January 08, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

  भिलाई / शौर्यपथ / हजरत दाता बाबा भोला शफी शाह रहमतुल्लाह अलैह की 26 वीं सालाना चादरपोशी पर अंचल के अकीदतमंदों की ओर से भेजी जाने वाली चादर शरीफ की जियारत नए साल पर गुरुवार को भिलाई खानकाह में कराई गई। इस दौरान बड़ी तादाद में अकीदतमंद जुटे और सभी ने मिलकर मुल्क में अमन व तरक्की की दुआएं मांगी।
नंदिनी एयरोड्रम के पास स्थित ग्राम बीरेभाठ की खानकाह में चादर शरीफ की जियारत के साथ शिजरा ख्वानी, फातिहा ख्वानी और सलात-व-सलाम का नजराना पेश किया गया। इसके बाद बाद आम लंगर बड़ी तादाद में लोग शामिल हुए। इनमें दुर्ग-भिलाई के अलावा ग्रामीण अंचल से भी लोगों ने भागीदारी दी।
हाजी एमएच सिद्दीकी ने बताया कि हजरत दाता बाबा भोला शफी शाह रहमतुल्लाह अलैह की 26 वीं सालाना चादरपोशी 8 जनवरी को मझौली शरीफ (उप्र) में होने जा रही है। यहां मुल्क की तमाम खानकाहो से चादर शरीफ़ भेजी जा रही है। इसी कड़ी मे भिलाई खानकाह से भी बाबा हुजूर व दादी अम्मा की चादर शरीफ़ लेकर जायरीनों का एक जत्था मझौली शरीफ़ जाएगा। अकीदतमंदों को इस चादर शरीफ़ की जियारत भिलाई ख़ानकाह में करवाई गई।

