August 25, 2026
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    राजनीति

    राजनीति (1230)

    आशीष तिवारी रायपुर
    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के प्रदेश में शानदार 2 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जश्न के बीच भाजपा के आंदोलनों ने खलल डाला है । प्रदेश के मुखिया और संगठन के मुखिया ने प्रदेश सरकार के ऐतिहासिक कार्यों को जन जन तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं ।
    संगठन के मुखिया मोहन मरकाम के आदेश के बाद 90 विधानसभा क्षेत्रों में सबसे पहले पदयात्रा की घोषणा की रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में तगड़ी टक्कर देने वाले कन्हैया अग्रवालदुर्भाग्य से पदयात्रा प्रारंभ होने वाले दिन ही अग्रवाल दोपहिया वाहन से गिर पड़े उनका पैर फैक्चर हो गया जिसके कारण प्रदेश में प्रारंभ होने वाली यह पहली पदयात्रा स्थगित करनी पड़ी । कांग्रेस संगठन और सत्ता दोनों को वर्तमान में भाजपा की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए सरकार की उपलब्धियों को जनमानस के बीच पहुंचाने की सख्त आवश्यकता है ।
    प्रदेश में कांग्रेस सरकार की उपलब्धियों कि जहां लंबी फेहरिस्त है वही संगठन की उपलब्धियां भी कम नहीं है । जरूरत इस बात की है कि जन जन के बीच कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता सरकार के कामकाज को लेकर गली मोहल्लों में पहुंचे । जिस तरह कन्हैया अग्रवाल ने पदयात्रा के माध्यम से यह प्रयास किया उसी तरह पूरे प्रदेश में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में गली मोहल्लों और घर-घर तक पहुंचने पद यात्राएं आयोजित की जानी चाहिए ।

    रिसाली / शौर्यपथ /राजनीती
    भिलाई नगर निगम से अलग होकर अस्तित्व में आये नवगठित नगर निगम रिसाली के पहले चुनाव के लिए वार्डों का आरक्षण हुआ। जिला कलेक्टर सभागार में आज इसकी प्रक्रिया पूरी होते ही रिसाली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। 40 वार्डों वाले इस निगम के 20 वार्ड अनारक्षित रखे गए हैं। जिसमें से 7 वार्ड महिलाओं के लिए है। ओबीसी के 10 में तीन वार्ड महिलाओं के लिए सुरक्षित किया गया है। एससी के 7 मेंं से 2 वार्ड तथा एसटी के 3 में से एक वार्ड में महिलाएं चुनाव लड़ सकेंगी। नगर निगम रिसाली के 40 वार्डों में आगामी चुनाव के लिहाज से आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हो गई है। नियमों का पालन करते हुए कुल 40 में से 20 वार्ड को अनारक्षित रखा गया है। जिसमें से 7 वार्ड महिलाओं के लिए रहेगी।
    महिला-पुरुष से मुक्त रखे गए अनारक्षित वार्डो में वार्ड 2, रुआबांधा उत्तर, वार्ड 11 मरोदा सेक्टर, वार्ड 13 टंकी मरोदा, वार्ड 15 मौहारी भाठा, वार्ड 16 बीआरपी कालोनी, वार्ड-20 शंकरपारा स्टेशन मरोदा, वार्ड 23 प्रगति नगर रिसाली, वार्ड-24 आजाद मार्केट रिसाली, वार्ड 26 अवधपुरी रिसाली, वार्ड 28 शक्ति विहार रिसाली, वार्ड-29 लक्ष्मी नगर रिसाली, वार्ड-30 इस्पात नगर रिसाली तथा वार्ड-31 शहीद किरण देशमुख रिसाली बस्ती शामिल है।
    7 वार्ड अनारक्षित महिला रखे गए हैं। इसमें वार्ड-1 तालपुरी, वार्ड-6 रुआबांधा सेक्टर, वार्ड-9 डीपीएस रिसाली, वार्ड-14 मरोदा कैम्प, वार्ड 17 शिवपारा स्टेशन मरोदा, वार्ड-18 एचएससीएल कालोनी स्टेशन मरोदा, एवं वार्ड 21 सूर्यनगर स्टेशन मरोदा है। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए तय वार्डों में वार्ड-12 मरोदा सेक्टर पश्चिम, वार्ड-19 विजय चौक मरोदा, वार्ड-22 मैत्रीकुंज रिसाली, वार्ड 25 आशीष नगर पश्चिम रिसाली, वार्ड 27 मैत्री नगर रिसाली, वार्ड 35 डुंडेरा पश्चिम, वार्ड 26 डुंडेरा पूर्व शामिल है।
    अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए वार्ड-3 रुआबांधा दक्षिण, वार्ड-4 रुआबांधा पूर्व तथा वार्ड-5 एचएससीएल रुआबांधा को आरक्षित किया गया है। इसी कड़ी में 40 में से 7 वार्ड को अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित रखा गया है। जिसमें से वार्ड 32 नेवई भाठा, वार्ड 33 नेवई बस्ती पूर्व, वार्ड 34 नवई बस्ती पश्चिम, वार्ड-37 जोरातराई और वार्ड 39 एनएसपीसीएल पुरैना में अनुसूचित जाति वर्ग के महिला अथवा पुरुष कोई भी चुनाव लड़ सकता है। जबकि वार्ड क्रमांक 38 स्टोर पारा पुरैना और वार्ड 40 पुरैना बस्ती को अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किया गया है। 40 में से तीन वार्ड को आबादी के लिहाज से अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित रखा गया है। इसमें वार्ड-7 रिसाली सेक्टर पूर्व और वार्ड 8 रिसाली सेक्टर पश्चिम अनुसूचित जनजाति मुक्त रहने से इस वर्ग की महिला अथवा पुरुष कोई भी चुनाव लड़ सकेगा। वहीं वार्ड 10 दशहरा मैदान रिसाली के रूप में केवल एक ही वार्ड अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है।
    नहीं हुआ है महापौर पद का आरक्षण
    नवगठित नगर निगम रिसाली के महापौर पद का आरक्षण अभी तय नहीं हो सका है। पूरे प्रदेश के नगर निगमों के महापौर पद का आरक्षण एक साथ वर्ष 2019 में तब कर लिया गया था, जब रिसाली नगर निगम अस्तित्व में नहीं आया था। आज 40 वार्डों में आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हो जाने के बाद पार्षद पद के दावेदारों में सक्रियता बढ़ गई है। लेकिन महापौर पद के आरक्षण की स्थिति साफ नहीं होने से कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज नेताओं में फिलहाल चनाव लडऩे को लेकर उहापोह बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि रिसाली को पृथक नगर निगम बनाने में प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू का अहम योगदान रहा है। श्री साहू ने विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की सरकार आने पर रिसाली को अलग निगम बनाने की घोषणा की थी। लिहाजा रिसाली निगम के भावी चुनाव को लेकर कांग्रेसजनों मे महापौर पद के आरक्षण होने के बावजूद उत्साह बना हुआ है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के लालजी चंद्रवंशी ने भाजपा के आंदोलन पर पत्रकार वार्ता में सवाल उठाते हुए कहा। भाजपा अपने पन्द्रह साल के शासनकाल में बोनस, धान खरीदी से लेकर कई मामलों में किसानों के साथ छल की है।
    भाजपा आंदोलन के बजाय किसानों का हिसाब दे। इन्होंने धान खरीदी के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के किए जा रहे आंदोलन को गलत बताते हुए कांग्रेस सरकार की उपलब्धियां गिनाई। जिला प्रभारी और कार्यसमिति सदस्य लालजी चंद्रवंशी व जिला कांग्रेस कमेटी भिलाई की अध्यक्ष तुलसी सहू ने संयुक्त रुप से बताया कि भाजपा ने अपने 15 साल के शासन काल में केवल किसानों से छल किया है। किसानों से किया गया कोई भी वादा भाजपा सरकार ने नहीं निभाया ना तो उन्होंने इक्कीस 2100 समर्थन मूल्य नहीं दिया ना ही 300 बोनस दिया।
    चंद्रवंशी और तुलसी साहू ने बताया कि कांग्रेस की सरकार बनते ही किसानों व गरीबों के हित में काम करना शुरू किया। भाजपा सरकार ने 15 वर्षों में केवल 259 करोड रुपए ऋण माफ किया था। वही कांग्रेस की सरकार ने 2 माह के भीतर ही 11270 करोड रुपए का ऋण माफ किया। केंद्र की मोदी सरकार ने 2019 के बजट में 5 एकड़ के किसानों को 6000 सालाना देने की यह किसानों का सम्मान नहीं है। किसानों का अपमान है। किसानों को 6000 रुपए का सम्मान देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के परिवारों का माखौल उड़ा रहे हैं। मोदी सरकार की किसान विरोधी नीतियों का कांग्रेस हमेशा विरोध करती आई है और आगे भी करती रहेगी।
