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March 07, 2026
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राजनीति

राजनीति (1192)

रायपुर / शौर्यपथ / संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने भाजपा के आज के असफल रैली को जन आक्रोश नहीं बल्कि ''स्वहित से जुड़ा रैली'' बताया और कहा कि भाजपा जिन मुद्दों को लेकर रैली कर नौटंकी कर रही है, ये सारे मुद्दे उनके खुद के सरकार की है जिसे कांग्रेस की सरकार कार्यवाही पर उतारू है तो भाजपा के नेताओं को पीड़ा होने लगी है। यही वजह है कि अबतक भाजपा के लोग अपने घरों में दुबक कर बैठे हुए थे चाहे कोरोना काल के लॉक-डाउन का समय हो या फिर गरीबों के खान-पान की व्यवस्था हो।
विकास उपाध्याय ने कहा भाजपा बेवजहों के मुद्दों को जनता से जुड़ा बताकर छत्तीसगढ़ की जनता को गुमराह कर रही है। आम जन से जुड़ा मुद्दा तो ये है कि प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्यवाही कौन कर रहा है। बगैर दबाव के छापेमारी की कार्यवाही किसके कहने पर हो रही है। उन्होंने कहा पूरी जनता यह भलीभाँति समझ रही है कि नशे के धंधे को किस सरकार का संरक्षण था। विकास उपाध्याय ने तंज कसते हुए कहा भाजपा के नुक्कड़ सभा में उपस्थित भाजपा नेताओं को बताना चाहिये कि उन्होंने नशे के कारोबार को अपने शासन काल में बन्द कराने कितनी छापेमारी की कार्यवाही की। भाजपा ऐसा करने मजबूर भी थी क्योंकि उन्हीं के नेताओं का पूरे नशा के कारोबार को संरक्षण था।
विकास उपाध्याय ने पाटन क्षेत्र में भाजपा सांसद द्वारा स्वरचित दारू भ_ी का प्रसंग लाकर जो पूरे अपने नेताओं को बुलाकर नौटंकी की गई, उससे साफ जाहिर है कि भाजपाईयों में लूटने की आदत अब तक नहीं गई। जो 15 साल तक लूटते रहे अब शराब को लूटने में भी शर्म महसूस नहीं कर रहे हैं। विकास उपाध्याय ने कहा गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू द्वारा पुलिस प्रशासन को कड़ाई करने से भाजपाईयों की नींद उड़ी हुई है। अपराधिक प्रकरणों में लिप्त भाजपा के कार्यकर्ताओं को थाने से छुड़ाने भ्रष्ट भाजपा नेताओं की हालत पस्त है तो ये नेता हमारी पुलिस को रिश्वत देने की भी कोशिश कर रहे हैं पर बात नहीं बन रही है न ही उनकी सूनी जा रही है। यही वजह है कि गृह मंत्री को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा प्रदेश की जनता सबकुछ देख रही है भाजपाईयों को अब भी सचेत हो जाना चाहिए। उन्हें तो ये बताना चाहिए कि केन्द्र में बैठी उनकी सरकार राज्य के लिए क्या कर रही है। उनके पास कृषि बिल को लेकर कोई जवाब नहीं, उनके पास राज्य के हिस्से का करोड़ों रूपया केन्द्र से नहीं मिल रही है का कोई जवाब नहीं। ऐसे में स्वहित से जुड़े स्वार्थ को प्रतिपूर्ति करने रैली करना कहाँ तक उचित है।

रायपुर/ शौर्यपथ / जिस रमन राज में अधिकारियों, राजनेताओं से लेकर पत्रकारों तक सब दहशत में थे, जिस रमन राज में हर भाजपाई गुंडागर्दी पर उतर आया था, जिस रमन राज में लोगों की प्रताडऩा और अत्याचार आम बात हो गई थी, उसी रमन राज के मुखिया डॉ. रमन सिंह अब भूपेश बघेल की सरकार में गुंडागर्दी ख़त्म करने के नारे लगा रहे हैं। कांग्रेस ने कहा है कि रमन सिंह अपने कार्यकाल के आंकड़े लेकर थोड़ा चिंतन कर लें तो उनका मानसिक तनाव कम हो जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि इतिहास गवाह है कि छत्तीसगढ़ को 15 वर्षों की रमन सरकार का हासिल सिर्फ हत्याएं फर्जी मुठभेड़, घोटाले, बलात्कार, दह्शत और साजिशें रहीं हैं। पूर्व मंत्रियों से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री का परिवार तक तमाम अपराधिक घटनाओं में संलिप्त रहा है। यह कांग्रेस नहीं कहती है अदालतें कहती हैं, दस्तावेज कहते हैं। अफसोस इस बात का है कि जब प्रदेश की जनता सत्तापोषित गुंडागर्दी और वसूलीबाजी से निजात पाकर राहत की सांस ले रही है तो पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह नारा लगा रहे हैं कि भूपेश तेरी गुंडागर्दी नहीं चलेगी। ऐसा कहकर डॉ. रमन सिंह ने न केवल प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का अपमान किया है बल्कि उन लाखों किसानों, युवाओं का भी अपमान कर रहे हैं, जिन्होंने भाजपा के जंगलराज से मुक्ति पाने के लिए कांग्रेस को भारी मतों से विजयी बनाया था। विधानसभा चुनाव में पराजय से मिली चोट गहरी है यह तो हमें पता है। लेकिन अब इस चोट का संक्रमण डॉ. रमन सिंह के मस्तिष्क तक पहुँच गया है इसका अंदाजा हमें नहीं था। नहीं भुला जाना चाहिए कि वह डॉ. रमन सिंह की भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में नंदकुमार साय को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने पर भाजपाइयों की गुंडई का शिकार खुद कई वरिष्ठ भाजपा नेता हुए थे।
स्वर्गीय लखीराम और गौरीशंकर जी की गाडिय़ां फूंक दी गई थी और महेश तिवारी समेत दर्जनों भाजपा नेताओं की जमकर पिटाई की गई थी बताएं रमन सिंह की भाजपा में बैठे गुंडों ने उस वक्त पर्यवेक्षक के तौर पर आये मौजूदा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ क्या किया था? बताएं डॉ. रमन सिंह कि पूर्व विधायक राजू क्षत्री और उनके बेटे ने टीआई के घर तोडफ़ोड़ कर उसको जान से मारने की धमकी दी थी वो गुंडई थी कि नहीं थी? बताएं रमन सिंह कि भाजपा सांसद कमलभान के बेटे देवेंद्रभान ने पत्रकार की पिटाई की थी वो गुंडई थी कि नहीं थी? बताएं रमन सिंह कि पूर्व मंत्री पुन्नुलाल मोहले के भतीजों ने पुलिस पर जानलेवा हमला किया था वो गुंडई थी कि नहीं थी?
रमन सिंह जी आपकी सरकार में तो गुंडागर्दी का शिकार भोले भाले आदिवासी, पत्रकार और किसान सभी हुए मगर आप खामोश थे। आपके विधानसभा क्षेत्र राजनांदगांव में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले मंडल अध्यक्ष ने अपने साथियों के साथ मिलकर अनाज व्यापारी को जमकर पीटा था आज भी उसके घाव भरे नहीं हैं। हम नही भूल सकते कि भारी हार के बाद भाजपा कार्यालय में किस तरह से पत्रकार सुमन पाण्डेय की आपके जिलाध्यक्ष राजीव अग्रवाल और पार्टी के लोगों ने पिटाई की थी। वह आपकी सरकार थी जब पार्टी कार्यकर्ताओं की गुंडई सफल नहीं हो पाती थी आप पुलिस का इस्तेमाल करने लगते थे। तमाम फर्जी मुक़दमे गुंडई नहीं थी तो क्या थी? बिलासपुर में कांग्रेस दफ्तर में घुसकर निहत्थे कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पिटाई की गई वो गुंडई नहीं तो क्या थी? डाक्टर साहब आपको आराम की सख्त जरुरत है।
हमें अच्छी तरह से पता है कि आपकी स्थिति पार्टी में ठीक नहीं है जिस गुंडागर्दी को आपने पार्टी में बढ़ावा दिया वही अब आपके खिलाफ खड़ी है? हमे डर है कि वो आपके खिलाफ भी इस्तेमाल की जा सकती है। आपको सख्त आराम की जरुरत है।

रायपुर / शौर्यपथ / केंद्र सरकार बेटियों की सुरक्षा पर संवेदनहीन और उदासीन हो चुकी है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि ’बेटी बचाओ बेटी पढाओ’ अभियान सिर्फ खोखला नारा साबित हुआ है। सत्ता के लालच मे भारतीय जनता पार्टी बेटी बचाओ का नारा तो दिये लेकिन उसका मान नहीं रख पाये। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के द्वारा रेपिस्टों को संरक्षण देने का कार्य किया जाता है और केंद्र के मुखिया मूकदर्शक बन कर देख रही है। प्रधानमंत्री जी एवं उसके नेतागण एक तरफ तो बेटी बचाओ का नारा देती है जबकि उनके विधायक और सांसद उन घटनाओं में लिप्त होते है तो उसे बचाने झंडा लेकर निकल पडते है।
महिला सुरक्षा के मोर्चे पर केंद्र सरकार पूरी तरह से फेल हो गई। हाथरस कांड से भी योगी सरकार ने कोई सबक नहीं लिया। पालीटेक्निक कॉलेज के हॉस्टल में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना बेहद दुखद है। इससे जाहिर होता है कि भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में जंगलराज कायम है। कानून व्यवस्था की स्थिति लचर है। केन्द्र सरकार भी अनदेखी कर रही है। अपराधियों के हौसले बुलंद हो गये है। केन्द्र सरकार एवं योगी सरकार हर मोर्चे पर फेल हो चुकी है। पालीटेक्निक में सामूहिक दुष्कर्म एवं हाथरस की घटना सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का पोल खोल रही है।

रायपुर / शौर्यपथ / कांग्रेस संचार विभाग के सदस्य संदीप साहू ने कहा है कि रमन सिंह के बयान से जाहिर होता है कि वे पिछड़े वर्ग से आने वाले एक सामान्य परिवार के किसान पुत्र मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के सफलतापूर्ण नेतृत्व को पचा नहीं पा रहे हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद भूपेश बघेल जी जिस प्रकार से छत्तीसगढ़ के अस्मिता, संस्कृति, संस्कार एवं छत्तीसगढ़ियावाद के लिए कार्य कर रहे हैं, इससे रमन सिंह को अपने पार्टी की हमेशा के लिए जनाधार खत्म होने का डर सता रहा है। रमन रूपी रावण ने जिस प्रकार 15 वर्षों से सामंतवादी सरकार चलाया। अब उसकी साम्राज्य पूरी तरह से ढहने का समय आ गया है और बौखलाहट में वह इस प्रकार बयान दे रहे हैं जो उनके पूर्णतः निराशावादी सोच को दर्शाता है। आज भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ चहुंमुखी विकास कर रहा है और अपने सभ्यता, संस्कृति, अस्मिता और पहचान को लेकर आगे बढ़ रहा है और पूरे देश के अग्रिम पंक्ति के राज्य में खड़ा है। साथ ही भूपेश बघेल जी पूरे भारतवर्ष में सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पहचान बनाए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की इस सफलता से चिढ़कर रमन के अंदर का रावण जाग चुका है और इस तरह के बयानबाजी कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की जनता इसे भलीभांति समझती है और आने वाले समय में इसे पूर्ण रूप से नकार कर जवाब देने को तैयार हैं।

रायपुर / शौर्यपथ / जेल में बंद शराब लुटेरे को छुड़ाने सांसद विजय बघेल के धरना पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार की 20 महीने के जनकल्याणकारी कार्यकाल के बाद मुद्दाविहीन हो चुके पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक पूर्व मंत्री एवं विधायक ब्रिजमोहन अग्रवाल राज्य में लचर कानून व्यवस्था का आरोप लगाते है। वही दूसरी ओर भाजपा के दुर्ग सांसद विजय बघेल जेल में बंद शराब लुटेरे को छुड़ाने धरना देते है जिसे भाजपा के रायपुर सांसद सुनील सोनी और कांकेर सांसद मोहन मंडावी समर्थन देते है। छत्तीसगढ़ के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि भाजपा सांसद नेता कार्यकर्ता अपराधियों के पक्ष में धरना दे रहे हैं।अब तक यूपी बिहार मध्य प्रदेश हरियाणा गुजरात में देखा गया है कि भाजपा के नेता अपराधियों को बचाने के लिए आंदोलन करते हैं धरना देते हैं प्रदर्शन करते हैं पीड़िता को डराते धमकाते हैं वही चरित्र अब छत्तीसगढ़ की जनता को भाजपा सांसद नेताओ में भी देखने को मिल रहा है ।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पाटन क्षेत्र में हुई शराब दुकान में लूट के मामले में जेल में बंद लुटेरो को माननीय न्यायालय ने जमानत नहीं दिया। भाजपा सांसद विजय बघेल लुटेरों को जमानत नहीं मिलने के बाद धरना देकर न्यायालय के फैसले पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे है न्यायलय के फैसले का विरोध कर रहे है न्यायालय का अवमानना किया है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के 9 भाजपा सांसद 9 हाल के हैं कद्रीय मंत्री एवं सांसद रेणुका सिंह जी ने कोरोना संकटकाल में जनता की सेवा कर रहे अधिकारियों को अंधेरी कोठरी में बंद कर पीटने की धमकी दिए थे रायपुर सांसद सुनील सोनी एम्स में इलाज करा रहे एक विशेष वर्ग के युवा के व्यवहार को लेकर झूठे मनगढ़ंत आरोप लगाए थे जिसका एम्स ने खंडन किया था कांकेर के सांसद मोहन मंडावी ने तो हाथरस में हुई रेप की घटना को फेंक करार दिया वहीं भाजपा के दुर्ग सांसद विजय बघेल लुटेरे को बचाने के लिए धरना देते हैं भाजपा सांसदों का रवैया हमेशा से छत्तीसगढ़ विरोधी रहा है भाजपा के सांसद कभी भी मोदी सरकार के किसान विरोधी मजदूर विरोधी कृत्यों का विरोध नहीं किए केंद्र सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ के साथ निरंतर बरत रहे भेदभाव अन्याय पर मौन रहे छत्तीसगढ़ के किसानों मजदूरों युवाओं के हित को लेकर कभी केंद्र सरकार के पास बात नहीं रखें ।अपराधी को बचाने भाजपा सांसदों के धरना से इनका वास्तविक चरित्र को जनता के बीच उजागर हुआ है भाजपा के सांसदों के इस रवैए से भाजपा के अपराधियों के प्रति नरम रवैया भी स्पष्ट हो गया है और भाजपा में इसी कारण अपराधियों का बोलबाला है।

रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि मोदी करोना महामारी के सामने तो विफल हुए ही, देश की अर्थव्यवस्था का भी बंटाधार कर दिया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी जो बहुत सीना चौड़ा करके कोरोना से लड़ने की बात करते थे, वह इस महामारी के सामने तो पूरी तरह से विफल हुए ही हैं, उन्होंने अर्थव्यवस्था का भी बँटाधार कर दिया है।
कोरोनावायरस संक्रमण के मामलों में ना सिर्फ भारत विश्व के दूसरे स्थान पर है पर इसका प्रबंधन विचलित करने वाला है। आज देश में लगभग 74 लाख संक्रमण के मामले हैं और क़रीब 1,12,000 से ऊपर मौतें हो चुकी हैं। मोदी सरकार ने लगातार कोरोना के आंकड़ों को लेकर भ्रमित करने का काम किया है सच तो यह है कि भारत में मृत्यु की दर पडोसी देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसे देशों से दुगनी है और श्रीलंका जैसे हमारे पड़ोसी देश के मुकाबले आठ गुना है और इसका हमारी जनसंख्या से कोई लेना देना नहीं है. किस मुँह से यह सरकार effective Corona प्रबंधन की बात करती है?
प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि पिछले कुछ दिनों में बड़े ही परेशान करने वाले आर्थिक आंकड़े सामने आए हैं. IMF ने कहा है कि भारत में इस वित्तीय वर्ष में आर्थिक वृद्धि की अनुमानित दर में लगभग 10.3 प्रतिशत संकुचन होगा, जो कि IMF के पहली अनुमानित 4.5 प्रतिशत संकुचन से बहुत अधिक है. IMF के आँकड़ों के मुताबिक़ भारत विश्व की सबसे तेज़ी से गिरने वाली अर्थव्यवस्था होगी।

Change in Real GDP Growth in 2020(IMF)
India -10.3
UK -9.8
France -9.8
S.Africa -8
Germany -6
Brazil -5.8
USA -4.3
Australia -4.2
Russia -4.1
Indonesia -1.5
China +1.9

प्र देश कांग्रेस संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि जिस बांग्लादेश को अमित शाह दीमक कहते नहीं थकते थे, उस देश ने आज हमें ही आर्थिक मामलों में पछाड़ दिया है। यह सच है कि बांग्लादेश का Per Capita GDP मतलब प्रति व्यक्ति आय आज भारत से आगे है. इसका मोटा-मोटा मतलब यह है कि एक आम बांग्लादेशी आज एक आम भारतवासी से ज्यादा संपन्न है. बांग्लादेश का Per Capita GDP $1888 है जबकि भारत का $1876 है। मुद्दे की बात तो यह है कि मात्र पाँच साल पहले भारत का यही आँकड़ा बांग्लादेश से लगभग 25 प्रतिशत अधिक होता था।


हैरानी वाली बात तो यह है कि बजाए सारा ध्यान केंद्रित करके अर्थव्यवस्था को संभाला जाए, मोदी सरकार झूठ और भ्रांतियां फैलाने पर तुल गई है और मुद्दे पर पर्दा डालने की विफल कोशिश में उलझी हुई है। सरकारके तमाम प्रवक्ता, पार्टी के शीर्ष नेता, पूरी की पूरी सोशल मीडिया आर्मी और तथाकथित पीएमओ के सूत्र अब यह कह रहे हैं कि Per Capita GDP भले बांग्लादेश का हम से अधिक हो लेकिन Purchasing Power Parity में भारत बांग्लादेश से आगे है। इससे बड़ी विडंबना इससे बड़ी विडंबना दूसरी क्या होगी किस तरह का दुष्प्रचार करके ध्यान बांटा जा रहा है क्योंकि Purchasing Power Parity किसी भी देश की मुद्रा की असली कीमत होती है और वह भी विकसितदेश की मुद्रा जैसे कि यूरो या डॉलर के मुकाबले।

जबकि Per Capita GDP ही वाकई में किसी भी देश के लोगों की समृद्धि उनकी संपन्नता का वास्तविक मानक होता है। Per Capita GDP का मतलब होता है कि कोई भी व्यक्ति अपने ही देश में अपनी मुद्रा से क्या और कितना खरीद सकता है और इससे उस देश में उसकी संपन्नता का अंदाजा लगाया जा सकता है।अब भारत अपने पड़ोसी देशों के मुकाबले चौथे स्थान पर आ गया है आम लोगों की संपन्नता के मामले में शीर्ष स्थान पर श्रीलंका फिर मालदीव, बांग्लादेश और अब चौथे स्थान पर भारत है। पर मोदी सरकार सिर्फ जबानी जमा खर्च दुष्प्रचार व्हाट्सएप के माध्यम से गलत सूचना और इसी तरह के काम करने में मशगूल है जबकि उनका सारा का सारा ध्यान इस समय अर्थव्यवस्था को बचाने और नौकरियां उत्पन्न करने पर होना चाहिए। सच तो यह है कि तथाकथित दीमक ने हर तरफ से ध्यान हटाकर अपना ध्यान अपनी अर्थव्यवस्था पर केंद्रित किया और मोदी सरकार ने सुर्खियां बटोरने, अपने बारे में धारणा बनाने में ही बीता जा रहा है।

एक जमाना था जब बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था हम पर निर्भर थी पर आज जरूरत है कि हम इस छोटे से देश से कुछ महत्वपूर्ण सबक सीखें। कुछ आंकड़े आपके सामने जरूर रखना चाहते हैं बांग्लादेश का बेरोजगारी का दर मात्र 4.5 प्रतिशत है, वह सबसे तेजी से आर्थिक विकास करने वाले 7 देशों में लगातार बना हुआ है, और गौरतलब बात यह है कि बांग्लादेश का जो गारमेंट एक्सपोर्ट है मतलब कपड़े का निर्यात है वह करीब 32 बिलियन डॉलर है जो कि हमारे कपड़े के निर्यात से लगभग चार गुना है। विडंबना यह भी है कि जब अमेरिका और चीन की ट्रेड वॉर चल रही थी तब बांग्लादेश वियतनाम और मेक्सिको जैसे देशों ने उसका बड़ा लाभ उठाया और हमारी सरकार ने अपनी विफलताओं, गलत नीतियों के चलते निर्यात क्षेत्र को कुंठित करके रख दिया, हम उस व्यापार युद्ध का एक तिनका लाभ भी नहीं उठा पाए।

इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि सरकार की विफल नीतियां और आर्थिक मंदी से जूझने के लिए कोई व्यापक रणनीति नहीं है। आज भी मोदी सरकार यह नहीं समझ रही है कि हमारी अर्थव्यवस्था को सुचारू रूप से पटरी पर लाने के लिए सबसे पहले उपभोग बढ़ाना पड़ेगा और वह एलटीसी वाउचर से नहीं बढ़ेगा वह बढ़ेगा जब आप गरीबों के हाथ में पैसा रखेंगे। डायरेक्ट कैश ट्रांसफर के अलावा आज कोई और उपाय सरकार के पास नहीं है लेकिन सरकार यह नहीं कर रही है। आज जरूरत है की मांग बढ़ाई जाए, पर उसको छोड़ कर बाकी सब कुछ करने के लिए तैयार है सरकार। और सबसे जरूरी बात तो यह है की मांग के ना होने के बावजूद आज महंगाई निरंतर बढ़ती जा रही है।

अभी ध्वस्त अर्थव्यवस्था से लोग जूझ ही रहे थे कि अब महंगाई भी लोगों की कमर तोड़ रही है। सितंबर महीने का रिटेल इन्फ्लेशन 7.43 प्रतिशत पर RBI के टारगेट से तो बहुत ऊंचा है ही पर दिक्कत की बात यह है कि यह बढ़त खाने की सामग्री के दामों में जबरदस्त उछाल के कारण आई है। सब्जियों के दाम में लगभग 21 प्रतिशत उछाल हुई है और दाल के दाम लगभग 15 प्रतिशत महंगे हुए हैं। इसके बारे में सरकार की कौन सी नीति है और जो सरकार बिचौलियों को खत्म करने की बात करती है, वह हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठी है क्योंकि लोगों ने ना सिर्फ नौकरी खोई ही हैं, ना सिर्फ उनका वेतन काम हुआ है पर अब दैनिक जीवन की चीजें भी महंगी होती जा रही हैं, पर मोदी सरकार की सेहत पर इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता है।

मोदी सरकार की तानाशाही और सौतेले व्यवहार के आगे अपना मुंह नही खोल पा रहे है भाजपा के नौ सांसद
मुँह में दही जमा कर बैठे है भाजपा सांसदो की हरकत से प्रदेश की जनता आहत है, दुःखी है
केंद्रीय ग्रामीण स्वामित्व योजना में छत्तीसगढ़ राज्य को शामिल नहीं किया गया है जबकि पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश सहित हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश को शामिल किया गया है
किसान सम्मान निधि का लाभ छत्तीसगढ़ राज्य को मोदी सरकार विवरण नहीं दिया जा रहा है राज्य में 34 लाख किसानों की सूची भेजी गई थी और मोदी सरकार द्वारा 18 लाख को शामिल नहीं किया गया
वन नेशन वन राशन कार्ड के दूसरे चरण में छत्तीसगढ़ राज्य को शामिल नहीं करना मोदी सरकार का सौतेला व्यवहार है

रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लगातार प्रदेश की उपेक्षा की जा रही है और छत्तीसगढ़ राज्य को अपमानित किया जा रहा है। कोरोना कोविड-19 महामारी के कठिन समय में पूरा देश और प्रदेश आर्थिक तंगी से जूझ रहा है और विषम परिस्थितियों को भी नजरअंदाज करते हुए मोदी सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य को उपेक्षित रखा जा रहा है और सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा कोरोना महामारी से निपटने, प्रदेश को विकास की पटरी में लाने और आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए 30 हजार करोड़ की मांग प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर की गई थी, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा राशि देना तो दूर छत्तीसगढ़ राज्य का हक का पैसा भी नही दिया जा रहा है। राजनीतिक प्रतिशोध के कारण यह व्यवहार किया जा रहा है।

कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार की चौथी बड़ी योजना केंद्रीय ग्रामीण स्वामित्व योजना में छत्तीसगढ़ राज्य को शामिल नहीं किया गया है जबकि पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश सहित हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश को शामिल किया गया है। यह छत्तीसगढ़ राज्य की उपेक्षा का सीधा जागता उदाहरण है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में भी छत्तीसगढ़ राज्य की उपेक्षा की गई जबकि कोरोना महामारी के समय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अथक मेहनत और प्रयासों के बाद पांच लाख से अधिक श्रमिक छत्तीसगढ़ राज्य में वापस लौटे। किसान सम्मान निधि योजना का लाभ भी छत्तीसगढ़ राज्य को नहीं दिया जा रहा है राज्य के द्वारा 34 लाख किसानों की सूची केंद्र को भेजी गई थी जिसमें 18 लाख किसानों को शामिल नही किया गया। अन्य योजनाओं और टैक्स से लेकर अनुदान तक देने में भेदभाव किया जा रहा है। टैक्स के शेयर के रूप में प्रदेश को 26 हजार करोड़ मिलने थे और मोदी सरकार द्वारा मात्र 10 हजार करोड़ ही प्रदान किया गया है। जीएसटी की क्षतिपूर्ति में भी छत्तीसगढ़ राज्य की अनदेखी की गई है, राज्य को 9 हजार करोड़ रुपए मिलने से लेकिन इस वर्ष मात्र 350 करोड़ ही जारी किए गए हैं। जबकि कोरोना महामारी के समय जीएसटी संकलन में छत्तीसगढ़ राज्य पूरे देश में दूसरे स्थान पर रहा है।

प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि आदिवासियों के नाम पर घड़ियाली आंसू रोने वाले भारतीय जनता पार्टी के द्वारा प्रदेश में बांटे जाने वाले वन अधिकार पट्टा बांटने की योजना में भी छत्तीसगढ़ राज्य की उपेक्षा की गई है और भाजपा शासित राज्यों को तवज्जो दिया गया है। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के साथ किए जा रहे हैं सौतेले व्यवहार पर भाजपा के प्रदेश के 9 सांसद चुप्पी साध रखे हैं उनके मुंह पर दही जमा हुआ है। जबकि छत्तीसगढ़ राज्य की जनता ने 11 में से 9 सांसदों को जीता कर इसलिए भेजा था ताकि वह केंद्र सरकार से प्रदेश के हित के लिए और उन्नति के लिए अथक प्रयास करेंगे। जबकि हो और इसका उल्टा रहा है छत्तीसगढ़ राज्य की जनता भाजपा सांसदों से यह पूछ रही है कि लगातार छत्तीसगढ़ राज्य की सुरक्षा पर वह खामोश क्यों है और मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ वह आवाज बुलंद क्यों नहीं कर रहे हैं? कोरोना महामारी के कारण प्रदेश को आर्थिक नुकसान पहुंच रहा है वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार के तानाशाही के कारण प्रदेश के हक को भी मारा जा रहा है।

रायपुर / शौर्यपथ / केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री संजीव बालियान की रायपुर में हुई प्रेस वार्ता में कही गयी बातों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि आखिरकार कांग्रेस के आरोप और किसानों की आशंकायें सच साबित हुईं। मोदी सरकार के तीनों कृषि कानूनों में एमएसपी में उपज खरीदने की अनिवार्यता का उल्लेख नहीं है और यह बिल किसान मजदूर विरोधी है।

