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March 12, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

  रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ विधानसभा में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के अधीन आने वाले पंचायत एवं ग्रामीण विकास, गृह, जेल तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का बजट पारित कर दिया गया। बजट में ग्रामीण विकास, आवास, सड़क निर्माण, पुलिस सुदृढ़ीकरण, जेल सुधार और विज्ञान अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 16 हजार 560 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद पहली ही बैठक में 18 लाख से अधिक लंबित आवासों के निर्माण को स्वीकृति दी गई थी और अब एसईसीसी 2011 व आवास प्लस-2018 के सभी पात्र हितग्राहियों के आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लिए प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के तहत 33,255 परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 19,199 आवास पूर्ण हो चुके हैं।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं पीड़ित परिवारों के लिए 15 हजार आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत 38 हजार से अधिक आवास स्वीकृत और 15 हजार से अधिक पूर्ण हो चुके हैं।

सड़क संपर्क बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 2237.97 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के लिए 550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे 774 सड़कों के माध्यम से 781 बसाहटें लाभान्वित होंगी। इसके अलावा विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन के लिए 4000 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लिए 4265 करोड़ रुपये, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए 350 करोड़ रुपये और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 850 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

गृह विभाग के लिए 7721.01 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें पुलिस बल को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर नए पदों की स्वीकृति दी गई है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 15 नए पुलिस थानों की स्थापना, कई चौकियों को थाना में उन्नयन तथा बस्तर फाइटर बल, एटीएस, एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और साइबर थानों के लिए अतिरिक्त पदों का प्रावधान किया गया है। पुलिस आधुनिकीकरण के तहत आईटी सेंटर, साइबर थाना और आधुनिक अनुसंधान सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

जेल विभाग में सुधार के लिए प्रदेश की 16 जेलों में प्रिजन कॉलिंग सिस्टम स्थापित किया जाएगा, जिससे बंदी अपने परिजनों से वॉयस और वीडियो कॉल के माध्यम से संवाद कर सकेंगे। साथ ही 21 जेलों में 31 नई बैरकों के निर्माण और जेल अधोसंरचना सुधार के लिए भी बजट प्रावधान किया गया है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के लिए 225 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसके अंतर्गत विज्ञान तीर्थ दर्शन अभियान शुरू किया जाएगा, जिससे शोधार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुसंधान संस्थानों का अवलोकन कराया जाएगा। इसके अलावा सूरजपुर जिले के मायापुर में 6.65 करोड़ रुपये की लागत से एस्ट्रो साइंस सेंटर, पांच जिलों में नए साइंस पार्क, तथा सरगुजा और बस्तर संभाग में मोबाइल साइंस लैब स्थापित करने का प्रावधान किया गया है।

इस बजट पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कई विधायकों ने चर्चा में भाग लिया। सरकार का कहना है कि यह बजट ग्रामीण विकास, आंतरिक सुरक्षा, जेल सुधार और विज्ञान अनुसंधान को नई गति देगा।

  बिलासपुर / शौर्यपथ / अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के यूनिटी ऑडिटोरियम में एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ न्यायाधीशगण एवं विशिष्ट अतिथियों के आगमन के बाद राष्ट्रीय गान और पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर न्यायपालिका और विधिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कुल 54 महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिनमें न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता तथा उच्च न्यायालय में कार्यरत विभिन्न श्रेणियों की महिला कर्मचारी शामिल रहीं।

समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने अपने प्रेरक उद्बोधन में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी केवल समानता का प्रश्न नहीं है, बल्कि इससे न्याय व्यवस्था अधिक संवेदनशील, संतुलित और सशक्त बनती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की बुद्धिमत्ता, संवेदनशीलता और समर्पण न्याय व्यवस्था को अधिक मानवीय और प्रभावी बनाते हैं।

मुख्य न्यायाधीश ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के थीम “Give to Gain” का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें बेंच तथा बार में समान अवसर प्रदान करना लोकतांत्रिक मूल्यों और विधि के शासन को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को न्यायपालिका में समान अवसर मिलते हैं, तो उसका लाभ केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरा समाज इससे लाभान्वित होता है।

