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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
-नये प्रयोगों की ओर बढ़ रही गौठानों की स्वसहायता समूह की महिलाएं
-कलेक्टर ने की प्रशंसा, कहा गौठान आजीविकामूलक केंद्र, वर्मी कंपोस्ट के साथ ही अन्य तरह की गतिविधियों को अपनाने से आय में तेजी से वृद्धि होगी
दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आज दुर्ग ब्लाक के ग्राम चंदखुरी और रिसामा के गौठानों का अवलोकन किया। उन्होंने यहां स्वसहायता समूहों द्वारा किये जा रहे नवाचारों को देखकर खुशी जताई। चंदखुरी में गौठान के बगल से फेंसिंग लगाकर स्वसहायता समूह की महिलाएं उद्यानिकी फसलें अपना रही हैं। यहां वे पपीता, अमरूद और एप्पल बेर लगा रही हैं। इसके साथ ही वे वर्मी कंपोस्ट का अपना मूल काम भी कर रही हैं। गोधन न्याय योजना के लांच होने से पूर्व बनाये गए वर्मी कंपोस्ट की बिक्री वे कर चुकी हैं और अब उनके वर्मी टैंक फिर से भर गए हैं। रिसामा में वर्मी कंपोस्ट की एक खेप तैयार हो गई है। विशेषज्ञों की देखरेख में यह बनाया गया। जल्दी वर्मी तैयार हो, इसके लिए डिकंपोसर डाला गया। अब यहां जो वर्मी खाद तैयार हुआ है वो बिल्कुल चायपत्ती की तरह का है जो काफी गुणवत्तायुक्त माना जाता है। जिला पंचायत सीईओ श्री सच्चिदानंद आलोक ने बताया कि वर्मी खाद जल्दी तैयार हो, इस उद्देश्य से डिकंपोजर का प्रयोग किया गया। इसमें 2500 लीटर पानी में 25 किलोग्राम गुड़ और डिकंपोजर का साल्यूशन डाला जाता है। इससे खाद केवल 70 दिनों में तैयार हो जाता है। कलेक्टर ने स्वसहायता समूहों की महिलाओं की प्रशंसा की।
इन्होंने कलेक्टर को बताया कि गोधन न्याय योजना से बड़े पैमाने पर आय के अवसर उपलब्ध हुए हैं और इस दिशा से हम लोग पूरी ऊर्जा से काम कर रहे हैं। रिसामा की महिलाओं ने बताया कि परिसर में वे हल्दी की फसल भी लगा रहे हैं। इसके साथ ही मछलीपालन भी डबरी में कर रहे हैं। मछलीपालन के लिए मत्स्यपालन विभाग ने बीज उपलब्ध कराए हैं। यहां बताया गया कि लावारिस पशु भी गौठान में रखे गए जिससे फसल की काफी रक्षा हुई। रिसामा में स्वसहायता समूह की महिलाएं हल्दी लगा रही हैं। मुर्गी शेड की भी स्वीकृति यहां जल्द ही दी जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि गौठान को विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियों का केंद्र बनाना है। यहां पर मुर्गी पालन, मछली पालन, उद्यानिकी फसलों के साथ ही स्थानीय बाजारों की जरूरतों के मुताबिक चीजें तैयार करनी हैं। इससे आप लोगों के आर्थिक लाभ का स्तर तेजी से बढ़ जाएगा।
महिलाओं ने बताया कि उन्होंने अभी नीम और अन्य कड़वी पत्तियों के माध्यम से कीटनाशक तैयार किया है जिसे सौ रुपए लीटर में बेच रही हैं और अच्छा लाभ अर्जित कर रही हैं। कलेक्टर ने इन महिलाओं से समस्याएं भी पूछीं और कहा कि आप लोगों को आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग प्रशासन द्वारा दिया जाएगा।
