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April 15, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के अंतर्गत आगामी जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने हेतु प्रगणकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आधिकारिक रूप से प्रारंभ कर दिया गया है। इसी कड़ी में आज जोन क्रमांक 4, खुर्सीपार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले स्वामी आत्मानंद स्कूल में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण शिविर जोन आयुक्त सह चार्ज जनगणना अधिकारी अमरनाथ दुबे के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

खुर्सीपार क्षेत्र के लिए कुल 99 प्रगणकों को प्रशिक्षण हेतु बुलाया गया था। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रगणकों को जनगणना के दौरान डेटा प्रविष्टि, प्रपत्र भरने की बारीकियों और तकनीकी पहलुओं से अवगत कराना, ताकि गणना कार्य त्रुटिहीन हो सके।

प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन और गंभीरता बनाए रखने हेतु निगम प्रशासन पूरी तरह सख्त है। आज के सत्र में कुल 99 प्रगणकों में से 94 उपस्थित रहे, जबकि 5 प्रगणक बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए।

"जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।"

— अमरनाथ दुबे, जोन आयुक्त सह चार्ज जनगणना अधिकारी (जोन-4)

ड्यूटी से नदारद रहने वाले इन 5 प्रगणकों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए, जोन आयुक्त सह चार्ज जनगणना अधिकारी के निर्देशानुसार उन्हें तत्काल 'कारण बताओ' नोटिस जारी किया गया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा अन्य जोनों में भी इसी प्रकार चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

गुवाहाटी। असम की राजनीति में जिस मुकाबले को अब तक एकतरफा बताया जा रहा था, जमीनी हकीकत उससे कहीं अधिक जटिल और रोचक नजर आ रही है। सूत्रों के अनुसार, सेंट्रल गुवाहाटी सीट पर चुनावी लड़ाई अब बेहद नजदीकी होती दिख रही है, जिससे राजनीतिक समीकरणों में हलचल तेज हो गई है।

बताया जा रहा है कि 26 वर्षीय उम्मीदवार कुंकी चौधरी को चुनौती देने के लिए HBS चार बार सेंट्रल गुवाहाटी में रोड शो और रैलियां कर चुके हैं। लगातार हो रही इन गतिविधियों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि मुकाबला आसान नहीं, बल्कि पूरी ताकत के साथ लड़ा जा रहा है।

इधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गौरव गोगोई की सभाओं में उमड़ रही भीड़ भी चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जा रहा है कि रैलियों में अच्छी-खासी उपस्थिति देखी जा रही है, हालांकि इसे राष्ट्रीय मीडिया में अपेक्षित कवरेज नहीं मिल पा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) जैसे दल कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ते, तो विपक्षी गठबंधन की स्थिति और मजबूत हो सकती थी। कुछ आकलनों में यह भी कहा जा रहा है कि ऐसी स्थिति में सीटों का आंकड़ा 100 के पार जा सकता था।

वहीं, असम की सामाजिक संरचना भी इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। चर्चा है कि आदिवासी (लगभग 12%), ताई अहोम (8%) और मुस्लिम (35%)—इन तीन प्रमुख वर्गों का वोट बैंक यदि एकजुट होता है, तो कुल मिलाकर करीब 55% समर्थन किसी एक पक्ष को निर्णायक बढ़त दिला सकता है।

इसके अलावा, गोगोई समाज के तीन प्रमुख चेहरे—गौरव गोगोई, अखिल गोगोई और लुरिनज्योति गोगोई—का एक साथ आना भी सियासी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

हालांकि, ये सभी दावे और आकलन फिलहाल सूत्रों और राजनीतिक चर्चाओं पर आधारित हैं। वास्तविक तस्वीर मतदान और परिणामों के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल इतना तय है कि असम में मुकाबला अब दिलचस्प मोड़ ले चुका है, जहां हर रणनीति और गठबंधन का असर सीधे नतीजों पर पड़ सकता है।

जयपुर। राजस्थान पुलिस के एक और काबिल अधिकारी अब देश की बाहरी सीमाओं की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते नजर आएंगे। केंद्र सरकार ने राजस्थान कैडर के 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी आदर्श सिद्धू को डेपुटेशन पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) में उप महानिरीक्षक (DIG) के पद पर नियुक्त किया है।

