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निशांत ताम्रकर (क्राइम रिपोर्ट)
दुर्ग / शौर्यपथ / पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र के कुंदरापारा में रविवार रात करीब 9:30 बजे हुई सनसनीखेज हत्या ने एक ओर शहर की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए, तो दूसरी ओर दुर्ग पुलिस ने दावा किया कि महज 12 घंटे के भीतर वारदात में शामिल एक ही परिवार के छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, जैतखाम के पास करीब तीन वर्ष पुरानी रंजिश के चलते अक्षय कोठारी, उनके भाई लेखराम कोठारी, गोपा उर्फ सूर्यदेव कोठारी और उनके चाचा बल्ला उर्फ रोशन कोठारी पर लाठी, डंडे, ईंट और चाकू से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल लेखराम कोठारी की मौत हो गई, जबकि अन्य घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है।
पुलिस का कहना है कि सूचना मिलते ही एफएसएल टीम को बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए और घेराबंदी कर लक्ष्मी चेलक, आकाश चेलक, सत्यम चेलक, खेलू चेलक, प्रकाश चेलक तथा देवचंद चेलक को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त ईंट, डंडे, चाकू और वारदात के समय पहने गए कपड़े भी जब्त किए गए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते हत्या करना स्वीकार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया।
मृतक
स्मार्ट पुलिसिंग पर उठे सवाल
हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन वारदात ने शहर की तथाकथित "स्मार्ट पुलिसिंग" पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रात करीब साढ़े नौ बजे घनी आबादी वाले कुंदरापारा में दो पक्षों के बीच लंबे समय तक खूनी संघर्ष चलता रहा। स्थानीय लोगों के सामने एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला हुआ, लेकिन इलाके में समय रहते पुलिस की मौजूदगी नहीं दिखी।
इलाके के लोगों में भय का माहौल भी चर्चा का विषय बना रहा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अपराधियों के डर से लोग पुलिस को सूचना देने से भी हिचकते हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठे। वहीं, पुलिस का पक्ष है कि सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करते हुए वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए गए और 12 घंटे के भीतर सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
इस हत्याकांड ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि केवल त्वरित गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं, बल्कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अपराध पर पहले से प्रभावी नियंत्रण और लोगों में सुरक्षा का भरोसा भी उतना ही जरूरी है।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग पुलिस के 'ऑपरेशन विश्वास' के तहत जिलेभर में सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने, अड्डेबाजी और संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। 10 से 12 जुलाई तक चले विशेष अभियान में 114 लोगों पर छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 36(च) के तहत कार्रवाई की गई।
इस अभियान में मोहन नगर थाना और दुर्ग कोतवाली थाना की कार्रवाई भी प्रमुख रही। मोहन नगर थाना क्षेत्र में 8 और कोतवाली (दुर्ग) थाना क्षेत्र में 7 लोगों के खिलाफ सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन और अड्डेबाजी के मामले में कार्रवाई की गई। दोनों थाना क्षेत्रों में कुल 15 लोगों पर वैधानिक कार्रवाई हुई।
जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में बाजार, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, पार्क, तालाब और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सघन चेकिंग की गई। वहीं तीन अलग-अलग स्थानों पर अवैध शराब बिक्री के मामलों में दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा उनके कब्जे से अवैध शराब और नकदी जब्त की गई।
दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन विश्वास के तहत ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अड्डेबाजी, सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन या अवैध शराब बिक्री की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि जिले में सुरक्षित और नशामुक्त वातावरण बनाए रखा जा सके।
मृणेन्द्र चौबे
राजनांदगांव/शौर्यपथ / नवपदस्थ पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अजय यादव ने कार्यभार संभालते ही पुलिस महकमे को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि अवैध कारोबार में संलिप्त अपराधियों के साथ अगर पुलिस के किसी भी स्तर के अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत पाई गई, तो उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
पदभार ग्रहण करने के बाद आईजी अजय यादव ने राजनांदगांव, खैरागढ़ और मानपुर-मोहला जिले के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने पूरे रेंज के अपराध पैटर्न, कानून-व्यवस्था और जनता की अपेक्षाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की।
