August 26, 2026
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    राजनीति

    राजनीति (1230)

    राहुल गांधी के नेतृत्व वाली भारत जोड़ो न्याय यात्रा जनहित के लिये मील का पत्थर साबित होगी
    राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के समय पर शंकराचार्य ही सवाल उठा रहे है
    भाजपा राम मंदिर के मुद्दे को चुनाव में लाभ लेना चाहती है
    कांग्रेस पार्टी के लिये राम मंदिर आस्था का विषय है, राजनीति का नहीं-दीपक बैज

       रायपुर/ शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा की सफलता के पश्चात, भारत जोड़ो न्याय यात्रा की शुरूआत हुई जिसे अपार जनसमर्थन मिल रहा है। छत्तीसगढ़ से हम सभी इस यात्रा में शामिल हुये और राहुल गाँधी के अगुवाई में यात्रा प्रारंभ हुई जिसने देशभर के कांग्रेस नेता और हज़ारो आम नागरिक जन मौजूद रहे। मणिपुर के इम्फ़ाल से लेकर मुंबई तक 6700 किमी गुजरेगी, 20 मार्च को समापन होगा और ऐतिहासिक जनसमर्थन मिल रहा है। निश्चित रूप से हमारे नेता राहुल गांधी की इस यात्रा से देश में नया बदलाव होगा एक नया संदेश जायेगा।
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा का प्रभाव देश के गरीब, युवा, माता-बहनो को न्याय दिलाने की यात्रा है। हमारे नेता राहुल गांधी पहुंचेगे और उन सब की भावनाओ सुनेंगे और उनसे चर्चा करेंगे। आगामी लोकसभा चुनाव में न्याय का एजेंडा बनाकर जनता के बीच चुनाव में जायेंगे। भारत जोड़ो न्याय यात्रा को मणिपुर में ऐतिहासिक जनसमर्थन मिल रहा है।
        प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि राम मंदिर में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा का आदि गुरु शंकराचार्य भी विरोध कर रहे है, उनका कहना है कि राम मंदिर का निर्माण अधूरा है, पूर्ण मंदिर निर्माण में अभी काफ़ी समय है फिर इतनी जल्दबाजी क्यो की जा रही रही है? मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का उचित समय रामनवमी है तो इसी दिन ही होना चाहिये। भाजपा इसे चुनावी मुद्दा बनाना चाहती है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रोजगार के मुद्दे पर, महंगाई के मुद्दे पर, देश की सुरक्षा के मुद्दे पर, बहुत सारे मुद्दे को लेकर चुनाव में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे है इसलिये राम मंदिर के नाम से प्रोपोगंडा कर देश की जनता के भावनाओं से खेल कर चुनाव लड़ना चाहते है। कांग्रेस पार्टी के लिये राम मंदिर चुनाव का मुद्दा नहीं आस्था का विषय है। देश की जनता को आज महंगाई, बेरोजगारी और अन्य मुद्दो से जूझ रही है, इस पर भाजपा और मोदी सरकार मौन है। भारत जोड़ो न्याय यात्रा जो राहुल गाँधी के अगुवाई में जनता के हितो के लिये जनता के बीच निकली जिसका उद्देश जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है इसलिये यह यात्रा सफल और ऐतिहासिक होगी।

    रायपुर/ शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज आज मणिपुर राज्य की राजधानी इंफ़ाल रवाना हुये। कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी के नेतृत्व में भारत जोड़ो न्याय यात्रा का आरंभ कल इंफ़ाल से होगा और यात्रा की समाप्ति मार्च महीने में महाराष्ट्र राजधानी मुंबई में होगी। यात्रा कुल 100 लोकसभा के 337 विधानसभा क्षेत्रों और 110 जिलों से होकर गुजरेगी। यात्रा कुल 6713 किमी कि सफ़र तय करेगी। न्याय यात्रा का नारा- “न्याय का हक़ मिलते तक”है
      प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि देश की आवाज़ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू होगी और उस मणिपुर से शुरू होगी जो महीनों से जल रहा है, सैकड़ों निर्दोष लोगो की हत्यायें हुई है, वहाँ शांति व्यवस्था बनाने की जगह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समुद्र में गोताखोरी करते हुये फोटोशूट करवाने में व्यस्त है। देश में युवा बेरोज़गार है, किसान परेशान है, महिलायें महंगाई की मार से दुःखी है, दलित और आदिवासी वर्ग अपने हक़ से वंचित है और मोदी सरकार केवल अपने दो उद्योगपति मित्रों का ही भला कर रही है। राहुल गाँधी के नेतृत्व में भारत जोड़ो न्याय यात्रा से देश की एकता और अखंडता और भी मज़बूत होगी जिसे भाजपा तोड़ने में लगी हुई है। हमारा सौभाग्य है कि हम सब इस महान यात्रा में छत्तीसगढ़ से शामिल होने जा रहे है।

