत्सव का यह 43वां वर्ष यह सतत् रूप से चलता रहे, इसके लिए हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने महोत्सव में भाग लेेने वाले प्रत्येक नर्तक दल को 5-5 हजार रूपए देने और पशु औषाधालय निर्माण की घोषणा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए लोक निर्माण मंत्री एवं जिले के प्रभारी ताम्रध्वज साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, वेशभूषा, खाना, रीति-रीवाज को आगे बढ़ाने का कार्य छत्तीसगढ़ सरकार कर रही है। छत्तीसगढ़ के पारम्परिक पकवानों की खुशबू देश की राजधानी तक महक रही है।
    कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लोक कला, संस्कृति, परम्परा को जीवंत करने का कार्य छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किया जा रहा है। इस अवसर पर संसदीय सचिव एवं तखतपुर विधायक श्रीमती रश्मि सिंह, बिलासपुर विधायक शैलेष पाण्डेय, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर, नगर निगम के महापौर रामशरण यादव, भिलाई के महापौर एवं विधायक देवेन्द्र यादव, अटल श्रीवास्तव ने संबोधित किया। इस अवसर पर स्वागत उद्बोधन कृष्ण कुमार यादव ने दिया। आभार प्रदर्शन राउत नाचा महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. कालीचरण यादव ने किया।
    पारम्परिक वेशभूषा में राउत नाचा का आनंद लिया मुख्यमंत्री ने
    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को यादवों के पारम्परिक वेशभूषा से संवारा गया। मुख्यमंत्री बघेल कलगी, पागा, जैकेट, कौड़ी पहनकर लाठी लेकर नृतकों के गोल घेरे में पहुंचे और उनके साथ गड़वा बाजा और मुरली के धुन में दोहा पढ़ते हुए नृत्य का आनंद उठाया। उनके साथ नृत्य में अन्य अतिथि भी शामिल हुए।
    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, विनोद वर्मा, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सिंह चौहान सहित जनप्रतिनिधि, नागरिकगण एवं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आये हुए राउत नर्तक दल उपस्थित थे।

        भिलाई नगर / शौर्यपथ / आज सुबह भिलाई नगर विधायक व महापौर  देवेंद्र यादव ने एमआईसी सदस्य नीरज पाल के साथ सेक्टर 5 स्थल निरीक्षण पर पहुंचे। जहाँ शौर्य स्मारक का तेजी से निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और कार्य का निरीक्षण करने के लिए महापौर सुबह 7 बजे पहुंचे। जहां महापौर श्री यादव ने पूरे निर्माण कार्य स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। जल्द ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लोकार्पण कर भिलाई की जनता को 'शौर्य स्मारक' को देश की जनता को समर्पित करेंगे। जो देश में अनूठा होगा। यहाँ शहीद भगत सिंह की सबसे बड़ी मूर्ति लगाई जाएगी। माना जा रहा है कि जो पूरे विश्व मे शाहिद भगत सिंग की सबसे बड़ी मूर्ति होगी। जिसका निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। भिलाई महापौर देवेंद्र यादव को एमआईआई मेंबर नीरज पाल ने बताया कि काम तेजी से चल रहा है और जल्द ही पूरा हो जाएगा! सिविक सेंटर के पास स्थित इस तालाब में लोग परिवार सहित घूमने आएंगे। साथ ही शहीद भगत सिंह की प्रतिमा युवाओं को प्रेरित करते रहेगी। युवाओं को देश भक्ति और शाहिदो की कुर्बानियों की याद दिलाती रहेगी। गौरतलब है कि भिलाई के युवा महापौर देवेंद्र यादव शहीद भगत सिंह के अनुयायी है, उन्हें अपना मार्गदर्शक मानते है।

