August 26, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    राजनीति

    राजनीति (1230)

    रायपुर/ शौर्यपथ / कांग्रेस पार्टी चंदा जुटाने के लिए क्राउड फंडिंग अभियान की शुरुआत करने जा रही है। कांग्रेस ने इस अभियान का नाम ’डोनेट फॉर देश’ रखा है। 18 दिसंबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा दिल्ली से इसकी शुरुआत की जाएगी। इस आशय की जानकारी कांग्रेस के प्रभारी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और कोषाध्यक्ष अजय माकन ने दिया है।
        प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के 138 वर्ष पूरे होने पर कांग्रेस पार्टी देशवासियों से 138 रुपये के गुणक (जैसे, 138 रुपये, 1,380 रुपये, 13,800 रुपये, या अधिक) दान करने के लिए अनुरोध करती है, ताकि कांग्रेस पार्टी एक बेहतर भारत के लिए काम कर सके। कांग्रेस ने इस ऑनलाइन क्राउडफंडिंग के लिए दो चैनल बनाए हैं। इनमें एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल  donateinc.in और आधिकारिक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस वेबसाइट www.inc.in शामिल हैं।
      प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह अभियान मुख्य रूप से कांग्रेस के स्थापना दिवस 28 दिसंबर तक ऑनलाइन होगा, जिसके बाद यह अभियान जमीनी अभियान शुरू किया जाएगा। इसके तहत पार्टी से जुड़े स्वयंसेवी घर-घर जाएंगे और प्रत्येक बूथ में कम से कम 10 घरों को लक्षित करके हर घर से कम से कम 138 रुपये का अंशदान सुनिश्चित करेंगे।
      प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पार्टी के राज्य स्तर के पदाधिकारियों, निर्वाचित प्रतिनिधियों, जिला अध्यक्षों, प्रदेश अध्यक्षों और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पदाधिकारियों को कम से कम 1,380 रुपये का योगदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। जो लोग आर्थिक सहयोग करना चाहते हैं, उन्हें भारतीय नागरिक होना चाहिए और उनकी आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। दानदाताओं को दान प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।
      कांग्रेस पार्टी के 138वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 28 दिसंबर को नागपुर में एक विशाल रैली आयोजित की जाएगी। इस ऐतिहासिक रैली में कम से कम दस लाख लोग शामिल होंगे।

    21 क्विंटल प्रति एकड़ तथा 3100 रू. में धान खरीदी एकमुश्त भुगतान पर मंत्रिमंडल में कोई फैसला न होना किसानों से धोखा
    2 लाख तक ऋण माफी पर भी केबिनेट में कोई निर्णय नहीं
    महतारी वंदन के 1000 रू. प्रतिमाह पर भी भाजपा सरकार ने निर्णय नहीं लिया

      रायपुर/शौर्यपथ /

       भारतीय जनता पार्टी की विष्णुदेव सरकार की पहली ही केबिनेट की बैठक के निर्णयों से छत्तीसगढ़ की जनता को निराशा हुई। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने पत्रकार वार्ता में कहा कि राज्य में धान खरीदी शुरू है, भाजपा ने वायदा किया था प्रति एकड़ 21 क्विंटल 3100 रू. के भाव में धान की खरीदी करेंगे, साथ ही भाजपा ने वायदा किया था धान खरीदी केन्द्रों में, गांव में ही एकमुश्त नगद भुगतान किया जायेगा लेकिन केबिनेट की बैठक में इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया। यह ऐसा विषय है जिसमें तुरंत निर्णय लेने की आवश्यकता है। जब धान खरीदी केंद्रों में 21 क्विंटल के आधार पर निर्णय नहीं पहुंचेगा। 3100 के मूल्य तथा नगद भुगतान की व्यवस्था नहीं होगी तो किसानों के इस वायदे का क्या होगा?
      प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित भाजपा नेताओं ने किसानों का 2 लाख तक कर्जामाफ का वायदा भी किया था। इस संबंध में विजय शर्मा का प्रचार का अनेक वीडियों सोशल मीडिया में भी वायरल है, जिसमें वे 2 लाख तक कर्ज माफी करने का वायदा कर रहे है। केबिनेट में उसके बारे में भी कोई फैसला नहीं हुआ, किसानों से लिकिंग में कर्जा वसूली शुरू है। कर्ज माफी पर तुरंत आदेश की जरूरत है ताकि किसानों से वसूली बंद हो।
     प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा ने चुनाव में 70 लाख से अधिक माताओं-बहनों से फार्म भरवा कर सरकार बनते ही 1000 रू. प्रति माह, साल में 12000 रू. महतारी वंदन के तहत देने का वायदा किया था लेकिन केबिनेट में इस पर भी निर्णय नहीं हुआ। साथ ही 500 रू. सिलेंडर पर भी केबिनेट में विचार नहीं हुआ।
     प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पहली ही बैठक में भाजपा की सरकार ने वायदाखिलाफी के लिये जमीन तैयार करना शुरू कर दिया है। चुनाव के पहले सरकार बनते ही मोदी की गारंटी लागू करने का वायदा किया था, अब कह रहे पांच साल में गारंटी लागू करेंगे। कोई सरकार 24 घंटे में ही अपने वायदे से मुकर जायेगी इसका बड़ा उदाहरण भाजपा की सरकार ने पेश किया।