    दुर्ग। शौर्यपथ । छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव हारने के बाद कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व में प्रदेश संगठन में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं सबसे बड़ा बदलाव प्रदेश प्रभारी के रूप में सचिन पायलट की नियुक्ति को माना जा रहा है सचिन पायलट की नियुक्ति के बाद जहां प्रदेश कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा के संचार होने की उम्मीद की जा रही है वहीं आज भी प्रदेश के ऐसे कई जिला संगठन है जो निष्क्रियता की पूरी सीमा पार कर चुके हैं बावजूद इसके जिला स्तर के संगठन में किसी भी तरह का कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा है।

        प्रदेश संगठन में चाहे कितना भी बदलाव हो परंतु जब तक जिला संगठन में व्यापक बदलाव नहीं होगा जमीनी कार्यकर्ताओं के उत्साह में किसी प्रकार की कोई नई ऊर्जा का संचार हो यह संभव नजर नहीं आता अभी हाल ही में प्रदेश में नए प्रभारी सचिन पायलट के प्रथम आगमन पर दुर्ग शहर के पूर्व विधायक अरुण वोरा ने खुशी जाहिर की और कहा कि प्रदेश संगठन में सचिन पायलट के प्रभारी बनने से नई ऊर्जा का संचार होगा ।

        परंतु वही अगर दुर्गा कांग्रेस की बात करें तो दुर्ग कांग्रेस के संगठन में पिछले कई सालों से किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं हुआ है कहने को तो यहां पर कार्यकर्ताओं की फौज सैकड़ो से भी ज्यादा है परंतु जमीनी कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर ऐसे कई पदाधिकारी को अभी भी पद में रखा गया है जिनकी निष्क्रियता पूर्व विधायक वोरा की हार  का सबसे बड़ा कारण बनी।  दुर्ग कांग्रेस संगठन की निष्क्रियता के कारण जमीनी कार्यकर्ताओं के मन में कई तरह के सवाल सामने आ रहे हैं जब प्रदेश स्तर पर बड़े-बड़े बदलाव रहे हैं तो दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र में इतनी बड़ी हार होने के बावजूद भी प्रदेश संगठन द्वारा दुर्ग कांग्रेस संगठन में किसी भी तरह का कोई बदलाव न होना कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के मनोबल को गिराने का ही कार्य कर रहा है वही दुर्ग शहर के पूर्व विधायक अरुण वोरा भी प्रदेश संगठन के बदलाव से तो प्रसन्न है परंतु दुर्ग शहर कांग्रेस के बदलाव के बारे में कभी कोई विचार किया हो ऐसा प्रतीत नहीं हो रहा ऐसे में दुर्ग कांग्रेसी कार्यकर्ता जिन्होंने अपना जीवन कांग्रेस के लिए समर्पित कर दिया एक बार फिर उनके जेहन में निराश नजर आ रही है और यह निराशा अगर जल्द ही दूर नहीं हुई तो आने वाले लोकसभा चुनाव में दुर्ग शहर से कांग्रेस का सुपड़ा साफ हो जाएगा एवं कुछ महीनो बाद होने वाले नगरी निकाय चुनाव में भी निष्क्रिय संगठन का पतन निश्चित नजर आ रहा है ।

       अब देखना यह है कि प्रदेश के नए प्रभारी सचिन पायलट सिर्फ रायपुर ही दौरा करते हैं या फिर प्रदेश के कई जिला स्तरीय संगठनों की कार्यप्रणाली पर भी बारीक नजर रख जरूरी बदलाव करते हैं । 

    लेख: कांग्रेसी कार्यकर्ताओ से चर्चा के आधार पर....

