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रायपुर / शौर्यपथ / 20 अगस्त को 22 जिला कांग्रेस भवनों के एक साथ शिलान्यास कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रदेश प्रभारी पी.एल. पुनिया, प्रभारी सचिव डॉ. चंदन यादव, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम उपस्थित रहेंगे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रभारी पी.एल. पुनिया ने वेब मीडिया के माध्यम से 20 अगस्त को 22 जिलों में कांग्रेस भवन के शिलान्यास की तैयारी को लेकर आज कार्यकारणी तथा जिला अध्यक्षों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में प्रदेश प्रभारी पी.एल. पुनिया, प्रभारी सचिव चंदन यादव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के साथ-साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, जिला कांग्रेस भवन निर्माण प्रभारी एवं उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन, संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी, महामंत्री कार्यालय एवं प्रशासन रवि घोष, महामंत्री संगठन चंद्रशेखर शुक्ला, प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष, महामंत्री, कार्यकारणी सदस्य, जिले के प्रभारी तथा सभी जिला कांग्रेस अध्यक्ष उपस्थित थे।
आज की बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव तथा प्रभारी छत्तीसगढ़ पी.एल. पुनिया ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के मुख्यालय ऐतिहासिक राजीव भवन निर्माण के बाद हर जिले में कांग्रेस के जिला मुख्यालय के लिए राजीव भवन निर्माण के महत्वपूर्ण कार्य है। इसके बाद ब्लॉक में भी कांग्रेस भवन बनाये जायेंगे। 20 अगस्त 2020 से शुरू करके सभी जिलों में 20 अगस्त 2021 तक जिला कांग्रेस कार्यालयों राजीव भवन का निर्माण पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। युद्ध स्तर पर निर्माण होगा। पी.एल. पुनिया ने जिला कार्यकारणी गठन तथा ब्लाक अध्यक्षों की नियुक्ति पर आज की बैठक में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
पी.एल. पुनिया ने कहा कि छ.ग. सरकार ने विगत डेढ़ वर्षों में बहुत अच्छा काम किया, राज्य का हर वर्ग लाभान्वित हुआ है। छ.ग. के स्वाभिमान, परंपराओं और लोक संस्कृति का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने सम्मान किया है। देश में कहीं भी ऐसा काम नहीं हो रहा है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के अच्छे कार्यों से बहुत बेहतर स्थिति बनी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने सभी जिला अध्यक्षों को इस वेब बैठक में 20 अगस्त के आयोजन को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि कांग्रेस ने विपक्ष में रहते हुए भूपेश बघेल की अगुवाई में प्रदेश कांग्रेस के मुख्यालय राजीव भवन के निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने सभी जिला प्रभारियों और जिला कांग्रेस अध्यक्षों से चर्चा करके संगठन की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और महत्वपूर्ण निर्देश दिये।
प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल और जिला कांग्रेस भवन निर्माण प्रभारी एवं उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन जिला कांग्रेस भवनों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने बैठक में जिला कांग्रेस भवनों के निर्माण के नक्शे और एलिवेशन की जानकारी दी और बताया कि रायुपर में पुराने ऐतिहासिक कांग्रेस भवन को यथावत रखते हुए दोनो तरफ नया निर्माण किया जा रहा है। बैठक को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस भवन निर्माण प्रभारी एवं उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन ने सभी जिलों में राजीव भवन की भूमि की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। बैठक का संचालन महामंत्री संगठन चंद्रशेखर शुक्ला ने किया और सोशल मीडिया प्रभारी जयवर्धन बिस्सा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
भाजपा को बचाने की होड़ में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने नहीं किये ध्वजारोहण
सूर्योदय से पहले निकले नागपुर से और दोपहर 2 बजे पहुंचे रायपुर
50 बरस तक आरएसएस के मुख्यालय में नहीं फहरता था तिरंगा
आज भी तिरंगा को लेकर आरएसएस की मनोदशा ठीक नहीं
भाजपा में मची पद पाने संघी नेता और गैर संघी नेताओ की बीच सिर्फफुटव्वल में
भाजपा में संघी नेताओ को पद दिलाने आये है मोहन भगवत
आर एस एस के संरक्षण में मोदी सरकार सरकारी कंपनियों का कर रही है निजीकरण
रायपुर / शौयापथ / प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को छत्तीसगढ़ की जनता को बताना चाहिए उन्होंने आजादी वर्षगाँठ के पवित्र पावन अवसर पर तिंरगा कहा फहराये?50 साल तक तो आरएसएस मुख्यालय में तिरंगा फहरता नही था?क्या आरएसएस प्रमुख ने उसी परम्परा को कायम रखा है इसलिए बिना ध्वजारोहण किये सूर्योदय से पहले नागपुर से रायपुर के लिए निकल पड़े? कैसे राष्ट्रवादी है आरएसएस प्रमुख जो आजादी पर्व में ध्वजारोहण नही किये? राष्ट्रगान नही गाये, भारत माता की जयकारा नही लगाये?