0 बेसिक पुलिसिंग को मजबूत करने पर रहेगा जोर
आईजी अजय यादव ने कहा कि उनका मुख्य फोकस रेंज में बेसिक पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी व मजबूत बनाने पर रहेगा। इसके लिए वे जल्द ही सभी जिलों का जमीनी दौरा करेंगे और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप रणनीति तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) और शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। अपराधों का त्वरित अनुसंधान और अपराधियों की धरपकड़ पुलिस की प्राथमिकता होगी।
0 अवैध शराब, सट्टा और जुए पर होगी चौतरफा कार्रवाई
शासन की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए नए आईजी ने कहा कि अवैध शराब, जुआ और सट्टा जैसे सामाजिक अपराधों पर चौतरफा और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने माना कि राजनांदगांव रेंज की सीमाएं मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से लगी होने के कारण अवैध शराब के परिवहन की चुनौती रहती है। हालांकि, पुलिस पहले भी इस पर लगातार कार्रवाई करती रही है, लेकिन अब सीमाओं पर निगरानी और सख्त की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि निचले स्तर से लेकर उच्च स्तर तक किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार या अपराधियों को संरक्षण देना पुलिसकर्मियों को भारी पड़ेगा।
0 ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार और उपलब्ध बल का बेहतर उपयोग
शहर की ट्रैफिक समस्या को लेकर आईजी ने कहा कि वे जल्द ही राजनांदगांव एसपी के साथ पृथक से बैठक कर यातायात व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। उपलब्ध पुलिस बल का आकलन कर उसका इस तरह से प्रबंधन किया जाएगा ताकि यातायात सुचारू हो सके और कमियों को दूर किया जा सके। बल की कमी के सवाल पर उन्होंने कहा कि औद्योगिकीकरण और शहरीकरण के कारण पुलिस बल की मांग हमेशा बनी रहती है, लेकिन मुख्य फोकस उपलब्ध संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर होना चाहिए।
0 शौर्यपथ के सवाल पर आईजी ने दिखाई सख्ती
दैनिक शौर्यपथ ने आईजी अजय यादव के समक्ष यह मुद्दा उठाया कि रेंज के कई क्षेत्रों में अवैध नशे के कारोबार में नाबालिग बच्चों का सहारा लिए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इस पर आईजी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट कहा कि नाबालिगों को अपराध के लिए इस्तेमाल करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि केवल छोटे-छोटे वाहकों पर कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि पूरे नेटवर्क का खुलासा कर मुख्य सरगनाओं और इस कारोबार को संचालित करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार हर व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा और भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाएगा।
इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे में रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, निवेश और भारतीय समुदाय से संवाद पर रहा विशेष जोर
नई दिल्ली,।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह दिवसीय इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की महत्वपूर्ण विदेश यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न कर रविवार दोपहर नई दिल्ली लौट आए। इस बहुपक्षीय दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने तीनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने, व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने पर महत्वपूर्ण चर्चा की।
स्वदेश लौटने के बाद प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यात्रा के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा शुरू की। माना जा रहा है कि इस दौरे में हुए समझौतों और रणनीतिक निर्णयों को लेकर आगामी दिनों में विभिन्न मंत्रालयों के साथ विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
ऑस्ट्रेलिया में प्रवासी भारतीयों से संवाद
ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मेलबर्न में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लिया तथा भारतीय समुदाय को संबोधित किया। उन्होंने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने और आर्थिक एवं सामरिक सहयोग को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।
न्यूजीलैंड में द्विपक्षीय वार्ता
न्यूजीलैंड में प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, शिक्षा, कृषि, तकनीक और क्षेत्रीय सहयोग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने व्यापारिक समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर भारत में निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
इंडोनेशिया में रणनीतिक साझेदारी पर जोर
