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व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /धार्मिक मान्यतानुसार प्रदोष व्रत का अत्यधिक महत्व होता है. प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा की जाती है. हिंदू पंचांग के अनुसार यह भाद्रपद का महीना चल रहा है और इस दौरान भौम प्रदोष व्रत रखा जाने वाला है. यह प्रदोष व्रत मंगलवार के दिन रखा जाएगा और मंगलवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है. यहां जानिए इस प्रदोष व्रत की तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में.
भौम प्रदोष व्रत कब है
पंचांग के अनुसार, हर माह कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है. सिंतबर और भाद्रपद माह का यह पहला प्रदोष होगा जो कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर यानी 12 सितंबर के दिन रखा जाएगा. मंगलवार होने के चलते यह भौम प्रदोष व्रत होगा. त्रयोदशी तिथि 11 सितंबर की रात 11 बजकर 52 मिनट से शुरू हो रही है और इसका समापन 13 सितंबर सुबह 2 बजकर 21 मिनट पर होगा. इस चलते व्रत की सही तारीख 12 सितंबर होगी.
भौम प्रदोष व्रत में पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 30 मिनट से रात 8 बजकर 49 मिनट तक है. मंगलवार के दिन पड़ने के चलते इस दिन भगवान शिव के साथ-साथ बजरंगबली (Bajrangbali) का पूजन भी किया जाता है.
प्रदोष व्रत की पूजा
माना जाता है कि प्रदोष व्रत रखने पर और इस दिन पूजा करने पर जीवन के सभी दुखों से मुक्ति मिलती है और शारीरिक दुख कम होता है. परिवार के आरोग्य के लिए भक्त यह व्रत रखते हैं. कुंडली में मंगल को शांत करने के लिए भी इस व्रत को रखा जा सकता है.
पूजा करने के लिए सुबह उठकर स्नान पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं और व्रत का संकल्प लेते हैं. इसके बाद भोलेनाथ का ध्यान किया जाता है. प्रदोष व्रत की असल पूजा रात के समय की जाती है. बजरंगबली का पूजन भी भक्त रात में ही करते हैं. पूजा सामग्री में फल, फूल, धतूरा, गंगाजल, धूपबत्ती, सफेद फूल, चंदन, काले तिल और बेलपत्र आदि शामिल किए जाते हैं. भोलेनाथ की आरती की जाती है और भोग लगाकर पूजा का समापन होता है.
खाना खजाना /शौर्यपथ /
मुख्य सामग्री
1 कप Grains, pulses, flour
1 कप Vegetables
3/4 कप nuts & oil seeds
2 - Spices & Herbs
1 inch Vegetables
1 छोटी चम्मच Spices & Herbs
1/2 जरूरत के अनुसार grocery provisions
1/2 छोटी चम्मच Spices & Herbs
मुख्य पकवान के लिए
1 कप Grains, pulses, flour
1 कप Vegetables
3/4 कप nuts & oil seeds
2 - Spices & Herbs
1 inch Vegetables
1 छोटी चम्मच Spices & Herbs
1/2 जरूरत के अनुसार grocery provisions
1/2 छोटी चम्मच Spices & Herbs
सबसे पहले एक पैन में तेल डालकर इसे अच्छी तरह से गर्म करें। अब इसमें मूंगफली को डालकर इसे फ्राई करें, आपको मूंगफली को इतना फ्राई करना है कि यह क्रिसपी हो जाए। अब इसमें बारीक कटा हुआ आलू डाले और इसे भी 2 मिनट तक अच्छी तरह से फ्राई कर ले।
इसके बाद एक दूसरे पैन में तेल गर्म करके उसमें खड़ा जीरा डालें। अब इसमें किसा हुआ अदरक, बारीक कटी हुई हरी मिर्च डालें और इसे कुछ मिनट तक पका लें। अब इसमें स्वादानुसार सेंधा नमक और लाल मिर्च पाउडर डालें। सारी सामग्रियों को चम्मच की सहायता से अच्छी तरह से मिला ले।
अब इसमें भीगा हुआ साबूदाना डालें और चम्मच की सहायता से अच्छी तरह से मिला ले। अब दूसरे पैन में तैयार किया गया मूंगफली और आलू भी साबूदाने में डाल दें। और इसे 1 से 2 मिनट तक अच्छी तरह से पका ले। आपकी साबूदाने की खिचड़ी तैयार है। इसे हरे धनिए के साथ गार्निश करके गर्मागर्म परोसें।
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /चेहरे पर निशान विभिन्न कारणों से हो सकते हैं, जैसे- छोटी या बड़ी चोटें, घाव, मुंहासे, जलने, कटने या सर्जरी के दौरान टांको के निशान आदि। यदि यह चेहरे पर हैं और दिखने में छोटे हैं, तो आप इसे मेकअप आदि से छुपा सकती हैं, लेकिन अगर इनका आकार बड़ा है तो आपको उपचार की जरूरत पड़ सकती है।
शरीर पर कई निशान समय के साथ मिट जाते हैं। इसमें कुछ महीनों से लेकर 2 साल तक का समय लग सकता है। हालांकि ये भी सच है कि आप घरेलू उपचार से निशान को पूरी तरह से कभी नहीं मिटा सकते। फिर भी कुछ प्राकृतिक उत्पाद हैं, जो निशान की उपस्थिति को कम करने में मदद कर सकते हैं। चलिए जानते हैं नई दिल्ली के अभिवृत एस्थेटिक्स के स्किन एक्सपर्ट व कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉ जतिन मित्तल से:
कलौंजी के बीज
कलौंजी के बीज इसमें एंटीवायरल और जीवाणुरोधी गुण होते हैं। इसकी सूजन-रोधी ताकत निशान को कम करने में भी मदद कर सकती है। इसके अतिरिक्त, पशु और मानव कोशिका अध्ययनों से पता चला है कि काले बीज का तेल घाव भरने को बढ़ावा दे सकता है।
गुलाब का तेल
