
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश में गुरुवार को 837 मरीज मिलने की पुष्टि हुई वही 730 मरीज डिस्चार्ज हुए . गुरुवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार 13 मरीजो की मौत हुई . इस तरह प्रदेश में वर्तमान स्थिति तक कुल 36520 मरीज कोरोना संक्रमित पाए गए जिसमे से 17258 मरीज वर्तमान में संक्रमित है एवं 18950 मरीज स्वास्थ्य लाभ ले कर डिस्चार्ज हो चुके है एवं 312 मरीज की कोरोना संक्रमण से मौत हो चुकी है . रायपुर से खबर लिखे जाने तक सबसे ज्यादा 300 मरीज पाए गए एवं सबसे कम बलोदा बाज़ार व कोंडागाँव से एक एक मरीज मिले है . दुर्ग में स्थिति संतोष जनक है अचानक सैकड़ा पार करने वाले दुर्ग में खबर लिखे जाने तक 30 मरीज मिले .
अम्बिकापुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एव परिवार कल्याण मंत्री टीएस सिंहदेव की अध्यक्षता में आज यहां कलेक्टोरेट परिसर में कोविड-19 की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मंत्री सिंहदेव ने कोविड अस्पताल में मरीजों की सुविधा तथा कोविड टेस्ट से संबंधित जानकारी सीएमएचओ एवं चिकित्सा अधीक्षक से प्राप्त की। उन्होंने कहा कि कोविड से निपटने में किसी प्रकार की कमी हो तो उसे तत्काल दूर कर लिया जाए। किसी भी स्तर पर कमी की गुंजाइश न के बराबर हो ताकि मरीजो को बेहतर एवं समय पर ईलाज मिल सके।
मंत्री सिंहदेव ने कहा कि कोविड के मरीजो की संख्या बढ़ती जा रही है। इसे देखते हुए जिले में 2 हजार तक बेड संख्या की व्यवस्था करें। इसके लिए आस-पास के शासकीय भवनों को चिन्हांकित करें। छात्रवासो में स्थित बेड को कोविड़ सेन्टर के लिए चिन्हांकित भवनों में शिफ्ट कराकर तैयारी शुरू करें। इसके साथ ही शहर के नजदीक कम से कम 200 बेड का भवन चिन्हांकित कर एसिम्पटोमेटिक महिला मरीजों के लिये तैयार करें। इसे एक मॉडल के रूप में विकसित करें जो राज्य के लिए अनुकरणीय हो। कोविड़ सेन्टर के लिए चिन्हांकित भवनों को प्राथमिकता के अनुसार अधिग्रहित कर तैयार कराएं।
मंत्री श्री सिंहदेव ने कहा कि आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट निर्धारित समय पर उपलब्ध हो। रिपोर्ट को बारीकी से जांच करने के बाद ही आईसीएमआर को प्रेषित करें। डेटा एंट्री में कोई त्रुटि न हो इसके लिए रिपोर्ट की प्रिंट स्पष्ट हो। उन्होंने कहा कि जिले के लिए निर्धारित आरटीपीसीआर टेस्ट लक्ष्य के अनुरूप 5 हजार टेस्ट प्रतिदिन करने पूरा प्रयास करें।
पॉजिटिव रिपोर्ट आने वाले मरीजो के साथ ही जिनका रिपोर्ट नेगेटिव है उन्हें भी समय पर सूचित करें ताकि कोई भ्रम न रहे। सैंपल लेने के बाद उन्हें घर मे आईसोलेशन में रहना है इसकी जानकारी दें। सैंपल देने वाला व्यक्ति घर में ही रहे। स्वास्थ्य विभाग के साथ जिला प्रशासन के अमले को आइसोलेशन की निगरानी के लिए ड्यूटी लगाई जाए। उन्होंने कोविड मरीजो के भोजन की गुणवत्ता को गंभीरता से लेते हुए कहा कि प्रति प्लेट की दर से भोजन व्यवस्था में यदि प्लेट की कीमत जुडऩे से गुणवत्ता से समझौता करना पड़ता है तो स्टील की थाली क्रय करें। थाली की अच्छी सफाई कराकर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराएं।