   भिलाई / शौर्यपथ / समकालीन हिंदी कविता के राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति लब्ध कवि नासिर अहमद सिकंदर के आकस्मिक निधन से हिंदी के रचनाकारों में गहरा शोक व्याप्त है। नासिर अहमद सिकंदर ने अपने प्रकाशित कविता संग्रहों -‘जो कुछ भी घट रहा है दुनिया में’, ‘इस वक्त मेरा कहा’, ‘भूलवश और जानबूझकर’ तथा ’अच्छा आदमी होता है अच्छा’ के माध्यम से पाठकों तथा आलोचकों को प्रभावित किया।
प्रसिद्ध कवियों, लेखकों व आलोचकों से लिए गए साक्षात्कार का एक संग्रह ’कुछ साक्षात्कार’, आलोचनात्मक संग्रहों में ‘बचपन का बाइस्कोप’ तथा ‘प्रगतिशीलता की पैरवी‘ प्रकाशित कर चर्चित रहे। नासिर अहमद सिकंदर को उनकी रचनात्मकता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम ‘केदारनाथ अग्रवाल सम्मान’ तथा ‘सूत्र सम्मान’ से सम्मानित किया गया। कवि नासिर अहमद सिकंदर के आकस्मिक निधन से स्तब्ध दुर्ग भिलाई की साहित्यिक बिरादरी एवं जन संस्कृति मंच, जनवादी लेखक संघ तथा प्रगतिशील लेखक संघ ने सम्मिलित रूप से शोक सभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कल्याण महाविद्यालय के हिंदी विभाग के सहयोग से आहुत इस आयोजन में दुर्ग भिलाई के रचनाकारों ने नासिर अहमद सिकंदर से जुड़े अपने संस्मरणों के माध्यम से उन्हें याद किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में दिवंगत कवि नासिर अहमद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। कवि शरद कोकस ने नासिर अहमद की रचना प्रक्रिया पर विस्तार से अपनी बात रखते हुए कहा कि नासिर सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही नहीं पूरे हिंदी साहित्य जगत में अपनी सरल सहज तथा रचनात्मक चेतना से युक्त कविता के लिए जाने जाते हैं।
कल्याण महाविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुधीर शर्मा ने उनकी कविता ‘सौंफ-लौंग-इलायची’ का जिक्र करते हुए कहा कि वे अपने आसपास बिखरे पड़े दृश्य को कविता का कथ्य बना लेते थे। ऋषि गजपाल ने निजी रिश्तों और मित्रों की पुरानी यादें साझा की। घनश्याम त्रिपाठी ने कहा कि नासिर, सहमति असहमति को निजी रिश्तों से दूर रखते थे। कवि परमेश्वर वैष्णव ने उनकी प्रारंभिक रचनात्मक सक्रियता को रेखांकित किया।
नासिर अहमद सिकंदर की लंबी बीमारी के दौरान सदैव उनके साथ रहे कमलेश्वर साहू ने कहा कि नासिर अहमद सिकंदर मित्रों पर परिवार के सदस्यों की तरह भरोसा करते थे। कैलाश बनवासी ने नासिर अहमद की उर्दू और हिंदी रचना शिल्प की समझ पर चर्चा की। सरिता सिंह ने नासिर अहमद सिकंदर के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे आत्मीय रिश्तों के निर्वहन में अव्वल थे।
बृजेंद्र तिवारी ने कहा कि नासिर देश दुनिया की मौजूदा हालात से दुखी थे। नासिर अहमद सिकंदर की बेटी शगुफ्ता ने शोक सभा में शामिल रचनाकारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मेरे पापा बहुत शांत स्वभाव के थे। वे आमजन की दुःख पीड़ा से आहत होते थे लेकिन अपनी तकलीफों को कभी प्रकट होने नहीं देते थे।
साहित्यिक पत्रिका सूत्र के संपादक विजय सिंह ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कवि नासिर अहमद सिकंदर ’सूत्र’ पत्रिका के संपादक मंडल के अहम सदस्य थे। वे पत्रिका के वैचारिक बुनियाद और मीनार थे। वरिष्ठ कवि रवि श्रीवास्तव ने नासिर अहमद सिकंदर की रचनात्मक सक्रियता के साथ रचनाकारों को संगठित रखने के संगठन कौशल तथा दिवंगत साहित्यकारों के प्रति सम्मान की तारीफ की।
वरिष्ठ अधिवक्ता एवं राजनीतिक चिंतक कनक तिवारी ने नासिर अहमद सिकंदर से अपने निजी रिश्तों के साथ उनकी काव्यात्मक समझ का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने समकालीन हिंदी कविता के शिल्प, बिम्ब की सूक्ष्मता को नासिर अहमद सिकंदर के माध्यम से जाना। वे समकालीन हिन्दी कविता के जागरूक आलोचक व गुणी शिक्षक थे।
आलोचक सियाराम शर्मा ने कहा कि मौजूदा हालात ने नासिर अहमद सिकंदर जैसे संवेदनशील कवि को भीतर से तोड़ दिया था। वे अपने चिंतन में थोड़ा-थोड़ा रोज मर रहे थे। उनका निधन, निधन न होकर मानव विरोधी विषम सामाजिक परिस्थितियों द्वारा की गई क्रमिक हत्या है। शोक सभा में नासिर अहमद सिकंदर के साथ-साथ रायपुर के महान शायर और ’श्लोक’ पत्रिका के संपादक रज़ा हैदरी साहब को भी भाव भीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। इस श्रद्धांजलि सभा में शायर मुमताज, कथाकार लोकबाबू, कवि विजय वर्तमान, शिवनाथ शुक्ला, यश ओबेरॉय और जयशंकर के साथ दुर्ग-भिलाई के रचनाकार बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन रजनीश उमरे ने किया।

सरगांव / शौर्यपथ /
मुंगेली जिला के प्राचीन धार्मिक धरती श्री हरिहर क्षेत्र केदार द्वीप, मदकू मं 26 दिसंबर 2025 ले शुरू भइय्या पारंपरिक छेरछेरा पुन्नी मेला इस बछर घलो श्रद्धा, विश्वास, आस्था अउ उल्लास के माहौल मं जमके परमानंद बटोरत हवय।
चार जनवरी 2026 के मातर पर्व के संग इही ऐतिहासिक मेला अपन परंपरागत गरिमा मं सम्पन्न होही। सदियों ले चलत आथे ये मेला, जेकर आगंतुक आज घलो छत्तीसगढ़ के धार्मिक, सांस्कृतिक अउ सामाजिक विरासत के जीवंत झलक देखथें।

शिव पुराण कथा ले गूंजत हवय भक्तिभाव के स्वर

मेले के प्रमुख आकर्षण मं हर बछर जइसे इस बछर घलो शिव पुराण कथा के आयोजन होवत हवय। कथा व्यास पंडित रवि शर्मा भकतन मन ला भगवान शिव के महिमा, लीला अउ उपासना के रस-भरी कथा सुनावत हें।

