January 09, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    दुर्ग / शौर्यपथ / राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में सुव्यवस्थित धान खरीदी की नीति से किसानों के जीवन में खुशहाली आयी है। समर्थन मूल्य पर धान की बिक्री और समय पर राशि भुगतान होने पर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। बैंक के पुराने ऋण चुकता करने के बाद बची राशि परिवार की मॉली हालत सुधारने में सहायक रही है। इन्हीं में से ग्राम कातरों के उन्नत लघु कृषक श्री सदाराम भी है, जिन्होंने अपने 4.28 एकड़ की कृषि भूमि पर धान की खेती कर अपने उपज को आसानी से समर्थन मूल्य में बेचने में कामयाबी हासिल की है। सदाराम ने बताया कि सरकार द्वारा इस वर्ष धान खरीदी के लिए तुंहर टोकन एप से उन्हें टोकन प्राप्ति में कोई परेशानी नहीं हुई। पहली बार उन्होंने उपार्जन केन्द्र में 167 कट्टा धान की बिक्री और दूसरी बार 67 कट्टा धान की बिक्री की। अब वह अपने द्वारा उपार्जित धान बेच चुके हैं। धान बिक्री के पश्चात् भुगतान भी उन्हें एक सप्ताह के भीतर प्राप्त हो चुका हैं। प्राप्त राशि से उन्होंने 70 हजार रूपए की बैंक ऋण चुकता किया है, शेष राशि का उपयोग वह रबी फसल की तैयारी और पारिवारिक खर्च में व्यय करने की बातें कहीं। वे कहते हैं कि धान खरीदी की व्यवस्था पहले से कही बेहतर है ऑनलाईन टोकन की व्यवस्था से किसानों को बहुत सुविधा दी गई है। घर बैठे टोकन मिलने से समिति में टोकन के लिए लाइन लगाने की नौबत नहीं है, साथ ही समय की बचत भी हुई है।
श्री सदाराम का कहना है कि 3100 रूपए प्रति क्विंटल दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने की व्यवस्था किसानों की आर्थिक स्तर को मजबूती प्रदान की है। सरकार की इस पहल के लिए सदाराम मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को दिल से धन्यवाद ज्ञापित किया है। सदाराम जैसे अनेकों कृषक है जिन्‍होंने तुंहर टोकन एप के माध्यम से सुगमतापूर्वक उपार्जन केन्द्रों में अपना उपज को बेचने सफल हुए हैं।

