August 28, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    Uncategorised

    Uncategorised (35328)

    अन्य ख़बर

    अन्य ख़बर (5877)

    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    खेल / शौर्यपथ / वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान डेरेन सैमी ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो शेयर कर सनराइजर्स हैदाराबाद टीम में नस्लवाद के आरोप लगाए हैं। पिछले हफ्ते सैमी 'कालू' शब्द का मतलब जानने के बाद काफी गुस्से में आ गए थे। उन्होंने कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दौरान मुझे और श्रीलंका के क्रिकेटर थिसारा परेरा को 'कालू' कहा जाता था। हम दोनों उस वक्त सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते थे। अब मुझे इस शब्द का मतलब समझ आया है और मैं बहुत गुस्से में हूं। हालांकि, उस वक्त उन्होंने किसी का भी नाम नहीं लिया था।

    अब डेरेन सैमी ने नस्लवाद के मुद्दे को लेकर एक वीडियो जारी किया है। उन्होंने इस वीडियो को शेयर करते हुए कहा है कि मैं उन सभी लोगों को एक संदेश देना चाहता हूं, जो मेरे लिए इस शब्द का इस्तेमाल करते थे।

    इंस्टाग्राम पर शेयर वीडियो में सैमी ने कहा, ''मैंने पूरी दुनिया में क्रिकेट खेला है और मुझे कई लोगों से प्यार मिला है। मैंने सभी ड्रेसिंग रूम को अपनाया है, जहां मैंने खेला है। इसलिए मैं हसन मिन्हाज को सुन रहा था कि कैसे उनकी संस्कृति के कुछ लोग काले लोगों का वर्णन करते हैं। ''

    उन्होंने कहा, ''यह सब लोगों पर लागू नहीं होता है। इसलिए मैंने जब इस शब्द का मतलब जाना तो मैंने कहा था कि मैं गुस्से में हूं। इस शब्द का अर्थ का पता लगा तो मुझे यह अपमानजनक लगा था। तुरंत मुझे याद आया जब मैं सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेला था, तब मुझे ठीक वही शब्द कहा जा रहा था जो हमें काले लोगों के लिए अपमानजनक है।''

    सैमी ने कहा कि मुझे जब यह शब्द कहा जाता था, तब मैं इसका मतलब नहीं जानता था। उनकी टीम के साथी उन्हें हर बार उस नाम से पुकारते थे और हंसते थे। उन्होंने कहा, मैं उन लोगों को संदेश देना चाहता हूं कि तुम लोग जानते हो कि तुम कौन हो। मुझे उस समय स्वीकार करना चाहिए था, जब मुझे वह शब्द कहा जाता था। लेकिन मुझे लगा कि इस शब्द का अर्थ मजबूत या इससे ही जुड़ा हुआ कुछ है। मैं नहीं जानता था कि इसका क्या मतलब है। जब भी मेरे लिए वह शब्द इस्तेमाल किया जाता था, तब वहां हंसी का माहौल होता था। मुझे लगता था कि टीममेट्स हंस रहे हैं तो शायद इसमें कुछ फनी होगा।''

    डेरेन सैमी ने कहा, ''अब मुझे अहसास हुआ कि यह अपमानजनक था। मैं आप लोगों को मैसेज करूंगा और आप लोगों से पूछूंगा कि जब आप लोग मुझे उस नाम से बुलाते थे तो क्या आप लोगों का मतलब गलत होता था? मेरे सभी ड्रेसिंग रूम्स में बहुत अच्छी यादें हैं। इसलिए जो लोग भी मुझे इस शब्द से बुलाते थे, वे इस बारे में सोचना। इस पर बात करते हैं कि क्या यह आप गलत अर्थों में बोलते थे, अगर हां तो मैं बहुत निराश होऊंगा।''
    बता दें कि विंडीज के पूर्व कप्तान अफ्रीकी-अमेरिकी शख्स जॉर्ज फ्लॉयड की मौत को लेकर काफी मुखर रहे हैं। उन्होंने फ्लॉयड की मौत को लेकर चल रहे विरोध करो अपना सपोर्ट दिया है।
    हाल ही में अमेरिका में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की अमेरिका में हत्या हो गई।

    46 वर्षीय फ्लॉयड की एक पुलिसकर्मी ने घुटने से उसकी गर्दन दबाई, जिसके चलते उनकी मृत्यु हो गई। उनकी हत्या के विरोध में पूरी दुनिया में विरोध दर्ज किया गया। इस पर डेरेन सैमी ने आईसीसी से यह अनुरोध किया था कि क्रिकेट जगत के लोग नस्लवाद के खिलाफ सामने आना चाहिए।

     

    मनोरंजन / शौर्यपथ / लता मंगेशकर और आशा भोसले के बीच संगीत को लेकर चर्चा नहीं होती है। आशा ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि आमतौर पर दोनों बहनों में शायद ही कभी संगीत को लेकर चर्चा होती होगी। दोनों दिग्गज गायिकाओं पर किताबें लिखी गई हैं, इसलिए क्या आशा चीजों को अगले स्तर पर ले जाते हुए उनके बारे में किसी को कोई बायोपिक बनाने दे सकती हैं?