गौरतलब है कि इससे पहले 5 मार्च 2026 को आईपीएस जय यादव की नियुक्ति के बाद अब आदर्श सिद्धू को भी यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे राजस्थान पुलिस की कार्यकुशलता और विश्वसनीयता एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हुई है।

आदर्श सिद्धू उन चुनिंदा अधिकारियों में शुमार किए जाते हैं जिनकी छवि बेदाग और निर्विवाद रही है। वे कभी विवादों में नहीं रहे, लेकिन अपनी कठोर पुलिसिंग, प्रभावी कैंपेन और प्रशासनिक शैली को लेकर हमेशा चर्चा में रहे हैं।

अपने अब तक के कार्यकाल में सिद्धू ने राजस्थान के चूरू, भीलवाड़ा, टोंक और पाली जैसे महत्वपूर्ण जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में जिम्मेदारी संभाली है। हर जिले में उनकी कार्यशैली और अपराध नियंत्रण को लेकर उनकी अलग पहचान बनी।

अब BSF में DIG के रूप में उनकी तैनाती को न केवल उनके करियर का अहम पड़ाव माना जा रहा है, बल्कि यह भी संकेत है कि देश की सीमाओं की सुरक्षा में अब एक और अनुभवी और सख्त अधिकारी की एंट्री हो चुकी है।

चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं द्रमुक (DMK) अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्हें अपनी सीमाओं का ज्ञान है और उनका पूरा ध्यान तमिलनाडु पर ही केंद्रित है।

समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में स्टालिन ने अपने पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के रुख को याद करते हुए कहा कि द्रमुक की प्राथमिकता हमेशा राज्य के हितों पर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि फिलहाल वे राष्ट्रीय राजनीति में किसी बड़ी भूमिका की ओर अग्रसर नहीं हैं।

विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच स्टालिन ने दावा किया कि द्रमुक के नेतृत्व वाला सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA) राज्य की सभी 234 सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ रहा है और गठबंधन को 200 से अधिक सीटों पर जीत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों के शासन में जनता का ‘असीम प्यार और भरोसा’ मिला है, जो इस बार भी जनादेश में तब्दील होगा।

मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि राज्य में “द्रविड़ मॉडल 2.0” की सरकार पुनः स्थापित होगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की नीतियां जनकल्याण और समावेशी विकास पर आधारित रही हैं, जिसे जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, स्टालिन का यह बयान स्पष्ट करता है कि वे फिलहाल राष्ट्रीय राजनीति में अग्रणी भूमिका निभाने के बजाय तमिलनाडु में अपनी स्थिति को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन की राजनीति में उनकी भूमिका अहम बनी रह सकती है।

दुर्ग।

शहर में कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से मध्य, दक्षिण, पूर्वी, पश्चिम एवं उत्तर—सभी ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों की महत्वपूर्ण बैठकें क्रमशः संपन्न हुईं। इन बैठकों ने न केवल संगठनात्मक सक्रियता का संदेश दिया, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीति की स्पष्ट झलक भी प्रस्तुत की।

मध्य ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की बैठक ब्लॉक अध्यक्ष श्री अल्ताफ अहमद की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें प्रभारी श्रीमती सीमा वर्मा एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री धीरज बाकलीवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसी क्रम में दक्षिण ब्लॉक की बैठक श्री गुरदीप सिंह भाटिया, पूर्वी ब्लॉक की बैठक श्री मनीष बघेल, पश्चिम ब्लॉक की बैठक श्री आनंद कपूर ताम्रकार तथा उत्तर ब्लॉक की बैठक श्री देवीश्री साहू की अध्यक्षता में संपन्न हुईं। सभी बैठकों में प्रभारी सीमा वर्मा और जिला अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल की सक्रिय मौजूदगी ने संगठन को एकजुटता का स्पष्ट संदेश दिया।

इन बैठकों की सबसे खास बात यह रही कि हर ब्लॉक में वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। अनुभवी नेतृत्व और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच संवाद ने बैठकों को न केवल सार्थक बनाया, बल्कि संगठनात्मक मजबूती की दिशा में ठोस आधार भी तैयार किया।

