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ग्राम कर्रा में मंगल भवन की घोषणा; शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर से जोड़ रही सरकार, रामलला दर्शन योजना से 50 हजार श्रद्धालु लाभान्वित
बलरामपुर-रामानुजगंज / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विकासखंड राजपुर के ग्राम कर्रा में आयोजित श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शामिल होकर प्राचीन बाबा कर्मेश्वर धाम में भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक एवं पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा की।
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ धर्म, संस्कृति और आस्था की समृद्ध भूमि है। राज्य सरकार प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ प्रमुख शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोडऩे की दिशा में कार्य कर रही है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ धार्मिक पर्यटन, स्थानीय रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक लगभग 50 हजार श्रद्धालु अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। वहीं तीर्थ दर्शन योजना के तहत देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन की सुविधा दी जा रही है और करीब 10 हजार श्रद्धालु इसका लाभ ले चुके हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में शांति और विकास का नया वातावरण बन रहा है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाना है।
मां के नाम रोपा रुद्राक्ष का पौधा
मुख्यमंत्री ने बाबा कर्मेश्वर धाम परिसर में 'एक पेड़ मां के नाम 3.0Ó अभियान के तहत अपनी माता श्रीमती जसमनी देवी साय के नाम रुद्राक्ष का पौधा रोपा। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बेल का पौधा लगाया। मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
बाबा कर्मेश्वर धाम क्षेत्र की सदियों पुरानी लोक आस्था का प्रमुख केंद्र है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यहां शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ था और पीढिय़ों से यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है।
कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक गोमती साय, आईजी दीपक झा, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
नई दिल्ली / एजेंसी (पीआईबी) । नेपाल में अचानक आई बाढ़ और संभावित ग्लेशियल लेक आउटबस्र्ट फ्लड (त्ररुह्रस्न) की स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने निगरानी बढ़ा दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नेपाल में आई आपदा के संबंध में बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बात कर स्थिति की जानकारी ली है। सीमावर्ती क्षेत्रों पर संभावित प्रभाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन, राहत-बचाव दलों और हृष्ठक्रस्न को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ङ्ग पर कहा कि नेपाल में आई बाढ़ की विभीषिका अत्यंत दुखद है। उन्होंने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत सरकार नेपाल के साथ खड़ी है। उन्होंने बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से चर्चा की और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए।
त्रिशूली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा
केंद्रीय जल आयोग (ष्टङ्खष्ट) की सलाह और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नेपाल-चीन सीमा के पास अचानक आई बाढ़/त्ररुह्रस्न के कारण नेपाल में भारतीय सीमा से लगभग 160 किलोमीटर दूर फुरके खोला क्षेत्र में त्रिशूली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इससे भारत में गंडक नदी के निचले इलाकों पर भी संभावित प्रभाव की आशंका जताई गई है।
स्थिति को देखते हुए बिहार और उत्तर प्रदेश सरकारों ने भारत-नेपाल सीमा के नजदीक रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के कदम उठाए हैं। दोनों राज्यों को सतर्क रहने और स्थिति की लगातार निगरानी करने की सलाह दी गई है।
