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March 07, 2026
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राजनीति

राजनीति (1192)

भिलाई /शौर्यपथ / भिलाई की भलाई के पोस्टर इन दिनों टाउनशिप और नेशनल हाईवे पर बहुतायात संख्या में दिखने शुरू हो गये हेेै। महापौर एवं विधायक देवेन्द्र यादव जहां अपना महापौर का कार्यकाल आगामी जनवरी में पूरा करने जा रहे हैंऔर वहीं विधायक का 11 दिसंबर को दो साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। महापौर रहने के दौरान उनके द्वारा किये गये तमाम कार्यों को भिलाई की भलाई के पोस्टर इन दिनो अच्छे खासे चर्चे में है। जैसे उदाहरण के तोर पर पावर हाउस में मदर मार्केट निर्माण सहित अन्य कार्य चर्चा का विषय बने हुए है। कुछ माह पहले भाजपा के पार्षद ये सवाल उठाते फिर रहे हैं कि महापौर देवेन्द्र यादव अपने पांच साल में पांच कार्य तो ऐसा बता दे जो उन्होंने किया है। देवेन्द्र ने भाजपाई पार्षदों को अपने इस होर्डिंग्स के माध्यम से बता दिया कि भिलाई के भलाई के लिए उनके द्वारा पांच सालों में किये गये विकास कार्य के पोस्टर भाजपा पार्षद स्वयं अपनी आंखों से देख लें। श्री यादव भिलाई की भलाई, भिलाई के गोठ जैसे कई अभियान चलाकर क्षेत्र की जनता के बीच लगातार लोकप्रियता हासिल करते जा रहे हैं, जिसे भाजपा पार्षद व भाजपा से जुडे तमाम नेता उनकी बढती लोकप्रियता को पचा नही पा रहे हैं।

दुर्ग / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने किसानों के आंदोलन को माओवादियों से जोड़ने के भाजपा नेताओं के बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है। राजेंद्र ने कहा कि यह देश के अन्नदाताओं का अपमान है। देश भर के किसान अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन को भाजपा द्वारा दूसरी दिशा में मोड़कर देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। यह किसानों का भी अपमान है और देश की जनता का भी अपमान है।
राजेंद्र ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार पिछले 6 साल में जीएसटी, नोटबंदी, हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार, हर व्यक्ति के खाते में 15 लाख रुपए जमा होने, महंगाई, महिला सुरक्षा, किसानों की आय दोगुना करने सहित हर मामले में पूरी तरह विफल रही है। आम जनता को इन मुद्दों से भटकाने के लिए भाजपा नेता पूर्व में भी अनर्गल बयानबाजी करते रहे हैं। अब उन्होंने किसानों को निशाना बनाया है।
भाजपा नेताओं के बयानों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राजेंद्र ने केंद्र सरकार के रवैये पर प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा नेता किसानों का हित चाहते तो हठ धर्म अपनाने की बजाय सकारात्मक माहौल में किसानों से बातचीत करते। किसानों के आंदोलन को आतंकवाद या माओवाद से जोड़ना न सिर्फ करोड़ों किसानों के लिए बल्कि पूरे देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस पार्टी इस कृत्य की कड़ी निंदा करती है।
राजेंद्र ने कहा कि भाजपा नेता नए कृषि बिल को किसानों के लिए लाभदायक बता रहे हैं लेकिन आज तक कोई भी भाजपा नेता यह नहीं बता पाया है कि किसानों को इस कानून से कैसे इसका लाभ मिलेगा। अगर कानून लाभदायक होता तो किसान अपना घर-बार, परिवार और अपने खेत छोड़कर आंदोलन करने नहीं आते। भाजपा नेता यह बताने में पूरी तरह विफल हैं कि किसान कहां अपनी फसल बेचेंगे तो उन्हें बेहतर दाम मिलेगा।
राजेंद्र ने आगे कहा कि भाजपा की करनी और कथनी में बड़ा फर्क इसी बात से देखा जा सकता है कि एक ओर यह कहा जा रहा है कि किसान कहीं भी अपनी उपज बेच सकते हैं। दूसरी ओर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दूसरे प्रदेश से फसल आने पर फसल के साथ वाहन को जब्त करने की बात कर रहे हैं। कृषि बिल को मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ही नहीं मान रही है।