शिवनाथ नदी के पवन संग घुलत—
“हर-हर महादेव” “बोल बम” के जयघोष पूरा मदकू द्वीप ला पावन, भव्य अउ आध्यात्मिक माहौल ले भर देथे। तीन धाराओं से घिरे मदकू द्वीप मं संस्कृति, अध्यात्म अउ प्रकृति के अद्भुत संगम ,शिवनाथ नदी के तीन धाराओं के बीच बसे मदकू द्वीप मं पुरातात्विक विरासत, प्राकृतिक हरियाली, जैव विविधता अउ शांति के अनूठा संगम दिखथे।
हजारों बरस के प्राचीन मंदिर अवशेष, शिवलिंग, पत्थर कला के चिह्न अउ शांत वातावरण इहाँ आए हर आगंतुक के मन ला छू लेथे।
दूर-दराज ले आइन भकतन मन दर्शन, पूजन, नदी स्नान अउ ध्यान-धारणा कर आत्मिक शांति के अनुभूति ले भरपूर लाभ लेत हें।
मेला मं परंपरा संग मनोरंजन के बहार
मेले के मैदान मं परंपरागत दुकानदार मन अपन-अपन दुकान सजाय हें—
खान-पान के स्टॉल
चूड़ी, आभूषण, खिलौना
घरेलू उपयोग के सामग्री
झूला, मनोरंजन के साधन
परिवार, महिलायें, बच्चे औ बुजुर्ग—सबो मन भरपूर आनंद लेत हें। ये मेला सिर्फ धार्मिक आयोजन नइ, बल्की ग्रामीण जनजीवन मं अपनापा, मेल-मिलाप, समरसता अउ स्थानीय व्यापार ला बढ़ावा देये वाला एक बड़ा अवसर बन गे हवय।

पिछला बछर के घटना ले सबक: इस बछर सुरक्षा पुख्ता

पिछला बछर मेले के दौरान हुइय्या चाकूबाजी घटना मं एक युवक के मृत्यु ले पूरे क्षेत्र मं चिंता के माहौल बन गे रहिस।ये घटना ले सबक लइत इस बछर पुलिस प्रशासन अउ स्थानीय प्रशासन सुरक्षा मं कोनो कसर नइ छोड़त हें।

पर्याप्त पुलिस बल
लगातार गश्त ,सीसीटीवी निगरानी ,संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर ,असामाजिक तत्वों पर सख्ती ,श्रद्धालु मन ला शांतिपूर्ण, सुरक्षित अउ निश्चिंत वातावरण मिले, येही प्रशासन के मुख्य उद्देश्य आय।

समग्र रूप मं – परंपरा, संस्कृति अउ आस्था के अनमोल उत्सव

छत्तीसगढ़ी संस्कृति के जीवंत पहचान छेरछेरा पुन्नी मेला इस बछर घलो केदार द्वीप मदकू मं आस्था के उजास, परंपरा के गमक अउ लोक जीवन के उल्लास ले गोहरावत हवय।ये मेला ना केवल धार्मिक आस्था के पर्व आय, बल्कि छत्तीसगढ़ी जनजीवन मं सामाजिक एकता, सांस्कृतिक समृद्धि अउ ग्रामीण अर्थव्यवस्था के जरूरी कड़ी बनके उभरत हवय।

कैफे में मरीजों और परिजनों को मिलेगा पौष्टिक मिलेट आहार
कलेक्टर ने समूह की महिलाओं को दी बधाई एवं शुभकामनाएं

बालोद / शौर्यपथ /
जिला अस्पताल परिसर बालोद में आज कैफे मिलेटेरिया शुभारंभ हुआ। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने फीता काटकर इस कैफे का उद्घाटन किया और संचालन करने वाली महिलाओं को कैफे का बेहतर संचालन हेतु शुभकामनाएं दीं। इस मिलेट कैफे की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सुलभता और किफायती दर है। यहाँ आने वाले मरीजों के परिजनों और आम नागरिकों को मात्र 50 रुपये में मिलेट आधारित भोजन की थाली उपलब्ध होगी। इसके अलावा अन्य स्वास्थ्यवर्धक मिलेट व्यंजन भी मेन्यू में शामिल रहेंगे। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत पंजीकृत ’’शांति स्व-सहायता समूह’’ की महिलाओं को इस कैफे के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की साथी परियोजना और नगर पालिका परिषद बालोद के सहयोग से स्थापित यह कैफे महिलाओं को स्थायी रोजगार और नियमित आय प्रदान करेगा। जिला अस्पताल प्रबंधन ने इस पुनीत कार्य के लिए परिसर में निःशुल्क स्थान उपलब्ध कराया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कोदो-कुटकी और रागी जैसे मिलेट आधारित आहार, मधुमेह और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक हैं। शुभारंभ के अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कैफे के माध्यम से आमजन को स्वास्थ्यवर्धक भोजन मिलेगा और शांति स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्राप्त होगा। यह पहल पोषण और महिला सशक्तिकरण दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण सेतु साबित होगी। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री लकड़ा, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम श्री नूतन कंवर, तहसीलदार सुश्री संध्या नामदेव, सीएमएचओ श्री जे.एल. उईके, सिविल सर्जन डॉ. श्रीमाली, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री मोबिन अली सहित नगर पालिका और अस्पताल प्रबंधन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

