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June 02, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

नई दिल्ली / शौर्यपथ / उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में तीन साल की बच्ची का शव गुरुवार को गन्ने के खेत मिला. पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि बच्ची के साथ रेप के बाद उसकी गला दबाकर हत्या की गई है. लखीमपुर खीरी जिले में 20 दिन में यह रेप की तीसरी वारदात है. बच्ची बुधवार से गायब थी. गांव के पास ही उसका शव मिला. सिर पर चोंट के निशान पाए गए थे. बच्ची के पिता ने अपनी शिकायत में गांव में रहने वाले लेखराम पर आरोप लगाया है. उनका आरोप है कि पुरानी दुश्मनी में उनकी बेटी को किडनैप किया गया और उसकी हत्या कर दी गई.
आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की चार टीम बनाई गई थीं. एनकाउंटर के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस ने गुरुवार को इसे हत्या की घटना बताया था. पुलिस ने कहा कि ऑटोप्सी में यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है. आरोपी की गिरफ्तार के लिए पुलिस ने चार टीमें गठित की हैं.
उत्तर प्रदेश का लखीमपुर खीरी जिला उस समय सुर्खियों में आया था जब घर से स्कॉलरशीप का फॉर्म भरने निकली 17 साल की लड़की की लाश गांव के बाहर मिली थी. कथित तौर पर उसका रेप और हत्या की गई थी. उसका विकृत शव गांव से करीब 200 मीटर दूर एक सूखे तालाब के पास मिला था.
इससे पहले, एक 13 साल की बच्ची से रेप और हत्या की घटना सामने आई थी. पुलिस ने कहा था कि लड़की दोपहर को खेत गई और जब वह नहीं लौटी तो परिवार वालों ने उसकी तालाश शुरू की. गन्ने के एक खेत में उसका शव मिला था.
इन घटनाओं को लेकर लोगों में आक्रोश है. इसी के साथ कांग्रेस और समाजवादी पार्टी भी राज्य में बिगड़ रही कानून व्यवस्था के लिए योगी आदित्यनाथ की सरकार पर हमला बोल रही हैं.

नई दिल्ली/ शौर्यपथ / NEET और JEE प्रवेश परीक्षा को लेकर बीजेपी और विपक्षी दल आमने-सामने हैं. विपक्षी पार्टियों ने परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. छह गैर-भाजपा शासित राज्यों के मंत्रियों ने परीक्षा कराए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की है. इन याचिकों पर आज सुनवाई होनी है. कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए परीक्षाएं स्थगित करने की मांग को लेकर दी गई दलीलों को खारिज करते हुए शीर्ष न्यायालय ने परीक्षा पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था.
मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका के बीच इंजीनियरिंग कॉलेजों में भर्ती के लिए आयोजित वाली JEE की परीक्षा मंगलवार को आयोजित की गई है. कोरोना को लेकर विभिन्न सावधानियों के बीच हजारों की संख्या में छात्र परीक्षा में शामिल हुए. मेडिकल एंट्रेस एग्जाम नीट की परीक्षा 13 सितंबर को आयोजित होनी है.
जेईई-मेंस (संयुक्त प्रवेश परीक्षा) के लिए करीब 8.50 लाख छात्रों और NEET की परीक्षा के लिए 15.97 लाख स्टूडेंट्स ने पंजीकरण किया है. राष्ट्रीय परीक्षा एजेन्सी (एनटीए), जो दोनों परीक्षाओं का आयोजन करती है, जेईई मुख्य परीक्षा एक से छह सितंबर तक आयोजित कर रही है जबकि नीट की परीक्षाओं का आयोजन 13 सितंबर को होगा.
मंत्रियों का दावा था कि शीर्ष अदालत छात्रों के ‘जीने के अधिकार' को सुरक्षित करने में विफल रही है और उसने कोविड-19 महामारी के दौरान परीक्षाओं के आयोजन में आने वाली परेशानियों को नजरअंदाज किया है.