जंगली गुलाब के पौधों के फल से निकाला गया रस, निशान की उपस्थिति को कम करने में मदद कर सकता है। सर्जिकल निशानों पर शोध से पता चला है कि इस तेल के परिणामस्वरूप निशानों के उभार और लालिमा में सुधार हुआ है।
एलोवेरा
इसमें सूजन-रोधी गुण होते हैं जो कई अध्ययनों में प्रदर्शित किए गए हैं। क्षेत्र को नम रखने के लिए इसे घाव पर जेल के रूप में लगाया जा सकता है। यह कोशिकाओं को घाव भरने के लिए एक-दूसरे के ऊपर स्थानांतरित होने करने में सहायता प्रदान करता है। जिससे उपचार प्रक्रिया में सहायता मिलती है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि एलोवेरा मेलेनिन (एक प्राकृतिक त्वचा रंगद्रव्य) के उत्पादन को नियंत्रित करता है। तो यह आपके निशान को कम करने में मदद कर सकता है।
प्याज का अर्क
निशान कम करने वाले उत्पादों में प्याज का अर्क बहुत फायदेमंद हो सकता है। सर्जिकल साइटों पर एक अध्ययन से पता चला है कि प्याज के अर्क जेल ने मरीजों के घावों की बनावट, लालिमा और कोमलता में काफी सुधार किया है। अन्य शोधों से पता चला है कि प्याज का अर्क जेल केलोइड्स और हाइपरट्रॉफिक निशानों पर प्रभावी है, जिससे निशान की कठोरता, उपस्थिति और रंजकता में सुधार होता है।
हल्दी
ये दाग को कम करने में सहायक हो सकती है क्योंकि इसमें करक्यूमिन होता है, जो सूजन-रोधी गुणों वाला एक यौगिक है। कोशिका अध्ययनों से पता चला है कि करक्यूमिन घाव के संकुचन को बढ़ाता है और उपचार के समय को कम करता है। इसलिए शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला है कि कर्क्यूमिन हाइपरट्रॉफिक स्कारिंग में फायदेमंद हो सकती है।
टिप्स ट्रिक्स/शौर्यपथ /आंवले को एक सुपरफूड माना जाता है। क्या आप जानते हैं कि इसके वृक्ष पर भगवान विष्णु का निवास भी होता है। आंवला नवमी के दिन इस पेड़ की पूजा की जाती है, जिससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। यदि धार्मिक दृष्टि से हट कर अगर बात की जाए तो आयुर्वेद में भी इस वृक्ष का अपना अलग ही महत्व है। आयुर्वेद में आंवले का इस्तेमाल 1000 सालों से बीमारियों के उपचार के लिए किया जा रहा है।
आंवला को विषहरण कहा जाता है क्योंकि यह लीवर को सुचारू रूप से कार्य करने में मदद करता है। एक स्वस्थ लिवर शरीर से विषाक्त पदार्थों को खत्म करने में मदद कर सकता है, जो चेहरे की त्वचा को साफ और ग्लोइंग बनाता है। 100 ग्राम आंवले में 20 संतरे जितना Vitamin C पाया जाता है। अगर किसी को अपनी स्किन से दाग-धब्बे, झाइयां और झुर्रियां मिटानी हैं, तो उन्हें अपनी डाइट में आंवले का सेवन बढ़ाना चाहिए। आइए जानते हैं आंवला खाने से स्किन को क्या क्या लाभ पहुंचते हैं।
पिग्मेंटेशन और दाग-धब्बों को कम करे
आंवले में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट चेहरे पर दिख रहे पिग्मेंटेशन और दाग-धब्बों को कम करने में मदद कर सकते हैं। आंवले का नियमित सेवन संभावित रूप से त्वचा के रंग को और भी अधिक निखारने में योगदान दे सकता है।
दाग-धब्बे दूर कर चेहरे पर ग्लो भर देता है ये फल, इसके पेड़ पर रहता है देवताओं का निवास
कोलेजन बढाकर स्किन बनाए टाइट
आंवले में जो विटामिन सी होता है, वह कोलेजन सिंथेसिस के लिए आवश्यक है। यह एक प्रोटीन है जो स्किन की लोच को बनाए रखने में मदद करता है। आंवले का सेवन कोलेजन उत्पादन में सहायता कर सकता है, जिससे त्वचा स्वस्थ और अधिक जवां नजर आती है।
स्किन को ग्लोइंग बनाए
आंवले में विटामिन सी, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट का कॉम्बिनेशन पाया जाता है। इसे खाने से आपकी स्किन का रंग और ज्यादा साफ होता है, जिससे आपको एक हेल्दी और नेचुरल ग्लो मिलता है। इसका जूस भी शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद करता है।
धूप से सुरक्षा
आंवले में विटामिन सी कुछ हद तक प्राकृतिक धूप से सुरक्षा प्रदान करता है। मगर ऐसा नहीं है कि अगर आप आंवले का सेवन करते हैं तो आपको सनस्क्रीन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आंवले में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट यूवी-प्रेरित त्वचा क्षति के खिलाफ सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत प्रदान कर सकते हैं।
मुंहासे मिटाए और स्किन साफ रखे
आंवले में जीवाणुरोधी गुणों वाले यौगिक होते हैं, जो संभावित रूप से मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया के विकास को कम करके स्किन को साफ करते हैं। इसके अलावा इसमें पाए जाने वाले विटामिन और खनिजों का संयोजन त्वचा को प्राकृतिक और हेल्दी चमक प्रदान कर सकता है। इससे चेहरे पर चमक बढ़ती है।
स्किन की हेल्थ में सुधार
यह सभी जानते हैं कि आंवला विटामिन सी से भरपूर है, जिसमें एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। यह आपकी स्किन को मुक्त कणों के कारण होने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करता है। इसलिए यह स्किन को अंदर से ठीक करता है और समय से पहले झुर्रियों को पड़ने से रोकता है।
आंवला खाने का सबसे अच्छा समय क्या है?