जागरूकता रथ को हरी झंडी, दोपहिया रैली और जनसंदेशों के साथ न्यू ईयर पर लिया ‘सुरक्षित सड़क’ का संकल्प

बालोद / शौर्यपथ /
जिले में सुरक्षित यातायात को जनआंदोलन बनाने और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को प्रभावी रूप से लागू करने के उद्देश्य से आज बालोद जिले में राज्यव्यापी राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी एवं पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
शुभारंभ अवसर पर अतिथियों ने हेलमेट पहनकर दोपहिया वाहन से जागरूकता रैली निकालते हुए नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन का संदेश दिया। कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस जवानों, महिला कमांडो तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
अतिथियों ने सामूहिक रूप से सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर जनजागरूकता अभियान की औपचारिक शुरुआत की।

कलेक्टर का संदेश: “नए वर्ष की शुरुआत अच्छे संकल्पों के साथ करें”

कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिलेवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नया साल सुरक्षित यात्रा, हेलमेट उपयोग, नशे से दूरी और नियमों का पालन जैसे अच्छे संकल्पों के साथ शुरू किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन का नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि स्कूल, कॉलेज और प्रमुख चौराहों पर लगातार जागरूकता गतिविधियाँ चलाई जाएं।

एसपी पटेल का संदेश: “सुरक्षित ड्राइविंग ही जीवन रक्षा”

पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने सड़क सुरक्षा माह के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हेलमेट, सीट बेल्ट और नियमों का पालन जीवन रक्षा की बुनियादी शर्तें हैं। उन्होंने जिले में लागू किए गए ‘बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं’ व्यवस्था की सराहना की और जनता से इसे सहयोग करने की अपील की।
उन्होंने ‘गुड समैरिटन’ नीति के तहत दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वालों के लिए शासन द्वारा दिए जाने वाले प्रोत्साहन की जानकारी भी दी।

नगर पालिका अध्यक्ष की अपील: “सड़क सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी”

नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी ने सड़क सुरक्षा माह को आज के समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाना सड़क हादसों के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने सभी वर्गों से इस अभियान में सहभागी बनने की अपील की।

पद्मश्री शमशाद बेगम का प्रेरक संदेश

पद्मश्री सम्मानित श्रीमती शमशाद बेगम ने जीवन को अनमोल बताते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को वाहन चलाते समय सावधानी बरतना आवश्यक है। उन्होंने नशापान को दुर्घटनाओं की जड़ बताते हुए पूरी तरह त्यागने की अपील की। उन्होंने सड़क सुरक्षा और गौ-सुरक्षा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने की पहल की सराहना की।

विशेष आकर्षण: सेल्फी पॉइंट बना जागरूकता का केंद्र

कार्यक्रम स्थल में बनाए गए सड़क सुरक्षा सेल्फी पॉइंट में कलेक्टर, एसपी, नगरपालिका अध्यक्ष एवं अन्य अधिकारियों ने सेल्फी लेकर सुरक्षित यातायात का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।

  राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के संबंध में अधिकारियों-कर्मचारियों की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि अधीनस्थ कार्यालयों में ई ऑफिस में ऑनबोर्डिंग हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। अधीनस्थ कार्यालयों में आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली आज से लागू हो रही है। इसके लिए ई-ऑफिस के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी ही आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के नोडल अधिकारी होंगे। इसके लिए सभी अधिकारी निरंतर अभ्यास जारी रखें। यह अभ्यास लोकेशन की प्रामाणिकता, ऐप इंस्टॉलेशन, प्रतिदिन उपस्थिति के तकनीकी पहलुओं, कार्य सत्यापन के साथ ही इसे सीखकर आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में अपनी उपस्थिति देंगे। जिससे कार्य के प्रति विश्वनीयता और अनुशासन रहेगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को इसके संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टोरेट में पदस्थ सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में समय पर उपस्थिति देने के निर्देश दिए। इस दौरान सभी को प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीएल मार्कण्डेय, अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

  राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य के किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से पंजीयन एवं सत्यापन की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। किसानों द्वारा एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन से संबंधित संशोधन एवं आवेदन किए गए हैं। किसानों को समयबद्ध लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। राज्य शासन द्वारा प्राप्त आवेदनों के परीक्षण के उपरांत 7 जनवरी 2026 तक संबंधित राजस्व विभाग एवं अन्य अधिकृत विभागों के अधिकारियों एवं पटवारियों को भौतिक सत्यापन का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए है। जिससे पात्र किसानों को योजना का लाभ बिना विलंब के प्रदान किया जा सकेगा। जिले के समस्त एसडीएम एवं तहसीलदारों को व्हीसी के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान कर आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा गया है। साथ ही किसानों से सत्यापन प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान करने की अपील की गई है। जिला प्रशासन द्वारा किसानों के हित में पारदर्शी, तकनीक आधारित और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही है।

कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने आंगनबाड़ी केंद्रों का शुभारंभ कर बच्चों से किया आत्मीय संवाद
मोहला / शौर्यपथ / जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत बच्चों एवं महिलाओं के सर्वांगीण विकास को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कुल 24 नवीन आंगनबाड़ी केंद्रों का शुभारंभ किया गया। इनमें मोहला परियोजना अंतर्गत 15 तथा मानपुर परियोजना अंतर्गत 9 आंगनबाड़ी केंद्र शामिल हैं।
शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान जिले के 3 आंगनबाड़ी केंद्रों का विधिवत उद्घाटन कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया, जबकि शेष 21 आंगनबाड़ी केंद्रों का शुभारंभ स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने आंगनबाड़ी केंद्रों में उपस्थित बच्चों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, खेलकूद एवं पोषण से संबंधित जानकारी ली और उनका उत्साहवर्धन किया। साथ ही कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के कार्यों की सराहना करते हुए उनके योगदान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया तथा निरंतर समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास की आधारशिला हैं। इन केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को पोषण आहार, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा एवं परामर्श जैसी आवश्यक सेवाएं प्रदान की जाती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी सेवाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण रूप से सुनिश्चित किया जाए। नवीन आंगनबाड़ी केंद्रों के शुभारंभ से मोहला एवं मानपुर परियोजना क्षेत्रों के ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में निवासरत बच्चों एवं महिलाओं को अपने ही ग्राम में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे कुपोषण की रोकथाम, मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार एवं प्रारंभिक शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के सामाजिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष भोजेश शाह मांडवी, जनपद सदस्य मानपुर श्रीमती पुष्पा बाई, जनपद सदस्य मानपुर रेणु टांडिया, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर जीआर मरकाम, डिप्टी कलेक्टर डीआर ध्रुव, जनपद पंचायत सीईओ, जनप्रतिनिधि श्रीमति कंचन माला भूआर्य, हरी राम, जटा शंकर मिश्रा, मानू राम, संतोष कोटपारिया, नैयन सिंग सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं, पंचायत प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

नववर्ष पर जिले में प्रशासनिक सुदृढ़ता की दिशा में बड़ी पहल, आमजन को मिलेगी राहत

   मोहला / शौर्यपथ / जिले में नववर्ष के अवसर पर मानपुर विकासखंड अंतर्गत खड़गाँव एवं सुदूर वनांचल क्षेत्र औंधी में नवनिर्मित तहसील कार्यालय भवनों का विधिवत शुभारंभ किया गया। इन नवीन तहसील कार्यालयों के प्रारंभ होने से न केवल आमजन को राजस्व संबंधी कार्यों में सुविधा मिलेगी, बल्कि जिले की प्रशासनिक व्यवस्था भी और अधिक सुदृढ़ होगी।
विशेष रूप से जिला मुख्यालय से दूर स्थित सुदूर वनांचल क्षेत्र औंधी के निवासियों के लिए तहसील कार्यालय का शुभारंभ एक बड़ी उपलब्धि है, जिससे क्षेत्रवासियों को सीधा लाभ मिलेगा।
नवीन तहसील कार्यालय खड़गाँव का उद्घाटन स्कूली छात्रा कुमारी नेहा द्वारा रिबन काटकर किया गया। इस अवसर पर खड़गाँव तहसील में 6 विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र संबंधी प्रकरणों का निराकरण करते हुए नवीन भवन से शासकीय कार्यों की औपचारिक शुरुआत की गई।
वहीं सुदूर वनांचल क्षेत्र औंधी में नवनिर्मित तहसील कार्यालय का शुभारंभ जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भोजेश शाह मांडवी एवं जनप्रतिनिधि श्री दिलीप वर्मा द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना एवं रिबन काटकर किया गया। शुभारंभ के अवसर पर औंधी तहसील कार्यालय में 7 विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र, 2 किसानों की ऋण पुस्तिका, 2 किसानों के फौत नामांतरण तथा धारा 115 के अंतर्गत लघु सुधार से संबंधित प्रकरणों का निराकरण किया गया। पहले ही दिन आमजन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों के समाधान से नवीन तहसील कार्यालयों की उपयोगिता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई। नववर्ष के अवसर पर खड़गाँव एवं औंधी तहसील कार्यालय भवनों का शुभारंभ जिले में प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण एवं जनसेवाओं के विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं सराहनीय कदम माना जा रहा है।
इस अवसर पर नवनिर्मित तहसील कार्यालय भवन औंधी परिसर में कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, एसपी यशपाल सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर सहित विभागीय अधिकारियों ने पौध रोपण किया गया। कार्यक्रम में जनपद सदस्य मानपुर श्रीमती पुष्पा बाई, जनपद सदस्य मानपुर श्रीमती रेणु टांडिया, अपर कलेक्टर जी.आर. मरकाम, डिप्टी कलेक्टर डी.आर. ध्रुव, जनप्रतिनिधि श्रीमति कंचन माला भूआर्य, हरी राम, जटा शंकर मिश्रा, मानू राम, संतोष कोटपारिया, नैयन सिंग, संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में जनसामान्य उपस्थित रहे।

नवीन तहसील खड़गाँव एवं औंधी का राजस्व एवं प्रशासनिक विवरण

नवीन तहसील कार्यालय अंतर्गत तहसील खड़गाँव एवं औंधी से संबंधित प्रशासनिक एवं राजस्व विवरण इस प्रकार है। जिसमें तहसील खड़गाँव में 1 राजस्व निरीक्षक मंडल के अंतर्गत 7 पटवारी हल्के शामिल हैं। तहसील क्षेत्र में कुल 35 ग्राम एवं 15 ग्राम पंचायतें स्थित हैं। तहसील की कुल जनसंख्या 19,807 है तथा कुल रकबा 16,571.108 हेक्टेयर दर्ज किया गया है। तहसील क्षेत्र में कोई भी विरान अथवा डुबान ग्राम नहीं है। यहाँ 10 कोटवार, 21 पटेल एवं कुल 5,545 कृषक पंजीकृत हैं। इसी प्रकार तहसील औंधी में 1 राजस्व निरीक्षक मंडल के अंतर्गत 6 पटवारी हल्के शामिल हैं। तहसील क्षेत्र में कुल 50 ग्राम एवं 13 ग्राम पंचायतें आती हैं। तहसील की कुल जनसंख्या 21,349 है तथा कुल रकबा 20,802.669 हेक्टेयर है। तहसील क्षेत्र में 2 विरान ग्राम हैं, जबकि डुबान ग्राम की संख्या शून्य है। यहाँ 10 कोटवार, 22 पटेल एवं कुल 3,750 कृषक दर्ज हैं।

छत्तीसगढ़ में भिलाई इस्पात संयंत्र आधुनिकीकरण और लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मिली नई गति : प्रगति प्लेटफार्म बना गेमचेंजर

दशकों से लंबित परियोजनाएँ अब समयबद्ध रूप से हो रही पूरी : प्रगति प्लेटफ़ॉर्म प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की निर्णायक कार्यशैली का सशक्त प्रमाण - मुख्यमंत्री श्री साय