दुर्ग / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि विधेयक को लेकर भाजपा सांसद सरोज पांडेय और विजय बघेल के बयान पर तीखा हमला बोला है। राजेंद्र ने कहा है कि भाजपा सांसद बताएं कि कहां के व्यवसायी प्रदेश के किसानों से केंद्र द्वारा घोषित समर्थन मूल्य या इससे अधिक मूल्य पर धान खरीदने के लिए तैयार हैं। ताकि, प्रदेश के किसान कृषि विधेयक पर भरोसा कर सकें। मैदानी सच ये है कि पूरे देश में कृषि विधेयक का विरोध हो रहा है। कृषि विधेयक के विरोध में किसान हस्ताक्षर अभियान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं।
राजेंद्र ने कहा कि आज तक भाजपा का कोई भी केंद्रीय नेता नहीं बता पाया है कि कृषि विधेयक से किसानों को कितना फायदा होगा। सांसद सरोज पांडेय और विजय समेत सभी केंद्रीय भाजपा नेता सिर्फ इतना बता दें कि केंद्र द्वारा घोषित समर्थन मूल्य से अधिक कीमत पर धान खरीदने के लिए कहां के व्यवसायी तैयार हैं। खुद को कृषक हितैषी होने के दावे करते हुए गोलमोल भाषा में बातें कर किसानों को गुमराह न करें।
राजेंद्र ने कहा कि भाजपा ने 15 साल के शासनकाल में छत्तीसगढ़ में किसानों से 21 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का वादा किया और मुकर गए। किसानों को 3 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से बोनस देने का वादा किया। सत्ता में आने के बाद बोनस की रकम भी हजम कर ली। लगातार किसानों से छल करते रहे भाजपा नेता आज किस मुंह से कृषक हितैषी होने का दावा कर रहे हैं।
राजेंद्र ने कहा कि भाजपा सांसद कांग्रेस पर कृषि विधेयक को लेकर झूठ और भ्रम फैलाने के आरोप लगा रहे हैं। सच ये है कि भाजपा ने 15 साल के शासनकाल में किसानों से किये गए वादे कभी पूरे नहीं किये। कांग्रेस पार्टी ने 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी और किसानों की कर्ज माफी का वादा किया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पद की शपथ लेने के बाद चंद घंटे में ही किसानों से किये गए वादों को पूरा कर दिखाया। कांग्रेस पार्टी के नेता आम जनता से जो वादे करते हैं, उसे पूरा भी करते हैं।
राजेंद्र ने कहा कि किसानों, मजदूरों समेत देशवासियों से वादाखिलाफी करना भाजपा का काम है। भाजपा नेता बताएं कि हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा पूरा क्यों नहीं हुआ। कोरोना संकट काल में आम आदमी को राहत देने के लिए 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज से रकम क्यों नहीं मिली। किसानों की आय दोगुनी क्यों नहीं हो पाई। हरेक भारतीय के खाते में 15 लाख रुपए जमा क्यों नहीं हुए।
राजेंद्र ने कहा कि भाजपा सांसद सरोज पांडेय ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में सिर्फ एक व्यक्ति का राज है। अगर उन्हें भूपेश सरकार के कामकाज की समझ होती तो उन्हें पता चलता कि पूरे प्रदेश में सभी मंत्री अपने-अपने दायित्व निभा रहे हैं। सच्चाई यह है कि पूरे देश में एक व्यक्ति का राज चल रहा है। आम जनता की बात छोड़िये, खुद भाजपा नेताओं और सांसदों को भी केंद्र सरकार के मंत्रियों के नाम और मंत्रालय तक याद नहीं हैं। उसी इकलौते व्यक्ति के कहने पर व्यापार-उद्योग में भी एकाधिकार वाली कंपनियों को बढ़ावा देने वाली नीतियां तय हो रही है। सांसद सरोज पांडेय केंद्र सरकार में व्याप्त एक व्यक्ति के राजकाज की व्यवस्था की खामी को प्रदेश सरकार पर मढ़ने का प्रयास न करे।