    उन्होंने आगे बताया कि प्रदेश में अब तक रिकॉर्ड स्तर पर धान खरीदी हुई है। प्रदेश के भाजपा नेताओं को केंद्र सरकार के कृषि कानूनों पर विश्वास नहीं है। इसलिए यहां के नेताओं ने भी प्रदेश में धान बेचा है और लाखों रुपए भुगतान भी पाया है। जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जिले के भाजपा नेताओं की सूची भी जारी की। जिसमें उन नेताओं के नाम व उनके भेजे गए धान की मात्रा का विवरण है। इन्होंने भाजपा शासन काल में महत्वपूर्ण घोटाला धान और घोटाला नान, रहा है। इन लोगों ने भाजपा नेताओं से कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार के किसान विरोधी कानूनों पर हिसाब दे, भाजपा के लोकसभा चुनाव के घोषणा पत्रों में 2022 में आय दुगनी करने और स्वामिनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करने जैसे वादों का हिसाब दे, राज्य में 15 साल किसानों के साथ हुए अन्याय और भेदभाव का हिसाब दे।
    15 साल में हुयी किसान आत्महत्याओं का हिसाब दे। 15 सालों में छत्तीसगढ़ में हुई किसानों से धोखाधड़ी और वादाखिलाफी का हिसाब दे, भाजपा के 15 साल में छत्तीसगढ़ में किसानों से किए गए छल, छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार की 15 साल में की गई धोखाधड़ी एक-एक दाना धान खरीद। 5 हासपावर पंपो की मुफ्त बिजली,2100 रूपए समर्थन मूल्य 300 रूपए बोनस, किसान आत्म हत्याओं पर संवेदना शून्य बनी रही भाजपा सरकार।

           दुर्ग / शौर्यपथ / किसानो एवं आम जनता के प्रति भूपेश बघेल सरकार द्वारा किए गए वादा खिलाफी के विरोध में आज दुर्ग भिलाई जिला भाजपा संगठन द्वारा आंदोलन करते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव कर कांग्रेस सरकार के खिलाफ हल्ला बोल प्रदर्शन कर जनता को धोखा देने वाली सरकार को उखाड़ फेंकने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान कर सैकड़ों कार्यकर्ताओ ने गिरफ्तारियां दी . प्रदेश भाजपा के आव्हान पर आयोजित रैली में राज्य सभा सांसद सरोज पांडेय की अगुवाई में सैकड़ों कार्यकर्ताओं कि फौज मानस भवन स्टेडियम से निकली जिसमे शहर से लेकर गांव गांव से पहुंचे कार्यकर्ताओ व किसानों ने विरोध स्वरूप काले कपड़े पहने थे और महिलाएं भी काले साड़ी मे आए थे वहीं किसान मोर्चा के कार्यकर्ता हाथो में धान की टोकरी लेकर किसान वेशभूषा में ट्रैक्टर में पहुंचे थे इस दौरान भाजयुमो कार्यकर्ताओ ने काले गुब्बारे में भूपेश सरकार के काले कारनामे लिखे तख्ती उड़ाए तथा कलेक्ट्रेट परिसर पहुचनें के पूर्व जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा रोकने लगाए गए बेरीकेट्स पर चढ़ने की कोशिश की किन्तु पुलिस बल की मौजूदगी में सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रैली में शामिल होकर गिरफ्तारी दिया गया . गिरफ्तारी देने वालो में पूर्व कैबिनेट मंत्री रमशीला साहू दुर्ग भिलाई जिलाध्यक्ष डॉ शिवकुमार तमेर ,विरेंद्र साहू, व्यपार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक लाभचंद बाफना पूर्व विधायक सांवला राम डाहरे,कैलाश शर्मा,पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर चरोदा महापौर चंद्रकांत मांडले जिला महामंत्री ललित चंद्राकर किसान मोर्चा अध्यक्ष रत्नेश चंद्राकर थानू राम साहू सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे।