याचिका दायर करने वालों में पश्चिम बंगाल के मलय घटक, झारखंड के रामेश्वर ओरांव, राजस्थान के रघु शर्मा, छत्तीसगढ़ के अमरजीत भगत, पंजाब के बी एस सिदधू और महाराष्ट्र के उदय रवीन्द्र सावंत शामिल हैं.
न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की तीन सदस्यीय पीठ चेंबर में पुनर्विचार याचिका पर विचार करेगी. पुनर्विचार याचिकाओं पर सामान्यतया पीठ के सदस्यों द्वारा न्यायाधीश ‘चेंबर' में ही ‘सर्कुलेशन' के जरिये विचार होता है जिसमे निर्णय होता है कि क्या यह विचार योग्य है या नहीं?
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोनावायरस संक्रमण के दौरान परीक्षा कराने के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए थे, जिनके अनुसार निरूद्ध क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों और कर्मचारियों को परीक्षा केन्द्रों में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, मास्क लगाना और साथ ही स्वंय घोषणा पत्र देना अनिवार्य होगा.
SOP के अनुसार. कलम और कागज आधारित परीक्षाओं में इंविजिलेटर प्रश्नपत्रों अथवा उत्तर पुस्तिकाओं के वितरण से पहले अपने हाथों को सैनिटाइज करेगा और परीक्षार्थी भी इन्हें प्राप्त करने या जमा करने से पहले अपने हाथों को सैनिटाइज करेंगे.
कोरोना महामारी और बाढ़ एवं लॉकडाउन में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में होनी वाली दिक्कतों का हवाला देते हए छात्रों ने परीक्षाओं को टालने की मांग की थी. छात्रों की इस मांग का कई राज्यों और राजनीतिक दलों ने समर्थन भी किया था.
कोर्ट के परीक्षा स्थगित करने से मना करने के बाद बंगाल, झारखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, पंजाब और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों ने पिछले हफ्ते अदालत का रुख किया था और अपने फैसले की समीक्षा की मांग की थी.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने परीक्षाओं को लेकर किए गए अपने ट्वीट में कहा था, "सभी स्टूडेंट्स के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है."

नई दिल्ली / शौर्यपथ / भारत-चीन के मध्य सीमा पर तनातनी के बीच सेना की तैयारियों का जायजा लेने लद्दाख पहुंचे सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने कहा कि हम हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि सीमा पर हालात नाजुक है. सुरक्षा के मद्देनजर कदम उठाए गए हैं. समस्या का हल बातचीत से हो सकता है. सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने हालात का जायजा लिया. इस बीच, लगातार पांचवे दिन भारत और चीन के सैन्य अधिकारियों के बीच चुशूल में सीमा पर तनाव घटाने के लिये बातचीत जारी है.
आर्मी चीफ ने शुक्रवार को बताया कि जवानों का मनोबल ऊंचा है. हालात गंभीर है. सुरक्षा के मुताबिक एहतियात कदम उठाए गए हैं. चीन के हरकतों को देखते हुए कुछ तैनाती की गई है. यथास्थिति को बरकरार रखेंगे.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे ने कहा कि कल लेह पहुंचने के बाद मैंने अलग-अलग जगहों पर ऑफिसर्स से बात की और स्थिति का जायजा लिया. जवानों का मनोबल बहुत ऊंचा है वो हर चुनौती का सामना करने को तैयार हैं. मैं यकीनन कह सकता हूं कि हमारे जवान न केवल भारतीय सेना बल्कि देश का भी नाम रोशन करेंगे.
बता दें कि पैंगोंग के दक्षिणी इलाके में हुए 29-30 अगस्त को सेना की कार्रवाई के बाद उनका यह दौरा अहम माना जा रहा है. इधर पैंगोंग के उत्तर में भी तनाव बढ़ा है. दोनों देशों की सेनाएं बात कर तनाव घटाने की कोशिश में जुटी हैं, लेकिन बॉर्डर टेंशन बढ़ी है.