केंद्र के कई मंत्रालय लगातार कर रहे निगरानी
गृह मंत्रालय के अधिकारी विदेश मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के साथ समन्वय कर स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार नेपाल की ओर जलाशयों में जलस्तर कम हो रहा है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। फिलहाल घबराने जैसी स्थिति नहीं है, हालांकि सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रखा गया है।
नेपाल में फंसे भारतीयों के लिए हेल्पलाइन जारी
नेपाल के विभिन्न इलाकों में भारतीय पर्यटकों के लापता होने की खबरों के बीच विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता और जानकारी के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
भारतीय नागरिक सहायता के लिए दूतावास के इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
+977 985 131 6807
+977 970 910 7500
भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पर उच्च स्तर से लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पडऩे पर सीमावर्ती क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को और मजबूत किया जाएगा।
प्रविष्टि: 26 अगस्त 2026, रात 9:08 बजे 7 क्कढ्ढक्च दिल्ली
नई दिल्ली / पीआईबी(एजेंसी)/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जानमाल की हानि पर संवेदना व्यक्त की। श्री मोदी ने कहा कि इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है और भारतीय दल बचाव तथा राहत कार्यों में नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जानमाल की हानि पर संवेदना व्यक्त की। इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। हमारे दल बचाव और राहत प्रयासों में मिलकर निकटता से समन्वय कर रहे हैं।
पंडरीपानी में बहनों से संवाद और रक्षाबंधन कार्यक्रम
महतारी सदन, सड़क और महिला समूहों को आर्थिक संबल की सौगात
जशपुर / शौर्यपथ / रक्षाबंधन के पावन अवसर पर फरसाबहार विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी में आयोजित 'रक्षाबंधन एवं बहनों से संवादÓ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। क्षेत्र की माताओं-बहनों ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधी, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री ने उन्हें उपहार भेंट कर स्नेह एवं सम्मान व्यक्त किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की आधारशिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि बहनों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के प्रति जिम्मेदारी दोहराने का अवसर भी है। सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने और परिवार एवं समाज के निर्णयों में उनकी भूमिका मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
पंडरीपानी को विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री ने पंडरीपानी में करीब ?64 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें महतारी सदन का लोकार्पण प्रमुख है। उन्होंने फरसाबहार और भेलवा में महतारी सदन निर्माण की घोषणा भी की। साथ ही मुख्य मार्ग से दानी मोड़ा बस्ती तक सड़क निर्माण के लिए ?3.23 करोड़ की स्वीकृति की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी सदन महिलाओं के लिए बैठक, प्रशिक्षण और आजीविका गतिविधियों का सुविधाजनक केंद्र बनेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर अधोसंरचना के साथ महिलाओं और परिवारों के जीवन को सुगम बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
67 लाख से अधिक बहनों को मिली महतारी वंदन की 31वीं किस्त
मुख्यमंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की महिलाओं को प्रतिमाह ?1,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। रक्षाबंधन को देखते हुए 67 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में 31वीं किस्त के रूप में ?631 करोड़ से अधिक की राशि सितंबर माह के लिए अग्रिम रूप से अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि यह सहायता महिलाओं के आर्थिक आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को मजबूत कर रही है।