    आशा ने आईएएनएस से कहा, "लता दीदी और मैं शायद ही कभी संगीत पर चर्चा करते हैं। हम एक परिवार हैं और हम रोजमर्रा की बहुत सामान्य चीजों की बात करते हैं। हमारा जीवन निजी और व्यक्तिगत है, जहां तक मेरा सवाल है मैं नहीं चाहूंगी कि हम एक फिल्म का विषय बनें।" वर्तमान में अलग-अलग अपार्टमेंट में रह रहीं दोनों बहनों में से छोटी बहन आशा ने कहा, "वह (लता दीदी) 90 साल की हैं और अपने जीवन व परिवेश के साथ शांति में हैं।"


    कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के दौरान भी आशा खुद को व्यस्त रखती आई हैं। आशा ने कहा, "मैं अपनी गायकी कर रही हूं. घर पर व्यायाम करना, नए पकवान बनाना, फिल्में देखना और परिवार के साथ समय बिता रही हूं। मैंने अपने नए यूट्यूब चैनल को लॉन्च किया. दूसरे शब्दों में कहूं, तो मैं खुद को बहुत व्यस्त रख रही हूं।"

    वह म्यूजिक कंपोज (संगीत की रचना) भी कर रही हैं। उन्होंने कहा, "मैंने कई धुनों की रचना की है, लेकिन मैंने गीत नहीं लिखे हैं। इसके बारे में मैं प्रसून जोशी और जावेद अख्तर से कह सकती हूं, ताकि फिर इसे रिकॉर्ड करके अपने यूट्यूब पर शेयर कर सकूं।" उन्होंने 1960 से लेकर 1990 के दशक तक कई हिट रचनाएं करने वाले अपने दिवंगत पति का जिक्र करते हुए कहा, "मेरे पास दिवंगत श्री राहुल देव बर्मन की अपने पीछे छोड़ी गई कई महान धुनें हैं।"


    आशा ने लॉकडाउन के बीच हाल ही में प्रशंसकों के साथ संवाद करने और अपने जीवन के कई दिलचस्प पहलूओं को उजागर करने के लिए अपना यूट्यूब चैनल लॉन्च किया है। 86 वर्षीय संगीतकार ने कहा, "मेरी पीढ़ी से कोई नहीं है, जो अब उस युग का वर्णन कर सके। मेरा पहला गाना ब्रिटिश भारत में साल 1943 में रिकॉर्ड किया गया था। मैंने भारत का विभाजन देखने के साथ ही द्वितीय विश्व युद्ध, कई महामारियों और संघर्षों वाला काल देखा है। इसलिए यूट्यूब चैनल के माध्यम से बताने के लिए कई किस्से हैं।

     

    नजरिया / शौर्यपथ / साल 1997 में एशियाई आर्थिक संकट के मद्देनजर तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने सात देशों के उस समूह के विस्तार…
    सम्पादकीय लेख / शौर्यपथ /कोरोना से लड़ाई में न्यूजीलैंड की कामयाबी जितनी सुखद है, उससे कहीं ज्यादा अनुकरणीय है। लगभग एक महीने से वहां संक्रमण…
    मेलबॉक्स / शौर्यपथ/ अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड नामक अश्वेत नागरिक की मौत के बाद हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही, लेकिन सच यह भी…
    ओपिनियन /शौर्यपथ / केरल का एकमात्र मुस्लिम बहुल जिला मलप्पुरम पिछले दिनों गलत वजहों से सुर्खियों में आ गया। 70.2 फीसदी मुस्लिम और 27.6 प्रतिशत…

