January 09, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

बस्तर पंडुम 2026: बस्तर की परंपराओं को मिलेगा वैश्विक मंच

रायपुर / शौर्यपथ / बस्तर अंचल की समृद्ध लोकपरंपराओं, जनजातीय संस्कृति, कला और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से ‘बस्तर पंडुम’ का आयोजन वर्ष 2026 में भी गत वर्ष की भांति भव्य और आकर्षक रूप में किया जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में आयोजन की विस्तृत तैयारियों की समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन 10 जनवरी 2026 से 5 फरवरी 2026 तक तीन चरणों में प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत 10 से 20 जनवरी तक जनपद स्तरीय कार्यक्रम, 24 से 30 जनवरी तक जिला स्तरीय कार्यक्रम तथा 1 से 5 फरवरी तक संभाग स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इस वर्ष बस्तर पंडुम में विधाओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 12 की जा रही है। जिन विधाओं में प्रदर्शन एवं प्रतियोगिताएं होंगी, उनमें बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा एवं आभूषण, पूजा-पद्धति, शिल्प, चित्रकला, जनजातीय पेय पदार्थ, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य तथा वन-औषधि प्रमुख हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने तैयारियों के संबंध में विभागीय अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और आयोजन को सुव्यवस्थित, गरिमामय तथा अधिक प्रभावी स्वरूप में संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम, बस्तर की असली आत्मा और सांस्कृतिक विरासत का सशक्त मंच है।

बैठक में यह बताया गया कि बस्तर पंडुम 2026 का लोगो, थीम गीत और आधिकारिक वेबसाइट का विमोचन माँ दंतेश्वरी के आशीर्वाद के साथ मंदिर प्रांगण में ही मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर वरिष्ठ मांझी–चालकी, गायता–पुजारी, आदिवासी समाज के प्रमुखजन तथा पद्म सम्मान से अलंकृत कलाकार उपस्थित रहेंगे। इस बार विशेष रूप से भारत के विभिन्न देशों में कार्यरत भारतीय राजदूतों को आमंत्रित किए जाने पर भी चर्चा हुई, ताकि उन्हें बस्तर की अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर, परंपराओं और जनजातीय जीवन से अवगत कराया जा सके। साथ ही बस्तर संभाग के निवासी उच्च पदस्थ अधिकारी, यूपीएससी एवं सीजीपीएससी में चयनित अधिकारी, चिकित्सक, अभियंता, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तथा देश के विभिन्न राज्यों के जनजातीय नृत्य दलों को आमंत्रित करने का भी निर्णय लिया गया।

प्रतिभागियों के पंजीयन की व्यवस्था इस बार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से करने का प्रस्ताव है, जिससे अधिकाधिक कलाकारों और समूहों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

उल्लेखनीय है कि बस्तर अंचल की कला, शिल्प, त्योहार, खान-पान, बोली-भाषा, आभूषण, पारंपरिक वाद्ययंत्र, नृत्य-गीत, नाट्य, आंचलिक साहित्य, वन-औषधि और देवगुड़ियों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत बस्तर संभाग के सात जिलों के 1,885 ग्राम पंचायतों, 32 जनपद पंचायतों, 8 नगरपालिकाओं, 12 नगर पंचायतों और 1 नगर निगम क्षेत्र में तीन चरणों में आयोजन होगा। इस आयोजन के लिए संस्कृति एवं राजभाषा विभाग को नोडल विभाग नामित किया गया है।

बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, संस्कृति सचिव श्री रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, संचालक श्री विवेक आचार्य सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

"विकसित भारत जी राम जी योजना" से ग्रामीणों को 100 के बजाय 125 दिनों के रोजगार मिलने से कांग्रेस के पेट में दर्द : उप मुख्यमंत्री अरुण साव
सनातन का प्रचार प्रसार और सनातनियों में एकता से कांग्रेस को पीड़ा होती है: उप मुख्यमंत्री अरुण साव

