January 27, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

     दुर्ग। शौर्यपथ लेख ।
राजनीति केवल सत्ता या पद का प्रतीक नहीं, बल्कि जनसेवा का वह माध्यम है जिसके माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक संवेदना और सहायता पहुँचे — यही लोकतंत्र का वास्तविक स्वरूप है। परंतु दुर्ग जिले की हाल की घटनाएँ बताती हैं कि आज भी राजनीति में संवेदनशीलता और व्यवहारिक जिम्मेदारी के दो बिल्कुल अलग स्वरूप विद्यमान हैं।
  दीपावली के अवसर पर मालवीय नगर के एक बालक के साथ हुई दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही, जिले से बाहर रहते हुए भी एक जनप्रतिनिधि ने मानवता की मिसाल पेश की — उन्होंने न केवल स्वयं पहल कर बच्चे को सेक्टर-9 अस्पताल के बर्न यूनिट में भर्ती कराया, बल्कि उसके संपूर्ण इलाज का खर्च वहन करने की जिम्मेदारी भी अपने कंधों पर ली। यह कदम राजनीति से ऊपर उठकर मानवीयता की गूंज बन गया।
  वहीं, इसी जिले में एक अन्य जनप्रतिनिधि, जो कि कहीं अधिक प्रभावशाली पद पर आसीन हैं, उनके समक्ष पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल पहुँचा। प्रतिनिधिमंडल ने एक पत्रकार के बच्चे के इलाज हेतु मुख्यमंत्री सहायता कोष से सहयोग की विनम्र अपील की। महीनों बीत गए, परंतु किसी प्रकार की पहल नहीं हुई। यह घटना इस बात का प्रतीक है कि जनप्रतिनिधि का पद भले बड़ा हो, लेकिन यदि संवेदना का भाव अनुपस्थित है तो वह जिम्मेदारी केवल कागजों तक सीमित रह जाती है।
  जनप्रतिनिधियों के इन दो विपरीत चेहरों ने जिले की राजनीति को एक गहरा प्रश्न खड़ा कर दिया है — क्या जनसेवा अब व्यक्ति विशेष की मनोदशा पर निर्भर हो गई है? एक ओर जहाँ कोई प्रतिनिधि अपने क्षेत्र से परे जाकर भी मानवता की जिम्मेदारी निभा रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे हैं जो अपने ही क्षेत्र की पीड़ा से अनजान बने बैठे हैं।
  यह लेख किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल विशेष पर टिप्पणी नहीं, बल्कि राजनीतिक आचरण और संवेदनशीलता के उस अंतर को रेखांकित करता है जो आज की राजनीति को दो हिस्सों में बाँटता दिख रहा है —
एक पक्ष जो जनसेवा को धर्म मानता है, और दूसरा जो इसे केवल अवसर का माध्यम समझता है।
कहा भी गया है —
"रात में एक दीपक भी यदि जलता है, तो उसकी रोशनी दूर-दूर तक फैलती है।"
इसी प्रकार जब कोई जनप्रतिनिधि सच्चे भाव से कार्य करता है, तो उसकी मानवता पूरे समाज में आशा की किरण जगाती है। पर जब संवेदनहीनता राजनीति में जगह बना लेती है, तो जनता के मन में अविश्वास और निराशा पनपने लगती है।
  आज आवश्यकता है कि जनता ऐसे प्रतिनिधियों को पहचानें, जो केवल मंचों पर नहीं बल्कि कठिन समय में भी जनता के साथ खड़े हों। क्योंकि राजनीति का मूल्य पद नहीं, बल्कि आचरण से तय होता है।

राजनांदगांव/शौर्यपथ/ नव पदस्थ पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा (भा.पु.से.) ने आज राजनांदगांव जिले के पुलिस अधीक्षक का पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर एएसपी (ऑप्स) मुकेश ठाकुर, एएसपी राहुल देव शर्मा, तथा सीएसपी श्रीमती वैशाली जैन (भा.पु.से.) सहित अन्य अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।

