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सेहत टिप्स /शौर्यपथ / मोटापा आज की बड़ी समस्या है. बढ़ते वजन को कंट्रोल करने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं. डाइट से लेकर वर्कआउट तक सब आजमाते हैं. लेकिन अगर आप अपने वजन कंट्रोल में करने के लिए कोई नेचुरल रेमेडी खोज रहे हैं तो जीरा पानी एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है. जीरा पानी आपके वेट लॉस की कोशिश में आपकी मदद कर सकता है. आइए जानते हैं जीरा पानी कैसे वजन घटाने में कारगर साबित हो सकता है.
वजन कम करने में कैसे मदद करता है जीरा पानी?
1. मेटाबॉलिज्म बूस्ट करें
जीरे का पानी आपके मेटाबॉलिक रेट को बढ़ा सकता है. तेज मेटाबॉलिज्म से आराम के समय अधिक कैलोरी जलती है, जिससे वजन घटाने में मदद मिल सकती है.
2. बेहतर पाचन
जीरा पानी पाचन एंजाइमों के प्रोडक्शन को भी बढ़ावा देता है, जिससे आपके शरीर के लिए भोजन से पोषक तत्वों को तोड़ना और अवशोषित करना आसान हो जाता है. बेहतर पाचन से सूजन और कब्ज को रोका जा सकता है, जो वजन घटाने में बाधा बनता है.
3. भूख को दबाना
खाने से पहले जीरा पानी पीते हैं तो आप कम खाएंगे और ये भूख को कंट्रोल कर सकेंगे. इससे वजन घटाने के लिए जरूरी कैलोरी की कमी को बनाए रखना आसान हो जाता है.
4. ब्लड शुगर करे कंट्रोल
जीरा पानी ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल करने में भी मदद करता है. इससे वजन कम करने में भी मदद मिलती है.
घर पर जीरा पानी कैसे बनाएं
घर पर जीरा पानी बनाने के लिए आपको एक से दो चम्मच जीरा और एक गिलास पानी की जरूरत होगी.
सबसे पहले जीरे को एक पैन में धीमी आंच पर सूखा भून लें जब तक कि उनमें सुगंध न आने लगे. यह स्टेप जीरा पानी के स्वाद को बढ़ाता है, ध्यान रखें कि जीरा जले नहीं.
अब जीरे को ठंडा होने दें, फिर उसे ग्राइंडर का इस्तेमाल करके बारीक पीस लें. अब एक गिलास पानी उबालें और उसमें पिसा हुआ जीरा डालें. इसे लगभग 10-15 मिनट तक ऐसे ही पड़ा रहने दें. फिर, इसे छान लें.
टेस्ट के लिए आप इसमें थोड़ा नींबू का रस निचोड़ सकते हैं या थोड़ा शहद मिला सकते हैं. इसे गुनगुना करके पी सकते हैं या रूम टेम्परेचर पर भी इसका सेवन कर सकते हैं.
योग /शौर्यपथ /योग एक मन और शरीर को शांत करने वाली प्रक्रिया है जो मांसपेशियों को फैलाती है और शरीर को फ्लेक्सिबल बनाती है. डेली केवल 10-15 मिनट का योगाभ्यास लंबे समय के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. ध्यान से खाने और उन चीजों की पहचान करना जरूरी है जो पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बनती हैं. डायजेशन और गट हेल्थ पर सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए योग आसनों को अपने फिटनेस रूटीन में शामिल करना जरूरी है. यहां कुछ योग आसनों के बारे में बताया गया है जो पेट और पाचन को हेल्दी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं.
पाचन को हेल्दी रखने वाले योग आसन |
1. पवनमुक्तासन
यह योग मुद्रा पेट की मांसपेशियों को मजबूत करती है और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं को कम करने में मदद करती है. अपनी पीठ के बल लेट जाएं और अपने पैरों को स्ट्रेच करें.
2. कैमल पोज
इस आसन को करते समय घुटनों के बल बैठना होता है. फिर पीछे की ओर झुकें, सिर और रीढ़ की हड्डी को झुकाएं और पैरों को छूने की कोशिश करें.
3. धनुषासन
पैरों को सीधा फैलाकर पेट के बल लेटें. हाथों को साइड में रखें. अब धीरे-धीरे अपने घुटनों को मोड़ें और अपने हाथों को पकड़कर उन्हें अपने सिर की तरफ खींचें. अपने पैरों को हिप्स से ज्यादा दूर न फैलाएं. अब पैरों को शरीर की तरफ खींचते हुए धीरे-धीरे अपनी जांघों को ऊपर उठाने की कोशिश करें.
4. कैट-काउ पोज
अपनी कलाइयों को कंधों के नीचे और अपने घुटनों को अपने हिप्स के नीचे रखें. श्वास भरते हुए ऊपर देखें और अपने पेट को चटाई की ओर नीचे आने दें. सांस छोड़ते हुए अपनी ठुड्डी को अपनी छाती से सटाएं.