सूत्रों के अनुसार, बैठकों में बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, आमजन से सीधा संवाद बढ़ाने, और स्थानीय मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, कार्यकर्ताओं को आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए तैयार रहने और आपसी समन्वय को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।

राजनीतिक दृष्टि से देखें तो इन बैठकों को कांग्रेस के “संगठन सुदृढ़ीकरण अभियान” का हिस्सा माना जा रहा है। जिस तरह पांचों ब्लॉकों में एकसाथ बैठकें आयोजित की गईं, उससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी अब बिखरी हुई गतिविधियों के बजाय समन्वित और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रही है।

हालांकि, इन बैठकों के बाद सबसे बड़ा सवाल यह भी उठता है कि क्या यह संगठनात्मक सक्रियता जमीनी स्तर पर चुनावी परिणामों में तब्दील हो पाएगी। क्योंकि दुर्ग की राजनीति में कांग्रेस को पिछले कुछ समय से आंतरिक गुटबाजी और निष्क्रियता के आरोपों का सामना करना पड़ा है। ऐसे में यह बैठकों की श्रृंखला पार्टी के लिए एक अवसर भी है और परीक्षा भी।

निष्कर्ष:

पांचों ब्लॉकों की सफल बैठकों ने कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक ऊर्जा का संचार जरूर किया है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि यह ऊर्जा जनसमर्थन में कितनी प्रभावी ढंग से परिवर्तित हो पाती है।

बालोद।

दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) श्री अभिषेक शांडिल्य का बालोद जिले में प्रथम आगमन हुआ, जहां उन्होंने पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान गुरूर में नवीन एसडीओपी कार्यालय का विधिवत शुभारंभ भी किया गया।

पुलिस कार्यालय बालोद में आयोजित समीक्षा बैठक में आईजी शांडिल्य ने जिले के राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों से परिचय प्राप्त कर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं यातायात व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल ने जिले की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया।

? संवेदनशील और जवाबदेह पुलिसिंग पर जोर

आईजी ने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील, निष्पक्ष और प्रभावी पुलिसिंग सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। थाना स्तर पर शिकायतों की त्वरित सुनवाई, नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

? अपराध नियंत्रण में सख्ती के निर्देश

संज्ञेय अपराधों में तत्काल एफआईआर दर्ज करने पर जोर

गंभीर मामलों की विवेचना वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में करने के निर्देश

60 से 90 दिनों के भीतर चालान पेश करने की सख्त हिदायत

अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा व नशीले पदार्थों पर कड़ी कार्रवाई

चौक-चौराहों पर हुड़दंग व गुंडागर्दी करने वालों पर सख्ती

? बीट सिस्टम और कम्युनिटी पुलिसिंग को मजबूती

आईजी ने बीट प्रभारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहकर ग्रामीणों से संवाद बढ़ाने, सूचना तंत्र मजबूत करने और आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए। साथ ही कम्युनिटी पुलिसिंग को मजबूत कर “विजिबल पुलिसिंग” बढ़ाने पर जोर दिया।

? तकनीकी सुदृढ़ीकरण और साइबर जागरूकता

बैठक में CCTNS, NCCRP, e-Summons, Netgrid और JCCTP जैसे पोर्टलों के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए गए। एमएलसी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को ऑनलाइन भेजने की प्रक्रिया को भी सुदृढ़ करने पर बल दिया गया।

साथ ही ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराधों के प्रति आमजन में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

? सड़क सुरक्षा के लिए विशेष अभियान

आईजी शांडिल्य ने महिला कमांडो के साथ समन्वय स्थापित कर हेलमेट उपयोग और यातायात नियमों के पालन हेतु व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

? रात्रि गश्त और सघन चेकिंग

अपराधों की रोकथाम के लिए रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग, कॉम्बिंग ऑपरेशन और सरप्राइज चेकिंग को नियमित और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर, डीएसपी श्रीमती माया शर्मा, श्री बोनिफास एक्का, श्री राजेश बागड़े, रक्षित निरीक्षक श्रीमती रेवती वर्मा सहित जिले के सभी थाना प्रभारी एवं पुलिस स्टाफ उपस्थित रहे।