नई दिल्ली / शौर्यपथ /कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बेरोजगारी की स्थिति और कर्मचारी चयन आयोग तथा कुछ अन्य परीक्षाओं के परिणाम में कथित विलंब को लेकर शुक्रवार को मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार को युवाओं के रोजगार से जुड़ी इन समस्याओं का समाधान करना चाहिए. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मोदी सरकार, रोज़गार, बहाली, परीक्षा के परिणाम दो, देश के युवाओं की समस्या का समाधान दो.''
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘2017-एसएससी सीजीएल (संयुक्त स्नातक स्तर) की भर्तियों में अभी तक नियुक्ति नहीं हुई. 2018- सीजीएल परीक्षा का परिणाम तक नहीं आया. 2019- सीजीएल की परीक्षा ही नहीं हुई. 2020- एसएससी सीजीएल की भर्तियां निकाली ही नहीं.''
प्रियंका गांधी ने दावा किया, ‘‘भर्ती निकले तो परीक्षा नहीं, परीक्षा हो तो परिणाम नहीं, परिणाम आ जाए तो नियुक्ति नहीं. निजी क्षेत्र में छंटनी और सरकारी में भर्तियों पर ताला लगने से युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है, लेकिन सरकार सच पर पर्दा डालने के लिए विज्ञापनों और भाषणों में झूठ परोस रही है.''

नई दिल्ली / शौर्यपथ/ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को युवा पुलिस अफसरों से बातचीत की, जिसमें उन्होंने कोरोना काल में पुलिसिंग के अलावा समाज को मानवीय मदद पहुंचाने वाले अफसरों को बधाई और धन्यवाद दिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोनावायरस की महामारी के दौरान पुलिस को सबसे ज्यादा वायरस का सामना करना पड़ा लेकिन पुलिस और समाज ने जैसा काम किया है, वो पुलिस की बहुत बड़ी पूंजी है और इसको संभालकर रखना हमारी जिम्मेदारी है. पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि युवा पुलिस अफसरों को समझना चाहिए कि 'रूल की अपनी महत्ता है लेकिन रोल उससे भी ज्यादा अहम है. अगर अपना रोल अच्छी तरह से निभाएंगे तो रूल भी अपने आप माने जाएंगे.'
पीएम ने कहा कि 'पुलिस ने कोरोना काल में बहुत से मानवीय काम किए. देश ने देखा कि कोरोना काल में खाकी वर्दी के लोग खाना पहुंचा रहे हैं, गाना गाकर लोगों का हौसला बढ़ा रहे हैं और कहीं-कहीं खुद मरीजों को ले जा रहे हैं. पुलिस का यह मानवीय चेहरा लोगों के मन में स्थिर हो चुका है. लेकिन पुलिस की कोशिशों का असर कलेक्टिव रूप में नहीं दिखा. हमारा जिम्मा है कि टुकड़ों में दिखने वाला मानवीय रूप संगठित रूप से दिखे.'
पीएम ने सुझाव दिया कि इसके लिए संस्थागत मैनेजमेंट करना होगा. उन्होंने कहा, 'किए जा रहे अच्छे कामों का थाने में हस्तलिखित अंक तैयार करें. अच्छे कामों को प्रसारित करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था करें. ये आपकी विरासत बनेगी. मानवीय व्यवहार की ताकत बहुत बड़ी होगी.' पीएम ने कहा कि खाकी से रौब नहीं, खाकी से गर्व का भाव होना चाहिए.