न्यायमूर्ति सिन्हा ने इस अवसर पर उच्च न्यायालय, जिला न्यायालयों, सिविल न्यायालयों और विभिन्न शासकीय कार्यालयों में कार्यरत महिलाओं के समर्पण और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी प्रतिबद्धता और कार्यकुशलता विधिक क्षेत्र को समृद्ध बनाती है तथा न्याय को निष्पक्ष और संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने यह भी कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल महिलाओं का सम्मान करने का अवसर नहीं है, बल्कि समाज में समानता, सुरक्षा और समावेशिता सुनिश्चित करने की सामूहिक प्रतिबद्धता को मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण अवसर है।

कार्यक्रम में न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू, न्यायमूर्ति रजनी दुबे, न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार व्यास, न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी, न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत, न्यायमूर्ति राकेश मोहन पाण्डेय, न्यायमूर्ति राधाकिशन अग्रवाल, न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल, न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल, न्यायमूर्ति अरविन्द कुमार वर्मा, न्यायमूर्ति बिभू दत्ता गुरु और न्यायमूर्ति अमितेन्द्र किशोर प्रसाद सहित कई वरिष्ठ न्यायाधीश उपस्थित रहे।

इसके अलावा महाधिवक्ता, वरिष्ठ अधिवक्तागण, उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी, रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री के अधिकारी, न्यायिक कर्मचारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी समारोह में शामिल हुए।

उल्लेखनीय है कि मुख्य न्यायाधीश के मार्गदर्शन में राज्य के सभी जिला न्यायालयों में भी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे न्यायिक व्यवस्था में महिलाओं के योगदान को सम्मानित करने की परंपरा को और सशक्त बनाया गया।

सुबह 9 से शाम 7 बजे तक जमा होगा टैक्स, ऑनलाइन भुगतान की भी सुविधा
 15 मार्च तक ही चेक से भुगतान मान्य, बाद में लगेगा ₹1000 शास्ति शुल्क व 15% अधिभार

दुर्ग / शौर्यपथ / वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों को ध्यान में रखते हुए नगर पालिक निगम दुर्ग ने करदाताओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की है। निगम प्रशासन ने घोषणा की है कि शहर के सभी करदाताओं को अपना बकाया टैक्स जमा करने में सुविधा देने के लिए शनिवार, रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में भी निगम मुख्य कार्यालय तथा सभी जोन कार्यालय खुले रहेंगे

नगर निगम द्वारा टैक्स जमा करने के लिए सुबह 9:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक काउंटर संचालित किए जाएंगे। नागरिक नगर निगम मुख्य कार्यालय के साथ-साथ अपने-अपने जोन कार्यालयों में भी टैक्स जमा कर सकते हैं। इसके अलावा करदाताओं को घर बैठे ऑनलाइन टैक्स जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके लिए निगम के पोर्टल https://municipalcorporation.in के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है।

निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चेक के माध्यम से टैक्स भुगतान केवल 15 मार्च तक ही स्वीकार किया जाएगा। इसके बाद चेक से भुगतान की सुविधा बंद कर दी जाएगी। इसलिए नागरिकों से समय रहते टैक्स जमा करने की अपील की गई है।

नगर निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल ने शहर के सभी करदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद यदि किसी करदाता का टैक्स बकाया रहता है तो उस पर ₹1000 शास्ति शुल्क के साथ 15 प्रतिशत अधिभार लगाया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि अतिरिक्त शुल्क से बचने के लिए समय पर टैक्स जमा करें और नगर निगम के कार्यों में सहयोग दें।