दुर्ग / शौर्यपथ / कृषि बिल के विरोध में दिल्ली से लगे सीमा में लगातार धरना प्रदर्शन चल रहा है वही कृषि बिल को किसानो के हित की रक्षा करने वाला बताने की कोशिश देश भर के भाजपा नेता ब्लाक स्तर से लेकर जिले स्तर पर कर रहे है कृषि बिल को किसानो के हितैषी वाला बताने के लिए किये गए प्रेस वार्ता में राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा कृषि सुधार कानून किसानों के जीवन स्तर में सुधार एवं आय में वृद्धी के लिए बनाया गया है। किसानो के साथ वर्षो से हो रहे अन्याय को खत्म करने के लिए ही केंद्र की मोदी सरकार ने कृषि बिल लाया है जिस पर कुछ अराजक लोगो द्वारा और टुकड़े टुकड़े गैंग द्वारा भ्रान्तिया फैलाई जा रही है . कृषि बिल के आड़ में खालिस्तान के नारे लगना ही इसका प्रयाप्त प्रमाण है कि यह आन्दोलन किसानो की आड़ में टुकड़े टुकड़े गैंग कर रही है . जबकि देश भर के किसान इस बिल का समर्थन कर रहे है . किसानो से बात करने का प्रयास और कुछ संसोधन का प्रयास केंद्र सरकार द्वारा किये जाने की बात को भी सिरे से नकारना और कृषि बिल कानून को वापस करने की मांग तथाकथित संगठनों द्वारा किया जा रहा है जबकि केंद्र की सरकार किसानो के साथ है और उनके साथ वर्षों से हो रहे अन्याय को दूर करने के लिए भी यह कानून बहुत ही कारगर है।
लेकिन यह ऐतिहासिक सुधार कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों को शायद रास नहीं आया इसलिए उन्होंने किसानों के बीच बिल के बारे में भ्रांतियां फैला कर देश के किसानों को गुमराह करने का काम कर रही है। पत्रकारवार्ता में सरोज पांडेय ने कहा कि किसान हमारे देश की रीढ़ है और उनके सम्मान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कृषि का इस देश की जीडीपी में योगदान बढ़िया सुनिश्चित करने के लिए यह विधेयक लाया गया है। यह कानून किसानों के हित के लिए है और पूरे देश में इसका स्वागत हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि सबसे बड़ा सवालिया निशान एमएसपी पर उठाया जा रहा है सरकार ने बिल्कुल साफ साफ शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि पहले भी था आज भी है और कल भी जारी रहेगा ऐसा पहली बार हुआ है कि सभी फसलों का समर्थन मूल्य लागत से 50 प्रतिशत ज्यादा पहुंच गया है। लेकिन जिस तरह से यह आंदोलन चलाया जा रहा है।
इसमें कुछ लोग जो नहीं चाहते कि देश हित के साथ किसानों का भला हो जिन्हें आप टुकड़े-टुकड़े भी कह सकते हैं। सरोज पांडेय ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि दिल्ली में जो किसान आंदोलन चल रहा है उसमें कुछ बाहरी ताकतें है जो देश में शांति नहीं चाहते और देशहित पर कुठाराघात करना चाहते हैं। वह लोग इस बिल के खिलाफ बैठे हुए हैं। वहीं सरोज पांडेय ने यह भी कहा कि यदि बिल से इतनी ही परेशानी थी तो जब यह बिल लोकसभा में लाया गया और राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर किए तब लोगों ने उस समय मांग क्यों नहीं की और अब यह बिल वापस लेने के लिए कहा जा रहा है। निश्चित तौर पर विपक्ष की एक बहुत बड़ी साजिश है। सरोज पांडे ने यह भी कहा कि इस बिल के माध्यम से किसानों को यह सुविधा भी दी गई है कि फसल उगाने से पहले किसान अपने कृषि उपज का दाम तय कर सकते हैं। इससे उन्हें आर्थिक मजबूती मिलेगी साथ ही किसानों का भुगतान एक निश्चित समय अवधि पर नहीं करने पर खरीदार पर कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया है। पत्रकारवार्ता में सरोज पांडेय के साथ नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा,जिला अध्यक्ष भाजयुमो दिनेश देवांगन,प्रवक्ता सतीश समर्थ सहित बड़ी संख्या में भाजपाई उपस्थित थे।