        इसलिए महापौर युवाओं को उनकी कुर्बानी की याद दिलाते रहने के लिए उनकी मूर्ति स्थापित करने की मंशा थी। इसलिए ये उनकी महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इस कारण महापौर श्री यादव लगातार निर्माण कार्य का निरीक्षण कर रहे हैं। इसके लिए करीब डेढ़ करोड़ की लागत से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। महापौर ने संबंधित निगम के जोन अधिकारियों से निर्माण कार्य की जानकारी ली। तब अधिकारियों ने बताया कि 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और जल्द ही बचा हुआ काम भी पूरा हो जाएगा। ऐसे में महापौर श्री यादव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

    वर्तमान खरीफ मौसम में खरीदे गए धान के लिए राजीव किसान न्याय योजना
    की पहली किश्त आगामी मई में 
    मुख्यमंत्री ने जशपुर के गम्हरिया धान खरीदी केंद्र में किसानों को दी जानकारी

    किसानों से गर्मजोशी से मिले, धान खरीदी की व्यवस्था और भुगतान की ली जानकारी
    किसानों ने बताया दो दिन पहले बेचे गए धान का मिल गया है भुगतान

        रायपुर / शौर्यपथ /

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज जशुपर जिले के ग्राम गम्हरिया के धान खरीदी केन्द्र में किसानों के साथ चर्चा में कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी और अंतिम किस्त का भुगतान चालू वित्तीय वर्ष में ही माह मार्च में किया जाएगा। उन्होंनेे किसानों को बताया कि वर्तमान खरीफ मौसम में खरीदे जा रहे धान के लिए राजीव किसान न्याय योजना के अंतर्गत अतिरिक्त राशि की पहली किश्त आगामी मई में दी जाएगी।  

       मुख्यमंत्री  बघेल आज अपने जशपुर प्रवास के दूसरे दिन जिले के ग्राम गम्हरिया स्थित धान खरीदी केंद्र पहुंचे। उन्होंने वहां 10 गांवों के 15 किसानों से चर्चा कर धान खरीदी की व्यवस्था और भुगतान की जानकारी ली। किसानों ने धान खरीदी की व्यवस्था को दुरूस्त बताते हुए मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि उनके द्वारा गम्हरिया धान खरीदी केंद्र में दो दिन पहले बेचे गए धान का भुगतान हो गया है। वहां मौजूद ग्राम साईटांगरटोली के किसान श्री खैरूद्दीन ने बताया कि उन्हें दो-तीन दिन पहले चालू खरीफ मौसम के बेचे गए धान के लिए एक लाख 20 हजार रूपए का भुगतान प्राप्त हुआ है। गम्हरिया धान खरीदी केन्द्र के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष धान खरीदी के शुरुआती चार दिनों में ही वहां 21 किसानों से 974 क्विंटल धान की खरीदी कर ली गई है।
        मुख्यमंत्री बघेल को धान खरीदी केन्द्र गम्हरिया में उपस्थित जशपुर जिले के किनकेला, पुत्रीचौरा, लुईकोना, सारुडीह, पथराटोली, साईटांगरटोली, पोड़ी, गलोंडा, पैकू और टिकैतगंज गांव के किसानों ने बताया कि उन्हें राजीव किसान न्याय योजना के तहत सरकार द्वारा दी गई राशि की तीन किस्तें मिल चुकी हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी चौथी और अंतिम किश्त का भुगतान चालू वित्तीय वर्ष में ही मार्च में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने किसानों को बताया कि वर्तमान खरीफ मौसम में खरीदे जा रहे धान के लिए राजीव किसान न्याय योजना के अंतर्गत अतिरिक्त राशि की पहली किश्त मई में दी जाएगी।  
        मुख्यमंत्री जशपुर के कृषि उपज मंडी समिति कार्यालय के प्रांगण में स्थित गम्हरिया धान खरीदी केंद्र में किसानों से गर्मजोशी से मिले। उन्होंने किसानों से खेती-किसानी के साथ ही उनके घर-परिवार के बारे में भी बात की। श्री बघेल ने किसानों के आग्रह पर उनके साथ सामूहिक फोटो भी खिंचवाया। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, संसदीय सचिव  चिंतामणि महराज, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष  गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के सलाहकार  विनोद वर्मा, विधायक विनय भगत, सरगुजा संभाग की आयुक्त सुश्री जिनेविवा किंडो और जशपुर के कलेक्टर  महादेव कावरे भी इस दौरान मौजूद थे।