जकार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया के नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। उन्होंने भारतीय समुदाय से भी मुलाकात कर उन्हें भारत की विकास यात्रा का सहभागी बनने का आह्वान किया।
भारत की वैश्विक भूमिका को मिली नई मजबूती
विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल औपचारिक राजनयिक दौरा नहीं रही, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका, आर्थिक साझेदारी और वैश्विक प्रभाव को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।
स्वदेश लौटने के बाद अब केंद्र सरकार की प्राथमिकता इस यात्रा के दौरान हुए निर्णयों और समझौतों को तेजी से अमल में लाने पर रहेगी, ताकि भारत के आर्थिक, व्यापारिक और रणनीतिक हितों को और मजबूती मिल सके।
फ्रांस-स्पेन और अर्जेंटीना-इंग्लैंड के बीच होगी फाइनल की टिकट की जंग, दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों की नजरें सेमीफाइनल मुकाबलों पर
स्पोर्ट्स डेस्क,।
फुटबॉल विश्व कप 2026 अब अपने सबसे रोमांचक पड़ाव पर पहुंच गया है। क्वार्टर फाइनल मुकाबलों के बाद फ्रांस, स्पेन, इंग्लैंड और डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अंतिम चार में जगह बना ली है। अब इन चार फुटबॉल महाशक्तियों के बीच फाइनल में पहुंचने की जंग दुनिया भर के करोड़ों प्रशंसकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण बन गई है।
सेमीफाइनल मुकाबले
⚽ 15 जुलाई: फ्रांस ? स्पेन
⚽ 16 जुलाई: अर्जेंटीना ? इंग्लैंड
दोनों मुकाबलों को विश्व कप के सबसे हाई-वोल्टेज मैचों में गिना जा रहा है, जहां हर टीम अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी।
ऐसे तय हुई सेमीफाइनल की तस्वीर
क्वार्टर फाइनल में फ्रांस ने मजबूत मोरक्को को 2-0 से हराकर अपना दबदबा कायम रखा। वहीं स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से मात देकर अंतिम चार में जगह बनाई।
दूसरी ओर इंग्लैंड ने रोमांचक मुकाबले में नॉर्वे को 2-1 से हराया, जबकि गत विश्व चैंपियन अर्जेंटीना ने स्विट्जरलैंड को 3-1 से पराजित कर अपने खिताब बचाने की उम्मीदों को बरकरार रखा।
दिग्गज खिलाड़ियों पर रहेंगी निगाहें
विश्व कप में कई स्टार खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है। अर्जेंटीना के अनुभवी कप्तान लियोनेल मेसी एक बार फिर अपनी टीम की सबसे बड़ी ताकत साबित हो रहे हैं, जबकि नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर अर्लिंग हालैंड ने टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन से फुटबॉल प्रेमियों का दिल जीता, हालांकि उनकी टीम क्वार्टर फाइनल में बाहर हो गई।
फाइनल की टिकट के लिए आर-पार की लड़ाई
अब सेमीफाइनल में हर मुकाबला करो या मरो की स्थिति वाला होगा। एक ओर फ्रांस और स्पेन जैसी यूरोपीय दिग्गज टीमें आमने-सामने होंगी, वहीं दूसरी ओर विश्व चैंपियन अर्जेंटीना और मजबूत इंग्लैंड के बीच प्रतिष्ठा की बड़ी जंग देखने को मिलेगी।
अब पूरी दुनिया की निगाहें 15 और 16 जुलाई पर टिकी हैं, जब तय होगा कि फुटबॉल विश्व कप 2026 के फाइनल में खिताब के लिए कौन-सी दो टीमें आमने-सामने होंगी।
कैबिनेट से उम्मीद टूटी तो आंदोलन हुआ और उग्र, खून से लिखा पत्र, इच्छामृत्यु की मांग, भीख मांगकर और एक पैर पर खड़े होकर जताया विरोध
दुर्ग ।
छत्तीसगढ़ में अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। 1 जुलाई से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी है और 8 जुलाई की राज्य कैबिनेट बैठक में संविलियन और समायोजन को लेकर कोई ठोस घोषणा नहीं होने के बाद शिक्षकों का आक्रोश और तेज हो गया है। खास बात यह है कि आंदोलन का सबसे बड़ा केंद्र दुर्ग जिला बना हुआ है, जो प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का गृह क्षेत्र भी है।
कैबिनेट बैठक के बाद फूटा आक्रोश
कैबिनेट बैठक से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद लगाए बैठे अतिथि शिक्षकों को जब कोई राहत नहीं मिली, तो आंदोलन और अधिक उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने रैली निकालकर दुर्ग कलेक्ट्रेट का घेराव किया और शासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
भावुक शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के नाम अपने खून से पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की अनुमति तक मांग डाली। उनका कहना है कि वर्षों तक सेवा देने के बावजूद उन्हें न तो सम्मान मिला और न ही भविष्य की कोई सुरक्षा।
बारिश में भी नहीं डिगा आंदोलन
लगातार बारिश के बावजूद हजारों अतिथि शिक्षक धरना स्थल पर डटे हुए हैं। शासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए उन्होंने कई अनोखे तरीके अपनाए हैं।
एक पैर पर खड़े होकर विरोध प्रदर्शन।
हाथों में कटोरा लेकर भीख मांगते हुए प्रदर्शन।
खून से पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की मांग।
लगातार धरना और रैलियों के माध्यम से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास।
इन प्रदर्शनों ने प्रदेशभर में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।
क्या हैं शिक्षकों की प्रमुख मांगें?
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले 10 से 12 वर्षों से दूरस्थ और ग्रामीण सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें केवल लगभग ₹20,000 मासिक मानदेय पर कार्य करना पड़ रहा है।
उनकी प्रमुख मांगें हैं—
संविलियन (नियमितीकरण)
समान कार्य के लिए समान वेतन
पूर्ण सेवा सुरक्षा
सम्मानजनक रोजगार एवं भविष्य की स्थायी व्यवस्था
₹2,000 बढ़ोतरी का प्रस्ताव ठुकराया
सूत्रों के अनुसार सरकार की ओर से ₹2,000 मानदेय वृद्धि और 12 महीने के भुगतान से जुड़ा एक प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन अतिथि शिक्षक संघ ने इसे पूरी तरह अस्वीकार कर दिया।
संघ का स्पष्ट कहना है कि उनका आंदोलन केवल वेतन वृद्धि के लिए नहीं, बल्कि संविलियन और स्थायी सेवा सुरक्षा के लिए है। जब तक इस संबंध में ठोस निर्णय नहीं लिया जाएगा, आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
शिक्षा मंत्री ने क्या कहा?
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा है कि सरकार शिक्षकों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है और कई विषयों पर प्रक्रिया जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों को रायपुर में आंदोलन करना चाहिए क्योंकि वे पूरे प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए हैं।
मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि शिक्षकों की कुछ व्यावहारिक मांगों, जैसे रविवार अवकाश आदि, पर शासन सकारात्मक दृष्टिकोण रखता है।
कांग्रेस का भी मिला समर्थन
अतिथि शिक्षकों के आंदोलन को विपक्षी दल कांग्रेस का भी समर्थन मिला है। कांग्रेस नेताओं ने धरना स्थल पहुंचकर आंदोलनरत शिक्षकों के साथ एकजुटता जताई और सरकार से शीघ्र समाधान निकालने की मांग की।
सरकार के सामने बढ़ती चुनौती
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि जल्द कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सरकार के लिए भी बड़ी राजनीतिक चुनौती बन सकता है। नई शिक्षा सत्र की शुरुआत के बीच हजारों अतिथि शिक्षकों की हड़ताल का सीधा असर स्कूलों में पढ़ाई पर पड़ने लगा है।
अब सबकी निगाहें सरकार पर
अतिथि शिक्षक संघ ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द संविलियन और सेवा सुरक्षा पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। ऐसे में अब पूरे प्रदेश की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है कि क्या संवाद से समाधान निकलेगा या फिर यह आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप लेगा।
भव्य कांवर यात्रा की तैयारियां तेज, हजारों शिवभक्त होंगे शामिल; सेवा, श्रद्धा और सामाजिक समरसता का बनेगा संगम
पाटन। बोल बम कांवर यात्रा समिति, पाटन की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को रेस्ट हाउस पाटन में समिति के संयोजक श्री जितेन्द्र वर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी सावन के तीसरे सोमवार, 17 अगस्त को पाटन से टोलाघाट तक भव्य एवं विशाल कांवर यात्रा निकाली जाएगी। आयोजन को अधिक व्यवस्थित, भव्य और श्रद्धामय बनाने के लिए सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
इस वर्ष की यात्रा का विशेष आकर्षण "एक मुठ्ठी अन्नदान" अभियान रहेगा। भगवान शिव के नाम पर शिवभक्तों से प्राप्त एक-एक मुठ्ठी अन्न से महाप्रसाद तैयार किया जाएगा, जो सेवा, सहयोग और सामाजिक समरसता का अनूठा संदेश देगा।
समिति के संयोजक श्री जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि कांवर यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आस्था, अनुशासन, सेवा और सामाजिक एकता का महापर्व है। प्रत्येक वर्ष हजारों शिवभक्त "बोल बम" के जयघोष के साथ भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए इस यात्रा में शामिल होते हैं। इस वर्ष भी यात्रा पाटन ओग्गर तालाब स्थित भगवान भोलेनाथ मंदिर से आशीर्वाद लेकर टोलाघाट के लिए रवाना होगी।
बैठक में यात्रा मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सहायता, पेयजल, भोजन, विश्राम स्थल, यातायात समन्वय, स्वच्छता, प्रचार-प्रसार तथा स्वयंसेवकों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए विभिन्न दायित्वों का निर्धारण किया गया।