5. भुजंगासन
पेट के बल लेट जाना चाहिए, अपने पैरों को फैलाएं और दोनों हाथों से अपनी छाती को ऊपर उठाएं.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / नेचुरल तरीके से अपनी स्किन से टैन हटाने और दूध जैसी चमक पाने के लिए, कई लोग नारियल तेल का इस्तेमाल करते हैं. नारियल तेल में मॉइस्चराइजिंग गुण होते हैं जो हमारी स्किन के लिए लाभदायक हो सकते हैं. नारियल के तेल का इस्तेमाल स्किन को हाइड्रेट करने और धूप के संपर्क में आने पर भी यह स्किन को डिहाइड्रेटेड होने से बचाने में कर सकता है.
टैन हटाने और आपकी स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाने में नारियल का तेल लाभदायी होता है. अगर आप टैन को हटाना चाहते हैं तो आइए जानते हैं कि आप इसका इस्तेमाल किस तरीके से कर सकते हैं.
नारियल तेल और शहद
शहद, नारियल तेल की तरह ही हाइड्रेटिंग, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीफंगल गुणों से भरपूर होता है. ड्राई, बेजान और टैनिंग से छुटकारा पाने के लिए आप नारियल के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं. टैन हटाने के लिए शहद के साथ नारियल के तेल को अच्छी तरह से मिला लें. अब इस पेस्ट को टैनिंग वाली जगह पर लगाएं. लगभग 15-20 मिनट तक लगा रहने के बाद इसे गर्म या फिर नॉर्मल पानी से धोलें.
नारियल तेल और हल्दी
हल्दी स्किन के निखार को बढ़ाने और सूजन-रोधी और जीवाणुरोधी गुणों के कारण जानी जाती है. इसका इस्तेमाल में स्किन के हाइपरपिगमेंटेड पैच और टैन को दूर करने के लिए किया जाता है. इसका सही तरीके से उपयोग करने से यह टैनिंग को दूर करने, दर्द और सूजन को कम करने में भी लाभदायी होता है. नारियल तेल और हल्दी पाउडर को मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बनाएं, इसे अपने चेहरे पर लगा कर 20 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर इसे नॉर्मल पानी से धो लें.
नारियल तेल और चीनी
हाइड्रेटिंग नारियल तेल के साथ चीनी को मिलाकर स्क्रब करने से यह स्किन को एक्सफोलिएट करने में मदद कर सकता है. इसके लिए एक कटोरे में चीनी और नारियल तेल को तब तक मिलाएं जब तक वो एक अच्छा पेस्ट न बन जाएं. अब इससे अपनी स्किन पर स्क्रब करें और टैनिंग वाली जगह पर लगाएं. 5-10 मिनट इससे मालिश करें और फिर पेस को साफ कर लें.
नारियल तेल और दही
दही स्किन को कई लाभ देता है. इसमें लैक्टिक एसिड और प्रोबायोटिक्स ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं और इसमें कई हेल्दी फैट भी होते हैं जो ड्राई, धूप में झुलसी स्किन को हाइड्रेट करने में और गंदगी को हटाने में मदद करते हैं. इस पेस् कोट बनाने के लिए आपको बस इतना करना है कि दही और नारियल तेल में मिलाएं, इसे टैनिंग पर एरिया पर लगाएं और 30 मिनट तक सूखने दें और फिर नॉर्मल पानी से धो लें.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / भारत में घर-घर में सुबह की सफाई एक रूटीन का हिस्सा होती हैं. मगर हमारे घर की मंदिरों की सफाई केवल बड़े त्योहारों पर ही होती हैं. इसलिए वही सबसे ज्यादा गंदे भी होते हैं. हर कोई सुबह उठकर घर में झाडू-पोंछा लगाने के बाद ही और कुछ करता हैं. कई लोग हर सुबह पूजा करना भी जरूरी मानते हैं. उसी प्रकार अगर आपने इन घरेलू तरीकों से अपने मंदिर की सफाई हफ्ते में 3 से 4 बार की तो आपका मंदिर नया जैसा चमकता रहेगा और भगवान भी आपसे प्रसन्न रहेंगे.
ऐसे करें अपने घर के मंदिर की सफाई
खाली कर लें मंदिर
अपने घर के मंदिर की अच्छी तरह सफाई करने के लिए सबसे पहले मंदिर को पूरी तरह से खाली कर लें. इससे सफाई करने में आसानी होगी.
मंदिर को करें साफ
इसके बाद अपने मंदिर को अच्छी तरह भीगे, साफ कपड़ें से साफ करें. और अगर आपका मंदिर लकड़ी से बना हुआ हो तो ऑलिव ऑयल और नीबूं का भी इस्तेमाल करें. इससे मंदिर में नेचुरल चमक आएगी.
स्टोरेज स्पेस की सफाई
मंदिर की अच्छी तरह सफाई करने के बाद अगर आपके मंदिर में कोई स्टोरेज स्पेस (Storage Space) हो तो उसे साफ करें. इसके लिए सबसे पहले उसमें रखें सामान निकाल लें और उस बॉक्स की अच्छी तरह सफाई कर लें. फिर सभी चीजों में से जरूरत वाली चीजों को अलग कर लें और बेकार सामान हटा दें.
मूर्ति की सफाई
अब मंदिर में रखें भगवान की सारी मूर्तियों की सफाई करें. इनकी सफाई में ज्यादा दिनों का गैप देने से ये अधिक गंदे नजर आते हैं. मूर्तियों की सफाई के लिए गंगाजल और नींबू का इस्तेमाल करें.