० साल्हेवारा, आमगांव, रामपुर संकुल के पारा मोहल्ला स्कूल का अधिकारियों ने किया निरीक्षण
० अधिकारियों ने शिक्षा सारथियों एवं छात्रों से मिलकर अध्यापन व्यवस्था का हाल जाना
राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण योजना पढ़ई तुंहर दुआर का विकासखंड छुईखदान के विभिन्न संकुल अंतर्गत सुचारू क्रियान्वयन हो रहा है। जिसका विकासखंड नोडल अधिकारी एवं सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी गिरेन्द्र कुमार सुधाकर के द्वारा निरीक्षण किया गया। नोडल अधिकारी के द्वारा साल्हेवारा, आमगांव, रामपुर संकुल के ग्राम खादी, गोंगले, रामपुर, नवागांव, समनापुर में संचालित विभिन्न पारा एवं मोहल्ला क्लास का दौरा एवं निरीक्षण किया गया। विभागीय अधिकारीयों ने निरीक्षण के दौरान शिक्षा सारथियों एवं बच्चों से मिलकर अध्यापन व्यवस्था का हाल जाना। सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी गिरेन्द्र कुमार सुधाकर ने बताया कि पारा मोहल्ला कक्षाओं में बच्चों की उपस्थिति संतोषजनक है और शिक्षा सारथियों के द्वारा दिया जा रहा योगदान सराहनीय है।
अधिकारियों ने शिक्षा सारथियों को महत्वपूर्ण टिप्स देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर शिक्षकों से चर्चा करने एवं सुझाव लेने हेतु तत्पर रहें। प्राथमिक शाला गोंगले के शिक्षा सारथी प्रीतम लाल पांचे, हिरिया बाई सहारे, प्राथमिक शाला आमगांव के शिक्षा सारथी रेशमा मरकाण्डे, उमेश पटेल, निर्मल पटेल, प्राथमिक शाला समनापुर के फुलेश्वर कांवरे, असमती, पम्पा, माध्यमिक शाला समनापुर के देवचंद कांवरे, अजय पटेल प्राथमिक शाला कोसमर्रा के त्रिवेणी यादव, पुष्पा बारले, प्राथमिक व माध्यमिक शाला रामपुर के करुणा वर्मा केशरी ठाकरे, प्राथमिक शाला बंजारपुर के कुलेश्वर पटेल, कुमारी शीतला, कुमारी गंगा आदि ने बताया कि सभी शिक्षा सारथी पिछले दो माह से मोहल्ला क्लास में विद्यादान कर रहे हैं। पारा मोहल्ला क्लास संचालन शुरू करने में कुछ कठिनाई आई लेकिन अब सब ठीक हो गया है और उन्हें भी बच्चों को पढ़ाने का अच्छा अनुभव हो रहा है, साथ ही अपने गांव के बच्चों के लिये कुछ करने का सुअवसर मिला है।
विभागीय अधिकारियों के निरीक्षण में संकुल समन्वयक मनोज मरकाम, शिवकुमार खुसरो, शिक्षक दिनेश निर्मलकर, अरुण कुमार कोसे, कृष्णा लाल ठाकरे, सजवन कुमार मरकाम, चरण लाल मरकाम, वीनेश बांसुरी, ओमप्रकाश यदु, देवनारायण जांगड़े, शैलेन्द्र साहू, हरीश झरिया आदि उपस्थित थे।
० जिन्दगी से जरूरी कुछ भी नहीं, जीवन की सुरक्षा के लिए मास्क लगाएं, आदत एवं व्यवहार बदलें
० मास्क को सुरक्षा कवच के रूप में उपयोग करें
० बुजुर्गो, बच्चों एवं महिलाओं को संक्रमण से सुरक्षा के लिए युवा लगाएं मास्क
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी टोपेश्वर वर्मा ने जिले के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि कोरोना जैसी घातक महामारी हमारे सामने खड़ी है। हमारे देश में रोजाना लाखों लोग लापरवाही और असावधानी के कारण कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं। हम सभी जानते हैं कि कोरोना के उपचार हेतु अभी तक कोई वैक्सीन नहीं आई है। यह भी तय नहीं है कि कब तक यह कठिन दौर खत्म होगा। अभी जितने भी लोग कोरोना से बचे हुए हैं उसकी मुख्य वजह यह है कि उन्होंने आपस में शारीरिक दूरी बनाये रखने और समय-समय पर हाथों को सेनिटाईज करते रहने व ठीक तरीके से मास्क पहनने को अपनी आदत में शामिल कर लिया है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वैक्सीन आने तक हमारे पास जो संसाधन हैं, उन्हें ही सुरक्षा कवच के रूप में हमें उपयोग करना होगा।
याद रखें कि अभी कोरोना से बचाव के लिए मास्क ही वैक्सीन है। जब तक कोरोना की दवाई उपलब्ध नहीं हो जाती है, तब तक हम लोगों को वैक्सीन मानकर मास्क को ही पहनना होगा। शोध बताते हैं कि ठीक तरीके से मास्क पहनना कोरोना महामारी को 98 प्रतिशत तक रोके रखता है। मास्क पहनने से हम खुद सुरक्षित रहेंगे और दूसरों को भी सुरक्षित रखेंगे। दरअसल कोरोना से बचने के तीन ही उपाय हैं। एक मास्क, दूसरा शारीरिक दूरी और तीसरा हाथों को साबुन से धोकर या सेनिटाईज कर साफ रखना। अगर हम सभी ने ये तीनों उपाय का अच्छे से पालन किया तो निश्चित रूप से हम सभी कोरोना संक्रमण से बचे रहेंगे।
सामान्यतः यह देखने में आ रहा है कि नगर सहित जिले के अन्य स्थानों में मास्क को लेकर घोर लापरवाही हो रही है। बाजार में लोग बेधड़क अपनी सुरक्षा को ताक में रखकर बगैर मास्क पहने और शारीरिक दूरी बनाये बेधड़क घूम रहे हैं। यह बेहद दुखद है कि आज इस कठिन दौर में हमारे युवा साथी घर से निकलते समय मास्क नहीं पहनते हैं और शारीरिक दूरी बनाये रखने और हाथों को सेनिटाईज करने के नियमों का पालन नहीं करते हैं। जिससे वे कोरोना से संक्रमित हो जाते है। युवाओें में बीमारियों से लड़ने की शारीरिक-मानसिक क्षमता मजबूत होती है, इसलिए वे खुद तो बचे रहते हैं किन्तु वे घर वापस आकर अपने परिवार के बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को संक्रमित कर रहें है। घर में ही रहने वाले बड़े बुजुर्गों के संक्रमित होने का यह सबसे बड़ा कारण है। जो हमें असमय ही अपने बड़े बुजुर्गों को जोखिम में डाल रहा है। अतः हम सभी को घर से बाहर निकलते समय यह ध्यान रखना चाहिए की कोराना संक्रमण अभी मिटा नहीं है। मास्क पहनेंगे तो संक्रमण से बचे रहेंगे। इसलिए स्वयं की और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए मास्क जरूर पहनें और जो नहीं पहन रहे हैं, उन्हें मास्क पहनने प्रेरित करें।
प्रायः यह भी देखने को मिल रहा है कि फैक्ट्री, कारखानों और दुकानों के व्यवसायी बंधु और वहां काम करने वाले लोग बगैर मास्क पहने अपना व्यापार चलाते हैं जिससे भी बड़ी संख्या में लोगों के कोरोना संक्रमित होने की आशंका बढ़ती है। व्यापारी वर्ग को भी नो मास्क, नो एन्ट्री की बात को कड़ाई से पालन कराना चाहिए।
किसी भी व्यक्ति को जीवन को खतरे में डालने से पहले एक बार हम सभी को अपने परिवार के बारे में जरूर सोचना चाहिए। लापरवाही करने पर हम खुद तो संक्रमित होते ही हैं, बल्कि हमारे द्वारा अन्य रिश्तेदारों व मित्रों को भी जाने-अनजाने में यह बीमारी दे दी जाती है। अतः अब हर व्यक्ति को अब अपनी सामाजिक जवाबदारी समझते हुए काम करना पड़ेगा। मेरा मास्क आपको बचाएगा और आपका मास्क मुझे बचाएगा अब इसी भावना को आत्मसात कर हमें अपना व्यवहार बदलना होगा। बगैर मास्क पहने घर से निकलने से पहले एक बार जरूर सोचें कि ऐसी क्या मजबूरी है, जो जिंदगी से ज्यादा जरूरी है।
आईये अब हम कोरोना से डरकर नहीं, डट कर मुकाबला करें। हम सभी अपने वर्तमान जीवन में दो गज की दूरी, मास्क जरूरी के संदेश को अपने जीवन का उद्देश्य बनाये। जिले में कोरोना के संक्रमण एवं बचाव तथा रोकथाम के लिए 16 अक्टूबर से 22 अक्टूबर 2020 तक कोरोना सुरक्षा सप्ताह मनाया जाना है। जिसके लिए जिले में प्रत्येक दिवस सामाजिक भागीदारी से विशेष गतिविधियां की जाएंगी।
नवागढ़ / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के द्वारा संसदीय सचिव एवं नवागढ़ विधायक गुरुदयाल सिंह बंजारे पर बहुत ही विश्वास जताते हुए प्रदेश के सबसे चर्चित हाइप्रोफाइल विधानसभा मरवाही के उपचुनाव में जोगीसार सेक्टर का प्रभारी बनाते हुए बड़ी जवाबदारी दिया गया है।
ज्ञात हो कि मरवाही उपचुनाव प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी के मई में निधन के बाद रिक्त होने के कारण हो रहा है।
मरवाही के अंतर्गत जोगीसार गांव स्व अजीत जोगी का गृहग्राम है,और जोगीसर के साथ पुरे मरवाही विधानसभा क्षेत्र में जोगी परिवार का वर्चस्व और दबदबा रहता है,यहाँ से स्व अजीत जोगी 4 बार और उनके सुपुत्र अमित जोगी 1 बार इस विधानसभा का नेतृत्व कर चुके है,और इस बार के उपचुनाव में भी अमित जोगी या उनकी धर्मपत्नी श्रीमती ऋचा अमित जोगी चुनाव मैदान में उतर सकते है।
ज्ञात हो की मरवाही में नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि 16 अक्टूबर,मतदान 3 नवम्बर और परिणाम 10 नवम्बर को है।
इस उपचुनाव के लिए प्रदेश के तीनो प्रमुख दल सत्ताधारी कांग्रेस,बीजेपी और वर्तमान कब्जाधारी जोगी कांग्रेस ने अपनी अपनी पुरी ताकत झोंक दी है इस उपचुनाव को जीतने के लिए,इस उपचुनाव के लिए कांग्रेस इस चुनाव को जीतने के लिए कितना गंभीर है इसका पता इसी बात से चलता है की उन्होंने मन्त्रीमण्डल के समस्त सदस्यों के साथ विधानसभा के अपने पुरे विधायको को अलग अलग बूथ और सेक्टर का प्रभारी बना कर जिताने की जवाबदारी सौंपी है।
बिलासपुर / शौर्यपथ / मरवाही विधानसभा क्षेत्र में कुल 237 मतदान केन्द्र है, और मतदाताओं की संख्या एक लाख 90 हजार 254 के लगभग है। जिसमें से महिलाओं मतदाताओं की संख्या 96 हजार और पुरूष मतदाता 93 हजार के लगभग है। इन मतदाताओं को संभालने के लिए कांग्रेस ने अपने 48 विधायकों को सैक्टरवाईज़ जिम्मेदारी दी है। चार मंत्रियों को ही उतार दिया है। छत्तीसगढ़ एक ऐास प्रदेश है जिसने दो बरा उपचुनाव में मुख्यमंत्री को चुनाव लड़ते देखा। पहली बार विभाजित मध्यप्रदेश के वक्त अर्जुन सिंह ने खरसियां जिला रायगढ़ से चुनाव लड़ा और दुसरी बार छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद 2001 में अजीत जोगी ने मरवाही विधानसभा से उपचुनाव लड़ा। दोनो चुनाव के बीच लंबा अंतराल था, और दो बड़े अंतर थे अर्जुन सिंह के चुनाव में कांग्रेस के विधायक लक्ष्मी पटेल ने इस्तिफा देकर सीट खाली की थी जबकि मरवाही में भाजपा के रामदयाल उईके ने अपनी सीट छोड़ दी थी।
