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June 02, 2026
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शौर्यपथ

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दुर्ग / शौर्यपथ विशेष / दुर्ग शहर में 23 अगस्त को शायद ही कोई होर्डिंग ऐसी नहीं होगी जिसमे प्रदेश के मुख्यमंत्री के बधाई के पोस्टर ना लगे हो . शहर में कई कद्दावर कांग्रेसी नेताओ राजेन्द्र साहू , प्रदीप चौबे , लक्ष्मण चंद्राकर , मदन जैन , प्रतिमा चंद्राकर , जयंत देशमुख , मुकेश चंद्राकर , अरुण वोरा , धीरज बाकलीवाल ,आर.एन.वर्मा , ऋषभ जैन , नीलू ठाकुर आदि कई नेताओ सहित कार्यकर्ताओ की तस्वीर वाली मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जन्मदिन की शुभकामनाओ वाले पोस्टर से पूरा शहर पट गया था . अमूमन ऐसी ही स्थिति पूर्व की सरकार के समय डॉ.सरोजपाण्डेय , मुख्यमंत्री रमन सिंह , प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आदि के जन्मदिन के समय भी ऐसी स्थिति रहती है और पूरा शहर इन संदेशो में होर्डिंग्स में दिखाई देता है किन्तु इस बार कुछ ऐसा हुआ कि चर्चा का केंद्र बन गया .
       कोरोना आपदा के कारण 23 अगस्त के पूर्व और वर्तमान में भी ऐसे कई होर्डिंग्स है जो विज्ञापन की राह देख रहे है और खाली है . नगर पालिक निगम दुर्ग ने होर्डिंग्स के लिए शुल्क लेने हेतु 6 जोन में बाँट दिया है जिसे 4 कंपनियों द्वारा ठेका लिया गया है जिसमे दो कंपनी के पास दो दो और दो कंपनी के पास एक एक क्षेत्र का ठेका है . इन क्षेत्रो में होर्डिंग पर लगने वाले पोस्टर का शुल्क इन्ही कंपनी द्वारा लिया जाता है और निगम को सालाना शुल्क भुगतान किया जाता है .              आज से पहले भी शहर में प्रदेश व देश के कद्दावर नेताओ के बधाई सन्देश इन्ही होर्डिंग्स पर लगाया जाता रहा जिसे कम से कम 4 से 5 दिन तक लगे रहने दिया जाता था जबकि उस हालत में होर्डिंग्स में अन्य कंपनी के प्रचार ( विज्ञापन ) लगे होते थे बावजूद इसके होर्डिंग्स के ठेकेदार 4-5 दिन तक बधाई सन्देश नहीं निकालते थे किन्तु इस वर्ष कोरोना आपदा में जब शहर के आधे से ज्यादा होर्डिंग्स खाली है बावजूद इसके ठेकेदारों द्वारा या अनजान व्यक्ति द्वारा 24 अगस्त को ही ऐसे सारे पोस्टर हटा दिए गए या चोरी हो गए . केवल वही पोस्टर सलामत रहे जिसमे बधाई सन्देश के प्रायोजक के रूप में शहर के विधायक के समर्थक या निगम के प्रभारी थे . अगर ये इत्तिफाक है तो बहुत ही गजब का इत्तिफाक है अगर ये किसी ऐसे व्यक्ति की साजि़श है जो शहर कांग्रेस को दो गुट में बाँट रहा है तो आने वाले दिनों में दुर्ग कांग्रेस के लिए गलत सन्देश है .
क्या शहर के वो कांग्रेसी जिनके पोस्टर गायब / उतारे / चोरी हुए है वो मामले को संज्ञान लेंगे या मौन रहकर आगे की रणनीति तय करेंगे ?