  रायपुर। शौर्यपथ । उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नवा रायपुर अटल निवास कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि, जब भी देश में कोई रिफार्म होता है, राष्ट्रहित में कोई बड़ा निर्णय होता है। कांग्रेसियों के पेट में दर्द होता है। मोदी सरकार विकसित भारत जी राम जी योजना लेकर आई है। लोगों को अब 100 दिन के बजाय 125 दिनों का रोजगार मिलेगा। यह लोगों के लिए ज्यादा उपयोगी और कारगार साबित होगा, इसलिए कांग्रेसियों को तकलीफ हो रही है। यह योजना राष्ट्रहित और जनहित में हैं।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि, बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री जी दुर्ग में हनुमंत कथा सुना रहे हैं। लेकिन आज कांग्रेस पार्टी घोषित रूप से सनातन विरोधी हो चुकी है, जिस तरह से बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री जी को लोग सुनने आ रहे हैं, उनके प्रति लोगों में जो सम्मान, आदर और आस्था का दर्शन हो रहा है, कांग्रेसी नेताओं को घबराहट हो रही है। डर और घबराहट में इस तरह की बातें कर रहे हैं। इन लोगों का सनातन विरोधी चेहरा बार बार उजागर हुआ है। उन्होंने कहा कि, धर्म की चर्चा और प्रचार करने साधु सन्त महात्मा आते हैं, और कांग्रेसी नहीं चाहते कि, सनातन मजबूत हो, सनातनियों में एकजुटता आए, कांग्रेस तो बांटने का काम करती है।
श्री साव ने रायगढ़ मामले पर कहा कि, इस घटना के पीछे किसका हाथ है, उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। कानून हाथ में लेने का किसी को अधिकार नहीं है। सभी को शांतिपूर्वक अपनी बात रखने का अधिकार है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कर्मचारियों के आंदोलन पर कहा कि, राज्य सरकार कर्मचारियों की हित में लगातार कार्य कर रही है। वहीं कर्मचारियों की समस्याओं का समय पर समाधान हो रहा है एवं नई भर्तियां भी हो रही है। साथ ही कर्मचारी हित के काम लगातार हो रहे हैं। उन्हें आंदोलन की बजाय बातचीत का रास्ता अपनना चाहिए।

भिलाई नगर / शौर्यपथ / छावनी थाना क्षेत्र के स्वीपर मोहल्ला में पुरानी रंजिश के चलते मंगलवार की रात एक युवक और उसके साथियों पर जानलेवा हमला कर दिया गया। घटना के बाद पुलिस ने चार नामजद आरोपियों सहित अन्य के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

छावनी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार एस. अरविंद (28 वर्ष), निवासी सुंदर नगर कैंप-01, अपने मित्र एन. सागर और नंद कुमार यादव उर्फ नंदू के साथ स्वीपर मोहल्ला स्थित अपने रिश्तेदार एन. सुमती के घर गए थे। बताया गया है कि 25 दिसंबर को गुरुद्वारा के पास हुए विवाद को लेकर आरोपी अभी, पोलेश, बंगारु और उनके साथी 26 दिसंबर की रात दोबारा भिड़ गए।

रात करीब 10 बजे, आरोपियों ने नंदू को गाली-गलौच करते हुए घेर लिया। मना करने पर बंगारु और उसके साथियों ने नंदू को पकड़ लिया और अभी व पोलेश ने अपने पास रखी नुकीली वस्तु से उसे जान से मारने की नीयत से वार कर दिया। हमले में नंदू के दोनों पैरों की जांघ और कुल्हे में गहरी चोट आई और खून बहने लगा।

घटना के दौरान अरविंद और सागर ने बीच-बचाव की कोशिश की। विवाद बढ़ने की सूचना मिलने पर अरविंद के भाई एस. बालाराजू और एस. सतीश बोलेरो वाहन (CG07BT9260) से मौके पर पहुंचे। आरोपियों ने गाड़ी में भी तोड़फोड़ कर दी, जिससे लगभग 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ। इसी दौरान सतीश का रेडमी 12 5G मोबाइल और पर्स भी गायब हो गया।

पीड़ित की रिपोर्ट पर छावनी पुलिस ने अपराध क्रमांक 0652/25 दर्ज करते हुए आरोपियों अभी, पोलेश, बंगारु व अन्य साथियों के खिलाफ धारा 109-BNS, 296-BNS, 3(5)-BNS, 324(4)-BNS के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी उत्पादों के उपयोग, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्र निर्माण का दिया प्रेरक संदेश
दुर्ग / शौर्यपथ /

दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने नेवई बस्ती वार्ड 33 बूथ नंबर 185 में बूथ कार्यकताओं के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 129वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से मंडल अध्यक्ष राजू राकेश जंघेल विनोद श्रीवास्तव प्रेमलाल निर्मलकर पार्षद विधि यादव उपेंद्र रिगरी भूपेन्द्र बेलचंदन नरेंद्र निर्मलकर दामन सर्वा भागवत बुंदेला, तामेश्वर साहू रानू धनकर संजय यादव गज्जू साहू शेष जांगड़े नंदकुमार चंद्राकर सविता गोयल जानकी बारले कुसुम खेवार प्यारी साहू केसर साहू कुमारी वर्मा संगीता राय अशोक कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि वर्ष के अंतिम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी अपनाने, देश में निर्मित उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन से बचने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्र को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से प्रधानमंत्री निरंतर जनभागीदारी, नवाचार, आत्मनिर्भरता, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सशक्त बनाते हैं।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2025 को भारत के लिए उपलब्धियों से भरा गौरवशाली वर्ष बताया। उन्होंने देश की सुरक्षा, खेल, विज्ञान एवं अंतरिक्ष अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के क्षेत्र में हुई ऐतिहासिक सफलताओं का उल्लेख किया। उन्होंने खिलाड़ियों और पैरा-एथलीटों के उत्कृष्ट प्रदर्शन तथा युवाओं के नवाचारों और ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन’ जैसे मंचों की सकारात्मक भूमिका को भी रेखांकित किया।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ के तहत स्वास्थ्यप्रद जीवनशैली अपनाने का संदेश देते हुए सभी देशवासियों को वर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

विधायक ललित चंद्राकर कहा कि ‘मन की बात’ देश को जोड़ने वाला और सकारात्मक ऊर्जा देने वाला कार्यक्रम है, जिसकी प्रत्येक कड़ी प्रेरणा, जागरूकता और जनभागीदारी की नई भावना का संचार करती है और जिसका सभी नागरिकों को बेसब्री से इंतजार रहता है।

भिलाई। शौर्यपथ ।
अंचल में वंचित समुदाय के उत्थान और शिक्षा के प्रसार के लिए विगत 3.5 दशक से सक्रिय बैतुलमाल कमेटी ने शैक्षणिक मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन मुस्लिम कम्युनिटी हॉल ,सेक्टर 6 भिलाई में किया। इस कार्यक्रम में बैतुलमाल वेलफेयर सोसाइटी भिलाई द्वारा दी जा रही अनुदान/ प्रोत्साहन  राशि से विभिन्न स्कूलों  में शिक्षा प्राप्त कर रहे  08 वीं से 12वीं  तक के  स्टूडेंट के बेहतर भविष्य के  लिए यह आयोजन किया गया। जिसमें चयनित  59 छात्र छात्राओं के साथ उनके अभिभावक एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।  कार्यक्रम में शिक्षा और सामाजिक कार्य के क्षेत्र के अग्रणी लोगों ने अपने अपने उद्बोधन में छात्र छात्राओं एवं  इनके अभिभावकों को स्कूल में पढ़ाए जा रहे सभी विषयों  पर चर्चा की एवं उनकी रुचि के हिसाब से विषय चुनने के अलावा कई अन्य विषय और कोर्स की जानकारी दी , विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी भी दी गई। परीक्षा में कम या मध्यम प्राप्तांक  लाने वाले स्टूडेंट का भी हौसला बढ़ाया गया उन्हें रोजगारोन्मुखी कोर्स की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई जिससे वे बेहतर  जीवन यापन कर सकें।
मुख्य अतिथि भिलाई नगर मस्जिद ट्रस्ट के सदर एम आसिम बेग ने स्टूडेंट को अच्छे प्राप्तांक लाने प्रोत्साहित करते हुए कहा कि किसी भी  योग्य स्टूडेंट को निराश होने की जरूरत नहीं है,  बैतुलमाल कमेटी उनकी आगे की शिक्षा की जिम्मेदारी ले लेगी , बस आपको  अपनी काबिलियत दिखानी होगी।
इस दौरान विशेष वक्ता के तौर पर आरिफ खान फाउंडर सी ई ओ "इनोवेडास" ने विभिन्न विषयों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सभी स्टूडेंट  से सीधा संवाद करते हुए दोस्ताना माहौल में मार्गदर्शन दिया। दूसरे वक्ता कॉरपोरेट ट्रेनर रोशन रिज़वी ने अपने उद्बोधन में  स्टूडेंट की हौसला अफजाई करते हुए कई मिसालें दी। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा में किसी भी नाकामी से अवसाद व तनावग्रस्त होने के बजाए फिर प्रयास कर सफलता अर्जित करने हेतु स्टूडेंट को प्रेरित किया।  शेख एकेडमी के निदेशक  शेख मुख्तार ने स्टूडेंट का मार्गदर्शन किया और सदैव छात्रों एवं समाज हित के  लिए अपनी सेवाएं  देने की बात कही।
बैतुलमाल कमेटी के सदस्य जावेद अहमद  ने उच्च अंक से वंचित रहने स्टूडेंट को  रोजगारोन्मुखी अलग-अलग कोर्स के संबंध में कई  जानकारी दी एवं बच्चों को  अपना हुनर दिखाने प्रेरित किया। बैतुलमाल वेलफेयर सोसाइटी भिलाई के अध्यक्ष  हमीदुल्लाह सिद्दीकी ने ऐसा आयोजन करते रहने का भरोसा दिया साथ ही सेक्रेटरी अरमान बेग की तरफ से  आए हुए सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में फाउंडर मेंबर अब्दुल हफीज़  व अब्दुल जाकिर खान , उपाध्यक्ष अलीम सिद्दीकी , वरिष्ठ सदस्य   सैयद आतिफ अली , अवध अहमद , इमरान बेग , मुहम्मद जावेद, शेख मुख्तार , शकील अहमद , एम आई खान , साहिल अहमद और  फैजान हसन सहित अन्य लोगों का योगदान रहा।

 खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया

दुर्ग / शौर्यपथ / वॉलीबॉल एसोसिएशन, एस.सी. एवं सी.ए., भिलाई इस्पात संयंत्र के संयुक्त तत्वावधान में स्वर्गीय बीरा सिंह की स्मृति 20वीं सीनियर छत्तीसगढ़ राज्य अंतर-जिला वॉलीबॉल चौंपियनशिप का आयोजन वॉलीबॉल कॉम्पलेक्स पंत स्टेडियम, सेक्टर-1 भिलाई में किया गया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस चार दिवसीय प्रतियोगिता का शुभारंभ 25 दिसंबर को हुआ, जिसमें प्रदेशभर से पुरुष एवं महिला वर्ग की कुल 48 टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता में महिला वर्ग की 17 तथा पुरुष वर्ग की 31 टीमें शामिल हैं।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि दुर्ग की पावन धरा पर आयोजित यह प्रतियोगिता खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी मेहनत और प्रतिभा के बल पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया।
इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 8 खिलाड़ियों को सम्मानित किया, जिनमें महेन्द्र ध्रुव, अब्दुल्ला, पीहू यादव, दीपेश सिन्हा, कोमल मौर्या, संतोष कुमार, रेखा पदम और विनोद नायर शामिल हैं। वहीं वॉलीबॉल खेल में विशेष योगदान देने वाले 6 वरिष्ठजनों कौशल प्रसाद नायक, एस.एन. नेमा, टीकम दास अंडानी, शंकर लाल यादव, नईमुद्दीप हन्फी एवं राजेश्वर सिंहकृको भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट वॉलीबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री महेश गागड़ा, उपाध्यक्ष अकरम खान, सचिव श्री हेम प्रकाश नायक, एसोसिएट सचिव श्री विनोद नायर सहित अनेक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

  दुर्ग / शौर्यपथ /

भिलाई के जयंती स्टेडियम मैदान में चल रही हनुमंत कथा में मंगलवार का दिन आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। बागेश्वर धाम के आचार्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा आहूत दिव्य दरबार में सैकड़ों फरियादी अपने कष्टों के निवारण हेतु पहुंचे, जहाँ कथा वाचक ने परंपरागत पर्ची विधि से उनकी समस्याओं को लिखित रूप में बताया और समाधान सुझाया।
सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और दोपहर तक कथा स्थल खचाखच भर गया। लाखों भक्त मैदान में बैठकर दिव्य दरबार एवं कथा का रसपान करते रहे।