पूजा बर्तनों की सफाई
पूजा घर में अगरबत्ती और धूप के कारण वहां रखें बर्तन काले हो जाते हैं. पीतल और तांबे के इन बर्तनों की सफाई के लिए थोड़ी मेहनत करनी पड़ सकती हैं. इसके लिए सबसे पहले एक बढ़े पतीले में गर्म पानी लेकर उसमें इन बर्तनों को 30 मिनट के लिए डालकर छोड़ दें. इसके बाद नींबू पर नमक लगाकर या नींबू-सोडे के घोल से बर्तनों को अच्छी तरह साफ कर लें.
पूजा के कपड़ों की सफाई
मंदिर में इस्तेमाल होने वाले कपड़े या मूर्तिययों पर चढ़ाए गए वस्त्रों पर तेल के दाग, काले धब्बे, आदि जम जाते हैं. इसे साफ करने के लिए गरम पानी में नींबू का रस और सिरका डालकर कपड़ों को इसमें 30 मिनट के लिए भीगों कर छोड़ दें. फिर बाद में इन्हें रगड़कर साफ कर लें और साफ पानी से धो लें.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / बालों की देखरेख के लिए अनेक चीजों को हेयर केयर रूटीन का हिस्सा बनाया जाता है, लेकिन जो असर जड़ी-बूटियों का होता है वो शायद ही किसी और चीज से नजर आता है. यहां भी उन चीजों का ही जिक्र किया जा रहा है जो बालों का झड़ना रोकने में असरदार हैं और पतले बालों को मोटा बनाती हैं. इन चीजों के इस्तेमाल से बालों की कायापलट हो सकती है. सबसे अच्छी बात तो यह है कि इन्हें आजमाना बेहद ही आसान है और आपको कुछ खास जद्दोजहद नहीं करनी पड़ती है.
बालों को मोटा बनाने वाली जड़ी-बूटियां |
आंवले का हेयर टॉनिक
विटामिन सी से भरपूर आंवला बालों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है. इसे बालों पर लगाने से बालों को कई एंटी-ऑक्सीडेंट्स मिलते हैं. इसके एंटीफंगल गुण स्कैल्प हेल्थ को अच्छा रखते हैं. बालों का झड़ना रोकने और बालों को मोटा करने के लिए आप आंवले का हेयर टॉनिक बनाकर लगा सकते हैं. इसे बनाने के लिए आंवला काटकर 3 से 4 दिनों के लिए सुखाने रख दें. आंवला सूख जाए तो इसे पीसकर पाउडर बना लें. अब आंच पर एक कटोरी में नारियल का तेल डालकर गर्म करें और इसमें चम्मच भरकर आंवले का पाउडर डालें. कुछ देर पकाकर आंच से उतार लें. इस मिश्रण को ठंडा करके सिर पर लगाएं और कुछ देर बाद सिर धो लें. बाल घने होने लगेंगे. इसे आप हर दूसरे-तीसरे दिन लगा सकते हैं.
तुलसी का हेयर मास्क
बालों में तुलसी लगाने के यूं तो कई तरीके हैं लेकिन सबसे आसान तरीका है इसका हेयर मास्क बनाकर लगाना. मुट्ठीभर तुलसी के पत्ते धोकर पीस लें. इसमें नारियल का तेल मिलाकर पेस्ट बनाएं और बालों पर 45 मिनट लगाकर रखने के बाद धो लें. तुलसी के एंटी-ऑक्सीडेंट्स, विटामिन, एंटी-फंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण बालों के लिए बेहद अच्छे साबित होते हैं.
रोजमेरी वॉटर
बालों के लिए रोजमेरी को बेहद ही अच्छा और असरदार हर्ब माना जाता है. इसके इस्तेमाल से बालों को बढ़ने में मदद मिलती है. इसमें कार्सोनिक होता है जो बालों का झड़ना रोकने में कारगर है. रोजमेरी को बालों में लगाने के लिए एक कटोरी पानी लें. इसमें रोजमेरी के पत्ते डालें और उबालें. जब यह पानी ठंडा हो जाए तो इसे स्प्रे बोतल में भरकर बालों पर छिड़कें. आपको बालों में फर्क नजर आने लगेगा.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / हड्डियां हमारे शरीर का ढांचा हैं जिनके कमजोर पड़ने पर उठना-बैठना तक व्यक्ति के लिए मुश्किल हो जाता है. बचपन से ही बच्चों को भरपूर कैल्शियम इसीलिए देने को कहा जाता है ताकि बढ़े होते-होते शरीर में कैल्शियम की कमी के कारण हड्डियों से जुड़े रोग ना होने लगें. कभी हाथ में दर्द तो कभी जोड़ों में दिक्कतें होना कैल्शियम की कमी का ही परिणाम हो सकता है. ऐसे में यहां कुछ खानपान की चीजें दी जा रही हैं जिनके सेवन से आपको हड्डियों की कमजोरी और कैल्शियम की कमी से दोचार नहीं होना पड़ेगा. ये कैल्शियम से भरपूर चीजें हैं जो हड्डियों को मजबूत बनाती हैं.
कमजोर हड्डियों के लिए कैल्शियम से भरपूर चीजें |
दही
दूध कैल्शियम से भरपूर होता है यह सभी जानते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि दही कैल्शियम का ज्यादा अच्छा स्त्रोत है. लो फैट दही शरीर को अच्छीखासी मात्रा में कैल्शियम प्रदान करता है. इसे आप अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं.