महिला समूहों को आर्थिक संबल
कार्यक्रम में महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों के विस्तार के लिए सहायता राशि प्रदान की गई। मोंगरा, वैष्णवी और चांद स्व-सहायता समूहों को ?1.50-?1.50 लाख तथा प्रतिज्ञा समूह को ?1 लाख की सहायता दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को स्वरोजगार से जोडऩे का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।
कार्यक्रम में सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बालिका मीनाक्षी यादव और श्रेया पैंकरा को खाता पासबुक तथा स्वामित्व योजना के तहत हरावती, जगमनी, राजमनी, लक्ष्मी और सुमित्रा को अधिकार अभिलेख/पट्टे प्रदान किए गए।
सुशासन और डिजिटल सेवाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'सेवा सेतुÓ के माध्यम से 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन के लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शुरू की गई है।
पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने मुख्यमंत्री को बहनों का 'विष्णु भैयाÓ बताते हुए कहा कि महतारी वंदन और महतारी सदन जैसी योजनाओं से महिलाओं को आर्थिक संबल और सम्मानजनक अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने पंडरीपानी में एसबीआई शाखा शुरू होने को भी महत्वपूर्ण सौगात बताया।
कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्र की माताएं-बहनें उपस्थित रहीं।
बिलासपुर / शौर्यपथ / पुलिस एवं अन्य वर्दीधारी अनुशासित बलों में बिना अनुमति ड्यूटी अथवा प्रशिक्षण छोड़कर लंबे समय तक अनुपस्थित रहना गंभीर परिणाम वाला कृत्य हो सकता है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कठिन परिस्थितियों या असुविधा के कारण प्रशिक्षण कैंप छोड़ देना डेजर्शन यानी सेवा से पलायन की श्रेणी में आ सकता है। अनुशासित बलों में इस तरह के आचरण को सामान्य नहीं माना जा सकता।
जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की एकल पीठ ने तीन आरक्षकों की याचिकाएं खारिज करते हुए उनकी सेवा से बर्खास्तगी के आदेश को उचित ठहराया है। याचिकाकर्ताओं त्रिलोक चंद साहू, तीरथ दास और लक्ष्मीनारायण पटेल की पुलिस विभाग में वर्ष 2008-09 में नियुक्ति हुई थी।
// बिना अनुमति प्रशिक्षण बीच में छोड़ा //
17 जून 2009 को तीनों आरक्षकों को महाराष्ट्र के चाकुर स्थित बीएसएफ स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर में बुनियादी प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। हालांकि, तीनों ने बिना अनुमति प्रशिक्षण बीच में ही छोड़ दिया। इसके बाद विभाग ने 8 फरवरी 2010 को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा। जवाब के बाद 10 मार्च 2010 को तीनों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। विभागीय अपील और दया याचिकाएं भी खारिज होने के बाद तीनों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
// तीन वर्ष की सेवा पूरी नहीं होने का भी रहा महत्व //
हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड और संबंधित नियमों की समीक्षा करते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं ने सेवा की तीन वर्ष की अवधि पूरी नहीं की थी, इसलिए वे स्थायी कर्मचारी नहीं थे। वर्दीधारी बलों में तैनात कर्मचारी सामान्य अथवा मामूली कारणों से लंबे समय तक अनुपस्थित नहीं रह सकते।
कोर्ट ने यह भी कहा कि कठिन क्षेत्र में ड्यूटी या असुविधाजनक स्थान पर प्रतिनियुक्ति की आशंका के कारण प्रशिक्षण कैंप छोड़ देना डेजर्शन की श्रेणी में आता है। अनुशासित बलों में इस प्रकार के आचरण को किसी भी परिस्थिति में सामान्य नहीं माना जा सकता।
// स्वास्थ्य कारणों का दिया हवाला //
याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि उन्हें स्वीकृत पदों पर नियुक्त किया गया था और स्वास्थ्य संबंधी कारणों से वे अनुपस्थित हुए थे। उनके अनुसार, उन्होंने चिकित्सा संबंधी दस्तावेज भी प्रस्तुत किए थे और विभागीय जांच के बिना की गई बर्खास्तगी को गलत बताया गया।
