July 18, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    राजनीति में कुछ लोग जनसेवा से पहचान बनाते हैं, कुछ संघर्ष से, और कुछ ऐसे भी होते हैं जिनकी पहचान कैमरे के एंगल, रीलों और पीआर मैनेजमेंट से बनती है। कहते हैं कि एक विधायक महोदय पर "महादेव" की ऐसी असीम कृपा हुई कि देखते ही देखते अपना भव्य मीडिया हाउस खड़ा हो गया। राजधानी की एक पॉश कॉलोनी में स्थित आलीशान कार्यालय देखकर सहज ही प्रश्न उठता है कि यह पत्रकारिता का केंद्र है या फिर ब्रांड मैनेजमेंट का कॉरपोरेट स्टूडियो?

    मिशन वाली पत्रकारिता कब लग्ज़री प्रोजेक्ट में बदल गई, इसका शायद सबसे जीवंत उदाहरण यही है। यहां खबरें कम और इमेज बिल्डिंग ज्यादा दिखाई देती है।

    विधायक महोदय की सबसे बड़ी ताकत बताई जाती है—पीआर और इवेंट मैनेजमेंट। कहते हैं कि उन्होंने निजी दुख को भी सार्वजनिक आयोजन में बदलने की कला विकसित कर ली है। परिवार में शोक का अवसर आया तो श्मशान घाट तक में वीआईपी व्यवस्थाओं की चर्चा रही। संवेदना प्रकट करने वालों के फोन भी मानो इतिहास का हिस्सा बन गए—रिकॉर्ड हुए, संपादित हुए और सोशल मीडिया पर प्रसारित भी हुए।

    ऐसा लगा कि संवेदना भी अब कंटेंट कैलेंडर का हिस्सा बन चुकी है। बस एक औपचारिकता बाकी रह गई थी—"इस शोक आयोजन को सफल बनाने के लिए आप सभी का हार्दिक धन्यवाद" वाला पोस्टर।

    रीलों की दुनिया में शायद यही नया राजनीतिक दर्शन है—जो कैमरे में कैद नहीं हुआ, वह हुआ ही नहीं।

    दिलचस्प बात यह भी है कि विधायक महोदय अक्सर अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों पर अपरोक्ष टिप्पणियां करने से नहीं चूकते। शायद उन्हें यह याद दिलाने की जरूरत है कि पिछले लगभग 25 वर्षों में प्रदेश में करीब 20 वर्ष उनकी ही सरकार रही है और  लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भी लंबे समय से उनकी अपनी ही पार्टी के सांसद करते रहे हैं। ऐसे में अपनी ही राजनीतिक परंपरा, नेतृत्व और संगठन के योगदान को नज़रअंदाज़ कर तंज कसना राजनीतिक परिपक्वता कम और तात्कालिक लोकप्रियता की कोशिश अधिक प्रतीत होता है।

    जनता नेताओं से संवाद चाहती है, स्व-प्रचार नहीं; जवाबदेही चाहती है, पटकथा नहीं; और सेवा चाहती है, स्टूडियो नहीं।

    लोकतंत्र में कैमरे की चमक कुछ समय के लिए तालियां दिला सकती है, लेकिन इतिहास में जगह केवल वही बनाता है जो काम की रोशनी से पहचाना जाए। रीलें कुछ सेकंड चलती हैं, जबकि जनसेवा की असली पटकथा जनता वर्षों तक याद रखती है।

    केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने किया सम्मानित, बोले— "यह सम्मान पूरे समाज का है"

    दुर्ग। मेघगंगा ग्रुप के चेयरमैन मनीष पारख को सामाजिक सेवा, जनकल्याण और सामाजिक दायित्वों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारत सरकार के केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री Ramdas Athawale द्वारा प्रदान किया गया।

    दुर्ग जिले के सफल उद्यमी के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुके मनीष पारख ने व्यापारिक उपलब्धियों के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व को भी अपनी प्राथमिकता बनाया है। उन्होंने अपने पिता से मिली सेवा, संस्कार और समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, साइबर जागरूकता और सामाजिक विकास के अनेक क्षेत्रों में लगातार कार्य किया है।

    सम्मान प्राप्त करने के बाद मनीष पारख ने कहा, "डॉक्टरेट की इस उपाधि के लिए मैं आप सभी के सहयोग, विश्वास और स्नेह के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। यह सम्मान मुझे समाज की सेवा के लिए और अधिक प्रेरित करेगा।"

    सामाजिक सरोकारों में उल्लेखनीय योगदान

    मनीष पारख के नेतृत्व में विभिन्न जनहितकारी पहलें संचालित की गई हैं, जिनमें प्रमुख रूप से—

    लाइफकेयर डायग्नोस्टिक्स (NABL मान्यता प्राप्त) के माध्यम से नियमित निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन।

    पिछले 7 वर्षों से निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा का सतत संचालन।

    आम नागरिकों में नियमित स्वास्थ्य जांच की संस्कृति विकसित करने के लिए हेल्थ कार्ड योजना की शुरुआत।

    युवाओं के कौशल विकास हेतु विशेष स्किल डेवलपमेंट एवं डिग्री प्रोग्राम का संचालन।

    "मोर शहर, मोर जिम्मेदारी" अभियान के अंतर्गत दुर्ग के गांधी चौक, शहीद चौक, वाई-शेप ब्रिज चौक एवं कचहरी चौक सहित कई प्रमुख स्थलों के सौंदर्यीकरण एवं निर्माण कार्य में योगदान।

    शहर की यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए पुलिस विभाग को ट्रैफिक बैरिकेड्स उपलब्ध कराना।

    महावीर स्कूल के अध्यक्ष के रूप में विद्यालय के जीर्णोद्धार, आधुनिक शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना।

    दुर्ग पुलिस एवं तत्कालीन रेंज आईजी राम गोपाल गर्ग के साथ मिलकर "साइबर प्रहरी" अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए साइबर अपराध के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाना।

    मनीष पारख को मिला यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि उद्योग जगत से जुड़े लोग यदि सामाजिक दायित्वों को प्राथमिकता दें, तो समाज में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन संभव है। यह उपलब्धि दुर्ग जिले के लिए भी गर्व का विषय मानी जा रही है।

    रायपुर। छत्तीसगढ़ को अंगदान एवं देहदान के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सर्वधर्म सेवा संस्था, भिलाई के प्रतिनिधिमंडल ने संस्था के संरक्षक श्री इंद्रजीत सिंह (छोटू भईया) के सहयोग एवं मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की।

    इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को 16 बिंदुओं का विस्तृत सुझाव-पत्र सौंपते हुए पूरे प्रदेश में अंगदान एवं देहदान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने का आग्रह किया। संस्था ने सुझाव दिया कि शासन स्तर पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं, जिससे अधिक से अधिक लोग अंगदान के लिए प्रेरित हों और जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल सके।

    संस्था ने एक महत्वपूर्ण मांग रखते हुए कहा कि अंगदान करने वाले दाताओं को मरणोपरांत राजकीय सम्मान प्रदान किया जाए। संस्था का मानना है कि इससे समाज में अंगदान के प्रति सम्मान, जागरूकता और सकारात्मक सोच विकसित होगी तथा अधिक लोग इस पुनीत कार्य से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।

    सर्वधर्म सेवा संस्था का कहना है कि यदि शासन, चिकित्सा संस्थान, सामाजिक संगठन और आमजन मिलकर समन्वित प्रयास करें, तो छत्तीसगढ़ न केवल हजारों लोगों के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, बल्कि अंगदान एवं देहदान के क्षेत्र में देश के लिए एक आदर्श मॉडल भी बन सकता है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और इस विषय पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। संस्था ने मुख्यमंत्री के संवेदनशील दृष्टिकोण एवं सकारात्मक प्रतिक्रिया के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि भविष्य में इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं

    *बिहान की दीदी के परिवार को समय पर मिली सहायता, मुश्किल दौर में बनी सरकार की जनकल्याणकारी योजना का सहारा*

    रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुदूर वनांचल तक पहुंच रहा है। सुकमा जिले में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना ने एक जरूरतमंद परिवार को कठिन समय में आर्थिक सहारा देकर संवेदनशील शासन व्यवस्था का उदाहरण प्रस्तुत किया है।

    *दुख की घड़ी में मिला आर्थिक संबल*

    सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के ग्राम आरलमपल्ली की दुर्गा स्व-सहायता समूह से जुड़ी बिहान की दीदी दुधी सन्नी का 8 अप्रैल 2026 को आकस्मिक निधन हो गया था। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत उन्हें समय पर आर्थिक सहायता मिल गई।

    *दो महीने में मिला दो लाख रुपये का बीमा दावा*

    जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर के मार्गदर्शन में बिहान योजना की टीम ने तुरंत बीमा दावा तैयार कर भारतीय स्टेट बैंक की दोरनापाल शाखा को भेजा। बैंक ने भी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं प्राथमिकता से पूरी कीं।

    संयुक्त प्रयासों का परिणाम यह रहा कि मृतिका के पति एवं नामिनी दुधी सोमा के बैंक खाते में 27 मई 2026 को मात्र दो महीने के भीतर 2 लाख रुपये की बीमा दावा राशि जमा हो गई। यह सहायता राशि नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती राधा नायक द्वारा हितग्राही को प्रदान की गई।

    *टीमवर्क से मिली समय पर राहत*

    इस कार्य में भारतीय स्टेट बैंक दोरनापाल के शाखा प्रबंधक श्री आनंद सिंह, बिहान की पीआरपी श्रीमती रूकमणी कर्मा तथा एफएलसीआरपी कुमारी शालिनी ओडला की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी के समन्वित प्रयासों से दूरस्थ क्षेत्र में रहने वाले परिवार को बिना अनावश्यक विलंब के आर्थिक सहायता मिल सकी।

    *गरीब परिवारों के लिए सुरक्षा कवच बन रही योजना*

    प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत माध्यम बन रही है। परिवार के कमाने वाले सदस्य के असामयिक निधन की स्थिति में मिलने वाली बीमा राशि संकट की घड़ी में बड़ा सहारा साबित होती है।

    दुधी सन्नी के परिवार की यह कहानी बताती है कि जब शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंचता है, तो वह न केवल आर्थिक सहायता देता है, बल्कि कठिन परिस्थितियों में परिवार को नया संबल और विश्वास भी प्रदान करता है।

    *वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, जनभागीदारी और सर्कुलर इकोनॉमी पर विशेषज्ञों ने किया मंथन*

    *250 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा, बल्क वेस्ट जेनरेटरों की जवाबदेही और जीरो वेस्ट स्टेट के लक्ष्य पर दिया गया जोर*

    रायपुर / छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस, रायपुर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन, स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, संग्रहण, प्रसंस्करण एवं पर्यावरण अनुकूल निस्तारण सहित नियमों के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ शहरों के निर्माण के लिए ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कचरे के पृथक्करण, पुनर्चक्रण तथा वैज्ञानिक प्रबंधन में नागरिकों, स्थानीय निकायों और संस्थानों की सक्रिय भागीदारी पर बल देते हुए इसे जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

    क्षेत्रीय अधिकारी श्री पी.के. रबड़े ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रावधानों, विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा अधिसूचित नियम केवल कानूनी प्रावधान नहीं, बल्कि सर्कुलर इकोनॉमी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, जिनका उद्देश्य कचरे को संसाधन के रूप में उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि नए नियमों के तहत बल्क वेस्ट जेनरेटरों को अपने द्वारा उत्पन्न कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन की जिम्मेदारी स्वयं निभानी होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने स्वच्छता दीदियों के माध्यम से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का सफल मॉडल विकसित किया है। साथ ही बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सीमेंट संयंत्रों में नगरीय ठोस अपशिष्ट से तैयार आर.डी.एफ. (Refuse Derived Fuel) का ईंधन के रूप में उपयोग कर कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग का सफल उदाहरण प्रस्तुत किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी हितधारकों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा सामूहिक प्रयासों से रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ को जीरो वेस्ट स्टेट बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

    कार्यशाला में राज्य सलाहकार श्रीमती मोनिका सिंह एवं श्री पुरुषोत्तम पंडा (स्वच्छ भारत मिशन), कार्यपालन अभियंता श्री योगेश कुमार कडू, मुख्य रसायनज्ञ श्रीमती नीलिमा सोनकर तथा सहायक अभियंता श्री प्रवीण कुमार नाग ने पॉवरपॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, स्रोत स्तर पर पृथक्करण, प्रसंस्करण तथा व्यावहारिक क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी।