भिलाई नगर / शौर्यपथ / वार्ड-28 छावनी स्थित दर्री तालाब की रौनक फिर लौटेगी। इस दिशा में नगर पालिक निगम प्रशासन कार्य कर रही है और दर्री तालाब में साफ पानी भरने और उनके किनारे को हरियाली को बढ़ाने के लिए चारो तरफ रिटेनिंग वाॅल का निर्माण कराया जा रहा है। इन कार्यों के पूरा होते ही क्षेत्र के रहवासियों को निस्तारी के लिए पहले की तरह तालाब में साफ पानी मिलेगा। तालाब में पाथवे और रिटेनिंग वाॅल पर बनाई जाने वाली बस्तर कलाकृतियां लोगों के लिए मनोरंजन का केन्द्र साबित होगी।
40 लाख की लागत निर्माणाधीन हैं कार्य
महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव के निर्देशानुसार निगम प्रशासन ने दर्री तालाब के सौंदर्यीकरण के साथ महिलाओं की सुविधाओं का विशेष ख्याल रखा गया है। अधोसंरचना मद से प्रस्तावित 40 लाख रूपए की लागत से निर्माणाधीन विकास कार्य में महिलाओं के लिए निर्मला घाट और चेंजिंग रूम बनाया जाएगा। तालाब में मवेशियों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए चारो तरफ कांक्रीट से बाउंडीवाल बनाई गई है। हरियाली को बढ़ावा देने के लिए किनारे से लोहे की रेलिंग से ट्रू वाॅल बनाया जा रहा है। जहां पर फूल पौधे के साथ फलदार और पत्तीदार पौधे रोपे जाएंगे। कारपेट ग्रास लगाया जाएगा। तटबंध (पार) पर पेवर ब्लाॅक लगाने के साथ चैनलिंग फेसिंग किया गया है। प्रकाश व्यवस्था के लिए चारो तरफ ट्यूबलर पोल लगाई गई हैै।
ऐसे रखा जाएगा पानी को स्वच्छ तालाब का पानी स्वच्छ रहे इसके लिए निगम प्रशासन ने तालाब के बाजू में अलग से एक पैठू (छोटा तालाब) बनाई है। जहां पशुपालक अपने मवेशियों को नहला सकेंगे। वहीं तालाब में बारिश के पानी को भरने के लिए इन लेट और तालाब का पानी गंदा होने की स्थिति में निकासी के लिए आउट लेट नाली बनाई गई है। इस तरह की व्यवस्था से जल संरक्षण के साथ क्षेत्र में हरियाली को बढ़ावा दिया जाएगा।
मुुफ्त में हो गया गहरीकरण
आयुक्त रघुवंशी के निर्देशानुसार सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है। जोन-4 के आयुक्त अमिताभ शर्मा ने बताया कि निगम प्रशासन ने तालाब के गहरीकरण पर राशि खर्च नहीं किया है। पीपीपी माॅडल पर तालाब की सफाई और गहरीकरण कराया गया। सौंदर्यीकरण का लगभग 65 फीसद कार्य पूर्ण हो चुका है।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / गर्भवती महिलाओं व शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जिले के लगभग 3,000 आंगनबाड़ी केंद्रों में लगातार कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को अंबागढ़ चौकी क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म और शिशुओं का अन्नप्राशन कराया गया। इस कार्यक्रम को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य सही पोषण की जानकारी देना है, जिससे मां व बच्चा दोनों सुरक्षित व स्वस्थ रहे।
गोदभराई और अन्नप्राशन के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने अंबागढ़ चौकी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा वितरित टेक होम राशन एवं सूखा राशन के संबंध में भी निरीक्षण किया और लाभार्थियों से जानकारी ली। इस दौरान लाभार्थियों ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा नियमित रूप से टेक होम राशन एवं सूखा राशन दिया जा रहा है। उन्होंने सभी सीडीपीओ को जमीनी स्तर पर इसके संबंध में निरीक्षण करने के निर्देश दिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने तुलसी मां बम्लेश्वरी स्व सहायता समूह कोडूटोला सेंटर, सामग्री मिक्सिंग एवं पैकेजिंग कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि समूह की महिलाएं सक्रियता से कार्य कर रही हैं और विशेषकर कोरोना संक्रमण के दौर में मॉस्क का उपयोग कर रही हैं। उन्होंने सभी को एप्रन एवं ग्लब्स का उपयोग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद्य सामग्री को और भी सुव्यवस्थित तरीके से रखा जा सकता है। उन्होंने समूह की महिलाओं द्वारा सामग्री को भुनने एवं पीसने के नवाचार की सराहना की।
इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता व वार्ड पार्षद ने गर्भवती महिलाओं को पोषण से संबंधित जानकारी दी। इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं को लाल चुनरी ओढ़ाकर व तिलक लगाकर उनका स्वागत किया गया। पौष्टिक पदार्थ भी भेंट किए गए। साथ ही हरी पत्तेदार सब्जी भी भेंट की। महिलाओं ने मंगल गीत गाकर गोदभराई रस्म को पूरा किया। सभी गर्भवती महिलाओं को खानपान के बारे में जानकारी दी गई। गर्भवती महिलाओं को हरी पत्तेदार सब्जियों में सहजन का पत्ता, धनिया का पत्ता तथा पालक की साग का सेवन करने की सलाह दी गई। साथ ही धात्री महिलाओं को आयरन की गोलियां दी गई।
इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने कहा स्वच्छता एवं साफ-सफाई को पोषण अभियान के पांच सूत्रों में शामिल किया गया है। सफाई ही बीमारियों से लड़ने का पहला हथियार होता है। बीमारियों के संक्रमण से बचने का सबसे अच्छा तरीका सफाई का पहला चरण खाने से पहले और शौच के बाद विधिवत रूप से हाथ धोने से होता है। हर व्यक्ति को स्वास्थ्य के प्रति इन छोटी-छोटी बातों के प्रति सजग होना चाहिए, ताकि हम एक स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकें। उन्होंने बताया कि गोद भराई एक परंपरागत सामुदायिक गतिविधि है जिसे उत्सवी माहौल में माता व गर्भ में पल रहे शिशु के पोषण को सुदृढ़ व समृद्ध बनाने हेतु किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य शिशु व माता की जांच सुनिश्चित करते हुए शिशु की दो वर्ष की अवस्था तक पोषण एवं वृद्धि की सतत निगरानी हेतु समुदाय को प्रेरित करना है। कार्यक्रम के दौरान सात माह के दो शिशुओं को अन्नप्राशन कराया गया।
कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने इस अवसर पर कहा कि महिलाओं को अपने दैनिक जीवन में स्वस्थ रहने के लिए पौष्टिक आहार की जरूरत होती है। पोषण की कमी होने से महिलाओं में खून की कमी हो जाती है। जिससे होने वाले बच्चे कुपोषण के शिकार हो जाते हैं। उन्होंने लड़कों एवं लड़कियों में भेदभाव को कम करने के लिए भी जागरूक किया। कार्यक्रम में आसपास की महिलाएं भी शामिल हुई। लाभार्थी सरिता ठाकुर ने कहा कि इस कार्यक्रम से हमें पता चला कि स्वच्छता नियमों का पालन करने से कई बीमारियों से खुद व अपने बच्चे को बचाया जा सकता है।

दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग निगम क्षेत्र में इन दिनों कई वार्ड ऐसे है जहा पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है और सत्ता पक्ष पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर आरोप लगा रही है वही विपक्ष द्वारा सत्ता पक्ष कांग्रेस पर अनुभवहीनता का आरोप लगा कर मामले को राजनीती रंग देने की कोशिश कर रही है . जबकि इन सबके बीच में जिम्मेदार अधिकारी मौज में है , अमृत मिशन के अधिकारी मौन है और हो भी क्यों ना क्योकि असली जिम्मेदार अधिकारी सत्ता और विपक्ष की राजनीती में अपनी नाकामी छुपाने में सफल हो रहे है .
किसी भी जनप्रतिनिधि का कार्य ये नहीं होता कि विभाग के संसाधनों को दुरुस्त करे आपत्ति पर आपातकाल व्यवस्था करे , शहर की व्यवस्थाओ का जमीनी स्तर पर निरिक्षण करे . जनप्रतिनिधि जब आम जनता को कोई परेशानी होती है तो उस बात को संज्ञान में लेकर विभागीय अधिकारियो को अवगत कराये और व्यवस्था को सुचारू रूप से निर्वहन करने के लिए निर्देश दे किन्तु दुर्ग निगम के जल विभाग के अधिकारी हो या अमृत मिशन के अधिकारी जिनकी लापरवाही का नतीजा अज पुरे दुर्ग की जनता भुगत रही है और जनप्रतिनिधि एक दुसरे पर आरोप लगा रहे है जबकि इस अव्यवस्था की सारी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियो के ऊपर है किन्तु राजनितिक वर पलटवार का पूरा मजा अधिकारियो द्वारा उठाया जा रहा है और अव्यवस्था के असली जिम्मेदार विभागीय अधिकारी इस राजनीतिक समीकरण का पूरा लाभ उठाकर अपनी नाकामी छुपाने में सफल भी हो रहे है .
वैसे निगम के हर कार्य में वर्तमान में शहर के विधायक की मंशा और अनुशंषा ही कार्य कर रही है किन्तु जिस तरह वर्तमान में शहर के विधायक द्वारा कई बार निगम की कार्य पद्दति पर सवाल भी खड़े किये किन्तु इसे जनप्रतिनिधि के निर्देशों की अवहेलना कहे या अधिकारियो द्वारा वर्तमान के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के निर्देश को हलके में लेने की प्रक्रिया क्योकि जिस तरह सत्ता में रहने के बाद भी जनप्रतिनिधि अपनी ही सरकार पर आरोप लगा रहे है कार्य में लापरवाही की उससे यही प्रतीत होता है कि निगम के अधिकारियों को न तो शहर की आम जनता की सुविधाओ का ख्याल है और ना ही किसी प्रशासनिक दबाव से फर्क पड़ रहा है .