राज्य सरकार ने इन दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि तीनों अस्थायी कर्मचारी थे। नियमों के तहत अस्थायी सरकारी कर्मचारी को एक महीने का नोटिस देकर सेवा से हटाया जा सकता है और ऐसे मामलों में विभागीय जांच अनिवार्य नहीं है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के पक्ष को स्वीकार करते हुए तीनों याचिकाएं खारिज कर दीं और बर्खास्तगी के आदेश को बरकरार रखा। इस फैसले से स्पष्ट है कि अनुशासित बलों में प्रशिक्षण और ड्यूटी के दौरान बिना अनुमति अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा तथा कठिन परिस्थितियों का हवाला देकर सेवा या प्रशिक्षण से पलायन को सामान्य कृत्य नहीं माना जा सकता।
युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर, 27 अगस्त को रामनगर मुक्तिधाम में होगा अंतिम संस्कार
भिलाईनगर / शौर्यपथ /
भिलाई नगर निगम के पांच बार के पार्षद एवं युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण मिश्रा का बुधवार को निधन हो गया। वे 56 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर सामने आते ही भिलाई के राजनीतिक, सामाजिक और जनसरोकारों से जुड़े क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई।
वशिष्ठ नारायण मिश्रा ने लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहते हुए भिलाई की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई थी। पांच बार पार्षद के रूप में उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। सरल व्यवहार, सहज व्यक्तित्व और आम लोगों से निरंतर जुड़े रहने के कारण वे अपने समर्थकों और क्षेत्रवासियों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय रहे।
लंबे सार्वजनिक जीवन की छोड़ी अमिट छाप
मिश्रा का राजनीतिक सफर केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं रहा। युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने संगठन में सक्रिय भूमिका निभाई। जनसरोकारों से जुड़े रहने और लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनने के कारण सार्वजनिक जीवन में उनकी एक अलग पहचान बनी।
उनके निधन को भिलाई के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों, समर्थकों और शुभचिंतकों ने गहरा दुख व्यक्त किया तथा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
अंतिम संस्कार 27 अगस्त को
परिजनों के अनुसार वशिष्ठ नारायण मिश्रा का अंतिम संस्कार 27 अगस्त को रामनगर मुक्तिधाम में किया जाएगा। उनके निधन से परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों में गहरा शोक व्याप्त है। सार्वजनिक जीवन में उनके लंबे योगदान, सहज व्यक्तित्व और जनसरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भिलाईवासी लंबे समय तक याद रखेंगे।
सैकड़ों शिवभक्तों ने उठाया कांवड़, शिवनाथ नदी से जल लेकर पहुंचे सत्तीचौरा; 3 से 6 वर्ष के नन्हे कांवडिय़ों ने भी बढ़ाया उत्साह
दुर्ग / शौर्यपथ / सावन के पावन महीने में बुधवार को दुर्ग शहर पूरी तरह भगवान शिव की भक्ति में सराबोर नजर आया। शिवनाथ नदी के तट से लेकर सत्तीचौरा स्थित सत्तीश्वर महादेव मंदिर तक हर ओर हर-हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे। गंजपारा क्षेत्र से निकली भव्य कांवड़ यात्रा में सैकड़ों शिवभक्त शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने शिवनाथ नदी से पवित्र जल लेकर पैदल यात्रा करते हुए सत्तीश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
कांवड़ यात्रा की शुरुआत सुबह करीब 7 बजे शिवनाथ नदी के घाट से हुई और लगभग 10 बजे श्रद्धालु सत्तीचौरा स्थित सत्तीश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। यात्रा प्रारंभ होने से पहले शिवनाथ नदी तट पर पंडित सुनील पांडेय ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं आरती कराई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने नदी से कांवड़ में जल भरा और भगवान भोलेनाथ के जयघोष के साथ पैदल यात्रा शुरू की।
फूलों की वर्षा के बीच गूंजता रहा 'हर-हर महादेवÓ
कांवड़ यात्रा के मार्ग में विभिन्न स्थानों पर शिवभक्तों का स्वागत किया गया और श्रद्धालुओं पर फूलों की वर्षा की गई। कांवडिय़े पूरे उत्साह और भक्ति के साथ "हर-हर महादेव", "घर-घर महादेव" और "श्री शिवाय नमस्तुभ्यं" का जयघोष करते हुए आगे बढ़ते रहे। यात्रा के दौरान पूरा वातावरण शिवमय हो गया।