 भिलाई / शौर्यपथ /
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई इस्पात संयंत्र ने उत्पादन उत्कृष्टता की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस–8 (महामाया) ने एक ही दिन में 10,025 टन हॉट मेटल उत्पादन कर अब तक का सर्वाधिक एक-दिवसीय उत्पादन दर्ज करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस उल्लेखनीय प्रदर्शन के साथ फर्नेस ने अपने ही पूर्व सर्वश्रेष्ठ एक-दिवसीय उत्पादन रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।
इस अभूतपूर्व उपलब्धि के उपलक्ष्य में ब्लास्ट फर्नेस–8 के केंद्रीय नियंत्रण कक्ष (सेंट्रल कंट्रोल रूम) में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कार्यकारी कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री तापस दासगुप्ता रहे। अपने संबोधन में उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को विभिन्न विभागों एवं अनुभागों के सामूहिक, समन्वित और सतत प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि कोक ओवन, सिंटर प्लांट, ओर हैंडलिंग प्लांट, रॉ मटेरियल डिपार्टमेंट, ऑक्सीजन प्लांट, इंस्ट्रूमेंटेशन, पावर ब्लोइंग स्टेशन, रेल एवं कोल लॉजिस्टिक्स, स्टील मेल्टिंग शॉप, ट्रांसपोर्टेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन, रॉ एनर्जी डिपार्टमेंट सहित सभी सहयोगी विभागों की भूमिका सराहनीय रही है। श्री दासगुप्ता ने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए प्रतिदिन 10,000 टन प्रति दिवस हॉट मेटल उत्पादन को निरंतर बनाए रखने तथा इस उत्कृष्ट प्रदर्शन को दोहराने पर बल दिया।
इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (ब्लास्ट फर्नेस) मनोज कुमार ने भी ब्लास्ट फर्नेस–8 की टीम को बधाई देते हुए उत्पादन में आई इस सकारात्मक गति को आगे भी बनाए रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सेवाएं) तुषार कान्त, मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (मैटेरियल्स एंड यूटिलिटीज) बिजय कुमार बेहेरा, मुख्य महाप्रबंधक (कोक ओवन) तुलाराम बेहेरा, मुख्य महाप्रबंधक (मैकेनिकल) प्रमोद कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (रॉ एनर्जी डिपार्टमेंट) प्रोसेनजीत दास, मुख्य महाप्रबंधक (प्रोडक्शन प्लानिंग एंड कंट्रोल) प्रवीण राय भल्ला, मुख्य महाप्रबंधक (स्टील मेल्टिंग शॉप–3) त्रिभुवन बैठा, मुख्य महाप्रबंधक (रेल एवं कोल लॉजिस्टिक्स) राहुल श्रीवास्तव, महाप्रबंधक प्रभारी (ट्रांसपोर्टेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन) गोपीनाथ मल्लिक, महाप्रबंधक प्रभारी (पावर ब्लोइंग स्टेशन) जाकिर शैख़, महाप्रबंधक प्रभारी (सिंटर प्लांट–2) जगेन्द्र कुमार सहित ब्लास्ट फर्नेस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं ब्लास्ट फर्नेस–8 की समर्पित टीम के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह उपलब्धि सेल–भिलाई इस्पात संयंत्र की तकनीकी दक्षता, परिचालन अनुशासन और टीम भावना को रेखांकित करते हुए राष्ट्रीय इस्पात उत्पादन में इसके महत्वपूर्ण योगदान को और सुदृढ़ करती है।

  दुर्ग / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत आज चार हितग्राहियों को निःशुल्क एलपीजी गैस सिलेंडर वितरित किए गए। जैसे ही महिलाओं को सिलेंडर मिला, उनके चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। यह खुशी सिर्फ सुविधा मिलने की नहीं थी, बल्कि वर्षों से चली आ रही परेशानियों से राहत पाने की थी। छोटे से कच्चे मकान में जीवन गुजार रहीं राजेश्वरी साहू, मीना यादव, परमेश्वरी वर्मा और पावर्ती के लिए यह दिन किसी सपने के पूरे होने जैसा था। चूल्हे पर खाना बनाते समय धुएं, आंखों में जलन और सांस की तकलीफ से जूझना उनकी रोजमर्रा की मजबूरी थी। उज्ज्वला योजना के तहत स्वच्छ रसोई ईंधन उपलब्ध होने से अब उनके घरों में धुएं से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों में कमी आई है।
मेड़ेसरा निवासी श्रीमती राजेश्वरी साहू ने बताया कि निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन स्वीकृत होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को सुरक्षित, स्वच्छ और किफायती खाना पकाने का ईंधन मिला है, जिससे उन्हें काफी सुविधा हो रही है। आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए पासपोर्ट आकार का फोटो, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड एवं बैंक खाते का विवरण जमा किया गया। गरीब परिवारों की महिलाओं को बिना किसी जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है, जिससे उन पर किसी तरह का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा। कनेक्शन मिलने से न केवल घरों में धुएं से होने वाला प्रदूषण कम हुआ है, बल्कि घरेलू श्रम और समय की भी बचत हो रही है।
रवेली निवासी परमेश्वरी वर्मा ने बताया कि पहले चूल्हे के धुएं से घर के छोटे-छोटे बच्चों को भी परेशानी होती थी। अब गैस सिलेंडर मिलने से बच्चों को धुएं से राहत मिलेगी और खाना बनाने में समय भी बचेगा। छोटा-मोटा काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाली मीना यादव ने बताया कि उन्हें इस योजना का लंबे समय से इंतजार था। पहले भी उन्होंने आवेदन किया था, लेकिन तब लाभ नहीं मिल पाया। अब वर्षों के इंतजार के बाद गैस कनेक्शन मिलने से उनके घर में खुशी का माहौल है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ग्रामीण और गरीब परिवारों की महिलाओं के जीवन में बदलाव ला रही है। यह योजना न सिर्फ स्वच्छ रसोई का सपना साकार कर रही है, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य और जीवन स्तर को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

  रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा आयोजित गौ विज्ञान परीक्षा–2025 के लिए तैयार किए गए संदर्भ ग्रंथ “गाय धर्म एवं विज्ञान” के नवीनतम संस्करण का अपने निवास कार्यालय में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में विमोचन किया।
मुख्यमंत्री साय ने ग्रंथ को गौ विज्ञान के क्षेत्र में विद्यार्थियों और समाज के लिए उपयोगी बताते हुए समिति के प्रयासों की सराहना की और इसे ज्ञानवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
इस अवसर पर ग्रंथ के संपादक सुबोध राठी ने जानकारी देते हुए बताया कि पुस्तक में गौ की उत्पत्ति से जुड़े पौराणिक तथ्यों के साथ-साथ गाय के दूध, दही, घी, गोबर और गोमूत्र पर हुए विभिन्न वैज्ञानिक शोधों को प्रमाणों सहित बच्चों के अध्ययन हेतु सरल एवं व्यवस्थित रूप में संकलित किया गया है। इसके साथ ही गौ-आधारित कृषि, पंचगव्य उत्पादों का वैज्ञानिक विश्लेषण तथा गौ के पर्यावरणीय महत्व को भी विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।
विमोचन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रांत संयोजक अन्ना सपारे, मनोज पाण्डेय, हार्दिक कोटक, मन्मथ शर्मा, दुलार सिंह सिन्हा,हेमराज सोनी,विक्रम केवलानी,अनुज तुलावी, श्रीमती रेवा यादव,विक्रांत शर्मा, श्याम अड़ेपवार, शंभु दास महंत सहित संपादक मंडल के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

  रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में रायपुर की प्रथम महिला विधायक स्वर्गीय श्रीमती रजनी दत्तात्रेय उपासने के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री “अनटोल्ड स्टोरी ऑफ स्व. रजनी दत्तात्रेय उपासने” का विमोचन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्रीमती उपासने के सामाजिक, राजनीतिक एवं जनसेवा से जुड़े योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और प्रेरणा का प्रतीक रहा है। आपातकाल जैसे कठिन दौर में लोकतंत्र की रक्षा से लेकर रायपुर के विकास, महिलाओं और वंचित वर्गों के उत्थान तक उनका योगदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कि यह डॉक्यूमेंट्री आने वाली पीढ़ियों को उनके व्यक्तित्व और कार्यों से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बनेगी। विमोचन कार्यक्रम के दौरान श्री सच्चिदानंद उपासने सहित उनके परिजन उपस्थित थे।

भाजपा सरकार आलोचना से डरी, जनहित के सवाल उठाने वाली इंफ्लुएंसर को तत्काल रिहा करे

रायपुर । शौर्यपथ
सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो की गिरफ्तारी को प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा सरकार की तानाशाही करार दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है और सरकार में बैठे लोगों में आलोचना सुनने का साहस नहीं बचा है। आकांक्षा टोप्पो को तत्काल रिहा किया जाए।

ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार दो साल में ही अलोकप्रिय हो चुकी है। जनता के हित में सवाल उठाने वालों को डराने के लिए झूठे मामले दर्ज कर चुप कराने की कोशिश हो रही है। आकांक्षा टोप्पो लगातार खराब सड़क, लचर स्वास्थ्य, शिक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रही थीं। उन्होंने स्थानीय विधायक लक्ष्मी राजवाड़े रामकुमार टोप्पो की कार्यशैली पर भी प्रश्न खड़े किए थे। अगर कोई परिवार वर्षों से एक स्थान पर रह रहा है, जिसमें चार सदस्य दिव्यांग हैं, तो उन्हें खदेड़ा जाए और परिवार दुखी होकर सरकार से इच्छामृत्यु मांगे—ये सरकार के लिए शर्म की बात है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने मंत्री राजवाड़े द्वारा ड्राइवर को दिल्ली में छोड़कर आने की घटना को गलत ठहराया। उन्होंने सवाल किया कि विधायक रामकुमार टोप्पो दिव्यांगों का घर न बचा पाएं, उनकी व्यथा न सुनें तो किस बात के जनप्रतिनिधि? क्या जिम्मेदारों से सवाल नहीं पूछा जाना चाहिए? आकांक्षा टोप्पो ने नए शराब दुकान खुलने, आरआईटी में शिक्षकों की कमी व लैब बंद होने, मंत्री राजवाड़े के क्षेत्र में बिजली न होने जैसी समस्याओं पर भी आवाज बुलंद की थी। सरकार को सवालों से डर किस बात का? क्योंकि ये सरकार जनता की अपेक्षाओं को दो साल में पूरा नहीं कर पाई, इसलिए फर्जी कार्रवाई कर आक्रोशित जनता की आवाज दबाना चाहती है। सरकार की तानाशाही से न विपक्ष डरेगा, न जनता—सवाल तो पूछे जाएंगे।

ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के दो साल में सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गई हैं। ये सिर्फ विज्ञापन की सरकार है। प्रदेश में धान खरीदी को लेकर रोज आंदोलन हो रहे हैं, आदिवासी वर्ग प्रताड़ित हो रहा है। शासकीय कर्मचारी, व्यापारी, युवा, महिलाएं—सभी आंदोलन कर रहे हैं। फिर भी ये सरकार किसके लिए काम कर रही? लोगों के सामने जल, जंगल, जमीन बचाना चुनौती बन गया है। ऐसे में युवा वर्ग जब जनता की आवाज बन रहा है, तो उसे डराया जा रहा है।

रायपुर / शौर्यपथ /
देश की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत, साहस और सर्वोच्च बलिदान की परंपरा को स्मरण करते हुए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी), रायपुर में वीर बाल दिवस के अवसर पर एक ज्ञानवर्धक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संस्थान के गो ग्रीन क्लब द्वारा शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025 को उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
इस शैक्षणिक एवं प्रेरणादायी आयोजन का सफल संचालन डॉ. डी. सी. झारिया, एसोसिएट प्रोफेसर, एप्लाइड जियोलॉजी विभाग; डॉ. गोविंद पी. गुप्ता, एसोसिएट प्रोफेसर, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग; डॉ. शशिकांत वर्मा, सहायक प्राध्यापक, यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग; तथा डॉ. नितेश के. भारद्वाज, सहायक प्राध्यापक, कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के समन्वय में किया गया।
क्विज प्रतियोगिता का उद्देश्य वीर बाल दिवस के माध्यम से साहिबज़ादों के अद्वितीय साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए विद्यार्थियों में भारत की गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत के प्रति जागरूकता विकसित करना था। प्रतियोगिता में कुल 27 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी सूझ-बूझ, त्वरित निर्णय क्षमता तथा बौद्धिक दक्षता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
इस आयोजन ने छात्रों में बौद्धिक सहभागिता को सशक्त रूप से प्रोत्साहित किया तथा उनमें साहस, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रतियोगिता में भिरेंद्र साहू ने प्रथम पुरस्कार, भावेश गिलहरे ने द्वितीय पुरस्कार तथा आकाश ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। अंकुश तिवारी को चतुर्थ पुरस्कार और हिमांशु वर्मा को पंचम पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त चंद्रादित्य साहू एवं चिन्मय साहू को सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों, अतिथियों एवं दर्शकों की सक्रिय उपस्थिति ने प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाया और आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम का समापन अत्यंत सफल एवं गरिमामय वातावरण में हुआ। यह आयोजन सभी प्रतिभागियों और उपस्थितजनों पर गहरा एवं सकारात्मक प्रभाव छोड़ते हुए वीर बाल दिवस 2025 को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर में एक प्रेरणादायी और स्मरणीय अवसर के रूप में स्थापित करने में सफल रहा।