नवीन पुलिस कप्तान के आगमन पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर (सलामी) दी गई। इसके पश्चात सभागार में जिले के सभी अधिकारी एवं थाना/चौकी प्रभारियों की बैठक लेकर उन्होंने क्षेत्रवार अपराध स्थिति, अपराधियों के रिकॉर्ड तथा प्रमुख मामलों की जानकारी ली। बैठक में पुलिस अधीक्षक ने जुआ, सट्टा, अवैध शराब, गांजा, चाकूबाजी, गुंडा-बदमाश एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही थाना एवं चौकी में आने वाले प्रत्येक नागरिक के साथ संवेदनशील एवं सौम्य व्यवहार रखने की बात कही।

इसके बाद जनसंवाद कक्ष में जिले के सभी इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के पत्रकारों से मुलाकात करते हुए उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से संस्कारधानी राजनांदगांव में बेसिक पुलिसिंग, विजुअल पुलिसिंग और फील्ड पुलिसिंग के माध्यम से अपराध नियंत्रण किया जाएगा। उन्होंने सुगम यातायात और बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था का आश्वासन दिया।

आईपीएस अंकिता शर्मा 2018 बैच की अधिकारी हैं। उन्होंने पूर्व में बलौदाबाजार-भाटापारा में प्रशिक्षु आईपीएस, रायपुर में सीएसपी, जगदलपुर में एडिशनल एसपी (नक्सल ऑपरेशन), तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में ओएसडी के रूप में कार्य किया है। हाल ही में वे जिला सक्ति की पुलिस अधीक्षक के रूप में अपने दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन कर चुकी हैं।

वीआईपी रोड पर मूर्ति अपमान के खिलाफ छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के नेतृत्व में राजधानी में उग्र आंदोलन, पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल समेत कई कार्यकर्ताओं को किया गिरफ्तार।

   संघर्ष और जनदबाव के आगे प्रशासन को सुबह 5 बजे नई प्रतिमा लगाने को विवश होना पड़ा, लेकिन असली गुनहगार अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर—जनता में गहरा असंतोष।

   रायपुर। शौर्यपथ।  छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने के विरोध में रविवार को छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के नेतृत्व में रायपुर वीआईपी चौक पर उग्र जनाक्रोश देखने को मिला। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल की अगुवाई में सैकड़ों समर्थकों ने दायर पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक ढिलाई के विरोध में सड़कों पर डट कर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने आंदोलनकारियों को बलपूर्वक हिरासत में लिया और उनके योगदान के बावजूद कई आवाजों को दबाने का प्रयास किया गया।

 भेजी गई पहली तस्वीर घटनास्थल की है,

   जिसमें छत्तीसगढ़ महतारी की खंडित प्रतिमा स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है—यह छत्तीसगढ़िया आत्मसम्मान पर चोट का जीवंत प्रमाण है। वहीं, दूसरी तस्वीर प्रमाण है उस एकजुट संघर्ष और जागरूकता की, जिसमें नई प्रतिमा का प्रतिष्ठापन जनता की भागीदारी और संघर्ष के बाद संभव हुआ।पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे छत्तीसगढ़िया अस्मिता का अपमान बताया और प्रदेश सरकार पर तीखा सवाल दागा: "अपराधी आखिर किसके संरक्षण में हैं? अगर जनाक्रोश को नजरअंदाज किया गया तो परिणाम अच्छे नहीं होंगे।"जनता की आंखों के सामने यह पूरा घटनाक्रम छत्तीसगढ़ी स्वाभिमान, जागरूकता और संघर्ष की गवाही देता है।

   अब प्रदेशवासियों की यही मांग है—मूर्ति खंडित करने वालों की जल्द गिरफ्तारी हो और छत्तीसगढ़ महतारी की महानता एवं सम्मान अक्षुण्ण रहे।दोनों तस्वीरें—खंडित प्रतिमा और पुनः स्थापित मूर्ति—प्रदेश में हुंकार बनकर उस अस्मिता आंदोलन की व्यापकता को बयां करती हैं। 

बस्तर की जनता के मनोअनुकूल निर्णय लेने वाले सभी का है स्वागत-उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