    खाना खजाना / शौर्यपथ / चाइनीज भेल मुंबई की एक लोकप्रिय स्ट्रीट फूड रेसिपी है। जिसे लोग अक्सर शाम के नाश्ते में बनाकर खाना पसंद…
    सेहत /शौर्यपथ / अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें सुबह उठने में आलस आता है या फिर बिस्तर छोड़ने के बाद भी…
    सेहत / शौर्यपथ /औषधीय गुणों से भरपूर अजावाइन हर भारतीय रसोई में जरूर पाई जाती है। इसका सेवन करने से सिर्फ बदन और पेट दर्द…

    खेल /शौर्यपथ / भारत और आस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मैच 17 दिसंबर को खेला जाएगा। लेकिन उससे पहले दोनों देशों के बीच दो अभ्यास मैच होंगे। इंडिया ए और आस्ट्रेलिया ए के बीच होने वाले तीन दिवसीय अभ्यास मैच से पहले आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ट्रेविस हेड ने भारतीय बोलिंग लाइन की तारीफ की। ट्रेविस हेड आस्ट्रेलिया ए टीम के कप्तान है। पहला मैच रविवार को खेला जाएगा।
    प्रेस कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए 26 वर्षीय बल्लेबाज ने कहा,'भारतीय गेंदबाजी आक्रामण काफी शानदार है। सभी गेंदबाज एक दूसरे का बखूबी साथ निभाते हैं। आपका सामान मोहम्मद समी जैसे गेंदबाजों से होगा। जिनके खिलाफ आप ढिलाई नहीं कर सकते। आपको हर एक भारतीय गेंदबाज के सामने सतर्क रहना होगा। उनके खिलाफ आपको हमेशा 100 प्रतिशत देना होगा।'
    ट्रेविस हेड 2018 में भारत के खिलाफ खेली गई सीरीज़ का हिस्सा थे। तब ट्रेविस हेड ने दो अर्द्धशतक लगाए थे। ट्रेविस ने कहा, 'इन अभ्यास मैचों का फायद आस्ट्रेलिया ए टीम को मिलेगा। खिलाड़ियों के लिए यह शानदार मौका है। और वह पूरी तरह से तैयार हैं। पिछले 12 से 18 महीने हमारे लिए काफी शानदार रहे हैं। खिलाड़ी काफी उत्साहित हैं हम पहले दिन से ही दबाव बनाने की कोशिश करेंगे।'
    पिछली भारत और आस्ट्रेलिया सीरीज़ का हिस्सा रहे ट्रेविस कहते हैं, 'उस सीरीज की यादें काफी अच्छी थी। उसका फायदा हमें मिलेगा। तब से अब तक मेरे खेल में भी काफी सुधार आया है।' इंडिया ए और आस्ट्रेलिया ए के बीच पहला तीन दिवसीय अभ्यास मैच रविवार को रेड बाल से खेला जाएगा जबकि दूसरा मैच 11 दिसंबर से पिंक बाल से खेला जाना है। वहीं पहला टेस्ट मैच 17 दिसंबर से शुरु होगा। वन-डे सीरीज गंवाने के बाद भारत ने पहला टी-ट्वेंटी मैच जीत लिया है।

    शौर्यपथ /कहते हैं कि सोते समय सिर दक्षिण में और पैर उत्तर दिशा की ओर होने चाहिए क्योंकि साधारण चुंबक शरीर से बांधने पर वह…

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