सत्तीचौरा पहुंचने के बाद कांवडिय़ों ने सत्तीश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का पवित्र जल से अभिषेक किया। इसके बाद आरती एवं पूजा-अर्चना का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
नन्हे कांवडिय़ों ने खींचा सबका ध्यान
गंजपारा की इस कांवड़ यात्रा का सबसे खास और भावुक करने वाला दृश्य तब देखने को मिला, जब 3 से 6 वर्ष की उम्र के 20 से अधिक नन्हे बच्चे भी कांवड़ उठाकर शिवनाथ नदी से सत्तीचौरा तक पैदल पहुंचे। नन्हे कांवडि़ए पूरे रास्ते उत्साह और भक्ति में झूमते हुए नजर आए। उन्होंने सत्तीश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। बच्चों की भक्ति और उत्साह ने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया।
शिवनाथ नदी के संरक्षण और आस्था का संदेश
आयोजकों ने बताया कि कांवड़ यात्रा की तैयारियां दो दिन पहले से ही शुरू कर दी गई थीं। यात्रा का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ दुर्ग शहर की जीवनदायिनी शिवनाथ नदी के संरक्षण एवं उत्थान का संदेश देना भी है। सावन के पवित्र महीने में शिवनाथ नदी से जल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करने की विशेष धार्मिक मान्यता है।
सावन के इस पावन अवसर पर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से निकली कांवड़ यात्राओं ने दुर्ग को भक्ति के रंग में रंग दिया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए अपने गांव, शहर और घरों में स्थित शिवलिंग पर जल अर्पित करने का संकल्प भी लिया।
बड़ी संख्या में शिवभक्त हुए शामिल
कांवड़ यात्रा में राजेश शर्मा, सुरेश गुप्ता, गुड्डू कश्यप, डब्बू चंद्रवंशी, योगेन्द्र शर्मा, बंटी, मनोज गुप्ता, लाला, ललित शर्मा, मनीष सेन, प्रकाश सिन्हा, दिनेश शर्मा, सूर्यमणि मिश्रा, लक्की अग्रवाल, प्रकाश ठाकुर, राकेश महोबिया, सुजल शर्मा, सोनल सेन, ऋषि गुप्ता, मोहित पुरोहित, कृतज्ञ शर्मा, वाशु शर्मा, अनमोल पांडे, सार्थक शर्मा, वंशु पुरोहित, सिद्धू सेन, मोक्ष शर्मा, सुभाष शर्मा, हृदय शर्मा, विक्की शर्मा सहित सैकड़ों शिवभक्त मौजूद रहे।
सावन की भक्ति, कांवड़ की आस्था और शिवनाथ के पवित्र जल ने बुधवार को दुर्ग शहर को पूरी तरह शिवमय कर दिया।
दैनिक शौर्यपथ / महासमुंद जिला ब्यूरो संतराम कुर्रे
महासमुंद। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी सरस्वती साइकिल वितरण योजना के तहत खल्लारी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सुखरीडबरी, नर्रा एवं परसुली में आयोजित कार्यक्रमों में जिला पंचायत महासमुंद के उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। तीनों विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान कुल 162 छात्राओं को नि:शुल्क साइकिल वितरित की गई। साइकिल मिलने से छात्राओं के चेहरे पर खुशी नजर आई और विद्यालय तक आवागमन की सुविधा आसान हुई।
ग्राम सुखरीडबरी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 51 छात्राओं, ग्राम नर्रा स्थित शासकीय कुलदीप निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 64 छात्राओं तथा ग्राम परसुली स्थित शासकीय श्री बूढ़ादेव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 47 छात्राओं को साइकिल प्रदान की गई।
बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भीखम सिंह ठाकुर ने कहा कि सरस्वती साइकिल योजना बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने वाली महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी पहल है। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालय आने-जाने के दौरान छात्राओं को होने वाली कठिनाइयों को यह योजना काफी हद तक दूर कर रही है। साइकिल मिलने से आवागमन सुगम होने के साथ छात्राओं में आत्मविश्वास भी बढ़ता है और वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकती हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। बेटियों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना उनके भविष्य को संवारने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के विकास को भी मजबूत आधार प्रदान करता है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए संचालित योजनाएं सराहनीय हैं।