   मोहला / शौर्यपथ / उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज अपने निवास कार्यालय में पत्रकारों से विभिन्न विषयों पर चर्चा की। जिसमें उन्होंने बताया कि बस्तर रेंज में आने वाले केशकल डिवीजन (नॉर्थ सब ज़ोनल ब्यूरो) के कुंएमारी एवं किसकोडो एरिया कमेटी से संबंधित 21 सशस्त्र नक्सलियों ने आज हथियार और हिंसा का मार्ग छोड़कर सम्मानपूर्वक पुनर्वास कर मुख्यधारा में जुड़ने का मार्ग चुना है, जो बहुत हर्ष का विषय है। जिनमें डिवीजन कमेटी सेक्रेटरी मुकेश भी शामिल हैं। पुनर्वास करने वाले 21 माओवादी कैडर में 13 महिला कैडर और 08 पुरुष कैडर शामिल हैं। इन माओवादी कैडरों द्वारा 18 हथियारों को समर्पित किया गया है, जिसमें 03 एके-47 रायफल, 04 एसएलआर रायफल, 02 इंसास रायफल, 06 संख्या में .303 रायफल, 02 सिंगल शॉट रायफल और 01 बीजीएल हथियार शामिल हैं।
        पुनर्वास करने वालों में 04 डीवीसीएम (डिवीजन वाइस कमेटी मेंबर), 09 एसीएम (एरिया कमेटी मेंबर) और 08 पार्टी सदस्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में बनाई गई रणनीति एवं संवेदनशील पुर्नवास नीति का परिणाम है कि हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में जुड़ रहे हैं, पूर्व में 210 माओवादियों ने पुनर्वास का मार्ग चुना था और लगातार आज 21 ने शस्त्र त्यागे हैं। सम्मानपूर्वक शस्त्र त्यागकर पुनर्वास करने वालों का शासन लाल कालीन बिछाकर स्वागत करने को तैयार है, पर इसके साथ जो हिंसा का मार्ग नहीं त्यागते हैं उनके लिए नक्सल ऑपरेशन लगातार जारी रहेंगे। बस्तर के लाल आतंक से मुक्त कराना हमारी प्राथमिकता है। बस्तर की जनता के मनोअनुकूल निर्णय लेने वाले इन सभी का स्वागत है।
 उन्होंने कहा कि अब पश्चिम्ब बस्तर एवं उत्तर बस्तर में स्थिति साफ हो रही है और लोगों को लाल आतंक से मुक्ति मिल गयी है दक्षिण बस्तर में लगातार प्रयास किये जा रहे हैं ताकि सभी का सम्मानपूर्वक पुनर्वास करवाया जाए और वे शस्त्र त्यागकर मुख्यधारा में शामिल हों और समाज के निर्माण में लोकतांत्रिक तरीके से अपना योगदान दें।
  उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 'मन की बात' के 127वें संस्करण में भारतीय नस्ल के श्वानों की उपलब्धि का विशेष उल्लेख किए जाने पर हर्ष जताया और कहा कि यह प्रधानमंत्री श्री मोदी के 'वोकल फ़ॉर लोकल' के लिए एक मिशाल है जो सुरक्षा एजेंसियों द्वारा नक्सल मोर्चे में भारतीय नस्ल के श्वानों को शामिल किया जा रहा है। इन प्रशिक्षण प्राप्त देशी श्वानों ने नक्सल मोर्चे पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, एक देशी श्वान ने 8 किलो के आईईडी विस्फोटकों का पता लगाने का भी कार्य किया है जो सराहनीय है। उन्होंने सुरक्षा बलों के जवानों को जिन्होंने भारतीय नस्ल के श्वानों को प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाने का कार्य किया है उन्हें भी शुभकामनाएं दी और कहा कि भारतीय श्वान अधिक विश्वसनीय और भारतीय पर्यावरण के प्रति अनुकूल होते हैं इनके प्रयोग से सुरक्षा बलों को भी सहयोग प्राप्त होगा। इसके साथ ही अम्बिकापुर में प्लास्टिक मुक्त शहर के रूप में बनाये जाने के लिए 'गार्बेज कैफे' के रूप में किए जा रहे अनूठे पहल की सराहना प्राप्त होना छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की सुरक्षा, विकास और पुनर्वास आधारित एकीकृत रणनीति से देश नक्सल-मुक्ति के लक्ष्य की ओर — मार्च 2026 तक नक्सलवाद का सम्पूर्ण उन्मूलन केंद्र का लक्ष्य।