आंवले को सुबह खाली पेट खाना चाहिए, जिससे इसका सबसे ज्यादा लाभ प्राप्त हो सके।
आंवले को आहार में किसी भी तरह से शामिल कर सकते हैं। आपका जूस ले सकते हैं या फिर इससे चटनी बना सकते हैं। बहुत से लोगों का आंवले का मुरब्बा भी काफी ज्यादा पसंद होता है।
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /अगर कोई ड्रिंक मसल्स, हड्डी, दिमाग को एकसाथ मजबूत बना सकती है तो वो दूध के अलावा कोई नहीं हो सकती। यह बहुत ही न्यूट्रिशनल होता है, जो हर उम्र के लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह एक कंप्लीट ड्रिंक है, जिसे सीमित मात्रा में पीने से विकास तेज होता है। दूध से बनने की वजह से दही, छाछ, पनीर और देसी घी भी इतने ही हेल्दी होते हैं।
दूध पीने के फायदे: हार्वर्ड के मुताबिक , रोजाना दूध पीने से प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन बी12, विटामिन बी2, पोटैशियम, फॉस्फोरस, विटामिन ए और फोर्टिफाइड होने के बाद विटामिन डी ले सकते हैं। यह आपकी हड्डियों और मसल्स को बढ़ाने के साथ मजबूत बनाता है। इसलिए बच्चों के लिए दूध एक संपूर्ण आहार माना जाता है।
दूध के साथ केला खाना
दूध के साथ केला खाना सबसे ज्यादा पॉपुलर है। यह शरीर में जान लाने का काम करता है। मगर आयुर्वेद इस जोड़ी को हर किसी के लिए हेल्दी नहीं मानता है। क्योंकि यह शरीर में कफ बढ़ाता है, जिससे अपर रेस्पिरेटरी प्रॉब्लम हो सकती है। अधिक सेवन करने पर व्यक्ति में बलगम ज्यादा बनने लगता है।
Milk के आसपास खट्ठे फल खाना
लोग ब्रेकफास्ट में दूध के साथ कई सारे फल खाते हैं। वैसे तो फलों को अकेला खाना चाहिए। लेकिन खासतौर से नींबू, संतरा जैसे खट्ठे फलों को दूध के साथ कभी नहीं खाना चाहिए। इससे पेट में एसिड बढ़ता है और पाचन खराब हो जाता है। इसकी वजह से गैस, पेट दर्द, ब्लोटिंग, सीने में जलन हो सकती है। इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं नींबू की एक बूंद से भी दूध फट जाता है। ऐसा ही रिएक्शन पेट के अंदर होता है।
टमाटर वाले फूड
टमाटर से ना सिर्फ खाने में टेस्ट आता है, बल्कि इम्यूनिटी के साथ बालों और स्किन की हेल्थ भी बढ़ती है। मगर टमाटर या इसे मिलाकर बनी सब्जी, पास्ता, पिज्जा को दूध के साथ नहीं खाना चाहिए। यह फूड एसिडिक होता है, जिससे पेट खराब हो सकता है।
कुछ खास तरह की दवाएं
हर दवा लेने का एक सही तरीका होता है। कुछ दवाओं को दूध के साथ लिया जाता है तो कुछ को पानी के साथ खाते हैं। इसलिए दूध के साथ कुछ दवाएं नहीं खानी चाहिए। इससे दवाएं असर नहीं कर पाती और बीमारी जस की तस बनी रहती है।
हाई फाइबर फूड्स
अगर आप दूध के साथ फाइबर वाली चीजें खा रहे हैं तो जरा सावधान रहें। क्योंकि बहुत ज्यादा फाइबर लेने से वो कैल्शियम को अपने साथ बांध सकता है। जिससे शरीर उसका इस्तेमाल नहीं कर पाता और वो पूरा बाहर निकल जाता है। इससे बॉडी में कैल्शियम की भारी कमी हो सकती है।
हाई प्रोटीन फूड्स
फाइबर की तरह दूध के साथ ज्यादा प्रोटीन भी नहीं लेना चाहिए। ऐसे फूड काफी देर में पचते हैं और दूध का डायजेशन भी लेट होता है। इस वजह से पेट में भारीपन, दस्त, पेट दर्द हो सकता है, कुछ लोगों को इससे काफी ज्यादा तकलीफ हो सकती है।
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ /बार-बार होंठ फटने की वजह
अक्सर सर्दियों में होंठ फटने की दिक्कत आती है। लेकिन अगर आपके होंठ गर्मी में भी बार-बार फट रहे हैं तो शरीर में भारी कमी हो सकती है। यह कमी विटामिन से लेकर मिनरल तक हो सकती है अथवा किसी बीमारी की वजह से भी होंठ फट सकते हैं। इसलिए बेहतर होगा कि आप जल्दी से डॉक्टर को दिखा लें।