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग कांग्रेस संगठन में संगठनात्मक कार्यों में बदलाव की उम्मीद कर रहे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का मानना है कि अगर दुर्ग कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव नहीं हुए तो दुर्ग में कांग्रेस का दोबारा सत्ता में आना मुश्किल नजर आ रहा है . कांग्रेस के ऐसे कई कार्यकर्ता है जो दुर्ग कांग्रेस में बड़े बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में जिस तरह कांग्रेस संगठन निष्क्रीय रहा और चंद लोगों के पास ही फैसले के अधिकार रहे जिसके कारण कार्यकर्ता उस जोश के साथ कार्य नहीं कर पाए जिस जोश के साथ चुनाव में कार्यकर्ता कार्य करते हैं . कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की ऐसी लंबी लिस्ट है जो दुर्ग कांग्रेस के संगठन की कार्य प्रणाली से असंतुष्ट हैं कांग्रेस संगठन सिर्फ बंगले तक सीमित होने के कारण और लगातार 5 सालों तक उपेक्षा का शिकार होने के कारण कार्यकर्ताओं में वह जोश नहीं दिखा जो किसी भी चुनाव में दिखता है .
      ऐसे में अब दुर्ग कांग्रेस के कार्यकर्ता जो कांग्रेस से कट्टर समर्थक हैं और एक बार फिर पूरे जोश के साथ कार्य करना चाहते हैं परंतु कमजोर संगठन और चंद लोगों के एकाधिकार के कारण उनकी क्षमता का सही उपयोग नहीं हो रहा है हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में संगठन कहीं पर भी सक्रिय नजर नहीं आया वैसे तो संगठन में 300 से 400 पदाधिकारी हैं किंतु सभी सिर्फ दिखावा मात्र ही साबित हुए .
      आने वाले समय में लोकसभा चुनाव फिर नगरीय निकाय चुनाव होने वाले हैं ऐसे में अगर जल्द ही कांग्रेस संगठन में बड़ा फेर बदल नहीं किया गया तो कोई बड़ी बात नहीं होगी कि आने वाले लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस कही मुकाबले की स्थिति में नजर नहीं आएगा वही नगर निगम की सरकार जो 20 सालों बाद कांग्रेस के पास आई एक बार फिर भाजपा के हाथ में चली जाएगी .
      अब देखना यह है कि दुर्ग में जिस तरह से कांग्रेस की एक बड़ी हार हुई है उसे पर प्रदेश संगठन दुर्ग कांग्रेस के संगठात्मक स्थिति पर किस तरह से निर्णय लेता है क्या अभी भी दुर्ग कांग्रेस सिर्फ बंगले तक ही सीमित रह जाएगा या फिर आने वाले समय में इसमें कोई बड़ा बदलाव नजर आएगा . हाल ही के चुनाव में यह साफ नजर आया कि कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओ ने वोरा बंगले से दुरी बना ली थी व कई कांग्रेसी खुलकर तो कई परदे के पीछे रहकर कांग्रेस के प्रत्याशी के खिलाफ कार्य कर रहे थे ए ऐसे कार्यकर्ता थे जो पिछले पांच सालो तक सिर्फ उपेक्षा के ही शिकार हुए इन्हें वह महत्तव नहीं मिला जो किसी सरकार में मिलना चाहिए . इन कार्यकर्ताओ की निष्ठां कांग्रेस के प्रति तो थी किन्तु कांग्रेस प्रत्याशी के प्रति खासी नाराजगी भी देखने को मिली आने वाले समय में प्रदेश कांग्रेस संगठन दुर्ग कांग्रेस को एक बार फिर किस तरह से सक्रीय करता है  यह देखने वाली बात होगी .

