August 26, 2026
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    राजनीति

    राजनीति (1230)

    यूपीए की मनमोहन सरकार के 2013 में तैयार सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना SECC के डेटा सार्वजनिक करे मोदी सरकार
    सामाजिक न्याय और पिछड़ों को सरकारी योजनाओं का लाभ क्यों नहीं देना चाहते भाजपाई

    रायपुर / शौर्यपथ / जातिगत जनगणना के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी की नीति और नियत पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है की देश की बहुसंख्यक आबादी ओबीसी वर्ग से भारतीय जनता पार्टी को आखिर इतनी नफरत क्यों है? स्वयं पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व करने का ढोंग करने वाले मोदी जी जब-जब पिछड़ा वर्ग को कुछ देने की बारी आती है तब-तब हमेशा ही अन्य पिछड़ा वर्ग को निराशा किया है। देश भर के लगभग सभी ओबीसी वर्ग के नेता जातिगत जनगणना कराये जाने के पक्ष में है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी से लगातार अनुरोध किया कि जनगणना रजिस्टर में जाति का कालम जोड़ा जाए लेकिन अपने आप को पिछड़ा वर्ग का हितैसी प्रचारित करने वाले मोदी सरकार, आरएसएस और भाजपाई नहीं चाहते की ओबीसी को उनकी संख्या के अनुपात में न्याय मिले, सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। भाजपा और केन्द्र की मोदी सरकार नही चाहती कि पिछड़ा वर्ग के आर्थिक, समाजिक स्थिति का सही आंकलन हो सके।
      प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि 1990 में विश्वनाथ प्रताप सिंह ने भी प्रयास किया था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी कि आरक्षण विरोधी सरकार में पिछड़ा वर्ग को दिए जाने वाले आरक्षण के मुद्दे पर ही सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया। केंद्र में यूपीए की मनमोहन सिंह सरकार ने 2011 में सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना SECC शुरु करवाया। मनमोहन सरकार के द्वारा 2013 में आर्थिक जाति जनगणना पूरी हुई, लेकिन केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद इन जातियों का डेटा आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया। पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने के फैसले के विरोध में ही भाजपा ने वी.पी. सिंह के नेतृत्व तत्कालीन संयुक्त मोर्चा की सरकार से समर्थन वापस ले लिया था और केन्द्र की सरकार को गिरा दिया था।
      प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि ओबीसी वर्ग को उनका अधिकार देने का काम छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार ने किया है। छत्तीसगढ़ में ओबीसी वर्ग की जाति का जनगणना भूपेश सरकार ने कराया क्वांटिफायबल डाटा आयोग का गठन किया, उसके आधार पर ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का विधेयक भी सर्वसम्मति से पारित किया है। छत्तीसगढ़ में बहुसंख्यक आबादी के हित और हक के लिए 76 प्रतिशत आरक्षण का सर्व सम्मति से पारित विधेयक विगत 2 दिसंबर 2022 से आज़ तक, भारतीय जनता पार्टी के षडयंत्रों के चलते ही राज भवन में लंबित है। भाजपा के कथनी और करनी के अंतर को जनता समझ रही है। छत्तीसगढ़ के भारतीय जनता पार्टी के नेता जातिगत जनगणना के संदर्भ में अपनी स्थिति स्पष्ट करें।

    कांग्रेस की सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ में सकारात्मक परिवर्तन आ गया है