होंठ फटने के लक्षण
अगर आपके होठों पर पपड़ी बनती है या फिर सूख रहे हैं, दरारे पड़ रही हैं, खुजली होती है, हल्का-हल्का दर्द होता है या खून निकलता है तो यह होंठ फटने की निशानी हो सकते हैं।
विटामिन बी9 की कमी
मार्च 2023 में एनसीबीआई का एक शोध अपडेट किया गया, जिसमें बताया कि विटामिन बी की कमी से होंठ फटने की समस्या होती है। विटामिन बी9 लेने के लिए फलियां, बीन्स, मूंगफली, अंडे खाएं।
विटामिन बी12 की कमी
अधिकतर लोगों में विटामिन बी12 की कमी होती है, जिसकी वजह से गर्मी में भी होंठ फटते रहते हैं। आप इसे दूर करने के लिए मछली, दूध, अंडा, फोर्टिफाइड फूड और सप्लीमेंट ले सकते हैं।
जिंक की कमी
जिंक एक मिनरल है, जो स्किन हेल्थ के लिए बहुत जरूरी है। इसकी कमी से शरीर में ड्राईनेस बढ़ने लगती है। मूंगफली, डेयरी प्रॉडक्ट, अंडा, साबुत अनाज से इसे ले सकते हैं।
आयरन की कमी
आयरन डेफिशिएंसी दूर करने के लिए पालक, ब्रोकली, शकरकंद, अंडा, चिकन खाएं। इससे होठों का फटना बंद हो जाएगा।
इन बीमारी से भी फटते हैं होंठ
कई बार विटामिन या मिनरल की कमी के अलावा कुछ बीमारी से भी होंठ फट जाते हैं। जिनमें एलर्जी, थायराइड और ऑटोइम्यून डिजीज हो सकती हैं।
चाणक्य नीति /शौर्यपथ /इसमें कोई दोराय नहीं कि पति-पत्नी एक दूसरे के पूरक होते हैं, उन्हें आपस में कोई झूठ नहीं कहना चाहिए ना ही कुछ छिपाना चाहिए। लेकिन शादी को लंबे समय तक चलाने के लिए कुछ चीजों की जिम्मेदारी पति-पत्नी को अकेले ही उठानी पड़ती है। साथ ही कुछ बातों को भी अपने तक गुप्त रखना जरूरी होता है।
ऐसे में आज हम आपको चाणक्य नीति में आचार्य चाणक्य द्वारा बताए गए कुछ ऐसी बातों को यहां बता रहे हैं, जिसे किसी भी पति को अपनी पत्नी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए। इससे ना ही सिर्फ रिश्ता कमजोर होता है, बल्कि घर में हर समय कलेश भी होता रहता है।
अपने अपमान की बात
कोई भी महिला अपने पति का जरा भी अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती है। इसकी भनक लगते ही उसमें तुरंत बदले की भावना और गुस्सा आ जाता है।
ऐसे में वह किसी रिश्ते की परवाह नहीं करती है।
इसलिए शांति बनाए रखने के लिए कभी भी किसी पुरुष को अपने अपमान की बात पत्नी को नहीं बतानी चाहिए।
अपनी असली कमाई
एक समझदार पुरुष अपनी स्त्री को कभी भी अपनी असली कमाई बताने की गलती नहीं करता है।
चाणक्य नीति के अनुसार, यदि पत्नी समझदार ना हो तो वह कम कमाई होने पर पति की इज्जत नहीं करती है, साथ ही हमेशा इसे लेकर ताने कसते रहती है। वहीं, यदि उसे अपने पति की अधिक कमाई के बारे में पता होता है, तो वह बहुत फिजूलखर्ची करने लगती है।
दान की हुई रकम
शास्त्रों में भी यह बताया गया है कि असली दान वही है जिसकी जानकारी आपके अलावा किसी अन्य व्यक्ति को तो दूर आपके दूसरे हाथ को भी नहीं होनी चाहिए।
वहीं, चाणक्य नीति में इसे कलेश का कारण भी बताया गया है। क्योंकि यदि जीवनसाथी कंजूस या लालची हो तो वह दान की बात जानकर आपसे इस पर झगड़ा कर सकता है। इसलिए पति और पत्नी को कभी भी एक-दूसरे से अपने द्वारा किए दान की बातें नहीं शेयर करनी चाहिए।
अपनी कमजोरी ना बताएं
एक पति को अपनी कमजोरी के बारे में कभी भी अपनी पत्नी को नहीं बताना चाहिए। क्योंकि कई बार महिलाएं अनजाने से इसका जिक्र दूसरों के सामने भी कर देती हैं। इसके अलावा यदि पत्नी दुष्ट हो तो वह खुद ही इसका फायदा उठाने लगती है।