खरसियां का उपचुनाव राजनैतिक इतिहास में हमेशा याद किया जाता है। क्योंकि यहां पर अर्जन सिंह जैसे दिग्गज राजनेता को जीत के लिए एड़ीचोटी का जोड़ लगाना पड़ा। वे मात्र 8 हजार वोट से जीत पाए थे और हारने के बावजूद पराजीत प्रत्याशी दिलीप सिंह जुदैव का जुलूस आज भी खरसियां की जनता को याद है। इससे उल्ट कहानी मरवाही की थी। 2001 में मरवाही ने अजीत जोगी ने जीत की जो इमारत खड़ी की वह 2018 तक बढ़ती ही चली गई। फिर चाहे चुनाव अजीत जोगी लड़ रहे हो या अमित जोगी। कभी भी कैसी भी परिस्थिति में जीत का आकड़ा 40 हजार से नीचे नहीं गया। वर्ष 2018 के चुनाव में अजीत जोगी को मात्र एक मतदान के लिए कटरा में हार मिली और वहां भी वे प्रत्याशी से नही नोटा से हारे। 2018 के चुनाव में मरवाही में नोटा को 4 हजार 501 वोट मिला। कटरा में नोटा 89, जोगी 78, कांग्रेस गुलाब सिंह राज 64 और भाजपा अर्चना पोर्ते 58 मत पाएं थे।
मरवाही जैसे आदिवासी बहुल्य क्षेत्र में नोटा को प्राप्त होने वाला वोट राजनैतिक पंडितों को आश्र्चय में डालता है। 4 सेक्टरों में कांग्रेस ने जिन लोगों को जिम्मेदारी दी है। उसमें सासंद, संसदीय सचिव और विधायक शामिल है। उत्तर क्षेत्र में के प्रभारी उत्तम वासुदेव और मंत्री गुरू रूद्र कुमार है। दक्षिण क्षेत्र में विधायक शैलेष पांडेय और मंत्री डाॅक्टर प्रेम साय सिंह। गौरेला क्षेत्र अर्जुन तिवारी और मोहम्मद अकबर, पेंड्रा क्षेत्र में मोहित केरकेटा और मंत्री कवासी लखमा को जिम्मेदारी मिलीं 4 मंत्री 48 विधायक आकड़ा थोड़ा छोटा है। असल में प्रदेश के मुखिया ने मरवाही में अपने मंत्री मंडल को उतार दिया है। प्रत्याशी भले ही केके धु्रव किन्तु चुनाव में सीधे मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा जुड़ी है। इस कथा का पुरा सार नामाकंन जांच के बाद पढ़ने मिलेगा।
धमतरी / शौर्यपथ / जिले के मगरलोड थाना क्षेत्रान्तर्गत ग्राम मड़ेली में आज तड़के आबकारी अमले को बड़ी सफलता मिली है। विभाग की टीम के द्वारा दबिश देकर चार अलग-अलग प्रकरणों में मदिरा का अवैध विक्रय, परिवहन तथा भण्डारण के मामले में चार आरोपियों से कुल 40 लीटर कच्ची शराब जब्त की गई तथा आरोपियों को न्यायिक हिरासत में लेकर उन्हें जेल भेजा गया।
जिला आबकारी अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार मगरलोड विकासखण्ड के ग्राम मड़ेली निवासी श्रीमती मुन्नी बाई पति रतनूराम कमार कच्ची महुआ शराब बेचते पाई गई तथा उसके आधिपत्य से 3 लीटर महुआ शराब बरामद कर उनके विरुद्ध धारा 34(1)(क), (ख) आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। इसी ग्राम में तलाशी के दौरान दशमत पति द्वारिका कमार से 23 लीटर महुआ शराब, लक्ष्मी पति रामलाल कमार से 8 लीटर महुआ शराब तथा पुरूषोत्तम पिता लखमन कमार से 6 लीटर महुआ शराब बरामद कर धारा 34(1) (क), 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट के तहत गैरजमानती अपराध पंजीबद्ध कर तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड पर जेल दाखिल कराया गया।