जहाँ पूरा देश जश्ने आजादी में सरोबार था बच्चे बूढ़े माता बहने स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर पूरा राष्ट्र तिरंगा को सलामी दे रहा था ध्वजारोहण कर रहा था।पूरा राष्ट्र देश भक्ति के उत्सव में सरोबार था बच्चा-बच्चा तिरंगा लेकर घूम रहा था बेटियां तिरंगा को रंगों जरिये अपने माथे पर बिदियाँ की तरह उकेरी हुई थी।सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों,धार्मिक संस्थानों,समाजिक संस्थान घर घर मे तिरंगा लहराया जा रहा था।ऐसे समय आरएसएस प्रमुख छत्तीसगढ़ भाजपा में संघियो को कब्जा कराने के होड़ में राष्ट्रीय पर्व को भूल गए ?
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद छत्तीसगढ़ भाजपा में कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच सिरफुटौव्वल की स्थिति है। भाजपा में बड़े नेताओं की गुटबाजी चरम सीमा पर है ही अब भाजपा में संघी नेता और गैरसंघी नेताओ के बीच तलवारें खिंची हुई है। जहां एक ओर संघ अपने लोगों को भाजपा में बड़े पद दिलाकर भाजपा में कब्जा कराने जुटा है। वहीं दूसरी ओर गैर संघी कार्यकर्ता और नेता जो सीधे भाजपा से जुड़े हुए हैं जिसमें अल्पसंख्यक वर्ग है आदिवासी समाज है पिछड़ा वर्ग है जिसके आरक्षण का विरोध निरंतर आर एस एस करते रही है ऐसे लोग संगठन में आर एस एस की भूमिका नहीं चाहते और संघ के विचारधारा से परे हटकर छत्तीसगढ़ के हित और सेवा के लिये काम करना चाहते हैं। गैरसंघी भाजपा नेता संघ की चाटुकारिता संघ की चमचागिरी और संघ के रीति नीति सिद्धांतों को नहीं मानते हैं।संघ की दादागिरी से भाजपा को मुक्त रखना चाहते है।ऐसे में भाजपा में पद पाने संघी और गैर संघीयो की लड़ाई में संघियो को समर्थन करने और गैर संधियों को आंख दिखाने के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत छत्तीसगढ़ पहुचे है
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि आरएसएस के संरक्षण में चलने वाली मोदी भाजपा की सरकार देश के महारत्न मिनी रत्न नवरत्न कंपनियों का निजीकरण कर रही है रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म एयरपोर्ट सहित सैकड़ों की तादात में आजादी के बाद बने देश के सरकारी उपक्रमों को बेचने जा रही है दुर्भाग्य की बात है आर एस एस जो राष्ट्रवाद का नारा लगाती है उनके संरक्षण में देश के संस्थानों को बेचा जा रहा है। धनंजय ठाकुर ने मोहन भागवत से पूछा मोहन भागवत स्पष्ट करें केंद्र की मोदी सरकार के सरकारी कम्पनियों बैंकों, बीमा कंपनियों रेलवे,विमानन कम्पनियों के निजीकरण की नीतियों का समर्थन कर रहे हैं कि विरोध कर रहे हैं? विरोध कर रहे है तो सरकारी कम्पनियों के निजीकरण के विरोध में मोहन भागवत सड़को पर उतरकर आंदोलन कब करेंगे?