पीएम ने कहा कि 'हमारे देश में समाज की शक्ति जबरदस्त है, सरकार से भी अनेकगुना शक्ति समाज में होती है. समाज की सक्रियता के कारण, संकट के समय सरकार पहुंची हो या न पहुंची हो, व्यवस्था पहुंची हो या न पहुंची हो. कोई न कोई जरूर पहुंचा होगा. आंसू पोछे होगे, दवा और खाना पहुंचाया होगा इसलिए हमारे देश में शासन व्यवस्था और पुलिसिंग में जनशक्ति को जोड़ने का प्रयास करना होगा, इससे काम में सरलता होगी, कम प्रयास से ज्यादा नतीजे ले आएंगे, नागरिक इसे अपनी सफलता मानेगा. इससे शासन में बैठे लोगों की ताकत बढ़ जाएगी. समाज की शक्ति की ओर देखेंगे तो खूब लाभ मिलेगा.'

पीएम ने इन युवा अफसरों को सीख देते हुए कहा कि 'एक बात निश्चित है कि आप ट्रेनी है, आपको लगता है कि एक शेल्टर है, सुरक्षात्मक कवच में काम कर रहे हैं. लेकिन बाहर निकलने पर स्थिति बदल जाएगी, लोग साहब समझेंगे, जवाबदेही होगी, आप खुद कैसे काम करते हैं, इसको बारीकी से देखा जाएगा, इसलिए बहुत ज्यादा सावधान रहें. पहली जो छवि बन गई, वो आपके साथ रहेगी.' उन्होंने कहा, 'समाज व्यवस्था का एक दोष रहता है. दो-चार लोग चिपक जाते हैं. पता ही नहीं होता सेवादार कौन होते हैं. उस चक्कर में फंस गए तो निकलना मुश्किल हो जाएगा. अपने विवेक से काम करिए. अपने कान में फिल्टर लगा लीजिए, ताला नहीं. इससे करियर के लिए जरूरी चीजें साथ रहेंगी.'
पीएम ने कहा कि अगर आप प्रभाव पैदा करेंगे तो उम्र कम होती है, प्रेम का सेतु जोड़ेंगे तो लोग सालों तक याद करेंगे.

नई दिल्ली / शौर्यपथ / बीजिंग चीन से संबंधित 118 ऐप पर प्रतिबंध लगाने के भारत के निर्णय से किसी भी पक्ष को कोई फायदा नहीं होगा. चीन की सरकार ने बृहस्पतिवार को यह राय प्रकट की. चीन की सरकार ने कहा कि इस निर्णय से भारतीय उपयोक्ताओं के साथ-साथ चीन की कंपनियों को भी नुकसान होगा. उसने कहा कि यह कदम विश्व व्यापार संगठन नियमों का उल्लंघन है. भारत ने बुधवार को लोकप्रिय खेल ऐप ‘पबजी' समेत चीन से संबंध रखने वाले अतिरिक्त 118 मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया. इसकी वजह राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा और डेटा की गोपनीयता से जुड़ी चिंता है. भारत अब तक चीन से जुड़े कुल 224 ऐप पर प्रतिबंध लगा चुका है. ताजा कदम पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ फिर से सीमा तनाव बढ़ने के बाद उठाया गया है.
चीन के वाणिज्य मंत्रालय के संवाददाता सम्मेलन में प्रवक्ता गाओ फेंग ने कहा, ‘भारत सरकार ने ‘राष्ट्रीय सुरक्षा' की अवधारणा का दुरुपयोग किया और चीन की कंपनियों के खिलाफ भेदभावपूर्ण प्रतिबंध उपायों को अपनाया. यह विश्व व्यापार संगठन के नियमों का उल्लंघन है और उसकी प्रासंगिकता को कम करता है. चीन भारत से उसकी गलत प्रक्रियाओं को सुधारने का आग्रह करता है.'
सरकारी टीवी चैनल सीजीटीएन ने फेंग के हवाले से कहा, ‘चीन-भारत के बीच आर्थिक और व्यापार सहयोग दोनों के लिए लाभकारी है. चीन उम्मीद करता है कि दोनों देश बड़ी मुश्किल से तैयार हुए सहयोग माहौल को संयुक्त तौर पर बनाए रखेंगे. साथ ही चीन की कंपनियों समेत अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और सेवा प्रदाताओं के लिए खुला व निष्पक्ष कारोबारी माहौल तैयार करेंगे.'