    कार्यक्रम में शहरी एवं ग्रामीण निकायों के प्रतिनिधि, उद्योग प्रतिनिधि, बल्क वेस्ट जेनरेटर, ईको क्लब समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन के अधिकारी तथा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारी-कर्मचारी सहित लगभग 250 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।

     कार्यशाला का उद्देश्य ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रति व्यापक जागरूकता बढ़ाना, विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करना तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए वैज्ञानिक एवं प्रभावी कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देना था।

    रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर में विकास और सुशासन का नया दौर शुरू हुआ है। इसका प्रेरक उदाहरण बीजापुर जिले का पीडिया क्षेत्र है, जहां 21 वर्षों बाद बंद पड़े 11 स्कूलों का दोबारा संचालन शुरू हुआ है। अब 11 गांवों के 539 बच्चों को अपने ही गांव में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। यह बदलाव केवल स्कूल खुलने तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र में विश्वास, विकास और नई उम्मीद की वापसी का प्रतीक है।

    *प्रवेशोत्सव में बच्चों का हुआ आत्मीय स्वागत*

    पीडिया में आयोजित प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर शिक्षादूतों को रजिस्टर और शिक्षण सामग्री प्रदान की गई। वहीं बच्चों को स्कूल बैग, कॉपी, पेन और स्लेट वितरित कर उनका विद्यालय में प्रवेश कराया गया।

    बच्चों का तिलक लगाकर, मिठाई खिलाकर और शुभकामनाओं के साथ स्वागत किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    *11 गांवों में फिर शुरू हुई पढ़ाई*

    माओवादी हिंसा के कारण वर्षों पहले बंद हुए पीडिया, पेदापाल, छोटेगोटोडी, कुएम, मदपाल, अंडरी, इडेनार, डोंडीतुमनार, मिरगानघोटूल, गमपुर और तमोड़ी गांवों के स्कूल अब फिर से संचालित होने लगे हैं। इससे बच्चों को अब पढ़ाई के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ेगा।

    *इस वर्ष 37 स्कूलों का हुआ पुनः संचालन*

    जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश पांडे ने बताया कि जिला प्रशासन के विशेष अभियान के तहत इस वर्ष अब तक 20 प्राथमिक और 17 उच्च प्राथमिक विद्यालय, कुल 37 बंद स्कूलों को फिर से शुरू किया जा चुका है। इन स्कूलों में भवन, पेयजल, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।

    *हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना है लक्ष्य*

    कलेक्टर श्री विश्वदीप ने कहा कि जिले के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में अब शांति और सामान्य स्थिति स्थापित हुई है, वहां बंद स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से दोबारा शुरू किया जा रहा है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

    *बदलते बस्तर की नई पहचान*

    पीडिया में 21 वर्षों बाद स्कूलों का फिर से खुलना बदलते बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत करता है। जिन गांवों में कभी भय का माहौल था, वहां आज बच्चों की मुस्कान, पाठशालाओं की चहल-पहल और शिक्षा का उजाला दिखाई दे रहा है। यह सफलता बताती है कि सरकार के सतत प्रयासों से अब बस्तर शिक्षा, विकास और उज्ज्वल भविष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    जगदलपुर, । बस्तर रेंज में पुलिस नेतृत्व का महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी बद्रीनारायण मीणा ने मंगलवार को बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) का विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने सुन्दरराज पट्टलिंगम का स्थान लिया है, जिन्हें भारत सरकार ने प्रतिनियुक्ति पर राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के पद पर नई जिम्मेदारी सौंपी है।

    पदभार ग्रहण समारोह बस्तर रेंज पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में आयोजित किया गया, जिसमें बस्तर के पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित रेंज के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर सुन्दरराज पट्टलिंगम ने बद्रीनारायण मीणा का स्वागत करते हुए उन्हें सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं और विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर पुलिस का पूरा अमला नए नेतृत्व को भी उसी समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ सहयोग देगा।

    निवर्तमान आईजी सुन्दरराज पट्टलिंगम ने अपने संबोधन में 'मिशन 2026' के सफल क्रियान्वयन में मिले सहयोग के लिए शासन, पुलिस मुख्यालय, सुरक्षा बलों, नागरिक प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, मीडिया तथा बस्तर की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह मिशन भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन की साझा परिकल्पना है, जिसका उद्देश्य बस्तर में स्थायी शांति, सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि बद्रीनारायण मीणा के नेतृत्व में यह अभियान और अधिक प्रभावी गति प्राप्त करेगा।

    पट्टलिंगम ने वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ संघर्ष में शहीद हुए सुरक्षा बलों के जवानों और स्थानीय नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

    वहीं, नवनियुक्त आईजी बद्रीनारायण मीणा ने कहा कि वे पिछले वर्षों में हुए उल्लेखनीय कार्यों को आगे बढ़ाते हुए सभी हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करेंगे। उन्होंने बस्तर में स्थायी शांति, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, तेज विकास और आम जनता के विश्वास को और सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

    नए नेतृत्व के साथ अब बस्तर में सुरक्षा, विकास और जनसहभागिता को लेकर चल रहे अभियानों को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

      रायपुर/बिलासपुर / शौर्यपथ / केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू और छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बुधवार को बिलासपुर के मंगला स्थित माता चौरा में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं से मंगला सहित आसपास के क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
    इस अवसर पर विधायक सुशांत शुक्ला, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडे, महापौर पूजा विधानी तथा जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी भी उपस्थित रहे।
    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार विकास को मिशन के रूप में आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि अब केवल भूमिपूजन ही नहीं, बल्कि समयबद्ध तरीके से विकास कार्यों का लोकार्पण भी सरकार की कार्य संस्कृति का हिस्सा बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में सड़क, रेलवे, पेयजल और शहरी अधोसंरचना के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं।
    उप मुख्यमंत्री एवं बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में बिलासपुर नगर निगम को 437 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। आने वाले समय में शहर और आसपास के क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा ताकि नागरिकों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। इस दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मंगला मुक्तिधाम के विकास के लिए ?50 लाख तथा सामुदायिक भवन निर्माण के लिए ?1 करोड़ की अतिरिक्त स्वीकृति देने की घोषणा की।
    कार्यक्रम को विधायक सुशांत शुक्ला ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बिलासपुर नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, दीपक सिंह, मोहित जायसवाल, पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सोमनाथ यादव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

     रायपुर । शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता विभाग और अपेक्स बैंक के संयुक्त तत्वावधान में 3 एवं 4 जुलाई को रायपुर में राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन तथा सहकार संकल्प दौड़ का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे, जबकि अध्यक्षता सहकारिता मंत्री केदार कश्यप करेंगे।
    3 जुलाई को सुबह 6 बजे मरीन ड्राइव (तेलीबांधा) में सहकार संकल्प दौड़ आयोजित होगी। वहीं 3 और 4 जुलाई को सुबह 11 बजे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम ऑडिटोरियम में दो दिवसीय राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
    सम्मेलन में सहकारी नीतियों, कृषि विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और किसानों के सशक्तिकरण पर चर्चा होगी। इसमें प्रदेशभर से सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, किसान, अपेक्स बैंक, मार्कफेड, राज्य सहकारी संघ, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक एवं विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
    आयोजकों ने किसानों, युवाओं और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर "सहकार से समृद्धि" के संकल्प को मजबूत बनाने की अपील की है।

    रायपुर/बस्तर ।
    बस्तर जिले के भानपुरी में शाला प्रवेश उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप और सांसद महेश कश्यप ने नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर, माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को स्कूल बैग एवं शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की गई।
    वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही विकसित समाज की आधारशिला है और राज्य सरकार प्रत्येक बच्चे तक बेहतर शिक्षा एवं सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं सांसद महेश कश्यप ने विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा और तकनीक का लाभ उठाकर अपने भविष्य को संवारने का संदेश दिया।

    कार्यक्रम के दौरान ग्राम बनियागांव में ₹1 करोड़ 12 लाख 80 हजार की लागत से निर्मित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नए भवन का लोकार्पण भी किया गया। साथ ही विद्यालयों को डिजिटल शिक्षा के लिए स्मार्ट टीवी प्रदान किए गए तथा मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
    कार्यक्रम के अंत में दोनों जनप्रतिनिधियों ने बच्चों के साथ सहभोज कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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