        रायपुर / शौर्यपथ / राजीव भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये वरिष्ठ मंत्री मोहन मरकाम ने कहा कि भाजपा की परिवर्तन यात्रा को जनता ने नकार दिया। परिवर्तन यात्रा में भीड़ नहीं एकत्रित हो रही। परिवर्तन यात्रा में लोग नहीं आ रहे है। इसलिये अमित शाह भी दंतेवाड़ा में नहीं आये। बाद में भी उसके कार्यक्रम बना रद्द कर दिया। भाजपा की तथाकथित परिवर्तन यात्रा में जो प्रदेश के बाहर के नेता आ रहे है उसके नुक्कड़ सभाओं के बराबर भी भीड़ नहीं इकट्ठा हो रही। तमाम कोशिशों लाखों रू. खर्च करने के बाद भाजपा की परिवर्तन यात्रा फ्लाप हो गयी। भाजपा की परिवर्तन यात्रा को असफल होना इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ की जनता प्रदेश में परिवर्तन नहीं चाहती है।
        भाजपा के परिवर्तन यात्रा में 15 दिन में प्रधानमंत्री से लेकर दर्जनों केंद्रीय मंत्री आए और चले गये इनके आने से छत्तीसगढ़ की जनता को क्या मिला? भाजपा के राजनैतिक यात्रा में सरकारी खर्चे और सुख सुविधा विलासिता उपभोग कर आये केंद्रीय मंत्रियों ने सिर्फ भाजपा का प्रचार-प्रसार किया। जब कोई मंत्री का दौरा होता है तब जनता उस मंत्री से कोई नई सौगात की उम्मीद करती है। उनके विभाग से संबंधित समस्याओं का हल चाहती है जो इन केंद्रीय मंत्रियों के दौरा में कहीं नहीं दिखा। भाजपा के परिवर्तन यात्रा में प्रधानमंत्री, केंद्रीय राज्य शिक्षा मंत्री, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री, केंद्रीय रेलवे राज्य मंत्री, सहकारिता राज्य मंत्री, बिजली एवं उद्योग राज्य मंत्री, जल शक्ति एवं जनजाति राज्य मंत्री, सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री, आयुष राज्य मंत्री, सहकारिता मंत्री, आये थे। इनके आने से छत्तीसगढ़ को क्या मिला? कोई नई घोषणा छत्तीसगढ़ की जनता के हित में इन्होंने नहीं किया? भाजपा के सांसदों ने भी छत्तीसगढ़ के लिए इनसे कोई मांग नहीं की।
      प्रदेश की जनता ने अपने हालात में परिवर्तन 2018 में कर दिया था जिसके परिणाम स्वरूप प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी और प्रदेश के लोगों के जीवन स्तर में परिवर्तन आया। दिसंबर 2018 में रमन सरकार की विदाई के साथ छत्तीसगढ़ में आमूलचूल परिवर्तन आया है. परिवर्तन आ गया है तभी तो 15 सालों तक छत्तीसगढ़ की अस्मिता को भूलने वाली भाजपा अपने तथाकथित परिर्वतन रथ में छत्तीसगढ़ महतारी की फोटो लगाने को मजबूर हुई है। रमन राज में किसानों को उनकी उपज की पूरी कीमत नहीं मिलती थी परिवर्तन हो गया अब कांग्रेस सरकार के राज में किसान 2640 रू. प्रति क्विंटल प्राप्त कर रहा है। रमन राज में कुल 50 लाख टन धान की खरीदी होती थी परिवर्तन हो गया कांग्रेस राज में 107 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो रही है। इस वर्ष 125 लाख मीट्रिक टन की खरीदी होगी।
     रमन राज में सिर्फ 10 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी का नियम बना फिर 15 क्विंटल किया विरोध के बाद परिवर्तन हो गया भूपेश सरकार प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदी करेगी। भाजपा के राज में किसान कर्ज के कारण आत्महत्या करते थे परिवर्तन हो गया भूपेश राज में 20 लाख किसानों का 10 हजार करोड़ का कर्जामाफ हो गया है किसान खुशहाल हो गये है। भाजपा के रमन सरकार के समय राज्य की बेरोजगारी दर 22 प्रतिशत थी उसमें परिवर्तन हो गया भूपेश राज में 0.5 प्रतिशत रह गयी है।
     रमन राज में सरकारी नौकरी में भर्तियां बंद थी परिवर्तन हुआ भूपेश सरकार ने पिछले पांच साल में 1 लाख सरकारी नौकरियों में युवाओं की भर्तियां किया तथा 5 लाख युवाओं को रोजगार दिया। भाजपा के राज में छत्तीसगढ़ के लोग महंगी बिजली खरीदने को मजबूर थे, कांग्रेस के राज में 400 यूनिट तक बिजली के दाम आधा हो गये। लगभग 42 लाख से अधिक लोगों को लगभग 4000 करोड़ रू. की राहत बिजली के बिल में भूपेश सरकार ने दिया। रमन राज में तेंदूपत्ता संग्राहकों को मात्र 2500 रू. मानक बोरा मिलता था परिवर्तन हुआ कांग्रेस सरकार उसको बढ़ाकर 4000 रू. देती है। भाजपा शासन काल में 7 वनोपजों की खरीदी होती थी परिवर्तन के बाद कांग्रेस सरकार 65 वनोपज खरीदती है।
     भाजपा के राज में निरापराध आदिवासी जेलों में डाले जाते थे, कांग्रेस ने 1300 से अधिक लोगों को रिहा किया। भाजपा सरकार लोगों की 5 डिसमिल तक जमीनों की रजिस्ट्री नहीं होने देती थी परिवर्तन हुआ कांग्रेस ने सभी को उनकी जमीनों को अपने अनुसार बेचने का अधिकार दिया। रमन राज में लोगों के मकानों, दुकानों को तोड़ने की धमकियां दी जाती थी, भयादोहन होता था परिवर्तन हुआ कांग्रेस की सरकार ने नियमितीकरण नियम लाकर लोगों को राहत दिया। रमन राज में छोटे व्यापारियों को हर साल गुमास्ता का नियमितीकरण कराना पड़ता था परिवर्तन हुआ कांग्रेस सरकार ने उसकी आजीवन कर दिया।
     रमन राज में छोटे-छोटे दस्तावेजों बनाने के लिये सरकारी ऑफिस के चक्कर काटना पड़ता था परिवर्तन हुआ कांग्रेस सरकार ने मितान योजना में दस्तावेज बनाकर घर पहुंचाया जाता था।
     रमन राज में नक्सली राजधानी रायपुर तक पहुंच गये थे परिवर्तन हुआ कांग्रेस राज में नक्सलवादी घटनाओं में 80 प्रतिशत तक की कमी आई है। भाजपा शासनकाल में प्रदेश में 8 मेडिकल कॉलेज थे परिवर्तन हुआ भूपेश सरकार में 13 मेडिकल कॉलेज हो गये, 4 खुलने वाले है।
     परिवर्तन हुआ कांग्रेस राज में गरीब आदमी की अपने बच्चों को मुफ्त अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा दिला रहा, 727 स्वामी आत्मानंद स्कूल खुले, भाजपा राज में तो मॉडल स्कूल बने थे उसको तक को बेच दिये।
     रमन राज में किसानों की जमीनें सरकार जबरिया लेती थी परिवर्तन हुआ कांग्रेस सरकार ने 1700 किसानों की 4200 एकड़ जमीनों को वापस किया। भाजपा के राज में 15 सालों तक छत्तीसगढ़ के तीज त्योहारों संस्कृति को भुला दिया गया था, भूपेश राज में हालात बदल गये अब तीजा, पोरा, होली, आदिवासी दिवस, माता कर्मा जयंती मनाना शुरू हुआ है। आदिवासी परब सम्मान निधि से अब स्थानीय मान्यताओं को संवारा जा रहा है।
     भाजपा राज में माता कौशल्या और भगवान राम को भी 15 सालों तक भुला दिया गया था, कांग्रेस सरकार ने भव्य माता कौशल्या मंदिर चंदखुरी में बनाया और भगवान राम वन गमन पथ बनाने का काम तीव्र गति से शुरू।
     भाजपा राज में गौशालाओं के अनुदान के नाम पर 1067 करोड़ का घोटाला किया गया, भूपेश राज में 10 हजार गोठानों में गौसेवा का काम शुरू हुआ जहां लाखों महिला स्व सहायता समूह की बहने आत्म निर्भर हो रही है। भाजपा किस बात के लिये परिवर्तन चाहती है, किसानों को मिलने वाली भरपूर कीमत या राज्य की बेरोजगारी दर आधा फीसदी है उसमें, आखिर किस बात का परिवर्तन चाहती है भाजपा। पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा, प्रवक्ता अजय गंगवानी, ऋषभ चंद्राकर उपस्थित थे।

