August 26, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    शौर्यपथ संवाददाता*

    *बालोद । शौर्यपथ । *  

    स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सेवा और सामाजिक सरोकार की भावना को आगे बढ़ाते हुए प्रेस रिपोर्टर क्लब बालोद के सदस्यों ने समाज कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त वृद्धाश्रम "अपना घर", कलेक्ट्रेट रोड, आदमाबाद-सिवनी, बालोद पहुंचकर वृद्धजनों से भेंट की।

    इस दौरान वृद्धजनों को शॉल, मिठाई, फल एवं बिस्किट भेंट किए गए। क्लब के सदस्यों ने उनके साथ समय बिताकर कुशलक्षेम जाना और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

    क्लब के सदस्यों ने कहा कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनका अनुभव और जीवन का ज्ञान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। उनके बीच समय बिताना एक भावनात्मक और यादगार अनुभव रहा।

    प्रेस रिपोर्टर क्लब बालोद ने कहा कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदना को बढ़ावा देना हम सभी की जिम्मेदारी है। क्लब भविष्य में भी जनहित और सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से करता रहेगा। क्लब ने सहयोगकर्ताओं से अपील की कि वे आगे भी इसी प्रकार सहयोग करते रहें, ताकि जरूरतमंद वर्ग तक सेवा का संदेश पहुंचाया जा सके।

    इस सेवा कार्य में दल्ली राजहरा के समाजसेवी प्रवीण जैन और नीलेश श्रीवास्तव का विशेष सहयोग रहा।

    *विशेष संदेश:*  

    _“तिरंगा केवल आसमान में लहराने का नाम नहीं,  

    बल्कि उन हाथों को थामने का नाम भी है  

    जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाज और देश के

    नाम कर दिया।”_

    बालोद छत्तीसगढ़ शौर्यपथ संवाददाता 

    दल्ली राजहरा । शौर्यपथ 

    15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दल्ली राजहरा के पर्यावरण प्रेमियों की एक टोली ने प्राकृतिक पर्यटन क्षेत्रों में बढ़ती गंदगी और प्रदूषण को रोकने तथा आम जन में पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से विशेष स्वच्छता अभियान चलाया।

    इस टोली में प्रदीप साहू, टिकेश्वर साहू, लोकेंद्र देवांगन, ताराचंद रावेट, कौशल साहू और चेला राम निर्मलकर शामिल थे।

    स्वतंत्रता दिवस के दिन प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति को देखते हुए जागरूकता के लिए बस्तर इन स्थलों का चयन किया गया था। टीम ने हांदावाड़ा जलप्रपात, चित्रकूट जलप्रपात एवं तामरघुंडी जलप्रपात में सफाई की और वहां मौजूद पर्यटकों को स्वच्छता का महत्व समझाया।

    इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी प्रदीप साहू ने कहा - 

    "लोग एक तरफ सुकून और शांति के लिए प्राकृतिक स्थलों पर जाना पसंद करते हैं और उम्मीद करते हैं कि वह स्थान साफ और सुरक्षित हो। वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग जाने-अनजाने में खाने-पीने की चीजें, प्लास्टिक के डिब्बे और पॉलिथीन वहीं फेंक देते हैं, जिससे वह प्राकृतिक स्थान गंदा हो जाता है और उसकी खूबसूरती धूमिल पड़ती जा रही है। हमने सिर्फ सफाई ही नहीं की, बल्कि वहां मौजूद लोगों से पर्यटन क्षेत्रों को साफ-सुथरा रखने की अपील भी की।"

    टीम के इस प्रयास की वहां मौजूद पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने सराहना की। कई लोगों ने स्वेच्छा से सफाई में हाथ बंटाया और भविष्य में भी पर्यटन स्थलों को स्वच्छ रखने और अन्य लोगों को जागरूक करने की शपथ ली।

    टीम का मानना है कि ऐसे ही छोटे-छोटे अभियानों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जा सकता है, ताकि आने वाली पीढ़ी को एक स्वच्छ वातावरण और अच्छे संस्कार मिल सकें।