आस्था /शौर्यपथ /शनि कुंभ राशि में भ्रमण कर रहे हैं, अतः वर्तमान में मकर, कुंभ और मीन राशि वाले जातकों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है तथा वृश्चिक और कर्क राशि वालों के ऊपर शनि की ढैय्या चल रही है।शनि की साढ़ेसाती गणना
शनिदेव अपनी धीमी चाल के कारण एक राशि में ढाई वर्ष रहते हैं। शनि जब किसी व्यक्ति की जन्मराशि से बारहवीं राशि में आता है, तो वहां ढाई वर्ष तक रहता है, इसके पश्चात ढाई वर्ष तक जन्मराशि में रहकर, शनि भ्रमण करता हुआ जन्मराशि से आगे बढ़ता है और जन्मराशि से दूसरी राशि में भी ढाई वर्ष तक रहता है। इस प्रकार वह तीनों राशियों को मिलाकर ढाई + ढाई + ढाई = साढ़ेसात वर्ष रहता है। साढ़ेसात वर्ष की यह अवधि शनि की साढ़ेसाती कहलाती है।
साढ़ेसाती की गणना
जन्म राशि से बारहवीं राशि में शनि के आते ही साढ़ेसाती की शुरुआत होती है और जिस दिन शनि जन्म राशि से दूसरी राशि को छोड़ता है उस दिन साढ़ेसाती की समाप्ति होती है। किसी जातक के जीवन में साढ़ेसाती कब आएगी और कब तक रहेगी, यह जानने के लिए हमें सर्वप्रथम किसी भी प्रचलित पंचांग से देखना होगा कि शनि किस राशि में है। उस राशि से एक राशि आगे और एक राशि पीछे तक शनि के रहने पर साढ़ेसाती रहेगी। उदाहरण के लिए वर्तमान में शनि कुंभ राशि में भ्रमण कर रहे हैं। अतः कुंभ राशि से एक राशि आगे यानी मीन और एक राशि पीछे, मकर वाले जातकों के लिए तथा स्वयं कुंभ राशि के लिए साढ़ेसाती रहेगी। मकर राशि वालों के लिए उतरती तथा मीन राशि वालों के लिए चढ़ती साढ़ेसाती रहेगी।
ढैय्या की गणना
जब जन्मराशि से शनि गोचर में चतुर्थ और अष्टम स्थान पर होता है तो उस समयावधि को ढैय्या का नाम दिया गया ह
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /रातभर तेल लगाकर रखना कोई नई बात नहीं लगती है. ऐसा अनेक लोग करते हैं, खासकर महिलाओं की यह आदत होती है कि वे रात के समय बालों में तेल लगाती हैं और सुबह उठकर बाल धो लेती हैं. लेकिन, ऐसा करने के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं. असल में बालों पर रातभर तेल लगाकर रखना हेयर केयर की गलतियों में शामिल है. इससे ना सिर्फ बालों को नुकसान हो सकता है बल्कि इसके बुरे प्रभाव चेहरे पर भी दिखाई पड़ते हैं. जानिए क्यों बालों में रातभर तेल लगाकर नहीं रखना चाहिए.
बालों में रातभर तेल लगाकर रखने के नुकसान |
जमती है गंदगी
बालों में रातभर तेल लगाए रखने के कारण सिर की सतह के छिद्र बंद हो सकते हैं यानी क्लोग्ड पोर्स की दिक्कत हो सकती है. इससे गंदगी भी बालों में जरूरत से ज्यादा जमती है. अगर आप स्कैल्प पर उंगली से हल्का खुजाती हैं और नाखूनों में गंदगी जमी हुई नजर आने लगती है तो यह क्लोग्ड पोर्स और बिल्ड अप जमने का ही परिणाम है.
अगर बालों में है डैंड्रफ
अगर आपके बालों में पहले से ही डैंड्रफ है तो आपको ऑवरनाइट हेयर ऑयलिंग से परहेज करने की जरूरत है. इसकी वजह है कि तेल के कारण सिर की सतह पर डैंड्रफ के साथ ही और भी ज्यादा गंदगी जम सकती है जिससे डैंड्रफ भी बढ़ा हुआ दिखता है. इससे बेहतर आपको हाइड्रेटिंग हेयर मास्क लगाने चाहिए.
बाल पहले से ही हैं ऑयली
बहुत सी महिलाओं के बाल पहले ही ऑयली होते हैं और वे इन ऑयली बालों में रातभर तेल लगाए रखती हैं. इससे बालों में छोटे-छोटे कीट, गंदगी, धूल और मिट्टी ज्यादा चिपकती है. कई बार यह गंदगी धोने पर भी जल्दी नहीं निकलती.
बालों का झड़ना
अगर आपके बाल पहले से ही झड़ रहे हैं तो रातभर तेल लगाए रखने के बजाय हेयर वॉश से आधे-एक घंटे पहले तेल लगाकर रखना आपके लिए ज्यादा बेहतर साबित होगा. तेल लगाए रखने पर सिर में खुजली भी होने लगती है.