मंत्री ने कहा कि कोविड से संबंधित उपकरण तथा दवाई की आपूर्ति में सीजीएमएससी से विलंब या मात्रा में कमी की स्थिति निर्मित न हो इसके लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्था रहे ताकि जरूरत पडऩे तत्काल उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि विकासखण्ड स्तर पर बनाए गए कोविड़ सेन्टर में स्थानीय मरीजों की भर्ती कराएं ताकि मेडिकल कॉलेज में को भार कम हो सके। सीएमएचओ डॉ. पीएस सिसोदिदया ने बताया कि अब तक जिले 722 कोरोना के पॉजेटिव मरीज मिले हैं। नगर निगम अम्बिकापुर में 48 कन्टेनमेंट जोन हैं। कुछ दिनों से पोजेटिव केस की संख्या में गिरावट आई है।
मंत्री सिंहदेव ने रिंग रोड में ड्रेनेज की समस्या पर सीजीआरडीसी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां भी नाली जाम होने की समस्या है वहां फिर से उपयुक्त नाली निर्माण कराएं। इसीप्रकार उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग अम्बिकापुर से उदयपुर एवं अम्बिकापुर से सीतापुर के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि चरणबद्ध तरीके से सड़क निर्माण समय-सीमा पर कराएं।
संभागायुक्त डॉ. संजय कुमार अलंग ने एन.एच के कार्यपालन अभियंता को निर्देशित किया कि दोनो सड़कों के ठेकेदार से बैठक कर प्रतिदिन सड़क निर्माण की प्रगति का लिखित सहमति ले और उसकी प्रगति रिपोर्ट प्रतिदिन प्रस्तुत करें। यदि निर्माण गति में कमी आती है तो सम्बंधित ठेकेदार का बिल का भुगतान रोक दें।
बैठक में कलेक्टर संजीव कुमार झा वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुडे थे साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष शफी अहमद, पुलिस अधीक्षक टीआर कोशिमा, जिला पंचायत सदस्य आदित्येश्वरशरण सिंहदेव, अपर कलेक्टर एएल धु्रव सहित स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, सीजीआरडीसी के अधिकारी उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ / जिले में काढ़ा वितरण को लेकर महा अभियान चलाया जाएगा। निगम में वार्डों में एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्टाल लगाकर काढ़े का वितरण किया जाएगा कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि आयुष विभाग द्वारा जो काढ़ा बताया गया है वह प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाने के लिए उपयोगी है। लोगों तक सामग्री उपलब्ध हो तथा काढ़ा बनाने की विधि भी लोगों को मालूम हो जाए इस संबंध में व्यापक अभियान जिला प्रशासन द्वारा चलाया जाएगा। कलेक्टर ने इस संबंध में व्यवस्था बनाने के निर्देश निगम के एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों को दिए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि कोविड की बीमारी से लडऩे के लिए सोशल डिस्टेंसिंग को बढ़ावा देने के साथ ही मास्क पहनना एवं सैनिटाइजेशन का पालन करना बेहद आवश्यक है, इसके साथ ही प्रतिरोधक क्षमता को लेकर कार्य करना भी आवश्यक है। इस संदर्भ में आयुष मंत्रालय द्वारा जारी किए गए निर्देश उपयोगी हो सकते हैं। इसके मुताबिक काढ़े को अधिकाधिक लोगों तक उपलब्ध किया जाए ताकि पप्रतिरोधी क्षमता के माध्यम से कोविड की बीमारी से स्वयं को प्रतिरोधी बनाने में मदद मिल सके। कलेक्टर ने आज निगम के एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों को कोविड संक्रमण को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने और किसी तरह की चूक नहीं करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंटेनमेंट जोन में किसी भी तरह से चूक नहीं होनी चाहिए। जो लोग होम आइसोलेशन में रह रहे हैं उनकी सतत मॉनिटरिंग होनी चाहिए। कोविड के मरीजों की प्राइमरी कांटेक्ट की ट्रेसिंग बहुत जरूरी है। इसके साथ ही जल्द से जल्द इनकी टेस्टिंग भी जरूरी है। टेस्टिंग के नतीजे आते ही इन्हें तय समय अवधि में अस्पताल में शिफ्ट किया जाना जरूरी है जो लोग शासकीय अस्पतालों की सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं उनका निशुल्क इलाज शासकीय अस्पताल में किया जाएगा।
जो लोग इसके इच्छुक नहीं है वह प्रशासन द्वारा चिन्हांकित निजी अस्पतालों में अपना इलाज करा सकते हैं। कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अलर्ट में रहे जहां कहीं से भी पॉजिटिव होने अथवा किसी कोविड मरीज के मृत होने की सूचना मिलती है। वहां पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। कलेक्टर ने कहा कि कोविड केयर सेंटर में भी मरीजों के प्रभावी इलाज पर नजर रखें। मरीजों की सुविधा का हर तरह से ध्यान रखें। कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार कार्य करें, साथ ही जो मरीज डिस्चार्ज हुए हैं। उन्हें घरों तक पहुंचाने की सुविधा भी उपलब्ध कराएं। डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रियंका वर्मा ने बताया कि डिस्चार्ज मरीजों के लिए निगम द्वारा दो बसें उपलब्ध कराई गई है। कल 74 कोविड मरीज डिस्चार्ज हुए जिन्हें घर तक बसों के माध्यम से विदा किया गया। कलेक्टर ने कहा कि जो लोग होम आइसोलेशन में है उनकी विशेष रूप से मॉनिटरिंग की जाए।
सर्दी खांसी के मरीजों के लिए सर्वे का कार्य युद्ध स्तर पर किया जाए, इनका सैंपलिंग का कार्य भी तेजी से किया जाए , जिन क्षेत्रों में सर्दी खांसी के अधिक मरीज आ रहे हैं उन्हें चिन्हांकित किया जाए एवं इन क्षेत्रों में विशेष रूप से अभियान चलाकर लगातार लोगों के स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग की जाए।
दुर्ग / शौर्यपथ / निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन द्वारा आज कोरोना संक्रमण को देखते हुये जिला चिकित्सालय के सीपीएम संजीव दुबे, एवं नगर निगम दुर्ग के राजस्व निरीक्षक, सहा0 राजस्व निरीक्षक, जिनकी ड्यूटी कोरोना टेऊसिंग टीम में लगायी है उनकी बैठक ली गई। कोरोना संक्रमण के बढ़त क्रम के कारण जिला चिकित्सालय के कोरोना टेस्ंिटग सेंटर में हो रही भीड़ को देखते हुये नगर निगम दुर्ग के आम नागरिकों को बघेरा, पोटियाकला, और जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में कोरोना टेस्ंिटग की सुविधा मिलेगी। निगम आयुक्त बर्मन ने शहर वासियों से अपील कर कहा कि वर्तमान में बढ़ते जा रहे संक्रमण को देखते हुये बघेरा, पोटियाकला और पटरीपार के निवासी जिला चिकित्सालय के अलावा इन जगहों पर जाकर अपना कोरोना टेस्ंिटग करा सकते हैं।