            इस अवसर पर भारी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए राज्य सभा सांसद सरोज पांडेय ने कहा कि विगत दो वर्ष के भूपेश बघेल की कांग्रेस शासनकाल मे किसान से लेकर मजदूर तक व अधिकारी से कर्मचारी तक सभी परेशान हो गए है और उनके के खिलाफ आवाज उठाने वालो को सरकार दमन करने का प्रयास कर रही है सरकार हर मोर्चे पर फेल हो गई है एक तरफ किसानों को उनके धान बेचने टोकन व बार दाने के लिए भटकना पड़ रहा है तो वहीं मजदूर परिवार को मिलने वाली विभिन्न सहायता योजना बन्द कर दी गई चुनाव पूर्व गंगाजल कि कसम खाने वाली कांग्रेस सरकार में घर पहुंच शराब सप्लाई की जा रही है और जगह जगह दारू भठ्ठी खोले जा रहे 10 दिनों में संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का वादा करने वाली सरकार उन्हे भूल गई है और वे कर्मी अब महीनों से सड़क पर बैठे है प्रदेश के शिक्षित बेरोजगारों को ढाई हजार प्रतिमाह देने का वादा करने वाले युवाओं को आज गोबर बेचकर पैसा कमाने का रास्ता दिखा रही है राज्य सभा सांसद सरोज पांडेय ने आगे कहा केंद्र कि मोदी सरकार द्वारा राज्य के किसानों को भेजे 9 हजार करोड़ का अब तक हिसाब नहीं दिए है उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश भूपेश बघेल का व्यवहार एक तानाशाह जैसा बताते हुए कहा कि वे भारी बहुमत व पद के अहंकार में मर्यादा की सारी सीमाएं तोड़ते जा रहे है और प्रधानमंत्री से लेकर सभी विरोधी नेताओ के खिलाफ स्तरहीन बयान देकर प्रदेश के मान सम्मान को मिट्टी में मिला रहे है वहीं पूरा प्रशासन तंत्र में अराजकता व लूट खसोट बढ़ती जा रही है अपराधिक मामले बढ़ रहे है और इन सबसे जनता त्रस्त हो गई है और इन्हीं सभी मुद्दों को लेकर अब भाजपा भी आक्रमक होकर सड़क पर उतर गई जो इस अहंकारी सरकार को उखाड़ फेंकने तक संघर्ष जारी रखेगी कार्यकर्ताओ को पूर्व कैबिनेट मंत्री रमशिला साहू डॉ शिवकुमार त मेर ने भी संबोधित किया।

    छत्तीसगढ़ राज्य में 20 साल में धान खरीदी का बना नया रिकार्ड
    क्या भाजपा का आंदोलन रिकार्ड धान खरीदी के खिलाफ है?

    रायपुर/ शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा के कुछ नेताओं से जानकारी मिली है कि भाजपा की प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी छत्तीसगढ़ के रमन सिंह और बृजमोहन अग्रवाल जी जैसे भाजपा नेताओं से बहुत नाराज हुयी है, जब उन्हें छत्तीसगढ़ में इन भाजपा नेताओं ने पता लगाकर उनको गुमराह किया है। भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व को पता चल गया है कि छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार ने 20 साल में सबसे ज्यादा धान खरीद कर आज ही रिकार्ड बनाया है। शीर्ष नेतृत्व को यह पता चल गया है कि छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था बहुत बेहतर है तब तो इतनी अच्छी खरीद हुयी है। पुरंदेश्वरी को गलत जानकारी देने वाले और गुमराह करने वाले भाजपा नेताओं की अपनी पार्टी में स्थिति और खराब होगी। यह भी जानकारी मिली है कि इन नेताओं से नाराजगी के चलते ही डी पुरंदेश्वरी जी ने आज का दौरा निरस्त किया है।
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा नेता दूबर पर दो आषाढ़ की स्थिति में आ गया है। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों किसान विरोधी काले कानूनों के कारण पूरे देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी किसानों में भाजपा की केंद्र सरकार के खिलाफ गुस्सा उमड़ रहा है। छत्तीसगढ़ में किसानों को सही दाम सही खरीद सही व्यवस्था मुहैया कराने वाले कांग्रेस सरकार के खिलाफ आंदोलन से भाजपा से किसान और नाराज हुए है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की स्थिति लगातार खराब हो रही है।