     

    भिलाई / शौर्यपथ /भाजपा पार्षद व उप नेता प्रतिपक्ष दया सिंह ने कहा है कि आगामी 3 दिसंबर को छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के नतीजे आ जाएंगे। 3 दिसंबर को भिलाई नगर विधानसभा सहित छत्तीसगढ़ में कमल खिल जाएगा और भाजपा की सरकार बन जाएगी। लोगों ने जनादेश दे दिया है। लोग मोदी के साथ भाजपा को चुन लिए हैं। प्रदेश की कांग्रेस सरकार से त्रस्त होकर लोगों ने फिर से भाजपा को चुना है। 3 दिसंबर को दुर्ग जिले की सभी सीटों और प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रहे हैं। दया सिंह ने कहा कि भाजपा ने वादा किया है कि महतारी वंदन योजना के तहत हर महिला के खाते में 12000 रुपए सालाना दिया जाएगा। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर होंगी। युवाओं के लिए नौकरी की राह आसान हो जाएगी। सीजीपीएससी में हुए घोटाले की जांच होगी। किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान की पैदावार मिलेगी। इसके अलावा किसान भाइयों को एकमुश्त राशि का भुगतान हो जाएगा। इससे किसान समृद्ध हो जाएंगे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में भाजपा का चुनाव घोषणा पत्र जारी होने पर पीसीसी महामंत्री राजेंद्र साहू ने सवालों की झड़ी लगाते हुए कहा कि भाजपा के घोषणा पत्र को मोदी की गारंटी कहा गया है। मोदी ने 2014 में देश भर के किसानों की आय 2022 तक दोगुना करने का वादा किया था। उस वादे का क्या हुआ। महंगाई कम करने, हर साल दो करोड़ रोजगार देने, हरेक के खाते में 15 लाख रुपए देने सहित कई वायदे किये थे। इन सारे वायदों का क्या हुआ ?
      राजेंद्र ने कहा कि चुनावी लाभ लेने के लिए भाजपा ने किसानों के लिए कई वायदे किये हैं। सच ये है कि छत्तीसगढ़ के किसान 2640 रुपए की दर से धान बेच रहे हैं, जबकि दूसरे भाजपा शासित राज्यों में किसान 12 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान बेचने पर मजबूर हैं। रमन सिंह के राज में किसानों से प्रति एकड़ 15 क्विंटल धान खरीदी को घटाकर 12 क्विंटल प्रति एकड़ किया गया।  किसान विरोधी भाजपा 21 क्विंटल धान कैसे खरीदेगी।  
      राजेंद्र ने कहा कि भाजपा ने छत्तीसगढ़ में रमन राज में किसानों को 21 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने और बोनस देने का वादा किया था, लेकिन 15 साल में न तो 21 सौ रुपए की दर से धान खरीदी हुई, न बोनस दिया गया।
      इसी तरह पीएम नरेंद्र मोदी ने हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन 9 साल के मोदी राज में छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार नहीं मिला। रमन सिंह के 15 साल के राज में एक लाख लोगों को भी रोजगार नहीं दिया गया। कोरोना काल में पूरे देश में लाखों लोगों की नौकरी चली गई। आज तक उन्हें रोजगार नहीं मिला। मोदी सरकार ने बेरोजगार हुए लोगों की सुध भी नहीं ली।     
      राजेंद्र ने कहा कि 5 सौ रुपए में सिलेंडर देने का वादा भाजपा ने किया है। कांग्रेस राज में 4 सौ रुपए में सिलेंडर रिफिल होता था, जिसे मोदी सरकार ने 12 सौ रुपए कर दिया। मोदी को किसने रोका है? वे चाहें तो पूरे देश में सिलेंडर रिफिल की दर 5 सौ रुपए कर दें। मोदी की यह गारंटी भी छलावा है।
      राजेंद्र ने कहा कि मजदूरों को 10 हजार रुपए सालाना देने का वादा भी हवा हवाई है। कोरोना काल में सबसे ज्यादा अत्याचार केंद्र की मोदी सरकार ने किया। लाखों मजदूरों को हजारों मील  पैदल चलना पड़ा। भूखे पैदल चलनेे से कई लोगों की मौत भी हो गई। मजदूर विरोधी भाजपा ने लाखों मजदूरों का रोजगार छिनने पर रोजगार भी उपलब्ध नहीं कराया।         
      राजेंद्र ने कहा कि छत्तीसगढ़ के साथ ही पूरे देश को समझ आ चुका है कि मोदी केवल चुनाव जीतने के लिए गारंटी देते हैं और वादे करते हैं। न तो उनके वादे पूरे होते हैं, न गारंटी पूरी होती है। छत्तीसगढ़ की जनता को भूपेश बघेल पर भरोसा है, जिनकी सरकार बनते ही दो घंटे के भीतर किसानों की कर्ज माफी कर दी गई। किसानों से 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की गई। बिजली बिल हाफ योजना लागू हो गई। किसानों से 25 सौ रुपए और बाद में 2640 रुपए की दर से धान खरीदी की गई। युवाओं को 25 सौ रुपए बेरोजगारी भत्ता, मजदूरों को 7 हजार रुपए सालाना दिया जा रहा है। दर्जनों योजनाएं चालू की गई है जिससे छत्तीसगढ़ की जनता आर्थिक रूप से समृद्ध हो रही है। भूपेश जो कहते हैं, वो करते हैं। पहले वादा करना और बाद में जुमला कहना भाजपा की आदत है।

