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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
‘बड़ी दीदी’ बुधरी ताटी, डॉ. रामचंद्र गोडबोले एवं सुनीता गोडबोले का पद्म श्री के लिए चयन छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के लिए यह अत्यंत गर्व और सम्मान का अवसर है कि बस्तर की समाजसेविका, स्नेह और ममता की प्रतिमूर्ति ‘बड़ी दीदी’ के नाम से विख्यात श्रीमती बुधरी ताटी, तथा जनजातीय अंचलों में निःस्वार्थ सेवा के जीवंत प्रतीक डॉ. रामचंद्र गोडबोले एवं सुनीता गोडबोले का पद्म श्री सम्मान के लिए चयन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देश का नाम रोशन करने वाली इन तीनों विभूतियों को हृदय से बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए उनके स्वस्थ जीवन की कामना की है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल इन तीनों विभूतियों की तपस्या और समर्पण का सम्मान है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए अपार गौरव का विषय भी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बस्तर और जनजातीय अंचलों में मानव सेवा, करुणा और समर्पण की जो मिसाल इन विभूतियों ने प्रस्तुत की है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन यह सिद्ध करता है कि सेवा भाव से किया गया कार्य सीमाओं को पार कर राष्ट्रीय पहचान बन जाता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन तीनों विभूतियों ने वर्षों तक मौन साधना की तरह समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों की सेवा की है और आज देश ने उस सेवा को सम्मान दिया है। यह छत्तीसगढ़ की मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक चेतना और जनजातीय संस्कृति की शक्ति का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है।
रायपुर / शौर्यपथ / जशपुर जिले को एक प्रमुख इको-पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में आयोजित कार्यक्रम में भारत के अग्रणी होमस्टे प्लेटफॉर्म होमस्टेज़ ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ शासन और जशपुर जिला प्रशासन के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। इसके अंतर्गत ग्राम केरे को एक मॉडल सामुदायिक पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ग्राम केरे में तैयार किए गए होमस्टे का शुभारंभ किया गया।
एमओयू के अंतर्गत जशपुर का पहला संगठित होमस्टे ग्राम बनाने की दिशा में कार्य होगा। एक सुव्यवस्थित एवं विस्तार योग्य होमस्टे-आधारित ग्रामीण पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र की स्थापना होगी। इस पहल के माध्यम से स्थानीय परिवारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, सतत आजीविका को सुदृढ़ किया जाएगा तथा क्षमता निर्माण और कौशल विकास के जरिए युवाओं एवं महिलाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस परियोजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, परंपराओं एवं प्राकृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन करना है, ताकि पर्यटन विकास समावेशी, समुदाय-स्वामित्व वाला और पर्यावरण की दृष्टि से सतत बना रहे तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रहे।
मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति में हुए इस समझौता का ज्ञापन पर कलेक्टर जशपुर श्री रोहित व्यास तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद वर्मा और होमस्टेज़ ऑफ इंडिया प्रा. लि. के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए। अधिकारियों ने बताया कि यह पहल राज्य सरकार की इको-पर्यटन, समावेशी विकास एवं समुदाय-नेतृत्व वाले आर्थिक विकास की परिकल्पना के अनुरूप है। स्थानीय संस्कृति और प्रकृति पर आधारित प्रामाणिक पर्यटन अनुभवों के माध्यम से यह परियोजना जशपुर की पहचान को सशक्त करेगी और उसे राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य पर्यटन मानचित्र में स्थापित करने में सहायक होगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष रेयर प्लेनेट संस्था से हुआ ऐतिहासिक एमओयू ,महिला स्वावलंबन को मिला नया बाजार
रायपुर / शौर्यपथ / वन विभाग की पहल पर जशपुर जिले में महिला सशक्तिकरण और वन आधारित आजीविका को नई दिशा देने वाला एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में विगत दिवस बगिया में रेयर प्लेनेट संस्था तथा जशपुर जिले की स्व-सहायता समूह—जागरण, स्माईल आरती, राखी एवं मुस्कान समूह—के मध्य जशक्राफ्ट ब्रांड के उत्पादों के विपणन हेतु अनुबंध समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।इस महत्वपूर्ण समझौते के अंतर्गत अब जशपुर की जनजातीय महिलाओं द्वारा बांस, छिंद, मिट्टी एवं लकड़ी से निर्मित हस्तशिल्प, आभूषण एवं सजावटी उत्पाद देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर संचालित रेयर प्लेनेट के बिक्री केंद्रों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय स्व-सहायता समूहों को स्थायी बाजार, उचित मूल्य तथा नियमित आय के अवसर प्राप्त होंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एमओयू को जशपुर की महिलाओं के लिए एक निर्णायक उपलब्धि बताते हुए कहा कि जशक्राफ्ट जैसे ब्रांड के माध्यम से हमारी आदिवासी बहनों की कला अब देशभर के लोगों तक पहुँचेगी। यह पहल केवल उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान, आर्थिक स्वतंत्रता और स्वावलंबन की मजबूत नींव रखती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का निरंतर प्रयास है कि वन एवं परंपरागत ज्ञान आधारित आजीविका को बाजार से जोड़ा जाए, ताकि महिलाएं अपने गांव में रहकर सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह एमओयू ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ की अवधारणा को साकार करता है तथा जशपुर की जनजातीय महिलाओं को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक ठोस और दूरगामी पहल है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार सहित स्व-सहायता समूह की महिलाएं एवं रेयर प्लेनेट संस्था के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
पुस्तक विमोचन और जशक्राफ्ट उत्पादों की सराहना
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा “जशक्राफ्ट” पर आधारित विशेष पुस्तक का विमोचन किया गया। उन्होंने जशक्राफ्ट के अंतर्गत तैयार किए गए आभूषणों एवं हस्तनिर्मित उत्पादों का अवलोकन करते हुए उनकी गुणवत्ता, कलात्मकता और नवाचार की सराहना की।
स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी एवं विधायक श्रीमती गोमती साय का जशक्राफ्ट ब्रांड के पारंपरिक आभूषण पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया, जो महिला सशक्तिकरण और स्थानीय संस्कृति के सम्मान का सशक्त प्रतीक बना।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री द्वारा जशक्राफ्ट ब्रांड के प्रचार-प्रसार हेतु तैयार वीडियो का भी विमोचन किया गया, जिससे जशक्राफ्ट को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।
जशक्राफ्ट: जशपुर की सांस्कृतिक विरासत से जन्मा सशक्त ब्रांड
उल्लेखनीय है कि जशक्राफ्ट जशपुर जिले की समृद्ध जनजातीय सांस्कृतिक विरासत की सजीव अभिव्यक्ति है। जिले की लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या जनजातीय समुदायों से आती है, जहाँ पीढ़ियों से बाँस, कांसा घास, छिंद पत्ते, लकड़ी एवं मिट्टी से हस्तनिर्मित कलाकृतियाँ तैयार की जाती रही हैं। पूर्व में संगठित व्यवस्था और बाजार की कमी के कारण कारीगरों की प्रतिभा सीमित रह जाती थी।
जिला प्रशासन की पहल से जशक्राफ्ट के रूप में ऐसा सशक्त मंच विकसित हुआ है, जो जशपुर जिले के आठों विकासखंडों के कारीगरों को एकजुट कर उनकी कला को पहचान, संरक्षण और बाजार उपलब्ध करा रहा है।
इस पहल के केंद्र में आदिवासी महिला कारीगर हैं, जिनके हाथों से बिना मशीनों के बने उत्पाद परंपरा, प्रकृति और आत्मनिर्भरता का संदेश देते हैं। जशक्राफ्ट आज स्वदेशी ज्ञान से आकार लेते हुए एक टिकाऊ और सम्मानजनक आजीविका मॉडल के रूप में उभर रहा है।
वन विभाग द्वारा संचालित यह पहल महिला स्वावलंबन, वन आधारित आजीविका और स्थानीय उत्पादों के राष्ट्रीय बाजारीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध हो रही है, जो आने वाले समय में जशपुर को हस्तशिल्प के राष्ट्रीय मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाएगी।
रायपुर साहित्य उत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए राज्यपाल
रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा है कि इंटरनेट से भरी इस दुनिया और न्यू जनरेशन वाले इस दौर में भी प्रिंट और साहित्य का महत्व हमेशा बना रहेगा। राज्यपाल श्री डेका ने आज नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन परिसर में तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव ‘आदि से अनादि‘ के समापन समारोह के अवसर पर उक्त विचार व्यक्त किए। राज्यपाल ने कहा कि साहित्य और कविता में हमेशा एक संदेश होना चाहिए। जिस तरह संगीत के सात स्वर हमें जोड़े रखते है उसी तरह साहित्य का आदान-प्रदान नई बातों का सीखने का अवसर प्रदान करता है।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि की आसंदी से राज्यपाल ने कहा कि पिछले तीन दिनों में इस मंच पर बहुत अच्छी और सार्थक चर्चाएं हुईं। विचारों का खुलकर आदान-प्रदान हुआ। सबने मिलकर साहित्य, समाज और जीवन से जुड़े कई विषयों पर बात की। यह उत्सव सभी साहित्य प्रेमियों के लिए एक यादगार और सीखने वाला अनुभव रहा है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन भी हुआ। देश भर से आए नामी प्रकाशकों ने यहां किताबों का बहुत सुंदर संग्रह प्रस्तुत किया। पाठकों को नई-नई किताबें देखने और पढ़ने का अच्छा मौका मिला। यह देखकर अच्छा लगता है कि आज भी लोगों में किताबों के प्रति गहरी रुचि है।
श्री डेका ने कहा साहित्य और संगीत का आदान प्रदान जरूरी है और ऐसे साहित्य का उत्सव हमेशा होना चाहिए। उन्होंने तीन दिवसीय सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन राज्य के अन्य शहरों एवं गांवांे के स्तर तक भी किया जाना चाहिए और यह आयोजन सरकारी न होकर समुदाय की भागीदारी वाले होने चाहिए।
श्री डेका ने कहा कि आज की पीढ़ी छत्तीसगढ़ के रामायण कालीन संस्कृति एवं साहित्य को भूल गयी है। हमारा राज्य बहुत सुंदर है और यहां की संस्कृति भी बहुत समृद्ध है। इसका प्रचार प्रसार होना चाहिए ताकि राज्य के बाहर के लोग यहां के बारे में जान सकें। श्री डेका ने कहा कि शब्दों में बहुत शक्ति होती है। शब्द का रूप ब्रह्म है। उन्हांेने बंकिमचंद्र चटर्जी के वंदे मातरम गीत का उल्लेख किया और कहा कि सारे देश को इन दो शब्दों ने जागृत कर दिया था। उन्होंने कहा कि साहित्य हमें जोड़ता है, हमें सोचने की नई दिशा देता है और हमें बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देता है। हम सभी साहित्य को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं, संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाएं और विचारों की यह रोशनी लगातार जलाए रखें। उन्होंने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य अवश्य करें, जो बिना किसी लेन-देन या व्यक्तिगत स्वार्थ के हो। ऐसे कार्य देश और समाज के समग्र विकास को मजबूती प्रदान करते हैं।
समापन समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में साहित्य की अविरल धारा बहती रही है। कालीदास, रविन्द्रनाथ टैगोर जैसे कवि एवं साहित्यकारों का इतिहास भी छत्तीसगढ़ से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी इस तरह के आयोजन अनवरत किए जाते रहेंगे।
समापन समारोह की अध्यक्षता प्रख्यात रंगकर्मी, नाट्य लेखक डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने की। इस अवसर पर फिल्म अभिनेता एवं निर्देशक डॉ. चंद्र प्रकाश द्विवेदी, फिल्म निर्माता-निर्देशक श्री अनुराग बसु विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर कृष्णा दास, मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा , राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्री भीष्म प्रसाद पाण्डेय, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
9 टीमों का गठन, उड़ीसा व पड़ोसी जिलों में सघन जांच जारी
जगदलपुर, शौर्यपथ। माँ दंतेश्वरी मंदिर जगदलपुर में दिनांक 23–24 जनवरी की दरमियानी रात को अज्ञात चोर द्वारा चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया। घटना की जानकारी मंदिर पुजारी द्वारा 24 जनवरी की सुबह पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया।
पुलिस अधीक्षक बस्तर शलभ सिन्हा के निर्देशन में जिला पुलिस एवं फॉरेंसिक टीम की संयुक्त टीम द्वारा तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुल 9 विशेष पुलिस टीमों का गठन कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान शहर के 100 से अधिक शासकीय एवं निजी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए, जिसके आधार पर चोर के चेहरे की पहचान कर ली गई है। आरोपी से संबंधित सटीक जानकारी देने वाले व्यक्ति को बस्तर पुलिस द्वारा ₹5000 नकद इनाम दिए जाने की घोषणा की गई है।
वहीं पुलिस की 4–5 टीमें उड़ीसा एवं आसपास के जिलों में भी सक्रिय रूप से जांच कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विवेचना लगातार जारी है और नई जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को आरोपी के संबंध में कोई भी जानकारी प्राप्त हो, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार किया जा सके।
कैबिनेट के फैसलों से छत्तीसगढ़ को मिला विकास का रोडमैप
शराब नीति से लेकर विश्वस्तरीय शिक्षा, स्टार्ट-अप और स्वास्थ्य सेवाओं तक बड़े निर्णय
रायपुर। शौर्यपथ विशेष
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास को गति देने वाले अनेक दूरगामी और नीतिगत निर्णय लिए गए। इन फैसलों से जहां राज्य की अर्थव्यवस्था, शिक्षा और तकनीकी नवाचार को मजबूती मिलेगी, वहीं आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का सीधा लाभ प्राप्त होगा।
आबकारी नीति 2026-27 को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की छत्तीसगढ़ आबकारी नीति के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करते हुए उससे संबंधित समस्त अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए विभाग को अधिकृत किया। यह निर्णय राज्य के राजस्व प्रबंधन को सुदृढ़ करने और नीति में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नवा रायपुर बनेगा शिक्षा का राष्ट्रीय केंद्र
कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर में राष्ट्रीय स्तर के उच्च कोटि के शैक्षणिक संस्थान की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। इसके तहत ख्यातिप्राप्त संस्था श्री विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को उनके नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान (NMIMS) की स्थापना हेतु सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ भूमि 90 वर्षों की लीज पर आवंटित करने की स्वीकृति दी गई।
वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत SVKM देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं में शामिल है, जिसके 30 से अधिक शैक्षणिक संस्थान संचालित हैं और एक लाख से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वर्ष 2025 की NIRF यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 52वां स्थान प्राप्त करने वाली इस संस्था की नवा रायपुर में स्थापना से छत्तीसगढ़ में आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और वैश्विक स्तर की शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी।
स्टार्ट-अप और आईटी सेक्टर को मिलेगा बड़ा बूस्ट
राज्य को तकनीकी नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में मंत्रिपरिषद ने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू कर नवा रायपुर में चार नवीन उद्यमिता केंद्रों की स्थापना का निर्णय लिया। इससे राज्य में आईटी/आईटीईएस उद्योग और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिलेगा।
इन केंद्रों के माध्यम से आगामी 3 से 5 वर्षों में 133 डोमेन-विशेष स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा दिया जाएगा। एआई, मेडटेक (हर्बल मेडिसिन एवं वन उत्पाद आधारित), स्मार्ट सिटी और स्मार्ट एग्री जैसे क्षेत्रों में युवाओं को अवसर मिलेंगे। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास (ESDD) केंद्र की स्थापना से हर वर्ष 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप और एमएसएमई को तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता सुधार पर विशेष जोर
मंत्रिपरिषद ने राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए बड़े निर्णय लिए। जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लैब सेवाओं को सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि निर्धारित मानकों के अनुसार जांचों की संख्या और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि हो।
सुशासन की दिशा में ठोस कदम
कैबिनेट के ये निर्णय स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार विकास, सुशासन, शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। नवा रायपुर को शिक्षा और स्टार्ट-अप का हब बनाने के साथ-साथ आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की यह पहल छत्तीसगढ़ के भविष्य को नई दिशा देने वाली साबित होगी।
जगदलपुर, शौर्यपथ। भारत निर्वाचन आयोग के बेहद महत्वपूर्ण कार्य विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में घोर लापरवाही बरतने के कारण जिला शिक्षा अधिकारी बस्तर बीआर बघेल ने सहायक शिक्षक विवेक राणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बकावंड विकासखंड के प्राथमिक शाला बड़ेपारा, छोटेदेवड़ा में पदस्थ सहायक शिक्षक श्री राणा को विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बकावंड द्वारा सहायक शिक्षक श्री राणा को मतदान केंद्र क्रमांक 198 के अंतर्गत नो-मैपिंग मतदाताओं को नोटिस तामील कराने का कार्य सौंपा गया था। किंतु नोटिस प्राप्त करने के बाद भी उन्होंने संबंधित मतदाताओं तक इसे नहीं पहुँचाया। इसे शासकीय कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और उदासीनता मानते हुए इस कृत्य को सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के उपनियमों का स्पष्ट उल्लंघन निरूपित कर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उन्हें प्रथम दृष्टया दोषी पाकर विवेक राणा का निलंबन आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी लोहण्डीगुड़ा निर्धारित किया गया है, निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने की पात्रता रहेगी।
दुर्ग। शौर्यपथ
छत्तीसगढ़ में सरकारी गोदामों से करोड़ों रुपये मूल्य के धान के कथित रूप से "मुसवा (चूहा)" द्वारा नष्ट किए जाने के भाजपा सरकार के दावे के खिलाफ दुर्ग में कांग्रेस ने ऐसा प्रतीकात्मक और राजनीतिक प्रतिकार किया, जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान खींच लिया। किसानों की मेहनत पर पर्दा डालने और धान घोटाले की जिम्मेदारी चूहों पर डालने के आरोपों के बीच जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के नेतृत्व में मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को एक अनोखा "मुसवा प्रदर्शन" आयोजित किया गया।
राजीव भवन से कलेक्टर कार्यालय तक ढोल-नगाड़ों, नारों और प्रतीकात्मक झांकियों के साथ निकली यह रैली पूरी तरह राजनीतिक संदेश से भरी रही। प्रदर्शन का केंद्र बनी "चूहा झांकी", जिसमें चूहे के वेश में सजे कार्यकर्ता नाचते-गाते आगे बढ़े और हाथों में धान लेकर यह जताते रहे कि भाजपा सरकार अपनी नाकामी और भ्रष्टाचार को "चूहा खा गया" कहकर छुपाने की कोशिश कर रही है।
इस प्रदर्शन में दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल की भूमिका सबसे प्रमुख रही। उन्होंने कहा कि धान किसानों की मेहनत का प्रतीक है और उसे चूहों के खाते में डालना सरकार की असफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। "यदि सरकार का दावा है कि धान चूहे खा गए, तो आज कांग्रेस वही चूहे सरकार को सौंप रही है। अब जवाब सरकार दे," उन्होंने तीखे शब्दों में कहा। धीरज बाकलीवाल ने इसे केवल आर्थिक घोटाला नहीं, बल्कि किसानों के आत्मसम्मान पर सीधा हमला बताया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने प्रतीकात्मक रूप से पिंजरे में बंद चूहे प्रशासन को सौंपे। इन चूहों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि असल जिम्मेदारी किसी जानवर की नहीं, बल्कि सत्ता में बैठे लोगों की है। कलेक्टर कार्यालय परिसर में भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जोश और किसान आक्रोश साफ दिखाई दिया।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के अध्यक्ष ने कहा कि सरकार धान खरीदी की समय-सीमा नहीं बढ़ा रही है और टोकन व्यवस्था को सीमित रखकर किसानों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है और बड़ी मात्रा में धान खरीदी से बाहर रह जाने का खतरा है।