निकल सकती हैं फुंसियां
स्कैल्प पर जरूरत से ज्यादा तेल होने पर चेहरे पर एक्ने, पिंपल्स और क्लोग्ड पोर्स की दिक्कत भी हो सकती है. वहीं, ऑवरनाइट ऑयलिंग से तेल तकिए पर चिपकने लगता है. इससे चेहरे पर भी यह तेल चिपकता है और स्किन संबंधी दिक्कतें होने लगती हैं.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / ऐसे कई खनिज हैं जो शरीर के लिए बेहद आवश्यक हैं और उन्हीं में से एक है पौटेशियम. शरीर की ओवरऑल सेहत को बनाए रखने के लिए पौटेशियम बेहद आवश्यक है. पौटेशियम एक खनिज के साथ-साथ इलेक्ट्रोलाइट भी है जिसका मतलब है कि यह इलेक्ट्रिक चार्ज के साथ शरीर में घुलता है. एल्क्ट्रिक चार्ज कई साइकोलॉजिकल प्रोसेसेस के लिए आवश्यक है. ऐसे में पौटेशियम की पर्याप्त मात्रा शरीर में होना जरूरी है. पौटेशियम की कमी से कमजोरी, थकान, मसल्स में दर्द, हाथ-पैरों में झनझनाहट जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. जानिए पौटेशियम किस-किस तरह से आवश्यक है और पौटेशियम से भरपूर किन चीजों को डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है.
पौटेशियम से भरपूर चीजें |
पौटेशियम इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस को बनाए रखता है. शरीर में पौटेशियम पर्याप्त हो तो ब्लड प्रेशर की दिक्कत नहीं होती है. मसल्स फंक्शन के लिए भी पौटेशियम आवश्यक होता है. दिल की सेहत भी पौटेशियम से अच्छी रहती है. शरीर का नर्वस सिस्टम भी पौटेशियम की मदद से सही तरह से काम कर पाता है. शरीर में पर्याप्त पौटेशियम बना रहे इसके लिए कुछ चीजों को खानपान में जरूर शामिल किया जाना चाहिए.
केले
केले पौटेशियम से भरपूर होते हैं. एक मध्यम आकार के केले में 400 से 450 मिलिग्राम तक पौटेशियम होता है. इन्हें सुबह सादा खाया जा सकता है, केले का सलाद बना सकते हैं या फिर केले को ब्रेड के साथ भी खाया जा सकता है.
पालक
हरी पत्तेदार सब्जी पालक से शरीर को कई पोषक तत्व और खनिज मिलते हैं. खासतौर से इसमें आयरन और कैल्शियम की अच्छी मात्रा होती है. एक कप पालक (Spinach) में 800 से 900 मिलीग्राम पौटेशियम होता है.
आलू
पौटेशियम से भरपूर आलू हमारे खानपान का हिस्सा होता ही है. चाहे आलू की सब्जी हो या फिर दालों के साथ पकाया गया आलू, यह सब्जियों को पूरा कर देता है. एक मध्यम आलू (Potato) से शरीर को 900 ग्राम तक पौटेशियम मिलता है.
टमाटर
टमाटर से 300 से 400 मिलीग्राम तक पौटेशियम मिलता है. टमाटर भी आलू की ही तरह अनेक डिशेज का हिस्सा बनाया जाता है.
शकरकंदी
मध्यम आकार की शकरकंदी से शरीर को 500 से 600 मिलीग्राम तक पौटेशियम मिलता है. इसे सलाद में डाला जा सकता है. रोजाना की डाइट ना सही लेकिन हफ्ते में 2 से 3 बार आप शकरकंदी खा सकते हैं.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / ये तो आप मानते ही होंगे की जैसी हमारी दिन की शुरुआत होती है वैसा हमारा पूरा दिन जाता है. और अगर दिन की शुरुआत कुछ पौष्टिक आहर से किया जाए तो हम पूरा दिन तरोताज़ा और फुर्तीला महसूस करते हैं. इसलिए सुबह सुबह ड्राई फ्रूट्स खाने की सलाह दी जाती है. ये वैज्ञानिक रूप से सिद्ध है कि सुबह के समय बादाम और किशमिश जैसे आहार का सेवन करने से हम पूरा दिन एनर्जी से भरे होते हैं. और हमारी मसल पावर मजबूत होती है. ये नट्स केवल थकान और कमजोरी ही नहीं बल्कि पेट से जुड़ी समस्यओं को दूर करने में भी असरदार साबित होते हैं. लेकिन कई लोगों को इसकी पूरी जानकारी नहीं होती की इसे कब, कैसे और कितना लिया जाता है. इसके फायदे क्या होते हैं. तो चलिए जानते है इनसे जुड़ी कुछ ज़रुरी बातें जो आपको पता होनी चाहिए.
भीगे हुए बादाम और किशमिश के फायदे
रोज़ाना सुबह भीगे हुए बादाम और किशमिश खाने से पूरा दिन एनरजेटिक महसूस होता है.
बादाम और किशमिश खाने से दिमाग सेहतमंद रहता है और तेज काम करता है.
बादाम में ओमेगा फैटी एसिड और विटामिन ई जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे याददाश्त को बढ़ाने का काम करते हैं.
शुगर लेवल को कम करने में भी ये मददगार साबित होते हैं.
नियमत रूप से इनका सेवन करने से बाल से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं और स्किन भी बेहतर होता है.
पीरियड्स के दर्द से राहत दिलाने में किशमिश काफी असरदार है. ये एक ऐसा नेचुरल उपाय है जिससे इस दर्द से राहत पाया जा सकता है.
कब्ज़ की समस्यानसे परेशान लोगों को इसे ज़रूर कहना चाहिए
ये बीपी को कंट्रोल करने का काम भी करते हैं.
ये हमारे हड्डियों को मजबूत करते हैं. और डाइजेशन में सुधार होता है.
इसे रोज़ सुबह भिगोकर खाने से कोलेस्ट्रॉल लेवल कम होता है.
खाने का सही तरीका
रोज़ रात 4-5 बादाम और 5-6 किशमिश एक कटोरी में भिगो कर दाल दें.
फिर सुबह खाली पेट बादाम का छिलका हटाकर खा लें.
साथ ही किशमिश भी खाएं.
इसके पानी को पीना भी फायदेमंद होता है.
आलूबुखारा खाने के फायदे
किशमिश और बादाम के अलावा सूखे आलूबुखारे को भी अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है. इनमें पॉलीफेनोल एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं. जिन लोगों को खून की कमी और कब्ज जैसी परेशानी है उन्हें किशमिश और बादाम के साथ आलूबुखारे को भी भिगोकर ज़रूर खाना चाहिए.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / बालों की देखभाल करने के लिए हम क्या कुछ नहीं करते हैं. घरेलु नुस्खे से लेकर बाजार में मिलने वाले महंगे प्रोडक्ट्स को भी खरीदने से लोग पीछे नहीं हटते. बालों पर तरह-तरह के तेल लगाने से लेकर हेयर टॉनिक तक हम वो सभी ट्राई करते हैं जो हमारे बालों को हेल्दी रखने में मदद करे. बात करें घरेलु नुस्खों की तो आपके किचन में कई ऐसी चीजें मौजूद होती हैं जो हमारे बालों की सेहत को बनाए रखने में मदद कर सकती हैं. हम बात कर रहे हैं लौंग की. लौंग का पानी बालों से जुड़ी कई समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकता है. तो आइए जानते हैं कि कैसे लौंग का पानी बालों से जुड़ी परेशानियों को दूर कर सकता है.
हेयर ग्रोथ
लौंग में विटामिन-के और बीटा-कैरोटिन पाया जाता है. ये दोनों ही चीजें बालों की ग्रोथ बनाने में मदद करती हैं. ऐसे में बालों में लौंग के पानी को लगाने से बालों की ग्रोथ को बढ़ाया जा सकता है.
मजबूत बाल
लौंग में एंटीऑक्सिडेंट और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो बालों को फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाने में मदद करते हैं. इसके साथ ही यह बालों को हेल्दी और मजबूत बनाए रखने में मदद कर सकते हैं.
डैंड्रफ
लौंग में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं. अगर आप लौंग के पानी को बालों पर लगाते हैं तो इससे सिर पर जमा गंदगी, रूसी और बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद कर सकता है.
बालों का झड़ना
लौंग में विटामिन सी पाया जाता है जो बालों का झड़ना कम करने में मदद करता है. लौंग के पानी को बालों में लगाने से उनको मजबूत बनाया जा सकता है.
सेहत /शौर्यपथ /अगर आप भी उन लोगों मे हैं जो खाने के बाद मीठा खाना पसंद करते हैं तो आप कुछ चूक गए हैं! आपने माउथ फ्रेशनर का जिक्र करना छोड़ दिया. हमारा मानना है कि खाना तब पूरा होता है जब आप आखिर में कुछ फ्रेश और स्वादिष्ट खट्टे-मीठे पाचक खाते हैं. कुछ लोग खाने के बाद एक चम्मच सौंफ और मिश्री खाते हैं, कुछ गुड़ तो कुछ पान का सेवन करते हैं. ये मसाले प्राचीन काल से ही हमारी डाइनिंग टेबल पर मौजूद रहे हैं. सौंफ पोषक तत्वों का भंडार है जो न केवल हमारे खाने में सुगंध जोड़ता है बल्कि हमारे स्वास्थ्य को भी कई तरह से लाभ पहुंचाता है - ऐसा ही एक लाभ है डाइजेशन में इसकी सहायता करना. इसलिए, हम आपके लिए एक स्वादिष्ट चूरन की रेसिपी लाए हैं जो न केवल फ्रेश है बल्कि इसमें सौंफ़ के साथ-साथ पाचन को बढ़ावा देने वाले तत्व भी शामिल हैं. इस चूरन के बारे नें जानने से पहले आइए सौंफ की अच्छाइयों के बारे में जान लेते हैं.
सौंफ़ को पाचन के लिए बेहतरीन माना जाता है:
- सौंफ शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करती है.
- सौंफ में एस्ट्रैगोल, फेनचोन और एनेथोल जैसे तत्व होते हैं जो शरीर में चयापचय और पाचन प्रक्रिया को तेज करते हैं और गैस्ट्रिक एंजाइमों के उत्पादन को बढ़ावा देते हैं.
- सौंफ में मौजूद वाष्पशील तेल का प्रभाव ठंडा होता है, जो खाने के बाद आपके पेट में पैदा होने वाली गर्मी को कम करता है.
- सौंफ में विभिन्न एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने और शरीर में फैट को जमा होने से रोकने में मदद करते हैं.
- सौंफ में एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं जो मुंह से खाने की दुर्गंध को खत्म करने और सांसों की दुर्गंध को रोकने में मदद करते हैं.
डाइजेशन के लिए सौंफ का चूरन:
चूरन बनाने के लिए सौंफ एक मुख्य सामग्री है. इसको पाचन के लिए और बेहतर बनाने के लिए इसमें हरी इलायची मिलाते हैं. इस मसाले में मौजूद आवश्यक तेल मेन्थोन खाने के बाद की अम्लता, अपच और सूजन को कम करने में मदद करता है. फिर हम उनके एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए इसमें कुछ धनिया के बीज और अजवाइन शामिल करते हैं. इन दोनों चीजो में पोषक तत्व पाए जाते हैं जो भोजन से पोषक तत्वों के अवशोषण में सहायता करते हैं, पाचन को सुविधाजनक बनाते हैं और सांसों की दुर्गंध को खत्म करते हैं.
घर पर सौंफ का चूरन कैसे बनाएं:
इसको बनाना बहुत आसान है. इसके लिए आप सौंफ, अजवाइन और इलायची को भून लें. फिर चूरन को ब्लेंडर में डालें, इसमें धनिया के बीज डालें और पीस लें. ध्यान रखें कि इसे थोड़ा दरदरा पीसना है. आप इसका सेवन कच्चा कर सकते हैं या फिर इसे थोड़े से गुनगुने पानी में मिलाकर पी सकते हैं.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /वजन घटाने की प्रक्रिया में प्रोटीन बड़ी भूमिका निभाता है. हाई-प्रोटीन डाइट आपको कई स्वास्थ्य लाभ और वजन घटाने में सहायता प्रदान कर सकता है. प्रोटीन क्रेविंग और भूख को कम करता है. ये तृप्ति की भावना को भी बढ़ाता है और आपको बहुत ज्यादा कैलोरी बर्न करने में मदद करता है. प्रोटीन का सेवन करने का सबसे अच्छा तरीका इसे अपने नाश्ते में शामिल करना है. अध्ययनों से पता चला है कि हाई-प्रोटीन ब्रेकफास्ट खाने से दिन में बाद में लो कैलोरी का सेवन करने में मदद मिलती है. प्रोटीन आपको लंबे समय तक भरा रखता है और आपकी भूख को दबाता है, लेकिन समस्या सही प्रोटीन स्रोत ढूंढने में है. वेजिटेरियन्स को अक्सर प्रोटीन से भरपूर भोजन खोजने में कठिनाई होती है. आपको हर सुबह पर्याप्त प्रोटीन का सेवन करने में मदद करने के लिए हमारे पास कुछ बेहतरीन प्रोटीन से भरपूर विकल्पों की एक लिस्ट है.
वजन घटाने के लिए हाई प्रोटीन ब्रेकफास्ट ऑप्शन्स |
1. चना सैंडविच
ब्रेकफास्ट के लिए सैंडविच एक झंझट-फ्री ऑप्शन है जिसे आपको जरूर आजमाना चाहिए. चना प्रोटीन का एक बड़ा स्रोत है जिसे आपके सैंडविच के लिए एक अच्छी फिलिंग में बदला जा सकता है. बस कुछ उबले चने को मैश कर लें और उन्हें ताजी कटी हुई सब्जियों के साथ मिलाकर फिलिंग तैयार कर लें.
इन सैंडविच को तैयार करते समय बाजार में उपलब्ध पैक्ड सॉस और स्प्रेड का उपयोग करने से बचें. एक्स्ट्रा स्वाद जोड़ने के लिए आप घर पर ताजा तैयार कर सकते हैं.
2. बेसन का चीला
बेसन का चीला हल्का, स्वादिष्ट, हेल्दी और प्रोटीन से भरपूर होता है. इसे बनाना भी आसान है जो कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाता है. आप अपने चीले के बैटर में कुछ बारीक कटी सब्जियां भी मिला सकते हैं. साथ ही इसे बनाते समय कम से कम तेल का इस्तेमाल करें.
3. पनीर को अलग-अलग तरीके से
वेजिटेरियन के लिए पनीर प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत है. आप इसे अलग-अलग तरीकों से तैयार कर सकते हैं. इसे रोटी में भरें, इसके कुछ टुकड़े भून लें, भुर्जी बना लें या कच्चा ही खा लें. आप इसे बेसन के चीले में भी भर सकते हैं.
4. मूंग दाल चीला
चीला बनाने के लिए आप बेसन के बाद मूंग दाल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. मूंग दाल प्रोटीन का अच्छा स्रोत है. आपको कुछ मूंग दाल को रात भर भिगोकर उसका पेस्ट बनाना होगा. इसका उपयोग चीला बनाने के लिए वैसे ही करें जैसे आप बेसन का चीला बनाते हैं.
5. क्विनोआ
क्विनोआ आसानी से उपलब्ध है और प्रोटीन का अच्छा स्रोत है. इसका उपयोग आपके दिन की शुरुआत के लिए सलाद तैयार करने में किया जा सकता है.
6. चिया बीज का हलवा
चिया बीज प्रोटीन सहित कई जरूरी पोषक तत्व प्रदान कर सकते हैं. चिया पुडिंग तैयार करें और इस हेल्दी, पेट भरने वाले नाश्ते का आनंद लें. ऊपर से कुछ ताजे फल, नट्स और बीज डालना न भूलें.
इनके अलावा आप प्रोटीन बार, शेक और स्मूदी भी खा सकते हैं.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