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की गति नई ऊँचाइयों पर पहुँची है। दशकों से लंबित महत्वपूर्ण अधोसंरचना एवं ऊर्जा परियोजनाएँ अब “प्रगति” प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से समयबद्ध ढंग से पूरी हो रही हैं। यह केंद्र सरकार की परिणामोन्मुख, जवाबदेह तथा निर्णायक कार्यशैली का सशक्त प्रमाण है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में “प्रगति” प्लेटफ़ॉर्म का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण से न केवल देश में रेल उत्पादन को नई गति मिली है, बल्कि इससे हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं। इससे आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती मिली है और औद्योगिक विकास को नई दिशा प्राप्त हुई है।
इसी प्रकार एनटीपीसी की लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना (1600 मेगावाट) से छत्तीसगढ़ सहित छह राज्यों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है तथा औद्योगिक और कृषि गतिविधियों को नई ऊर्जा प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “प्रगति” प्लेटफ़ॉर्म ने परियोजनाओं की निगरानी, निरंतर समीक्षा और बाधाओं के त्वरित समाधान की एक सशक्त प्रणाली विकसित की है। स्पष्ट लक्ष्य, तेज़ क्रियान्वयन और ठोस परिणाम—यही नए भारत की कार्यसंस्कृति है और यही “विकसित भारत @ 2047” के लक्ष्य को साकार करने का मार्ग है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित प्रगति (PRAGATI) की 50वीं बैठक ने न केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को भी नई गति प्रदान की है। प्रगति सक्रिय शासन और समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए विकसित एक आईसीटी आधारित प्लेटफॉर्म है, जिसने परियोजनाओं की निगरानी और समाधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया है। पिछले दशक में प्रगति प्लेटफॉर्म के माध्यम से 85 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की परियोजनाओं की रफ्तार तेज हुई है। इससे देशभर में अवसंरचना, ऊर्जा, रेल, सड़क, कोयला और अन्य क्षेत्रों से जुड़े अनेक कार्यों को समयबद्ध प्रगति मिली है। इन परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ से संबंधित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएँ भी शामिल हैं।
बैठक में भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण और विस्तार कार्य का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। इस परियोजना को वर्ष 2007 में स्वीकृति मिली थी। प्रगति बैठकों में नियमित समीक्षा और अंतर-एजेंसी समन्वय के कारण इस परियोजना को नई गति मिली, जिसके परिणामस्वरूप इसका कार्य तेज़ी से आगे बढ़ा और लक्षित प्रगति सुनिश्चित हुई।
भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण से उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, सहायक उद्योगों के विस्तार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्राप्त हुई है। इससे राज्य को देश के प्रमुख इस्पात उत्पादन केंद्र के रूप में और अधिक मजबूती मिली है।
इसी प्रकार रायगढ़ में वर्ष 2009 में स्वीकृत लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना की प्रगति प्लेटफॉर्म के अंतर्गत उच्च स्तरीय समीक्षाओं, समय-समय पर दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देशों और निरंतर मॉनिटरिंग से तेज गति मिली और इसके क्रियान्वयन में ठोस प्रगति दर्ज की गई।
आज लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने वाली प्रमुख परियोजनाओं में से एक बन चुकी है। इस परियोजना ने न केवल बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाई है, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान को “पावर हब ऑफ इंडिया” के रूप में और अधिक मजबूत किया है। इससे राज्य और देश दोनों के ऊर्जा तंत्र को नई स्थिरता प्राप्त हुई है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह रेखांकित किया कि प्रगति प्लेटफॉर्म ने सहयोगी संघवाद को नई शक्ति दी है और केंद्र तथा राज्यों के संयुक्त प्रयासों से विकास कार्यों में गति और विश्वास दोनों बढ़ा है।

प्रगति से तेज़ होती छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा - मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रगति की 50वीं बैठक को देश और छत्तीसगढ़ के लिए दूरगामी महत्व का बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने की जो व्यवस्था स्थापित की गई है, उसका सीधा लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिला है। उन्होंने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण तथा लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना जैसी बड़ी परियोजनाओं को नई गति मिलना इस बात का प्रमाण है कि प्रगति प्लेटफॉर्म ने वास्तविक अर्थों में समाधान-उन्मुख शासन का मॉडल प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से प्रदेश के औद्योगिक विकास, ऊर्जा क्षमता, निवेश, रोज़गार और सहायक अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रगति के माध्यम से परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही सुनिश्चित होने से छत्तीसगढ़ विकसित भारत @ 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य में अपनी निर्णायक भूमिका और मजबूती के साथ निभाता रहेगा।

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