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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
बालोद / शौर्यपथ / राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी अंतर्गत निर्मित गौठानों में ‘‘गोधन न्याय योजना‘‘ के तहत् खरीदी गई गोबर से बनाई गई उत्पाद आजीविका का साधन बन रहे है। गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने के साथ ही अन्य उत्पादन जैसे गोबर के दीए व जैविक कीटनाशक का निर्माण किया जा रहा है। जिला बालोद के महिला स्वसहायता समूहों एवं गौठान समितियों के द्वारा गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट के अलावा, फिनाइल, गोबर के दिये आदि अन्य गतिविधियां संचालित की जा रही है।
वर्मी कम्पोस्ट एवं वर्मी कल्चर निर्माण हेतु बालोद जिले के गौठान समितियों एवं स्व-सहायता समूहों को सरकारी विभागों द्वारा गोबर, फसल व अन्य जैविक अवशेष एकत्रीकरण, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, वर्मी कल्चर उत्पादन, वर्मी कम्पोस्ट की पैकेजिंग, भण्डारण एवं विक्रय की जानकारी से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया। कृषि विभाग उप संचालक ने बताया कि जिले के 158 गौठानों में 2857 वर्मी बेड स्वीकृत किया गया है, जिसमें से 1805 वर्मी बेड का निर्माण हो चुका है। 1351 वर्मी टांके भरे गये है तथा 955 वर्मी टांका में केचुआ (वर्म) डाला गया है, जिससे 287.10 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया गया है, जिसका प्रयोगशाला में गुणवत्ता परीक्षण के पश्चात समितियों के माध्यम से 250 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का विक्रय किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि रबी के अनाज दलहन, तिलहन, सब्जियों में इसका उपयोग होने लगा है। उन्होंने बताया कि वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन से जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। जिससे लोगों को जैविक खाद से उत्पादित अनाज, दाल, तिलहन, फल, सब्जी मिल सकेगा। इससे कृषकों की आमदनी में भी इजाफा होगा।
रायपुर / शौर्यपथ / कोरोना संक्रमण की बेहतर रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। राज्य में शासकीय स्वास्थ्य केन्द्रों में दो हजार 686 आक्सीजन युक्त बेड हैं और 4827 बेड और बढ़ाने की तैयारियां की जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 25196 जनरल बेड, 1120 आई सी यू बेड, 724 एच डी यू बेड उपलब्ध हैं। कोविड मरीजों को लाने ले जाने के लिए 213 एबंुलेंस जिसमें 193 बेसिक लैब सुविधाओं वाली और 20 आधुनिक लैब सुविधाओं से लैस है। मुक्तांजलि के तहत 60 वाहन उपलब्ध हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य में 29 डेडिकेटेड कोविड केयर अस्पताल, 127 कोविड केयर सेंटर हैं।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता ने आज कलेक्टोरेट के सामने आम्बेडकर चौक के समीप छŸाीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आयोजित विपणन प्रशिक्षण सह उत्पाद प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री वनधन विकास योजना के तहत राजवन फूड्स का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा, संचालक उद्यानिकी माथेश्वरन व्ही. एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती तनुजा सलाम एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता ने मानपुर के शहद का स्वाद लिया और उन्होंने समूह की महिलाओं को अच्छा कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। राजवन फूड्स के अंतर्गत शहद, कुलथी, हल्दी, मिर्च, धनिया पाउडर, बांस मोवा एवं अन्य उत्पाद उपलब्ध हैं। वनधन केन्द्र के समूह की महिलाओं द्वारा वनधन केन्द्र के अंतर्गत कार्य करते हुए स्थानीय रूप से उपलब्ध मिर्च, मसाले एवं अन्य खाद्य पदार्थों के प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य में ट्रायफ्रेड द्वारा भी विशेष सहयोग दिया जा रहा है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में जिले में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। जिले के वनधन केन्द्र में उत्पादित खाद्य पदार्थ राजवन फूड्स के नाम से ब्रांडिग की गई है।