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि उनको भाजपा के कुछ नेताओं ने जानकारी दी है। पुरंदेश्वरी को जब पता चला कि छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं ने कांग्रेस सरकार की सरकारी धान खरीद में अपना धान बेच दिया है और मोदी के किसान विरोधी कानूनों को नकारा है तो पुरंदेश्वरी इससे भी सख्त नाराज हुई।
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि आज के धान खरीदी पर भाजपा के आंदोलन में वही नेता भाग ले रहे है जिन्होने अपना धान छत्तीसगढ़ सरकार के धान खरीदी केन्द्रों में बेचा है। यह भाजपा का दोहरा चरित्र है। दरअसल भाजपा किसान विरोधी राजनीति कर रही है। किसानों की सरकार के खिलाफ किसान विरोधी भाजपा का आंदोलन है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने लगातार तीसरे साल धान खरीदी का रिकार्ड तोड़ा है। ज्यादा किसानों का धान खरीदा है, ज्यादा रकबे का धान खरीदा है, ज्यादा धान खरीदा है। 80 लाख टन, 83 लाख टन और इस साल अभी तक 84 लाख टन जबकि अभी खरीदी का समय बाकी है। जितना धान रमन सिंह जी 5 साल के कार्यकाल में खरीदते थे तीन साल के कार्यकाल में ही उतना धान खरीदकर कांग्रेस सरकार ने किसान समर्थक रवैया स्पष्ट कर दिया।
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के भाजपा नेतृत्व से नाराजगी के चलते डी. पुरंदेश्वरी ने आज की छत्तीसगढ़ प्रवास निरस्त किया। छत्तीसगढ़ राज्य में 20 साल में धान खरीदी का नया रिकार्ड बना। भाजपा को केन्द्र में भी और छत्तीसगढ़ में भी अपनी किसान विरोधी सोच को बदलने की जरूरत है।

    दुर्ग । शौर्यपथ । 22 जनवरी को प्रस्तावित आंदोलन करने से पहले भाजपा नेता पहले स्पष्ट तो करें कि किस आधार पर आंदोलन किया जा रहा है। रमन सरकार के कार्यकाल में किसानों से औसतन 50 लाख टन धान खरीदी होती थी। भूपेश सरकार ने इस साल लगभग 81 लाख टन धान की खरीदी कर ली है। करीब 9 टन धान की खरीद और संभावित है। ये आंकडे बताते हैं कि रमन सरकार की तुलना में भूपेश सरकार काफी ज्यादा धान खरीदी कर रही है। इन आंकड़ों से भाजपा का यह आरोप अपने आप खारिज हो जाता है कि कांग्रेस सरकार में धान खरीदी न होने से किसान परेशान हैं। रमन सरकार ने 15 साल तक छत्तीसगढ़ में राज किया लेकिन न तो वादे के मुताबिक 21 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की गई, न 3 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से बोनस दिया गया। भूपेश सरकार ने 1868 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी के साथ राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 10 हजार रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देकर किसानों को बड़ी राहत दी है। 15 साल में रमन सरकार ने कर्जमाफी नहीं की। भूपेश सरकार ने सत्ता संभालने के चार घंटे के भीतर किसानों की कर्जमाफी का ऐतिहासिक फैसला कर दिया। केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों का समर्थन करने वाले भाजपा नेता पूरे देश में एक-दो किसान का ही नाम बता दें, जिससे निजी मंडियों में धान के समर्थन मूल्य 1868 रुपए प्रति क्विंटल से अधिक दर पर धान खरीदी की गई हो। उसकी रसीद दिखा दें ताकि हमारे किसान भी अधिक दर पर धान बेच सकें। सच ये है कि कृषि बिल के कारण किसानों को समर्थन मूल्य से काफी कम दर पर अनाज बेचने पर मजबूर होना पड़ेगा। किसानों की उपज का दाम बड़े उद्योगपति और व्यवसायी तय करेंगे। इस कानून से किसान दिनोंदिन बदहाल हो जाएंगे। कृषि बिल को डेढ़ साल के लिए स्थगित करना दर्शाता है कि केंद्र सरकार पीछे हट रही है और कृषि बिल में खोट है। पूरा देश जानता है कि बड़े उद्योगपतियों के मोहजाल में फंसकर केंद्र सरकार ने कृषि बिल लागू किया है। खुले बाजार में कहीं पर भी समर्थन