आयुक्त ने बैठक में कहा कि सभी टेऊेसिंग टीम के सदस्य प्रत्येक दिन पॉजिटिव मिले व्यक्तियों के घरों का निरीक्षण करें। जिस दिन भी वार्ड का व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिलता है टेऊेसिंग टीम तत्काल दूसरे दिन वहॉ जाकर कोविड-19 स्लीप चस्पा कर उस घर के सदस्यों को सुरक्षित रहने प्रेरित करें। उस घर को सील करें । उन्होनें कहा उस घर के अगल-बगल के करीब 50 घरों में कोई बीमार व्यक्ति तो नहीं इसका सर्वे का जानकारी देवें। यह कार्य प्रत्येक दिवस वार्ड में जाकर करें। उन्होनें बताया दुर्ग में कोरोना टेस्ट के लिए अन्य 3 स्थानों पर सुविधा प्रदान की जा रही है। जिसमें बघेरा स्कूल के सामने शहरी स्वास्थ्य केन्द्र, पोटियाकला में स्थित शहरी स्वास्थ्य केन्द्र और धमधा नाका जिला आयुर्वेदिक हास्पीटल में कोई भी व्यक्ति आकर कोरोना का टेस्ंिटग करा सकता है।
उन्होनें निगम के स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित कर कहा जिन वार्डो में कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति मिलने की जानकारी मिलती है उस वार्ड मोहल्ला क्षेत्र में तत्काल साफ-सफाई के साथ दवाई का छिड़काव करावें और क्षेत्र को सेनेटाईज करायें। बैठक में राजेन्द्र मिश्रा, भूपत भारद्वाज, मनोज मनहरे, रविन्द्र मिश्रा, बद्रीनाथ, गौकरण सोनी, चंदन मनहरे, लीलाधर यादव, निशांत यादव, नरेन्द्र मनहरे सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
भिलाई नगर / शौर्यपथ / निगमायुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश समस्त जोन आयुक्तों को दिए है इसी तारतम्य में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ आज दूसरे दिन भी नगर पालिक निगम की टीम ने कार्रवाई की। यह कार्यवाही 2 स्थानों पर हुई एक फरीदनगर और दूसरा सुपेला लक्ष्मी मार्केट क्षेत्र में ! फरीदनगर में एक व्यक्ति द्वारा भवन अनुज्ञा के बिना किए जा रहे निर्माण को बंद करवाया गया। लक्ष्मी नगर मार्केट सुपेला में निगम की जमीन पर बारबेट तार और आरसीसी पोल से की गई फेसिंग को तोड़कर कब्जा खाली कराया गया। जोन 1 के अधिकारियों को फरीदनगर में करीब 22 सौ वर्गफीट जमीन पर बिना परमिशन भवन निर्माण किये जाने की शिकायत मिली थी।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जोन के अधिकारियों ने सहायक राजस्व अधिकारी शरद दुबे को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। निर्देश के अनुसार सहायक राजस्व अधिकारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और भवन मालिक को जमीन और भवन अनुज्ञा से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने कहा गया। जमीन मालिक द्वारा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर निर्माण कार्य को बंद कराया गया। वहीं सड़क पर बिखरे पड़े बिल्डिंग मटेरियल को हटाने के निर्देश दिए।
निगम की जमीन पर किए जा रहे कब्जे को कराया गया खाली
लक्ष्मी नगर मार्केट में एक व्यक्ति द्वारा सीमेंट पोल और फेंसिंग तार से घेरकर कब्जा कर लिया था। जिसे निगम की टीम ने तोडफ़ोड़ कर कब्जा खाली कराया। उल्लेखनीय है कि 1 दिन पूर्व ही निगम के जोन क्रमांक 2 की टीम ने वार्ड क्रमांक 14 रामनगर क्षेत्र में नाली के ऊपर किए गए अतिक्रमण के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए दुकान को तोड़कर को अतिक्रमण मुक्त कराया था!