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने एक अलग संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘इन उच्च प्रौद्योगिकी वाली, उपयोग में सुगम और लोकप्रिय ऐप को प्रतिबंधित कर भारत ने सबसे पहले भारतीय उपयोक्ताओं के अधिकार व हितों का नुकसान किया है. इससे चीन की कंपनियों के हितों को भी नुकसान पहुंचा है. इस कदम से किसी को लाभ नहीं हुआ है.'
उन्होंने कहा कि अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने उसी दिन भारत के चीनी ऐप पर प्रतिबंध का उदाहरण देते हुए अन्य देशों से भी उसका अनुसरण करने को कहा. ‘इसलिए मुझे नहीं पता कि क्या इसे लेकर भारत व अमेरिका के बीच कोई बातचीत हुई है और इसमें कोई संबंध है.
चुनयिंग ने कहा, ‘लेकिन एक देश के तौर पर भारत पुरातन सभ्यता है और इतनी समझदार है कि उसे डर्टबॉक्स, प्रिज्म, इरिटेंट हॉर्न, मस्कुलर और समुद्री इंटरनेट केबल की टैपिंग के बारे में पता होना चाहिए. भारत पूरी तरह जानता है कि अमेरिकी नीतियों और गतिविधियों को लेकर वह (अमेरिका) कितना साफ-सुथरा या गलत है.' लद्दाख पर सीमा तनाव से जुड़े संदर्भों को दरकिनार करते हुए चुनयिंग ने कहा, ‘स्वतंत्रता अनमोल है. हमें उम्मीद है कि भारत इस पर टिका रहेगा. कोई भी निर्णय अल्पकालिक लाभ को ध्यान में रखकर नहीं लिया जाना चाहिए, जो दोनों देशों और उनके लोगों के दीर्घकालिक हितों को नुकसान पहुंचाए.'
उन्होंने ध्यान दिलाया कि दोनों देश पड़ोसी हैं और दोनों को अपनी सभ्यताओं पर गर्व है. दोनों देशों के रिश्ते 1,000 साल पुराने हैं. भारत के नोबल पुरस्कार प्राप्त कवि रविंद्र नाथ टैगोर, योग और दंगल जैसी भारतीय फिल्म चीन में बेहद लोकप्रिय है. चुनयिंग ने कहा, ‘हम दुनिया को गलत समझते हैं और कहते हैं कि इसने हमें धोखा दिया.'

सेहत / शौर्यपथ /क्‍या आप देर तक मोबाइल पर सोशल मीडिया स्‍क्रॉल करती रहती हैं? आप हां कहें या न, हम जानते हैं कि इस समय 90 फीसदी से ज्‍यादा लोग यही करते रहते हैं। बदले हुए लाइफस्‍टाइल ने लोगों को इतना नहीं बदला था, जितना कोविड-19 ने बदल दिया। अब लोग रात देर तक जागते हैं और सुबह देर तक सोते हैं। पर मम्‍मी से मुझे हमेशा इस बात पर डांट पड़ी है।
मैं अकसर ऐसी रिसर्च ढूंढती रहती हूं, जिनमें यह साबित हो सके कि रात देर तक जागना भी फायदेमंद होता है और सुबह देर से उठने वाले लोग ज्‍यादा इंटेलीजेंट और स्‍मार्ट होते हैं। दुर्भाग्‍यवश मुझे अब तक ऐसी कोई रिसर्च नहीं मिल पाई है। अगर आपको मिले तो प्‍लीज मुझे जरूर बताइएगा।