बैठक के अंत में श्री जितेन्द्र वर्मा ने पाटन क्षेत्र के सभी सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठनों, युवा मंडलों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, स्वयंसेवकों एवं शिवभक्तों से अधिक से अधिक संख्या में यात्रा में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन किसी एक व्यक्ति या समिति का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आस्था और सामूहिक सहभागिता का महापर्व है।
बैठक में भाजपा प्रदेश मंत्री श्री जितेन्द्र वर्मा, भाजपा महामंत्री श्री दिलीप साहू, योगेश (निक्की) भाले, कमलेश वर्मा, रानी केशव बंछोर, कमलेश चंद्राकर, धर्मेन्द्र सिन्हा, ज्योतिप्रकाश साहू, पी.एन. दुबे, राकेश पाण्डेय, निशा सोनी सहित बड़ी संख्या में समिति के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिवभक्त उपस्थित रहे।
जुलाई-अगस्त में लगेंगे चार और शिविर, नामांतरण, सीमांकन, प्रमाण पत्र एवं राजस्व संबंधी समस्याओं का होगा त्वरित समाधान
रायपुर / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल पर कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा तहसील में विशेष राजस्व समस्या निवारण शिविरों की शुरुआत शनिवार को मंगल भवन में हुई। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित प्रथम शिविर में राजस्व संबंधी आवेदनों का त्वरित निराकरण करते हुए आम नागरिकों को राहत प्रदान की गई।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू ने कहा कि उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार आयोजित इन विशेष शिविरों का उद्देश्य राजस्व मामलों का शीघ्र, सरल और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि जुलाई और अगस्त माह में सहसपुर लोहारा तहसील मुख्यालय में कुल पांच विशेष राजस्व शिविर आयोजित किए जाएंगे।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी ने बताया कि शिविरों के माध्यम से सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, अभिलेख शुद्धता, त्रुटि सुधार सहित विभिन्न राजस्व प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है तथा आवेदकों को आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव है, उनका मौके पर ही निराकरण किया जाए। जिन प्रकरणों में न्यायालयीन प्रक्रिया आवश्यक हो, उनमें भी शीघ्र कार्रवाई करते हुए आवेदकों को पूरी प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
शिविर के दौरान सिंघनपुरी निवासी रामकुमार एवं पिरचाटोला निवासी खेमसिंह को मौके पर ही ऋण पुस्तिका प्रदान की गई। शिविर में जाति प्रमाण पत्र, अभिलेख सुधार, फौती नामांतरण, जन्म प्रमाण पत्र, ऋण पुस्तिका, भू-अधिकार पट्टा, बिक्री नकल, राशन कार्ड तथा बिजली कनेक्शन सहित विभिन्न विषयों के कुल 96 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 85 प्रकरणों का तत्काल निराकरण कर दिया गया, जबकि शेष 11 मामलों में न्यायालयीन प्रक्रिया प्रारंभ की गई।
कार्यक्रम में सौरभ श्रीवास्तव, दानी मिश्रा, रेखचंद पटेल, भागवत साहू, शिवचरण पटेल, अपर कलेक्टर श्री नरेंद्र पैंकरा, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्री विकास चौधरी, एसडीएम श्रीमती शिल्पा देवांगन, तहसीलदार श्री विवेक गोहिया सहित राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
चार और विशेष राजस्व शिविर होंगे आयोजित
अपर कलेक्टर नरेंद्र पैंकरा ने बताया कि 21 जुलाई, 1 अगस्त, 11 अगस्त और 21 अगस्त को मंगल भवन, सहसपुर लोहारा में चार और विशेष राजस्व समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, ऋण पुस्तिका वितरण, नक्शा अद्यतन, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, डिजिटल हस्ताक्षर, आधार एवं मोबाइल नंबर अद्यतन, अभिलेख शुद्धता, त्रुटि सुधार, व्यपवर्तन तथा स्वामित्व योजना सहित सभी प्रकार के राजस्व प्रकरणों के आवेदन प्राप्त कर उनका त्वरित निराकरण किया जाएगा।