पानी की समस्या पर जल गृह प्रभारी कोवले के बयान पर पूर्व प्रभारी देवनारायण चंद्राकर ने किया पलटवार..
कहा अपनी नाकामी छिपाने पूर्व के परिषद पर दोषारोपण कर रहे है..

    दुर्ग / शौर्यपथ / शहर में 8 दिनों से पानी सप्लाई बाधित होने पर भाजपा पार्षदों के विरोध पर तिलमिलाए निगम के जलगृह प्रभारी संजय कोवले द्वारा इस समस्या के लिए भाजपा की पिछले परिषद को दोषी ठहराने पर पूर्व जल गृह प्रभारी व वार्ड 17 पार्षद देवनारायण चंद्राकर ने जोरदार पलटवार करते हुए कहा है विधायक अरुण वोरा व महापौर धीरज बाकलीवाल की नाकामी छिपाने प्रभारी जी मिथ्या आरोप लगाना बंद करे क्योंकि जनता अब जान चुकी है कि किस प्रकार निगम में आग लगने पर कुंआ खोदने जैसे कार्यशैली चल रही है।
वार्ड 17 पार्षद देवनारायण चंद्राकर ने जलगृह प्रभारी के बयान को औचित्यहीन व तथ्यों से परे बताते हुए आगे कहा कि वास्तव में आज अमृत मिशन का जो कार्य दिखाई दे रहा है वह पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकार के कार्यकाल में स्वीकृत परिषद के है जिसमें पूरे शहर के प्रत्येक वार्डो में आगामी 40 वर्षो की पानी की आवश्यकता को ध्यान में रखकर प्लानिंग की गई थी और इसके लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा अमृत मिशन योजना के तहत निगम के इतिहास में पहली बार एकमुश्त 142 करोड़ की राशि प्रदान कि है जिसके तहत आज यह सब कार्य चल रहा है जिसमें सभी वार्डो के प्रत्येक गलियों तक पाईप लाईन पानी टंकियां,फिल्टर प्लांट व पंप हाउस में नई मोटर व ट्रांसफार्मर लगाने जैसे सभी आवश्यकताएं शामिल है और यह कार्य वर्ष 2017-18 से प्रारम्भ होकर 2020 तक पूर्ण किया जाना है किंतु जब से निगम में सत्ता परिवर्तन हुआ है और कांग्रेस का महापौर परिषद काबिज हुआ है तब से राजनीतिक भेदभाव व श्रेय की राजनीति के चलते विधायक महोदय के इशारे व महापौर के अनुभवहीनता के चलते पूरी योजना बैगर प्लानिंग के शुरू होने के कारण परेशानी बढ़ती जा रही है जिसका ताजा उदाहरण रायपुर नाका स्थित फिल्टर प्लांट है जहां 6 माह से रखे नई ट्रांसफार्मर को लगवाने की फुर्सत तब मिली जब पुराने पूरी तरह खराब हो गया और पानी व्यवस्था ठप्प हो गया और इतनी बड़ी लापरवाही का नतीजा आज जनता भुगत रही है जिसे 8दिनों से भी अधिक समय से पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।फिल्टर प्लांट में नए पुराने मिलाकर 6 ट्रांसफार्मर पड़ी है जिसमें से 4 खराब पड़ी है जबकि इनके कार्यकाल को 8माह बीत चुका है।
भाजपा पार्षद व पूर्व जल गृह प्रभारी देवनारायण चंद्राकर ने जल गृह प्रभारी कॊवले को विधायक व महापौर की नाकामी छिपाने पूर्व परिषद पर दोषारोपण करने से बाज आने की चेतावनी देते हुए कहा है कि शहर जनता पानी के लिए हलाकान है और वे अब अच्छी तरह से जानते है कि आज यह समस्या कैसे पैदा हुई इसलिए यदि शीघ्र समस्या हल नहीं हुई जनाक्रोश का सामना करना पड़ेगा।