तीनों कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की रही सहभागिता
सुखरीडबरी में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच जानकी ठाकुर ने की। कार्यक्रम में अलका चंद्राकर, निदेशक एमएसटीसी लिमिटेड, डिम्पल डाली ध्रुव, भाजपा मंडल अध्यक्ष बागबाहरा शहर, लोकेश पुनुरिया, भाजपा मंडल अध्यक्ष खल्लारी, कृष्णा चक्रधारी, अध्यक्ष शाला प्रबंधन एवं विकास समिति, संजय मालवे, सांसद प्रतिनिधि सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन उमेश्वर ठाकुर ने किया तथा आभार कामेश्वरी साहू ने व्यक्त किया।
नर्रा में कार्यक्रम की अध्यक्षता एसएमसी अध्यक्ष रूपेंद्र साहू ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में सरपंच नामेश्वरी दिवाकर, पूर्व जनपद सदस्य उमेश जैन, टेकराम पटेल, भाजपा मंडल महामंत्री लेखमणि पटेल, उपसरपंच लोकनाथ पटेल सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, पालकगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
परसुली में कार्यक्रम की अध्यक्षता शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष डिगेश्वरी साहू ने की। जनपद सदस्य लता कुम्हार, सरपंच जलसिंह चक्रधारी, सरपंच परकोम प्रभा पटेल, सरपंच पंडरीपानी लीला दीवान, सरपंच खट्टी खिलेश्वरी सिन्हा, भाजपा मंडल महामंत्री कोमाखान लेखमनी पटेल, महिला मोर्चा मंडल उपाध्यक्ष किरण यदु सहित जनप्रतिनिधि, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
मेहनत और लगन से आगे बढऩे का संदेश
भीखम सिंह ठाकुर ने छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि "बेटियों की शिक्षा में किया गया निवेश ही मजबूत समाज और विकसित राष्ट्र की सबसे बड़ी नींव है।" उन्होंने छात्राओं से पूरी लगन और मेहनत के साथ शिक्षा प्राप्त कर अपने परिवार, क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
धमतरी / शौर्यपथ / सिंध समाज धमतरी द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले अपने इष्ट देव साईं झूलेलाल जी का 40 दिवसीय चालीहा महोत्सव का आयोजन इस वर्ष भी पूरे उत्साह, उमंग और धार्मिक श्रद्धा के साथ किया जा रहा है। 9 अगस्त से प्रारंभ हुए इस महोत्सव के अंतर्गत प्रत्येक मंगलवार को कोष्टापारा स्थित झूलेलाल मंदिर के बाजू स्थित झूलेलाल हाल में समाज द्वारा विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में चालीहा महोत्सव के तीसरे मंगलवार को झूलेलाल महिला मंडल द्वारा "मोबाइल,वरदान या अभिशाप" विषय पर आकर्षक एवं संदेशप्रद सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई।
महिला मंडल की महिलाओं एवं बाल कलाकारों ने अपनी शानदार अभिनय क्षमता के माध्यम से मोबाइल फोन के आधुनिक जीवन में बढ़ते महत्व, उसके सदुपयोग से होने वाले सकारात्मक प्रभाव तथा इसके दुरुपयोग से उत्पन्न होने वाली सामाजिक एवं पारिवारिक समस्याओं को प्रभावी ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में यह दर्शाया गया कि मोबाइल तकनीक आज शिक्षा, व्यापार, संचार, स्वास्थ्य, रोजगार एवं अन्य अनेक क्षेत्रों में वरदान साबित हो रही है। वहीं दूसरी ओर इसके अत्यधिक एवं गलत उपयोग से परिवार, बच्चों, सामाजिक संबंधों तथा व्यक्तिगत जीवन पर पडऩे वाले दुष्प्रभावों को भी नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से बखूबी उजागर किया गया।
महिला मंडल परिवार की महिलाओं और बच्चों ने विभिन्न पात्रों के माध्यम से आधुनिक जीवन की परिस्थितियों को जीवंत कर दिया। हास्य, भावनात्मक संवाद और सामाजिक संदेश से भरपूर इस प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को जहां खूब गुदगुदाया, वहीं उन्हें मोबाइल के संतुलित एवं सार्थक उपयोग के प्रति गंभीरता से सोचने के लिए भी प्रेरित किया। प्रस्तुति के दौरान सभागार लगातार तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंजता रहा। समाज के सभी वर्गों से पहुंचे लोगों ने कार्यक्रम की जमकर सराहना की।