बींस और दालें
बींस और दालें प्रोटीन ही नहीं बल्कि कैल्शियम की भी अच्छी स्त्रोत हैं. इनसे शरीर को फाइबर और खनिज भी मिलते हैं. रोजाना की कैल्शियम की खपत पूरी करने के लिए दालों और बींस जैसे सोयाबीन, ग्रीन बींस, मटर और रेड मिलेट को खानपान (Diet) में शामिल किया जा सकता है.
बादाम
कैल्शियम, फैटी एसिड्स, विटामिन ई, प्रोटीन और एंटी-ऑक्सीडेंस्ट के अच्छे स्त्रोत हैं बादाम. इनसे हड्डियों को खासा फायदा मिलता है. साथ ही, एक कप बादाम (Almonds) से ही शरीर को 385 mg तक कैल्शियम प्राप्त होता है. हालांकि, इन्हें आपको कम मात्रा में ही खाना चाहिए क्योंकि इनमें फैट्स और कैलोरीज ज्यादा होती हैं.
हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, केल, कोलार्ड ग्रींस जैसी हरी सब्जियां कैल्शियम की अच्छी स्त्रोत होती हैं. इनसे शरीर को विटामिन, खनिज जैसे मैग्नीशियम, आयरन और पौटेशियम भी मिलते हैं. इन्हें मजबूत हड्डियां पाने के लिए खाया जा सकता है.
अंजीर
ताजा या सूखा अंजीर डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है. अंजीर में कैल्शियम अच्छी मात्रा में पाया जाता है. इन्हें आप कच्चा खा सकते हैं, बेक कर सकते हैं या फिर दही और दलिया में डालकर भी अंजीर खाए जा सकते हैं.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /हर साल भाद्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है. जन्माष्टमी के मौके पर भक्त मंदिर जाकर या घर में ही श्रीकृष्ण का पूजन करते हैं. पूजा में बाल गोपाल के भजन भी गाए जाते हैं. ये भजन मंत्रमुग्ध कर देने वाले हैं और सुनते ही मन में उतर जाते हैं. इन भजन को घर में मित्र मंडली के साथ मिलकर भी गाया जा सकता है. खासकर जन्माष्टमी के मौके पर सुनिए ये भजन और जोर से कहिए जय कन्हैया लाल की.
श्रीकृष्ण के भजन |
बाजे बाजे रे बधाई मैया तेरे अंगना
बाजे बाजे रे बधाई मैया तेरे अंगना.
बड़ो अनोखो लाला जायो श्याम रंग सब के मन भायो
उमंग उमंग सब चले नन्द घर बांधे बंधना.
नन्द भवन एसो सजवायो, वैकुण्ठहुं को दियो लजायो
सब लोकन ते घनो सुहायो टोल टोल गोपी उठ धाईं गावें मंगना.
ब्राह्मण अपने वेद पढ़त हैं नन्द बाबा जू दान देत हैं
पाग पिछोरा ग्वाल लेत हैं गोपिन को दियो लहंगा फरिया रतन जड़ित कंगना.
नाच नाच के प्रेम दिखायो नन्द भवन मे धूम मचायो
देत असीस सबन मन भायो अरी यशोदा रानी तेरो जीवे छंगना.
चलो देख आएं नन्द घर लाला हुआ. यह तो नन्द जी के कुल का उजाला हुआ.
देखो सब ग्वाल बाल, चले होके खुशिहाल, संग बईया गल डाल, नाचे दे दे के ताल.
सब मिलझुल कहें गोप ग्वाला हुआ, चलो देख आएं नन्द घर लाला हुआ.
बाजे शंख घड़ेयाल, जनम लीनो गोपाल, सखी ब्रिज में सब ग्वाल, कहें जय जय गोपाल.
झूले अंगना में पलना है डाला हुआ, चलो देख आएं नन्द घर लाला हुआ.
प्रगटे बृज में बृजराज, करने भक्तों के काज, आया सारा समाज, दर्शन करने को आज.
सुख नैनो को पहुचाने वाला हुआ, चलो देख आएं नन्द घर लाला हुआ.
देखो गोकुल की और, कैसे नाच रहे मोर, छाए बादल घनघोर, बोले पची करे छोर.
बर्षा आनंद की बरसाने वाला हुआ, चलो देख आएं नन्द घर लाला हुआ.
लियो जनम नन्दलाल ने
छाई गोकुल में हरयाली,
कोयल कूके काली काली,
लियो आज रे जनम नन्दलाल ने,
खुशियां नन्द गांव में आई,
हीरे मोती दिए लुटाई,
लीला कैसी रे दिखाई, गोपाल ने।
नन्द बाबाजी ख़ुशी में झूमे,
अपने होश गवाए,
हीरा मोती और अशर्फी,
दोनों हाथ लुटाएं,
मेरे श्याम को नजर,
ना लगा जाए,
बड़े दिनों के बाद मिली है,
ऐसी ख़ुशी निराली
हो गई चारों तरफ दिवाली,
झूले पद गए आम की डाली,
लियो आज रे जनम नन्दलाल ने.