निष्कर्ष:

आईजी का यह पहला दौरा बालोद पुलिस के लिए स्पष्ट संदेश लेकर आया है—पुलिसिंग में पारदर्शिता, तकनीकी दक्षता और जनविश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपराध पर निर्णायक प्रहार।

दुर्ग / शौर्यपथ।

दुर्ग विधानसभा के मिलपारा वार्ड क्रमांक 38 में इन दिनों स्थानीय राजनीति गरमाई हुई है। वार्ड पार्षद रामचंद्र सेन पर लगातार भेदभाव, निष्क्रियता और जनता से दूरी के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन अब मामला केवल वार्ड की समस्याओं तक सीमित नहीं रहा—बल्कि सीधे प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की छवि तक जुड़ता नजर आ रहा है।

वार्ड के कई मोहल्लों से लगातार यह शिकायत सामने आती रही है कि पार्षद न तो नियमित रूप से क्षेत्र में दिखाई देते हैं और न ही सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं पर पर्याप्त ध्यान दिया जा रहा है। निचले स्तर की सफाई व्यवस्था और जनसमस्याओं की अनदेखी ने पहले ही वार्डवासियों में असंतोष का माहौल बना रखा है। ऐसे में जब मंत्री गजेंद्र यादव द्वारा अपने विधानसभा क्षेत्र के वार्डों का दौरा कर जनता से सीधा संवाद स्थापित करने की पहल की गई, तो वार्ड क्रमांक 38 के लोगों को भी उम्मीद जगी।

“इंतजार करता रहा मोहल्ला, पर नहीं पहुंचे मंत्री”

जानकारी के अनुसार, मां संकट हरनी मंदिर लाइन (बरपेड चौक) क्षेत्र के लोग मंत्री के स्वागत और अपनी समस्याएं बताने के लिए एकत्रित हुए थे। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि पार्षद रामचंद्र सेन मंत्री को उस इलाके में लेकर ही नहीं पहुंचे, जहां उनके खिलाफ सबसे ज्यादा आक्रोश था। नतीजतन, मोहल्लेवासी लंबे समय तक इंतजार करते रहे और बाद में उन्हें पता चला कि मंत्री का दौरा महज 10-15 मिनट में समाप्त कर दिया गया।

“दौरे को सीमित कर क्या छिपाना चाहते हैं पार्षद?”

स्थानीय चर्चाओं में यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि क्या पार्षद ने जानबूझकर मंत्री का दौरा उन इलाकों तक सीमित रखा, जहां विरोध कम था? क्या यह उनकी निष्क्रियता और जनता के आक्रोश को छिपाने की कोशिश थी?

चुनाव के दौरान घंटों वार्ड में घूम-घूमकर समर्थन मांगने वाले पार्षद पर अब आरोप है कि जीत के बाद वे जनता से दूर हो गए हैं। ऐसे में मंत्री के दौरे को भी सीमित कर देना कई सवाल खड़े करता है।

मंत्री की पहल पर “स्थानीय बाधा”?

गौरतलब है कि मंत्री गजेंद्र यादव लगातार अपने क्षेत्र में जनसमस्याओं को समझने और उनका समाधान करने के लिए सक्रिय नजर आ रहे हैं। लेकिन वार्ड 38 की घटना ने यह संकेत दिया है कि जमीनी स्तर पर कुछ जनप्रतिनिधि ही इस प्रक्रिया में बाधा बन रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि मंत्री तक वास्तविक स्थिति नहीं पहुंचने दी जाएगी, तो इससे न केवल विकास कार्य प्रभावित होंगे बल्कि उनकी जन-छवि पर भी अनावश्यक सवाल खड़े हो सकते हैं।

जनता में बढ़ता असंतोष, जवाबदेही की मांग

वार्ड के रहवासियों में अब यह मांग तेज हो रही है कि पार्षद की कार्यप्रणाली की समीक्षा हो और मंत्री स्वयं बिना स्थानीय फिल्टर के सीधे जनता से संवाद करें।

फिलहाल, मिलपारा वार्ड में एक ही चर्चा जोरों पर है—

“क्या पार्षद की निष्क्रियता मंत्री की सक्रियता पर भारी पड़ रही है?”