फरियादियों की भीड़, कष्ट निवारण का सिलसिला

दूर-दूर से आये श्रद्धालुओं ने अपनी अर्जी लगाई। प्रेतबाधा, मानसिक व्याधियाँ, अंधविश्वासजन्‍य पीड़ा सहित विविध समस्याओं से ग्रसित लोगों का पंडित शास्त्री ने साधना के माध्यम से निवारण बताया। धमधा क्षेत्र के एक किसान को बेटी के विवाह हेतु हनुमंत कथा संयोजक राकेश पाण्डेय सहित भक्तों द्वारा बड़ी आर्थिक सहयोग राशि भी प्रदान की गई।

धार्मिक महात्माओं की उपस्थिति

कथा के तीसरे दिन अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास तथा बद्रीनाथ धाम के महंत, यज्ञ सम्राट बालक दास भी कथा स्थल पहुँचे और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया।

सीएम, विधानसभा अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री हुए उपस्थित

हनुमंत कथा के दर्शन हेतु प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपनी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय के साथ पहुँचे। व्यासपीठ पर उन्होंने महाआरती में भाग लिया और पंडित धीरेंद्र शास्त्री से आशीर्वाद प्राप्त किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पाण्डेय, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, पूर्व विधायक अरुण वोरा, हनुमंत कथा संयोजक राकेश पाण्डेय, रजक बोर्ड अध्यक्ष प्रहलाद रजक, जिलाध्यक्ष द्वय पुरुषोत्तम देवांगनसुरेंद्र कौशिक सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

नेताओं के वक्तव्य

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा—
“छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम की ननिहाल है। ऐसे पवित्र प्रदेश में पंडित धीरेंद्र शास्त्री जैसे संत सनातन धर्म का ध्वज उठाकर समाज को एकजुट करने का जो संकल्प लिए हैं, उसमें प्रत्येक सनातनी को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।”
उन्होंने आयोजन के लिए सेवा समर्पण समिति व संयोजक राकेश पाण्डेय को बधाई दी।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा—
“पंडित धीरेंद्र शास्त्री का प्रत्येक शब्द मानव जीवन को दिशा देने वाला है। वह केवल कथा वाचक ही नहीं, बल्कि सनातन धर्म के प्रखर प्रचारक हैं। उनके मार्गदर्शन में समाज का कल्याण सुनिश्चित है।”

सांध्यकालीन कथा में हनुमान चालीसा का दिव्य पाठ

दिव्य दरबार के पश्चात शाम 5 बजे से देर रात तक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमान चालीसा की चौपाइयों का दिव्य पाठ कर प्रत्येक पंक्ति का महत्व समझाया। हजारों श्रद्धालु भक्ति के उल्लास में झूमते रहे और “जय हनुमान” के घोष से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा।

शहीद गैंद सिंह नायक ने किया स्वाधीनता आंदोलन का सर्वप्रथम शंखनाद
हल्बा-हल्बी समाज के शक्ति दिवस पर्व में शामिल हुए मुख्यमंत्री
समाज के नवनिर्मित कार्यालय भवन के लोकार्पण सहित कई घोषणाएं