सेहत / शौर्यपथ / हम में से बहुत से लोग ऐसे होते हैं, जिनका शरीर तो जवां लगता है लेकिन उनके चेहरे पर रौनक नहीं होती। इसके अलावा उनके चेहरे पर बहुत कम उम्र में झुर्रियां आने लगती है। बदलते मौसम में तो चेहरे का रुखापन बढ़ने से कई परेशानियां सामने आ जाती है। ऐसे में सर्दियों में आपको अपनी डाइट में कुछ खास फलों को शामिल करना चाहिए-
दही
दही से बना रायता या लस्सी आपके हाजमे को ठीक रखती है। आप दही को चावल के आटे या बेसन के साथ मिलाकर चेहरे पर भी लगा सकते हैं। इससे आपके दाग-धब्बे दूर हो जाएंगे।
नीबू
नीबू का रस आपके पेट के लिए ही नहीं बल्कि त्वचा के लिए भी बहुत गुणकारी है। रोजाना नीबू पानी पीने से आपको पेट से जुड़ी परेशानियों से मुक्ति मिलती है। साथ ही आप नीबू के रस को सादा पानी या ग्लिसरीन के साथ मिलाकर चेहरे पर भी लगा सकते हैं।
तरबूज
ज्यादातर लोगों को तरबूज खाना पसंद होता है। ऐसे में आप तरबूज को खाने के अलावा इसके जूस को चेहरे पर भी लगा सकते हैं।
दूध
आप जानते ही हैं, कि दूध को संपूर्ण आहार कहा जाता है। आपको कम से कम रोजाना दो गिलास दूध पीना चाहिए। आप सुबह और रात में एक-एक गिलास दूध पी सकते हैं। आप चेहरे पर कच्चा दूध यानी बिना उबाला हुआ दूध भी लगा सकते हैं।
सेब
आपको अपने खाने में रोजाना एक सेब जरूर शामिल करना चाहिए। साथ ही आप सेब को पीसकर उसमें से रस निकालकर अपने चेहरे पर लगा सकते हैं। सेब से सिरका भी बनता है, जो चेहरे के लिए बहुत अच्छा होता है।
खाना /खजाना / शौर्यपथ सामग्री
बटर- 1 चम्मच
कटा प्याज- 1/2 कप
लहसुन पेस्ट- 1/2 चम्मच
कटी हुई शिमला मिर्च- 1 कप
कटा टमाटर- 1/2 कप
लाल मिर्च पाउडर- 1/2 चम्मच
पाव भाजी मसाला- 1/2 चम्मच
उबले आलू के टुकड़े- 1 कप
कटे-उबले मिक्स वेजिटेबल- 3/4 कप
कटी हुई धनिया पत्ती- 2 चम्मच
नीबू का रस- 1/2 चम्मच
नमक- स्वादानुसार
बर्गर बन-6
बटर-आवश्यकतानुसार
प्याज के छल्ले- सजावट के लिए
विधि
नॉनस्टिक पैन में मक्खन गर्म करें और उसमें प्याज और लहसुन का पेस्ट डालें। 30 सेकेंड तक भूनें। शिमला मिर्च, टमाटर, लाल मिर्च पाउडर और पाव भाजी मसाला डालकर एक मिनट तक भूनें। आलू, सब्जियां, धनिया पत्ती, नीबू का रस और नमक डालें और सभी सामग्री को अच्छी तरह से मैश करें। बीच-बीच में मिश्रण को मिलाते हुए मध्यम आंच पर एक से दो मिनट तक पकाएं। गैस ऑफ कर दें। तैयार मिश्रण को हल्का ठंडा होने दें और छह बराबर हिस्सों में बांट दें। बर्गर बन को बीच से काटें और नॉनस्टिक पैन में डालकर हल्का-सा टोस्ट करें। तैयार मिश्रण का एक हिस्सा बर्गर के ऊपर रखें। उसके ऊपर प्याज का एक छल्ला डालें। बर्गर का एक और टुकड़ा उसके ऊपर डालें और हल्के हाथों से दबाएं। इसी तरह से पांच और बर्गर तैयार करें और सर्व करें।
सेहत / शौर्यपथ / मुंहासें एक सामान्य स्किन प्रोबल्म है, जो कई महिलाओं को परेशान करते हैं. कई तरह के महंगे स्किन प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट्स के बाद बहुत सी महिलाओं ने अपने मुंहासों से छुटकारा पाने के लिए घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करना शुरू किया औरर उन्हें सही में इसका असर भी दिखाई दिया. ऐसे में गुलाब जल को आपको मुंहासें दूर करने के लिए जरूर ट्राय करके देखना चाहिए. न केवल गुलाब जल आपकी त्वचा के पीएच स्केल को बैलेंस करता है, बल्कि यह मुंहासों से भी छुटकारा दिलाता है और आपकी त्वचा को जवां बनाता है.