मूल्य पर अनाज की खरीदी नहीं हो रही है। व्यापारी 14 सौ या 15 सौ रुपए की दर से धान खरीदी कर रहे हैं। रमन सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में किसानों की आत्महत्या के आंकड़े में बेतहाशा वृद्धि हुई। कर्ज के बोझ तले रहने वाले किसानों को भूपेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब किसानों की जेब में बारहों महीने पैसा रहता है। समर्थन मूल्य पर अनाज की खरीदी के साथ ही राजीव गांधी किसान न्याय योजना की राशि साल भर में चार किस्तों में मिलने से प्रदेश के किसान खुशहाल हैं। प्रदेश के भाजपा नेताओं को आंदोलन करना है तो केंद्र सरकार के तीनों कृषि बिल के खिलाफ आंदोलन करें। देश में बेतहाशा महंगाई बढ़ने और महिला असुरक्षा सहित कृषि बिल की खामियों को छुपाने के लिए प्रदेश में भाजपा संगठन 22 जनवरी को आंदोलन कर रहे हैं। जिस भाजपा की केंद्र सरकार ने किसानों के धान से बने चावल को लेवी में लेने पर टालमटोल और रोक लगाने का काम किया है, उस भाजपा को किसानों के हित में आंदोलन करने का अधिकार ही नहीं है। सच ये है कि छत्तीसगढ़ का किसान खुशहाल है। किसी भी किसान ने कांग्रेस सरकार पर आरोप नहीं लगाया। शिकायत नहीं की है। कर्जमुक्त और खुशहाल किसानों के कारण व्यापारियों का व्यापार भी बेहतर है। भाजपा को जवाब देना होगा कि क्या खुशहाल किसानों की समृद्धि देखकर लेवी का चावल लेने से टालमटोल किया जा रहा है। किसानों की समृद्धि देखकर भाजपा को पीड़ा क्यों हो रही है।

    रायपुर/शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं प्रवक्ता विकास तिवारी ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा किए गए प्रेस वार्ता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल नौसिखिया नेताओ जैसा बयान बाजी कर रहे है।उनके द्वारा दिया गया बयान पूर्णता भ्रामक और कुंठा से ग्रसित है, पंद्रह सालो तक सत्ता में रहने के बाद विपक्ष की भूमिका अदा नहीं कर पा रहे हैं। पूर्वकृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में 13 सौ करोड़ का धान सड़ चुका है यह आंकड़ा पूर्णता फर्जी और भ्रामक है प्रदेश भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के स्थान पर कब्जा करने हेतु पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल प्रदेश की जनता को दिग्भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं जबकि आंकड़ों सहित हकीकत यह है कि-
    खरीफ़ विपणन वर्ष 2019-20 में कुल 83.94 लाख मेट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया था।
    उक्त उपार्जित धान में से अब तक 80.37 लाख मेट्रिक टन धान का निराकरण कस्टम मिलिंग के माध्यम से किया जा चुका है।
    वर्तमान स्थिति में लगभग 3.57 लाख मेट्रिक टन धान का निराकरण हेतु शेष है।
    राज्य की उसना मिलिंग क्षमता सीमित होने, कोविड-19 की वैश्विक महामारी और राज्य में असामयिक वर्षा के कारण कस्टम मिलिंग का कार्य प्रभावित हुआ था।
    खरीफ़ विपणन वर्ष 19-20 में एफसीआई में 28.10 लाख मे. टन में से 26.10 लाख मे टन चावल जमा किया जा चुका है, जो विगत वर्षों में जमा सीएमआर की तुलना में सर्वाधिक है ।
    भारतीय खाद्य निगम में शेष सीएमआर जमा हेतु दिनांक 18.01.2021 को भारत सरकार द्वारा 31 जनवरी 2021 तक की समयावृद्धि प्रदान की गई है।
    उक्त शेष धान के निराकरण हेतु कस्टम मिलिंग का कार्य प्रगतिरत है।18.1.2021 को समय वृद्धि के पश्चात 74000 मैट्रिक टन का डीओ जारी किया गया है, धान उठाव प्रगतिरत है।