उन्होंने कहा है कि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री संजीव बालियान ने स्वीकार किया है कि इन क़ानूनों से उद्योगपति और व्यापारियों को छूट मिलेगी। ये उद्योगपति कौन हैं, यह सारा देश बखूबी समझ रहा है। एमएसपी के संदर्भ में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हर कानून में हर बात नहीं लिखी जा सकती। इससे स्पष्ट है कि नए कृषि बिल चंद बड़े पूंजीपतियों को किसानों को अपनी फसल औने-पौने दाम में बेचने के लिये मजबूर करने का लाइसेंस है। किसानों के साथ कांट्रेक्ट फार्मिंग कर पूँजीपति किसानों को पांच साल के लिए गुलाम बनायेंगें।चंद बड़े व्यापारियों की अपनी मर्जी की कीमत में किसान की फसल लेंगे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री संजीव बालियान ने किसानों की फसल के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी कर अन्नदाताओं का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि कोलकाता का जूता चप्पल देश भर में बिक सकता है तो किसानों की फसल क्यों नहीं? उन्होंने कहा है कि केंद्रीय मंत्री को इस प्रकार के उदाहरण देने से बचना चाहिए। जूता चप्पल के साथ किसानों की फसल की तुलना नहीं की जा सकती। भाजपा शासनकाल में बीएसएनएल की जो हालात खराब हुई है उसके लिए भाजपा सरकार के निजीकरण की नीतियां जिम्मेदार है ठीक उसी तरह अब मोदी सरकार कृषि क्षेत्र का निजीकरण कर किसानों की भी हालात को बीएसएनएल की तरह करना चाहती हैं। यह केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान के द्वारा दिये गये उदाहरण से स्पष्ट हो गया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री संजीव बालियान किसान विरोधी तीन काले कानून को सही ठहराने के लिए कांग्रेस के 2019 के घोषणा पत्र को आधार बना रहे तो केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री संजीव बालियान को कांग्रेस के घोषणा पत्र के आधार पर कृषि बिल को तैयार करना था कांग्रेस के घोषणा पत्र में किसानों को सब्सिडी में खाद बीज डीजल दवाइयां के साथ किसानों के लिए प्रत्येक ब्लाक में आधुनिक गोदाम, कोल्ड स्टोरेज,खाद्य प्रसंस्करण की स्थापना,किसानों के घर के नजदीक सर्वसुविधायुक्त बाजार जिसमे किसानों को फसल बेचने में सहजता हो समर्थन मूल्य मिले, सहित अनेक किसान हितैषी योजना शामिल है उसे लागू कर दे।

रायपुर / शौर्यपथ / नगरनार स्टील प्लांट को एनएमडीसी से अलग करने और बेचने की तैयारी करने के फ़ैसले को कांग्रेस ने बस्तर और छत्तीसगढ़ की जनता के साथ छल करार दिया है। इस फ़ैसले पर कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस के संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि यह छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक क्षेत्र की संपत्तियों पर बालकों के बाद एक और खुली डकैती की घटना है और इसका जवाब जनता देगी।
उन्होंने कहा है कि नगरनार स्टील प्लांट के लिए जमीन देने वाले भूमि विस्थापितों के अलावा बस्तर की जनता के तमाम सपने केंद्र सरकार के इस फैसले से चकनाचूर हो गए। नगरनार प्लांट के निजीकरण से छत्तीसगढ़ के और खासकर बस्तर के अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग और गरीब लोगों की नौकरी पाने की उम्मीदों को धक्का लगा है। अभी छत्तीसगढ़ के लोग बालकों को बेचने को भूले नहीं है जब बालकों को एनडीए की सरकार ने 500 करोड़ रुपए में निजी हाथों में सौंप दिया गया था। जबकि बालकों के अंदर उपलब्ध स्क्रैप का मूल्य ही इससे कहीं ज्यादा था। नगरनार के निजीकरण से बस्तर और छत्तीसगढ़ के विकास का केंद्र सरकार का वादा ख़त्म हो जाएगा। नगरनार स्टील प्लांट अब निजी हाथों में जाकर किसी उद्योगपति के लिए लाभ कमाने की संस्था बनेगा।
अब छत्तीसगढ़ से संसद में चुनकर गए सांसदों और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह को बताना चाहिए कि वे केंद्र में बैठी भाजपा सरकार के इस फ़ैसले पर क्या सोचते हैं? क्या वे बस्तर की जनता के साथ खड़े होकर नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण का विरोध करेंगे? या फिर नरेंद्र मोदी जी के डर से चुप्पी साधे बैठे रह जाएंगे? छत्तीसगढ़ की जनता प्रदेश के भाजपा नेताओं की चुप्पी को देख रही है और इसका मतलब भी समझ रही है।

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