नई दिल्ली / शौर्यपथ / वॉशिंगटन एक रिसर्च में सामने आया है कि आखिर कैसे फरवरी में हुए एक इवेंट के चलते पूरे अमेरिका में कोरोनावायरस कैसे फैला और यहां महामारी के सबसे ज्यादा प्रभाव की शुरुआत कैसे हुई. Broad Institute, Massachusetts General Hospital और Massachusetts Department of Public Health सहित कई संस्थानों में 54 से ज्यादा रिसर्चर्स ने लगभग 800 कोरोनावायरस जीनोम का अध्ययन किया है, जिसे मंगलवार को वेबसाइट MedRxiv पर पब्लिश किया गया है. यह रिसर्च शायद अब तक अमेरिका में किसी भी वायरस के आउटब्रेक का सबसे गहरा विश्लेषण है.
दरअसल, फरवरी में अमेरिका के बॉस्टन में ड्रग कंपनी Biogen की सालाना लीडरशिप मीटिंग हुई थी. जिसमें दुनियाभर से कर्मचारी और मेहमान आए थे. दो दिन तक चली इस मीटिग में किसी को भी शक नहीं हुआ कि उनमें से एक शख्स के फेफड़ों में कोरोनावायरस मौजूद है. 27 फरवरी तक मीटिंग खत्म होने तक कई लोगों तक वायरस पहुंच चुका था. यहां वायरस का प्रसार हुआ और मीटिंग खत्म होने के बाद कुछ लोग वापस जहां से आए थे, वहां चले गए. कोई इंडियाना गया, कोई नॉर्थ कैरोलाइना तो कोई बॉस्टन के उपनगरों में. वहीं स्लोवाकिया, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर से आए लोग भी वापस चले गए. अगले दो हफ्तों में यहां से निकला वायरस 35 नए मामलों में सामने आया. अप्रैल में बॉस्टन के उपनगरीय इलाकों में यह वायरस दो बेघरों के शेल्टरों में फैल गया, जहां 122 लोग संक्रमित पाए गए.

दरअसल, वैज्ञानिकों को संक्रमण के इस चेन का पता कोरोनावायरस के रेप्लिकेशन प्रोसेस में हुई गलती की वजह से चला है. इस प्रोसेस में वायरस के 30,000 कैरेक्टर वाले जीनोम कोड में दो अक्षरों का आपस में बदलाव होता है. वायरस का यह म्यूटेशन फरवरी में बायोजेन की कॉन्फ्रेंस के वक्त ही फ्रांस में दो वृद्ध मरीजों में मिला था. कॉन्फ्रेंस के बाद इस वायरस का संक्रमण जहां भी फैला, यह म्यूटेशन भी उसके साथ फैलता रहा. इस स्टडी में पाया गया है कि इस म्यूटेशन वाला वायरस बॉस्टन के कई इलाकों में सैकड़ों को लोगों को शिकार बना चुका है, वहीं ऐसे वायरस वाले मरीज सेनेगल और लग्ज़मबर्ग तक पाए गए हैं. जुलाई के मध्य तक मैसाचुसेट्स के वायरस के सीक्वेंस में एक तिहाई और पूरे अमेरिका से लिए गए वायरस के जीनोम्स में से तीन फीसदी जीनोम में यह म्यूटेशन मिला है.