कपड़ा लाइन में दिखावटी कार्रवाई, कुआं चौक-गढ़ कलेवा-पोस्ट ऑफिस क्षेत्र में खुलेआम अवैध गुमठियां, ₹200-₹500 के चालान में निपट रहा कानून

दुर्ग नगर पालिक निगम का अतिक्रमण विभाग एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में है। जिस विभाग की जिम्मेदारी शहर को अतिक्रमण मुक्त रखने की है, वह अब कार्यवाही के नाम पर केवल चाय-नाश्ते तक सीमित नजर आ रहा है।

कपड़ा लाइन में हर बार वही कुछ दुकानदारों पर कार्रवाई कर अपनी “सक्रियता” साबित करने वाला निगम अमला, कुआं चौक जैसे व्यस्त इलाके में सड़कों तक फैले ठेले-गुमठियों पर पूरी तरह मौन दिखाई देता है। यातायात बाधित हो रहा है, आम नागरिक परेशान हैं, लेकिन अतिक्रमण विभाग की आंखें मानो बंद हैं।

पांडे जूस सेंटर द्वारा सड़क तक सामान फैलाने की कई बार लिखित व मौखिक शिकायतों के बावजूद, कार्रवाई केवल ₹200 से ₹500 के औपचारिक चालान तक सिमट जाती है। यह कार्रवाई नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से बचने का तरीका प्रतीत होती है।

सबसे गंभीर मामला पोस्ट ऑफिस के बगल, शासकीय गढ़ कलेवा के सामने स्थापित अवैध गुमठी का है। यह गुमठी न केवल अवैध है, बल्कि विवादों से भी घिरी रही है। इसके बावजूद इसी गुमठी से हजारों रुपये के चाय-नाश्ते के बिल जिला पंचायत में पास होना, कई बड़े सवाल खड़े करता है।

जब यहां केवल चाय के अलावा कुछ भी उपलब्ध नहीं, तो आखिर इतने बड़े बिल किस आधार पर पास हो रहे हैं? और इस अवैध गुमठी को बचाने के लिए कौन अधिकारी अपनी संवैधानिक शक्तियों का दुरुपयोग कर रहा है—यह अब जांच का विषय बन चुका है।

हैरानी की बात यह है कि निगम का अतिक्रमण अमला इस गुमठी तक “कार्रवाई” के लिए पहुंचता तो है, लेकिन तस्वीरें खिंचवाकर बिना किसी ठोस कार्रवाई के लौट आता है। यह दृश्य साफ संकेत देता है कि कार्रवाई केवल कागजों और कैमरों तक सीमित है।

शहर में ऐसे कई कबाड़ी व्यवसाय भी संचालित हो रहे हैं, जिनके पास न तो निगम की अनुज्ञप्ति है और न ही वैध लाइसेंस। लाइसेंस विभाग, राजस्व विभाग और अतिक्रमण विभाग—तीनों को जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई न होना, मिलीभगत की आशंकाओं को और मजबूत करता है।

इस पूरे घटनाक्रम की सीधी प्रशासनिक जिम्मेदारी निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल पर आती है। प्रशासनिक मुखिया होने के नाते निगम के कार्यों की निगरानी, कर्मचारियों पर नियंत्रण और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करना उनकी संवैधानिक व नैतिक जिम्मेदारी है। लेकिन लगातार सामने आ रही भेदभावपूर्ण कार्रवाइयों ने आयुक्त की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं।