नई दिल्ली,/ shouryapath news /
भारत में वामपंथी उग्रवाद यानी नक्सलवाद के विरुद्ध केंद्र सरकार की सशक्त रणनीति अब निर्णायक परिणाम दे रही है। 2014 से 2024 के बीच नक्सली हिंसा की घटनाओं में 53% की कमी आई है, जबकि नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 126 से घटकर केवल 18 रह गई है।
पिछले एक दशक में 576 किले सदृश पुलिस थाने, 336 नए सुरक्षा कैंप, 68 नाइट लैंडिंग हेलीपैड, और सैकड़ों किलोमीटर सड़क व संचार नेटवर्क तैयार हुए हैं — जिससे नक्सल प्रभावित इलाकों में शासन, सुरक्षा और विकास का नया युग शुरू हुआ है।


? हिंसा में ऐतिहासिक कमी

2014–2024 के बीच नक्सली घटनाएं 16,463 से घटकर 7,744 रह गईं।
मुठभेड़ों में मारे गए सुरक्षा कर्मियों की संख्या 1,851 से घटकर 509 और आम नागरिकों की मौतें 4,766 से घटकर 1,495 हो गईं — यानी क्रमशः 73% और 70% की गिरावट।
केवल वर्ष 2025 में ही 270 नक्सली मारे गए, 680 गिरफ्तार हुए और 1,225 ने आत्मसमर्पण किया। ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ जैसे अभियानों ने बीजापुर, सुकमा और महाराष्ट्र में उग्रवादियों को मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।


? सशक्त सुरक्षा ढाँचा और तकनीकी उन्नयन

पिछले दस वर्षों में केंद्र ने नक्सली क्षेत्रों में 576 सशक्त पुलिस स्टेशन और 336 सुरक्षा कैंप स्थापित किए।
ड्रोन सर्विलांस, सैटेलाइट इमेजिंग, एआई-बेस्ड डेटा एनालिटिक्स और साइबर ट्रैकिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से अब सुरक्षा बलों की निगरानी क्षमता कई गुना बढ़ी है।
इससे नक्सली ठिकानों की पहचान, मूवमेंट ट्रैकिंग और सटीक कार्रवाई संभव हुई है।


? नक्सल फाइनेंस नेटवर्क पर प्रहार

एनआईए और ईडी ने नक्सलियों की ₹52 करोड़ से अधिक की संपत्ति ज़ब्त की है।
राज्यों ने भी ₹40 करोड़ की अतिरिक्त संपत्ति जब्त कर दी है। इससे शहरी नक्सली तंत्र और उनके सूचना युद्ध की क्षमता को गहरा झटका लगा है।


? राज्यों को अभूतपूर्व सहायता

‘सिक्योरिटी रिलेटेड एक्सपेंडिचर योजना’ के तहत पिछले 11 वर्षों में राज्यों को ₹3,331 करोड़ मिले — जो पिछले दशक की तुलना में 155% अधिक है।
‘स्पेशल इन्फ्रास्ट्रक्चर स्कीम’ के अंतर्गत ₹991 करोड़ की स्वीकृति, और विकास के लिए ‘स्पेशल सेंट्रल असिस्टेंस’ से ₹3,769 करोड़ के प्रोजेक्ट्स स्वीकृत हुए हैं।


? विकास का समावेशी मॉडल

  • सड़क संपर्क: 17,589 किमी सड़कों के निर्माण हेतु ₹20,815 करोड़ स्वीकृत; जिनमें से 12,000 किमी सड़कों का कार्य पूरा।

  • मोबाइल कनेक्टिविटी: ₹6,290 करोड़ से अधिक लागत के 4जी टावर — 8,527 में से 2,602 चालू।

  • वित्तीय पहुंच: 1,007 बैंक शाखाएं, 937 एटीएम और 37,850 बैंकिंग संवाददाता कार्यरत; 5,899 डाकघर 90 जिलों में सेवा दे रहे हैं।

  • शिक्षा व कौशल: 46 आईटीआई और 49 कौशल विकास केंद्र संचालित, 48 जिलों में रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण जारी।

  • स्थानीय सहभागिता: 2018 में गठित बस्तरिया बटालियन में 1,143 रंगरूट — जिनमें 400 स्थानीय युवा, सुरक्षा अभियानों का प्रतीक।