झूलेलाल मंदिर में लगभग शाम 7.00 बजे विशेष महाआरती के बाद प्रारंभ हुआ यह कार्यक्रम रात करीब 10:30 बजे तक चला। बड़ी संख्या में समाजजन एवं सर्वसमाज के नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे और महिला मंडल की इस अनूठी प्रस्तुति का आनंद लिया। पूज्य सिंधी पंचायत सहित समाज की विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने महिला मंडल की इस पहल की प्रशंसा करते हुए महिला कलाकारों एवं बाल कलाकारों को आशीर्वाद प्रदान किया।
झूलेश्वर महादेव का माता विंध्यवासिनी स्वरूप में विशेष श्रृंगार
कार्यक्रम से पूर्व झूलेलाल मंदिर स्थित झूलेश्वर महादेव शिवलिंग का विशेष श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर भगवान शिव बाबा को माता विंध्यवासिनी का स्वरूप प्रदान किया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। सिंध समाज की दिव्या राजपूत, चंचल भोजवानी, लक्ष्मी रंझानी द्वारा माता के स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर में सजे इस दिव्य स्वरूप को देखने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
सर्वसमाज के लिए लंगर प्रसादी
महिला मंडल द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के पश्चात सर्वसमाज के लिए लंगर प्रसादी का आयोजन किया गया। समाज एवं अन्य वर्गों के लोगों ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसादी ग्रहण की। आयोजन में सामाजिक समरसता और सेवा की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
मंगलवार को आयोजित संपूर्ण कार्यक्रम की जिम्मेदारी झूलेलाल मंडल परिवार के देवानंद भोजवानी को सौंपी गई थी। उनके नेतृत्व में कार्यक्रम का सफल एवं व्यवस्थित आयोजन किया गया। झूलेलाल मंडल परिवार, झूलेलाल महिला मंडल परिवार, पूज्य सिंधी पंचायत सहित समाज की विभिन्न इकाइयों के सदस्यों ने बड़ी संख्या में सहभागिता निभाई। सभी इकाइयों के सदस्यों ने आयोजन में बढ़-चढ़कर अपनी सेवाएं प्रदान कीं।
40 दिवसीय अनुष्ठान में प्रतिदिन हो रही विशेष पूजा-अर्चना
उल्लेखनीय है कि 40 दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन के दौरान सिंध समाज के लोग प्रतिदिन सुबह एवं शाम विशेष पूजा-अर्चना, पल्लव एवं अरदास के साथ चालीहा पाठ का पाठ कर भगवान झूलेलाल जी की आराधना कर रहे हैं। समाजजन उपवास एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से जल एवं ज्योत के देवता भगवान श्री झूलेलाल जी से देश-प्रदेश सहित धमतरी जिले की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना कर रहे हैं।
चालीहा महोत्सव के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता, सेवा, सांस्कृतिक संरक्षण और जनजागरूकता का संदेश भी दिया जा रहा है। महिला मंडल द्वारा प्रस्तुत "मोबाइल—वरदान या अभिशाप" कार्यक्रम ने इसी उद्देश्य को सार्थक करते हुए आधुनिक तकनीक के प्रति जागरूक एवं संतुलित दृष्टिकोण अपनाने का प्रभावी संदेश दिया।
धमतरी / शौर्यपथ / श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर रामधुनी मंडली पुरानी बस्ती दुगली के युवाओं द्वारा आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इसी कड़ी में मंडली के युवाओं ने जनपद पंचायत नगरी के अध्यक्ष महेश गोटा से मुलाकात कर उन्हें जन्माष्टमी महोत्सव में शामिल होने के लिए स्नेहपूर्वक आमंत्रित किया।
इस दौरान युवाओं ने महोत्सव की तैयारियों एवं आयोजन की रूपरेखा से उन्हें अवगत कराया। जनपद पंचायत अध्यक्ष महेश गोटा ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को समाज में एकता और सद्भावना का माध्यम बताया।
आमंत्रण कार्यक्रम के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता हनी कश्यप, रवि भट्ट, रविकुमार यादव, उत्तमचंद सोरी, कुंदन सिंह नेताम, शिवा नेताम, कृष कुमार नेताम, अभिषेक नेताम एवं वरुण देव नेताम सहित रामधुनी मंडली पुरानी बस्ती दुगली के युवा उपस्थित रहे।
महोत्सव को लेकर युवाओं में खासा उत्साह है तथा आयोजन को भव्य एवं श्रद्धापूर्ण बनाने की तैयारियां की जा रही हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