    धमतरी । शौर्यपथ । 

    धमतरी- क्षेत्र के प्रसिद्ध एवं आस्था के प्रमुख केंद्र शीतला मंदिर सिहावा में शीतला समिति का चुनाव शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुआ। चुनाव में नरेन्द्र नाग को समिति का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया। चुनाव के बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मंदिर की धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने तथा आगामी नवरात्रि पर्व को भव्य एवं व्यवस्थित रूप से मनाने का संकल्प लिया।

    सर्व सम्मति से नरेन्द्र नाग को अध्यक्ष, राम लाल नेताम एवं बलदेव निषाद को उपाध्यक्ष, नारद निषाद को सचिव तथा बुधेश्वर साहू एवं लालेस्वर साहू को सह सचिव बनाया गया। वहीं गेंद लाल यादव को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। समिति में नेम सिंह बिसेन एवं मंशा राम गौर को संरक्षक तथा गगन नाहटा एवं भरत निर्मलकर को सलाहकार बनाया गया।

    शीतला समिति के चुनाव को लेकर सदस्यों एवं मंदिर से जुड़े लोगों में विशेष उत्साह रहा। निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में चुनाव अधिकारी ग्राम पटेल राजेश यदु, महेंद्र कौशल, दीनदयाल गंधर्व, जसपाल कुंजाम एवं योगेश निषाद ,कमलेश निषाद,सुरेश विश्वकर्मा, जग्गू साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी पदों के लिए प्रक्रिया को आपसी सहमति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में पूरा किया गया।

    चुनाव संपन्न होने के बाद 

    नवनिर्वाचित अध्यक्ष नरेन्द्र नाग ने समिति के चुनाव में सभी सदस्यों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि माता शीतला से लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। मंदिर की व्यवस्था, धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी को आपसी सहयोग एवं समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

    उन्होंने आगामी नवरात्रि पर्व की तैयारियों में सभी सदस्यों से जुट जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं, इसलिए पूजा-अर्चना, दर्शन व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा, प्रसाद वितरण एवं अन्य व्यवस्थाओं को लेकर समय रहते तैयारी पूरी करना आवश्यक है।

    शीतला मंदिर में आगामी धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विभिन्न समितियों का गठन भी किया गया।

    देव समिति का अध्यक्ष बलदेव निषाद को बनाया गया। समिति में राजकुमार निषाद, संजय सारथी, राम लाल नेताम, दीनदयाल गंधर्व, महेश साहू, तेजनाथ शांडिल्य, नरेश पटेल, जग्गू साहू एवं कमलेश निषाद को सदस्य बनाया गया है। निर्माण समिति की जिम्मेदारी सचिन भंसाली को अध्यक्ष के रूप में दी गई। समिति में गगन नाहटा, तुकाराम साहू, प्रवीण गुप्ता, जसपाल कुंजाम, संतोष पवार एवं पूरन बिसेन सदस्य बनाए गए हैं। मंदिर परिसर में आवश्यक निर्माण, मरम्मत एवं विकास कार्यों में समिति की भूमिका रहेगी।

    वहीं सांस्कृतिक समिति का अध्यक्ष तुकाराम साहू को बनाया गया। इसके सदस्य के रूप में महेंद्र कौशल, पीयूष यदु, सुधांशु यदु एवं अंश गौतम को शामिल किया गया है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन तथा नवरात्रि के दौरान होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की जिम्मेदारी समिति द्वारा संभाली जाएगी।

    नई समिति के गठन के साथ ही आगामी नवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां शुरू करने पर विशेष जोर दिया गया। मंदिर में नवरात्रि के दौरान होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों, श्रद्धालुओं की सुविधा, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, प्रसाद वितरण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में समितियां कार्य करेंगी।

    शीतला मंदिर सिहावा क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। नवरात्रि के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में नवगठित समिति के सामने मंदिर की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने के साथ ही श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रहेगी।

    निर्वाचन एवं समिति गठन के दौरान मेहतर गोर, ज्ञान सागर पटेल, महेंद्र साहू, बैजनाथ पटेल, सोहन मरकाम, शंकर पटेल, चन्द्रभान निषाद सहित समिति से जुड़े सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