मुंहासों के लिए गुलाब जल का क्यों करें इस्तेमाल?
गुलाब जल में एस्ट्रिजेंट प्रोपर्टीज होती हैं, जो आपकी त्वचा के लिए टोनर का काम करती है. यह आपकी त्वचा से धूल मिट्टी और कीटाणुओं को निकालकर पोर्स को खोलता है और चेहरे की डीप क्लेंजिंग करता है. साथ ही ये ढीली त्वचा को वापस से टाइट भी करता है. ये आपकी त्वचा पर बहुत ही कोमल रहता है और एक्सेस ऑयल को भी रोकता है.
हालांकि, गुलाब जल में मौजूद एंटी बैक्टीरियल, एंटीमाइक्रोबायल और एंटी इंफ्लामेटरी प्रोपर्टीज इसे मुंहासों से छुटकारा दिलाने के लिए लाभकारी बनाती हैं. इसकी एंटी बैक्टीरियल और एंटीमाइक्रोबायल प्रोपर्टीज मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया को दूर रखती हैं और त्वचा को साफ करती हैं.
वहीं इसक एंटी इंफ्लामेटरी प्रोपर्टीज आपके दर्द को कम करती है और त्वचा को जल्दी से ठीक करने में मदद करती है. इसलिए हम आपके लिए कुछ ऐसे तरीके लाए हैं, जिनसे आप भी मुंहासों से छुटकारा पा सकती हैं.
1. गुलाब जल का स्प्रे
गुलाब जल को स्प्रे के रूप में लगाने से भी मुंहासें करने वाले बैक्टीरिया दूर रहते हैं.
आपको चाहिए
- गुलाब जल
- एक छोटी स्प्रे बोतल
ऐसे करें इस्तेमाल
- सबसे पहले स्प्रे बोतल में गुलाब जल डाल लें और साइड में रख लें.
- अपने चेहरे को क्लेंजर से साफ करें और सुखा लें.
- अब अपने चेहरे पर गुलाब जल छिड़कें.
- इसे 20 से 30 सेकेंड के लिए चेहरे पर रहने दें.
- अब टिशू से अपना चेहरा साफ कर लें.
- आप चाहें तो मोइश्चराइजर में मिला कर भी इसे लगा सकती हैं.
- आप रोज इस स्प्रे को अपने चेहरे पर लगाएं और कुछ ही वक्त में आपको बदलाव नजर आने लगेगा.
2. गुलाब जल और मुल्तानी मिट्टी
ऑयली त्वचा के लोगों के लिए ये फेस मास्क एक दम परफेक्ट है. मुल्तानी मिट्टी चेहरे से एक्सेस ऑयल को सोख लेती है और चेहरे को डीप क्लेंज करती है. ये घरेलू नुस्खां त्वचा को ऑयल और मुंहासों से दूर रखने में मदद करेगा.
आपको चाहिए
- 1 टेबलस्पून मुल्तानी मिट्टी
- 1 टेबलस्पून गुलाब जल
ऐसे करें इस्तेमाल
- दोनों को अच्छे से मिला लें और एक स्मूथ पेस्ट बना लें.
- अपना चेहरा धो लें और पानी सुखा लें.
- अब इस पेस्ट को अपने चेहरे और गले पर लगाएं.
- पेस्ट के सूखने तक इसे लगा रहने दें.
- अब अपने चेहरे को सामान्य पानी से धो लें.
- इस मास्क का अपने चेहरे पर दो बार इस्तेमाल करें.
3. गुलाब जल और सेब का सिरका
सेब के सिरके को इसकी एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लामेटरी प्रोपर्टीज के लिए जाना जाता है. ये दोनों ही मुंहासों को दूर करती हैं और त्वचा को साफ और स्वस्थ बनाती हैं.
आपको चाहिए
- आधा कप गुलाब जल
- 2 टीस्पून सेब का सिरका
ऐसे करें इस्तेमाल
- अपने चेहरे को क्लेंजर से धो लें और सुखा लें.