कान्हां के दर्शन करने को,
सभी देव ललचाये,
प्यारे प्यारे मुखड़े के,
हम कैसे दर्शन पाएं,
पलना में कन्हैया मुस्काये,
आज ख़ुशी में झूम रही है,
जमुना काली काली,
आंखें इनकी काली काली,
लटके लट जिनपे घुंघराली,
दिल सबका चुराया घनश्याम ने.
गोद उठाये नन्द रानी जी,
मुखड़ा चूमे जाए,
जो दुनिया को नाच नचाये,
इनके अंगना आये,
तेरा गुणगान भारती अब गाये,
आज ब्रज की शोभा लगती,
स्वर्ग लोक से प्यारी,
ज्योति भजन बनाये,
जाए सत्य बलि बलि जाए,
लियो आज रे जनम नन्दलाल ने.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /जब सफल वेट लॉस या वेट मैनेजमेंट की बात आती है, तो क्रेविंग को कंट्रोल करना और तृप्ति को बढ़ावा देना एक अहम पहलू है. भूख लगना, खाने की इच्छा होना आम बात है और हम सभी इसके लिए दोषी हैं. कैलोरी से भरपूर खाने की लालसा, अनियमित मात्रा या खाना, अनियमित समय वजन घटाने की पूरी प्रक्रिया में काफी बाधा डाल सकता है और यहीं पर तृप्ति काम आती है. तृप्ति भोजन के बाद फुलनेस और संतुष्टि की भावना है. अच्छी खबर यह है कि कुछ फूड्स आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने की शक्ति रखते हैं, जिससे आपको ज्यादा खाने पर अंकुश लगाने और हेल्दी विकल्प चुनने में मदद मिलती है.
पेट को लंबे समय तक भरा रखने वाले फूड्स
फाइबर वाले फूड्स: फाइबर से भरपूर फूड्स तृप्ति को बढ़ाने में सहायक हैं. उन्हें चबाने और पचने में ज्यादा समय लगता है, जिसका अर्थ है कि वे लंबे समय तक आपके पेट में रहते हैं. इससे लंबे समय तक पेट भरे होने का अहसास होता है. साबुत अनाज, जैसे ओट्स, क्विनोआ और ब्राउन राइस, फाइबर के बेहतरीन स्रोत हैं. इसी तरह दाल, चना और काली फलियों का भी सेवन कर सकते हैं.
प्रोटीन पावरहाउस: प्रोटीन एक और तृप्ति सुपरस्टार है. यह न केवल टिश्यू को बनाने और मरम्मत में मदद करता है बल्कि फुलनेस की फीलिंग भी प्रदान करता है. जब आप प्रोटीन से भरपूर फूड्स खाते हैं, तो आपका शरीर हार्मोन जारी करता है जो आपके ब्रेन को संकेत देता है कि आपने पर्याप्त खा लिया है. चिकन, टर्की, मछली, टोफू और बीन्स जैसे प्रोटीन के कम स्रोत लंबे समय तक संतुष्ट रहने के लिए बेहतरीन विकल्प हैं.
हेल्दी फैट: जबकि आपको फैट का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए, सही प्रकार का फैट भी तृप्ति को बढ़ावा दे सकता है. एवोकाडो, नट्स और बीज जैसे फूड्स में हेल्दी फैट होता है जो पाचन को धीमा कर देती है और आपको पेट भरा हुआ महसूस कराता है.
वाटर कंटेंट वाली चीजें: हाई वाटर कंटेंट वाले फूड्स तृप्ति को बढ़ावा देने में आश्चर्यजनक रूप से प्रभावी हो सकते हैं. खीरा, अजवाइन और सलाद जैसी सब्जियां ज्यादातर पानी से बनी होती हैं, जो बिना ज्यादा कैलोरी जोड़े आपके भोजन में मात्रा बढ़ा देती हैं.
साबुत फूड्स: तृप्ति को बढ़ावा देने वाले इन फूड्स के बीच एक सामान्य विषय यह है कि वे अक्सर अपने प्राकृतिक, संपूर्ण रूप में पाए जाते हैं. साबुत फूड्स में प्राकृतिक फाइबर, पोषक तत्व और पानी की मात्रा बरकरार रहती है.
बैलेंस डाइट: बैलेंस डाइट का लक्ष्य रखें जिसमें इन पेट भरने वाले फूड्स का संयोजन शामिल हो. उदाहरण के लिए ओटमील का एक कटोरा जिसके ऊपर नट्स और जामुन डाले गए हों, फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट से भरपूर होता है.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /चमकदार और स्मूद बालों के लिए बहुत से लोग मेहनत करते हैं. कई प्रयासों के बावजूद भी बालों को चिकना और शाइनी बना पाने में सफल नहीं होते हैं. हालांकि कि कुछ घरेलू नुस्खे हैं जो बालों को हेल्दी और स्ट्रॉन्ग बनाए रखने में मदद कर सकते हैं. सीबम बालों को चिकनाई और हाइड्रेट करने में भी मदद करता है. कई लाफस्टाइल कारक बालों के बेजान बना देते हैं, लेकिन आपको बता दें बालों की चमक वापस लाने के लिए कुछ घरेलू उपचार हैं जो काफी कारगर साबित हो सकते हैं. यहां कुछ होममेड हेयर मास्क के बारे में बताया गया है जो बालों की ग्रोथ बढ़ाने के साथ उन्हें चमकदार भी बनाते हैं.