    नवगठित समिति के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर शीतला मंदिर की व्यवस्था को बेहतर बनाने और धार्मिक आयोजनों को सफल बनाने का संकल्प लिया। समिति के गठन के बाद मंदिर से जुड़े लोगों में उत्साह का माहौल है और आगामी नवरात्रि पर्व को भव्य एवं यादगार बनाने की दिशा में तैयारियां शुरू होने की उम्मीद है।

    धमतरी । Shouryapath । स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर महेश फाउंडेशन छत्तीसगढ़ ने ग्राम उमरगांव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिवारों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर उनके त्याग और बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम प्राथमिक शाला भवन हर्रापारा उमरगांव स्थित शहीद स्मारक के समीप आयोजित हुआ।

    नगरी-सिहावा अंचल के गौरवशाली स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास को याद करते हुए जंगल सत्याग्रह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सेनानियों सहित असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन में योगदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इन वीरों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उनके संघर्ष और बलिदान की बदौलत ही आज देश स्वतंत्रता की खुली हवा में सांस ले रहा है।

    सम्मान से परिवारों के चेहरे पर दिखी गौरव की झलक

    महेश फाउंडेशन के सदस्यों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों एवं उत्तराधिकारियों को साल, श्रीफल और स्मृति-चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। शहीद स्मारक के समीप सेनानियों की स्मृतियों को नमन करते हुए उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रभक्ति को याद किया गया। सम्मान समारोह के दौरान सेनानियों के परिवारों में गौरव और भावुकता का माहौल दिखाई दिया।

    कार्यक्रम में गांव के बुजुर्ग नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे तथा प्राथमिक शाला के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने महेश फाउंडेशन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और शहीद परिवारों का सम्मान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपने इतिहास और राष्ट्रनायकों के संघर्ष से जोड़ने का सार्थक प्रयास है।

    उमरगांव के स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को स्मरण करते हुए उपस्थित लोगों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

    शिक्षा को प्रोत्साहन से मिलती है नई उड़ान, 12 वर्षों से प्रतिभाओं को सम्मानित कर रहे रामाराव बघेल

          धमतरी। शौर्यपथ । धमतरी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिहावा में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हलधर शार्दुल ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद छात्राओं ने प्रभात फेरी निकाली तथा देशभक्ति गीत, भाषण, कविता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति दी।

    समारोह का सबसे प्रेरणादायक पहलू मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान रहा। शिक्षण सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं में 94 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा प्राची कश्यप को ₹41 हजार तथा 93.8 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली रागिनी निषाद को ₹11 हजार की नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। यह राशि न्यू पूजा राइस मिल के संचालक रामाराव बघेल ने विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रदान की।

    रामाराव बघेल द्वारा मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि देने की यह पहल पिछले 12 वर्षों से लगातार जारी है। उनके इस प्रयास से न केवल प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान होता है, बल्कि अन्य छात्र-छात्राओं को भी बेहतर प्रदर्शन करने और अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा मिलती है।

    रामाराव बघेल ने कहा, “प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती, उसे केवल सही समय पर प्रोत्साहन और सहयोग की जरूरत होती है। सिहावा क्षेत्र के बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। मेरा प्रयास है कि आर्थिक कारणों से किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी का उत्साह कम न हो। पिछले 12 वर्षों से मेधावी बच्चों को प्रोत्साहित करने का जो सिलसिला चल रहा है, उसे आगे भी जारी रखने का प्रयास रहेगा। आज सम्मानित होने वाले बच्चे अपने साथियों के लिए प्रेरणा बनें और भविष्य में अपने परिवार, क्षेत्र तथा देश का नाम रोशन करें—यही मेरी शुभकामना है।”

     

    कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। संस्था के प्राचार्य एस.आर. साहू ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

    दैनिक शौर्यपथ महासमुंद जिला ब्यूरो संतराम कुर्रे 

    बेटियों की शिक्षा और सुविधा के लिए सरकार प्रतिबद्ध : जनपद सदस्य जयंती सिंदार 

       बुंदेली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शासकीय विद्यालय बुंदेली में सरस्वती साइकिल वितरण कार्यक्रम का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में पात्र छात्राओं को निःशुल्क सरस्वती साइकिलों का वितरण किया गया। साइकिल प्राप्त कर छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद सदस्य जयंती सिदार रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता किशोर सोनवानी ने की। वहीं पालक समिति अध्यक्ष सुभाष बंजारे सहित विशेष अतिथि के रूप में रविकांत निषाद सरपंच, उप सरपंच घनश्याम साहू उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं पूजन-अर्चन के साथ किया गया। इसके पश्चात अतिथियों ने पात्र छात्राओं को साइकिल प्रदान की। इस दौरान छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

    मुख्य अतिथि जयंती सिदार ने कहा कि बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना हम सभी की जिम्मेदारी है। सरस्वती साइकिल योजना छात्राओं के लिए केवल आवागमन की सुविधा नहीं, बल्कि उनके शिक्षा के सफर को आसान बनाने वाली महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने छात्राओं से इस सुविधा का सदुपयोग करते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने परिवार एवं क्षेत्र का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे किशोर सोनवानी ने छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बेटियों की शिक्षा समाज की प्रगति का आधार है। शासन की योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचने से शिक्षा के प्रति उनका उत्साह बढ़ता है।

     

    इस अवसर पर पालक समिति अध्यक्ष सुभाष बंजारे उपाध्यक्ष रामकुमार बघेल सुकांति सहित शाला प्रबंधक, प्राचार्य S B बरिहा शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

    दैनिक शौर्यपथ महासमुंद जिला ब्यूरो संतराम कुर्रे 

        महासमुंद जिले के ग्राम पंचायत बुंदेली गंगा इंग्लिश स्कूल में डायरेक्टर प्रेम नायक स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का अनूठा माहौल देखने को मिला। ग्राम पंचायत बुंदेली स्थित गंगा इंग्लिश स्कूल के नन्हे स्कूली बच्चों, गंगा इंग्लिश स्कूल के डायरेक्टर प्रेम नायक अध्यक्षता कर रहे विमल दास महंत शिक्षकों और ग्रामीणों ने मिलकर हर घर तिरंगा यात्रा निकाली। हाथों में तिरंगा लेकर निकले नन्हे बच्चों के उत्साह ने पूरे क्षेत्र में देशभक्ति की भावना जगा दी।

    हर घर तिरंगा अभियान के तहत निकाली गई इस यात्रा में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों के साथ शिक्षक और ग्रामीण शामिल हुए। यात्रा के दौरान बच्चों ने एक साथ देशभक्ति गीत “हर घर तिरंगा” का सामूहिक गायन किया। बच्चों की सुरीली और मासूम आवाज में गूंजता देशभक्ति गीत पूरे बुंदेली पंचायत सहित क्षेत्र में सुनाई देने लगा। बच्चों के उत्साह और जोश को देखकर ग्रामीण भी उनके साथ कदम से कदम मिलाते नजर आए।

    *नन्हे कदमों ने दिया एकता और देशप्रेम का संदेश*

    बच्चों ने तिरंगा हाथों में लेकर लोगों को हर घर तिरंगा अभियान का संदेश दिया। छोटे-छोटे बच्चों में देश के राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति का जज्बा देखते ही बन रहा था। बच्चों के चेहरे पर उत्साह और हाथों में लहराता तिरंगा पूरे आयोजन को खास बना रहा था।

    इस कार्यक्रम में अध्यक्षता कर रहे विमल दास महंत शिक्षकों ने बच्चों को राष्ट्रीय ध्वज के महत्व और स्वतंत्रता दिवस के गौरव के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि तिरंगा केवल देश की पहचान ही नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है। बच्चों में बचपन से ही देशप्रेम और राष्ट्रीय भावना विकसित करने के उद्देश्य से इस तरह के आयोजन महत्वपूर्ण हैं।

    *ग्रामीणों ने बढ़ाया बच्चों का उत्साह*

    हर घर तिरंगा यात्रा में ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ी, लोगों में भी देशभक्ति का उत्साह देखने को मिला। बच्चों के सामूहिक गीत और हाथों में लहराते तिरंगे ने पूरे वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।