    3100 रू. प्रति क्विंटल धान का भुगतान कब होगा, 2 लाख तक के किसानों की कर्जमाफी कब?
    रायपुर/शौर्यपथ / उपमुख्यमंत्री अरूण साव के द्वारा राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किश्त के भुगतान के संबंध में दिये गये बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह किसानों का अधिकार है इसका भुगतान तत्काल किया जाना चाहिये। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीन किस्तों का भुगतान किया जा चुका है और चौथे किस्त के भुगतान का प्रावधान बजट में किया गया है लेकिन भाजपा नेताओं द्वारा दुर्भावनापूर्वक जनकल्याणकारी योजनाएं, साल खत्म होने से पूर्व ही बंद करने का षड़यंत्र रच रहे हैं। भाजपा नेता यह स्पष्ट करें कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किस्त छत्तीसगढ़ के किसानों को कब मिलेंगी, या उसे भी हड़पने की मंशा है?
       प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि मोदी की गारंटी के नाम पर 3100 रुपया प्रति क्विंटल एक मुश्त देने का वादा करके सत्ता में बैठे भाजपा के नेता यह बताएं कि एमएसपी और 3100 रूपए के अंतर की राशि छत्तीसगढ़ की किसानों को कब मिलेगी? किसानों के द्वारा लिया गया कर्ज लिंकिंग के माध्यम से शत-प्रतिशत वसूला जा रहा है, लेकिन किसानों को भुगतान केवल 2183 रुपए प्रति क्विंटल की दर से ही हो रहा है। आखिर किसानों के हक और अधिकारों पर कब तक डकैती डालते रहेंगे भाजपाई?
      प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि आदतन किसान विरोधी भाजपाई चुनाव जीतते ही वादाखिलाफी पर उतर आए हैं। डिप्टी सीएम विजय शर्मा सहित भाजपा के तमाम प्रत्याशी चुनाव प्रचार के दौरान छत्तीसगढ़ के सभी किसानों का 2 लाख तक का कर्ज माफ करने का वादा करते दिखे लेकिन सरकार बनते ही भाजपा नेताओं ने यू टर्न ले लिया। धान और किसान का विषय भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के लिए केवल चुनावी है, चुनाव खत्म मुद्दा खत्म। आदतन वादाखिलाफी करने वाले भाजपाई अब छत्तीसगढ़ के किसानों के प्रति अपने दायित्व से भाग रहे हैं। 100 दिन में महंगाई कम करने के वायदे, 2 करोड़ रोजगार हर साल, 2022 तक किसानों की आय दुगनी करने, स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश लागू करने के वादे और सभी के बैंक खातों में 15-15 लाख़ के समान ही छत्तीसगढ़ में मोदी की गारंटी का हश्र जुमला साबित होते हुआ दिख रहा है।

    रायपुर/ शौर्यपथ / अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं नव-नियुक्त छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट की उपस्थिति में 11 जनवरी 2024 को दोपहर 3 बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, राजीव भवन, रायपुर में प्रदेश कार्यकारिणी (कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महामंत्री, कार्य. सदस्य, संयुक्त महामंत्री एवं सचिव), समस्त एआईसीसी सदस्यगण, समस्त विधायक, प्रत्याशीगण, जिला, शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सहित मोर्चा, संगठन, प्रकोष्ठ विभाग के प्रदेश अध्यक्षों की अतिआवश्यक महत्वपूर्ण बैठक रखा गया है। जिसमें प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेतागण विशेषरूप से उपस्थित रहेंगे। बैठक में भारत जोड़ो न्याय यात्रा की तैयारी, आसन्न लोकसभा चुनाव पर चर्चा की जायेगी।