वर्क फ्रॉम होम का हैक्टिक वीक बिताने के बाद मैं सोच ही रही थी कि आज देर तक सोती रहूंगी। पर मम्‍मी की वही पुरानी आदत – कि सुबह जल्‍दी उठो, सुबह जल्‍दी उठने से माइंड फ्रेश रहता है, गार्डन में जाओ, थोड़ा हरे पेड़-पौधों को निहारो, योग और व्‍यायाम करो।
ओह् भगवान! मम्‍मा को कौन समझाए। तो इस बार मैंने सोचा कि मैं कुछ ऐसा ढूंढती हूं जिससे पता चल सके कि वीकेंड पर देर तक सोने के कितने फायदे होते हैं। और ढूंढते-ढूंढते मुझे फि‍नलैंड यूनिवर्सिटी की यह रिसर्च मिली। यह रिसर्च तो बिल्‍कुल मम्‍मी की हां में हां मिलाने वाली थी। जिसने डाटा के साथ बताया कि सुबह जल्‍दी उठकर हम अपनी सेहत के लिए कितने मददगार हो सकते हैं। सबसे बड़ी बात कि इससे वेट लॉस में भी मदद मिलती है।
सुबह जल्‍दी उठना होता है फायदेमंद
फिनलैंड स्थित आउलू यूनिवर्सिटी के हालिया अध्ययन में बिल्‍कुल मेरी मम्‍मी वाली नसीहत दी गई है। इसके शोधकर्ताओं के मुताबिक सूरज की पहली किरण के साथ बिस्तर छोड़ देने वाले लोग दिन भर ज्यादा तरोताजा और तनावमुक्त महसूस करते हैं। इससे वे शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय तो रह ही पाते हैं, साथ ही उनमें स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल का उत्पादन भी घटता है।
ब्‍लड शुगर और कोलेस्‍ट्रॉल रहता है कंट्रोल
दोनों ही चीजें वजन के साथ ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रखने के लिए अहम मानी जाती हैं। सुबह जल्दी उठने वाले लोगों को काम में मन लगाने में भी आसानी होती है। इससे उनकी उत्पादकता बढ़ती है और प्रमोशन व वेतनवृद्धि की गुंजाइश बढ़ जाती है।
पॉल हिग्स के नेतृत्व में हुए इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने सुबह जल्दी और देरी से उठने वाले लोगों की शारीरिक गतिविधियां आंकी। इस दौरान जल्दी बिस्तर छोड़ने वाले प्रतिभागी ज्यादा सक्रिय नजर आए। पुरुषों की सेहत पर इसका आधे घंटे की चहलकदमी जितना फायदा दिखा।
वर्कआउट जितना फायदा देता है सुबह जल्‍दी उठना
महिलाओं को 20 मिनट की कसरत जितना फायदा मिला। उधर, देर से जगने वालों में आलस्य का भाव ज्यादा दिखा। इस कारण उनमें मोटापे, टाइप-2 डायबिटीज का खतरा भी अधिक दर्ज किया गया।
इस अध्ययन के नतीजे तो ‘स्कैंडिनेवियन जर्नल ऑफ मेडिसिन एंड साइंस इन स्पोर्ट्स’ के हालिया अंक में प्रकाशित किए गए हैं। पर आपने क्‍या सोचा गर्ल्‍स!