हेल्दी और लंबे बालों के लिए घरेलू मास्क |
1. कॉफी का इस्तेमाल करें
कॉफी हेयर ग्रोथ को बढ़ावा देती है. माना जाता है कि कॉफी में मौजूद पॉलीफेनोल्स और बायोफ्लेवोनॉइड्स आपके बालों को चिकना, चमकदार और मुलायम बनाने में मदद करते हैं. इसके अलावा कॉफी बालों को मॉइस्चराइज करने और बालों के रोम में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करने में मदद कर सकती है.
कैसे करें इस्तेमाल?
ठंडी कॉफी से गीले बालों की मसाज करें और धोने से पहले इसे 15 मिनट तक लगा रहने दें.
ब्रू की हुई कॉफी को अपने लीव-इन कंडीशनर के साथ मिलाएं और उपयोग करें.
2. अंडे
अंडे का मास्क सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले घरेलू उपचारों में से एक है और चमकदार, चिकने बाल पाने के लिए इसका उपयोग कारगर माना जाता है. अंडे की जर्दी में पेप्टाइड्स होते हैं और बालों की ग्रोथ को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. इसके अलावा अंडे की फैटी एसिड सामग्री बालों को पोषण और मॉइस्चराइज करने में मदद करती है, जिससे वे चमकदार बनते हैं.
कैसे करें इस्तेमाल?
2 अंडे और आधा कप दही या शहद के साथ 2 बड़े चम्मच नारियल, जैतून या विटामिन ई तेल मिलाएं.
अपने बालों को गीला करें और इस मिश्रण से स्कैल्प और बालों पर मालिश करें.
30 मिनट के बाद ठंडे पानी से धो लें और अपने बालों को हमेशा की तरह शैम्पू कर लें.
3. तेल लगाएं
नारियल, मोरक्कन आर्गन, ऑलिव ऑयल, जोजोबा, सूरजमुखी, बादाम और एवोकैडो तेल शामिल हैं. इन तेलों में हाई फैटी एसिड होता है जो ड्राई हेयर को मॉइस्चराइज करने में मदद कर सकती है.
कैसे करें इस्तेमाल?
किसी भी तेल को हल्का गर्म करें और अपने बालों और स्कैल्प पर मालिश करें.
इसे रात भर के लिए छोड़ दें या 30 मिनट बाद अपने बालों को शैम्पू कर लें.
अपने कंडीशनर में कोई भी तेल मिलाएं और उपयोग करें.
खाना खजाना /शौर्यपथ / ब्रेकफास्ट दिन का सबसे जरूरी मील माना जाता है. ब्रेकफास्ट वो खाना है जो हमारे पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखने में मदद करता है. इसलिए ब्रेकफास्ट में हेल्दी चीजों को शामिल करना चाहिए. अगर आप भी ऐसे ही ब्रेकफास्ट की तलाश कर रहे हैं, जिसे कम समय में आसानी से बनाया जा सके. तो चिंता ना करें आपकी इस परेशानी का हल यहां है. हम बात कर रहे हैं मसाला कॉर्न टोस्ट रेसिपी की. मसाला कॉर्न टोस्ट एक क्विक टेस्टी और हेल्दी रेसिपी है. आपको बता दें कि कॉर्न को पोषण से भरपूर माना जाता है. विटामिन बी9 और फॉलिक एसिड, विटामिन ए, विटामिन सी और एंटीऑक्सिडेंट जैसे गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को कई समस्याओं से बचाने में मदद कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं पोषण से भरपूर इस नाश्ते को बनाने की आसान रेसिपी.
कैसे बनाएं मसाला कॉर्न टोस्ट रेसिपी-
सामग्री-
2 ब्रेड स्लाइस
1/2 कप उबले कॉर्न
2 टी स्पून मेयोनीज
नमक स्वादानुसार
1/2 टी स्पून जीरा पाउडर
1/2 टी स्पून गरम मसाला
1/2 टी स्पून लाल मिर्च पाउडर
1 टी स्पून नींबू का रस
1/2 टी स्पून चाट मसाला
विधि
एक बाउल में कॉर्न लें इसमें नमक, लाल मिर्च पाउडर, जीरा पाउडर डालें.
फिर गरम मसाला, चाट मसाला और नींबू रस डालकर मिला लें.
फिर एक ब्रेड स्लाइस में मेयोनीज फैलाएं.
अब इसके ऊपर कॉर्न मसाला डालें.
इस ब्रेड को पैन में एयर फ्राई करें.
कॉर्न टोस्ट बनकर तैयार है एक प्लेट में निकालें और सर्व करें.
आस्था /शौर्यपथ /सनातन धर्म में सोमवार का दिन भोलेनाथ यानी भगवान शिव को समर्पित किया गया है. भोलेनाथ सच्चे मन से प्रार्थना और पूजा करने वाले जातकों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं. सोमवार की बात करें तो सोमवार के दिन शिवलिंग पर अभिषेक करने की परंपरा चली आ रही है. कहा जाता है कि शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से भगवान शिव बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं. सोमवार के दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने के साथ-साथ शिवलिंग पर कुछ खास चीजों के अभिषेक से भगवान शिव प्रसन्न होकर समस्त मनोकामनाएं पूरी करते हैं. चलिए जानते हैं कि जलाभिषेक के अलावा शिवलिंग पर क्या-क्या चढ़ाने से किन मनोकामनाओं की पूर्ति होती है.