      दुर्ग / शौर्यपथ /

       छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार के समय दुर्ग जिला व्हीआईपी जिला के रूप में जाना जाता था दुर्ग जिले से पांच-पांच मंत्री का गृह निवास होने के बावजूद भी दुर्ग जिला संगठन किस कदर कमजोर था इसका आकलन इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुर्ग जिला कांग्रेस में सिर्फ भिलाई नगर और पाटन विधानसभा क्षेत्र में ही कांग्रेस ने जीत दर्ज की वही दुर्ग ग्रामीण ,दुर्ग शहर ,अहिवारा एवं वैशाली नगर में कांग्रेस को बड़ी हार का सामना करना पड़ा . दुर्ग जिला कांग्रेस और दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस में कांग्रेस प्रमुख के पद पर गया पटेल निर्मल कोसरे एवं मुकेश चंद्राकर आसीन है .
     परंतु अगर दुर्ग शहर की बात करें तो दुर्ग शहर में 50 सालों से दुर्ग कांग्रेस पर राज कर रहे वोरा परिवार से ही एक बार फिर अरुण वोरा को चुनावी मैदान में संगठन ने उतारा था .  शुरू से ही दुर्ग शहर कांग्रेस संगठन में गया पटेल की निष्क्रियता का आरोप कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता ही लगा रहे थे वही गया पटेल द्वारा एक पक्षीय कार्यवाही और संगठन की निष्क्रियता के लगातार आरोप लगने के बावजूद भी प्रदेश संगठन ने दुर्ग कांग्रेस में कोई बदलाव नहीं किया नतीजा यह रहा की दुर्ग कांग्रेस के कार्यकर्ता कहीं परदे के पीछे तो कहीं खुलकर कांग्रेस संगठन के खिलाफ कार्य कर रहे थे . कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का इस बारे में यह कहना है कि जब 5 साल कांग्रेस की सरकार थी उसके बावजूद भी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को विधायक बंगले द्वारा वह तवज्जो नहीं मिली जो मिलनी चाहिए . सिर्फ चाटुकारों की फौज को ही तवज्जो दिया जाता था . दुर्ग कांग्रेस पूरी तरह से वोरा बंगले के कब्जे में था और सत्ता का हर लाभ विधायक द्वारा ही आवंटित किया जाता था जिसके कारण वह कांग्रेसी कार्यकर्ता जो सालों से कांग्रेस के लिए कार्य कर रहे हैं अपने आप को काफी अपेक्षित बहुत महसूस कर रहे थे.  स्थिति तो यहां तक आ गई थी कि दुर्ग शहर कांग्रेस संगठन और तात्कालिक विधायक वोरा द्वारा शहर के पदेन सभापति राजेश यादव को भी वह महत्तव नहीं मिला जिनके वह हकदार थे .
      वहीं शहर के अन्य बड़े सक्रिय नेता आर.एन.वर्मा ,राजेंद्र साहू ,दीपक दुबे ,राजकुमार नारायणी ,मदन जैन जैसे कई वरिष्ठ कांग्रेसी भी दुर्ग शहर में मौजूद थे जो कांग्रेस के लिए पूर्ण रूप से संबंधित है परंतु कहीं ना कहीं समय-समय पर उनकी उपेक्षा वोरा बंगले द्वारा की गई जिसका परिणाम कांग्रेस प्रत्याशी की बहुत बड़े अंतर से हार ने जता दिया कि दुर्ग कांग्रेस में बड़े बदलाव के बाद ही उठान संभव है .
       आज यह स्थिति हो गई की दुर्ग शहर से कांग्रेस संगठन बिल्कुल शून्य हो गया और कहीं ना कहीं इसकी पूरी जिम्मेदारी दुर्ग शहर के पूर्व विधायक अरुण वोरा एवं दुर्ग शहर कांग्रेस प्रमुख गया पटेल की मानी जा रही . आज स्थित यह है कि विरोध प्रदर्शन धरना प्रदर्शन में भी गिने चुने चेहरे ही नजर आ रहे हैं जबकि अगर पदाधिकारियो की ही बात करे तो उनकी संख्या सैकड़ो में है .
        जिस तरह से प्रदेश में बड़ी हार के बाद केंद्रीय नेतृत्व ने कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा से प्रदेश की जिम्मेदारी वापस ले ली अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि दुर्ग कांग्रेस में भी बड़े बदलाव की उम्मीद कांग्रेसी कार्यकर्ता कर रहे हैं . दुर्ग जिला कांग्रेस प्रमुख इस्तीफा देंगे परंतु बड़ी हार की जिम्मेदारी अपने ऊपर ना लेकर अभी भी संगठन में बने रहना कार्यकर्ताओ के गले नहीं उतर रहा .
      अब जबकि कुछ माह ही बचे हैं लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगने में ऐसे में जब एक-एक दिन महत्वपूर्ण है तो प्रदेश एवं केन्द्रीय कांग्रेस संगठन से कार्यकर्ता उम्मीद कर रहे हैं कि संगठन में ऐसा बदलाव आए जिससे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का मनोबल ऊंचा हो मुद्दे सैकड़ो हैं किंतु इन मुद्दों के साथ एक जुटता के साथ मैदान में उतरने के लिए मुखिया में दमदारी की उम्मीद कांग्रेसी कार्यकर्ता कर रहे हैं .
      अब देखना यह है कि क्या प्रदेश/ केन्द्रीय संगठन द्वारा दुर्ग जिला कांग्रेस में संगठात्मक स्तर पर कोई बदलाव लाया जाता है या फिर हार का ठीकरा उन कार्यकर्ताओं पर सौपा जाएगा जिनकी लगातार 5 सालों से अपेक्षा होती रही और एक बार फिर संगठन के प्रमुख पदों की जिम्मेदारी यथावत रखी जाएगी . यह तो निश्चित है कि दुर्ग शहर कांग्रेस संगठन में बदलाव न आने की स्थिति में कांग्रेस का प्रदर्शन उस स्थिति में नहीं रहेगी जिस स्थिति की उम्मीद कांग्रेसी कार्यकर्ता कर रहे हैं .
    आधार : दुर्ग कांग्रेसी कार्यकर्ताओ से बातचीत