प्रदर्शन के बाद दुर्ग कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें करोड़ों के धान घोटाले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच, दोषी अधिकारियों व मंत्रियों पर कड़ी कार्रवाई, किसानों का शत-प्रतिशत धान खरीदी सुनिश्चित करने, टोकन सीमा बढ़ाने और खरीदी की समय-सीमा में विस्तार की मांग प्रमुख रूप से रखी गई।
कांग्रेस ने साफ चेतावनी दी कि यदि भाजपा सरकार ने किसानों के हित में तुरंत निर्णय नहीं लिया, तो यह आंदोलन जिले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेशव्यापी और उग्र रूप लेगा। दुर्ग में निकली यह "मुसवा बारात" अब भाजपा सरकार की कथित विफलता, भ्रष्टाचार और किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ एक मजबूत राजनीतिक प्रतीक बनकर सामने आ गई है।
विधायक ललित चंद्राकर एवं महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
दुर्ग / शौर्यपथ / श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजनाÓ के तहत आज दुर्ग जिले से रामभक्तों का एक बड़ा जत्था स्पेशल ट्रेन से अयोध्या के लिए रवाना हुआ। जय श्री राम नारों से गूंजता दुर्ग रेलवे स्टेशन से 182 श्रद्धालुओं को ट्रेन के माध्यम से रवाना किया गया।
दुर्ग रेलवे स्टेशन से श्रद्धालुओं से भरी स्पेशल ट्रेन को छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व विधायक श्री ललित चंद्राकर, महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान स्टेशन परिसर में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। यात्रा से पहले सभी यात्रियों को भोजन, पेयजल, चिकित्सकीय सुविधा एवं आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गईं। प्रशासन द्वारा पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा और सुविधा की विशेष व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर गणमान्य नागरिक एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
चार फरार आरोपियों की पुलिस तलाश जारी
फर्जी वाहन, ओवरलोडिंग व रिसायक्लिंग के मामले में जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
मुंगेली / शौर्यपथ / मुंगेली जिले में धान खरीदी एवं परिवहन के मामले में गड़बड़ी के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। आईसीसीसी मार्कफेड रायपुर से प्राप्त अलर्ट के आधार पर की गई जांच में धान के अवैध ओवरलोडिंग, फर्जी वाहनों से परिवहन तथा रिसायक्लिंग के गंभीर मामले उजागर हुए हैं। जांच में यह सामने आया कि धान उठाव करने वाले वाहनों द्वारा वास्तविक क्षमता से 200 प्रतिशत से लेकर 1116 प्रतिशत तक अधिक ओवरलोडिंग कर अवैध परिवहन किया गया।
कलेक्टर श्री कुंदन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल के निर्देशानुसार खाद्य विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई विस्तृत जांच में राइस मिलरों, समिति प्रबंधकों एवं अन्य संलिप्त व्यक्तियों द्वारा संगठित रूप से फर्जीवाड़ा कर शासन को 8 करोड़ 14 लाख रुपए से अधिक की आर्थिक क्षति पहुंचाने का खुलासा हुआ है। इस गंभीर प्रकरण में विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज कर 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ आरोपी फरार हैं।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों द्वारा जानबूझकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए, पीडीएस चावल का वितरण नहीं किया गया, फर्जी वाहन नंबरों के माध्यम से धान का परिवहन दर्शाया गया तथा वास्तविक मात्रा से अधिक धान उठाव दिखाकर शासन को नुकसान पहुंचाया गया। प्रारंभिक जांच में लगभग 11 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीदी एवं परिवहन में अनियमितता के प्रमाण मिले हैं।
नवागांव घुठेरा समिति द्वारा उपलेटा राइस मिल से मिलीभगत कर 74 जीपीएस युक्त एवं 40 से अधिक बिना जीपीएस वाहनों के माध्यम से धान का अवैध परिवहन किया गया। इसी प्रकार, सिंघनुपरी उपार्जन केन्द्र द्वारा एसएस फूड के साथ मिलकर 4,542 क्विंटल धान का बिना जीपीएस वाहन से परिवहन, छटन उपार्जन केन्द्र द्वारा दीपक राइस मिल एवं नवकार मिल के साथ मिलकर 3,589 क्विंटल धान का अवैध परिवहन तथा झगरहट्टा उपार्जन केन्द्र द्वारा वर्धमान राइस मिलर्स के साथ अनियमितता किए जाने पर कार्रवाई की गई है।