आरटीपीसीआर और ट्रू नॉट जांच रिपोर्ट भेजी जाएगी मोबाइल नम्बरों पर,जांच की रिपोर्ट लेने अस्पताल आने की ज़रूरत नहीं
दुर्ग / शौर्यपथ / मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर द्वारा आम जनता से अपील की हैै कि दुर्ग जिले में कोविड 19 जांच (सैंपल) जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में जांच हो रही है। उन्होंने बताया कि यदि रैपिड एन्टीजन जांच की जाती है तो रिर्पोट जांच स्थल में ही तुरंत मिल जाएगी और यदि ट्रूनॉट अथवा आरटीपीसीआर जांच होती है तो उसकी रिर्पोट संबंधित के मोबाईल नंबर में मैसेज के माध्यम से भेजी जाएगी। रिर्पोट के लिए उन्हें कहीं भी जाने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील है की है कि फिजिकल डिस्टेसिंग, सेनेटाईजर, मास्क, हैण्डवॉश का नियमित उपयोग करें। जहां तक संभव हो कम से कम घर से घर से बाहर निकलें।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोरोना से बचने के लिए ये तरीका भी अच्छा है कि क्यों न थोड़ी आदत बदल लें..., राजनांदगांव जिले में कुछ इसी तरह का बदलाव देखने को मिल रहा है। कोरोना संक्रमण के दौर में जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और स्वास्थ्य विभाग के प्रयास से चलाए जा रहे जागरूकता अभियान का जिले में कई सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। कोरोना को मात देने की जद्दोजहद में लोगों की आदतें अब तेजी से बदल रही हैं। अच्छी तरह हाथ धोने के साथ ही मास्क, सैनिटाइजर, पल्स ऑक्सीमीटर या थर्मामीटर का उपयोग अब एक तरह से हर घर की बात हो गई है।
दवा व्यवसायी बताते हैं कि विशेषकर कोरोना संक्रमणकाल में सैनिटाइजर, मास्क, पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर की मांग तेजी से बढ़ी है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने कहा कि, कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए जिले में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और लोगों के बीच इस अभियान का सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिल रहा है। कोराना संक्रमण से बचाव के लिए मॉस्क, सैनिटाइजर के उपयोग के साथ ही बार-बार हाथ धोना और दो गज की दूरी रखना अब लोगों की आदत का हिस्सा बनने लगा है। लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने होम आइसोलेट मरीजों को अपने साथ खासकर पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर रखना अनिवार्य किया है।
यह जागरूकता अभियान का ही परिणाम है कि अब कोरोना मरीजों के अलावा आम लोग भी बाजार से सैनिटाइजर, मॉस्क, पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर की खरीदी कर अपनी सेहत की घरों में ही जांच करने लगे हैं। जिला दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष देवव्रत गौतम ने बताया कि कोरोना मरीजों को होम आइसोलेट करने की सुविधा देने के बाद बिक्री में और तेजी आई है।
शहर की अलग-अलग दुकानों से रोजाना 80 से 100 नग पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर बिक रहे हैं। होम आइसोलेट मरीजों की तुलना में इसकी बिक्री अधिक होने से स्पष्ट हो रहा है कि सामान्य लोग भी अपनी सेहत की जानकारी घर पर ही जुटाने के लिए इसकी खरीदी कर रहे हैं। राहत वाली बात ये है कि अब तक थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर की किसी तरह की शार्टेज नहीं है। मांग से अधिक स्टाक अलग-अलग मेडिकल स्टोर्स में मौजूद हैं। वहीं मॉस्क, सैनिटाइजर भी अब बाजार में जरूरत से कहीं अधिक मौजूद है।
192 कोरोना संक्रमित होम आइसोलेट