- अब एक कप में सेब के सिरके और गुलाब जल को मिला लें.
- एक रुई का टुकड़ा लें और इसे मिक्स्चर में डालें और फिर चेहरे पर लगाएं.
- अब अपने चेहरे को सूखने दें.
- इसके बाद अपने चेहरे पर मोइश्चराइजर लगाएं.
- इस घरेलू नुस्खे का हफ्ते में कम से मक 2 बार इस्तेमाल करें.
4. गुलाब जल और चंदन
नेचुरल स्किनकेयर की बात आती है तो चंदर जादू की तरह काम करता है. चंदन में मौजूद एंटी इंफ्लामेटरी प्रोपर्टीज जलन को कम करती है और धूल मिट्टी को बाहर निकालकर त्वचा को साफ करती है.
आपको चाहिए
- 2 टेबलस्पून चंदन का पाउडर
- 1 टेबलस्पून गुलाब जल
ऐसे करें इस्तेमाल
- गुलाब जल और चंदन के पाउडर को एक बाउल में मिक्स कर के पेस्ट बना लें.
- अब अपने चेहरे को क्लेंजर से धो लें और सुखा लें.
- इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं और सूखने तक छोड़ दें.
- अब अपने चेहरे को ठंडे पानी से धो लें.
- आप इस नुस्खे का हफ्ते में 3 से 4 बार इस्तेमाल कर सकते हैं.
5. गुलाब जल और नींबू
नींबू में काफी अधिक मात्रा में विटामिन सी होता है, जो मुंहासों के लिए काफी लाभकारी है. इसके अलावा नींबू बहुत ही अच्छा स्किन ब्राइटनिंग एजेंट भी है, जो आपकी त्वचा के स्कार्स को हटाता है. ये नुस्खा आपको मुंहासें से मुक्स साफ त्वचा देगा.
शौर्यपथ खेल / सुरेश रैना भारतीय क्रिकेट टीम में भले ही नियमित खिलाड़ी नहीं रहे उनका टीम इण्डिया में अन्दर बाहर लगा ही रहा किन्तु टीम इण्डिया के जिस खिलाड़ी के साथ उनकी सबसे ज्यादा बनती थी तो वो महेंद्र सिंह धोनी ही थे दोनों की आपस में काफी निभती थी . महेंद्र सिंह धोनी के सन्यास की घोषणा के कुछ देर बाद सुरेश रैना ने भी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया और अपने सोशल मिडिया में पोस्ट करते हुए काहा माहि आपकी यात्रा ( क्रिकेट से संन्यास ) में हम भी साथ है और इसी के साथ क्रिकेट का एक और सितारा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया .
भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज रहे सुरैश रैना ने सोशल मीडिया के जरिए अपने रिटायरमेंट का ऐलान किया है. महेंद्र सिंह धोनी के रिटायरमेंट के बाद रैना ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि वो भी इस यात्रा में शामिल हो रहे हैं.
अपने रिटायरमेंट के ऐलान के साथ ही सुरेश रैना ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक तस्वीर शेयर की है. इस तस्वीर के साथ ही सुरैश रैना ने लिखा, 'माही आपके साथ खेलना अच्छा था. पूरे दिल से गर्व के साथ, मैं आपकी इस यात्रा में शामिल होना चाहता हूं. थैंक यू इंडिया. जय हिन्द!'
बता दें कि सुरेश रैना भारतीय क्रिकेट टीम में मध्यक्रम की बल्लेबाजी क्रम में भूमिका निभाते आए हैं. हालांकि अब सुरेश रैना टीम इंडिया के लिए खेलते हुए नजर नहीं आएंगे. वहीं सुरेश रैना आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते हैं. महेंद्र सिंह धोनी भी आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा हैं.