दुर्ग / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज दुर्ग जिले के पाटन ब्लाक के ग्राम पतोरा के गौठान पहुंचे। वहां स्वसहायता समूह की महिलाओं ने दीवाली त्योहार के लिए सुंदर डिजाइनर दीये, सजावटी सामग्री तथा परंपरागत छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के पैकेट की सामग्री उन्हें दिखाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बिहान बाजार के बुकलेट का भी लोेकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं द्वारा संचालित आयमूलक गतिविधियों और उनके द्वारा उत्पादित सामग्री की गुणवत्ता की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सामग्रियों को केवल स्थानीय स्तर विक्रय करने के बजाए इसकी मार्केटिंग अन्य बाजारों एवं शहरों में की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को महिला समूहों के उत्पाद की मार्केटिंग एवं ऑनलाईन विक्रय की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि आनलाइन प्लेटफार्म के लिए बातचीत चल रही है। इन उत्पादों को अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने दुर्ग में बिहान बाजार जिला पंचायत परिसर में आरंभ किया गया है। केवल दो दिनों में 3 लाख रुपए की बिक्री बिहान बाजार में हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं से कहा कि जिन वस्तुओं की बाजार में ज्यादा माँग है, उन्हें तैयार करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा कि इन्हें सिलाई मशीन का प्रशिक्षण भी दें। अगरबत्ती, फिनाइल, साबुन जैसे उत्पादों के निर्माण के लिए भी सभी समूहों को प्रेरित करें। कोशिश यह हो कि स्थानीय मार्केट में अधिकाधिक उत्पाद स्थानीय एसएचजी ही उपलब्ध करा दें। इससे आय का रास्ता खुलेगा।
मुख्यमंत्री ने गौठान में वर्मी कंपोस्ट उत्पादन को भी देखा। मुख्यमंत्री ने पूछा कि डिकंपोजर डाला या नहीं। महिला समूह से जुड़ी सुमन ने बताया कि डिकंपोजर के उपयोग से खाद बनाने में लगने वाला समय काफी कम हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों को आत्मनिर्भर बनाना है। आप लोग जितना काम गोधन न्याय योजना पर करेंगे, आपकी आय उतनी ही बढ़ेगी। उन्होंने पहाटियों से भी बातचीत की। पहाटियों ने बताया कि इससे हमें आय जरिया मिल गया है।इस मौके पर गुंडरदेही के विधायक श्री कुंवर निषाद, संभागायुक्त श्री टीसी महावर, आईजी विवेकानंद सिन्हा, सीएफ श्रीमती शालिनी रैना, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, एसपी प्रशांत ठाकुर, सीईओ सच्चिदानंद आलोक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
समाज को आगे बढ़ाने में शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान
श्री अरविंदो योगा एन्ड नॉलेज फाउंडेशन द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही संस्थाओं और शिक्षकों को किया गया सम्मानित
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि महर्षि अरविन्द अध्यात्मिक चेतना के पुंज थे। हमारे ऋषि मुनियों ने अपने तप और ज्ञान से जो अध्यात्मिक ऊंचाईयां प्राप्त की और जो अनुसंधान किए उनकी चर्चा युगों-युगों से विश्व पटल पर होती रही है और होती रहेगी। महर्षि अरविन्द ऐसी ही महान विभूति थे। मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित ''दी प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड'' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने श्री अरविंदो योगा एन्ड नॉलेज फाउंडेशन द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही संस्थाओं और शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने फाउंडेशन द्वारा सम्मानित होने वाले सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। "द प्रोग्रेस" श्री अरबिंदो योग एवं नालेज फाउंडेशन उच्चशिक्षा की गुणवत्ता के लिए देश, विदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, विद्यालयों के प्राचार्यों, प्रोफेसर, सहा. प्राध्यापको, शिक्षकों, विद्यार्थियों के