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की बड़ी हार के बाद कई नेताओ ने मुखाग्र होकर संगठन के जिम्मेदार नेताओ पर आरोप लगाना शुरू कर दिया वही कई पूर्व विधायको पर प्रदेश कांग्रेस ने निलंबन कार्यवाही भी की . ऐसे में एक बड़ी खबर सामने आयी कि प्रदेश में आदिवासी चेहरे के बड़े नेता नन्द कुमार साय ने भी कांग्रेस से अपना नाता तोड़ लिया .
      वरिष्ठ आदिवासी नेता और 8 माह पहले ही भाजपा छोड़ कर कांग्रेस पार्टी में शामिल होने वाले नंद कुमार साय ने कांग्रेस को भी अलविदा कह दिया है। बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने की वजह से वे दुखी थे, हालांकि इसके बाद उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ने की बात कही थी।
      माना जा रहा है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन और कांग्रेस पार्टी में उपेक्षा के चलते साय ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। विष्णुदेव साय के मुख्यमंत्री बनने पर नंद कुमार से उनसे मिले देर रात ‘पहुना’ में गए थे, तब से यह कयास लगाया जा रहा था कि साय कांग्रेस पार्टी छोड़ सकते हैं। फिलहाल उनका अगला कदम क्या होगा, इस पर सभी की नजरें टिक गई है।
       बता दें कि नंद कुमार साय अविभाजित मध्यप्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रहे हैं। वे सांसद, और कई बार के विधायक रहे हैं। उन्हें मोदी सरकार ने अनुसूचित जनजाति आयोग का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया था। उन्होंने अध्यक्ष दीपक बैज को प्रेषित अपने इस्तीफे में लिखा है कि “मेरे सामने यथाकिंचित जो परिस्थितियां उत्पन्न हुई हैं, उसे देखकर मैं कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र दे रहा हूं।”जिसकी एक एक प्रति उन्होंने प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रिय अध्यक्ष को भी प्रेषित की है .