    ग्रामीणों ने कहा कि गांव के नन्हे बच्चों द्वारा जिस उत्साह के साथ हर घर तिरंगा यात्रा में भाग लिया गया, वह सराहनीय है। बच्चों की भागीदारी से अभियान को नई ऊर्जा मिली और लोगों को भी अपने घरों में तिरंगा फहराने के लिए प्रेरणा मिली

    शासन द्वारा चलाए जा रहे हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने के लिए बुंदेली के नन्हे बच्चों ने भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिक्षकों के मार्गदर्शन और ग्रामीणों के सहयोग से निकली इस यात्रा ने ग्रामीण क्षेत्र में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति का संदेश पहुंचाया।

    गंगा इंग्लिश स्कूल बुंदेली प्राथमिक शाला के बच्चों की इस पहल की ग्रामीणों ने सराहना की। नन्हे बच्चों की आवाज में गूंजता “हर घर तिरंगा” गीत और हाथों में लहराता राष्ट्रीय ध्वज लंबे समय तक लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। भांसी पंचायत और बंगली कैम्प में निकली यह यात्रा बच्चों की देशभक्ति और सामूहिक सहभागिता की एक खूबसूरत मिसाल बन गई।

    पानी की टंकी में गंदगी का अंबार, सांकरा के स्कूली बच्चे दूषित पानी पीने मजबूर

    गंदे पानी की टंकी से प्यास बुझा रहे सांकरा हाईस्कूल के विद्यार्थी, जिम्मेदारों की अनदेखी पर उठे सवाल

    Report by Tharun Nishad 

    धमतरी- नगरी ब्लॉक के शासकीय हाईस्कूल सांकरा में विद्यार्थियों को साफ पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय में पीने के पानी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली टंकी कई दिनों से साफ नहीं किए जाने के कारण उसमें गंदगी और तलछट जमा होने की बात सामने आई है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को इसी टंकी के पानी का उपयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

    एनएसयूआई कार्यकर्ता भावेश चंदनिया ने विद्यालय की पेयजल व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि टंकी की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है और उसमें गंदगी स्पष्ट दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना विद्यालय की मूलभूत जिम्मेदारी है। नागरिक होने के नाते बच्चों की समस्याओं को सामने लाना उनका दायित्व है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल का उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं में सुधार सुनिश्चित करना है।

    चंदनिया ने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों पर विद्यालय स्तर से अनावश्यक दबाव भी बनाया जाता है और उन्हें अपनी समस्याएं बाहरी लोगों के सामने नहीं रखने की बात कही जाती है। यदि विद्यार्थियों को अपनी मूलभूत समस्याएं बताने से रोका जा रहा है तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने मांग की कि विद्यालय की पानी टंकी की तत्काल सफाई कराकर पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए तथा विद्यार्थियों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाए।

    उन्होंने बताया कि दो दिन पहले कलेक्टर अविनाश मिश्रा के नगरी-सिहावा वनांचल क्षेत्र के दौरे के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने उन्हें सांकरा हाईस्कूल की इस समस्या से अवगत कराया था। इसके बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    विद्यार्थियों के स्वास्थ्य से जुड़े इस मामले में अब शिक्षा विभाग और विद्यालय प्रबंधन से त्वरित कार्रवाई की मांग की जा रही है। बच्चों को स्वच्छ पानी देना सुविधा नहीं, उनकी बुनियादी जरूरत है। ऐसे में गंदे पानी की टंकी की तत्काल सफाई और नियमित रखरखाव की व्यवस्था जरूरी है।

    कोंडागांव, छत्तीसगढ़ | 

    छत्तीसगढ़ की पहचान केवल उसकी प्राकृतिक संपदा और हरियाली से नहीं, बल्कि उसकी समृद्ध लोक-संस्कृति, पारम्परिक कला, लोकगीत, लोकनृत्य, स्थानीय बोलियों, साहित्य और कृषि परम्पराओं से भी है। विशेष रूप से बस्तर अंचल की सांस्कृतिक विरासत अपने आप में एक जीवंत इतिहास है, जिसे पीढ़ी-दर-पीढ़ी हमारे लोक कलाकारों, साहित्यकारों, शिल्पकारों और समाज ने अपने जीवन और सृजन के माध्यम से संजोकर रखा है।