लिए अनेक पाठ्यसहगामी क्रियाओं जैसे अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय कार्यशाला, सेमिनार, यूथ कैम्प, एफडीपी जैसे विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिए हम अच्छे नागरिक तैयार नहीं कर सकते, शिक्षक शिक्षा के माध्यम से बच्चों को शिक्षित करने के साथ पूरे समाज को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। श्री बघेल ने कोरोना काल में अध्यात्म के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। इस दौर में सबसे महत्वपूर्ण कार्य संक्रमण से बचाव करते हुए अपने जीवन को व्यवस्थित करना है। श्री बघेल ने कहा कि कोरोना से संक्रमित व्यक्ति की मन: स्थिति पर गहरा प्रभाव पड़ता है। अनेक लोग अवसाद में आ जाते हैं। जिसका इलाज अध्यात्म के पास है। अवसाद से बचने के लिए ध्यान, योग और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने आयोजकों के आग्रह पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए राज्य शासन की महत्वाकांक्षी ''नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी'' योजना सहित शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में पद्मश्री सम्मान से सम्मानित वैज्ञानिक डॉ. अनिल के. गुप्ता, श्री शंकरचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल मैंनेजमेनट एण्ड टेकनोलोजी, रायपुर के अध्यक्ष श्री निशांत त्रिपाठी, अरविन्दो फाउंडेशन की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्था प्रोग्रेस के प्रबंध संचालक डॉ एस.एम.घोष और चेयरमेन डॉ.बी.के.स्थापक, नगर निगम रायपुर के महापौर श्री एजाज ढेबर विशेष अतिथि के रूप में इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना छत्तीसगढ़ की जीवन रेखा है। आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग से चिंतित है। पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में इस योजना से मदद मिलेगी। नरवा योजना में हमने सभी नालों के वाटर रिचार्जिंग का कार्य हाथ में लिया है। जंगलों में नालों की वाटर रिचार्जिंग से वनों, वनौषधियों और जैवविविधता के संरक्षण एवं संवर्धन में सहायता मिलेगी। गरवा योजना के अंतर्गत मवेशियों के बेहतर प्रबंधन का कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार की गोधन न्याय योजना के अंतर्गत दो रूपए प्रति किलो की दर पर गोबर खरीदी का कार्य प्रारंभ किया गया है। इस योजना के तहत पिछले तीन माह में पशुपालकों और संग्राहकों को अब तक 47 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। इस योजना से लगभग 1 लाख 20 हजार लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि गोबर के विक्रय से मिलने वाली राशि से पशुपालकों के लिए पशुओं के चारे की व्यवस्था करना आसान हुआ है। मवेशियों को बांध कर रखने से खेत सुरक्षित है। खेतों की फैंसिंग का खर्च बचने से कृषि लागत कम हुई है। पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आई है। उन्होंने कहा कि गोबर से महिला समूह वर्मी कम्पोस्ट बना रहे हैं। इसकी कीमत 8 रूपए प्रति किलो रखी गई है, लेकिन वर्मी कम्पोस्ट 10 से 12 रूपए प्रति किलो की दर पर बिक रहा है। इस काम से महिलाओं को आमदनी का नया जरिया बना है। गोधन न्याय योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ जैविक खेती की ओर बढ़ रहा है। जैविक खेती के उत्पादों से रसायन मुक्त अनाज, कृषि और उद्यानिकी फसलों की उपलब्धता बढ़ेगी और कैंसर जैसी बीमारियों में कमी आएगी। पशुओं के बेहतर प्रबंधन से डेयरी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कोरोना काल में लघुवनोपजों की खरीदी और मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना के तहत प्रारंभ किए जा रहे 52 अंग्रेजी माध्यम स्कूलों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज गरीब व्यक्ति भी अपने बच्चों को अंगेजी स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं। यह भी चाहते है कि आज की प्रतिस्पर्धा के दौर में उनके बच्चे भी किसी से पीछे न रहे। श्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार 130 करोड़ रूपए की लागत से 52 अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ कर रही है।
"द प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड 2020" कार्यक्रम का आयोजन श्री अरबिंदो योग एवं नालेज फाउंडेशन, दुर्ग, छत्तीसगढ़ द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाओं, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, शिक्षकों, विद्यार्थियों को फाउंडेशन की ओर से दी प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड 2020 से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न श्रेणियों कुल 85 अवार्ड प्रदान किए गए। इस "द प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड 2020" में कुल 162 पंजीयन हुये जिसमें से विद्वानों द्वारा 94 अवार्ड का चयन किया गया, जिसमें 04 लघुउद्योग, 02 विश्वविद्यालय, 05 महाविद्यालय, 80 महाविद्यालयींन शिक्षक शिक्षिकाएँ, 08 विद्यालयीन शिक्षकों को अवार्ड से सम्मानित किया गया। इंटरप्रोन्योरशिप अवार्ड वर्ग में अरिसटोम टेक्नोलोजी प्राइवेट लिमिटेड, भिलाई, आई.आई.ओ.टी.लैब,नागपुर, महाराष्ट्र, सिंपलेक्स कास्टिंग लिमिटेड, भिलाई, सतीश दीक्षित कलास्सेस, रायपुर, विश्वविद्यालय अवार्ड ओ. पी. जिंदल युनिवर्सिटी, रायगढ़, छत्तीसगढ़, वाय. बी. एन. युनिवर्सिटी, राँची, झारखंड को सम्मानित किया गया।
महाविद्यालय अवार्ड जयंत कुमार चक्रवर्ती, राजेंद्र अकाडेमी फोर टीचर एजुकेशन, गोपालपुर, दुर्गापुर, पश्चिम वर्धमान, रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेकनोलोजी, रायपुर, छत्तीसगढ़, स्कूल ऑफ अलाइड साइंस, सेलम, देवसंस्कृति कालेज ऑफ एजुकेशन, भिलाई को दिया गया। कार्यक्रम में "द प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड 2020" श्री अरबिंदो योग एवं नालेज फाउंडेशन, दुर्ग के ट्रस्टी सुश्री इंद्राणी घोष, अध्यक्ष डॉ. एस. एम. घोष, डॉ. किरण बाला पटेल, सुश्री मीनाक्षी पटेल उपस्थित थीं।
गोधन न्याय योजना से रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली गति
सेलूद में इंग्लिश मीडियम स्कूल की घोषणा
गौठानों में शेड बनाने पांच करोड़ रुपए स्वीकृत
रायपुर / शौर्यपथ /मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार को पाटन ब्लाक के ग्राम सेलूद पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यहां आयोजित कार्यक्रम में कहा कि ग्रामीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों की तरक्की और खुशहाली से ही समाज में खुशहाली लाई जा सकती है। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित में कई अभिनव योजनाएं शुरू की गई है। जिससे उन्हें सीधा लाभ मिलने लगा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सेलूद में 8 करोड़ रुपए के लागत से मिनी स्टेडियम के निर्माण और वहां इंग्लिश मीडियम स्कूल खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने गौठानों में महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों के संचालन के लिए शेड निर्माण हेतु 5 करोड़ रूपए तथा क्षेत्र में 25 स्थानों पर ओपन जिम की स्थापना की भी स्वीकृति दी। उन्होंने पाटन इलाके ग्राम पंचायतों में विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए 9 करोड़ 88 लाख रुपए स्वीकृत किये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के चलते ग्रामीण विकास के तेजी से पिछड़ने की आशंका थी लेकिन सरकार ने ऐसे निर्णय लिए, जिससे छत्तीसगढ़ राज्य में आर्थिक गतिविधियां कम से कम प्रभावित हुईं। मनरेगा के तहत जरूरतमंद लोगों को रोजगार देने का काम छत्तीसगढ़ राज्य ने सबसे पहले शुरू किया और इसे वृहद पैमाने पर संचालित कर लोगों की मदद की। इससे ग्रामीण विकास के साथ-साथ लोगों की आर्थिक स्थिति अप्रभावित रही। कोरोना काल के दौरान राज्य में प्रतिदिन औसत रूप से 26 लाख लोगों को काम मिला।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वनांचल में लघु वनोपज की खरीदी से लोगों को लघु वनोपज का वाजिब मूल्य मिला है। गोधन न्याय योजना से पशुपालकों को लाभ मिलना शुरू हो चुका है। इससे पशुधन के रखरखाव के संबंध में जागरूकता आई है। अब गोबर कीमती वस्तु है। इससे लोग पशुओं को अधिकाधिक समय कोठा में ही रखना पसंद करते हैं। पहाटिया भी इसके प्रति काफी जागरूक हैं क्योंकि गोधन न्याय योजना के माध्यम से गोबर का महत्व काफी बढ़ गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नरवा योजना के माध्यम से वाटर रिचार्ज के कार्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है। बिलासपुर और सूरजपुर को केंद्र सरकार की ओर से इस कार्य के लिए पुरस्कृत भी किया गया है। उन्होंने कहा कि गौठान को आजीविका केंद्र के रूप में विकसित करना है। महिलाओं को यहां काम करने में आसानी हो, इसके लिए शेड स्वीकृत किये गए हैं। इस बार दीवाली के मार्केट में महिलाओं की अहम भागीदारी है। इन्हें अन्य उत्पादों के निर्माण के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कोरोना काल में लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, यह हमने सुनिश्चित किया। तीन महीने का राशन मुफ्त में दिया। मध्याह्न भोजन बच्चों के घरों में भेजा गया। इसके साथ ही आंगनबाड़ी के बच्चों के घरों में भी सप्लाई जाती रही। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र की समस्याएं भी सुनी एवं जनप्रतिनिधियों ने उनसे नवीन निर्माण कार्यों और अन्य सुविधाओं की मांग भी की। इस पर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को उक्त संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिये।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद सिन्हा दुर्ग रेंज, पुलिस अधीक्षक डी. श्रवण, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कविलाश टण्डन, जीसी पति पुलिस अनुविभागीय अधिकारी खैरागढ़ के द्वारा अवैध शराब विक्रेता एवं कोचियों के विरूद्ध कार्यवाही के दिये गये निर्देश के परिपालन में निरीक्षक शशिकांत सिन्हा थाना प्रभारी छुईखदान, उप निरी. विमल कुमार लावनिया, सहायक उप निरीण्नरेन्द्र गहने एवं आरक्षकों को टाउन पेट्रोलिग दौरान मुखबिर की सूचना पर दरबार खपरी का रहने वाला आरोपी खुशाल बघेल जो मोटर सायकल सीजी 08, एएन 6529 से अवैध देशी प्लेन मदिरा का परिवहन कर रहा था जो अपने गांव का शराब कोचिया अशोक ठाकुर के कहने पर उसी के मोटर सायकल से शराब को आरोपी अशोक ठाकुर के लिए गांव में अवैध शराब विक्रय के लिए ले जा रहा था जिसकी घेराबंदी कर पकड़ा गया। आरोपी के कब्जे से प्लास्टिक के बोरी में 60 पौवा देशी प्लेन मदीरा कुल 10.80 बल्क लीटर एवं मोटर सायकल सीजी 08-एएन 6529 कुल जुमला कीमती 45,000 रूपये को जप्त किया गया।
आरोपीगण के विरूद्ध थाना छुईखदान मे अपराध क्रमांक 257/2020 धारा 34 (2) आबकारी एक्ट पंजीबद्ध कर आरोपीगण खुशाल बघेल उम्र 20 वर्ष एवं अशोक ठाकुर उम्र 28 वर्ष को माननीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय खैरागढ़ मे पेश कर अरोपियों को ज्युडिशियल रिमांड पर भेजा गया।
दुर्ग / शौर्यपथ / आगामी 9 नवम्बर को होने वाली नगर निगम सामान्य सभा की पहली बैठक में भाजपा पार्षदों की सदन में भूमिका व कार्यप्रणाली को लेकर आज पार्षदों कि भाजपा कार्यालय में औपचारिक बैठक हुई जिसमें नए पार्षदों को एजेंडे व अन्य विषयों कि जानकारी देतेे हुए जनहित के मुद्दों को जोरदार ढंग से उठाएं जाने का निर्णय लिया।
इस अवसर पर निगम सभापति रहे जिला भाजयुमो अध्यक्ष दिनेश देवांगन ने सभी पार्षदों को सदन चलने कि कार्यशैली बताते हुए कहा कि प्रजातंत्र में शहर पंचायत की उच्च सदन नगर निगम की सामान्य सभा होता है जहा प्रत्येक पार्षदों को न केवल अपने वार्डो की समस्याओं से संबधित बात रखने अवसर मिलता है बल्कि वे जनता की आवाज बनकर शहर के सभी विषयों को तर्क सम्मत ढंग से उठाया जा सकता है इस दृष्टि से दुर्ग निगम में भाजपा पार्षदों की भूमिका आज पूरी तरह बदल चुकी है और जनता के प्रति जवाबदेही अब और अधिक बढ़ गई है इसलिए सत्ता पक्ष को घेरने व उनकी हर खामियों उजागर करने सभी पार्षदों को मुखर होकर एकजुटता से बात रखनी होगी इसके लिए नियम अधिनियम कि भी पूरी जानकारी जरूरी है अत: सामान्य सभा कि बैठक में जाने के पूर्व सभी विषयों पर पूरी तैयारी करे .
नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा ने कहा कि भाजपा के 16 पार्षद कही उन्नीस नहीं होंगे बल्कि बजट से लेकर तमाम मुद्दे पर सार्थक बहस करने के लिए तैयार है जनहित में सभी मुद्दे बेबाकी से उठाएंगे भाजपा पार्षद नरेंद्र बंजारे ने कहा कि विगत 10 माह में पहली बार हो रही बैठक के विषय वस्तु तैयार है भाजपा के सभी पार्षद एकमत होकर मुद्दे उठाएंगे बैठक में वरिष्ठ पार्षद श्रीमती गायत्री साहू,चन्द्रशेखर चंद्राकर,कांशीराम कोसरे,नरेश तेजवानी चमेली साहू,लीना दिनेश देवांगन,मनीष साहू,अजित वैद्य,ओमप्रकाश सेन,पुष्पा वर्मा,शशी साहू,हेमा शर्मा,कुमारी बाई साहू,गुलाब वर्मा,राकेश साहू,जग्गी शर्मा सहित अन्य मौजूद थे।
0 मानवता को शर्मसार करने वाली घटना
0 पड़ोस में रहने वाले युवक ने ही दिया घटना को अजांम
राजनांदगांव / शौर्यपथ / डायल 112 कंट्रोल रूम राजनांदगांव से सूचना मिली कि थाना अंबागढ़ चौकी क्षेत्र के एक गांव में 5 वर्ष के बालिका के साथ बलात्कार की घटना घटित हुआ है। सूचना पर तत्काल पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अं. चौकी के हमराह में थाना प्रभारी अं. चौकी व थाना स्टाफ टीम के साथ तत्काल घटना स्थल रवाना हुए। घटना स्थल पर पहुंचकर पीडि़ता की स्थिति देखते हुये तत्काल हमराह महिला थाना स्टाफ के अबोध बालिका को उसके परिजनों के साथ ईलाज हेतु अस्पताल अंबागढ़ चौकी लाया, जहां पीडि़ता की गंभीर स्थिति को देखते हुये बेहतर ईलाज हेतु जिला अस्पताल राजनांदगांव लेकर कर गये, जहां पीडि़ता अबोध बालिका ईलाजरत है।
जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि मोहल्ले में रहने वाले 20-25 वर्ष के युवक के साथ बच्चे रोज की तरह खेल रहे थे। युवक ने खेल-खेल में पीडि़ता को अपने घर ले जाकर बहला-फुसला कर दुष्कर्म किया है, जो कि अन्य बच्चे भी घटना के बारे में बताया। 20-25 वर्ष के युवक द्वारा घटना घटित करना बताये जाने से तत्काल सूचना पर पुलिस अधीक्षक महोदय डी. श्रवण, अति. पुलिस अधीक्षक जेपी बढई, अति पुलिस अधीक्षक सुरेशा चौबे को अवगत कराकर उनके दिशा-निर्देशन पर घटना की गंभीरता को ध्यान रखते हुये व पीडि़ता आबोध नाबालिक बालिका व महिला संबधी अपराध होने से पुलिस अनुविभागीय अधिकारी घनश्याम कामडे अं. चौकी के नेतृत्व में थाना प्रभारी अंबागढ़ चौकी द्वारा तत्काल टीम गठित कर स्वयं फरार आरोपी के संबंध में संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर अलग-अलग दिशाओं में टीम पता साजी हेतु रवाना किया गया .