? निर्णायक अभियानों से नक्सली ढांचे का विघटन

सरकार की “ट्रेस–टारगेट–न्यूट्रलाइज” नीति से प्रमुख नक्सली गढ़ जैसे बुध पहाड़, पारसनाथ, बरमशिया और चक्रबंधा लगभग मुक्त हुए।
2024 में सुरक्षा बलों ने 26 बड़ी मुठभेड़ों में शीर्ष नक्सली कैडरों को ढेर किया —
1 ज़ोनल समिति सदस्य, 5 उप-ज़ोनल, 2 राज्य समिति सदस्य, 31 डिविजनल और 59 एरिया समिति सदस्य मारे गए।
सुरक्षा बल अबूझमाड़ जैसे दुर्गम गढ़ों तक पहुँचने में सफल हुए हैं।


? आत्मसमर्पण और पुनर्वास की नई परंपरा

2024–2025 में छत्तीसगढ़ सहित देशभर में 1,574 नक्सलियों ने हथियार छोड़े।
सरकार पुनर्वासित कैडरों को ₹5 लाख (उच्च रैंक), ₹2.5 लाख (मध्यम/निम्न रैंक) और ₹10,000 मासिक वजीफा (36 माह) के साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण दे रही है।
इस नीति ने संघर्षरत युवाओं को सम्मानजनक जीवन की नई राह दी है।


? निष्कर्ष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद के विरुद्ध भारत की रणनीति सुरक्षा, विकास और सामाजिक न्याय का त्रिवेणी संगम बन चुकी है।
सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक भारत को पूर्णत: नक्सल-मुक्त बनाना है।
एक दशक की निर्णायक नीति ने उन इलाकों को, जो कभी भय के प्रतीक थे, अब अवसर और प्रगति के केंद्रों में बदल दिया है।


— रिपोर्ट: शौर्यपथ डिजिटल / शरद पंसारी
स्रोत: गृह मंत्रालय, भारत सरकार (प्रशासनिक प्रेस विज्ञप्ति 25 अक्टूबर 2025)

    नई दिल्ली /शौर्यपथ / लखनऊ के आलमबाग इलाके में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम इंजीनियर 30 वर्षीय आकाशदीप गुप्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। हाल ही में शादी हुए आकाशदीप दिवाली मनाने परिवार के साथ लखनऊ आए थे। मंगलवार की रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें लोकबंधु अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृत्यु की असली वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। शुरुआती जांच में हार्ट अटैक की संभावना जताई गई है, लेकिन पुलिस को स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करने के लिए रिपोर्ट का इंतजार है।
  आकाशदीप गुप्ता ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट के एक महत्वपूर्ण सदस्य थे, और उनकी इस मौत से परिवार एवं रक्षा विभाग में शोक की लहर है। मामले की तहकीकात में सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध पहलू का पता लगाया जा सके।यह खबर सोशल मीडिया में फैल रही भावनाओं को लेकर संवेदनशीलता से लिखी गई है, और सही जानकारी के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार जारी है।

रिपोर्टर: दिव्यांग सोनी

   जांजगीर-चांपा जिले के कोटमीसोनार गांव में 21 अक्टूबर को बालमुकुंद सोनी का खून से लथपथ शव मिलने के मामले में अकलतरा पुलिस और साइबर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार मुख्य आरोपियों और दो नाबालिगों को गिरफ्तार किया।

जांच में सामने आया कि पुरानी रंजिश और पंचायत चुनाव के दौरान विवाद के कारण आरोपियों ने हत्या की योजना बनाई। आरोपियों में शामिल हैं:

  • रोशन दास मानिकपुरी ,सौरभ पाठक ,चंद्रहास पांडे ,शिवांश पांडे

घटना की रात, आरोपी तालाब के पास इकट्ठा होकर मृतक को फोन पर गाली-गलौज करने लगे। जब बालमुकुंद ने फोन काटा, तो आरोपी उसके घर पहुंचे और फटाखे फेंककर हंगामा किया। विरोध करने पर उन्होंने दरवाजा तोड़कर धारदार हथियार से हत्या कर दी।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बटनदार चाकू और दो मोटरसाइकिल जब्त की। सभी चार मुख्य आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, जबकि दो नाबालिगों को किशोर न्यायालय में पेश किया गया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप, SDOP प्रदीप कुमार जोशी, थाना प्रभारी भास्कर शर्मा और साइबर टीम ने इस मामले में विशेष योगदान दिया। स्थानीय लोग पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं।