    दुर्ग / शौर्यपथ / पर्यावरण को संजोने आने वाली पीढ़ी को पर्यावरण से जोडऩा बेहद आवश्यक है। इसके लिए एक नवाचारी प्रयोग वन विभाग द्वारा किया जाएगा। लगभग 120 बच्चों का समूह जंगल में टैंट में एक दिन का हाल्ट करेगा। यहां फारेस्ट विभाग के ट्रेनर बच्चों को जंगल के जानवरों के बारे में, पक्षियों के बारे में बताएंगे। वे यह बताएंगे कि किस प्रकार पारिस्थितिकी का संरक्षण करना मानवता के लिए उपयोगी होगा। जंगल में अलग-अलग तरह के पक्षियों की आवाजें, उनके आवास, उनके समूह में रहने का तरीका, खानपान की विधि आदि बताई जाएगी।
    कैंप का समय माइग्रेटरी बर्ड का समय होगा, इसलिए उनके डिटेल्स भी बताए जाएंगे। इसमें फारेस्ट विभाग के प्रमुख अधिकारियों के साथ राजू वर्मा जैसे पक्षी विशेषज्ञ भी बच्चों को पक्षियों के बारे में तथ्य साझा करेंगे। आज कलेक्टर डॉक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे की अध्यक्षता में इस संबंध में बैठक हुई। यहां डीएफओ श्री केआर बढ़ाई ने विस्तार से प्रोजेक्ट की जानकारी दी और बताया कि ये प्रोजेक्ट किस तरह बच्चों की अभिरुचि जगाने में सहायक हो सकता है।
    उल्लेखनीय है कि स्कूली विद्यार्थियों में वन, वन्य प्राणी एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने हेतु वन मितान कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिसके तहत कक्षा 6वीं से 12वीं के छात्र-छात्राओं को प्राकृतिक वातावरण का अनुभव प्रदान कर उन्हें इसके संरक्षण के लिए जागरुक किया जाएगा।
    कार्यक्रम का उद्देश्य- वन मितान कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को वन वन्य प्राणी एवं पर्यावरण की वन मितान बनाकर उन्हें इसके संरक्षण हेतु प्रेरित करना है। इच्छुक विद्यार्थियों को नेचुरल वॉलेंटियर फोर्स के रूप में विकसित करना है साथ ही विभाग एवं विभागीय अधिकारियों के कार्य उत्तरदायित्वों एवं चुनौतियों से इन विद्यार्थियों को अवगत कराना है।
    विद्यालय एवं विद्यार्थियों का चयन- विद्यालय एवं विद्यार्थियों का चयन एवं निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। ऐसे विद्यार्थी जो पर्यावरण के प्रति अभिरूचि रखते हो। विद्यार्थी का चयन वन्य प्राणी पक्षी इत्यादि की समान्य जानकारी के आधार पर होगा। चयनित विद्यार्थी का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। शिविर हेतु कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को चनित किया जा सकता हैं किन्तु प्राथमिकता के आधार पर 8वीं एवं 12वीं के विद्यार्थी को सर्वप्रथामिकता दी जाएगी। प्रत्येक परिक्षेत्र में 120 विद्यार्थी का चयन किया जाकर दो चरणों में 60-60 विद्यार्थी हेतु वन मितान कार्यक्रम किया जाएगा।
    शिविर स्थल का चयन- प्रशिक्षण सह जागरूकता शिविर का आयोजन वन्य परिक्षेत्र में स्थित प्राकृतिक सौन्दर्य के स्थल पर किया जाएगा। शिविर का चयन इस प्रकार से किया जाएगा कि विद्यालय से 25 से 30 किलोमीटर के परिक्षेत्र में स्थित हो।
    गतिविधियॉ- वनमितान शिविर एक दिन का होगा। जिसमें विभिन्न प्रकार की गतिविधियॉ को शामिल किया गया है। शिविर दिवस पर विद्यार्थियों को पक्षी दर्शन, वन्य प्राणी दर्शन, सफारी, नौकायान, वन भ्रमण कराया जाएगा। प्राकृतिक पथ भ्रमण, प्रकृति की पाठशाला, स्थल पर विद्यमान वाणिकी गतिविधियों की जानकारी देने के साथ ही वन एवं वन्य प्राणी एवं पर्यावरण के महत्व से रूबरू कराया जाएगा। जिज्ञासा समाधान व चर्चा, परिचर्चा, वनाचार, प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया जाएगा। शिविर के आयोजन को ध्यान में रखते हुए साफ-सफाई, भोजन, सुरक्षा स्वास्थ्य, सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

    दुर्ग / शौर्यपथ / प्रदेश सहित देश में कोरोना आपदा की मार से पूरा जनजीवन अस्त व्यस्त है . आम आदमी की आर्थिक स्थिति डांवाडोल है . छत्तीसगढ़ के कांग्रेस…