    इसी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित, संवर्धित और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने के उद्देश्य से कोंडागांव जिले में “बस्तर सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं कला परिषद” का गठन किया गया। स्थानीय कलाकारों एवं संस्कृति प्रेमियों की सर्वसम्मत सहमति से श्री गोकुल वैद्य को परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। परिषद का यह प्रयास बस्तर की लोक परम्पराओं, स्थानीय भाषाओं-बोलियों, साहित्य, कला और कलाकारों को एक सशक्त मंच प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

    इसी सांस्कृतिक संकल्प को आगे बढ़ाते हुए बस्तर सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं कला परिषद, कोंडागांव द्वारा दिनांक 16 अगस्त 2026 को छत्तीसगढ़-बस्तर की माटी, संस्कृति, लोककला एवं कृषि परम्परा से जुड़े हमारे गौरवशाली हरेली (अमुस) तिहार के पावन अवसर पर “हरेली महोत्सव 2026” का भव्य आयोजन किया गया।

    हरेली केवल एक पर्व नहीं, बल्कि किसान, खेत, प्रकृति, पशुधन, कृषि औजार और धरती माता के प्रति हमारी कृतज्ञता का लोकपर्व है। इस अवसर पर आयोजित महोत्सव ने बस्तर की माटी में रची-बसी परम्पराओं को मंच पर जीवंत कर दिया।

    ? अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

    हरेली महोत्सव 2026 में मुख्य अतिथि माननीया सुश्री लता उसेंडी, विधायक कोंडागांव एवं उपाध्यक्ष, बस्तर विकास प्राधिकरण, माननीया सुश्री मोना सेन, अध्यक्ष, राज्य फिल्म विकास निगम, छत्तीसगढ़ शासन तथा माननीया श्रीमती शालिनी राजपूत, अध्यक्ष, हस्तशिल्प विकास बोर्ड, छत्तीसगढ़ शासन की गरिमामयी उपस्थिति रही।

    वहीं विशिष्ट अतिथियों के रूप में छत्तीसगढ़ एवं बस्तर की कला-संस्कृति के गौरव—

    पद्मश्री श्री पंडी राम मंडावी — काष्ठ शिल्पकार एवं जनजातीय वाद्य यंत्र विशेषज्ञ,

    पद्मश्री श्रीमती ऊषा वारले — पंडवानी गायिका,

    पद्मश्री श्री अजय कुमार मंडावी — काष्ठ शिल्पकार,

    माननीय श्री राजेन्द्र बघेल — राष्ट्रपति पुरस्कृत अंतर्राष्ट्रीय बेलमेटल शिल्पकार,

    श्री पंचुराम सागर — राष्ट्रपति पुरस्कृत अंतर्राष्ट्रीय बेलमेटल शिल्पकार,

    श्री तीजु राम विश्वकर्मा — राष्ट्रपति पुरस्कृत अंतर्राष्ट्रीय लौह शिल्पकार,

    श्री अविनाश प्रसाद — फिल्म निर्देशक,

    श्री राकेश यादव — फिल्म अभिनेता,

    श्री नरपती पटेल — अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, कोंडागांव,

    तथा श्री जशकेतु उसेंडी — उपाध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, कोंडागांव

    की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को और अधिक बढ़ाया।

    ? मंच पर साकार हुई बस्तर की आत्मा

    हरेली महोत्सव में छत्तीसगढ़ और बस्तर की लोक-संस्कृति का ऐसा मनोहारी रंग देखने को मिला, जिसमें लोकगीतों की मिठास, लोकनृत्यों की थिरकन, पारम्परिक वाद्य यंत्रों की गूंज और जनजातीय परम्पराओं की जीवंतता एक साथ दिखाई दी।