? हाइलाइट

  • जांजगीर-चांपा के कोटमीसोनार गांव में हत्या का खुलासा

  • चार मुख्य आरोपी और दो नाबालिग गिरफ्तार

  • हत्या की योजना पुरानी रंजिश और चुनाव विवाद से जुड़ी

  • पुलिस ने बटनदार चाकू और दो मोटरसाइकिल जब्त की


? सोशल मीडिया कैप्शन

"जांजगीर-चांपा: कोटमीसोनार में हत्या का खुलासा! चार आरोपी और दो नाबालिग गिरफ्तार, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से खुला राज। #CrimeNews #Chhattisgarh #JanjgirChampa"

दुर्ग | शौर्यपथ संवाददाता

         छत्तीसगढ़ शासन के सूचना विभाग के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस और पंडवानी महासम्मेलन के अवसर पर दुर्ग जिले के ग्राम मेड़ेसरा में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, पिछड़ा एवं अन्य वर्ग विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विधायक ललित चंद्राकर, विधायक ईश्वर साहू, राज्य तेल घानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, पूर्व मंत्री रमशीला साहू, पूर्व विधायक लाभ चंद बाफना, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, दुर्ग नगर निगम महापौर श्रीमती अलका बाघमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और पंडवानी कलाकार उपस्थित थे।


? मुख्यमंत्री का संबोधन

मुख्यमंत्री श्री साय ने पंडवानी को छत्तीसगढ़ की विश्व प्रसिद्ध लोक कला बताते हुए कहा कि यह विधा राज्य को दुनिया भर में पहचान दिलाती है। उन्होंने तीजन बाई, स्वर्गीय लक्ष्मी बंजारे, पद्मश्री डॉ. उषा बारले और स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन जैसे कलाकारों के योगदान की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा:

“पंडवानी गायन में महिला और पुरुष का भेद नहीं है। महिला कलाकारों ने इस क्षेत्र में अपनी प्रतिभा से उत्कृष्ट योगदान दिया है। यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर है और आने वाली पीढ़ी तक इसे बनाए रखना हमारा कर्तव्य है।”


?️ क्षेत्रीय विकास और घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय विकास और शिक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:

  • नागरिक कल्याण महाविद्यालय नंदिनी में स्नातकोत्तर कक्षाएं

  • अछोटी में बीएड महाविद्यालय

  • मेड़ेसरा को आदर्श गांव बनाने की योजना

  • समुदायिक भवन के लिए 20 लाख रूपए की स्वीकृति

  • क्षेत्र की सभी पंचायतों में सीसी रोड निर्माण

  • कलाकारों की मांगों पर विचार कर आवश्यक पहल

इसके अतिरिक्त उन्होंने प्रदेश की अन्य उपलब्धियों का भी उल्लेख किया:

  • प्रधानमंत्री आवास योजना: 18 लाख स्वीकृत आवास निर्माणाधीन

  • धान खरीद नीति: प्रति क्विंटल 3100 रुपये की दर से किसानों से धान खरीदी

  • महतारी वंदन योजना: महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये आर्थिक सहायता

  • रामलला दर्शन योजना और तीर्थ यात्रा योजना: 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों के लिए निःशुल्क यात्रा और गंगा स्नान

  • राज्य का 44% भू-भाग वन क्षेत्र से आच्छादित

  • नई उद्योग नीति से 7 करोड़ रुपये के निवेश और 10,000 युवाओं को रोजगार


?️ बस्तर और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास

छत्तीसगढ़ शासन के अनुसार उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बस्तर संभाग के प्रवास के दौरान कच्चापाल और माहला जैसे सुदूर संवेदनशील ग्रामों में ग्रामीणों से वर्चुअल संवाद किया, जहाँ उन्होंने:

  • वन अधिकार पट्टा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया

  • ग्राम पंचायत परतापुर में डोम निर्माण के लिए 20 लाख रूपए स्वीकृत किए

  • पीएम आवास के हितग्राहियों का निरीक्षण किया और आवास निर्माण की प्रगति देखी

  • ग्रामीणों को आयुष्मान कार्ड का वितरण किया

  • सीआरपीएफ कैम्प में जवानों से मुलाकात कर उनकी सराहना की

  • युवाओं को मुख्यधारा में जोड़ने और पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया


? बस्तर ओलंपिक 2025 का शुभारंभ

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्राम कच्चापाल में बस्तर ओलंपिक 2025 का शुभारंभ किया। इस प्रतियोगिता में:

  • तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकसी, हॉकी, वेटलिफ्टिंग जैसी खेल गतिविधियां शामिल हैं

  • 3 लाख 80 हजार से अधिक प्रतिभागी बस्तर संभाग में शामिल हैं, जिसमें नारायणपुर में 47 हजार से अधिक

  • आत्मसमर्पित नक्सली और दिव्यांग खिलाड़ी भी प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे हैं


? सांस्कृतिक उत्सव और लोक पर्व

  • दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने ग्राम अंजोरा, पीसेगांव और चिंगरी में मातर महोत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया

  • यादव समाज के लोग दोहा पारते हुए मातर ठौर पहुंचे और पारंपरिक खेल-कला का प्रदर्शन किया

  • विधायक ने प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना करते हुए पूजा-अर्चना में शामिल हुए


? प्रमुख बिंदु

  • मेड़ेसरा में पंडवानी महासम्मेलन और अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस का आयोजन

  • मुख्यमंत्री ने पंडवानी की वैश्विक पहचान और महिला कलाकारों के योगदान पर प्रकाश डाला

  • ग्रामीण और सुदूर वनांचल में विकास, पुनर्वास और कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा

  • बस्तर ओलंपिक 2025 का शुभारंभ और खेल प्रतिभाओं को मुख्यधारा में जोड़ना

  • मातर महोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम और लोक कला का उत्सव


? उपस्थित प्रमुख अतिथिगण

  • उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, ललित चंद्राकर, ईश्वर साहू

  • जिला प्रशासन: संभाग आयुक्त एस.एन. राठौर, आईजी आर.जी. गर्ग, कलेक्टर अभिजीत सिंह, एसएसपी विजय अग्रवाल

  • पंडवानी के लोक कलाकार, ग्रामीण और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग


? स्थान: मेड़ेसरा, दुर्ग, छत्तीसगढ़

दुर्ग | शौर्यपथ संवाददाता
दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अंजोरा, पीसेगांव और चिंगरी में मातर महोत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन धूमधाम के साथ किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने कार्यक्रम में भाग लिया और मां लक्ष्मी एवं भगवान श्री कृष्ण की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।


? लोक परंपरा का उत्सव

विधायक चंद्राकर ने कहा कि कार्तिक शुक्ल द्वितीय तिथि को छत्तीसगढ़ में मातर तिहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

  • सुबह यादव समाज के लोग उमंग और जोश के साथ दोहा पारते हुए मातर ठौर पहुंचते हैं।

  • गौधन को सोहई बांधकर खोड़हर के चारों ओर घुमाया जाता है, जिसे छत्तीसगढ़ी में दांड़ खेलाना कहते हैं।

  • इस दौरान अखाड़ा कला और शौर्य प्रदर्शन का आयोजन भी होता है।

  • शाम को अपने घरों में कुल देवी देवता की पूजा कर काछन निकलना होता है, जिसमें परंपरागत दोहे पारते हुए लोग उत्सव मनाते हैं।

? उद्धरण दोहा:
“एक काछ काछंव रे भेड़ा, अऊ दूसर दिए ले माई।
तीसर काछ काछंव रे भेड़ा, मोर देवी देवता के पड़े दुहाई।”


? सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रदर्शन

  • अंजोरा: कंचन जोशी ने मंत्रमुग्ध प्रस्तुति दी

  • पीसेगांव: लोक अनुहार ने मनोरम प्रदर्शन किया

  • चिंगरी: लोकतिहार की अनुपम प्रस्तुति दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गई

कार्यक्रम का समापन खीर, दूध और प्रसादी वितरण के साथ हुआ।


? मुख्य अतिथि का संदेश

ललित चंद्राकर ने कहा:

“दीप उत्सव के दौरान मां लक्ष्मी की मूर्ति स्थापना कर पूजा अर्चना की गई। आज शोभा यात्रा निकालकर विसर्जन किया जा रहा है। चारों तरफ खुशहाली का माहौल है। यह पर्व सबके जीवन में खुशियां लाए, यही कामना मां लक्ष्मी की है।”


? उपस्थित प्रमुखजन

इस अवसर पर उपस्थित थे:
सरपंच संतोष सारथी, जस सम्राट, पुरण साहू, पूर्व सरपंच दिनेश देशमुख, यादव समाज प्रमुख जयप्रकाश यादव, कार्यक्रम संयोजक धनेश देशमुख, पप्पू निषाद, संतोष निषाद, आशु निषाद, योगेश देशमुख, मिथलेश निषाद, लोकेश साहू, गुमान साहू।
मंडल अध्यक्ष लिकेश्वर देशमुख, सरपंच द्रोपती देशमुख, उपसरपंच कमल देशमुख, पंचगण युवराज देशमुख, जीतेन्द्र देशमुख, उमा देशमुख, धनीराम बांधे, सुष्मा बांधे, युवा मंडल अध्यक्ष खिलेश बेलचंदन, सदस्य हिमांशु वासु, दुष्यंत मोहन, रेहान, सतीश, जनपद सदस्य बेला यादव, बंशी लाल यदु, मनोहर देशमुख, भूषण देशमुख, सचिन देशमुख, आशीष दिल्लीवार, भोमेश साहू, प्रीतम देशमुख, टिकेश्वर देशमुख


? मुख्य बिंदु संक्षेप में

  • अंजोरा, पीसेगांव, चिंगरी में मातर महोत्सव धूमधाम से आयोजित

  • दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने मां लक्ष्मी और श्री कृष्ण की पूजा-अर्चना की

  • यादव समाज ने परंपरागत दोहा पारना, दांड़ खेलाना और शौर्य कला का प्रदर्शन किया

  • सांस्कृतिक कार्यक्रम में कंचन जोशी, लोक अनुहार और लोकतिहार ने अनुपम प्रस्तुति दी

  • कार्यक्रम का समापन प्रसादी वितरण और खुशियों के साथ हुआ


? रिपोर्ट: शौर्यपथ संवाददाता
? स्थान: अंजोरा, पीसेगांव, चिंगरी, दुर्ग, छत्तीसगढ़

भाजपा सरकार में स्वास्थ्य विभाग खुद बीमार लोगों की जीवन की रक्षा नहीं कर पा रही

रायपुर/ शौर्यपथ / नारायणपुर में फूड प्वाइजनिंग से पांच लोगों की मौत और 30 लोगों की गंभीर रूप से बीमार होने के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार की लापरवाही के चलते नारायणपुर अबूझमाड़ के डूंगा के गोट गांव में फूड प्वाइजनिंग से पांच मासूम लोगों की मौत हो गई और 30 लोग गंभीर रूप से बीमार हो गये। गांव के एक पारिवारिक समारोह में भोजन करने के बाद उनको उल्टी, दस्त, चक्कर आने लगी, लेकिन समय पर इन्हें एंबुलेंस नही मिला। समय पर इलाज होता तो उन पांच लोगों को भी बचाया जा सकता था। इस घटना के पहले एक गर्भवती महिला को समय पर एंबुलेंस नहीं मिला जिसके चलते उसका गर्भपात हो गया।
   प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद से स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो गई है। नारायणपुर की घटना बड़ी चिंताजनक है और स्पष्ट हो गया है कोई बड़ी मेडिकल इमरजेंसी होती है तो स्वास्थ्य विभाग उसके लिए सक्षम नहीं है, संसाधनों की कमी है, चिकित्सकों की कमी है, भाजपा सरकार प्रदेश की जनता के जान की रक्षा नहीं कर पा रही है।
  प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वास्थ्य व्यवस्था देने में असफल साबित हो गए हैं। नारायणपुर में फूड प्वाइजनिंग से पांच लोगों की मौत के लिए सरकार जिम्मेदार है। स्वास्थ मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिये।

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