शिवलिंग पर इन चीजों से करें अभिषेक
शिवलिंग पर हरी मूंग की दाल चढ़ाने से सांसारिक जीवन की समस्त मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जातक को स्वर्ग की प्राप्ति होती है.
अगर कोई जातक शनि की दशा से बहुत परेशान चल रहा है तो उसे शिवलिंग पर सोमवार के दिन काली दाल चढ़ानी चाहिए. इससे शनि की बाधा खत्म होती है.
अगर मेहनत करने के बाद भी भाग्य चमक नहीं रहा है और हर कदम पर असफलता मिल रही है तो सोमवार के दिन शिवलिंग पर चने की दाल चढ़ानी चाहिए. इससे भाग्योदय होता है.
अगर आपके शत्रु आपको परेशान कर रहे हैं तो सोमवार के दिन शिवलिंग पर पूजा के बाद सरसों का तेल चढ़ाएं. इससे आपके शत्रुओं का नाश होगा और आपके बल में तेजी आएगी.
अगर आप काफी लंबे समय से कर्ज से परेशान चल रहे हैं तो आपको सोमवार के दिन शिवलिंग पर लाल मसूर की दाल चढ़ानी चाहिए. इससे जल्द ही आपको कर्ज और अन्य तरह की सभी तकलीफों से मुक्ति मिल जाएगी.
आस्था /शौर्यपथ /पंचांग के अनुसार सालभर में 24 एकादशी पड़ती हैं. महीने में 2 एकादशी के व्रत रखे जाते हैं जिनमें से एक कृष्ण पक्ष और दूसरा शुक्ल पक्ष में रखा जाता है. इस महीने कृष्ण पक्ष में अजा एकादशी पड़ रही है. मान्यतानुसार इस एकादशी को जया एकादशी भी कहते हैं. एकादशी के व्रत में भगवान विष्णु की मान्यतानुसार पूजा-आराधना की जाती है. जानिए इस एकादशी की तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में.
अजा एकादशी का शुभ मुहूर्त |
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को अजा एकादशी कहते हैं. इस बार एकादशी की तिथि 9 सितंबर की शाम 7 बजकर 17 मिनट से शुरू हो रही है और 10 सितंबर रात 9 बजकर 29 मिनट पर इसका समापन हो जाएगा. उदया तिथि के अनुसार अजा एकादशी का व्रत 10 सितंबर के दिन ही रखा जाना है.
इस बार अजा एकादशी के दिन दो बेहद ही खास योग बन रहे हैं. पहला योग है रवि पुष्य योग और दूसरा है सर्वाद्ध सिद्धि योग. वहीं, अजा एकादशी के शुभ मुहूर्त की बात करें तो पूजा का शुभ मुहूर्त 10 सितंबर की सुबह 2 बजकर 37 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक है. इसे एकादशी की पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त माना जा रहा है. इसके अतिरिक्त 11 सितंबर की सुबह 6 बजकर 4 मिनट से 8 बजकर 33 मिनट तक व्रत पारण का शुभ मुहूर्त है.
अजा एकादशी की पूजा
एकादशी की सुबह स्नान पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं और फिर एकादशी व्रत का संकल्प लिया जाता है. घर के मंदिर को साफ करके भगवान विष्णु की मूर्ति या प्रतिमा स्थापित की जाती है. व्रत सामग्री में नारियल, सुपारी, फल, लौंग, अगरबत्ती, घी, पंचामृत, तेल का दीया और फूल आदि शामिल किए जाते हैं. इसके बाद आरती की जाती है और विष्णु भगवान को भोग लगाया जाता है. इस दिन तुलसी की भी खास पूजा की जाती है.
अजा एकादशी का महत्व
माना जाता है कि अजा एकादशी की पूजा करने पर भक्तों को पापों से मुक्ति मिलती है और उनकी सभी मनोकामनाओं को श्री हरि सुनते हैं. कहते हैं इस व्रत की कथा सुनना और व्रत रखना अश्वमेघ यज्ञ जितना महत्व रखता है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /आपने ग्रीन टी, कैमोमाइल चाय, केसर चाय और भी कई दूसरे तरीकों की चाय पी होगी, लेकिन क्या आपने कभी लहसुन की चाय के बारे में सुना है? लहसुन की चाय का नाम सुनकर ही अगर आप मुंह बनाने लगे हैं और इमेजिन नहीं कर पा रहे हैं कि आखिर ये कैसे हो सकता है, तो हम आपको बता दें कि लहसुन टी सबसे हेल्दी ड्रिंक्स में से एक है. जिसका सेवन आपके शरीर को कई तरह की बीमारियों से बचाकर रख सकता है. लहसुन एक पोषण पावरहाउस है जो शरीर को आवश्यक पोषक तत्वों से भर देता है. लेकिन अगर आपको लहसुन का सीधा सेवन करना या इसे अपने खाने में शामिल करना पसंद नहीं है, तो आप लहसुन की चाय पी सकते हैं और इससे होने वाले स्वास्थय लाभों का फायदा उठा सकते हैं. तो आइए जानते हैं सुबह लहसुन की चाय पीने के क्या फायदे हैं.