    प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में किसी भी स्थान में धान के सड़ जाने की जानकारी नही है तो किस आधार पर पूर्व कृषिमंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने तेरह सौ करोड़ के आंकड़े जारी किये है उन्हें प्रदेश की जनता को बताना चाहिये साथ ही झूठे और नौसिखिया नेताओ जैसा आंकड़े बताने के लिये माफी मांगनी चाहिये।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार अब तक लगभग 85 प्रतिशत किसानों का धान खरीद चुकी
    पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह बताएं 15 साल में कब 90 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी किये

    रायपुर / शौर्यपथ / भाजपा के किसान आंदोलन को कांग्रेस ने राजनीतिक स्टंट करार दिया। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार धान बेचने पंजीकृत 21 लाख 50 हजार किसानों से 90 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित की है। 1 दिसम्बर से आज तक लगभग 85 प्रतिशत से अधिक किसानों से धान की खरीदी की जा चुकी है और किसानों के बैंक खाता में लगभग 12500 करोड़ से अधिक की राशि भुगतान कर दिया है। धान खरीदी के निर्धारित समय के पहले 90 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी के लक्ष्य को पूरा कर लेगी।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा के नेता स्वयं का धान बेचने के बाद फुर्सत मिलने पर अब किसानों के नाम से राजनीतिक स्टंट बाजी करने में लगे हुए है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर जिला एवं मंडल अध्यक्ष, भाजपा किसान मोर्चा के प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, भाजपा सांसद विजय बघेल, गोमती साय, भाजपा के विधायक रजनीश सिंह सहित भाजपा के पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, पूर्व सांसदों ने अपने धान को राज्य सरकार के उपार्जन केंद्रों में बेचकर धान का भुगतान खाता में प्राप्त कर लिया है।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह एवं भाजपा नेताओं को वास्तविक में किसानों की चिंता है तो उन्हें दिल्ली में आंदोलनरत किसानों के समर्थन में जेल भरो आंदोलन करना चाहिए। मोदी सरकार किसानों की समस्या सुनने के बजाय गूंगी बहरी बनकर बैठी सरकार को जगाना चाहिए।
    ठाकुर ने कहा कि वादाखिलाफी भाजपा नेताओं का चरित्र हो गया है। सत्ता में रहे या सत्ता के बाहर रहे झूठ बोल कर गुमराह कर राजनीति करना इनकी नियति बन गई है। मोदी सरकार छत्तीसगढ़ से 60 लाख मीट्रिक टन चावल लेने का सैद्धांतिक सहमति प्रदान करने के बाद मात्र 24 लाख मीट्रिक टन चावल एफसीआई में जमा कराने की अनुमति देकर छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ एक और धोखा किया है। इसके पहले भी किसान सम्मान निधि देने में छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ भेदभाव किया गया। प्रधानमंत्री मजदूर कल्याण योजना से छत्तीसगढ़ के श्रमिक भाइयों को दूर रखा गया और किसानों को धान की कीमत एक मुश्त 2500 रू. क्विंटल देने में नियम शर्ते लगाई, राजीव गांधी किसान न्याय यासेजना में रोक लगाने का षड़यंत्र रचा गया, बारदाना आपूर्ति में रोक लगाई गई। छत्तीसगढ़ के भाजपा के सांसद छत्तीसगढ़ के साथ हो रहे भेदभाव पर मौन है।
    प्रवक्ता धनंजय सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह से पूछा कि 15 साल के शासन काल में कब 90 लाख मीट्रिक टन चावल राज्य के किसानों से खरीदे हैं? किसानों को धान की कीमत समर्थन मूल्य से ऊपर कब दिए है? कब छत्तीसगढ़ में 21 लाख 50 हजार किसानों से धान की खरीदी किए हैं? इसका जवाब डॉ रमन सिंह को देना चाहिए। डॉ रमन सिंह ने किसानों से किए वादों को पूरा नहीं किया। 