वहीं जनप्रतिनिधि के रूप में महापौर अलका बाघमार की चुप्पी और निष्क्रियता भी अब चर्चा का विषय बन चुकी है। जनता के हितों से जुड़े इतने गंभीर मामलों पर मौन रहना, शहरी सरकार की मुखिया की भूमिका पर सवाल खड़े करता है।

आज निगम कर्मचारियों से लेकर आम नागरिकों तक के बीच यही चर्चा है कि—

क्या दुर्ग नगर निगम में कानून सबके लिए बराबर है? या फिर अतिक्रमण पर कार्रवाई केवल कमजोरों तक सीमित रह गई है?

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी जयंती के अवसर पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटलजी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित रहा। लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण, सुशासन की स्थापना और जनकल्याण के व्यापक दृष्टिकोण के कारण वे देशवासियों के हृदय में सदैव अमर रहेंगे। वे केवल महान राजनेता ही नहीं, बल्कि संवेदनशील कवि, दूरदर्शी राजनेता और करुणा से भरे जननायक थे, जिन्होंने राजनीति को जनसेवा का सशक्त माध्यम बनाया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटलजी के नेतृत्व में देश ने विकास, पारदर्शिता और सुशासन की नई दिशा प्राप्त की। उनका समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने का संकल्प आज भी हमारी शासन-नीति का केंद्रीय आधार है। यही भावना छत्तीसगढ़ सरकार के प्रत्येक कार्यक्रम, योजना और निर्णय का मार्गदर्शन करती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन को सशक्त बनाने के लिए प्रशासनिक सुधार, पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध सेवाओं की आपूर्ति और जनविश्वास की पुनस्र्थापना के प्रयास लगातार जारी हैं। यह यात्रा अटलजी के विचारों, आदर्शों और प्रेरणा से ऊर्जा प्राप्त करती है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों—ईमानदारी, संवेदनशीलता, संवाद और समावेशी विकास—को अपने जीवन और कार्य में अपनाएँ तथा विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें।
इस अवसर पर विधायक श्री किरण सिंह देव उपस्थित थे।

  रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ओडिशा के कंधमाल-गंजाम सीमावर्ती वन क्षेत्रों में संचालित संयुक्त सुरक्षा अभियान में सीपीआई (माओवादी) संगठन के शीर्ष नेतृत्व में शामिल गणेश उइके के न्यूट्रलाइज किए जाने को नक्सलवाद के विरुद्ध चल रही निर्णायक लड़ाई में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्रवाई नक्सल तंत्र की रीढ़ पर सीधा प्रहार है तथा स्पष्ट संदेश है कि अब नक्सल हिंसा के लिए देश में कहीं भी सुरक्षित ठिकाना शेष नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल उन्मूलन के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में यह एक ठोस और निर्णायक कदम है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दृढ़ नेतृत्व एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के सशक्त मार्गदर्शन में देश नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन की ओर तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। एक-भारत श्रेष्ठ-भारत की भावना के साथ केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति एवं विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अभियान में शामिल सभी सुरक्षा बलों के जवानों और अधिकारियों के अदम्य साहस, पराक्रम और पेशेवर दक्षता को नमन किया तथा उनके उत्कृष्ट मनोबल की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है—"हिंसा का रास्ता छोडि़ए, मुख्यधारा से जुडि़ए; अन्यथा कानून अपना कार्य करेगा।"
उन्होंने कहा कि शांति, विकास और विश्वास ही नए भारत की पहचान है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास के नए अवसर निरंतर सृजित किए जा रहे हैं। साथ ही हिंसा के मार्ग पर भटके युवाओं के पुनर्वास और मुख्यधारा में सम्मानजनक वापसी के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जनता-जनार्दन के सहयोग, सुरक्षा बलों के साहस तथा स्पष्ट नीतिगत प्रतिबद्धता के बल पर नक्सल-मुक्त भारत का संकल्प शीघ्र ही पूर्णत: साकार होगा।

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