जो प्रकरण के आरोपी का सरगर्मी के साथ अलग-अलग टीमों के द्वारा पता तलाश किया गया, जो आरोपी घटना कारित कर अपने गांव से फरार होकर अपने बहनोई के घर ग्राम खुर्सीपार में छिपा हुआ था, जिसे घेराबंदी कर रिकार्ड समय 8 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल किया। आरोपी से घटना के संबध में कड़ाई से पुछताछ करने से अपना जुर्म स्वीकार किया है, जिसे गिरफ्तार कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।
राज्य में गोबर विक्रेताओं को अब तक हो चुका 47.38 करोड़ रूपए का भुगतान
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज राज्य शासन की महत्वाकांक्षी 'गोधन न्याय योजना' के तहत राज्य के 77 हजार 592 ग्रामीणों एवं गौपालकों से 20 अक्टूबर से 5 नवम्बर के मध्य गौठानों में क्रय किए गए गोबर के एवज में 8 करोड़ 97 लाख रूपए का ऑनलाइन भुगतान किया। गोधन न्याय योजना के तहत अब तक गोबर विक्रेताओं को 47 करोड़ 38 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास से गौठान और गोधन न्याय योजना का राज्य में सफल क्रियान्वयन हो रहा है और इसका लाभ ग्रामीणों, किसानों, पशुपालकों सहित समाज के गरीब तबके के लोगों को मिलने लगा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन और विक्रय भी शुरू हो चुका है। इससे अब महिला समूहों को भी लाभ मिलने लगेगा। उन्होंने वर्मी कम्पोस्ट सहित अन्य सामग्रियों के निर्माण के लिए महिला समूहों को प्रशिक्षित किए जाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन एवं अप्रारंभ गौठानों को तेजी से पूरा कराने और इसे आजीविका केन्द्र के रूप में विकसित करने की बात कही। उन्होंने महिला समूहों द्वारा उत्पादित सब्जी एवं अन्य सामग्रियों की मार्केटिंग के लिए उन्हें शासकीय संस्थाओं विशेषकर स्कूलों में संचालित मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम तथा आश्रम-छात्रावास में आपूर्ति सुनिश्चित करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि महिला समूह मांग आधारित सामग्रियों का उत्पादन करें, ताकि उन्हें लाभ होता रहे। उन्होंने कहा कि सुराजी गांव योजना, गोधन न्याय योजना और राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चर्चा पूरे देश में है। उन्होंने राज्य में इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गोधन न्याय योजना के तहत प्रत्येक पखवाड़े में गोबर खरीदी की राशि का भुगतान कर अपने वादे को निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अब तक 47.38 करोड़ रूपए का भुगतान गोबर बेचने वाले ग्रामीणों एवं गौपालकों को किया जा चुका है। यह समाज के जरूरतमंद एवं गरीब लोगों को सीधा लाभ पहुंचाने वाली योजना है। उन्होंने कहा कि गौठानों में उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट की गुणवत्ता की जांच के लिए राज्य के प्रत्येक जिले में प्रयोगशाला की स्थापना की जा रही है। गौठानों के आजीविका मिशन से जोडऩे की कार्ययोजना है। उन्होंने गौठानों में आजीविका मूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिलों में स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र को 10-10 गौठानों से तथा एग्रीकल्चर, डेयरी एवं मत्स्य महाविद्यालयों को भी गौठानों से जोडऩे की बात कहीं।
कार्यक्रम के प्रारंभ में कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम.गीता ने बताया कि राज्य में 5454 गौठान निर्मित है, जिसमें से 3677 गौठानों में गोबर की खरीदी की जा रही है। अब तक 23 लाख 68 हजार 900 क्विंटल गोबर क्रय किया गया है। उन्होंने बताया कि गोबर विक्रेताओं में अन्य पिछड़ा वर्ग के 51.51 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति वर्ग के 37.24 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति वर्ग के 7.40 प्रतिशत हितग्राही शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वर्मी खाद के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गौठानों में वर्मी टांको का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। अब तक 44 हजार से अधिक टांके बनाए जा चुके है, जबकि 16 हजार टांके निर्माणाधीन है। गौठानों में 8 हजार से अधिक क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद का उत्पादन हुआ है। जिसमें से एक हजार क्विंटल खाद की बिक्री हो चुकी है। शेष खाद की मात्रा की पैकेजिंग एवं विक्रय प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि गोधन न्याय योजना शुरू होने से बीते 3 माह में सक्रिय गौठानों की संख्या में लगभग 1 हजार की बढ़ोत्तरी हुई है।
इस अवसर पर वन मंत्री मोहम्मद अकबर, संसदीय सचिव शिशुपाल शोरी, सचिव कृषि अमृत कुमार खलखो, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, संचालक उद्यानिकी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज शाम अपने निवास कार्यालय में भारत के शास्त्रीय नृत्य परंपरा के नैतिक मूल्यों पर आधारित ''नृत्य शास्त्र पौराणिक उत्पत्ति'' कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। यह कॉफी टेबल बुक संचालनालय संस्कृति एवं पुरातत्व रायपुर द्वारा प्रकाशित की गई है। कॉफी टेबल बुक की लेखिका अंतर्राष्ट्रीय नृत्यांगना पुर्णश्री राउत, सहायक संचालक संस्कृति एवं पुरातत्व रायपुर है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि शास्त्रीय नृत्य हमारी संस्कृति और गौरवशाली परंपरा के अंग रहे हैं। छठवीं-सातवीं शताब्दी में शिव तथा विष्णु मंदिरों में इन नृत्यों का प्रचलन था। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की प्राचीन वास्तुकला एवं समृद्ध संस्कृति तथा राज्य के प्राचीन मंदिरों की दीवारों पर नृत्य की प्रतिमाओं के पीछे दार्शनिक संकल्पना को संगीत एवं नृत्य प्रेमियों, पर्यटकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रकाशित इस कॉफी टेबल बुक को उपयोगी बताया और इसके लिए उन्होंने लेखिका पुर्णश्री राउत और संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग को बधाई और शुभकामनाएं दी।
लेखिका पुर्णश्री राउत ने कहा कि सभी शास्त्रीय नृत्यों की उत्पत्ति पौराणिक कथा से है। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिला स्थित भोरमदेव मंदिर और जांजगीर स्थित विष्णु मंदिर की दीवारों में उकेरी गई नृत्य प्रतिमाएं भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा की संवाहक है। भारतीय शास्त्रीय नृत्य को प्राचीन काल में देवदासी नृत्य के नाम से जाना जाता है, क्योंकि यह नृत्य मंदिरों के गर्भ गृह में किया जाता था। उन्होंने कहा कि नृत्य शास्त्र पौराणिक उत्पत्ति कॉफी टेबल बुक अंग्रेजी में प्रकाशित की गई है, ताकि भारत आने वाले विदेशी पर्यटक इस कॉफी टेबल बुक ने प्रकाशित सामग्री का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ के मंदिरों के अवलोकन भ्रमण के लिए आए, ताकि छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। इस कॉफी टेबल बुक में छत्तीसगढ़ के भोरमदेव मंदिर और विष्णु मंदिर की तस्वीरों को प्रमुखता से शामिल किया गया है।
कार्यक्रम में मौजूद कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, संसदीय सचिव शिशुपाल सौरी एवं चन्द्रदेव राय ने भी नृत्य शास्त्र का प्रकाशित कॉफी टेबल बुक की सराहना की और इसे संगीत एवं नृत्य शास्त्र के शोधार्थियों के लिए उपयोगी बताया। इस अवसर पर मुख्य सूचना आयुक्त एम. के. राउत, प्रमुख सचिव वन मनोज पिंगुआ, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के सचिव अन्बलगन पी., मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आयुक्त जनसम्पर्क तारन प्रकाश सिन्हा, संचालक संस्कृति एवं पुरातत्व अमृत विकास तोपनो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