63.81 लाख रुपये की लागत से बने सर्वसुविधायुक्त भवन में 10 कक्ष, पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश
रायपुर / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने अपने कांकेर प्रवास के दौरान सरोना में नवनिर्मित तहसील कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने भवन के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया तथा परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
लोक निर्माण विभाग द्वारा 63 लाख 81 हजार रुपये की लागत से निर्मित इस आधुनिक तहसील कार्यालय भवन में 10 सर्वसुविधायुक्त कक्ष बनाए गए हैं, जहां विभिन्न प्रशासनिक शाखाओं का संचालन किया जाएगा। नए भवन के शुरू होने से क्षेत्र के नागरिकों को राजस्व एवं प्रशासनिक सेवाएं अधिक सुगमता और व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध हो सकेंगी।
लोकार्पण समारोह में कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, विधायक श्री आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती तारा ठाकुर, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरुण कौशिक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मण्डावी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह में नए भवन को क्षेत्र के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।
20 सदस्यीय समिति का गठन, चार पंचायतों के जनप्रतिनिधि, पालक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिनों की रही सहभागिता
धमतरी / शौर्यपथ / धमतरी नगरी विकासखंड के शासकीय हाई स्कूल तुमडी बाहर में छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) का गठन किया गया। प्रभारी प्राचार्य नंदनी ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित बैठक में शासन की नियमावली का वाचन कर सर्वसम्मति से 20 सदस्यीय समिति का गठन किया गया। गठन प्रक्रिया में वनांचल क्षेत्र की चार पंचायतों के जनप्रतिनिधि, पालक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, पूर्व पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।
बैठक में सर्वसम्मति से छत्तर सिंह यादव को विद्यालय प्रबंधन समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया। वहीं विक्रम सिंह नेताम को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। अध्यक्ष चुने जाने के बाद छत्तर सिंह यादव ने विद्यालय के सर्वांगीण विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति तथा शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी सदस्यों को साथ लेकर कार्य करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि विद्यालय को शैक्षणिक एवं आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए समिति पूरी निष्ठा से कार्य करेगी।
समिति के सदस्यों में घनाराम गौर, ठेनही, बिरेंद्र नागवंशी, छोटे गोबरा, पेमिन यादव, रमशीला यादव, संतोषी ध्रुव, देवराज ओटी तुमडी बाहर आलम सिंह नेताम अर्जूनी नंदेश्वरी नेताम, गोदावरी बारला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, नरेश मांझी गाताभरी प्रेम सिंह कोमर्रा, रेखा नेताम, यशोदा नागेश, देवकुमार नागेश बेलर बहारा मानबाई नागेश, अनशुईया बाई मेंचका पुनारद ओटी खालगढ़ तथा नंदलाल नेताम अरसीकनहार को शामिल किया गया।
नवनियुक्त अध्यक्ष एवं समिति के सभी पदाधिकारियों का उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया तथा नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति के पूर्व अध्यक्ष वोषित कौशल, दिनेश यादव, नरेश मांझी, सिरधन सोम, रूपेश नाग, बिमला ध्रुवा सहित बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में प्रभारी प्राचार्य नंदनी ठाकुर ने सभी नवगठित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए विद्यालय के विकास, विद्यार्थियों के हित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सामूहिक सहभागिता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन समिति की सक्रिय भूमिका से शिक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा विद्यालय को नई दिशा मिलेगी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