    रायपुर/शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा के पत्रकार वार्ता पर पलटवार करते हुये कहा कि मोदी सरकार छत्तीसगढ़ विरोधी नीति के काट के रूप में कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार मुख्यमंत्री आवास योजना शुरू किया है। केन्द्र की मोदी सरकार लगातार छत्तीसगढ़ की उपेक्षा कर रही थी। राज्य के प्रतीक्षारत 7 लाख आवासों की प्रतीक्षा सूची को केन्द्र लंबे समय से रोके रखा था जिसके कारण राज्य आवासहीनों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री को अनेकों बार पत्र लिखकर प्रतीक्षा सूची को क्लियर करने की मांग किया लेकिन राज्य के प्रति दुर्भावना के कारण भाजपा की केन्द्र सरकार ने राज्य के आवासों को लटकाये रखा है केन्द्र के इस दुर्भावना पूर्ण रवैये से राज्य की जनता को राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने राज्य अपनी आवास योजना शुरू किया है। जिसमें  7 लाख आवासहीनों को भूपेश सरकार स्वयं आवास उपलब्ध करायेगी। आने वाले समय में 17 लाख लोगों को आवास कांग्रेस देगी।

    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार गरीबों के आवास योजना को बंद करना चाह रही है। छत्तीसगढ़ ही नहीं पूरे देश में प्रधानमंत्री आवास योजना का आबंटन केंद्र सरकार के पास फंड की कमी के चलते रद्द किया गया है। मोदी सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना बंद करने का षडयंत्र कर रही। प्रधानमंत्री के गृह राज्य गुजरात में भी प्रधानमंत्री आवास योजना में मात्र 40 प्रतिशत काम हुये है। मध्यप्रदेश 30 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है ऐसे में भाजपा नेता मोदी सरकार के नाकामी पर पर्दा डालने झूठे आरोप लगा रहे है। छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा 800 करोड़ के राज्यांश के भुगतान के बाद में राज्य का आबंटन क्यो रद्द हुआ एक भी भजपा सांसद ने केंद्र से पूछने का साहस नहीं दिखाया। छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार इस दिशा में सतत प्रयासरत रहती है कि प्रत्येक जन कल्याणकारी योजना का लाभ छत्तीसगढ़ की जनता को मिले, चाहे वह केंद्र की योजना हो अथवा राज्य की। प्रधानमंत्री आवास योजना में केंद्रांश और राज्यांश क्रमशः 60 प्रतिशत और 40 प्रतिशत है इसलिए इस योजना के क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार हमेशा अपने अंश को देने कोताही बरतती है।

    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा को यदि वाकई में गरीबों की चिंता है तो मोदी सरकार से यह सवाल पूछना चाहिए कि उनके द्वारा छत्तीसगढ़ में पीएम आवास का आवंटन रद्द क्यों किया गया? मोदी सरकार छत्तीसगढ़ में पीएम आवास योजना के क्रियान्वयन को बाधित करने के लिए तरह-तरह के षड्यंत्र कर रही है और छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता दलीय चाटुकारिता के कारण गरीबों के सपनों को भूलकर भूपेश सरकार पर आरोप लगाने में व्यस्त हैं।

    भूपेश सरकार में छत्तीसगढ़ ने रचा है समृद्धि और सुशासन के कीर्तिमान

    तीन गुना ज्यादा कर्ज़ में लादकर मोदी सरकार कि वित्त मंत्री कह रही है कि आने वाली पीढ़ी पर हम कर्ज का बोझ कम कर रहे हैं ?


    रायपुर/शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी में केंद्र से लेकर निचले स्तर के नेताओं में झूठ और लफ्फाजी की होड़ मची है। भाजपाईयों द्वारा भूपेश पर भरोसे की सरकार के खिलाफ़ तथ्यहीन आरोप और अनर्गल बयान बाजी लगातार जारी है। एक तरफ जहां मोदी सरकार में भुखमरी इंडेक्स में 55 से 111 वें नंबर पर आ गए उन्हें दूसरी तरफ भूपेश सरकार में पिछले 56 महीना के दौरान 40 लाख लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं। छत्तीसगढ़ की जनता ने 15 साल रमन राज के कुशासन को भी भोगा है। विगत साढ़े 9 साल से मोदी सरकार की वादाखिलाफी भी देख ही रहे हैं। कोई भी भाजपा का नेता अपनी उपलब्धि बताने की स्थिती में नहीं है। यह शर्मनाक है कि देश के संसाधन, सार्वजनिक उपक्रम, नवरत्न कंपनियां, देश की संपत्तियों को बेचने के बावजूद 2014 की तुलना में देश पर कुल कर्ज का भार तीन गुना बढ़ाने वाली मोदी सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपनी आर्थिक नाकामी को वित्तीय प्रबंधन बता रही है। भुखमरी और गरीबी में लगातार पिछड़ने, महंगाई और बेरोजगारी शिखर पर पहुंचने, कर्जभार तीन गुना बढ़ाने के बाद भी यह कहना कि आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ हम कम कर रहे हैं, यह केवल कुतर्क है।

    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार छत्तीसगढ़ में धान खरीदी में अड़ंगे लगाती है और मोदी सरकार के मंत्री छत्तीसगढ़ आकर कहते हैं कि धान खरीदी केंद्र सरकार करती। अपराध को लेकर केंद्रीय गृह विभाग के अधिन जारी एनसीआरबी का आंकड़ा बताता है कि भूपेश सरकार आने के बाद गंभीर प्रकृति के अपराधों में कमी आई है, नक्सली घटनाओं और शहादत लगातार घटे हैं, महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध जो रमन राज में सातवें स्थान पर था वह वर्तमान में घटकर 17वें स्थान पर आ गया है, नियंत्रित हुआ है लेकिन भाजपा के नेता केवल चुनावी लाभ के लिए अपनी ही केंद्र सरकार के विभागों के द्वारा ज़ारी आंकड़ों को झूठलाते हैं। दलीय चटुकरिता में छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ का स्वाभिमान को अपमानित करने का कोई भी अवसर भारतीय जनता पार्टी के नेता नहीं छोड़ते हैं।

    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भूपेश बघेल सरकार की प्राथमिकता गांव, गरीब, किसान, गौपालक, वनोपज संग्राहक, नौकरी पेसा, महिलाएं, प्रदेश के युवाओं और आमजन का हित है, लेकिन मोदी सरकार की नीतियां केवल चंद पूंजीपति मित्रों के मुनाफे पर केंद्रित है। विगत साढ़े 9 साल में केंद्र की मोदी सरकार ने अपने चुनिंदा मित्रों का 25 लाख करोड़ का लोन राइट ऑफ कर दिया लेकिन किसानों को 2014 में किए गए वायदे के अनुरूप स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के आधार पर सीटू फार्मूले पर 50 प्रतिशत लाभ देने में बहाने बाजी कर रहे हैं। 100 दिन में महंगाई कम करने का वादा था लेकिन किया उल्टा। 2 करोड़ रोजगार नई नौकरी तो लगी लगे नौकरियों की खत्म होने लगी। 90 प्रतिशत एमएसएमई 2 साल के भीतर ही बंद हो जा रहे हैं। मोदी सरकार की सारी राहत और तमाम सहूलियतें केवल चंद बड़े पूंजीपत मित्रों के लिए है, आम जनता के लिए भुखमरी, गरीबी, बदहाली, महंगाई और बेरोजगारी ही आम जनता को मोदी सरकार की सौगात है। भूपेश सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को मुफ्त की रेवड़ी बताने वाले भाजपाई बताएं की देश के संसाधान क्या केवल मोदी के मित्रों के लिए है? 15 साल रमन राज की कुशासन भ्रष्टाचार और वादा खिलाफी छत्तीसगढ़ की जनता अभी भुली नहीं है। मोदी सरकार की गलत नीतियों के चलते बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ती असमानता से जनता त्रस्त है।  मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्री झूठे दावे करके जनता के जख्मो पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं। आने वाले चुनाव में छत्तीसगढ़ की जनता भारतीय जनता पार्टी को करारा जवाब देगी।

    मोदी सरकार धान की कीमत समर्थन मूल्य से ज्यादा देने में अड़ंगा लगाती है

    रायपुर/शौर्यपथ /प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा नहीं चाहती कि प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीदी हो इसीलिये मोदी सरकार ने 86 लाख मीट्रिक टन चावल के कोटे को घटाकर 61 लाख कर दिया है। मोदी सरकार धान की कीमत समर्थन मूल्य से ज्यादा देने पर भी अडंगा लगाती है। मोदी सरकार के प्रतिबंध के कारण ही भूपेश सरकार को किसानों को 2500 कीमत देने के लिये राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू कर 9000 रू. प्रति एकड़ इनपुट सब्सिडी देना शुरू किया था ताकि किसानों से किया वादा कांग्रेस सरकार पूरा कर सके। भाजपा को वोट देने का मतलब है धान खरीदी बंद करना और आने वाले समय में धान की पूरी कीमत नहीं मिलना होगा। भाजपा की मोदी सरकार धान पर घोषित समर्थन मूल्य से 1 रू. भी ज्यादा देने के खिलाफ है।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भले ही मोदी सरकार एक भी दाना चावल मत लें कांग्रेस सरकार किसानों से पूरा धान खरीदेगी। कांग्रेस सरकार राज्य के किसानों से प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदेगी तथा इस साल 125 लाख मीट्रिक धान की रिकार्ड खरीदी की जायेगी। भूपेश है तो भरोसा है कि आने वाले सालों में छत्तीसगढ़ का किसान 3600 रू. प्रति क्विंटल में धान की कीमत पायेगा। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ का किसान पूरे देश में धान की सबसे ज्यादा कीमत 2640 रू. पाया है। भाजपा शासित उत्तर प्रदेश, गुजरात जैसे राज्यों में तो किसानों का 1100 रू. धान बेचना पड़ता है।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष  सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि धान खरीदी में केन्द्र सरकार के सहयोगी की झूठी बाते करने वाले भाजपाई जवाब दे कि मोदी सरकार ने राज्य से चावल लेने में कटौती क्यों किया। एक तरफ जो कर्नाटका जब केन्द्र से 35 लाख टन चावल खरीदना चाहता है तो केन्द्र कहता है चावल का स्टाक नहीं है। वहीं मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के चावल के कोटे में इसलिये कटौती कर रहा कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार अपनी धान खरीदी की योजना सफल न कर पाये। यह भाजपा का छत्तीसगढ़ विरोधी चरित्र है।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा की केन्द्र सरकार छत्तीसगढ़ में धान खरीदी बाधित करने के लिये अभी से अडंगे बाजी शुरू कर चुकी है। केन्द्र ने सेन्ट्रल पुल में चावल का कोटा 86.5 लाख मीट्रिक टन से घटाकर 61 लाख कर दिया है। ताकि भूपेश सरकार इस बार जो 125 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने वाली है उसके निराकरण में राज्य ने केन्द्रीय जूट कमिश्नर से 3.56 लाख गठाने खरीदने के लिये मांग पत्र दिया था जिसको भी केन्द्र ने घटा दिया है। छत्तीसगढ़ को केवल 2.45 लाख गठाने देने की ही स्वीकृति दिया है। इस बार राज्य सरकार ने किसानों से 20 क्विंटल धान खरीदने का निर्णय लिया है तो बारदाना भी अधिक लगेगा। बारदाने के पूरे कीमत का भुगतान राज्य सरकार करती है। मोदी सरकार के इशारे पर जूट कमिश्नर इसमें कटौती कर भूपेश सरकार के किसानों से पूरा धान खरीदी के निर्णय में बाधा पहुंचाना चाह रहे।