जिले में वर्तमान में 192 कोरोना संक्रमितों को होम आइसोलेट किया गया है। इन्हें अपने पास पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर रखना अनिवार्य है, लेकिन इन मरीजों की तुलना में इनकी बिक्री कई गुना तक बढ़ गई है। सप्ताहभर से शहर में पल्स ऑक्सीमीटर की खरीदी रोजाना 100 के लगभग है। वहीं इतनी ही संख्या में थर्मामीटर भी बिक रही है। इससे साफ है कि सामान्य लोगों में भी अपनी सेहत को लेकर काफी जागरूकता आई है।
ऑक्सीजन लेवल की जानकारी देती है पल्स ऑक्सीमीटर
पल्स ऑक्सीमीटर शरीर में ऑक्सीजन लेवल की जानकारी देती है। यह डिवाइस खून में मौजूद ऑक्सीजन के स्तर को मापती है। यह हार्ट रेट की रीडिंग भी देती है। इससे यह भी पता लगता है कि फेफड़ों के लिए दी गई दवाई कितने अच्छे से काम कर रही है एवं यह पता लगता है कि सांस लेने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता है या नहीं? सांस से जुड़ी अलग.अलग जानकारी के लिए यह डिवाइस काम आती है।
कीटाणु और बैक्टीरिया से बचाता है सैनिटाइजर
इन दिनों हाथों को धोने के लिए साबुन की जगह हैंड सैनिटाइजर का उपयोग अधिक किया जा रहा है। हैंड सैनिटाइजर कीटाणुओं और बैक्टीरिया को हमारे हाथों से निकाल देता है, साथ ही इसके इस्तेमाल के बाद हाथों से भीनी सी महक भी आती है, लेकिन कुछ लोगों को बार-बार हाथ धोने की आदत सी होती है। ऐसे लोगों को हर छोटे-बड़े काम में हाथ डालने के बाद लगता है कि उनके हाथ सिर्फ पानी से साफ नहीं हो पाएंगे, इसलिए वे बार-बार हाथ साफ करने के लिए हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग करते हैं।
ऐसे काम करता है थर्मामीटर
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना वायरस की पहचान व रोकथाम में थर्मामीटर काफी उपयोगी साबित हुआ है, जिसके माध्यम से बिना छुए ही किसी व्यक्ति का तापमान मापा जा सकता है। थर्मामीटर मरीज के शरीर का तापमान डिग्री फॉरेन्हाइट व डिग्री सेल्सियस में पलक झपकते ही बता देता है। यह गैर-संपर्क दूरस्थ अवरक्त इलेक्ट्रॉनिक थर्मामीटर है। यह माथे से अवरक्त गर्मी विकिरण को एकत्र कर शरीर के तापमान को मात्र एक सेकेंड में माप सकता है। यह डिफरेंस तापमान को भी सेंसर के माध्यम से पढ़ लेता है। यह इस्तेमाल में भी आसान और सटीक परिणाम देता है। इसमें एलसीडी डिस्प्ले भी रहता है, जो अंधेरे वातावरण में भी काम कर सकता है।
कंपनियों ने दाम किए कम, सप्लाई बढ़ाई
दवा व्यवसायियों के अनुसार बगैर लक्षण वाले मरीजों के होम आइसोलेट किए जाने की प्रक्रिया के बाद इन उपकरणों की खरीदी बढ़ी है। इसी के साथ कंपनियों ने इसकी सप्लाई भी बढ़ा दी है। पहले की तुलना में इन उपकरणों के दाम भी कम कर दिए गए हैं।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेताओं के द्वारा बेचे गए गोबर का लेखा जोखा रखने के लिए एप तैयार किया गया है, जिसके माध्यम पंजीकृत हितग्राही अपने सभी विवरण इसमें देख सकेंगे। जिले में एप के माध्यम से गोबर की खरीदी 6 सितम्बर से की जाएगी। इस संबंध में नोडल अधिकारियों को एप से संबंधित जानकारी को लेकर प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल ने बताया कि गोबर खरीदी के लिए शासन के द्वारा चिप्स के माध्यम से एप तैयार कराया गया है। जिले में कलेक्टर यशवंत कुमार के मार्ग निर्देशन में गोधन न्याय योजना का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। जिपं सीईओ ने बताया कि अब एप के माध्यम से गोधन न्याय योजना का संचालन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिस तरह से धान खरीदी में किसानों का पंजीयन किया जाता है, उसी तरह गोधन न्याय योजना में गोबर विक्रेताओं का पंजीयन कृषि साख सहकारी समिति (पैक्स) द्वारा किया जाना है। ऐसा करना इसलिए आवश्यक है क्योंकि गोबर खरीदी के समय विक्रेताओं की जानकारी भरने की आवश्यकता न रहे। केवल क्रय किए गए गोबर की मात्रा ही भरना पड़े। उन्होंने बताया कि जिन हितग्राहियों ने गोबर विक्रय किया हैं उनकी जानकारी एनआईसी में एकत्रित हो गई है। उनका पंजीयन दुबारा करना आवश्यक नहीं होगा। सिर्फ जिन्होंने अब तक गोबर नहीं बेचा है उनका ही पंजीयन पैक्स के माध्यम से कराये जाने कहा है। उन्होंने गोठान नोडल अधिकारियों को अभियान चलाकर शेष सभी गोबर विक्रेताओं का पंजीयन कराने कहा है।