इन मामलों में अब्दुल सत्तार पिता गुलाम कादर निवासी दाउपारा, विकास पाण्डेय पिता विनय पाण्डेय निवासी भटगांव-मुंगेली, महावीर जैन पिता ललित जैन, संतोष साहू पिता बलदाऊ, श्रीधर परिहार पिता हितकिशोर को गिरफ्तार किया गया है। वहीं अब्दुल समद, ललित जैन, नवेन्द मेनन एवं अनिल जांगड़े फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है।
अन्य थानों में भी दर्ज हुए प्रकरण
थाना फास्टरपुर में अपराध क्रमांक 12/2026 एवं थाना लालपुर में अपराध क्रमांक 09/2026 के तहत भी धान उपार्जन केन्द्रों में फर्जी परिवहन, धोखाधड़ी एवं अनियमितताओं के मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में भी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
जिला प्रशासन का कहना है कि धान खरीदी एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार अथवा फर्जीवाड़ा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी तथा फरार आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
'वीबीजीरामजीÓ के नाम पर रोजगार गारंटी खत्म करने का आरोप, दुर्ग में उबाल
दुर्ग / शौर्यपथ।
केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का स्वरूप बदलकर वीबीजीरामजी किए जाने के विरोध में कांग्रेस का आक्रोश तेज हो गया है। दुर्ग जिला युवा कांग्रेस (ग्रामीण) के अध्यक्ष जयंत देशमुख के नेतृत्व में युवा कांग्रेस ने दुर्ग सांसद विजय बघेल के निवास का घेराव करने की चेतावनी दी है। इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर 7 दिनों के भीतर ठोस निर्णय लेने की मांग की गई है। चेतावनी दी गई है कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो सांसद निवास का घेराव किया जाएगा।
कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे 'मनरेगा बचाओ संग्रामÓ अभियान के तहत युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मनरेगा में किए गए बदलावों से गरीब मजदूरों की रोजगार गारंटी को कमजोर किया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा बजट कैपिंग कर योजना की मांग-आधारित प्रकृति को समाप्त किया जा रहा है, वहीं फंडिंग का बोझ राज्यों पर डालकर केंद्र अपना दायित्व निभाने से पीछे हट रहा है।
दुर्ग ग्रामीण युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष जयंत देशमुख ने कहा कि मनरेगा देश के गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों की जीवनरेखा है, लेकिन केंद्र सरकार इसे योजनाबद्ध तरीके से कमजोर कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 100 दिनों की रोजगार गारंटी को 125 दिनों का भ्रम बताकर प्रचार किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में बजट कटौती, बढ़ता केंद्रीकरण और राज्यों पर दबाव डालकर मजदूरों के अधिकार छीने जा रहे हैं।
जयंत देशमुख ने दुर्ग सांसद विजय बघेल से स्पष्ट शब्दों में मांग की कि वे केंद्र सरकार पर दबाव बनाकर मनरेगा में किए गए बदलावों को वापस करवाएं, अन्यथा नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि यदि 7 दिनों के भीतर कोई ठोस पहल नहीं हुई, तो युवा कांग्रेस सांसद निवास का घेराव कर आंदोलन को और तेज करेगी।
इस विरोध प्रदर्शन में प्रभारी आस मोहम्मद खान, इंदु वर्मा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गुरदीप सिंह भाटिया, ब्लॉक अध्यक्ष गोपी वर्मा, यशवंत देशमुख, हेमंत साहू, पंकज सिंह, आशीष वर्मा, शशांक साहू, समीर साहू, नज़रुल इस्लाम, अहमद चौहान, दीपांकर साहू, सूरज, फिरोज खान, विकास साहू, आकाश सेन, राम वर्मा, कय्यूम खान, प्रवीण देवांगन, राकेश निषाद, प्रांजल कुर्रे, शुभम देशमुख, राहुल साहू सहित सैकड़ों युवा कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
युवा कांग्रेस ने दो टूक कहा कि गरीब मजदूरों के हक पर किसी भी तरह का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो यह आंदोलन सड़क से संसद तक ले जाया जाएगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