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में कोरोना संक्रमण से बचाव, नियंत्रण के उपायों और मरीजों के इलाज की व्यवस्थाओं की समीक्षा की साथ ही आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने क्वारेंटीन सेंटर्स की व्यवस्था, अस्पतालों में उपलब्ध बिस्तरों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि संक्रमित व्यक्ति से अस्पताल आने वाले अन्य मरीजों में संक्रमण नहीं फैले। चिकित्सक और मेडिकल स्टाफ के लोग संक्रमण से बचाव के लिए गाइड लाईन का पालन करें। मुख्यमंत्री बघेल ने वीडियो क्रांफ्रेंसिंग के माध्यम से एम्स रायपुर के निदेशक और बिलासपुर सिम्स के अधिकारियों से भी वहां की व्यवस्थाओं और आगे की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जिलों में 141 कोविड केयर सेंटरों और कोविड के मरीजों के लिए 21 हजार 230 बिस्तर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
    स्वास्थ्य सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने मुख्यमंत्री को विभिन्न अस्पतालों में उपचार की व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कोविड-19 नियंत्रण के लिए प्रदेश स्तर पर किए जा रहे उपायों की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री बघेल ने बैठक में शामिल अधिकारियों से क्वारेंटाइन सेंटर्स की संख्या, वहां की व्यवस्था और रह रहे लोगों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रदेश में पहुंच चुके प्रवासी मजदूरों के लिए संचालित क्वारेंटाइन सेंटर्स एवं वहां की व्यवस्था के बारे में चर्चा की और अगले कुछ दिनों में पहुंचने वाले मजदूरों को क्वारेंटाइन सेंटर्स में रखने की व्यवस्था के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।
    मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के इलाज के लिए विभिन्न अस्पतालों में उपलब्ध बिस्तरों एवं वहां भर्ती मरीजों के बारे में जानकारी ली। इस पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में क्षेत्रीय स्तर पर डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में 1770 बेड हैं, वहीं जिले स्तर पर डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में 3470 बिस्तर की व्यवस्था है। इन सभी अस्पतालों में आईसीयू की व्यवस्था है। इसके अतिरिक्त बिना लक्षण वाले और कम लक्षण वाले मरीजों हेतु 141 कोविड केयर सेंटर जिलों में स्थापित किये जा रहे हैं, जहाँ 7234 बिस्तर उपलब्ध होंगे व 6500 बिस्तर के अतिरिक्त कोविड केयर यूनिट की स्थापना प्रक्रियाधीन है।
    अधिकारियों ने बताया क्वारेंटीन सेंटर में पूर्व से उपलब्ध 4026 बिस्तरों को भी आवश्यकता पडऩे पर कोविड केयर सेंटर में परिवर्तित किया जायेगा। इस प्रकार प्रदेश में कोविड-19 मरीजों हेतु 21 हजार 230 बिस्तर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कोरोना वायरस संक्रमितों के स्वास्थ्य की गंभीरता, लाक्षणिक और गैर-लाक्षणिक मरीजों की जांच व स्वास्थ्य की स्थिति एवं उपचार की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री बघेल ने आने वाले दिनों में कोविड-19 पर नियंत्रण के प्रभावी उपायों और इसका सामुदायिक प्रसार रोकने के संबंध में एम्स के निदेशक डॉ. नितिन एम. नागरकर से सुझाव मांगे। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच करने और इलाज के बारे में आगामी कार्ययोजना एवं रणनीति पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सिम्स बिलासपुर के डीन और अधीक्षक से वहां कोरोना वायरस संक्रमित डॉक्टर एवं मेडिकल स्टॉफ के बारे में जानकारी ली।
    डीन डॉ. पात्रा ने मुख्यमंत्री को डॉक्टरों के संक्रमण के कारणों की जानकारी दी। उन्होंने इससे बचने के लिए वहां की जा रही सावधानियों के बारे में भी बताया। मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने सभी मेडिकल कॉलेजों को जरूरी सावधानी बरतने तथा इलाज के लिए आने वाले गंभीर मरीजों का गंभीरतापूर्वक उपचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने इलाज और देखभाल के दौरान व्यक्तिगत सुरक्षा उपायों को अपनाने और सभी को इनका अनिवार्यत: पालन करने के निर्देश दिए।
    इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्ले, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, खाद्य एवं परिवहन विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. एस.एल. आदिले और सिम्स बिलासपुर के डीन डॉ. पात्रा शामिल हुए । एम्स रायपुर के निदेशक डॉ. नितिन एम. नागरकर तथा सिम्स बिलासपुर के अधीक्षक डॉ. पुनीत भारद्वाज अपने-अपने कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेस में जुड़े।

    दुर्ग / शौर्यपथ / विद्युत कंपनी ने परिवादी संस्थान के प्लॉट से 33 के.व्ही. विद्युत पोल हटाने के लिए बड़ी राशि जमा कराई और पूरी…

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision