August 26, 2026
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    राजनीति

    राजनीति (1230)

        Durg / Shouryapath / There are six assembly seats in Durg district. Durg city, Durg rural, Bhilai Nagar, Vaishali Nagar, Ahiwara and Patan. In the first list of Bharatiya Janata Party, Durg Lok Sabha MP Vijay Baghel has been declared as its candidate from Patan assembly constituency. After that, now in the remaining five assembly seats, Bharatiya Janata Party can once again play its village on former minister Prem Prakash Pandey from Bhilai Nagar assembly seat, while if we talk about Durg Rural, then from Durg Rural, former minister Ramsheela Sahu and It is expected that a decision will be taken between the names of Lalit Chandrakar. One of these names can be approved. In terms of caste equation, Smt. Ramsheela Sahu has the upper hand on this seat from Vaishali Nagar seat which is a reserved seat of Bharatiya Janata Party. Bharatiya Janata Party can field Rajya Sabha MP Ms. Saroj Pandey, Sangeeta Ketan Shah, belonging to an entrepreneurial family in Vaishali Nagar area, is also working hard, but somewhere in the candidate selection for Vaishali Nagar Assembly seat, former minister Prem Prakash Pandey will be included. Consent will also be important for the organization. In such a situation, the Bharatiya Janata Party organization may have to face difficulty in electing a candidate from Vaishali Nagar Assembly seat. It is also possible that BJP may bet on a new face from Vaishali Nagar seat. If we talk about Durg city assembly seat, at present Chaturbhuj Rathi and Late. The name of Mrs. Lilavati Yadav from the family of Hemchand Yadav is being prominent. Considering the important role that District President Jitendra Verma has played in reactivating the organization since last year, the opinion of Jitendra Verma will also be very important in such a situation in Durg Assembly. The organization can put its seal on any one of the names of Chaturbhuj Rathi and Smt. Lilavati Yadav from the seat, however, Dr. Mansi Gulati is also making internal efforts to present her claim and strengthen it, but in the present environment, her claim is not possible. It is negligible.

      Recently, after a long meeting in Raipur between Union Minister Amit Shah, National President JP Nadda, State in-charge Om Mathur, State President Arun Sao, Leader of Opposition Narayan Chandel and former Chief Minister Dr. Raman Singh, it is being decided that the state will Bharatiya Janata Party candidates have been decided on all 69 seats, hence it is believed that very soon the list of Bharatiya Janata Party MLA candidates of the state will be released by the Bharatiya Janata Party.
       18 years after the formation of Chhattisgarh, seeing the way the government formed in the state under the leadership of Chief Minister Bhupesh Baghel increased the importance of Chhattisgarhian tradition, Teej festival, Boli Bhakha in the state, the Bharatiya Janata Party organization also, considering the environment of the state, is giving importance to the local candidates. Anyway, it is believed that the candidature of Bharatiya Janata Party surprises everyone, the way Bharatiya Janata Party contested the Lok Sabha elections with new faces not only in the state but in the entire country. Seeing the fact that it had entered the fray and won a massive victory, it is not at all difficult to assess that in using factual information, the Bharatiya Janata Party always has the upper hand in its favour. In such a situation, the Bharatiya Janata Party risks fielding new faces in the election field. The organization can field new faces. Bharatiya Janata Party may field new faces from Durg district, Lalit Chandrakar from Durg Rural, Chaturbhuj Rathi from Durg city and Smt. Lilavati Yadav from Vaishali Nagar, Sangeeta Ketan Shah from Bhilai Nagar, former minister Pandey from Bhilai Nagar and some new face from Ahiwara. The possibility of entering the tax election battle also seems strong.

    रायपुर/ शौर्यपथ / देशभर के 220 भाजपा बड़े नेताओं को छत्तीसगढ़ चुनाव में लगाने पर तंज करते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि आज पता चला कि भाजपा में मोदी शाह और नड्डा से भी कोई बड़ा नेता हैं जिनकी ड्यूटी अब छत्तीसगढ़ के चुनाव में भाजपा लगा रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का चेहरा सरकार की जनकल्याणकारी नीतियां और जनता का कांग्रेस के प्रति भरोसा के आगे मोदी शाह नड्डा का झूठ प्रपंच प्रोपोगंडा नहीं चला। भाजपा के तीनो टाप लीडर फेल हो गये।भाजपा के तीनों बड़े नेता प्रदेश की जनता को भरमाने में असफल हो गए तो अब भाजपा नया प्रयोग कर रही है।मोदी शाह नड्डा से भी बड़े नेता हैं उनको अब छत्तीसगढ़ बुलाकर चुनावी वैतरणी पार लगाने का प्रयास कर रही है।
        प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व छत्तीसगढ़ के नेताओं को अविश्वसनीय और ढपोरशंख समझता है। इसीलिए भाजपा के छोटी-छोटी बैठकों के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष को आना पड़ता है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ड.ॉ रमन सिंह, सरोज पांडेय, लता उसेंडी एवं प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव इस लायक भी नहीं कि वे मंडल की बैठक ले सके। 2018 के विधानसभा चुनाव में 15 साल की सत्ता के बाद 15 सीट में सिमटी भाजपा इस कदर बिखर गई है कि ना तो उनके पास नेता है ना तो नेतृत्वकर्ता ना कार्यकर्ता और भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी इन नेताओं को इस लायक नहीं समझता।
        प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार बनने के बाद भाजपा में परिवर्तन की लहर चल रही है। 5 साल में चार प्रदेश अध्यक्ष तीन प्रदेश प्रभारी दो नेताप्रतिपक्ष अब तक बदले जा चुके हैं। अब भाजपा के तीनों बड़े नेताओं के स्थान पर नये 220 नेता सामने आकर चुनाव की कमान संभालेंगे भाजपा कुछ भी कर ले छत्तीसगढ़ में भाजपा अपनी 13 वर्तमान सीटों को बचा ले बड़ी बात होगी। कांग्रेस 75 से अधिक सीट जीत कर पुनः सरकार बनाएगी और छत्तीसगढ़ को एक नई ऊंचाई की ओर ले जाएगी।

    रायपुर/ शौर्यपथ / लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिल पर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने केंद्र सरकार के नियत पर सवाल खड़े करते हुये कहा कि मोदी जी की नीयत और नीति स्पष्ट होती तो 2024 के चुनाव में महिला आरक्षण का 33 प्रतिशत बिल लागू करने का प्रावधान होता। भाजपा की नीयत में खोट है इसलिए केंद्र सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 82-81(3) का हवाला दिया जिसके अनुसार 2026 का परिसीमन उसके बाद वाली जनगणना मतलब 2031 वाली जनगणना पर ही संभव है यानि महिला आरक्षण संभवतः 2039 तक ही हो सकती, 2019 में वादा में भी था महिला आरक्षण का 9 साल इसके बारे में एक कदम नहीं उठाये 2021 को जनगणना होनी थी वह भी नहीं हुआ। कहीं नरेंद्र मोदी सरकार के ये षड़यंत्र तो नहीं था इसलिए 2021 की जनगणना हुई होती तो 2024 के लोकसभा के चुनाव में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ देना पड़ता। भाजपा हमेशा महिलाओं से ही षड़यंत्र रचने का काम किये है।

    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान 73वें संविधान संशोधन के बाद स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए पंचायती स्तरों पर एक तिहाई आरक्षण का प्रावधान किया था। सिर्फ राजनीति ही नहीं बल्कि सेना, नौसेना और वायुसेना में महिलाओं को 11 प्रतिशत आरक्षण भी दिया गया था। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा से पंचायती राज से लेकर हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का काम किये है। मोदी सरकार ने 33 प्रतिशत आरक्षण के नाम पर महिलाओं को झुनझुना थमा दिया है। आरक्षण लागू किए जाने के लिए परिसीमन और जनगणना पर निर्भरता की शर्त सही नहीं है। केंद्र सरकार की मंशा ठीक होती तो आने वाले पांच विधानसभाओं के चुनाव में ही इसे लागू किया जाता। आरक्षण के नाम पर महिलाएं ठगा महसूस कर रही है। जातिगत जनगणना के नाम से भाजपा क्यों परेशान है? हाथी के दांत खाने के कुछ और दिखाने के कुछ और है। ऐसा ही भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के है। आरक्षण के नाम पर वोट मांगेंगे।

    भाजपा को छत्तीसगढ़ के बहुसंख्यक आबादी पिछड़ा वर्ग से इतनी नफ़रत क्यों?
     

         रायपुर/ शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में बहुसंख्यक आबादी के नेता, पिछड़ा वर्ग के किसान पुत्र भूपेश बघेल का मुख्यमंत्री होना भारतीय जनता पार्टी के नेता नेताओं को बर्दास्त नहीं हो रहा है। यही वजह है कि भाजपाई लगातार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ व्यक्तिगत तौर पर स्तरहीन टिप्पणी कर रहे हैं। पहले प्रतापगढ़िया रमन सिंह ने भूपेश बघेल को छोटा आदमी कहा, चूहा, बिल्ली और कुत्ता तक कहा, फिर भाजपा प्रभारी डी पुरंदेश्वरी ने थूक में बहाने की धमकी दी और अब इसी क्रम में विगत दिनों भाजपा के पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने सार्वजनिक मंच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जूते का कीड़ा कहकर अपमानित किया।
      प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सत्ता में रहने के दौरान छत्तीसगढ़िया संस्कृति, प्रथा, परंपरा, रीति रिवाज, खान पान को हिकारत भरी नजरों से देखने वाले भारतीय जनता पार्टी के नेता राजनीतिक तौर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का मुकाबला कर पाने में पूरी तरह अक्षम है। भूपेश सरकार में छत्तीसगढ़ में जो आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक समृद्धि आई है, छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान और आत्मसम्मान की पुनर्स्थापना हुई है तो भाजपाईयों को पीड़ा हो रही है। भाजपा ने सदैव ही ओबीसी वर्ग का अहित ही किया है। पिछड़ा वर्ग के खिलाफ़ षड्यंत्र करनेवाले भाजपाई दुर्भावना पूर्वक पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर मुख्यमंत्री के खिलाफ़ अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। इरादातन किए जा रहे अपमान पर छत्तीसगढ़ की जनता और पिछड़ा वर्ग भाजपा को माफ़ नहीं करेगा।
       प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा ने सदैव वही छत्तीसगढ़ में पिछड़ा वर्ग को उपेक्षित ही रखा है। इतिहास गवाह है कि भाजपा के पिछड़ा वर्ग के तत्कालिन बड़े नेता ताराचंद साहू को अपनी उपेक्षा का शिकार होकर भाजपा छोड़ने मजबूर होना पड़ा। अब वही स्थिती चंद्रशेखर साहू की है। 15 साल के रमन राज में प्रतापगढ़िया रमन सिंह, रतलामी मूणत, राजस्थानी और गुजराती भाजपा नेताओं ने भाजपा के स्थानीय एससी, एसटी, ओबीसी नेता और कार्यकर्ताओं का भरपूर शोषण किया। 15 साल छत्तीसगढ़ में सत्ता में रहते छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान और आत्मसम्मान को कुचलते रहे। भूपेश सरकार में जब स्थानीय एसटी, एससी, महिलाओं और सर्वाधिक आबादी वाले पिछड़ा वर्ग को सत्ता में प्रमुखता से भागीदारी निभाने का अवसर मिला है तो भारतीय जनता पार्टी के सामंतवादी नेताओं को हजम नहीं हो रहा है। भारतीय जनता पार्टी के नेता यह हजम नहीं कर पा रहे हैं कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग से हैं। प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष के तौर पर भी पिछड़ा वर्ग के नेता को अवसर मिला है। सरकार में प्रदेश के गृहमंत्री पिछड़ा वर्ग से आते हैं। यही नहीं उच्च शिक्षा और खेल मंत्री सहित अधिसंख्यक विधायक, निगम, मंडल, आयोगों के अध्यक्ष के रूप में पिछड़ा वर्ग के लोगों को अवसर मिला है। सामाजिक न्याय के फार्मूले पर भूपेश सरकार ने प्रतिमान स्थापित किया है तो भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को तकलीफ हो रही है।

    पिछले 15 सालों में सरकार का सिर्फ एक ही योजना रहा जनता के पैसा से कमीशन खाओ, मोबाईल बांटो, टिफिन बांटो और जूता चप्पल बांटो कमीशन खाओ
     

         रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश में पिछले पौने पांच सालो से कांग्रेस की सरकार है और इस कांग्रेस की सरकार ने लगातार छत्तीसगढ़ की जनता, छत्तीसगढ़ महतारी के लिये जनता की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का काम कर रही है। छत्तीसगढ़ की जनता ने 15 साल बाद सरकार चलाने का अवसर दिया है और ये सरकार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की नेतृत्व में चल रही है और कांग्रेस की सरकार गांव, गरीब, किसान, युवा, मजदूरो से लेकर तमाम वर्गो के हित साधने का काम कर रही है। पिछले 15 साल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार में भ्रष्टाचार का आलम रहा। पिछले 15 सालों में सरकार का सिर्फ एक ही योजना रहा जनता के पैसा से कमीशन खाओ, मोबाईल बांटो, टिफिन बांटो और जूता चप्पल बांटो कमीशन खाओ। पिछले 15 सालों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने पांच साल में एक बार बोनस देना या बोनस तिहार कभी बिजली तिहार कभी चना तिहार तो कभी नमक तिहार कभी चावल तिहार। कांग्रेस की सरकार आने के बाद तीजा त्योहार, पोरा त्योहार और छत्तीसगढ़ की संस्कृति से जुड़े हुये हर त्योहारो का छुट्टी देने का काम किया। उस त्योहार को संरक्षित करने का काम किया। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार आने के बाद 15 सालो के बाद में छत्तीसगढ़ में बहुत फर्क पड़ा है और छत्तीसगढ़ की गरीब जनता को 35 किलो चावल मिलने का काम हुआ, किसानों का कर्जा माफ हुआ, 2500 रू. समर्थन मूल्य में धान खरीदी हुआ और बस्तर में टाटा प्लांट को जो जमीन अधिकृत की गयी थी भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने उनके लगभग 5000 एकड़ जमीन को आदिवासी परिवार को वापस देने का काम किया। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने इंग्लिश स्कूल माध्यम से बच्चो को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाने का काम हुआ, युवाओ के हाथों में रोजगार देने का हुआ और लाखों हजारो युवाओं को नौकरी मिली है। छत्तीसगढ़ के तमाम माता बहनो के हाथों को मजबूत करने का काम कांग्रेस सरकार आने के बाद हुआ हैं। ये है छत्तीसगढ़ का बदलाव पिछले भारतीय जनता पार्टी के 15 साल के सरकार में क्या हुआ था और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार आने के बाद पौने पांच सालो में छत्तीसगढ़ की जनता के लिये कितना बेहतर काम हुआ है ये देखने का बदलाव देखने को मिला है। आदिवासी के जीवन में परिवर्तन आया, किसानों के जीवन में परिवर्तन आया, युवाओ के जीवन में परिवर्तन आया और माता बहनों के जीवन में परिवर्तन आया है। छत्तीसगढ़ की प्रगति और छत्तीसगढ़ की खुशहाली के लिये छत्तीसगढ़ की जनता में परिवर्तन आया अगर ये बदलाव कोई कर सकता है तो कांग्रेस पार्टी का सरकार कर सकती है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति को बचाना है और छत्तीसगढ़ की बोली भाषा को बचाना है तो कांग्रेस की सरकार जरूरी है। भारतीय जनता पार्टी का मकसद सिर्फ सत्ता हासिल करना है चाहे जो भी तन मन धन जो भी लगाये या सेंट्रल से ईडी और आईटी लगाये उनका सत्ता हासिल करना उनका मकसद है लेकिन कांग्रेस का मकसद है सत्ता हासिल करना नहीं आम गरीब जनता का सेवा करना है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस की सरकार ने सांसद राहुल गांधी की उपस्थिति में आवास न्याय योजना के माध्यम से पूरे गरीबो के जितने भी आवास पिछली सरकार ने केंद्र की सरकार ने रोक कर रखा था उनके खाते में आवास न्याय योजना के माध्यम से सीधे उनके खाते में पैसा डालने का काम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस की सरकार ने किया। अगर यह काम कोई कर सकता है तो कांग्रेस की सरकार कर सकता है। आज अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के  बटन दबाने से लाखो रूपये गरीब जनता के खाते में पहुंच गया। राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के नेतृत्व में हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बना और कर्नाटक में ऐतिहासिक बहुमत के साथ सरकार बना और राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस की सरकार बनेगी।

    रायपुर/ shouryapath / भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ आये और भाजपा कार्यालय में बैठक करके वापस चले गये। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा की सभाओं में भीड़ नहीं आ रही, शाह और नड्डा सहित केंद्रीय मंत्रियों की सभाओं में लोग नहीं आ रहे इसलिये अब भाजपा के बड़े नेता बंद कमरों में मीटिंग कर रहे। सभा करने का साहस नहीं जुटा पा रहे। कांग्रेस की सभाओं में लाखों लोग इकट्ठा हो रहे है, इससे भी भाजपा डरी हुई है। भाजपा नेताओं की सभा में जनता नहीं आ रही उनकी परिवर्तन यात्रा को जनता ने नकार दिया तो भाजपा के वरिष्ठ नेता चुनावी राज्य छत्तीसगढ़ में आकर बैठकों की औपचारिकता निभा रहे है।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा जनता के सवालों का जवाब देने का साहस नहीं जुटा पा रही। केंद्र में सरकार चलाते 9 साल हो गये जनता से जो वादे किये थे उसके बारे में छत्तीसगढ़ की जनता जानना चाहती है उसके सवालों का जवाब भाजपा कब देगी? 15 सालों तक छत्तीसगढ़ के शोषण, भ्रष्टाचार और अत्याचार का जवाब भाजपा नेतृत्व कब देगा।

    नड्डा और शाह जनता से मुंह छुपा कर जन सरोकारों के सवालों से भाग नहीं सकते है। नड्डा-शाह छत्तीसगढ़ की जनता को जवाब दें-

     नड्डा-शाह जवाब दे छत्तीसगढ़ की यात्री ट्रेनों को मोदी सरकार लगातार बंद और रद्द क्यों कर रही है?
     दो करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष के वादानुसार 18 करोड़ रोजगार युवाओं को कब मिलेगा? किसानों की आमदनी दुगुनी कब होगी? उपज की कीमत लागत मूल्य से डेढ़ गुना कब मिलेगा?
     15-15 लाख रुपया जनता के खाते में कब आयेंगे?
     100 दिन में महंगाई कम करने का वादा था लेकिन साढ़े 9 साल में भी महंगाई कम क्यों नहीं हुई?
     9 साल में देश के ऊपर कर्जभार 150 लाख करोड़ कैसे बढ़ गया?
     अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दाम घट गये है फिर भी देश में पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस के दाम कम क्यों नहीं हो रहे है?
     छत्तीसगढ़ के उद्योगपतियों को कोल का आबंटन कब होगा?
     छत्तीसगढ़ के नान घोटाले, चिटफंड घोटाले की जांच ईडी कब करेगी?
     पनामा पेपर वाले अभिषाक सिंह पर भाजपा मौन क्यों है इसकी जांच कब होगी?
     राजभवन में लंबित छत्तीसगढ़ संशोधन विधेयक हस्ताक्षर कब होगा?
     नक्सल मोर्चे पर तैनात केंद्रीय बटालियन के खर्च का छत्तीसगढ़ की जनता का 11 हजार करोड़ रू. केंद्र कब वापस करेगा?
     अडानी की सेल कंपनी में लगे 20 हजार करोड़ रू. किसके है? इस पर केंद्र सरकार चुप क्यों है?
     नगरनार प्लांट क्यों बेच रहे?
     नंदराज पहाड़ की लीज केंद्र रद्द क्यों नहीं कर रहा?
     एनएमडीसी का मुख्यालय बस्तर में क्यों नहीं आ रहा?
     दल्लीराजहरा, जगदलपुर रेल लाइन क्यों शुरू नहीं हो रही?
     भारत माला परियोजना रोड को जगदलपुर से क्यों नहीं जोड़ा जा रहा?
     मोदी सरकार ने 2006 के वन अधिकार अधिनियम में संशोधन क्यों किया?
     झीरम की फाइल एनआईए राज्य की एसआईटी को क्यों वापस नहीं कर रही?

      रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के पास सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं है तो भारतीय जनता पार्टी ऐसी संस्थाओं की विश्वसनीयता को संदिग्ध बनाने का षडयंत्र कर रही है। जिन पर प्रदेश के युवाओ को भरोसा है। राज्य लोक सेवा आयोग ऐसी संस्था है जो पढ़े लिखे युवाओं के सपनों को साकार करती है। बिना किसी ठोस आधार के अपनी दूषित कल्पना शीलता के आधार पर पीएससी जैसी संस्थाओं पर सवाल खड़ा किया जाना न सिर्फ निदंनीय है आपत्तिजनक है। यह ऐसा प्रकरण है जिसमें शिकायतकर्ता कोई नहीं है सिर्फ राजनैतिक दल अपनी राजनैतिक रोटी सेक रहा और सीबीआई जांच की मांग कर रहा है।
        प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि किसी परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक हुये हों। किसी परीक्षार्थी ने लेनदेन की प्रमाणिक शिकायत किया हो। किसी कोचिंग संस्थान के पूर्व अनुमानित प्रश्न पत्रों के सेट से पीएससी के प्रश्न पत्र हू-बहू मिल रहे थे। मेरिट में चयनित अभ्यार्थियों के इन्टरव्यू के नंबर लिखित परीक्षा के अंको में बहुत ज्यादा असमानता नजर आ रही थी। चयन का आधार इंटरव्यू के नंबरों की अधिकता हो। वर्तमान में राज्य लोक सेवा आयोग के परीक्षा परिणामों पर ऐसा कोई भी आरोप नहीं लगा है उसके बावजूद गड़बड़ी के मनगढ़ंत आरोप लगाना भारतीय जनता पार्टी का निम्न स्तरीय हथकंडा है। पीएससी के सफल परीक्षार्थियो की उत्तर पुस्तिका उनकी अंकतालिका पीएससी की वेबसाईट पर सार्वजनिक है। अभ्यर्थी उसको देख सकता है किसी अभ्यर्थी ने कोई भी गड़बड़ी का आरोप नही लगाया है। किसी मेरिट में चयनित अभ्यार्थियों के लिखित परीक्षा की अपेक्षा व्यक्तित्व परीक्षण के अचंभित करने वाले या संदेहास्पद नंबर मिले हो तो भी उसके आधार पर चयन सूची पर सवाल खड़ा किया जाये तो भी तार्किफ लगता है। लेकिन बिना किसी आधार के राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षा के रिजल्ट में सवाल खड़ा किया जाना भाजपा को मानसिक और राजनैतिक दिवालियेपन को दर्शाता है राज्य के युवा इसको कदापि बर्दास्त नहीं करेंगे।
       प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा के पास पीएससी की चयन सूची में गड़बड़ी के आरोपो का आधार क्या है? सिर्फ यही कि पीएससी में नेताओं, अधिकारियों, व्यवसायियों के बच्चो के कुछ नाम चयनित हो गये है। भाजपा को आपत्ति है कि पीएससी में सगे भाई-बहन, पति-पत्नि का चयन कैसे हो गया? जबकि परस्पर रिश्तेदारो का चयन किसी अधिकारी के रिश्तेदारो का चयन या व्यवसायी नेता के रिश्तेदारो का चयन पहली बार नहीं हुआ है और न ही यह अपराध और न ही किसी का रिश्तेदार होना अयोग्यता का पैमाना हो जाता है। भारतीय जनता पार्टी के समय भी 2004 से 2021 तक भी परस्पर सबंधियो के चयन होते रहे है। हम इसकी सूची सार्वजनिक कर चुके है। भाजपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पीएससी ने सबूत मिटाने उत्तर पुस्तिकाओं को नष्ट करने निविदा मंगाया है। जबकि राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षा परिणाम के दो साल तक उत्तर पुस्तिका सुरक्षित रखता वर्तमान में भी जो निविदा मंगाया है वह 2020 तक की है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है। भाजपा के नेता बिना तथ्यों के आरोप लगा कर भ्रम फैला रहे है।
       प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि इस प्रदेश में भाजपा के 15 सालो तक राज्य लोक सेवा आयोग तत्कालीन मुख्यमंत्री निवास का गुलाम बन गया था। 15 साल में मात्र 9 परीक्षाये आयोजित हुई थी। रमन राज में पीएससी में गड़बड़ी के प्रमाणित आरोप लगे थे तत्कालीन पीएससी अध्यक्ष अशोक दरबारी को राज्यपाल ने सस्पेंड किया था। तत्कालीन पीएससी के कार्यवाहक अध्यक्ष खेलनसाय जांगड़े की पुत्री का चयन डिप्टी कलेक्टर के रूप में हुआ था हमने उस पर सवाल नहीं खड़ा किया क्योकि रिश्तेदार होना गड़बड़ी का आधार नहीं माना जा सकता। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने स्पष्ट कहा है कि यदि पीएससी के चयन सूची में गड़बड़ी के कोई भी ठोस आधार साक्ष्य है तो उसको सामने लाये जांच की जायेगी कड़ी कार्यवाही की जायेगी। अपने राजनैतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिये राज्य लोक सेवा आयोग पर सवाल किया जाना सर्वथा अस्वीकार्य है।

    चौधरी ने गरीबों के घर दुकान तुड़वाए, तत्कालीन विधायक मंत्री बृजमोहन, मूणत, सुंदरानी मूकदर्शक थे

        रायपुर/ शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने भाजपा प्रदेश महामंत्री ओ.पी. चौधरी के ऑक्सीजोन के नाम पर हटाये गये व्यवस्थापन को लेकर दिये बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा है कि असलियत यह है कि 70 दुकानदारों को सड़क पर लाने के लिए ओपी चौधरी ही जिम्मेदार हैं और उन्हें अपने इस कृत्य के लिए दुकानदारों से माफी मांगनी चाहिए। रमन सरकार के दौरान ओपी चौधरी जब रायपुर कलेक्टर थे उस दौरान अनेको प्राचीन मंदिरों को तोड़ा गया। रमन राज में ही प्राचीन और ऐतिहासिक मरही माता मंदिर, मौली माता मंदिर तोड़े। कमीशनखोरी के लालच में डीएमएफ के पैसों से गलत तरीके से कटोरा तालाब का सौंदर्यीकरण किया गया, डीएमएफ के पैसों से वातानुकूलित ऑडिटोरियम, ऑक्सीजोन बनाए, दो-दो मंजिल के बिल्डिंग में चार-चार लिफ्ट लगाई अधिकारी के घरों में स्विमिंग पूल बनाए गए। खनन और उद्योग प्रभावित क्षेत्र के गरीब जनता के हक और अधिकार को लूट कर खाएं। भाजपा महामंत्री ओपी चौधरी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में 5 साल से कांग्रेस की सरकार है लेकिन वह रायपुर शहर में ऑक्सीजोन के नाम पर हटाए गए 70 दुकानदारों का व्यवस्थापन नहीं कर पाई। असलियत यह है कि रमन सरकार के दौरान अनैतिक कार्यो और प्रशासनिक आतंकवाद में ओपी चौधरी की अग्रणी भूमिका थी। बिना व्यवस्थापन के गरीबों के घर, मकान तोड़े गये, बेदखल किया गया। रोजी-रोटी छीनी गयी। सत्ता में रहने के दौरान किये गये पाप पर माफी मांगने के बजाय अब राजनैतिक लाभ के लिये अनर्गल बयानबाजी कर रहे है।
         प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि ओ.पी. चौधरी जब रायपुर कलेक्टर थे उन्हीं के निर्देश पर दिसंबर 2017 में नगर निगम ने ऑक्सीजोन के नाम पर पंडरी रोड पर बनी उन दुकानों को तोड़ गिराया था। उन दुकानों के हटने के एक साल बाद तक प्रदेश में भाजपा की ही सरकार रही थी। उस सरकार में दो मंत्री बृजमोहन अग्रवाल एवं राजेश मूणत रायपुर शहर के ही थे। जिस जगह से दुकानें हटीं वह एरिया रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र का था तब वहां के विधायक भाजपा के ही श्रीचंद सुंदरानी थे। सारे दुकानदार तब के कलेक्टर ओ.पी. चौधरी से लेकर बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत एवं श्रीचंद सुंदरानी के पास गुहार लगाते रहे थे, लेकिन उनमें से एक ने भी उनकी बात नहीं सुनी थी। प्रदेश में जब कांग्रेस की सत्ता आई तो लंबे समय से भटक रहे दुकानदारों के व्यवस्थापन की दिशा में काम शुरू हुआ। नगर निगम की सामान्य सभा से दुकानदारों के व्यवस्थापन का प्रस्ताव पास हो चुका है। वीरांगना अवंती बाई लोधी चौक पंडरी के पास व्यवस्थापन के लिए राज्य शासन ने अनुमति भी दे दी है। जल्द ही दुकानदारों का व्यवस्थापन हो जाएगा।

    रायपुर/ शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी चुनाव अभियान समिति की बैठक एआईसीसी के महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी कुमारी सैलजा, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में आने वाले चुनाव में अभियान समिति के कामों की व्यापक चर्चा कर रणनीति बनाई गयी। बैठक में निर्णय लिया गया कि 02 अक्टूबर को कांग्रेस भरोसा यात्रा 90 विधानसभा में होगी। जिला स्तर पर वक्ताओं को चिन्हांकित करके अलग-अलग क्षेत्रों में भेजा जायेगा। सरकार की योजनाओं को प्रचारित किया जायेगा। भाजपा के दुष्प्रचार की जानकारी के लिये तंत्र विकसित किया जायेगा। विभिन्न समाजों के लिये योजना बनाई जायेगी।  जिला स्तर चुनाव अभियान समिति विस्तारित किया जायेगा।

      चुनाव अभियान समिति की बैठक में एआईसीसी के सचिव एवं प्रदेश प्रभारी डॉ. चंदन यादव, सह-प्रभारी विजय जांगिड़, मंत्री मो. अकबर, मंत्री कवासी लखमा, मंत्री अनिला भेड़िया, मंत्री जयसिंह अग्रवाल, मंत्री अमरजीत भगत, मंत्री मोहन मरकाम, मंत्री उमेश पटेल, राज्य योजना आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रेमसाय सिंह, सांसद ज्योत्सना महंत, एआईसीसी सचिव विकास उपाध्याय, वरिष्ठ विधायक धनेन्द्र साहू, सत्यनारायण शर्मा, अमितेष शुक्ल, अरुण वोरा, विधायक यू.डी. मिंज, रामकुमार यादव, देवती कर्मा, किस्मत लाल नंद, पूर्व सांसद छाया वर्मा, कार्यसमिति सदस्य गंगा पोटाई, उपाध्यक्ष पी.आर.खुंटे, गुरूमुख सिंह होरा, अंबिका मरकाम, प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैंदू, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, पूर्व महामंत्री आनंद कुकरेजा, संयुक्त महासचिव विभा साहू, प्रदेश सचिव प्रवीण मेश्राम, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी कमलेश्वर वर्मा, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव पूर्णचंद पाढ़ी कोको, अंताव्यसायी सह. वित्त एवं विकास निगम के चेयरमैन धनेश पाटिला, प्रदेश कांग्रेस रिसर्च विभाग के चेयरमैन इदरीश गांधी, छ.ग. शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष रामकुमार पटेल, माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष बालम चक्रधारी, सिंधी अकादमी अध्यक्ष राम गिडलानी, रजक बोर्ड अध्यक्ष लोकेश कनौज्जे, लौह शिल्कार बोर्ड के अध्यक्ष लोचन विश्वकर्मा, चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष तरूण बीजौरा, मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष अल्ताफ अहमद, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ ब्रिगेडियर प्रदीप यदु, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी, आरडीए अध्यक्ष सुभाष धुप्पड़, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष एम.आर. निषाद, हज कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद असलम, केश शिल्पी बोर्ड के उपाध्यक्ष चित्रकांत श्रीवास, प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग महिला विंग शेषराज हरबंश, महासमुंद जिला पंचायत अध्यक्ष उषा पटेल, सरगुजा जिला पंचायत अध्यक्ष मधु सिंह उपस्थित थे।

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