एप के संबंध में सभी नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके बाद भी अगर कहीं पर भी कोई कठिनाई आती है तो जिला स्तरीय अधिकारी या फिर चिप्स के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके समस्या का समाधान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आगामी 6 सितम्बर से गोबर की खरीदी चिप्स एप के माध्यम से की जाएगी। इस एप की सहायता से पंजीकृत हितग्राही अपने पंजीयन की जानकारी जैसे व्यक्तिगत विवरण, बैंक विवरण एवं संबंधित गोठान का नाम देख पाएंगे। इसमें हितग्राही द्वारा बेचे गए गोबर की तिथिवार जानकारी एवं विक्रय से प्राप्त राशि की जानकारी आसानी से देख सकेंगे।
प्रत्येक गोठान के लिए नोडल
जिपं सीईओ अग्रवाल ने बताया कि जिले की 234 गोठान में नोडल अधिकारी नियुक्ति किए गए हैं। जो शासन की महत्वकांक्षी योजना एनजीजीबी के तहत बनाए गए गोठान में सतत गतिविधियों एवं गोधन न्याय योजना का क्रियान्वयन, निरीक्षण करेंगे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / नगर निगम के नेताप्रतिपक्ष एवं पूर्व महापौर श्रीमती शोभा सोनी के आकस्मिक निधन पर नगर निगम में सोसल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुये श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जहां पार्षदगणों एवं अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा उनके तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनि श्रद्धांजलि देते हुये दो मिनट की मौन श्रद्धांजलि दी गयी।
निगम अध्यक्ष हरिनारायण पप्पू धकेता ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये कहा कि पार्षद पद से राजनीति की शुरूआत करने वाली श्रीमती शोभा सोनी नगर में जनता में अपनी सादगी एवं कर्मठता की छवि बनाई। कोई भी व्यक्ति किसी भी काम के लिये उनके पास जाता था, उसका वे संतुष्ट कर भेजती थी। दलगत राजनीति से उपर उठकर वे कार्य करती थी। उनके आकस्मिक निधन का समाचार मिलने पर विश्वास ही नहीं हो रहा था, कि वे हमारे बीच नहीं है। ऐसा लग रहा है, मानो वे अभी भी हमारे बीच है।
नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक ने संवेदना व्यक्त करते हुये कहा कि कल दोपहर में उनके निधन का समाचार प्राप्त हुआ तो विश्वास ही नहीं हो रहा था कि वे हमारे बीच नहीं रही। नेता प्रतिपक्ष होने के बाद भी सही सलाह देकर निगम के कामों में सहयोग करती थी। उनके निधन से परिवार सहित निगम को क्षति हुई है। जिसकी पूर्ति कभी नहीं हो सकती। आयुक्त कौशिक ने महापौर श्रीमती हेमा सुदेश देशमुख के शोक संदेश पढ़ कर सुनाते हुये कहा कि मैडम ने भी श्रीमती सोनी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है और व्यक्तिगत क्षति बताते हुये कहा कि उनके द्वारा प्राप्त सभी पदों का कुशलतापूर्वक निर्वाहन किया है। जिसके कारण उनकी एक जन नेता के रूप में पहचान बनी थी, उनके स्वर्गवास होने से नगर निगम सहित राजनांदगांव शहर की अपूर्णीय क्षति हुई है। जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। मैं उनके आत्मा की शांति के लिये निगम परिवार सहित शहर वासियों की ओर से प्रार्थना करती हूॅ।