सेहत / शौर्यपथ / वर्क फ्रॉम होम हो या फिर वर्क फ्रॉम ऑफिस, दोनों में थकावट हो जाती है। खासतौर पर डेस्क जॉब में आपके दिमाग और आंखो पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। वहीं, लैपटॉप और मोबाइल पर समस्या और भी बढ़ जाती है। आपको अगर थकावट के साथ हमेशा शरीर में दर्द की शिकायत रहती है, तो आप शवासन करना शुरू कर दें।
कैसे करें शवासन
शवासन में बस लेटना होता है।सबसे पहले घर का वह कोना तलाशें जहां शांति हो।
अब वहां एक आसन या चटाई बिछा लें और पीठ के बल लेट जाएं।
दोनों हाथों को शरीर से कम से कम 5 इंच की दूरी पर करें।
दोनों पैरों के बीच में भी कम से कम 1 फुट की दूरी रखें।
हथेलियों को आसमान की तरफ रखें और हाथों को ढ़ीला छोड़ दें।
शरीर को ढीला छोड़ दें।
आंखों को बंद कर लें। अब हल्की-हल्की सांस लें।
पूरा ध्यान अब अपनी सांसों पर केंद्रित करें।
शवासन के लाभ
जैसा कि शुरुआत में ही बताया गया यह आसन तनाव को दूर करता है।
उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मनोविकार, दिल की बीमारी वगैरह में भी इस योगासन से लाभ होता है।
इस योगासन से शरीर की थकान भी दूर होती है और मन को शांति मिलती है।
शवासन करने से याददाश्त, एकाग्रशक्ति भी बढ़ती है।.
इसके साथ ही सबसे जरूरी है कि आप मोबाइल, टीवी आदि गैजेट्स का इस्तेमाल अपनी जरूरत तक ही सीमित रखें, मतलब की अपना टाइम पास करने के लिए कभी गैजेट का इस्तेमाल न करें। इससे हमारा दिमाग कमजोर होता जाता है क्योंकि हम हर बात के लिए गैजेट का इस्तेमाल करते रहते हैं।

खाना खजाना / शौर्यपथ / अंडा नें कम मात्रा में कैलोरी पाई जाती है साथ ही इसे खाने से काफी समय तक पेट भरा रहता है। अंडे में प्रोटीन, आयरन से भरपूर होता है। वेट लॉस डाइट में अंडा खाने का मतलब है आप बिना अपने शरीर को कमजोर किए वजन भी घटा रहे है और आपके शरीर को जरूरी न्यूट्रिएंट भी मिल रहे हैं।
अंडे के पोषक तत्व
अंडे में प्रोटीन की मात्रा सबसे ज्यादा होती है। कैल्शियम, फॉस्फोरस, विटामिन्स, प्रोटीन आदि कई पोषक तत्वों से भरपूर अंडा सेहत के लिए है बहुत उपयोगी है। खासतौर पर अंडे का जो सफेद भाग होता है उसमें 90% पानी और 10% प्रोटीन पाया जाता है। अंडे में जो सबसे पोषक तत्व ज़्यादा मात्रा में होता है उसे जर्दा कहते हैं।
स्क्रैम्बल्ड एग
स्क्रैम्बल्ड एग बनाने में बहुत आसान है ये वजन घटाने के साथ आपको हेल्दी भी रखता है। साथ ही इस आप फ्रूट्स, कच्ची सब्जियां किसी के साथ भी खा सकते हैं।
ऑमलेट
ऑमलेट अंडे की सबसे आम रेसिपी है। इसे आप अपने हिसाब से बना सकते हैं। ऑमलेट को ज्यादा पौष्टिक बनाने के लिए आप पनीर और सब्जियां भी डाल सकते हैं।
एग बिद बीन्स
बीन्स प्रोटीन का एक अच्छा स्त्रोत है। इसे आप अंडे के साथ बना सकते हैं। इसे साथ में बनाएं और खाएं। इसे खाने से काफी समय तक भूख नहीं लगती।
अंकुरित सलाद के साथ एग
अंकुरित सलाद के साथ एग आपकी सेहत का भी ख्याल रखता है और साथ ही आपको वजन घटाने में भी मदद करता है। यह खाने में टेस्टी और कैलोरी फ्री भी होता है।

लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / आचार्य चाणक्य एक शिक्षक होने के साथ ही कुशल अर्थशास्त्री भी थे। चाणक्य ने नीति शास्त्र में जीवन से जुड़ी तमाम बातों का जिक्र किया है। जिसमें सफलता से लेकर स्वभाव और धनवान बनने के बारे में बताया है। कई बार व्यक्ति को कड़ी मेहनत के बाद भी उसके मनचाही सफलता नहीं मिलती है। चाणक्य ने नीति शास्त्र में कहा कि सफलता हासिल करने के लिए हर व्यक्ति को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
सम्मान लेने से पहले देने की आदत-
चाणक्य कहते हैं कि हर व्यक्ति मान-सम्मान चाहता है। व्यक्ति समाज में मान-प्रतिष्ठा हासिल करने के लिए कई जतन करता है। लेकिन समाज में आदर मिले यह जरूरी नहीं है। चाणक्य कहते हैं कि सम्मान लेने से पहले सम्मान देने की आदत डालनी चाहिए। नीति शास्त्र में चाणक्य कहते हैं कि सम्मान मांगने से नहीं मिलता है। हर व्यक्ति को दूसरों को सम्मान की निगाह से देखना चाहिए।
स्वार्थ के लिए न बदलें स्वभाव-
चाणक्य कहते हैं कि लाभ या स्वार्थ के लिए व्यक्ति को कभी अपना स्वभाव नहीं बदलना चाहिए। हर व्यक्ति को समान बर्ताव और आचरण करना चाहिए। लाभ के लिए अनुशासन को नहीं भूलना चाहिए। जो व्यक्ति लाभ के लिए ऐसा करते हैं उन्हें समाज में अपमान झेलना पड़ता है। चाणक्य कहते हैं कि जो कार्य मानव हित में हो वहीं व्यक्ति को करने चाहिए।
हमेशा आचरण अच्छा रखें-
चाणक्य नीति कहती है कि व्यक्ति को दूसरों के साथ व्यवहार को लेकर काफी सजक और सर्तक रहना चाहिए। व्यक्ति का दूसरों के साथ कैसा बर्ताव है, इस बात पर भी सफलता निर्भर करती है। चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को सदैव विनम्र स्वभाव का होना चाहिए। जिस व्यक्ति के स्वभाव में यह गुण होता है वह जल्द सफलता हासिल करता है।
ये 4 बातें ही तय करती हैं कि आपको सफलता मिलेगी या नहीं?
आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में जीवन जीने के तरीके से लेकर सफलता तक के बारे में कई बातें बताई हैं। इन बातों को अपनाकर आगे बढ़ने वाले व्यक्ति जीवन में सफलता की सीढ़ियां चढ़ते जाते हैं। आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में सफलता को हासिल करने के लिए भी कुछ बातों का जिक्र नीति शास्त्र में किया है। अगर आप भी चाणक्य नीति को अपनाकर करना चाहते हैं सफलता हासिल, तो जानिए कौन-सी हैं वो बातें-
1. आचार्य चाणक्य कहते हैं व्यक्ति का अनुशासित होना बहुत जरूरी है। जो व्यक्ति अनुशासन में रहता है, वह सफलता जल्दी हासिल करता है। बिना अनुशासन कामयाबी को हासिल करना बेहद मुश्किल होता है।
2. चाणक्य कहते हैं कि डर को कभी भी खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए। जो व्यक्ति जीवन में चुनौतियों से घबराता है, उसे सफलता हासिल करने में समय लगता है। चाणक्य कहते हैं कि वही व्यक्ति सफल होता है जो जोखिम भरे निर्णय के लिए तैयार रहता है।
3. नीति शास्त्र के अनुसार, किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले खुद से तीन सवाल जरूर पूछने चाहिए। मैं इसे क्यों कर रहा हूं, क्या इस कार्य को पूरा कर पाऊंगा और इसका परिणाम क्या होगा। इन तीनों सवालों के संतोषजनक जवाब मिलने के बाद ही कार्य की शुरूआत करनी चाहिए।

4. किसी भी कार्य को करने से पहले उसकी प्लानिंग करना जरूरी होता है। चाणक्य कहते हैं कि ऐसे कार्य में आने वाली मुश्किलों का हम आसानी से सामना कर पाते हैं और जल्द सफलता हासिल करते हैं।

 

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