बेमेतरा / शौर्यपथ / केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पारित कृषि कानून के मसले पर  भारतीय जनता पार्टी अब फ्रंटफुट पर खेलने की तैयारी में है. पार्टी देश के अलग-अलग जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस और चौपालों का आयोजन कर कृषि कानून के फायदे गिनाएगी.इसी को लेकर सोमवार को भारतीय जनता पार्टी कार्यालय बेमेतरा में दोपहर 12.30 बजे प्रदेश प्रवक्ता नीलू शर्मा कृषि बिल के समर्थन में प्रेस वार्ता करेंगे। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश जोशी सहित जिले के वरिष्ठ नेतागण भी उपस्थित रहेंगे। उपरोक्त जानकारी देते हुए भाजपा जिला महामंत्री विकास धर दीवान ने जिले से सम्बंधित समस्त प्रदेश,जिला,मण्डल पदाधिकारी,सभी मोर्चाओं के पदाधिकारी,जिला पंचायत,जनपद पंचायत,नगर पालिका व नगर पंचायत के जनप्रतिनिधिगण एवं समस्त कार्यकर्ताओं को उपस्थित रहने की अपील की है।

भाजपा को किसानों की नहीं बल्कि अडानी अंबानी जैसे चंद पूंजीपतियों की चिंता
मोदी के मंत्री किसानों को कृषि बिल के फायदे बताने में असफल हो गए


रायपुर / शौर्यपथ / भाजपा के किसान महापंचायत पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया व्यक्त की प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा के किसान महापंचायत का हश्र भी भात पर बात और खेत सत्याग्रह की तरह ही होगा।किसानों के आगे भाजपा का झूठ प्रपंच का प्रोपोगंडा नही चलेगा।छत्तीसगढ़ के किसान भाजपा के किसान विरोधी चाल चरित्र और चेहरा को पहचानती है।रमन भाजपा की सरकार में किसानों के साथ वादाखिलाफी हुआ अत्याचार हुआ था। रमन सरकार के दौरान रोज 4 किसान आत्महत्या कर लेते थ।किसानों को वादा अनुसार धान की कीमत प्रति क्विं 2100रु और 300 रु बोनस प्रति क्विं नहीं दिया। किसानों के जलाशय को पूंजी पतियोंं को बेचा गया।
खेत के लिए पानी मांगने वाले किसानों के ऊपर लाठियां बरसती थी। मोदी भाजपा की सरकार नेे भी 7 साल में किसानों से किए वादेे को पूरा नहीं किया बल्कि किसान विरोधी तीन काले कानून लाकर किसानों को गुलामी की ओर धकेलने की साजिश और षडयंत्र रचने का काम किया है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि किसान विरोधी तीन काले कानून को वापस लेने की मांग को लेकर किसान दिल्ली में आंदोलन कर रहे हैं।मोदी सरकार के मंत्री किसानों के साथ कई बैठक कर चुके है लेकिन किसानों को संतुष्ट नहीं कर पाए है मोदी के मंत्री शाह तोमर गोयल किसानों को बिल के फायदे बताने में असमर्थ और असहाय नजर आए हैं।किसानों के सवालों का जवाब देने से मोदी के मंत्री बचते रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसान भाजपा के 9 सांसद को ढूंढ रहे हैं अब उनके घरों में जाकर घेराव करने की तैयारी कर रहे हैं और पूछेंगे कि जो मोदी भाजपा ने किसानों को स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के अनुसार लागत मूल्य का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य और 50% अतिरिक्त प्रॉफिट देने का वादा किया था उसका क्या हुआ? किसानों की आय दोगुनी करने का नारा लगाने वाले अब किसानों को चंद पूंजीपतियों के हाथों की कठपुतली गुलाम क्यों बनाना चाहते हैं ? किसानों के उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य देने से मोदी भाजपा की सरकार क्यो भाग रही है?इन सारे सवालों का जवाब भाजपा को किसानों को देना पड़ेगा किसानों के आक्रोश को देखते हुए भाजपा के नेता किसानों के सामने जाने से डर रहे हैं छत्तीसगढ़ के किसान भी भाजपा नेताओं का इंतजार कर रही है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि किसान आंदोलन के समर्थन में पूरा देश एकजुट खड़ा हुआ है किसानों के समर्थन में खिलाड़ियों से लेकर बुद्धिजीवी वर्ग मजदूर ट्रांसपोर्टर्स इंजीनियर वकील सहित हर वर्ग खड़ा हुआ हैं।भाजपा हमेशा की तरह चंद पूंजीपतियों के हित के साथ खड़ी हुई है किसान महापंचायत में किसान तो नहीं बल्कि भाजपा के भेष बदलने वाले बहरूपिया जरूर नजर आएंगे जो किसानों के लिए इस बिल को बेहतर बताएंगे छत्तीसगढ़ के किसानों को सचेत और सावधान रहना चाहिए क्योंकि अब किसानों के नाम से झूठ की राजनीति भाजपा करने जा रही है।

सीएम भूपेश बघेल द्वारा सांसद सरोज पांडेय के खिलाफ दिए अश्लील बयान से गुस्साए युवा व महिला मोर्चा कार्यकर्ता उतरे सड़क पर पुतला फुक कर कहा यह अत्यन्त अशोभनीय व महिलाओं का अपमान माफी मांगे..

दुर्ग / शौर्यपथ / प्रदेश के मुख्य मंत्री भूपेश बघेल द्वारा भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव व राज्य सभा सांसद सरोज पांडेय के खिलाफ अभद्र टिप्पडी किए जाने से आक्रोशित भाजयुमो व महिला मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने आज पटेल चौक में सीएम बघेल व महिला आयोग के अध्यक्ष किरणमई नायक का पुतला जलाकर जोरदार विरोध किया तथा इन्हे महिलाओं व छत्तीसगढ़ी संस्कृति के खिलाफ बताते हुए कहा कि सीएम तत्काल माफी मांगे अन्यथा आगे भी जोरदार विरोध किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर,जिला भाजपा उपाध्यक्ष कांतिलाल जैन,मंत्री संतोष सोनी देव नारायण तांडी, जिला भाजयुमो अध्यक्ष दिनेश देवांगन,महिला मोर्चा अध्यक्ष सरिता मिश्रा,किसान मोर्चा अध्यक्ष रत्नेश चंद्राकर,नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा सहित बड़ी संख्या में भाजयुमो व महिला मोर्चा कार्यकर्ता उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि बालोद प्रवास के दौरान भाजपा कि पूर्व राष्ट्रीय महासचिव व राज्य सभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने भूपेश बघेल सरकार के 2साल के कांग्रेस शासन कि उपलब्धि लट्टू भौरा चलाने व राऊत नाच में बिताने का ब्यान दिया था जिस पर तिलमिलाए मुख्य मंत्री भूपेश बघेल ने बेहद भद्दा व अश्लील प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें वर्ष 2017 में 10 हजार से अधिक महिलाओं के साथ सुआ नृत्य में वर्ल्ड रिकार्ड बनाने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के साथ नृत्य को कमर मटकाने की संज्ञा देकर अपनी गंदी मानसिकता प्रदर्शित किया है और महिला आयोग अध्यक्ष किरणमई नायक ने भी स्तरहीन बाते की थी । इस मुद्दे ने अब तुल पकड़ लिया है आज इस ब्यान से गुस्साए भाजयुमो व महिला मोर्चा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने आक्रोशित होकर सीएम बघेल के पुतले व महिला आयोग के अध्यक्ष किरण मयी नायक के पुतले को लेकर जोरदार नारेबाजी करते हुए पुलिस की तगड़ी व्यस्था के बीच जलाया गया।
इस अवसर पर जिला भाजयुमो अध्यक्ष देवांगन ने कहा कि कांग्रेस में ढाई ढाई साल में मुख्य मंत्री बदले जाने के फार्मूला के तहत सीएम भूपेश बघेल के 2साल पूरे होने के बाद से कुर्सी जाने के भय से दिमागी संतुलन गड़बड़ा गया है और वे अपने कार्यकाल के उपलब्धि बताने के बजाय भाजपा की राष्ट्रीय नेता व राज्य सभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय के खिलाफ अशोभनीय व ऐसे गंदा ब्यान दे रहे है जिससे पूरे देश की महिला का अपमान हुआ है महिला मोर्चा जिलाअध्यक्ष सरिता मिश्रा ने कहा कि राखी में सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय को बहन मानकर साड़ी भेजने वाले प्रदेश के मुख्यमंत्री बघेल अब उन्हीं बहन पर अश्लील टिप्पडी कर अपमानित किए है जिसे महिला मोर्चा कतई बर्दाश्त नहीं करेंगी और साथ ही साथ उन्होंने प्रदेश महिला आयोग अध्यक्ष किरणमयी नायक के द्वारा महिलाओ के ऊपर की गई अभद्र का हम पुरजोर विरोध करते हैं ऐसे सर्वोच्च पद पर बैठकर ऐसा बयान देना सोचने का विषय है उनकी मानसिकता की निंदा करते है।
      पुतला दहन करने वालो में मंडल भाजपा अध्यक्ष लुकेश बघेल,जितेंद्र यादव,दीपक चोपड़ा,फत्ते लाल वर्मा,आशा सुब्बा संजय साहू,महामंत्री नितेश साहू वाणी सोनी,कुमुद बघेल,अल्का बाघमार,गायत्री वर्मा जिला उपाध्यक्ष राहुल पंडित,मंत्री नितेश बाफना,मीडिया प्रभारी राजा महोबिया गौरव शर्मा उतम साहू अनुपम मिश्रा हेमलता निषाद, तेखन सिन्हा नीलेश अग्रवाल, राहुल पाटिल पियूष मालवीय अमित सिंह बंटी चौहान मनीष साहू प्रवीण यदु राहुल भट्ट मुरली सचदेव विद्या नामदेव पिलीया साहु रूपेश्वरी साहू चंपा साहू आशा सुब्बा रोशनी देवांगन बासंती गायकवाड़ डॉ भावना दिवाकर स्वरूपलता पांडे कलंद्री साहु शारदा गोटे चमेली साहू दिलीप वर्मा सतविंदर साहू विजय ताम्रकार गुलाब साहू अहिल्या यादव राजा देवांगन रवि कोटवानी कविता तांडी जगदीप रायजादा नीलेश सिन्हा दीपक सिन्हा,नरेश सोनी कन्हैया देवांगन वीरू सोनी देवेन्द्र टंडन सरिता थापा मोहन,बागुल वरूण जोशी यश कसार विक्रम ठाकुर काशी राम कोसरे संतोष कोसरे शिवम मंडामें,लकेश्वर साहू,बंटी देशमुख,मोहनीश देशमुख सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रूपेश दुबे ने राजनांदगांव के सांसद संतोष पांडे के देशव्यापी किसान आंदोलन में अर्बन नक्सली शामिल होने की बात पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भारत बंद की सफलता से बौखला कर सांसद ने यह बात कह कर छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्नदाता किसानों का अपमान किया है, जिसके लिए उन्हें खेद व्यक्त कर सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।
प्रवक्ता श्री दुबे ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ की 15 वर्षीय भाजपा शासन काल के कुचक्र में किसान निरंतर पिसते रहे जिसके कारण वे आत्महत्या जैसे कदम उठाने के लिए मजबूर थे तब भी भाजपा सरकार ना तो 21 सौ का समर्थन मूल्य और ना ही 3 साल का बोनस दी थी।
छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार सत्ता में आते ही सबसे पहली घोषणा किसानों का कर्जा माफ और 25 सौ रूपये धान का समर्थन मूल्य देने की घोषणा कर अन्नदाताओं को उनका वाजिब हक दिया है और वर्तमान धान खरीदी में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो इसके लिए पुलिस विभाग द्वारा संचालित 112 की भी सुविधा किसान ले इसकी भी घोषणा मुख्यमंत्री ने कर पुनः एक अभिनव पहल छत्तीसगढ़ ही नहीं देश में की है, जो उनके किसान हितैषी सोच का परिचायक है। सांसद संतोष पांडे ने रिश्वत का बोलबाला की बात करते है तो इसके संबंध में सांसद को अपनी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व बंगारू लक्ष्मण एवं छग प्रदेश में जूदेव एवं स्थानीय में पूर्व सांसद प्रदीप गांधी के लोकसभा में प्रश्न पूछने के नाम पर राशि लेने जैसे प्रकरणों पर चिंतन करें।
किसान या परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु निश्चित ही दुखद घटना होती है, ऐसी घटना के लिए कांग्रेस पार्टी भी अपनी संवेदना दुखी परिवार के प्रति रखती है और प्रकरण के सभी तथ्यों की जांच के लिए प्रशासनिक दल मौके पर पहुंचकर कार्यवाही प्रारंभ कर दी है, ऐसे समय में मौसमी मेंढक की भांति भाजपाई गुटबाजी के चलते अपनी अपनी सुप्त राजनीति को जगाने का असफल प्रयास कर रहे हैं और किसानों की मौत पर राजनीति कर रहे हैं, यहां यह बताना लाजिमी है कि पूरा विश्व कोरोना वायरस से गुजर रहा था, तब राजनांदगांव के सांसद पांडे झूठे श्रेय के चलते अपने 25 लाख के फंड में एक करोड़ देने की गुमराह घोषणा कर महामारी के समय झूठ की बुनियाद पर राजनीति करने का कार्य कर चुके हैं, वो तो जिलाधीश की सजगता थी जो 1 करोड़ की अटपटी घोषणा में मात्र 25 लाख ही स्वीकार कर सत्यता से कार्य किया था। भाजपा को किसानों के आड़ में घड़ियालु आंसू बहाते छत्तीसगढ़ की जन हितैषी कांग्रेस सरकार के खिलाफ बोलने का नैतिक अधिकार ही नहीं है।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / राजगामी सम्पदा न्यास के अध्यक्ष विवेक वासनिक ने कहा कि किसानों के जन आंदोलन को नक्सल माओवादी कह कर सांसद ने अपने पूंजीवादी और असंवेदनशील होने का परिचय दिया है। वासनिक ने कहा कि सर्वप्रथम हम यह जान ले की आज किस जमीनी हकीकत पर पैर जमा कर कांग्रेस काम कर रही है। न्यूनतम समर्थन मूल्य को भूपेश बघेल सरकार ने 2500 रुपये किया, बोनस दिया, बकाया बोनस दिया। नरवा, गरवा, घुरवा, बारी के सफल क्रियान्वयन से गौठान आज केंचुआ खाद बना और बिक्री कर रहे हैं। पौनी पसारी योजना में कारीगरों को दुकान देकर उनकी आय बढ़ाने की योजना बनाई गायी है।
वासनिक ने कहा कि पूंजीवादी समर्थक बीजेपी की इस प्रोपोगंडा की नीति पर चलते हुए सांसद संतोष पांडेय ने मगरमच्छ के आंसू बहाये, जिन किसानों को रमन सरकार ने अपने 15 साल के कार्यकाल में पूछा तक नहीं, बोनस नहीं दिया, अपना 2100 का न्यूनतम मूल्य का वादा पूरा नहीं कर पाये, उस किसान विरोधी बीजेपी के किसान विरोधी मोदी सरकार के सांसद एक किसान की दुखद मृत्यु पर राजनीति खेल कर सहानुभूति बटोरना चाहते हैं। जिन किसानों को कल नक्सली कह कर अपनी असंवेदनशीलता का परिचय दिया, वह किसान की मृत्यु का राजनैतिक लाभ लेना चाह रहे हैं। वे अवगत हो की बीजेपी कार्यकाल में असंवेदनशील हुए प्रशासन और ऐसे अधिकारियों को कांग्रेस बख्शेगी नहीं, कांग्रेस सरकार जनता की, जनता के सम्प्रभुता की प्रतिनिधि है, प्रशासन को जन-सेवक के रूप में पुनस्थपित करना जिसका दायित्व है।
वासनिक ने कहा कि भाजपा की सच्चाई है कि यह बड़े उद्योगपतियों के पैसे से चलती है, इसलिए उद्योगपतियों के विकास के लिए बीजेपी योजना बनाती है और किसानो से मजदूरों से उसका काम लेती है, सस्ते में उनकी मेहनत और उपज को उद्योगपतियों को उपलब्ध कराती है। ताजा उदाहरण है तीन कानूनों में किसानों के हानि और उद्योगपतियों के लाभ के लिए संशोधन करना, आवश्यक वस्तु अधिनियम में ऐसे संशोधन किया, जिसके लाभ से जमाखोर और बड़े उद्योगपति अब करोड़ों टन अनाज अपने गोदाम में भंडार कर ले और बाजार में अनाज की आपूर्ति रोक कर उसके दाम बढ़ा दें। इसमें उद्योगपतियों और जमाखोरों पर मेहरबान होते हुए बीजेपी सरकार ने उद्योगपतियों और जमाखोरों अपने नियंत्रण की शक्ति का स्वयं त्याग कर दिया है। किसानो के विरोधी पूंजीवादियों के पैसे से पोषित बीजेपी के प्रोपोगंडा शाखा का यही कार्य है कि जन आंदोलनों को कभी देशद्रोही, कभी अर्बन नक्सल, कभी खालिस्तानी कह कर जन आंदोलन की मर्यादा को भंग किया जाये।

नड्डा के काफिले पर पत्थर चलने को कथित घटना पर हायतौबा मचा रहीं भाजपा से सवाल
जीरम कांड में कांग्रेसी नेताओं की पूरी पीढ़ी की शहादत के समय यह संवेदना कहां सोयी पड़ी थी?