    मंच पर प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों ने अपनी प्रतिभा के माध्यम से बस्तर की उस सांस्कृतिक आत्मा को अभिव्यक्त किया, जो सदियों से जल, जंगल, जमीन, प्रकृति और सामुदायिक जीवन के साथ जुड़ी हुई है।

    पारम्परिक वेशभूषा में सजे कलाकार, लोकवाद्यों की धुन पर थिरकते कदम, जनजातीय नृत्य की ऊर्जा और लोकगीतों की स्वर-लहरियाँ पूरे वातावरण को बस्तर की माटी की सुगंध से भर रही थीं। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो बस्तर की संस्कृति स्वयं मंच पर उतरकर अपनी कहानी सुना रही हो।

    ? कलाकारों का सम्मान — हमारी संस्कृति का सम्मान

    इस महोत्सव की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक रहा हमारे उन लोक कलाकारों, शिल्पकारों और संस्कृति साधकों का सम्मान, जिन्होंने अपना जीवन छत्तीसगढ़ की पारम्परिक कला एवं सांस्कृतिक विरासत को समर्पित किया है।

    काष्ठ शिल्प, बेलमेटल शिल्प, लौह शिल्प, जनजातीय वाद्य यंत्र, पंडवानी, लोकनृत्य और लोकसंगीत जैसे क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले कलाकारों का सम्मान वास्तव में केवल व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि उनकी कला, उनकी परम्परा और बस्तर की सांस्कृतिक अस्मिता का सम्मान है।

    समारोह के दौरान सम्मान एवं स्मृति-चिह्न प्रदान किए जाने के अनेक भावुक और गौरवपूर्ण क्षण कैमरे में कैद हुए। ये तस्वीरें आने वाले समय में इस बात की साक्षी रहेंगी कि कोंडागांव ने अपनी सांस्कृतिक विरासत को केवल याद नहीं किया, बल्कि उसे सम्मान के साथ मंच भी दिया।

    ? संस्कृति तभी जीवित रहती है, जब नई पीढ़ी उससे जुड़ती है

    आज आधुनिकता और तेजी से बदलते सामाजिक परिवेश के बीच स्थानीय बोलियों, पारम्परिक कलाओं, लोकगीतों, लोकनृत्यों और मौखिक साहित्य के संरक्षण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है।

    बस्तर सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं कला परिषद का प्रयास इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है। आवश्यकता इस बात की है कि हम अपनी जड़ों से जुड़े रहें, अपने लोक कलाकारों को सम्मान दें, स्थानीय भाषाओं और बोलियों को बचाएँ तथा बच्चों और युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ें।

    क्योंकि संस्कृति केवल संग्रहालयों में रखी कोई वस्तु नहीं है।

    संस्कृति हमारी पहचान है।

    संस्कृति हमारी स्मृति है।

    संस्कृति हमारी जड़ों की आवाज है।

    और संस्कृति ही आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी सबसे अनमोल विरासत है।

    ? हरेली महोत्सव का संदेश

    हरेली महोत्सव 2026 ने यह संदेश दिया कि कृषि और संस्कृति एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। खेतों में अन्न उगाने वाला किसान हो या अपनी कला से बस्तर की पहचान बनाने वाला कलाकार—दोनों हमारी धरती और हमारी परम्परा के सच्चे संवाहक हैं।

    कोंडागांव की धरती पर आयोजित यह आयोजन निश्चित रूप से केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बस्तर की अस्मिता, गौरवशाली परम्पराओं और लोकजीवन को संरक्षित करने का एक सांस्कृतिक संकल्प था।

    आज जब हम इन तस्वीरों को देखते हैं तो इनमें केवल मंच, कलाकार और सम्मान समारोह दिखाई नहीं देते, बल्कि इनके पीछे बस्तर की सदियों पुरानी संस्कृति, लोकजीवन की सरलता, कलाकारों का समर्पण और अपनी पहचान को बचाए रखने का संकल्प दिखाई देता है।

    “हमारी संस्कृति • हमारी पहचान • हमारा अभिमान”

    हरेली महोत्सव 2026 की ये स्मृतियाँ कोंडागांव और बस्तर की उस जीवंत सांस्कृतिक यात्रा की अमिट तस्वीरें हैं, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

    बस्तर की माटी को नमन।

    लोक कलाकारों को नमन।

    हमारी संस्कृति और परम्पराओं को नमन।

    हरेली तिहार की हार्दिक शुभकामनाएँ। ??