जिस दिन बायोजेन की मीटिंग शुरू होने वाली थी, उस दिन अमेरिका में कोविड-19 के कुल 15 केस सामने आए थे. ये सभी केस बाहर से यात्रा करके आए लोगों या फिर उनके करीबियों में मिले थे. उस वक्त Center for Disease Control and Prevention ने संभावित 'कम्युनिटी स्प्रेड' की बात स्वीकारी थी. उप-राष्ट्रपति माइक पेंस कोरोनावायरस टास्क फोर्स का नेतृत्व करने वाले थे और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि इस वायरस से अमेरिकियों को 'बहुत कम' खतरा है. आज अमेरिका में विश्व में सबसे ज्यादा कोरोनावायरस के केस हैं.

 

नई दिल्ली / शौर्यपथ / कांग्रेस की कार्यकारी अध्‍यक्ष सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी , दोनों ने सोमवार को फोन पर पार्टी के दिग्‍गज नेता गुलाम नबी आजाद से बात की. कांग्रेस कार्यसमिति की मैराथन बैठक में 'असंतुष्‍ट' वाले लेटर को लेकर निशाने पर आने के बाद यह बातचीत की गई है. पार्टी नेतृत्‍व को लेकर लिखे गए लेटर में गुलाम नबी आजाद ने भी दस्‍तखत किए थे. सूत्रों ने बताया कि CWC की करीब सात घंटे तक चली बैठक में कई वक्‍ताओं ने प्रत्‍यक्ष या परोक्ष रूप से पत्र में 'पूर्णकालिक और दूरदर्शी नेतृत्‍व' की मांग को लेकर आजाद पर निशाना साधा था. इसके बाद सोनिया ने आजाद से बात की और आश्‍वस्‍त किया‍ कि उनकी चिंताओं पर पूरा ध्‍यान दिया जाएगा.
दिन की शुरुआत में राहुल गांधी ने भी आजाद से बात की थी. राहुल ने वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्‍बल को भी फोन किया था. सिब्‍बल ने भी लेटर पर दस्‍तखत किए थे. राहुल ने बातचीत के दौरान साफ किया था कि उन्‍होंने पत्र लिखने वालों पर बीजेपी से मिले होने का आरोप नही लगाया था. गौरतलब है कि राज्‍यसभा ने नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद को गांधी परिवार का बेहद करीबी माना जाता है, लेकिन CWC में उन्‍हें अपने सहयोगियों की आलोचना का शिकार बनना पड़ा. पार्टी के इन नेताओं ने सोनिया गांधी की प्रशंसा की और पत्र लिखने वाले नेताओं पर जमकर निशाना साधा. खबरों के अनुसार, मल्लिकार्जुन खड़गे और अंबिका सोनी ने इस मामले में अनुशासनात्‍मक कार्रवाई की मांग की ज‍बकि अधीर रंजन चौधरी चाहते थे कि आजाद को बैठक में बोलने से रोका जाए. उन्‍होंने कहा कि 'दूषिेत इरादे' वाले लोगों को बोलने नहीं दिया जाए हालांकि सोनिया गांधी ने इस पर ध्‍यान नहीं दिया.
आजाद ने कहा था कि यदि यह बात साबित हो जाए कि उन्‍होंने बीजेपी के साथ मिलीभगत करके लेटर लिखा है तो वे इस्‍तीफा दे देंगे. उन्‍होंने कहा था कि कांग्रेस नेता लेटर को पढ़े ही आरोप लगा रहे हैं. लेटर पर दस्‍तखत करने वाले दो अन्‍य नेताओं ने भी आजाद की तरह ही राय जताते हुए कहा कि उनका इरादा किसी भी तरह से सोनिया के नेतृत्‍व की आलोचना करना नहीं था. ये दोनों नेता भी कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में थे. लेटर पर दस्‍तखत करने वाले कुछ नेताओं ने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद दिल्‍ली स्थित आजाद के आवास पर मिले थे. कपिल सिब्‍बल, मनीष तिवारी, मुकुल वासिनक, आनंद शर्मा और शशि थरूर मीटिंग में थे.