रायपुर/ शौर्यपथ / भाजपा नेता जगत प्रकाश नड्डा के काफिले पर कथित पथराव से विचलित होकर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल द्वारा संवाददाताओं से चर्चा और मुख्यमंत्री को चेतावनी दिए जाने के घटनाक्रम पर कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि आज जीरम की घटना हम छत्तीसगढ़ वासियों को याद आ रही है, जब 29 लोगों की जाने माओवादी हमले में चली गयी थे। हमला ठीक उसी स्थान पर हुआ था जहां पर भाजपा की रमन सिंह सरकार ने सुरक्षा मुहैया नहीं कराई थी। उस घटनाक्रम में मोदी या भाजपा ने या भाजपा की राज्य सरकार ने कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई थी और ना ही भाजपा की राज्य सरकार की सेहत पर उस दुखद घटना से को कोई फर्क पड़ा था। आज तक झीरम के उस घटनाक्रम की जांच नहीं होने देने में जीरम के घटनाक्रम के बाद बनी भाजपा की केन्द्र सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह सहित भाजपा की पूरी ताकत लगी हुई है। ममता बनर्जी से खतरनाक खेल त्याग देने की बात कहने के लिए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने संवाददाताओं का सहारा लिया और राज्यपाल के पद से जुड़ी तमाम मर्यादायें और सीमाएं तोड़ दी।
भाजपा की केन्द्र सरकार के गृहसचिव पश्चिम बंगाल के प्रमुख सचिव और डीजीपी की पेशी कर रहे है। सारी भाजपा कथित पत्थर बाजी की घटना को लेकर एक महिला ममता बेनर्जी को निशाने में ले रही है। लेकिन भाजपा को इस सवाल का जवाब देना चाहिये कि जीरम कांड में विपक्षी नेताओं की पूरी पीढ़ी की शहादत के समय भाजपा की यह सारी संवेदना कहां सोयी पड़ी थी?
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि हर तरह की हिंसा निंदनीय है, लेकिन केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इसे राज्य प्रायोजित कहकर गंभीर सवाल खड़े कर दिये है। नड्डा के काफिले पर पत्थर चलने को कथित घटना पर हायतौबा मचा रहीं भाजपा और भातपा के केन्द्र सरकार केन्द्रीय गृहमंत्री को और केन्द्र की भाजपा सरकार को यह बताना चाहिये कि यह राजनैतिक बयान है या गृह मंत्रालय की रिपोर्ट है। जीरम के घटनाक्रम में ठीक उसी जगह हमला होना जहां रमन सिंह की सरकार ने बिना पूर्व सूचना के सुरक्षा हटा ली थी, इसे अमित शाह राज्य प्रायोजित हत्याकांड मानते है या नहीं? अब तो यह स्पष्ट हो जाना चाहिये।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने भाजपा से पूछा है कि शहीद नंद कुमार पटेल शहीद विद्याचरण शुक्ल शहीद महेंद्र कर्मा शहीद दिनेश पटेल शहीद योगेंद्र शर्मा शहीद अभिषेक गोलछा शहीद गोपी माधवानी सहित 29 लोगों की जानें चली गई लेकिन तब भाजपा को वह खेल खतरनाक क्यों नहीं लगा था? जगत प्रकाश नड्डा के काफिले पर एक पत्थर चलने की कथित घटना को लेकर पूरी केंद्र सरकार से लेकर केंद्रीय गृह सचिव तक सक्रिय हो गए। यह भाजपा का दोहरा चरित्र है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नए संसद भवन के शिलान्यास के समय लोकतंत्र की महिमा गाई गई। मोदी और भाजपा के दोहरे आचरण के परिपेक्ष्य में मोदी द्वारा लोकतंत्र का महिमा का गान सिर्फ एक ढोंग दिखावा और आडंबर के अलावा और कुछ भी नहीं है।

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