दुर्ग / शौर्यपथ / कुम्हारी थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में मजदूरों से भरे ऑटो को पीछे से आ रहे मिनी ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य मजदूर घायल हो गए। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हादसा सोमवार रात करीब 9 बजे कुम्हारी थाना क्षेत्र के महाराष्ट्र बैंक के पास हुआ। बताया जा रहा है कि चरोदा से रायपुर की ओर जा रहे मजदूरों से भरे ऑटो को पीछे से आ रहे एक मिनी ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो पलट गया और उसमें सवार चार मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने टीकाराम खूंटे (निवासी गोगांव, रायपुर) को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य तीन मजदूरों को हल्की चोटें आई हैं। घायलों में पिंकी देवी शाह, शारदा पाल और रामाधार पाल शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि सभी मजदूर गोगांव से मजदूरी के लिए देवभोग दुग्ध संघ के पास रेलवे क्रॉसिंग चरोदा गए थे और काम खत्म होने के बाद ऑटो से वापस रायपुर लौट रहे थे। इसी दौरान कुम्हारी फ्लाईओवर ब्रिज के नीचे पीछे से आ रहे मिनी ट्रक ने ऑटो को टक्कर मार दी, जिससे ऑटो और मिनी ट्रक दोनों पलट गए।

पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं ऑटो और मिनी ट्रक को जब्त कर ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है

मृणेन्द्र चौबे

राजनांदगांव/शौर्यपथ /थाना बसंतपुर क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और ग्रामीणों के साथ मारपीट तथा फायरिंग के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों ने अंततः न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। स्थायी गिरफ्तारी वारंट, उद्घोषणा की कार्रवाई और संपत्ति कुर्की की आशंका के बाद दोनों आरोपी न्यायालय में उपस्थित हुए, जिन्हें वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर जिला जेल राजनांदगांव भेज दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी द्वारा थाना बसंतपुर में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि 11 जून 2025 की शाम ग्राम मोहड़ नदी में अवैध रूप से रेत निकालने के लिए रैम्प बनाने हेतु जेसीबी मशीन पहुंची थी। इसकी जानकारी मिलने पर कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अवैध उत्खनन का विरोध किया। इसी दौरान एक कार में सवार 7-8 लोग वहां पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मारपीट करते हुए फायरिंग कर दी।

घटना के संबंध में थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 257/2025 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, आर्म्स एक्ट की धारा 25 व 27 तथा खनिज अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। इस मामले में पहले ही नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जिला जेल राजनांदगांव भेजा जा चुका है तथा उनके विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है। मामले के दो अन्य आरोपी संजय सिंह निवासी भिण्ड (मध्यप्रदेश) और अमन बैसन्दर निवासी ग्वालियर (मध्यप्रदेश) घटना के बाद से फरार चल रहे थे। इनके विरुद्ध न्यायालय द्वारा स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।

पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी थी। गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए न्यायालय से उद्घोषणा की कार्रवाई कर आरोपियों के निवास स्थानों पर नोटिस चस्पा किए गए और भिण्ड, मुरैना व ग्वालियर के समाचार पत्रों में भी प्रकाशन कराया गया था, जिसमें आरोपियों को 16 मार्च 2026 तक न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। पुलिस की लगातार कार्रवाई और संपत्ति कुर्की की आशंका के चलते दोनों आरोपी 10 मार्च 2026 को न्यायालय के समक्ष पेश हुए। न्यायालय के निर्देश पर उन्हें थाना बसंतपुर को सुपुर्द किया गया, जहां आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जेल वारंट प्राप्त होने पर दोनों आरोपियों को जिला जेल राजनांदगांव दाखिल किया गया।

दुर्ग / शौर्यपथ। दुर्ग नगर निगम की राजनीति एक बार फिर शहर के मुख्य बस स्टैंड की बेशकीमती जमीन को लेकर गरमा गई है। आरोप है कि पूर्व महापौर धीरज…
कलेक्टर की अध्यक्षता वाली जीवनदीप समिति के अधीन पार्किंग ठेका, फिर भी नियमों की अनदेखी… पर्ची लेकर वापस लेना भी संदेह के घेरे में ? दुर्ग। देशभक्ति, राष्ट्रसेवा और सुशासन…

विशेष लेख

छत्तीसगढ़ की पावन धरती ने समय-समय पर ऐसे महान व्यक्तित्वों को जन्म दिया है, जिन्होंने अपने कर्म, सेवा और त्याग से समाज को नई दिशा दी। इन्हीं महान विभूतियों में एक नाम अत्यंत श्रद्धा और सम्मान से लिया जाना चाहिए—महादानी दाऊ कल्याण सिंह अग्रवाल का।