आबकारी अधिकारी ने बताया कि जिले के नगरी विकासखण्ड में आदिवासियों को उनके सामाजिक तथा धार्मिक उत्सवों पर प्रति परिवार अधिकतम 5 लीटर हाथ भट्ठी महुआ शराब के आधिपत्य की छूट है। परम्परागत छूट की आड़ में नगरी विकासखण्ड के सरहदी मगरलोड क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कच्ची शराब के अवैध कारोबार की लगातार शिकायतें मिल थीं। महुआ शराब का अमानक विनिर्माण जन स्वास्थ्य हेतु हानिकर सिद्ध हो सकता है। किसी प्रकार की जनहानि की आशंका के मद्देनजर आबकारी राजस्व हित में आबकारी टीम धमतरी द्वारा उक्त कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि शराब के अवैध विनिर्माण, धारण, परिवहन तथा विक्रय से संबंधित शिकायत विभाग के टोल फ्री नम्बर 14405 पर अथवा आबकारी नियंत्रण कक्ष धमतरी के दूरभाष नम्बर 07722-232723 पर सूचित किया जा सकता है।
रायपुर / शौर्यपथ / राज्य शासन द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा के तीन वरिष्ठ आई.ए.एस. अधिकारियों के प्रभार में फेरबदल किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय महानदी भवन द्वारा जारी आदेश के तहत सोनमणि वोरा को सचिव राज्यपाल के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। उनके पास अब केवल संसदीय कार्य विभाग का प्रभार रहेगा।
आयुक्त बस्तर संभाग जगदलपुर अमृत कुमार खलखो को अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त सचिव, कृषि विभाग के पद पर पदस्थ करते हुए उन्हें सचिव राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौपा गया है। के.डी.कुजांम, संयुक्त सचिव सामान्य प्रशासन विभाग तथा अतिरिक्त प्रभार संयुक्त सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ संयुक्त सचिव, राजभवन सचिवालय का अतिरिक्त प्रभार सौपा गया है।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन में प्रदेश के हजारों निम्न और मध्यम वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिली है। प्रदेश में बड़े पैमाने पर अब छोटे तबके के लोग जिनके जमीन के छोटे भूखण्ड हैं, वे अब इनकी खरीद बिक्री आसानी से कर पा रहे हैं। राज्य शासन ने जमीन के छोटे भूखण्डों की खरीद बिक्री पर लगा प्रतिबंध हटाया गया था, फलस्वरूप प्रदेश के छोटे तबकों के जरूरतमंद 5 डिसमिल से छोटे भूखण्डों का क्रय विक्रय संभव हो सका है। नतीजन अब तक करीब एक लाख 49 हजार 755 छोटे भूखण्डों का क्रय-विक्रय हुआ है।
राज्य शासन के राजस्व विभाग द्वारा छोटे भूखण्डों के पंजीयन एवं नामांतरण की कार्यवाही तथा छत्तीसगढ़ नामांतरण एवं अन्य भू-अभिलेख को तैयार करने बावत नियम 1965 में संशोधन किया जाकर 25 अक्टूबर 2019 से राज्य के सभी जिलों में जमीन के छोटे भूखण्डों के नामांतरण की कार्यवाही की जा रही है। जिसके फलस्वरूप बड़े पैमाने पर 5 डिसमिल से छोट भूखण्डों की क्रय-विक्रय हो सका है।
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