पार्षद शिव वर्मा ने शोक संदेश में कहा कि अपने कर्तव्य परायण एवं मिलन सारिता से श्रीमती शोभा सोनी नगर में गांव की नोनी के नाम से प्रसिद्ध थी। उनका अकस्मात चला जाना हमारे लिये अपूर्णीय क्षति है, जो कभी पूरी नहीं हो सकती। मैं अपनी ओर से एवं हम सबकी ओर से उनकी आत्मा की शांति के लिये प्रार्थना करता हूॅ। अंत में उपस्थित जनों द्वारा श्रीमती शोभा सोनी को दो मिनट की मौन श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। शोक सभा का संचालन कार्यपालन अभियंता दीपक जोशी ने किया। इस अवसर पर महापौर परिषद के प्रभारी सदस्यगण, पार्षदगण, नामांकित पार्षदगण एवं अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ / संयुक्त किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष दीनदयाल साहू ने दसवी एव बारहवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम के संबंध में एक विज्ञप्ति के माध्यम से कहा है कि दसवीं एवं बारहवी की उत्तर पुस्तिका में रोल नंबर लिखने के साथ ही पहली बार परीक्षाथियेां के नाम लिखना व उनका फेल होना या पूरक आना अनेकों संदेह को जन्म देता है क्येांकि उक्त छात्र-छात्राओं के पुर्नमूल्यांकन के समय उनका नंबर का बढना या पास होना यह साधारण घटना नही है। यह ऐसा प्रतीत होता है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल के जांच में लगे शिक्षक क्षेत्रवाद, जातिवाद से ग्रसित होकर उत्तर पुस्तिका के नामों और सर्नेम को देखकर नंबर दिया जाता है या छात्रों को फेल-पास किया जाता है। जिससे माध्यमिक शिक्षा मंडल की विश्सनीयता पर सवालिया निशान लग रहा है।
ज्ञात हो कि पुर्नमूल्यांकन में नंबर बढाकर माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा उत्तर पुस्तिका में रोल नंबर के साथ नाम और सर्नेम अतिरिक्त पहचान का उल्लेख क्यों करवाया गया है? उसका जवाब देना चाहिए। क्योंकि आज तक ऐसा नही हुआ है, और छात्र-छात्राओं के द्वारा मांग किये जाने पर उत्तर पुस्तिका का फोटो कापी भी अभी तक नही दिया गया है।
ज्ञातव्य हो कि 64 हजार छात्र-छात्राओं का सप्लीमेंटरी आना छग सरकार के शिक्षा नीति और पढाई के स्तर के लिए सोचनीय विषय है। श्री साहू ने आगे बताया कि लगभग 24 हजार छात्र-छात्राओं द्वारा अपने रिजल्ट से संतुष्ट नही होना और पुर्नगणना, पुर्नमूल्यांकन, एवं उत्तर पुस्तिका को देखने की मांग किया जाना रूटिन वर्क कहना बेईमानी होगा। श्री साहू ने आगे कहा कि परीक्षा के दौरान उत्तर पुस्तिका में छात्र-छात्राओं के रेाल नंबर के साथ उसके नाम का उल्लेख करवाया जाना और उसके सर्नेम को लिखवाया जाना किसी षडयंत्र के तहत अनुतीर्ण करने एवं प्रतिभावान छात्रों को निराश किये जाने का कही घृषित सरकारी चाल तो नही है, क्योंकि छात्र-छात्राओं के पुर्नमुल्यांकन में 20 नंबर से 50 नंबर तक बढे हैं, और इस संबंध में कुछ कॉपी जांचने वाले शिक्षकों पर छोटी-मोटी कार्यवाही करने का संकेत मिला है, छग माध्यमिक शिक्षा मंडल के के तहत आने वाले स्कूलों में गरीब और साधारण तबके के लोगों के बच्चे पढते हैं और पैसे वालों के बच्चे सीबीएसई और केन्द्रीय विद्यालयों के अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढते हैं। इस बात को मद्दे नजर रखते हुए गरीब बच्चों के मां बाप बहुत मुश्किल से पेट काटकर अपने बच्चे एवं उनके भविष्य को संवारने सरकारी स्कूल में पढाते हैं, प्रतिभावान छात्रों को हतोत्साहित करना यह समझ से परे हैं और इनके परीक्षा परिणाम के कारण कई छात्र-छात्राएं आत्महत्या तक कर लेते हैं या मनोरोग के शिकार हो जाते हैं। उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। यह भी माध्यमिक शिक्षा मंडल को तय करना चाहिए।
साहू ने आगे कहा कि प्रभावित छात्रों के परिणाम में यह देखना चाहिए कि कहीं ये सरस्वती शिशु मंदिर के या आर्य समाज के स्कूल के अथवा वर्ग विशेष या गैर छत्तीसगढिय़ा छात्र-छात्राएं तो नही है? इन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर हमारी मांग है कि तत्काल कार्यवाही की जाये और इसकी उच्च स्तरीय जांच की जाए।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