      रायपुर / शौर्यपथ / भाजपा के आरोप पर तीखा पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज  ने गरीबों के आवास छीनने वाले मोदी सरकार की पोल खोली तब भाजपा के नेता तिलमिला रहे हैं। कल तक जो भाजपा प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम से झूठ की राजनीती कर रहे थे। आज सच सामने आने से मुंह छिपा रहे हैं। यह सच है मोदी सरकार ने ही प्रदेश के लाखो गरीबों से उनका आवास छीना हैं। उनके स्वयं के घर के सपने को कुचला है। भाजपा के नेता मोदी की चाटुकारिता में  प्रदेश के गरीबों के साथ हुऐ  अन्याय अत्याचार पर भी मौन थे और मोदी के गुणगान करने के लिए राज्य सरकार पर झूठे आरोप लगा रहे थे। मुख्यमंत्री आवास न्याय योजना के तहत लाखों बेघर को घर दिया जा रहा है तब भाजपा नेता राजनीति कर रहे हैं असल मायने में भाजपा गरीब विरोधी है।
    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा नेताओं को बताना चाहिए कि आखिर मोदी सरकार ने 2021-22 के लिए आवंटित ग्रामीण क्षेत्रों में 7,81,999 घरों के लक्ष्य को तत्काल प्रभाव से वापस लेकर गरीबों के साथ अन्याय क्यों किया?भाजपा के सांसदो ने गरीबो को उनका घर दिलाने केंद्र में प्रयास क्यों नही किया? मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गरीबो को आवास दिलाने प्रधानमंत्री को पत्र लिखे तो भाजपा सांसद मौन क्यों थे? 2022-23 में भी गरीबों को आवास नहीं दिया गया। भाजपा नेता प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम से सिर्फ राजनीति कर गरीबों को गुमराह कर रहे थे भरमा रहे थे और मोदी सरकार की गरीब विरोधी चरित्र पर पर्दा कर रहे थे।
       प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा बताये जब प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत हुई तब भारत सरकार के सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना 2011 के अनुसार 1875585 ग्रामीण हितग्राही थे लेकिन उस दौरान रमन सरकार ने मात्र 2 लाख 18 हजार ग्रामीण मकान स्वीकृत क्यो किया? प्रदेश के 16 लाख 57 हजार 585 गरीबो को पीएम ग्रामीण आवास योजना से वंचित क्यो रखा? भूपेश सरकार में 1176146 ग्रामीण हितग्राहियों का आवास का सपना पूरा हुआ। इसमें 7 लाख और नये नाम जुड़ गये अब 18 लाख से अधिक लोगों को आवास मिल गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार में पौने 5 साल में ग्रामीण एवं शहरी मिलाकर 14 लाख 38 हजार 823 मकान स्वीकृत हुये जबकि रमन सरकार के दौरान पौने चार साल में ग्रामीण एवं शहरी मिलाकर मात्र 2 लाख 37 हजार मकान स्वीकृत हुआ था। प्रतिवर्ष के अनुसार देखा जाए तो भूपेश सरकार के पौने 5 साल में प्रति वर्ष 2 लाख 80 हजार मकान बने जबकि रमन सरकार के पौने चार साल में प्रति वर्ष मात्र 59 हजार मकान ही बने थे। भूपेश सरकार ने गरीबो के मकान बनाने अब ग्रामीण एवं शहरी मिलाकर 8489 करोड़ रुपया से अधिक की राशि जा रही कर चुके है। जबकि रमन सरकार के पौने चार साल में मात्र 272 करोड़ राज्यांश दिया गया था।

    दुर्ग। शौर्यपथ ।सांसद प्रतिनिधि प्रमोद सिंह ने कहा कि आरोप लगाने वाले विधायक देवेंद्र यादव के 9 साल के राजनीतिक जीवन में जितना भ्रष्टाचार गुंडागर्दी का आरोप लगा है!इसका प्रत्यक्ष उदाहरण ईडी की कार्यवाही है!जो कि जनता देख रही है! वहीं सांसद विजय बघेल जी के लंबी राजनीतिक कैरियर में आज तक किसी ने छोटी से छोटी आरोप नहीं लगा सके! जो कि आप झूठी आरोप लगाकर ओछी राजनीति कर रहे हैं!