1. वेट लॉस
स्वास्थय और स्किन के लिए फायदेमंद होने के साथ ही लहसुन की चाय वजन घटाने में भी मदद कर सकती है. जब आप खाली पेट लहसुन की चाय पीते हैं तो आपके पेट को लंबे समय तक भरा रखती है, जिससे आपको भूख कम लगती है जो वेट लॉस करने में मदद करता है.
2. इम्यूनिटी बूस्ट
लहसुन एक एंटीइंफ्लामेंटरी और एंटीऑक्सीडेंट फूज आइटम है जो हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को बूस्ट करने के लिए जाना जाता है. लहसुन के एंटीसेप्टिक, एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण शरीर में फ्री रेडिक्लस और बैक्टीरिया से शरीर की रक्षा करने और इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं.
3. इंफेक्शन
इसके अलावा लहसुन में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो संक्रमण के खतरे को कम करने में लाभदायी हो सकते हैं. लहसुन में एलिसिन नाम का एक एक्टिव कंपाउंड होता है जिसमें एंटीवायरल गुण होते हैं जो बैक्टीरिया के खिलाफ प्रभावी होता है.
4. क्लियर स्किन
लहसुन आपकी डाइट में एक एक्टिव एजेंट होने के साथ ही इसके एंटी-वायरल, एंटीफंगल और एंटीऑक्सीडेंट गुण स्किन के लिए भी बेहद लाभदायी होते हैं. एलिसिन मुँहासे पैदा करने वाले कीटाणुओं और बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है. लहसुन के एंटीबैक्टीरियल गुण और एंटीऑक्सीडेंट मुँहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारकर स्किन को साफ रखने में मदद कर सकते हैं.
5. हार्ट हेल्थ
लहसुन आपकी आर्टेरीस और ब्लड प्रेशर पर अच्छा प्रभाव डाल सकता है. रेड ब्लड सेल्स लहसुन में मौजूद सल्फर को हाइड्रोजन सल्फाइड गैस में बदल देती हैं जो ब्लड वेसल्स को फैलाती है, जिससे ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करना आसान हो सकता है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /ओवेरियन कैंसर महिलाओं में एक बढ़ती समस्या है. ये कैंसर मूल रूप से अंडाशय में कोशिकाओं का बढ़ना है जो हेल्दी टिश्यू को नष्ट करने के लिए शरीर पर हमला करती है. शरीर के अंदर एक गांठ या ट्यूमर कैसे और क्यों विकसित हो सकता है इसका कोई विशेष कारण नहीं है लेकिन कई कारण हैं. ये मेनोपॉज के बाद महिलाओं में बहुत आम है लेकिन आजकल ये युवा महिलाओं में भी देखने को मिल रहा है. ओवेरियन कैंसर के लक्षणों को पहचानने में कभी कभी चूक हो सकती है. ये साइलेंट तरीके से बॉडी को इफेक्ट करते हैं. इससे अपने शरीर के प्रति जागरूक रहना और भी जरूरी हो जाता है.
ओवेरियन कैंसर जोखिम कारक
आयु: ओवेरियन कैंसर मुख्य रूप से 50 से ज्यादा उम्र की महिलाओं को प्रभावित करता है और मेनोपॉज के बाद जोखिम बढ़ जाता है.
जीन: पारिवारिक इतिहास भी काफी मायने रखता है. खासकर अगर डिम्बग्रंथि, स्तन या कुछ अन्य कैंसर का इतिहास हो. अगर बीआरसीए1 और बीआरसीए2 जीन में म्यूटेशन होता है तो बढ़ा हुआ जोखिम चिंताजनक हो जाता है.
मेडिकल हिस्ट्री: ये भी मायने रखता है, खासकर अगर रोगियों को स्तन, गर्भाशय कैंसर का इतिहास रहा हो. जो महिलाएं गर्भवती नहीं हुई हैं या 35 साल के बाद उनकी पहली गर्भावस्था हुई है, उन्हें थोड़ा ज्यादा जोखिम का सामना करना पड़ता है.
पीरियड्स: जल्दी पीरियड्स शुरू होना या देर से मेनोपॉज इसे और बढ़ा देती है. हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) की बारीकियों पर चर्चा की जानी चाहिए, लंबे समय तक केवल एस्ट्रोजन एचआरटी संभावित रूप से जोखिम को बढ़ाता है.
ओवेरियन कैंसर के शुरुआती लक्षण |
पेट में परेशानी: सूजन, दर्द या पैल्विक में असुविधा का बने रहना.
पेशाब में बदलाव: बहुत ज्यादा, बार-बार पेशाब आना या पेशाब के बाद लगातार फुलनेस का अहसास होना.
पाचन संबंधी समस्याएं: अपच, मतली या भूख में बदलाव.
थकान: ये एक प्रारंभिक संकेतक के रूप में पहचाना जा सकता है.
संभोग के दौरान दर्द: कुछ महिलाओं को यौन क्रिया के दौरान असुविधा का अनुभव हो सकता है.
पीरियड्स पैटर्न में बदलाव: मासिक धर्म चक्र में अचानक अनियमितता या बदलाव पर ध्यान देना जरूरी है.
पीठ दर्द: पीठ के निचले हिस्से में पुराना दर्द भी संकेत दे सकता है.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