नई दिल्ली / शौर्यपथ / जून के महीने में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सेना के बीच दशकों में पहली बार हुई हिंसक झड़प को भारत में चीनी राजदूत सुन वेईडोंग ने दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया है. इस झड़प में 20 भारतीय जवानों ने अपनी जान गंवा दी थी. चीनी राजदूत ने कहा कि 'यह घटना इतिहास के नज़रिये से यह घटना बहुत अहम नहीं होगी'. वेइंडोंग ने चीन-भारत युवा वेबिनार के दौरान अपने संबोधन में कहा, 'कुछ समय पहले ही सीमा पर एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, ऐसे जो भारत और चीन दोनों ही नहीं देखना चाहेंगे. अब हम इसे संभालने की कोशिशें कर रहे हैं.'
सुन वेइंडोंग ने कहा, 'चीन और भारत के बीच 70 साल पहले कूटनीतिक संबंधों की स्थापना के साथ ही दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की परीक्षा हुई है, जिससे वो और मजबूत हुए हैं. यह किसी भी वक्त किसी एक चीज से खराब नहीं होनी चाहिए. इस नई सदी में भी दोनों देशों के संबंध पीछे जाने की बजाय आगे ही बढ़ते रहने चाहिए.'
उन्होंने कहा कि वो मानते हैं कि विश्व की इन दोनों प्रचीन सभ्यताओं के पास द्विपक्षीय संबंधों को संभालने के लिए ज्ञान और क्षमता है. उन्होंने कहा, 'चीन भारत को एक दुश्मन के बजाय सहयोगी और खतरे के बजाय अवसर के तौर पर देखता है. हम उम्मीद करते हैं कि द्विपक्षीय संबंधों में सीमा के सवालों को उचित जगह मिलेगी, मतभेदों को बातचीत और विमर्श के जरिए सुलझाया जाएगा और जितनी जल्दी हो सके दोनों देशों के संबंधों को वापस पटरी पर लाया जाएगा.' उन्होने कहा कि 'भारत और चीन को शांति से रहना चाहिए और संघर्षों से बचना चाहिए.'
चीनी राजदूत ने कहा कि 'कोई भी देश पूरी दुनिया से अलग-थलग होकर अपना विकास अकेले नहीं कर सकता है. हमें बस अपनी आत्म-निर्भरता पर काम नहीं करना चाहिए, बल्कि वैश्वीकरण में शामिल होने के लिए दूसरों के लिए भी दरवाजे खोलने होंगे. बस इसी तरह हम अपना बेहतर विकास कर सकते हैं.'

नई दिल्ली / शौर्यपथ / संसद भवन के पास से बुधवार एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है. शख्स के पास एक चिट्ठी बरामद हुई है. फिलहाल इंटेलीजेंस ब्यूरो के अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं. जानकारी है कि इस संदिग्ध को विजय चौक पर हिरासत में लिया गया. ड्यूटी पर तैनात CRPF के जवानों ने इस संदिग्ध शख्स को पकड़ा था. उससे संसद मार्ग थाने में पूछताछ चल रही है.
जानकारी है कि पकड़ा गया शख्स संसद भवन के आस पास घूम रहा था. सीआरपीएफ जवानों ने जब उसे पकड़कर पूछताछ की, तो वो अपने बारे में अलग-अलग जानकारी दे रहा था. उसके पास एक पेपर भी मिला है, जो एक कोडवर्ड में है. वहीं, उसके पास से दो पहचान पत्र मिले हैं. एक आधार कार्ड और एक ड्राइविंग लाइसेंस मिला है. दोनों में नाम अलग-अलग हैं. ड्राइविंग लाइसेंस में उसका नाम फिरदौस है, जबकि आधार कार्ड में नाम मंजूर अहमद अहंगेर है.
संदिग्ध ने खुद को रथसून बीरवाह, बडगाम का रहने वाला बताया है. उसके पास से एक बैग भी मिला है. पूछताछ में पहले उसने बताया कि वो 2016 में घूमने के लिए दिल्ली आया था. फिर उसने बताया कि वो लॉकडाउन में आया था. दिल्ली में रहने के सवाल पर वो कभी जामिया, फिर निज़ामुद्दीन तो फिर जामा मस्जिद इलाके में रहने की बात कह रहा था.
बता दें कि इसके पहले शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद आईएसआईएस से जुड़े एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया था. उसके पास से 15 किलो विस्फोटक बरामद हुआ है. पकड़ा गया आतंकी लोन वुल्फ अटैक और फिदायीन हमला करने की फिराक में था. आईईडी से जुड़े 2 प्रेशर कुकर बम बनाकर तैयार किए गए थे. दोनों बमों में कुल 15 किलो विस्फोटक था. इतना ज्यादा विस्फोटक कि उसे डिफ्यूज करने के लिए एनएसजी की टीम आई. बुद्धा जयंती पार्क में ऑटोमैटिक रोबोट मशीन के जरिए दोनों बमों को मिट्टी के ढेर में सुरक्षित ले जाया गया और फिर बमों को निष्क्रिय कर दिया गया.