    दुर्ग / शौर्यपथ / नगर निगम भिलाई के उप नेता प्रतिपक्ष और नगरीय निकाय प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रचार मंत्री दया सिंह ने बयान जारी कर कहा है कि, प्रदेश में भाजपा की सरकार आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पर काम शुरू हो गया है। पहले ही कैबिनेट में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कई जरूरी निर्णय लिए गए। इनमें गरीबों का पक्का आवास भी है। दया सिंह ने कहा कि, भाजपा ने वादा किया था कि सभी के पास पक्का मकान होगा। किसी को छत के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। क्योंकि, पहली कैबिनेट मीटिंग में फैसला हो गया है।
      दया सिंह ने यह भी कहा कि, केबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत स्थायी प्रतीक्षा सूची के पात्र शेष परिवारों (6,99,439) एवं आवास प्लस सूची के पात्र परिवारों (8,19,999) की स्वीकृति की जाएगी। योजना के तहत निर्माणाधीन 2,46,215 आवासों को भी शीघ्र पूर्ण कराया जाएगा। राज्य में प्रधामंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत कुल 17,65,653 आवास एवं अन्य 47,090 आवास कुल 18,12,743 जरुरतमंद पात्र परिवारो को तत्परता से स्वीकृति देने के साथ ही आवश्यक धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी।
      दया सिंह ने कहा कि, मोदीजी की बाकी गारंटियों पर काम शुरू हो गया है। लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ गई है। गरीबों का भला होगा। किसानों का उद्धार होगा औरयुवाओं को नौकरी मिलेगी।

    दुर्ग / शौर्यपथ / कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने बस्तर के युवा सांसद दीपक बैज  एवं  प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ कांग्रेस नेता नवनिर्वाचित विधायक डॉक्टर चरणदास महंत इन दोनो नेता को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस की सबसे महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी एक बार पुनः सौंपी है जिसकी बधाई जिले के वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिव प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ अय्यूब खान  ने बधाई और कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व का आभार माना है।
      अय्यूब ख़ान ने कहा हाल ही के चुनाव मे प्रदेश कांग्रेस की  जनकल्याण कारी  भूपेश सरकार की अप्रत्याशित हार हुई जिसका अनुमान छत्तीसगढ़ की जनता कांग्रेस के नेता कार्यकर्त्ता और खुद भाजपा के लोगों नही किया था की कांग्रेस की सरकार हार जायेगी।  प्रजातंत्र में हार और जीत दोनो होता है कभी किसी की जीत और कभी किसी की हार यही लोकतंत्र है कांग्रेस पार्टी अपनी  अप्रत्याशित हार से निराश हताश नही हुये है बल्की थोड़ी मायूस जरूर है ऐसे कैसे हो गया है जिसका अनुमान किसी ने नही किया था ।
      छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस फिर एक बार प्रदेश की पौने तीन करोड़ जनता के हित के लिये विपक्ष की  भूमिका मे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज एवं नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के नेतृत्व मे कांग्रेस पार्टी आने वाले पांच साल  मजबूती से लड़ाई लड़ेगी और वर्तमान मे काबिज भाजपा सरकार ने जो चुनाव के दौरान अपना  घोषणा पत्र जारी किया था उसको पुरी करने की मांग पुरजोर तरीके से मांग करेगी ।
      अय्यूब खान ने कहा है कि दीपक बैज कम उम्र मे ही दो बार विधायक बने और वर्तमान मे सांसद भी  है साथ प्रदेश कांग्रेस पुनः अध्यक्ष बने है डॉक्टर चरणदास महंत भी अनेक बार सांसद और विधायक बने है प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी रह चुके है अब छत्तीसगढ़ नेता प्रतिपक्ष बने है .काग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने युवा और अनुभवी नेता दोनों का मिश्रण दिया है  जिसका पुरा लाभ कांग्रेस को मिलेगा जो नई ऊर्जा के साथ कांग्रेस सदन  से लेकर सड़क मे उतरेगी  मजबूत विपक्ष की भूमिका निभा कर फिर सत्ता वापसी करेगी।

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