अब देखना होगा कि इस पूरे घटनाक्रम पर पार्षद रामचंद्र सेन और मंत्री गजेंद्र यादव की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, और क्या वार्ड 38 की जनता को उनके सवालों का जवाब मिल पाता है या नहीं।

दुर्ग। शौर्यपथ /
शुक्रवार दोपहर दुर्ग जिले में मानवता को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां एक दरिंदे ने साढ़े 5 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपी ने बच्ची को बोरे में बंद कर अपने घर के पीछे बाड़ी में फेंक दिया।
बताया जा रहा है कि बच्ची शुक्रवार दोपहर अपने घर से कुछ दूरी पर स्थित दुकान से खाने का सामान लेने गई थी। इसी दौरान रास्ते में अकेली बच्ची को देखकर आरोपी ने कुछ खाने का लालच दिया और अपने घर में ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। जब मासूम ने विरोध किया, तो आरोपी घबरा गया और पकड़े जाने के डर से बच्ची को बोरे में बंद कर अपने घर के पीछे स्थित बाड़ी में फेंक दिया।
कुछ देर बाद बोरे के अंदर से आ रही बच्ची की कराहने और तड़पने की आवाज सुनकर आसपास के लोगों को संदेह हुआ। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही उतई पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को बोरे से बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया है और पूरे मामले की जांच शुरु कर दी है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

दैनिक शौर्यपथ महासमुंद जिला ब्यूरो संतराम कुर्रे
महासमुंद जिले के पिथोरा विकासखंड के अंतर्गत सबसे बड़े ग्राम गौरव ग्राम बुंदेली आज भी विकास को तरस रहा है, यहां पर विकास के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति किया जा रहा है, यहां पर विकास के नाम पर कार्य स्वीकृति दी जाती है लेकिन न शासन न प्रशासन द्वारा जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं है, कांग्रेस कमेटी के मंडल अध्यक्ष एवं पूर्व उप सरपंच पूनम मानिकपुरी ने कहा कि पूर्व में शासन प्रशासन द्वारा कई काम स्वीकृति प्रदान करने के बाद भी गौरव ग्राम का बुरा हाल है कई बार कई समस्याओं को लेकर विभागीय अधिकारी को सूचित करने के बाद भी कार्यवाही शून्य है शासन सत्ता किसी भी पार्टी की हो गांव का विकास नहीं हो रहा सिंचाई की बात करे तो आज भी, गज गिधनी जलाशय में नहर लाइनिंग की स्वीकृति की बात कही गई लेकिन आज 1साल से कोई काम प्रमांभ नहीं पटियापली में नहर निर्माण की मांग भालू मूत्र री में स्टॉप डेम की मांग आज तक स्वीकृति नहीं न कोई कार्यवाही वही सड़क की बात करे तो बुंदेली से ठाकुर दिया वन मार्ग जो कई बार डामरीकरण की मांग करने के बाद भी आज तक स्वीकृति नहीं, शिक्षा की दयनीय स्थिति स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित वही बुंदेली में कॉलेज खोलने की मांग, स्वास्थ विभाग की बात करे तो यहां पर उप स्वास्थ केंद्र भवन नहीं है भवन के लिए पूर्व में 22 लाख स्वीकृति होने की बात कही गई लेकिन आज तक भवन नहीं बना बुंदेली नर्स डाक्टर की कमी, , बुंदेली में पूर्व में देना बैंक संचालित था उसके पिथोरा शिफ्ट होने के बाद आज एक भी कोई बैंक नहीं खुला कई बार मांग करने पर भी कोई कार्यवाही नहीं , बुंदेली को शासन के तरफ से गौरव ग्राम का दर्जा तो मिला लेकिन सिर्फ कागजों पर जमीनी हकीकत तो कुछ और है, , करोड़ों का पानी टंकी बना लेकिन लोगों के घरों तक सही तरीके से पानी नहीं पहुंचा, सिर्फ शो फीस के लिए बना पानी टंकी, कलेक्टर से शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई, जर्जर स्कूलों की नए भवन की मांग स्वास्थ विभाग में नर्स की नियुक्ति, वन मार्ग में डामरीकरण की मांग, पटियापली में नहर निर्माण की मांग स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक की मांग, नहर लाइनिंग की मांग 20 सालों से यह मांग लगातार उठाने पर भी शासन प्रशासन द्वारा इस गौरव ग्राम बुंदेली में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आनन्द दास मानिकपुरी के नाम पर यहां पर देसी शराब दुकान बंद किया गया, शाहिद कमलेश्वर सोनवानी के नाम पर विद्यालय का नाम रखा गया, और इस ग्राम को गौरव ग्राम का दर्जा मिला लेकिन इस की सुध लेना वाला कोई नहीं आगामी दिनों में, इस गौरव ग्राम का इन सभी मांगो का स्वीकृति या निराकरण नहीं किया गया तो बुंदेली के ग्रामीणों के साथ एक बड़ी बैठक आयोजित कर, सरकार को जगाने का प्रयास किया जाएगा या फिर बड़ा आंदोल करने विवश होंगे

महिला एवं बाल विकास विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया
भाजपा सरकार कमीशनखोरी में लगी, बिना कमीशन के काम नहीं होता

रायपुर/शौर्यपथ (राजनितिक)/ पूरी की पूरी भाजपा सरकार कमीशनखोरी में लगी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि साय सरकार में कोई ऐसा विभाग नहीं है जहां बिना कमीशन के काम हो जाए। सरकार का महिला एवं बाल विकास विभाग तो भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को छोटी साड़ी देकर सरकार ने भ्रष्टाचार की इंतहा को पार कर दिया। सरकार ने बहनों का चीरहरण घोटाला कर दिया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को 6.3 मीटर की जगह 5 मीटर और 4.5 मीटर से भी कम लंबाई और चौड़ाई एवं घाटिया साड़ियां महिला एवं बाल विकास विभाग में वितरण किया गया है। साड़ियों के लंबाई और चौड़ाई में कम होने के कारण महिलाएं साड़ी का उपयोग नहीं कर पा रही। जो साड़ी हथकरघा के बुनकरों से 500 रू. में लेना था वही साड़ी गुजरात से 100 रू. में खरीद कर 500 रू. की बिलिंग करवा ली गयी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग में एक महिला मंत्री के होते हुए महिलाओं के साथ उनके अधिकार पर डाका डाला जा रहा है और महिला मंत्री कमीशन-कमीशन खेल रही हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग में यह पहली बार नहीं हुआ है इससे पहले भी कई भ्रष्टाचार सामने आए हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में 40 करोड़ से अधिक की पोषण सामग्री खरीद में अनियमितता की गयी तथा सामूहिक कन्या विवाह योजना में बिना टेंडर वर्क आर्डर के काम दे दिया गया एवं प्रदेश के लगभग 2899 आंगनबाड़ी केंद्रों में 16 करोड़ की लागत से टीवी और आरओ यूनिट की खरीद में नियमों की अनदेखी की गई है, इसमें केंद्रीकृत टेंडर के बजाय टुकड़ों में खरीद कर भ्रष्टाचार किया गया है। यही नहीं सुचिता योजना के तहत सेनेटरी पैड जैसे समान की खरीदी पर भ्रष्टाचार किया गया, पूरा विभाग भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुका है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आंगनवाड़ी के कार्यकर्ता और सहायिकाओं को जो घटिया गुणवत्ताहीन साड़ियां बांटी गई है, वह साड़ियां महिला एवं बाल विकास विभाग वापस ले और साथ ही आंगनवाड़ी के बहनों को अच्छी क्वालिटी का साड़ी प्रदान करें। 1.94 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए जो साड़ी खरीदी गई थी वह साड़ी महिला एवं बाल विकास विभाग के मंत्री जो स्वयं महिला है उसको देखे कैसे उस साड़ी को लोग पहनेंगे? महिला एवं बाल विकास विभाग में बार-बार ऐसा भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी का खेल सामने आने के बाद मंत्री अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर इस्तीफा दे।

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