     जहां तक सेक्टर 4 में पानी टंकी के मामले में आपने आरोप लगाने में झाड़ू लगा कर फोटो खिंचवाने का आरोप लगाये है वह बिल्कुल बेबुनियाद है!हकीकत यह है! कि सांसद जी छत्तीसगढ़ का दौरा कर 2:00 बजे रात को घर पहुंचने के बावजूद सुबह 7:00 बजे पानी टंकी धराशाई की सूचना मिलने पर तत्काल घटनास्थल जाकर मुआयना किया।एवं आसपास के रहवासियों से मिलकर उनका दुख दर्द सुना। क्योंकि छत्तीसगढ़ का पारंपरिक त्यौहार कमर छठ का पर्व था। लोगों के पीने का पानी तक नहीं था!और व्रत धारी उपवास में थे!यह देखकर सांसद विजय बघेल जी तत्काल बीएसपी व नगर निगम के उच्च अधिकारियों को पानी की व्यवस्था एवं रोड पर बिखरे मलबे की साफ सफाई करने का निर्देश दिया!

     कार्यवाही विलंब होते देख खुद हाथ में फावड़ा लेकर अपने समर्थकों के साथ रोड से मलवा हटाने मैं लग गए जिससे जनता के लिए आवागमन सुचारू रूप से चालू हो जाए और सांसद जी ने यहां तक बीएसपी प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए जांच करने का आदेश दिया!और उच्च अधिकारियों से लगातार जानकारी लेते रहे!ताकि जनता का सुचारू रूप से पानी उपलब्ध हो सके

     बीएसपी प्रबंधन टाउनशिप में पानी पहुंचाने के लिए स्टेंटबाय के तौर पर वैकल्पिक व्यवस्था कर रहा है! उसका श्रेय विधायक खुद ले रहे हैं! 336 करोड़ की परियोजना की राशि बीएसपी का है! राज्य सरकार इसमें सिर्फ वर्किंग एजेंसी है! और विधायक इसका श्रेय लेते हुए लोगों को प्रचारित करते हुए यह कह रहे हैं!कि जनता को गंदा पानी नहीं पीना पड़ेगा जबकि इस परियोजना का पेयजल से कोई लेना देना नहीं हैं! यह स्टेंटबाय परियोजना है। उन्होंने यह भी कहा कि संयंत्र प्रबंधन से सहमति लिए बिना उद्घाटन के लिए प्रभारी निदेशक का नाम पत्रक में उलझ कर दिया गया है। सांसद जी को ठग कहने वाले विधायक अपने नेता को देख ले जो पूरे छत्तीसगढ़ को ठग रहे हैं!

    दलगत आधार पर सुरक्षा देना हटाना भाजपा की मानसिकता कांग्रेस की नहीं
    भाजपा ने कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा हटाया था जिसमें 31 नेता शहीद हुये थे

    रायपुर/ शौर्यपथ / भाजपा द्वारा अपनी परिवर्तन यात्रा के पहले उसकी सुरक्षा को लेकर जताई जाने वाली चिंता चोर की दाढ़ी में तिनका के जैसे है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा ने अपने शासन काल में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा को घोर नक्सली इलाकों में सुरक्षा नहीं दिया जिसके कारण कांग्रेस ने अपने नेताओं की पूरी पीढ़ी को खोया था जिसमें 31 लोगों की शहादत हुई थी। भाजपा को इस बात का डर सता रहा है कि कांग्रेस सरकार भी उन्हीं के समान सुरक्षा में कटौती न कर दे। दलगत आधार पर सुरक्षा देना और सुरक्षा हटाना भाजपा की मानसिकता रही है। कांग्रेस पार्टी के लिये हर नागरिक की सुरक्षा देना और हर नागरिक का जीवन अनमोल है। भाजपा की तरह कांग्रेस दोहरी मानसिकता से काम नहीं करती। भाजपा की सरकार ने कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा को सुरक्षा नहीं दिया था। जिसके कारण कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की पूरी पीढ़ी की हत्या हो गयी थी।
       प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रमन सिंह के मुख्यमंत्री रहते हुये जीरम का क्रूर नरसंहार हुआ था जिसमें कांग्रेस के बड़े नेताओं की पूरी पीढ़ी की हत्या कर दी गयी थी। प्रदेश की जनता जानना चाहती है बस्तर के घोर नक्सल क्षेत्रों में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा को रमन सिंह ने क्यों हटवाया था? परिवर्तन यात्रा के ठीक एक हफ्ता पहले रमन सिंह स्वयं विकास यात्रा लेकर बस्तर गये थे उनकी विकास यात्रा में पूरी सुरक्षा दी गयी थी। नंदकुमार पटेल, विद्याचरण शुक्ल, महेन्द्र कर्मा जैसे नेताओं की उपस्थिति वाली कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा को पूरी तरह हटा लिया गया था? रमन सिंह बतायें उन्होंने किस उद्देश्य से कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा को हटाया था?
       प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपाई अनावश्यक डर रहे छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार बनने के बाद हालात में परिवर्तन आ गया है। अब वे बिना सुरक्षा के भी भयमुक्त होकर अपनी राजनैतिक गतिविधियां संचालित करें। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद राज्य के नक्सल घटनाओं में 80 प्रतिशत तथा नक्सल हत्या में 50 प्रतिशत की कमी आई है। वर्ष 2008 से लेकर 2018 तक के आंकड़ों को यदि देखा जाए तो इस दौरान राज्य में नक्सली हर साल 500 से लेकर 600 हिंसक घटनाओं को अंजाम देते थे, जो कि बीते पांच वर्षों में घटकर औसतन रूप से 250 तक रह गई है। वर्ष 2022-23 में मात्र 134 नक्सल घटनाएं हुई हैं, जो कि 2018 से पूर्व घटित घटनाओं से लगभग चार गुना कम हैं। राज्य में 2018 से पूर्व नक्सली मुठभेड़ के मामले प्रतिवर्ष 200 के करीब हुआ करते थे, जो अब घटकर दहाई के आंकड़े तक सिमट गए हैं। इन आंकड़ों को देख कर भाजपा अपने अंदर का डर निकाल दे और अपनी यात्रा निशि्ंचत होकर निकाले।

    भाजपा कार्यकर्ताओं को भी पता है 15 साल तक रमन सरकार में कमीशनखोरी भ्रष्टाचार हुआ था

         रायपुर/ शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा के आरोप पत्र लॉन्चिंग कार्यक्रम से जनता तो दूर रही भाजपा के नेता और कार्यकर्ता भी नहीं पहुंचे कुर्सियां खाली रही है। प्रदेश की जनता और भाजपा के नेता और कार्यकर्ता जो 15 साल तक शोषित और प्रताड़ित थे। वो अमित शाह के साथ मंच में बैठे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत, अजय चंद्राकर, नारायण चंदेल के भ्रष्ट और कमीशनखोरी वाले चरित्र को जानते और पहचानते हैं। उन्हें पता है की 15 साल तक इन्हीं नेताओं ने इस प्रदेश को लूटने का काम किया था जो आज एक जनकल्याणकारी सरकार के ऊपर झूठे आरोप लगाकर ओछी राजनीति कर रहे हैं इसलिए अमित शाह के कार्यक्रम से दूरी बना लिये।
           प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा के आरोप पत्र लॉन्चिंग कार्यक्रम से जनता ने दूरी बनाकर चुनाव के पहले ही भाजपा को परिणाम बता दिया। एक ओर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के खुले मैदान में हुई सभा में युवाओं का जनसैलाब उमड़ा था चार लाख से अधिक युवा राहुल गांधी को सुनने आये। वहीं दूसरी ओर भाजपा के नेता अमित शाह के कार्यक्रम की कुर्सियां खाली थी भाजपा का चरित्र प्रदेश की जनता जानती है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रायपुर में अमित शाह के कार्यक्रम की जो दुर्दशा हुई वही हाल सराईपाली के कार्यक्रम में हुई कार्यक्रम में भीड़ जुटाने उड़ीसा से लोगों को लाया गया तब कहीं जाकर कुछ भीड़ इकट्ठा हो पाई थी। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार विधानसभा में विधेयक पारित कराकर 76 प्रतिशत आरक्षण का कानूनी अधिकार दिया है। वह सिर्फ राजभवन में हस्ताक्षर नही होने के चलते लंबित है। अमित शाह को प्रदेश की जनता को बताना चाहिए कि आखिर प्रदेश के आरक्षण बिल को राजभवन में क्यों रुकवाया गया? राजभवन किसके इशारे के चलते उक्त बिल पर साइन नहीं कर रही है? इसे समझ में आता है कि भाजपा आरक्षण विरोधी है और आरक्षित वर्ग को उनके अधिकार से रोकने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। प्रदेश सरकार के द्वारा सदन में बहुमत से पारित कराई गई बिल को भी रोकने षड्यंत्र कर सकती है।

    भाजपा का आरोप पत्र छत्तीसगढ़ को बदनाम करने की साजिश

    भाजपा का आरोप पत्र सतही झूठ का पुलंदा

    भाजपा का आरोप पत्र छत्तीसगढ़ की जनता के खिलाफ - कांग्रेस

    रायपुर। शौर्यपथ । प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा के द्वारा लगाये गये आरोप को सिरे से खारिज करते हुये कहा कि भाजपा के पास मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के चेहरा के आगे कोई चेहरा नहीं है सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं के आगे कोई मुद्दा नहीं है भूपेश सरकार में प्रदेश के हर वर्ग खुशहाल हुआ है। भाजपा राजनैतिक हताशा में जो आरोप लगा रहे है उसका कोई प्रमाण नहीं है।

    ऽ भाजपा के आरोप पत्र से ही भूपेश बघेल की सफलता साफ नजर आ रही है जिस छत्तीसगढ़ की संस्कृति भाषा और तीज त्योहार को भाजपा ने 15 साल तक दबाकर रखा था। अपने आरोप पत्र में भाजपा छत्तीसगढ़ी भाषा का उपयोग करने को मजबूर हुई है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति का यही सम्मान तो भूपेश बघेल चाहते है।

    ऽ जिन अमित शाह के ऊपर 1.45 लाख आरोप देश भर से केन्द्र सरकार पास पहुंचे है वे किस नैतिकता से कांग्रेस की लोकप्रिय सरकार के खिलाफ आरोप पत्र जारी कर रहे है?

    ऽ भाजपा का आरोप पत्र में जो कार्टून बनाया है उसी से साबित हो रहा है कि इसी झूठे आरोप पत्र को बनाने के लिये भाजपा छत्तीसगढ़ में ईडी को गली मुहल्लों में घुमवा रही है।

    ऽ ईडी आईटी को लगाकर प्रदेश के 200 से अधिक झूठी कार्यवाहियां करवाने के बावजूद भाजपा कांग्रेस सरकार के खिलाफ एक भी प्रमाणिक आरोप लगाने की स्थिति में नहीं है ईडी के माध्यम से पटकथा जरूर तैयार कराया लेकिन वह भी सतही और काल्पनिक साबित हुई है।

    ऽ हाल ही में प्रधानमंत्री ने जिस अजीत पवार को 70 हजार करोड़ के सिंचाई घोटाले सहकारी घोटाले का प्रमुख आरोपी बनाया भाजपा के सहयोगी बनते ही ईडी ने चार्ज शीट से नाम हटा दिया।

    ऽ अडानी के सेल कंपनी में लगे 20 लाख करोड़ रू. किसका है इसकी जांच क्यों नहीं की जा रही है।

    ऽ भाजपा का आरोप पत्र झूठ का पुलिंदा है यह आरोप पत्र भूपेश सरकार के खिलाफ नहीं छत्तीसगढ़ की पौने तीन करोड़ जनता के खिलाफ लाया गया आरोप है। यह छत्तीसगढ़ को बदनाम करने की भाजपा की साजिश है।

    ऽ इस आरोप पत्र से साबित हो गया कि भाजपा कांग्रेस सरकार का विरोध करते-करते छत्तीसगढ़ की विरोध करने लगी है।

    ऽ यह आरोप पत्र छत्तीसगढ़िया मुख्यमंत्री को बदनाम करने की साजिश है। छत्तीसगढ़ के तीज, त्योहार संस्कृति को सवंर्धित करने के प्रयासो पर आघात करने का प्रयास है।

    ऽ भाजपा का आरोप पत्र उसके 15 साल के सरकार के भ्रष्टाचार की यादे प्रतीत हो रहा कांग्रेस सरकार के खिलाफ कोई मुदद्ा आरोप नहीं है तो अपने भ्रष्टाचारों की स्वीकारोक्ति को आरोप पत्र के रूप में प्रस्तुत किये है।

    ऽ भाजपा का आरोप पत्र छत्तीसगढ़ के उन 24 लाख किसानों के खिलाफ आरोप है जिन्होंने अपना 107 लाख मीट्रिक टन धान 2640 रू. प्रति क्विंटल में बेचा है।

    ऽ यह आरोप पत्र राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से 9000 एवं 10000 रू. इनपुट सब्सिडी प्राप्त करने वाले किसानों के खिलाफ है।

    ऽ यह आरोप पत्र राज्य के उन 20 लाख किसानों के खिलाफ है जिनका 10 हजार करोड़ का कर्जा माफ हुआ है।

    ऽ यह आरोप पत्र उन 44 लाख बिजली उपभोक्ताओं के खिलाफ है जिनका 4000 करोड़ का बिजली बिल भूपेश सरकार ने माफ किया है।

    ऽ यह आरोप पत्र राज्य के उन तेंदूपत्ता श्रमिको के खिलाफ है जिन्हें 2500 के बदले 4000 रू. प्रति मानक बोरा मानदेय मिल रहा है।

    ऽ यह आरोप पत्र राज्य के उन वनोपज संग्राहको के खिलाफ है जो 7 की जगह 65 लघु वनोपज बेच रहे है।

    ऽ यह आरोप पत्र राज्य के नक्सल मोर्चे पर तैनात उन जवानो के खिलाफ है जो राज्य में शांति की बहाली के लिये दिन रात लगे है जिनके अथक प्रयास से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद 80 प्रतिशत कम हुआ।

    ऽ यह आरोप पत्र राजीव ग्रामीण कृषि मजदूरों के खिलाफ है जिन्हें 7000 रू. मानदेय मिल रहा।

    ऽ यह आरोप पत्र राज्य के उन युवाओं के खिलाफ है जिनके सपने भूपेश राज में साकार हो रहे है।

    ऽ यह आरोप पत्र उन आदिवासी किसानों के खिलाफ भी है जिनकी 4000 एकड़ जमीनें भूपेश सरकार ने वापस किया।

    ऽ यह आरोप पत्र उन गोबर विक्रेताओ, स्व सहायता समूह की बहनों के खिलाफ है जो गोबर बेचकर वर्मी कम्पोस्ट बेच कर अपना जीविकोपार्जन कर रही है। यह आरोप पत्र गोठानों गांव वासियो को बदनाम करने की साजिश।

    ऽ यह आरोप पत्र माता कौशल्या और भगवान श्री राम के खिलाफ है भूपेश सरकार ने माता कौशल्या के मंदिर का जीर्णोध्दार किया है। भगवान राम के वन गमन पथ को बनाया है 15 सालों तक भगवान राम माता कौशल्या को भूलने वाली भाजपा को यह बर्दास्त नहीं हो रहा है।

    ऽ यह आरोप पत्र उन स्वामी आत्मानंद स्कूल के गरीब अभिभावको के खिलाफ है जिनके बच्चे मुफ्त में शिक्षा प्राप्त कर रहे है।

    ऽ कुल मिलाकर यह आरोप पत्र छत्तीसगढ़ की स्वाभिमानी जनता के खिलाफ है।

    ऽ अमित शाह प्रदेश की जनता को यह नहीं बताये की मोदी सरकार में 18 करोड़ रू. प्रति किलोमीटर की लागत में बनने वाला सड़क 250 करोड़ रू. प्रति किलोमीटर बनाकर अकूत भ्रष्टाचार किया जा रहा है।

    ऽ भारत माला प्रोजेक्ट और द्वारिका प्रोजेक्ट मोदी सरकार की भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गयी।

    ऽ आयुष्मान योजना में दो से तीन मोबाईल नंबरो का इस्तमाल कर 9 लाख से अधिक फर्जी रजिस्ट्रेशन किया गया है। 88 हजार से अधिक मृतको के नाम से इलाज होने का दावा कर 2 लाख से अधिक दावा प्रस्तुत कर घोटाला किया गया है।

    ऽ आयोध्या डेवलपमेंट में करोड़ो रूपये की गड़बड़ीया भाजपा की सरकार ने की है।

    ऽ आयोध्या में निर्माणधीन राम मंदिर के भूमि में हेरा फेरी भाजपा नेताओं ने किया है।

    ऽ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रमन सरकार के दौरान हुये 36000 करोड़ रू. के नान घोटाला, 6000 करोड़ रू. का चिटफंड घोटाला, पनामा पेपर मामला की जांच के लिये प्रधानमंत्री को पत्र लिखे जिसकी जांच क्यों नहीं करवायी जा रही है जिसका जवाब अमित शाह नहीं दिया।

    ऽ 4400 करोड़ का शराब घोटाला और 1677 करोड़ रू. का गौशाला अनुदान घोटाला के आरोपी रमन सिंह, शाह के साथ मौजूद थे।

    ऽ आय से अधिक संपत्ति के मामले में रमन सिंह के खिलाफ पीएमओ में लंबित शिकायत पर मौन क्यों है? गड़मुक्तेश्वर में रिर्साट और कलकत्ता की कंपनी से फर्जी एंट्री पर रमन सिंह के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है।

    ऽ बृजमोहन अग्रवाल के परिजनों ने झलकी में सरकारी जमीन में कब्जा के मामला में शिकायत पीएमओ में लंबित है।

     

    पत्रकारवार्ता में प्रदेश कांग्रेस वरिष्ठ प्रवक्ता आर.पी.सिंह, वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, वरिष्ठ प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी, वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा, प्रवक्ता वंदना राजपूत, अजय गंगवानी, आयुष पांडेय, सलाम रिजवी, मोहन लाल निषाद, सत्यप्रकाश सिंह, ऋषभ चंद्राकर उपस्थित थे।

         दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग जिले के अहिवारा विधानसभा के विधायक एवं प्रदेश के पीएचई मंत्री गुरू रूद्र कुमार के इस बार नवागढ से चुनाव लडऩे की चर्चा जोरो पर है यदि ऐसा होता है तो कांग्रेस इस बार भी यहां नये चेहरे पर दाव लगा सकती है और दुर्ग जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष एवं भिलाई तीन चरोदा महापैर निर्मल कोसरे को चुनाव मैदान में उतार सकती है क्योंकि इस बार विधायक एवं मंत्री गुरु रुद्र कुमार के आसन्न विधानसभा चुनाव में बेमेतरा जिले के नवागढ़ से मैदान में उतरने की जिस प्रकार चर्चा हो रही है ये इस बात का ईशारा कर दिया है। ज्ञातव्य हो कि अहिवारा विधानसभा के अस्तित्व में आने के बाद यहां हुए तीनों विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रत्याशी बदलता रहा है। ऐसा ही संयोग एक बार फिर बनने की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है।
        अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित दुर्ग जिले की एकलौती विधानसभा सीट अहिवारा में इस वक्त मौजूदा विधायक और कांग्रेस की सरकार में मंत्री गुरु रुद्र कुमार के क्षेत्र बदलने की जबरदस्त चर्चा है। कहा जा रहा है कि गुरु रुद्र कुमार ने आसन्न चुनाव में अहिवारा के बजाय बेमेतरा जिले के नवागढ़ से चुनाव मैदान में उतरने का मन बनाकर तैयारी शुरू कर दी है। नवागढ़ से पिछले चुनाव में कांग्रेस के गुरुदयाल बंजारे विधायक चुने गए थे। इस लिहाज से गुरुदयाल बंजारे की फिर एक बार नवागढ़ से बतौर कांग्रेस प्रत्याशी चुनाव लडऩे की स्वाभाविक दावेदारी बनती है। लेकिन गुरु रुद्र कुमार की टिकट के लिए कांग्रेस पार्टी की निर्धारित प्रक्रिया के तहत अहिवारा के साथ-साथ नवागढ़ से भी पेश की गई दावेदारी ने आसन्न विधानसभा चुनाव में विधायक गुरुदयाल बंजारे के राजनीतिक भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
         बताया जाता है कि गुरु रुद्र कुमार ने अहिवारा विधानसभा से चुनाव लडऩे के लिए पार्टी की गाइडलाइन के अनुसार ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों को अपना आवेदन सौंपा है। राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि इस तरह का एक और आवेदन उनके द्वारा बेमेतरा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष को भी सौंप कर नवागढ़ से विधानसभा चुनाव लडऩे की इच्छा जताई गई है। नवागढ़ विधानसभा भी अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। नवागढ़ से पिछले चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी गुरुदयाल बंजारे ने भाजपा के कद्दावर नेता और मंत्री रहे दयालदास बघेल को पराजित किया था। लेकिन इस बार उनके सीट से गुरु रुद्र कुमार चुनाव मैदान में उतरते हैं तो उन्हें घर बैठना पड़ सकता है।
    गौरतलब रहे कि राज्य की मौजूदा सरकार में मंत्री गुरु रुद्र कुमार ने अपना पहला चुनाव रायपुर जिले की आरंग विधानसभा से लड़ा था। वर्ष 2013 के दूसरे चुनाव में वे आरंग से पराजित हो गए। भाजपा के नवीन मारकंडेय ने उन्हें हराया था। इसके बाद गुरु रुद्र कुमार ने अहिवारा विधानसभा में अपनी संभावनाएं देखी और तैयारी शुरू कर दी। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में गुरु रुद्र कुमार ने अहिवारा से भाजपा के सांवलाराम डाहरे को पराजित कर दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें अपने मंत्री मंडल में शामिल किया। लेकिन एक बार फिर गुरु रुद्र कुमार के क्षेत्र बदलने की चर्चा से अहिवारा विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी बनने की चाह रखने वालों में नई उम्मीद जाग उठी है।
    महापौर निर्मल कोसरे हो  सकतें हैं कांगे्रस की पहली पसंद अहिवारा विधानसभा से मौजूदा विधायक गुरु रुद्र कुमार के चुनाव लडऩे नवागढ़ जाने की स्थिति में कांग्रेस को यहां नया प्रत्याशी उतारना पड़ेगा। इस संभावना को देखते हुए कांग्रेस से टिकट चाहने वालों की सक्रियता बढ़ गई है। इसमें भिलाई-चरोदा नगर निगम के महापौर निर्मल कोसरे सहित पूर्व प्रत्याशीद्वय ओनी महिलांग और अशोक डोंगरे का नाम खासा सुर्खियां पर बना हुआ है। अहिवारा विधानसभा अस्तित्व में आने के बाद अभी तक हुए तीनों चुनाव में कांग्रेस ने नए चेहरे पर दांव लगाया है। पहले और दूसरे चुनाव में पराजित हुए ओनी महिलांग और अशोक डोंगरे को दूसरा मौका देने में कंजूसी बरती गई है। इस अघोषित परम्परा को देखते हुए माना जा रहा है कि आसन्न चुनाव में गुरु रुद्र कुमार अगर अहिवारा विधानसभा छोड़कर किसी दूसरे क्षेत्र का रुख करते हैं तो पार्टी यहां से किसी नए चेहरे को सामने ला सकती है। इस लिहाज से भिलाई . चरोदा नगर निगम के महापौर निर्मल कोसरे को अहिवारा विधानसभा से कांग्रेस टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पुराने और प्रगाढ़ संबंधों को देखते हुए अहिवारा से निर्मल कोसरे के नाम की घोषणा कांग्रेस प्रत्याशी के रुप में होती है तो कोई आश्चर्य जनक बात नहीं होगी।

    *भाजपा को कांग्रेस की नहीं बल्कि अपनी परफॉर्मेंस की चिंता करनी चाहिये*

    रायपुर । शौर्यपथ। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि भाजपा के गुटबाजी के शिकार हुए विष्णु देव साय को कांग्रेस की नहीं बल्कि भाजपा की परफॉर्मेंस की चिंता करनी चाहिए। मुद्दाविहीन भाजपा ईडी और सीबीआई के सहारे चुनाव लड़ना चाहती है। भाजपा के पास प्रदेश में ना मुद्दा है ना चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी है भाजपा ने जो 21 प्रत्याशियों की सूची जारी की है उसका भी विरोध बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता कर रहे हैं। विष्णु देव साय को डॉ. रमन सिंह, सरोज पांडे, बृजमोहन अग्रवाल ने विश्व आदिवासी दिवस के दिन ही पद से हटवा दिया। भाजपा को अपने वर्तमान के 13 विधायकों के परफॉर्मेंस के बारे में चिंता करनी चाहिये।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस सरकार का परफॉर्मेंस बेहतर है तभी तो प्रदेश में हुए विधानसभा के पांच उपचुनाव नगर निगम के चुनाव नगर पालिका के चुनाव जिला पंचायत के चुनाव में भाजपा को मुंह की खानी पड़ी है। और आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की करारी हार का संकेत बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व को मिल गया है इसीलिए जो भाजपा नरेंद्र मोदी के चेहरा में चुनाव लड़ने का दावा कर रही थी वो अब मोदी का नाम लेने से बच रही है। अमित शाह रात में आकर गुपचुप मीटिंग कर सुबह जनता से दूरी बनाकर वापस चले जाते हैं। भाजपा के द्वारा कराई गई हर सर्वे में भाजपा का परफॉर्मेंस शून्य बता रहा है और विष्णु देव साय कांग्रेस के विधायकों पर सवाल उठाकर अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियां का निर्वहन कर रहे हैं।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने 36 बिंदुओं के घोषणा पत्र में 34 वादों को पूरा करके प्रदेश की जनता को खुशहाल बनाया है। प्रदेश के हर वर्ग के साथ न्याय हो रहा है भूपेश सरकार के ऊपर हर वर्ग का भरोसा बढ़ा है और आने वाले विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस जनता के इन्हीं भरोसे के बदौलत 75 से अधिक सीट जीतकर पुनः सरकार बनाएगी।

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