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथि, प्रख्यात फिल्मकार डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी होंगे मुख्य वक्ता

    विभाजन की त्रासदी, विस्थापन और संघर्ष की स्मृतियों को किया जाएगा साझा, विशेष प्रदर्शनी भी होगी आयोजित

    रायपुर / भारत विभाजन की विभीषिका में असंख्य परिवारों द्वारा झेली गई पीड़ा, विस्थापन और संघर्ष को स्मरण करने तथा नई पीढ़ी को इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय से परिचित कराने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। राजधानी रायपुर के मुक्ताकाशी मंच, संचालनालय पुरातत्व परिसर, लोकभवन के पास, सिविल लाइन्स में दोपहर 12:30 बजे आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय होंगे।

    समारोह की अध्यक्षता संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल करेंगे। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। प्रख्यात फिल्मकार एवं अभिनेता डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी समारोह के मुख्य वक्ता होंगे।

    विभाजन की पीड़ा और मानवीय संघर्ष पर होगा विमर्श

    ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के राज्य स्तरीय आयोजन में वर्ष 1947 के भारत विभाजन के दौरान लाखों लोगों द्वारा झेले गए विस्थापन, पीड़ा और संघर्ष की स्मृतियों को साझा किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य विभाजन की त्रासदी को केवल इतिहास की एक घटना के रूप में नहीं, बल्कि उससे प्रभावित परिवारों के संघर्ष, साहस और नए सिरे से जीवन खड़ा करने की अदम्य जिजीविषा के रूप में भी नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत करना है।

    इस अवसर पर विभाजन की विभीषिका और उस दौर की परिस्थितियों पर केंद्रित विशेष प्रदर्शनी एवं स्मृति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विभाजन से प्रभावित सिंधी, पंजाबी और बंगाली समाज के प्रतिनिधि वक्ता अपने परिवारों एवं समाज से जुड़ी स्मृतियों और अनुभवों को साझा करेंगे। कार्यक्रम में स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे, जिससे वे इतिहास के इस अध्याय और विभाजन की मानवीय पीड़ा को निकटता से समझ सकें।

    समारोह के मुख्य वक्ता डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को सिनेमा तथा टेलीविजन के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए विख्यात हैं। लोकप्रिय धारावाहिक ‘चाणक्य’ से देशभर में विशिष्ट पहचान बनाने वाले डॉ. द्विवेदी ने भारत विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित चर्चित फिल्म ‘पिंजर’ का निर्देशन भी किया है। वे समारोह में विभाजन की ऐतिहासिक-सामाजिक पृष्ठभूमि, उसकी मानवीय त्रासदी और उससे जुड़ी स्मृतियों पर अपने विचार रखेंगे।

    कार्यक्रम में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति श्री सच्चिदानंद शुक्ल भी अपने विचार व्यक्त करेंगे। आयोजन में प्रबुद्ध नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, साहित्यकारों, शिक्षाविदों, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों तथा मीडिया प्रतिनिधियों की उपस्थिति रहेगी।

    इन विशिष्ट अतिथियों की रहेगी गरिमामयी उपस्थिति

    समारोह में पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ के पीठाधीश्वर पूज्य डॉ. युधिष्ठिर लाल महाराज, रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री राजेश मूणत, श्री सुनील सोनी, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा एवं श्री अनुज शर्मा, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल तथा छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग के पूर्व अध्यक्ष श्री यशवंत जैन सहित संस्कृति परिषद के सदस्य, शिक्षाविद् एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।

    संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह राज्य स्तरीय समारोह विभाजन की त्रासदी में अपना सर्वस्व गंवाने वाले और विस्थापन की कठिन परिस्थितियों का सामना करने वाले लाखों लोगों की स्मृतियों को नमन करने के साथ ही समाज में एकता, सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं के मूल्यों को सुदृढ़ करने का अवसर होगा।

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