    भाजपा ने छत्तीसगढ़ की जनता का हक राजभवन में रोकवाया
    आदिवासी, ओबीसी, अनुसूचित जाति तथा सामान्य सभी वर्ग के लोगों का अधिकार भाजपा ने रोका है

    रायपुर/ शौर्यपथ / भाजपा ने छत्तीसगढ़ की जनता का हक राजभवन में रोकवाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि आदिवासी समाज सहित छत्तीसगढ़ की सर्व समाज का अधिकार भारतीय जनता पार्टी के षड़यंत्रों के कारण राजभवन में 10 महिनों से रूका हुआ है। कांग्रेस की सरकार ने प्रदेश के सभी समाजों के लिये उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण का विधेयक विधानसभा में पारित करवा कर राजभवन भेजा था लेकिन भाजपा राजभवन में हस्ताक्षर नहीं होने दे रही।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि आरक्षण संशोधन विधेयक राजभवन में 10 महिनों से अटका हुआ है। अभी तक राजभवन ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किया है। प्रदेश में चुनावी दौरे पर भाजपा के बड़े-बड़े नेता आ रहे प्रधानमंत्री, भाजपा अध्यक्ष से लेकर केंद्रीय मंत्री तक आ रहे लेकिन राजभवन में रूके आरक्षण बिल पर सब मौन है। भाजपा के कारण आरक्षण बिल राजभवन में रुका हुआ है। भाजपा के आरक्षण विरोधी रवैये को कांग्रेस जनता के बीच लेकर जायेगी। भाजपा आरक्षित वर्ग के गरीबों के हितों में बाधक बनी हुई है। आरक्षण संशोधन विधेयक में आदिवासी समाज के लिये 32 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है। आरक्षण विधेयक राजभवन में रुका है तो इसका खामियाजा आदिवासी समाज को सबसे ज्यादा हो रहा।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस ने सर्व समाज को आरक्षण देने अपना काम पूरी ईमानदारी से करके सभी वर्गो के लिये आरक्षण का प्रावधान किया है। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति को उनकी जनगणना के आधार पर तथा पिछड़ा वर्ग को क्वांटी फायबल डाटा आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण का प्रावधान किया। इस विधेयक में अनुसूचित जनजाति के लिये 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिये 13 प्रतिशत तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को भी 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। 76 प्रतिशत का आरक्षण सभी वर्गों की आबादी के अनुसार निर्णय लिया है। यह विधेयक यदि कानून का रूप लेगा तो हर वर्ग के लोग संतुष्ट होंगे। सभी वंचित वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने सामाजिक न्याय को लागू करने यह विधेयक बनाया गया है। इस विधेयक को विधानसभा ने सर्वसम्मति से पारित किया है इसको रोकना जनमत का अपमान है। चुनाव में सर्वसमाज के लोग भाजपा से अपने आरक्षण को रोकने का हिसाब लेंगे।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि जो आरक्षण विधेयक राजभवन में अटका हुआ है उसके लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार अमित शाह हैं। राज्यपाल, केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देशन में ही काम करते हैं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे दुर्भावनावश इसलिए रोक कर रखा है ताकि आरक्षण का लाभ प्रदेश की जनता को ना मिल सके और राजनैतिक लाभ भूपेश सरकार को ना मिल सके। भाजपा को यह डर सता रहा है कि यदि भूपेश सरकार में 76 प्रतिशत आरक्षण लागू कर दिया तो ओबीसी, एसटी, एससी और ईडब्ल्यूएस को आरक्षण का अधिकार मिल जाएगा और उसके बाद भाजपा चुनाव में 14 सीट बचाने की स्थिति में भी नहीं रहेगी। विधानसभा में सर्वसम्मति से पास हो चुके आरक्षण विधेयक को राजभवन में निरुद्ध करवाकर शाह छत्तीसगढ़ के सर्वसमाज का हित बाधित कर रहे है। शाह बिल्कुल भी नहीं चाहते कि प्रदेश के बेरोजगार युवाओं और जनता को उनका अधिकार मिले। भाजपा और शाह छत्तीसगढ़ के युवाओं को उनके अधिकारों से वंचित और दर-दर भटकते देखना चाहते हैं। भाजपा का आरक्षण विरोधी चरित्र कांग्रेस चुनावी मुद्दा बनायेगी।

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision