August 26, 2026
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    राजनीति

    राजनीति (1230)

    कोरबा लोकसभा : टक्कर स्थानीय और बाहरी का

    कोरबा / शौर्यपथ /

       पिछले लोकसभा चुनाव की अपेक्षा इस बार कांग्रेस ने जमीनी पकड़ रखने युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करने वाले उम्मीदवारों को मैदान में उतरा है . प्रदेश की ग्यारह लोकसभा सीट में राजनांदगांव , बस्तर , महासमुद , बिलासपुर और कोरबा सीट पर वर्तमान स्थिति में ही कांग्रेस मजबूत नजर आ रही .वही प्रदेश की सभी 11 सीटें जीतने के लक्ष्य , 400 पार के नारे सहित मोदी की गारंटी विष्णु का सुशासन के साथ चुनाव प्रचार अभियान में जुटी भाजपा के लिए कम से कम आधा दर्जन सीटों पर कांग्रेस के चक्रव्यूह को तोडऩा आसान नहीं होगा. कांग्रेस ने सभी सीटों पर ऐसे नेताओं को टिकट दी है जिनकी जमीनी पकड़ मजबूत है तथा वे मोदी की गारंटी के नाम पर भाजपा के संकल्प को ध्वस्त कर सकते हैं. प्रदेश की राजनांदगांव लोकसभा सीट के बाद दूसरी हाई-प्रोफाइल सीट के रूप में कोरबा को मन जा सकता है जहां से राष्ट्रिय चेहरा के रूप में सरोज पाण्डेय मैदान में है . सरोज पाण्डेय राष्ट्रिय स्तर के कई पदों में रहने के साथ राज्यसभा सदस्य, लोकसभा सदस्य,विधायक व एक दशक तक दुर्ग की मेयर रह चुकी हैं. दुर्ग की सक्रीय राजनीती से पिछले कुछ सालो से सरोज पाण्डेय दूर रही यहाँ तक कि हाल ही में हुए विधान सभा चुनाव में भी क्षेत्र में कही नजर ना आने के कारण ही यह कयास तभी से लग रहे थे कि उन्हें आने वाले लोकसभा में रायगढ़ या कोरबा से पार्टी मैदान में उतारेगी .लिहाज़ा पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने सरोज पांडे को उस कोरबा को जीतने का लक्ष्य दिया गया है.
      बता दे कि कोरबा लोकसभा क्षेत्र नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत का क्षेत्र हैं और जहां से उनकी पत्नी ज्योत्स्ना महंत वर्तमान सांसद हैं. यानी सरोज पांडे को यहां पति-पत्नी दोनों की संयुक्त लोकप्रियता का मुकाबला करना होगा जो मोदी की गारंटी के सघन प्रचार के बावजूद कतई आसान नहीं है.

     2019 लोकसभा चुनाव  
    नोटा  --- 19305
    गोंगपा ---37417
    बसपा --- 15880
    निर्दलीय --- 13695 लखन लाल देवांगन  
    जीत - कांग्रेस ( ज्योत्सना महंत )

     कोरबा लोकसभा-- 8 विधान सभा क्षेत्र हैं
    चार अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं- मरवाही एसटी, मनेंदरगढ, बैंकुठपुर, पाली-तानाखार एसटी, कटघोरा, कोरबा, भरतपुर-सोनहट एसटी तथा रामपुर एसटी.
        अनुसूचित जाति व जनजाति बाहुल्य इस लोकसभा क्षेत्र की 6 सीटों पर भाजपा का कब्जा है, एक सीट कांग्रेस की व एक सीट गोंगपा की है.
     गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने 2023 के विधान सभा चुनाव में इस लोकसभा क्षेत्र से कुल 1 लाख 48 हजार 159 वोट प्राप्त किए थे. इसे देखते हुए गोंगपा दोनों बड़ी पार्टियों का समीकरण बिगाडऩे का सामथ्र्य रखती है.

      स्थानीय निकटता एवं आत्मीय सक्रिय का लाभ कांग्रेस प्रत्याशी को
      स्थानीय निकटता का जितना लाभ ज्योत्स्ना महंत को मिलता रहा, उतना सरोज पांडे को मिलेगा, इसमें संशय है. बस उनके पास एक ही गारंटी है , मोदी की गारटी. इसके मुकाबले में कांग्रेस के संकल्प पत्र में करीब बीस बड़े वायदे हैं जिसमें सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखा गया है. अभी दोनों दलों के घोषणापत्र आधिकारिक रूप से जाहिर तो नहीं हुए किन्तु चर्चो में अपना रंग दिखा रहे .
       कांग्रेस प्रत्याशी की पहचान कांग्रेस के वरिष्ठ एवं लोकप्रिय नेता चरणदास महंत की पत्नी के रूप में भी है वही उनके लिए एक झुकाव जनता का और भी है . कांग्रेस प्रत्याशी राजनीति में प्रवेश के बाद बीते पांच वर्षो के दौरान उन्होंने अपनी सरलता, विनम्रता और कर्मठता के जरिए अपनी पृथक छवि बनाई है. छत्तीसगढ़ में महंत बिसाहूदास परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने वाले चरणदास महंत के साथ अब वे भी एक राजनीतिक स्तम्भ के रूप में है. 2024 के चुनाव में उन्हें बड़ा लाभ ग्रामीण जनता के बीच लगातार उपस्थिति, उनके दुख-सुख में सहभागिता तथा महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए गए  कामकाज को मिल सकता है.
       कोरबा लोकसभा क्षेत्र में नामांकन पत्र के दाखिले की शुरुआत 12 अप्रैल से होगी.  नामांकन की अंतिम तिथि 19 अप्रैल व नाम वापसी की 22 अप्रैल. मतदान 7 अप्रैल को होगा. यहां करीब पंद्रह लाख मतदाताओं में महिलाओं की तुलना में पुरूष मतदाताओं की संख्या अधिक है. पिछले चुनाव में कोरबा निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 75 प्रतिशत मतदान हुआ था जो एक कीर्तिमान है.