4 अप्रैल 1876 को जन्मे दाऊ कल्याण सिंह अग्रवाल न केवल अपने समय के अत्यंत समृद्ध उद्यमी थे, बल्कि उससे कहीं बढ़कर वे समाज सेवा, परोपकार और मानव कल्याण के प्रतीक थे। आज भी रायपुर और आसपास के अनेक महत्वपूर्ण संस्थान उनकी दानशीलता के प्रमाण हैं, लेकिन दुर्भाग्य यह है कि समय के साथ उनका नाम धीरे-धीरे जनस्मृति से ओझल होता चला गया।

डी.के. अस्पताल से जुड़ा नाम, लेकिन योगदान उससे कहीं बड़ा

रायपुर का प्रतिष्ठित डी.के. (दाऊ कल्याण) अस्पताल आज भी उनके नाम से जाना जाता है। बहुत से लोग उन्हें केवल इसी अस्पताल की जमीन के दानदाता के रूप में जानते हैं, जबकि उनकी दानशीलता का दायरा इससे कहीं अधिक विशाल था।

1944 में दाऊ कल्याण सिंह अग्रवाल ने डी.के. अस्पताल के लिए जमीन के साथ भवन निर्माण हेतु 1,25,000 रुपये नकद दान किए, जो आज के मूल्यांकन में लगभग 70 करोड़ रुपये के बराबर माने जाते हैं।

एम्स सहित कई संस्थानों की नींव में उनका योगदान

रायपुर में स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) भी उसी भूमि पर बना है, जिसे दाऊ कल्याण सिंह अग्रवाल ने समाज के हित में दान किया था। यह तथ्य उनकी दूरदर्शिता और समाज के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में भी उदार योगदान

दाऊ जी ने केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक ही अपने दान को सीमित नहीं रखा।

उन्होंने लभांडी क्षेत्र की जमीन के साथ कृषि महाविद्यालय और गरीब छात्रों के लिए छात्रावास निर्माण हेतु 1,12,000 रुपये दान किए, जो आज के मूल्य में लगभग 62 करोड़ रुपये के बराबर माने जाते हैं।

इसके अतिरिक्त उन्होंने—

टीबी अस्पताल के लिए 323 एकड़ भूमि दान की

बरोंडा ग्राम में कृषि अनुसंधान के लिए भूमि प्रदान की

भाटापारा में कृषि विज्ञान के लिए विशाल भूमि दान दी

धार्मिक और सामाजिक सेवा में भी अग्रणी

दाऊ कल्याण सिंह अग्रवाल की आस्था और सेवा भाव धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में भी दिखाई देता है।

उन्होंने रायपुर के प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर के संचालन हेतु पूरा खैरा गांव दान कर दिया।

भाटापारा में अकाल के समय लोगों की पीड़ा को देखते हुए उन्होंने “कल्याण सागर” जलाशय का निर्माण कराया, जिससे हजारों लोगों और पशुओं को पानी की सुविधा मिली।

पशु सेवा और ज्ञान के प्रसार में योगदान

भाटापारा में विशाल पशु चिकित्सालय का निर्माण

गरीबों और विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय की स्थापना

ये सभी कार्य इस बात का प्रमाण हैं कि दाऊ जी का दृष्टिकोण केवल तत्कालीन समाज तक सीमित नहीं था, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के कल्याण की सोच से जुड़ा था।

छत्तीसगढ़ से बाहर भी उदार दान

उनकी परोपकारिता केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रही। देश के विभिन्न हिस्सों में भी उन्होंने जरूरत के समय उदारतापूर्वक सहयोग किया।

प्रमुख योगदानों में शामिल हैं—

नागपुर के लेडी इरविन अस्पताल के निर्माण में सहयोग

सेंट्रल महिला कॉलेज के निर्माण में प्रमुख दान

बिहार के भूकंप पीड़ितों के लिए सहायता

वर्धा की भीषण बाढ़ में उदार दान

अपने समय के अत्यंत समृद्ध उद्यमी

दाऊ कल्याण सिंह अग्रवाल अपने समय के अत्यंत संपन्न उद्यमियों में गिने जाते थे।

1937 में उन्होंने लगभग 70,000 रुपये का राजस्व भुगतान किया, जो आज की गणना में लगभग 39 करोड़ रुपये से अधिक के बराबर माना जा सकता है।

आज क्यों धुंधला पड़ गया यह नाम?

इतने विशाल और ऐतिहासिक योगदान के बावजूद आज यह विडंबना है कि छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी तो दूर, बहुत से लोग इस महान माटीपुत्र के नाम और कार्यों से परिचित भी नहीं हैं।

यह केवल इतिहास की भूल नहीं, बल्कि उस विरासत के प्रति हमारी उपेक्षा भी है जिसने इस प्रदेश की सामाजिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत नींव रखी।

स्मरण और सम्मान की आवश्यकता

आज आवश्यकता है कि छत्तीसगढ़ की जनता, सामाजिक संस्थाएं और सरकार मिलकर दाऊ कल्याण सिंह अग्रवाल जैसे महादानी व्यक्तित्वों को पुनः जनस्मृति में स्थापित करें।

क्योंकि किसी भी समाज की पहचान केवल उसकी वर्तमान उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उन महान व्यक्तियों से होती है जिन्होंने अपना सर्वस्व समाज के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया।

दाऊ कल्याण सिंह अग्रवाल न केवल छत्तीसगढ़ के गौरव हैं, बल्कि वे भारतीय परोपकार की परंपरा के एक उज्ज्वल अध्याय भी हैं।

मृणेन्द्र चौबे
राजनांदगांव।शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त नीलू शर्मा आज पश्चिम बंगाल के पुरुलिया ज़िले के मानबाजार विधानसभा क्षेत्र में आयोजित परिवर्तन यात्रा (रथ यात्रा) में शामिल हुए। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की भीड़ उमड़ी और लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
नीलू शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी विकास, पारदर्शिता और जनकल्याण की नई दिशा देने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि परिवर्तन यात्रा में कार्यकर्ताओं और नागरिकों का उत्साह इस बात का संकेत है कि पश्चिम बंगाल में अब बदलाव की मजबूत इच्छा दिखाई दे रही है और जनता भाजपा के विज़न को स्वीकार कर रही है।
उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन यात्रा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि जनता के विश्वास और समर्थन का प्रतीक है। भाजपा का उद्देश्य प्रदेश में विकास, सुशासन और जनकल्याण की नई शुरुआत करना है।
कार्यक्रम में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, केंद्रीय राज्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र दुबे, पुरुलिया के सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो और वरिष्ठ नेत्री एवं पूर्व राज्यसभा सांसद रूपा गांगुली सहित प्रदेश और जिला स्तर के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
मानबाजार विधानसभा में आयोजित परिवर्तन यात्रा ने यह संदेश दिया कि पश्चिम बंगाल अब बदलाव की राह पर आगे बढ़ रहा है और भाजपा के नेतृत्व में विकास का नया अध्याय लिखने के लिए तैयार है।

शौर्यपथ महासमुन्द ब्यूरो संतराम कुर्रे
महासमुन्द / आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बागबाहरा टाउन हॉल में आयोजित परियोजना स्तरीय महिला जागृति शिविर एवं महिला सम्मेलन में सम्मिलित होकर क्षेत्र की माताओं, बहनों एवं बेटियों को महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर तहसीलदार, स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, जनपद सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्र की मातृशक्ति उपस्थित रही।
इस दौरान अपने उद्बोधन में भीखम सिंह ठाकुर, उपाध्यक्ष जिला पंचायत महासमुंद ने कहा कि नारी शक्ति देश और समाज के समग्र विकास की आधारशिला है। महिलाओं का सशक्तिकरण केवल एक दिवस का विषय नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाला सामाजिक संकल्प है। जब महिलाएँ शिक्षित, आत्मनिर्भर और सुरक्षित होंगी तभी परिवार, समाज और राष्ट्र सशक्त बनेगा।
हम सभी का कर्तव्य है कि मातृशक्ति को सम्मान, समान अवसर और सुरक्षा प्रदान कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें, जिससे वे अपने सामर्थ्य और प्रतिभा से समाज को नई दिशा दे सकें।

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