2100 रू. प्रति क्विंटल की कीमत और ₹300 बोनस प्रति क्विंटल देने का वादा किया था और वादा खिलाफी किए हैं। रमन सिंह के 15 साल के शासनकाल में एवरेज 50 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान की खरीदी नहीं की गई। 6 से 7 लाख किसानों से ही धान की खरीदी होती रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने दो साल में एवरेज 85 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा रही है। 15 साल के शासनकाल में छत्तीसगढ़ के किसान परेशान रहे हैं और भाजपा समर्थित बिचौलिया खुशहाल थे। अब छत्तीसगढ़ के किसान खुशहाल हो रहे हैं तो भाजपा नेताओं के पेट में दर्द हो रहा है। किसानों के नाम से राजनीति करने वाले डॉ. रमन सिंह को किसानों की वास्तविक चिंता है तो केंद्र में आंदोलन कर रहे किसानों के पक्ष में आवाज बुलंद करें।

    दुर्ग । शौर्यपथ । भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के दुर्ग शहर अध्यक्ष हितेश सिन्हा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया की दिल्ली की सीमाओं पर संघर्षरत किसान जो अपने हक के लिए तीन काला कानून के खिलाफ एक महीने से ज्यादा समय से मौसम की मार और केंद्र सरकार का अत्याचार झेल रहे हैं। आंदोलनकारी किसान के सहयोग और समर्थन के लिए छत्तीसगढ़ NSUI प्रदेश अध्यक्ष श्री आकाश शर्मा जी के मार्गदर्शन में NSUI दुर्ग जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष सोनू साहू जी के निर्देशानुसार "एक रुपया एक पैली धान" मुहीम चलाया गया।यह मुहिम प्रदेश के सभी जिलों में NSUI कार्यकर्ता सभी धान खरीदी केंद्रों में जाकर के एक रुपया एक पैली धान एकत्र किया गया। छत्तीसगढ़ी के युवा साथियों और किसान भाइयों से भरपूर सहयोग मिला और बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस मुहिम के तहत दुर्ग NSUI शहर संगठन ने दुर्ग ग्रामीण के प्रमुख धान खरीदी केंद्रों में जाकर के किसानों से आग्रह कर एक रुपया एक पैली धान का सहयोग और संघर्षरत किसानो को समर्थन करने की बात कही जिससे सभी किसान भाइयों से सहयोग मिला । दुर्ग जिले के दुर्ग ग्रामीण विधानसभा के धान खरीदी केंद्र कोलियापुरी,चंद्रखुरी ,कुथरेल कोड़िया या और अन्य धान खरीदी केंद्रों में जाकर के किसानों से 2 क्विंटल धान और 5 हजार 1 रुपया, पाटन विधानसभा से इसी तरह पाटन एकत्रित किये। भिलाई नगर विधायक माननीय श्री देवेंद्र यादव जी, वरिष्ठ कांग्रेसी राजेंद्र साहू जी के उपस्थित में इस मुहिम के तहत एकत्रित धान और राशि प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के निर्देशानुसार रायपुर रवाना किये जिसे दिल्ली के सीमा पर संघर्षरत किसान के सहयोग के लिए भेजा जाएगा । शहर अध्यक्ष हितेश सिन्हा ने इस मुहिम में साथ देने वाले शहर संगठन के सभी कार्यकर्ता और विधानसभा Nsui के पदाधकारीगण संयुक्त रूप में पाटन के धान खरीदी केंद्र में जा करके किसानो से मदद लेकर 7 क्विंटल धान और 1200 रुपए इकट्ठा करके प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेट किए जिसमें प्रमुख रूप से आयुष टिकरिहा विधानसभा अध्यक्ष पाटन , उमाशंकर निर्मलकर जिला उपाध्यक्ष दुर्ग, प्रेम प्रकाश पांडे ब्लॉक अध्यक्ष जामगांव, सौरभ वर्मा , ऋषभ चंद्राकर,पोषण साहू, डेविड चंद्राकर, वीरेंद्र शहित सभी किसान भाइयों को अभार जताया और कहा कि शहर के युवा साथी और समस्त किसान भाई दिल्ली में संघर्षरत किसान भाइयों के साथ हैं और पूर्ण समर्थन करते हैं। इस कार्यक्रम मे प्रमुख रूप से NSUI दुर्ग अध्यक्ष श्री आदित्य सिंह, दुर्ग शहर अध्यक्ष हितेश सिन्हा,जिला संयोजक गोल्डी कोसरे, अमोल जैन, शिवांग साहू, तुषार(बंटी), गट्टू खान , चुनेश नेताम और अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे ।

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