दुर्ग / शौर्यपथ / 15 अगस्त की रात 8 बजे दुर्ग के सिकोला बस्ती में एक ह्रदय विदारक घटना से पूरा मोहल्ला सकते में है . टीवी देखने के मामूली विवाद में सगे भाई ने भाई की हत्या कर डी . मोहन नगर थाना स्थित सिकोला बस्ती में भाई ने ही भाई को मामूली विवाद में मारा . मृतक धनराज यादव एवं छोटे भाई बसन यादव के बीच टीवी चलाने को लेकर मामूली विवाद हो गया .विवाद इतना बड गया कि छोटे भाई ने कुल्हाड़ी से किये घातक वार। अस्पताल ले जाते वक्त हुई धनराज यादव की रास्ते में ही मौत हो गयी . आरोपी बसन यादव को पुलिस ने किया गिरफ्तार . हत्या में प्रयुक्त टंगिया भी जप्त कर पुलिस जांच में जुटी है .
हत्या में प्रदत कुल्हाड़ी 
मनोरंजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार को एक्टिंग ही नहीं उनकी जिंदादिली के लिए भी जाना जाता है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अक्षय कुमार ने ट्विटर अकाउंट पर अपना एक वीडियो शेयर करते हुए लोगों से जरूरतमंदों और गरीबों की मदद करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिससे जितना हो सके मदद कीजिए, बस नजरअंदाज मत करिए।
वीडियो में अक्षय कुमार कहते हैं, 'Óजब भी मैं घर से बाहर निकलता हूं तो मेरा ध्यान इन चेहरों पर जाता है। बूढ़े चाचा आस लगाए बैठे हैं कि उनकी टोकरी के चार-पांच दर्जन केले आज किसी तरह बिक जाए। धनिया-मिर्ची की छोटी से जायदाद लिए वो बाबा सोच में डूबे हैं कि कही ये बिकने से पहले खराब न हो जाए। ट्रैफिक सिग्नल के लाल होने पर आंख में आंसू छिपाती हुई वह बहन कोई उसकी छोटी से माला खरीद लें। भाईसाब 10 रुपये का है। ले लो न प्लीज।ÓÓ
'Óवो इडली वाले अन्ना, ब्रेड वाले भाईसाब, फलवाले अंकल, ये सब हमारी जिंदगी का कहीं न कहीं हिस्सा बन चुके हैं। ये लोग ईमानदारी से काम करते हैं और बहुत मेहनत करने के बाद भी दिन का 50 रुपये भी नहीं कमा पाते हैं। अपने परिवार के साथ इन्हें भूखा सोना पड़ता है। लॉकडाउन और बारिश में तो इनका धंधा जैसे खत्म ही हो चुका है।ÓÓ
इसके बाद अक्षय कुमार ने कहा, 'Óदोस्तों क्या हम सब मिलकर इनके लिए कुछ कर सकते हैं? अपने आप से ये वादा कीजिए हम इन लोगों का एक दोस्त की तरह ख्याल रखेंगे। इन्हें नजरअंदाज नहीं करेंगे। हम कोशिश करेंगे रोज कि किसी एक का दर्द कम कर सकें। हम उनकी जरूरत का ख्याल रखेंगे। उनकी थोड़ी से आमदनी करवा देंगे। जब हम सब मिलकर ये जिम्मेदारी लेंगे तो शायद हमारे देश में कोई भूखा नहीं रहेगा। जय हिंद।ÓÓ
नजरिया /शौर्यपथ / कई मौके आते हैं, जब देश हमें प्रेरित करता है। वर्ष 1992 के ओलंपिक के समय मैं छोटा था, वहां भारतीय खिलाड़ियों की टीम को देश का प्रतिनिधित्व करते हुए देखना मेरे लिए बहुत प्रेरणादायी था। तब लिंबा राम ने कैसे निशाना साधा था, उत्सव-तमाशे का कैसा माहौल था! खिलाड़ी कैसे अपने बेहतरीन प्रदर्शन के अभियान में लगे थे। तब मुझे ओलंपिक में हॉकी महाशक्ति के रूप में हमारी विरासत के बारे में भी पता था, और यह कुछ ऐसा था, जिसने मुझे अपनी खेल यात्रा और भारत को गौरव दिलाने के लिए प्रेरित किया।
मुझे याद है, जब 11 अगस्त, 2008 को बीजिंग ओलंपिक में मैंने स्वर्ण पदक जीता, तब मुझे नहीं लगा था कि मैंने जीत लिया है। जीतने के बाद भी मेरा ध्यान जीत की प्रक्रिया पर लगा था। कैसे सर्वश्रेष्ठ करना है, यही बात मेरे दिमाग में चल रही थी। हालांकि जैसे-जैसे चीझें साफ हुईं, मुझे स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ। जीवन के एक लक्ष्य तक पहुंचने की खुशी महसूस हुई। इस बात ने मेरे मन को छू लिया कि मेरे एक काम ने पूरे देश को कैसे प्रभावित किया है।
पिछले वर्षों में खेलों में बढ़ती भागीदारी बहुत प्रोत्साहित करती है। एथलीटों का समर्थन करने के लिए आगे आने वाले अधिक से अधिक लोगों को देखना बहुत अच्छा लगता है। उदाहरण के लिए, एक औसत जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भी भागीदारी बढ़ गई है, जब मैं इस स्तर पर प्रतिस्पद्र्धा करता था, तब इतने लोग नहीं आते थे। आज हर खेल में किसी न किसी रोल मॉडल का उदय खिलाड़ियों को पेशेवर खेल की राह दिखाता है, इसे पोषित-प्रोत्साहित करने की जरूरत है। अगले दशक में मैं निश्चित ही अधिक एथलीटों को विश्व विजेता बनते देख सकता हूं, और उम्मीद है, मैं लंबे समय तक भारत का एकमात्र व्यक्तिगत स्वर्ण पदक विजेता नहीं रहूंगा।
आज खेलों में निवेश की जरूरत है। देश में प्रचुर प्रतिभा है। सही खेल ढांचा हो और खिलाड़ी विकास में दूरदर्शिता हो, तो प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। कई मायने में यह हो भी रहा है। मैंने सरकार में खेलों के लिए नए सिरे से प्रतिबद्धता देखी है। यही वजह है, मैं इस देश में खेलों के विकास को बहुत आशावादी रूप से देखता हूं। खेल विकास के लिए सरकार भी करे और कॉरपोरेट सेक्टर जितना ज्यादा शामिल हो, उतना बेहतर होगा।
कोरोना न होता, तो इस समय ओलंपिक का माहौल होता। यह उन खिलाड़ियों के लिए निराशा की बात है, जिन्होंने टोक्यो खेलों को ध्यान में रखते हुए वर्षों से तैयारी की है। हालांकि, इससे कई युवा एथलीटों को तैयार होने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। कोरोना ने हमें एक कदम पीछे लेने और आगे के कदमों की योजना बनाने का समय दिया है। यह अंतत: इस पर निर्भर करता है कि आप स्थिति को कैसे देखते हैं और इससे भी महत्वपूर्ण कि आप इसका अधिकतम उपयोग कैसे करते हैं। बेशक, जो अवसर का लाभ उठाएगा, वह जरूर जीतेगा।
आज जो दौर है, उसका हममें से कई लोगों पर प्रभाव पड़ा है और इस पर काबू पाने के लिए सेहतमंद और सुरक्षित रहना हमारे लिए अहम है। जितना संभव हो, घर पर रहने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने, जैसे मास्क पहनने और हाथ धोने से भी एक बड़ा फर्क आएगा। आप एक दिनचर्या रखें और बिना अपवाद पालन करें। जो छोटे व्यायाम घर पर किए जा सकते हैं, जितना संभव हो, करें। साथ ही, अच्छे भोजन से न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक सेहत में भी मदद मिलेगी।
हमें अपनी मजबूती के साथ देश की मजबूती के बारे में भी जरूर सोचना है। इस देश को कैसे आकार दिया जाएगा, यह बात भारत के युवाओं के परस्पर सामंजस्य और सामूहिक विकास में योगदान के लिए सक्षम होने पर निर्भर है। हमें अपने देश के युवाओं का साथ देना होगा। युवा जो कुछ कर सकते हैं, उन्हें उसी दिशा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना होगा। ऐसा करते हुए हम भारतीयों की एक पूरी पीढ़ी को प्रेरित कर सकते हैं, जो देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
एक उद्यमी, खिलाड़ी या किसी अन्य पेशे में सफलता के लिए आप जिस भी क्षेत्र को चुनें, अपने इरादे को बुलंद रखें। सीखने के लिए हमेशा तैयार रहें। दुनिया का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है, आपका भी बदलेगा, अगर आप पूरी लगन से अपनी मंजिल पर पूरा ध्यान लगाएंगे।
(ये लेखक के अपने विचार हैं) अभिनव बिंद्रा, ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