      भाजपा और कांग्रेस के मुद्दे कितने कारगार
     प्रदेश की भाजपा सरकार मोदी गारंटी के तहत विधान सभा चुनाव प्रचार के दौरान जनता से किए गए कुछ महत्वपूर्ण वायदों को पूर्ण कर दिए जाने का बखान कर रही है.भाजपा महतारी वंदन जैसी योजनाओं के साथ ही भगवान राम के नाम पर देश में कथित तौर पर चल रही हिंदुत्व की लहर से मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश करेगी.इस क्षेत्र में प्रादेशिक मुद्दों की हवा ज्यादा नजर आ रही . मतदान की तिथि अभी दूर और राजनीती में घटना क्रम पल पल बदलते रहते है ...

     दुर्ग / शौर्यपथ /
    राजनीती
      लोकसभा चुनाव के मतदान की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है . कांग्रेस नेत्रितत्व द्वारा आम जनता के लिए बड़े बड़े वादे किये जा रहे है किन्तु दुर्ग लोकसभा में अभी केन्द्रीय नेत्रित्व के वादों की बयार बहने की अपेक्षा अंतर्कलह खुलकर सामने आ रही है . एक तरफ विधानसभा चुनाव में जिस तरह से दुर्ग कांग्रेस के कई कार्यकर्त्ता खुलकर वोरा का विरोध करते नजर आये वही अब लोकसभा चुनाव में भी यही स्थिति नजर आ रही है . दुर्ग लोकसभा के प्रत्याशी के रूप में केन्द्रीय नेत्रित्व ने भले ही राजेंद्र साहू के नाम की घोषणा की है किन्तु चुनावी जंग कार्यकर्ताओ के बलबूते लड़ा जाता है . किन्तु दुर्ग शहर में जहाँ कांग्रेस हाल ही में संपन्न हुए विधान सभा चुनाव में लगभग ५० हजार मतों से पराजित हुई उसके बाद वर्तमान स्थिति को देखते हुए ऐसा प्रतीत नहीं होता कि कांग्रेसी कार्यकर्त्ता ५० हजार के बड़े अंतर को पाट पायेंगे . दुर्ग की राजनीती में उठापठक का आलम यह है कि दुर्ग के कांग्रेसी जनप्रतिनिधि दुर्ग निगम पार्षद और एमआईसी मेंबर को कारण बताओ नोटिस जिलाध्यक्ष द्वारा जारी किया जा चुका है और पिछले कई दिनों से यह सोशल मिडिया में वाइरल भी हो रहा है जिसमे दुर्ग जिलाध्यक्ष गया पटेल के लेटर पेड में जारी हुए नोटिस की अब अलग ही कहानी नजर आ रही है .
       जिलाध्यक्ष ने इस नोटिस के बारे में जवाब देते हुए कहा कि यह नोटिस उनके द्वारा नहीं किया गया जबकि इस नोटिस को सोशाल मिडिया में हर ग्रुप में देखा गया . कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक वोरा के ख़ास समर्थक प्रकाश गीते सहित कई कांग्रेसियों ने इसे वाइरल किया . इस पर जिलाध्यक्ष की अनिभिज्ञता और लापरवाही साफ़ नजर आ रही है . राष्ट्रिय पार्टी के जिलाध्यक्ष होने के बाद भी इस नोटिस की जिम्मेदारी ना लेना और इसे फर्जी करार देने के बावजूद भी इसके खिलाफ पुलिस प्रशासन में शिकायत ना करना वही इस नोटिस का सोशल मिडिया प्लेट फ़ार्म में भी खंडन ना करना ही जिलाध्यक्ष कीई काबिलियत को दर्शा  रहा है वही पिछले चुनाव में बड़ी हार और निष्क्रिय जिलाध्यक्ष होने के बावजूद भी पद में बने रहना ही यह साफ़ इशारा कर्ता है कि कांग्रेस दुर्ग में सिर्फ  एक औपचारिकता मात्र ही रह गई है . सालो से ब्लाक अध्यक्ष के रूप में एक ही व्यक्तियों द्वारा पद में जमे रहने के कारण कांग्रेसियों में भी नाराजगी साफ झलक रही .
       हाल ही में कांग्रेस के सैकड़ो कार्यकर्ताओ सहित निगम पार्षदों और एमआईसी सदस्य का भाजपा में प्रवेश करना उन कांग्रेसियों के मनोबल को तोड़ रहा जो सालो से कांग्रेस के लिए कार्य कर रहे . वही अब जब लोकसभा चुनाव के मतदान की तिथि करीब आ गई ऐसे में एक बार फिर कांग्रेसियों को झंडा उठाने की जिम्मेदारी तो मिल रही किन्तु अब भी अंतर्कलह साफ़ नजर आ रही . ऐसे में शहर की जनता में भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है कि कांग्रेस प्रत्याशी क्या भाजपा प्रत्याशी के पिछले जीत के रिकार्ड को रोक पायेंगे या एक और नया जीत का रिकार्ड सामने आएगा .

    रायपुर/ शौर्यपथ / कांकेर लोकसभा के भाजपा प्रत्याशी भोजराज नाग के द्वारा बालोद जिला के डौंडीलोहारा क्षेत्र में चुनावी सभा के दौरान अपने लोकसभा क्षेत्र में तंत्र-मंत्र और नींबू काट कर गांव की जन-समस्याओं को अंधविश्वास के माध्यम से दूर करने का प्रलोभन मतदाताओं को दिये जाने की शिकायत कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त से किया।
       ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान समय में सम्पूर्ण भारत में आदर्श आचार संहिता लागू है ऐसे स्थिति में छत्तीसगढ़ के अन्तर्गत कांकेर लोकसभा के भाजपा प्रत्याशी भोजराज नाग के द्वारा बालोद जिला के डौंडीलोहारा क्षेत्र में चुनावी सभा के दौरान अपने लोकसभा क्षेत्र में तंत्र-मंत्र और नींबू काट कर गांव की जन-समस्याओ को दूर करने का प्रलोभन मतदाताओ को दी जा रही है। इस प्रकार भाजपा प्रत्याशी द्वारा आम मतदाताओ को गुमराह कर अंधविश्वास भरी प्रलोभन दे कर मतदाताओं को छल पूर्वक अपनी ओर प्रभावित करने के उद्देश्य से उक्त अनर्गल वायदे कर वक्तव्य दिये है। जिससे की उक्त वायदे से निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता को दूषित होने की संभावनाओं से इंकार नही किया जा सकता है। जिसका विरोध छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी विधि विभाग करती है।
      मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में चुनावी सभा में इस प्रकार का कृत्य न केवल आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है, बल्कि औषधि और जादुई उपचार आपत्तिजनक विज्ञापन अधिनियम 1954 और आईपीसी के तहत भी अपराध की श्रेणी में आता है। अतः निवेदन है कि उपरोक्त वक्तव्य देने वाले कांकेर लोकसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी भोजराज नाग के विरूद्ध तत्काल कानूनी/समुचित कार्यवाही किये जाने की कृपा की जाये।
       ज्ञापन सौंपने वाले में कांग्रेस विधि विभाग प्रदेश अध्यक्ष देवा देवांगन, कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ डॉ. राकेश गुप्ता, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा, अंकित कुमार मिश्रा, एम. नईम, मनोज कुमार सोनकर उपस्थित थे। 

    रायपुर/शौर्यपथ / केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर 30 लाख नौकरियों का सृजन होगा। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि आज देश में बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। इस बात को कांग्रेस पार्टी महसूस करती है कि देश का विकास तभी तेज गति से संभव है जब देश की युवा शक्ति का भरपूर उपयोग हो हर हाथ में काम हो कोई युवा बेरोजगार न हो, इसी उद्देश्य को लेकर हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी एवं कांग्रेस नेता श्री राहुल गांधी जी ने यह वायदा किया है कि कांग्रेस की सरकार बनने पर कांग्रेस की सरकार देश में रोजगार सृजन और नौकरी की सुरक्षा प्रदान की जायेगी। इस हेतु राहुल गांधी जी ने 5 चरणों में युवा न्याय की घोषणा किया है।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस गारंटी देती है कि वह प्रकाशित रोजगार कैलेंडर के अनुसार, केंद्र सरकार में 30 लाख नौकरियां पैदा करेगी। केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों में 10 लाख स्वीकृत पद खाली हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस और सेना में अन्य रिक्त पद हैं। कांग्रेस की केंद्र सरकार इन सब की भर्तियां करेगी।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि 25 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक डिप्लोमा धारक या कॉलेज स्नातक को निजी या सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी में एक साल की प्रशिक्षुता प्रदान करने के लिए, कांग्रेस एक नए प्रशिक्षुता अधिकार अधिनियम की गारंटी देती है। प्रशिक्षुओं को 1 लाख प्रति वर्ष (8,500/माह) मिलेंगे।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस हर जिले में 5,000 करोड़ का कोष बनाएगी, जिसका आवंटन, देश के सभी जिलों में पांच साल की अवधि के लिए होगा। 40 वर्ष से कम आयु के युवा किसी भी क्षेत्र में अपने व्यावसायिक उद्यमों के लिए स्टार्ट-अप फंडिंग का लाभ उठा सकते हैं।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि हर साल गिग इकॉनमी में रोजगार ढूँढ़ने वाले लाखों युवाओं के लिए बेहतर कामकाजी स्थिति और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस कानून लाने की गारंटी देती है। तथा डिलिवरी ब्वाय का काम करने युवाओं को उनके न्यूनतम आय की गारंटी कांग्रेस की केंद्र सरकार देगी।

    रायपुर/ शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्र की मोदी सरकार पर लोकतंत्र विरोधी षड्यंत्र रचने का आरोप लगाते हुए कहा है कि अधिनायकवादी मोदी सरकार ने पहले कांग्रेस की चुनी हुई सरकारों को गिराया, डर और लालच से नेताओं की खरीद फरोख्त की और जो नेता नहीं झुके उनके ऊपर ईडी, आईटी और सीबीआई जैसे जांच एजेंसियों का अंकुश लगाया, उसके बाद अब जब देश में आम चुनाव हो रहे हैं, आचार संहिता लगने के बाद कांग्रेस पार्टी को आर्थिक रूप से चोट पहुंचाने के लिए आयकर विभाग का दुरुपयोग कर रही है। 30 साल पुराने आधारहीन मामले का बहाना करके ठीक चुनाव के पहले कांग्रेस पार्टी के बैंक खातों को जप्त करना अलोकतांत्रिक है। तानाशाही मोदी सरकार धनबल और केंद्रीय एजेंसी के दुरुपयोग से विपक्ष को डराने और लोकतंत्र को खत्म करने आमादा है।
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि मोदी सरकार लोकतंत्र विरोधी षड्यंत्र करके विपक्षी दलों के सीमित संसाधनों को भी छीनने का काम कर रही है। कांग्रेस की पिछली सरकारों ने 70 सालों से निष्पक्ष चुनाव और स्वस्थ लोकतंत्र की जो छवि बनाई थी, केंद्र की मोदी सरकार और वर्तमान भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व उसके खिलाफ काम कर रही है। भाजपा ने विपक्षी दलों से साधन, संसाधन छीनकर एकाधिकार स्थापित करने का षड्यंत्र रचा है।
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने जिस चुनावी बॉन्ड स्कैम को गैर कानूनी और असंवैधानिक करार दिया उसमें मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी की बदनीयती उजागर हुई है। जो तथ्य सामने आए हैं जो बेहद चिंताजनक है शर्मनाक है देश के जांच एजेंसियों ईडी, आईटी को हफ्ता वसूली गैंग के रूप में संचालित किया जाना, ब्लैकमेलिंग और रिश्वतखोरी के स्पष्ट प्रमाण के बावजूद बड़ी बेशर्मी से साजिश करके मुख्य विपक्षी दल का बैंक खाता फ्रीज कर देना निंदनीय है। डरी हुई मोदी सरकार कांग्रेस के बैंक खातों को जप्त करके यह चाहती है की पैसों के अभाव में बराबरी से चुनाव ना लड़ पाए और इसके लिए आयकर विभाग के माध्यम से बाधा उत्पन्न कर रही है। विगत 10 वर्षों के दौरान नोटबंदी हो या पीएम केयर फंड का मामला, भारतीय जनता पार्टी और केंद्र की मोदी सरकार की गतिविधियां संदिग्ध रही है, लेकिन उस पर आयकर विभाग को कोई एतराज नहीं है।राजनीतिक दल पर आयकर की देयता नहीं है, भाजपा ने कभी कोई आयकर कर नहीं दिया है, लेकिन दुर्भावनापूर्वक 30 साल पुराने मामले के बहाने ऐन चुनाव के वक्त कांग्रेस को लक्ष्य करके बैंक खातों पर रोक लगाना लोकतांत्रिक है।

    शहर जिला महिला कांग्रेस पश्चिम ब्लाक की वार्ड में चलो अभियान

      दुर्ग / शौर्यपथ / शहर जिला महिला कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीमती कन्या ढीमर के नेतृत्व में ब्लाक अध्यक्ष श्रीमती भूमिका देशमुख,शहर उपाध्यक्ष श्रीमती किरण देशमुख के द्वारा वार्डो में मतदाताओं में जोश भरने के लिए लगातर वार्डवार बैठक लिया जा रहा है।पश्चिम ब्लाक के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक 5 मरार पारा में बैठक रखी गई।इस बैठक में श्रीमती मंजू अरुण वोरा,श्रीमती राधिका राजेन्द्र साहू,महिला कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष श्रीमती कन्या ढीमर,पार्षद विजयंत पटेल,मीना साहू,रत्ना नारमदेव,थामिन साहू विशेष रूप में भारी संख्या में वार्ड के रहवासी उपस्थित थे।
      बैठक में कहा गया कि एकमत होकर कांग्रेस प्रत्यशी राजेन्द्र साहू को भारी मतों से जिताने का संकल्प लिया।उन्होंने कहा देश की तरक्की और खुशहाली के लिए केंद्र में कांग्रेस सरकार बनाना अतिआवश्यक है।शहर महिला कांग्रेस पदाधिकारियों ने वार्डो के नागरिको के बीच जाकर दुर्ग से कांग्रेस प्रत्याशी राजेन्द्र साहू को जीतने के लिए महिला मोर्चा ने कमर कस ली है।मतदाताओं के बीच जाकर कांग्रेस के घोषणा पत्र का लाभ बैठक वार्डवार के नागरिकों को बता रही है और बैठक में राजेंद्र साहू के लिए नागरिको से आशीर्वाद मांग रही है।जिसमें महिलाओं को कांग्रेस के घोषणा पत्र दिए गए योजनाओं के बारे प्रदेश प्रवक्ता हेमा साहू, रत्ना नारमदेव एवं वीणा साहू ने वार्ड के नागरिको के बीच रखा।
      राजेन्द्र साहू के पक्ष में मतदान करने की अपील की बैठक के अवसर पर उपाध्यक्ष खुशबू साहू,पिंकी साहू ,बीनू राजपूत एवं वार्ड की महिलाएं उपस्थित रही। बैठक कार्यक्रम के संचालन डॉ अश्वनी जांगडे मीडिया प्रभारी द्वारा किया गया।वार्ड के बैठक में कांग्रेस की घोषण पत्र की जानकारी देते हुए कहा सबसे गरीब परिवार की एक महिलाओं को हर वर्ग एक लाख रुपए की गारंटी दी जाएगी. महिलाओं का आधा हिस्सा सभी बहाली में आशा आंगनबाड़ी और मिड - डे मील योजना से जुड़ी महिलाओं का वेतन में वृद्धि किया जाएगा पंचायत में अधिकतर मैत्री की नियुक्ति से रोजगार भी बढ़ेगा जो महिलाओं को कानूनी अधिकार दिलाने में मदद करेगा और कहा सावित्रीबाई फूलों छात्रावास योजना के तहत हर जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए कम से कम एक हॉस्टल खोलने कभी वादा किया है।

    पश्चिम विधान सभा के कार्यकर्ताओ ने रायपुर लोकसभा को  जीतने  का  संकल्प लिया
    कार्यकर्ता ही मेरी ताकत है इन्होंने ही मुझे नेता बनाया-विकास उपाध्याय

     रायपुर/ शौर्यपथ / रायपुर लोकसभा चुनाव को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने पश्चिम विधानसभा के कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की बैठक में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज कांग्रेस के रायपुर लोकसभा प्रत्याशी विकास उपाध्याय सहित वरिष्ठ नेतागण, पार्षद,कार्यकर्ता शामिल हुए. बैठक में कार्यकर्ताओं ने रायपुर लोकसभा सीट को ऐतिहासिक मतों के अंतर के साथ जीतने का संकल्प लिया. कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने  कहा कि कार्यकर्ताओं का उत्साह देखकर मुझे पूरा विश्वास है रायपुर लोकसभा सीट इस  बार कांग्रेस जीतेगी. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने  युवा नेता पूर्व विधायक विकास उपाध्याय को प्रत्याशी बनाया है कार्यकर्ताओं का कांग्रेस के प्रति समर्पण और विश्वास हमारी ताकत है इस बार के लोकसभा चुनाव के परिणाम छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद के लोकसभा परिणाम को बदलेगी कांग्रेस बीजेपी से अधिक सीट जीतेगी. केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनेगी कांग्रेस ने महिलाओं, किसानों, युवाआ,ें श्रमिकों, आदिवासियों जो गारंटी दी है वह पूरा होगा. हमें गर्व है. प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ने 5 साल में जनता से की हर वादे को पूरा किया है हर वर्ग की चिंता की है हर वर्ग के बेहतरी के लिए काम किया। आज भी कांग्रेस के कामों को जनता याद कर रही है और साय सरकार को कांग्रेस सरकार के आगे विफल बता रही है।
        लोकसभा प्रत्याशी और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि यही कार्यकर्ताओं की बदौलत में पश्चिम विधानसभा में तीन बार चुनाव लड़ा हूं और यही कार्यकर्ता मुझे लोकसभा में जीत दिलाकर रायपुर लोकसभा का प्रतिनिधित्व संसद में करने भेजेंगे. राजधानी में कांग्रेस की जीत  की गूंज दिल्ली की राजधानी तक सुनाई देगी. केंद्र में  बैठे भाजपा की सरकार की विदाई सुनिश्चित हो चुकी है मोदी की गारंटी फेल हो गई है पूरे देश में बदलाव की लहर चल रही है परिवर्तन होगा और जनता के सच्चे दिन आएंगे. आजादी के बाद अमृत काल में जिस प्रकार से भाजपा की सरकार ने देश की जनता की कमर तोड़ दी है हर तरफ महंगाई, बेरोजगारी है किसान हताश और परेशान है और भाजपा मोटी चंदा वसूल कर कमाई कर रही है। भाजपा ने इलेक्ट्रोरल बांड के माध्यम से अवैध उगाही की है. भाजपा का काम कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार करना हैं।

    सार समाचार

    भाजपा ने मान लिया कि वो राजनांदगांव सीट हार रही है इसीलिए
    राजनीति से प्रेरित एफ़आईआर दर्ज की गई - भूपेश बघेल
    एफ़आईआर के विवरण में ही मेरा ज़िक्र नहीं, जबरन नाम डाला गया
    अपराधियों के जिन बयानों को ईडी ने आधार बनाया है उनकी कोई विश्वसनीयता नहीं है
    जो भाजपा छापे डलवा कर चंदा लेती है वह भ्रष्टाचार की बात किस मुंह से कर रही है?
         रायपुर / शौर्यपथ / भारत में लोकसभा चुनाव का आगाज हो चुका है लोकसभा चुनाव के तहत आदर्श आचार संहिता १६ मार्च २०२४ को भारत निर्वाचन आयोग के प्रेस कांफ्रेंस के बाद तत्काल प्रभाव से लागु हो गई . आदर्श आचार संहिता लगते ही लोकसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो गई और राजनितिक पार्टियों द्वारा आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है . इसी आरोप प्रत्यारोप के कड़ी में भाजपा द्वारा प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ऊपर हुए एफआईआर की कॉपी ( एफआईआर 04 मार्च ) विरल होने लगी जिसके जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री और राजनांदगांव सीट से कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी भूपेश बघेल ने भाजपा के आरोपों और महादेव एप्प के सम्बन्ध में हुए एफआईआर पर जमकर विरोधियो पर निशाना साधा .प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुये पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी ने स्वीकार कर लिया कि वो राजनांदगांव संसदीय सीट हार रही है इसीलिए ईओडब्लू ने मेरे ख़लिफ़ महादेव ऐप मामले में नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। भाजपा मान रही है कि मेरी वजह से छत्तीसगढ़ की बाक़ी सीटों पर भी चुनाव परिणामों पर असर पड़ेगा इसीलिए मुझे बेवजह बदनाम करने का षडयंत्र रच रही है. इसके लिए भाजपा अपने चरित्र के अनुरूप केंद्रीय एजेंसी ईडी और राज्य की एजेंसी ईओडब्लू का हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है.पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एफ़आईआर में मेरा नाम जिस तरह से शामिल किया गया है वह क़ानूनी रूप से ग़लत है और यह दर्शाता है कि मेरा नाम सिर्फ़ राजनीतिक कारणों से शामिल किया गया है. मेरे मुख्यमंत्रित्व काल में ही महादेव ऐप की जांच शुरु हुई थी और गिरफ़्तारियों का सिलसिला शुरु हुआ था. महादेव ऐप की तरह की सट्टेबाज़ी को रोकने के लिए 2022 में हमने जुआ और सट्टा अधिनियम में परिवर्तन भी किया था. हमने ही महादेव ऐप के संचालकों सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ एलओसी यानी लुक आउट सर्कुलर जारी किया थाएवं गूगल को पत्र लिख इसे प्ले स्टोर से हटाया था.
    भाजपा पर प्रहार करते पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस सरकार ने कार्यवाही शुरू की उस पर आरोप लगाना न केवल हास्यास्पद है बल्कि यह भाजपा के चरित्र को भी दिखाता है.यह आरोप वह भाजपा लगा रही है जिसने ‘चंदा दो धंधा लो’ और ‘हफ़्ता वसूली अभियान’ के तहत हज़ारों करोड़ का चुनावी बॉण्ड अपने खाते में जमा करवाए. यह वही भाजपा है कि जिसमें देश के सबसे बड़े लॉटरी का धंधा करने वाली कंपनी फ़्यूचर गेमिंग से 1368 करोड़ रुपए चुनावी चंदे के रूप में लिए हैं.
      एक बड़ा सवाल यह है कि पहले को मेरी सरकार पर महादेव ऐप को संरक्षण देने का आरोप था. पर महादेव ऐप तो अभी भी चल रहा है तो सवाल यह है कि हमारी सरकार हटने के बाद इसे कौन संरक्षण देता रहा, नरेंद्र मोदी की सरकार या विष्णुदेव साय की सरकार?

    एफ़आईआर में जबरन नाम डाला गया

     एफ़आईआर की जो कॉपी मुझे मिली है उसके अनुसार यह एफ़आईआर चार मार्च को रायपुर में दर्ज की गई है. लेकिन इसे जारी किया गया दिल्ली में आज यानी 17 मार्च को. जिससे यह स्पष्ट होता है कि राजनीतिक उद्देश्य से ही यह एफ़आईआर की गई है. जिस समय एफ़आईआर दर्ज की गई वह वही समय था जब मेरा नाम राजनांदगांव से कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी के रूप में अख़बारों और टेलीविज़न चैनलों में आ रहा था.ज़ाहिर है कि इसी से डरकर भाजपा ने आनन फ़ानन में एफ़आईआर में मेरा नाम डालने की साज़िश रची. मैं कह रहा हूं कि मेरा नाम एफ़आईआर में जबरन डाला गया क्योंकि एफ़आईआर के साथ जो विवरण दिए गए हैं, उसमें मेरा नाम कहीं नहीं है. ऐसा कोई विवरण एफ़आईआर में नहीं है जिससे यह साबित हो कि महादेव ऐप के संचालकों को संरक्षण देने में मेरी कोई भूमिका थी.
     पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा इस एफ़आईआर में कहा गया है कि ‘वैधानिक कार्रवाई को रोकने के लिए विभिन्न पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों तथा प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तियों का संरक्षण प्राप्त किया गया’. अब सवाल यह है कि जब इन विभिन्न लोगों में किसी का नाम नहीं है तो छत्तीसगढ़ पुलिस को मेरा ही नाम दर्ज करने की क्यों सूझी? अगर ईओडब्लू के पास इन विभिन्न लोगों के नाम थे तो उनके नाम एफ़आईआर में क्यों नहीं हैं? और अगर मेरा नाम है तो विभिन्न लोगों के नाम क्यों नहीं हैं?

    बयानों से खुली ईडी की पोल
      विधानसभा चुनाव के दौरान दो बयानों के आधार पर ईडी ने एक प्रेस रिलीज़ जारी की थी और मेरा नाम उसमें घसीट लिया था. इसमें एक नाम असीम दास नाम के व्यक्ति का था और दूसरा नाम शुभम सोनी नाम के किसी व्यक्ति का है.असीम दास के पास से कथित रुप से करोड़ों रुपए बरामद हुए थे और ईडी के अनुसार उसने यह बयान दिया था कि वह पैसा किसी राजनीतिक व्यक्ति के पास जाना था. बाद में इसी असीम दास ने अदालत में ईडी को दिया अपना बयान वापस ले लिया और विवरण दिया कि उसे इस जाल में किस तरह से फंसाया गया. यह भी कम दिलचस्प नहीं है कि पैसों के साथ जो कार पकड़ी गई वह भाजपा नेता अमर अग्रवाल के भाई की थी और उसकी फ़ोटो रमन सिंह और प्रेम प्रकाश पांडे के साथ मिली हैं. दूसरा बयान शुभम सोनी नाम के व्यक्ति का है, जो अपने आपको महादेव ऐप का असली संचालक बताता है. इस शुभम सोनी का एक वीडियो बयान अज्ञात सूत्रों के हवाले से जारी किया गया था. यह बयान किसने दिया यह अब तक स्पष्ट नहीं है पर इसे भाजपा के कार्यालय में चलाकर मीडिया को दिखाया गया था. शुभम सोनी ने कथित तौर पर दुबई के काउंसलेट जनरल के सामने अपना बयान दिया था. लेकिन दिलचस्प बात यह है कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के सामने प्रस्तुत एक दस्तावेज़ में काउंसलेट जनरल ने लिख दिया है कि वह इस बयान की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता. सवाल यह है कि जब दोनों ही बयान प्रामाणिक नहीं हैं तो किस आधार पर ईडी मेरा नाम इस मामले से जोड़ने की कोशिश कर रही है?

    सूप बोले तो बोले छन्नी क्या बोले जिसमें छप्पन छेद
     सुप्रीम कोर्ट की फ़टकार के बाद एसबीआई को चुनावी बॉण्ड के विवरण जारी करने पड़े.इस विवरण से पता चलता है कि देश की कम से कम 14 कंपनियां ऐसी हैं जिन पर ईडी, आईटी या सीबीआई के छापे पड़े और इसके बाद कार्रवाई को रोकने के लिए भाजपा ने सैकड़ों करोड़ की राशि चुनावी बॉण्ड के माध्यम से ली. ईडी, आईटी और सीबीआई का डर दिखाकर कितने ही लोगों को भाजपा में शामिल कर लिया गया और भ्रष्टाचार के मामलों को भाजपा ने रफ़ा दफ़ा कर दिया.यह वही भाजपा है जिसने ऑन लाइन सट्टे को क़ानूनी रुप दे दिया है और उस पर बाक़ायदा 28 प्रतिशत जीएसटी और चार प्रतिशत सरचार्ज वसूल रही है. केंद्र में भाजपा की सरकार है और महादेव ऐप के संचालकों को दुबई से गिरफ़्तार करके लाने का काम केंद्र की सरकार ही कर सकती है. तो क्यों वह संचालकों को गिरफ़्तार नहीं कर रही है?यदि शुभम सोनी दुबई के काउंसलेट जनरल के सामने बयान देने हाज़िर हुआ था तो उसे गिरफ़्तार क्यों नहीं किया गया.कहीं भाजपा महादेव ऐप के संचालकों से चुनावी चंदा वसूल करके संचालकों को क्लीन चिट देने के फ़िराक में तो नहीं है?

      भूपेश बघेल डरने वाला नहीं है
     अगर भाजपा को लगता है कि मेरा नाम एफ़आईआर में डालकर वह मुझे डरा लेगी या मेरी राजनीति को प्रभावित कर लेगी तो उसे भ्रम में नहीं रहना चाहिए.पहले भी भाजपा ऐसा करके देख चुकी है. अगर उसका हश्र भाजपा को याद नहीं है तो कांग्रेस के हमारे सिपाही फिर से याद दिलाने को तैयार हैं.न मैं डरने वाला हूं और न मैदान से हटने वाला हूं.सके लिए जो भी राजनीतिक और क़ानूनी क़दम उठाने हैं वो मैं उठाउंगा.

    राजनीती / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने मोदी सरकार के द्वारा पेट्रोल डीजल में 2रु की छूट को चोर के दाढ़ी में तिनका निरूपित करते हुए कहा कि मोदी सरकार पेट्रोल डीजल में 10 वर्षों में गरीब जनता के जब से 38 लाख करोड रुपए की लूट की है और अब जब लोकसभा चुनाव में भाजपा की करारी हार दिख रही है तो मात्र 2 रु की कमी करके खुद को जनता के हितेषी बताने का स्वाग रच रहे हैं. जनता को भाजपा के इस ढोंगी चरित्र को देखना और समझना चाहिए. जब जब चुनाव हुए हैं तब तक भाजपा की सरकार ने पेट्रोल डीजल के दाम में आंशिक कमी की है और चुनाव खत्म होते ही दोगुना वृद्धि किया है.
       प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि आम जनता को गरीबी महंगाई बेरोजगारी आर्थिक असमानता और गिरती अर्थव्यवस्था और देश पर चढ़ते कर्ज भार से मुक्ति चाहिए तो इस बार नरेंद्र मोदी की सरकार को केंद्र से विदा करना होगा तभी हर वर्गों की भलाई होगी हर वर्गों को राहत मिलेगा. भाजपा चुनाव के वक्त आवश्यक वस्तुओं के दामों में 1 और 2 रु की कमी करके जनता का ध्यान भटकती है और उसे वोट ले लेती है फिर वहीं महंगाई की मार जनता के ऊपर पड़ता है जनता इस बार सजग रहे आरएसएस और भाजपा और उनके अनुषांगिक संगठनों के बहकावे में ना आए और महंगाई से मुक्ति के लिए भाजपा के खिलाफ मतदान करें।

    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि 2014 में जो गैस का सिलेंडर 410 रु. का था, आज वह 1000 रु. के पार है। पेट्रोल के दाम 70 रु. प्रति लीटर से बढ़कर 100 रु. प्रति लीटर के पार हो गए हैं जबकि डीजल के दाम 55 रु. प्रति लीटर से बढ़कर 90 रु. प्रति लीटर के करीब पहुंच गए हैं। अंतरराष्ट्रीय मार्केट में क्रूड आयल का दाम लगातार कम हो रहे है। 2014 की तुलना में वर्तमान में कुरड आयल आधे रेट में मिल रहा है लेकिन उसका लाभ आम जनता को नही मिल रहा है। 2014 में कांग्रेस की यूपीए सरकार के समय डीजल पर सेंट्रल एक्साइज मात्र 3 रूपया 54 पैसा प्रति लीटर था जिसे मोदी सरकार ने 31 रू. प्रति लीटर तक बढ़ाकर वर्तमान में 19 रू. 90 पैसा प्रति लीटर की दर से वसूल रही है, अर्थात डीजल पर 6 गुना अतिरिक्त मुनाफाखोरी करके केंद्र की मोदी सरकार आम जनता की जेब पर डकैती डाल रही है। खाने के तेल और दाल की कीमत 70 रु. और 60 रु. प्रति किलो थी, वह 200 रू. प्रति किलो को पार कर गई है। इतना ही नहीं, बीते दिनों जीएसटी की बर्बर मार से दही, पनीर, लस्सी, आटा, सूखा सोयाबीन, मटर व मुरमुरे भी बच नहीं सके, उन पर भी 5 फीसदी जीएसटी लगा दिया गया। होटल के 1,000 रु. के कमरे पर 12 प्रतिशत जीएसटी, अस्पताल के आईसीयू बेड पर 5 प्रतिशत जीएसटी! जीने के लिए सभी आवश्यक चीजों पर जीएसटी लगाकर चैन नहीं मिला तो श्मशान घाट के निर्माण पर भी जीएसटी बढ़ा दिया गया है। मोदी सरकार ने तो कफन के कपड़े पर जीएसटी लगा दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार घट रही है मगर मोदी सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम नहीं कर रही है। बीते 10 सालों में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर कर लगाकर 38 लाख करोड़ रुपए जनता की जेब से निकाले गए हैं।

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