नई दिल्ली / शौर्यपथ / राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगभग 40 दिन बाद अचानक कोरोनावायरस के संक्रमण के 1,544 मामले सामने आने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आपात बैठक में मौजूदा हालात की समीक्षा की, इस बैठक में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य सचिव और स्वास्थ्य मंत्रालय के सभी आला अधिकारी मौजूद रहे. सीएम केजरीवाल दोपहर 1 बजे प्रेस कांफ्रेंस करेंगे.
दिल्ली में 16 जुलाई के बाद पहली बार COVID-19 संक्रमण के सबसे ज़्यादा 1,544 मामले मंगलवार को सामने आए, जिसके बाद CM अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को पूर्वाह्न 11 बजे बैठक आहूत की थी. इस बैठक को लेकर अब सीएम अरविंद केजरीवाल आज दोपहर 1 बजे डिजिटल प्रेस कांफ्रेंस करेंगे.

बैठक में जाने से पहले स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने दिल्ली में अचानक केस बढ़ने पर कहा, 'मुझे लगता है सही नंबर पर नहीं जाना चाहिए. एक हज़ार से दो हज़ार के बीच में हम चल रहे हैं. 100-200 केस ऊपर नीचे रोज़ हो रहे हैं. संक्रमण दर यानि इंफेक्शन रेट 10 फीसदी से नीचे है. एक वक्त था 40 फीसदी था. फिर 30 फीसदी से नीचे आया. अब 10 से नीचे है. रोज़ाना घट- बढ़ रहा है.

कन्टेनमेंट जोन को लेकर उन्होंने कहा कि हम माइक्रो कन्टेनमेंट ज़ोन बना रहे हैं. जहां भी 2-3 मरीज़ होते हैं वहां ज़ोन बना देते हैं जिससे ज़्यादा लोगों को परेशानी ना हो. मेट्रो शुरू करने को लेकर उन्होंने कहा, 'जब खोलेंगे तब आपको बता देंगे. अभी इस पर विचार किया जाएगा.'

बता दें कि दिल्ली में मंगलवार को समाप्त पिछले 24 घंटे में कोरोना के 1544 मामले सामने आए हैं. इसके साथ ही कुल मामले 1,64,071 हो गए हैं. वहीं राजधानी में पिछले 24 घंटे में 17 मरीजों की मौत हुई और कुल मौतों का आंकड़ा 4330 हो गया.

कोरोना वायरस संक्रमितों के रिकवरी रेट की बात करें तो यह 90.04 प्रतिशत हो गया है. वहीं एक्टिव मरीज़ 7.31 प्रतिशत हैं और डेथ रेट 2.63 फीसदी है. दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमित 1155 लोग ठीक हुए और अब तक कुल 1,47,743 लोग ठीक हो चुके हैं.

अब कोरोना के एक्टिव केस 11,998 हैं. होम आइसोलेशन में 5949 मरीज हैं. पिछले 24 घंटे में दिल्ली में 19,841 (RT-PCR- 5380, एंटीजन- 14,461) टेस्ट हुए. दिल्ली में अब तक कुल 14,62,845 टेस्ट हुए हैं.

 

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