रायपुर / शौर्यपथ / स्वाधीनता आंदोलन के साथ-साथ राष्ट्र व समाज के नवनिर्माण में आदिवासी नायकों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान है। हल्बा, हल्बी एवं आदिवासी समाज सहित संपूर्ण भारतवर्ष के गौरव शहीद गैंद सिंह नायक ने हमारे देश में आजादी का आंदोलन का सर्वप्रथम शंखनाद किया था। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जिला मुख्यालय दुर्ग के गोकुल नगर स्थित हल्बा शक्ति स्थल में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज द्वारा आयोजित 35वां मिलन समारोह एवं शक्ति दिवस पर्व को सम्बोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर हल्बा-हल्बी समाज के नवनिर्मित कार्यालय का लोकार्पण भी किया। श्री साय ने शक्ति स्थल में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हल्बा समाज के युवा-युवतियों को आवासीय कोचिंग सुविधा प्रदान करने हेतु 50 लाख रूपए तथा पुलगांव दुर्ग स्थित कंवर समाज के सामाजिक भवन में बाउण्ड्रीवॉल निर्माण हेतु 25 लाख रूपए की स्वीकृत किए जाने की घोषणा भी की। इस अवसर पर उन्होंने हल्बा-हल्बी समाज के सामाजिक पत्रिका ’समाज’ का भी विमोचन किया।
मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य सहित पूरे देश में आजादी के आंदोलन का सूत्रपात सर्वप्रथम जनजातीय समाज के नायको ने किया था। शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंद सिंह नायक सहित जनजाति नायकों एवं देशभक्तों ने अंग्रेजों के खिलाफ कुल 14 क्रांतियों का शंखनाद किया था। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी ने जनजाति वर्ग के उत्थान एवं विकास के लिए सर्वप्रथम केन्द्रीय जनजाति कार्यालय मंत्रालय का गठन भी किया गया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर राजधानी रायपुर में जनजाति समाज के नायकों एवं वीर सपूतों के योगदान तथा अमर गाथाओं को नई पीढ़ी को परिचित कराने साथ-साथ उसके संरक्षण और संवर्धन हेतु विशाल आदिवासी संग्रहालय का निर्माण किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने दो वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी की अधिकांश गारंटियों को प्राथमिकता से पूरा किया है। राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ, तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रूपए प्रति मानक बोरा के हिसाब से पारिश्रमिक तथा किसानों को धान का मूल्य 3100 रूपए प्रति क्विंटल दिया जा रहा है। 26 लाख से अधिक परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की मंजूरी दी गई है। राज्य में भी नक्सलवाद अपने अंतिम सांस गिन रहा है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से 400 से अधिक गांवों में विकास के काम तेजी से हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा भी 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर पूरे देश में अग्रणी राज्य बनाने हेतु निरंतर कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम को सांसद विजय बघेल और पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, हल्बा-हल्बी समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री खलेन्द्र ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष ललित चन्द्राकर, अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

durg  / shouryapath / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जयंती स्टेडियम मैदान भिलाई में आयोजित 5 दिवसीय दिव्य श्री हनुमंत कथा समारोह में आज सपत्निक सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सभी के लिए बड़े सौभाग्य की बात है। पंडित श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री महाराज जी का आशीर्वाद छत्तीसगढ़ को हमेशा मिलता रहा है। उन्होंने बताया कि प्रभु श्रीराम ने अपने वनवासकाल का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताए है। छत्तीसगढ़ माता शबरी का भी यह जगह है। इस दौरान उन्होंने भक्त माता ने जूठे भोजन को खिलाई थी।

मुख्यमंत्री ने श्रीराम लला अयोध्या धाम योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 38 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन करा चुके हैं और लगातार भक्तों को दर्शन करा रहे हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा दर्शन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि विगत 5 वर्षों से बंद यह योजना पुनः प्रारम्भ की गई। अभी तक 5000 बुजुर्ग लाभान्वित हो चुके है। इस योजना के अंतर्गत राज्य के वृद्ध श्रद्धालुओं को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जा रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना शुरू कर एक हजार रूपए प्रतिमाह दिया जा रहा है। इस योजना से लगभग 70 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि सारंगढ जिले के ग्राम दानसरा की महिलाओं ने महतारी वंदन योजना की राशि का चंदा करके प्रभु श्री राम मंदिर का निर्माण कर रही हैं।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने अखंड भारत की जो कल्पना की है, वह एक दिन जरूर पूरा होगा। देश-दुनिया में जागृति का यह समय आ चुका है और आप सब जिस भाव के साथ शामिल हुए हैं, उससे ऐसा लगता है कि भारत को विश्व गुरू बनाने का समय आ चुका है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सपत्निक आरती में शामिल हुए और उन्होंने प्रदेश की सुख- समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दिव्य श्री हनुमंत कथा का आयोजन 25 दिसम्बर से 29 दिसम्बर 2025 तक सेवा समर्पण समिति द्वारा किया जा रहा है।

इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग अन्य विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, विधायक श्री ललित चंद्राकर, छत्तीसगढ़ खादी बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय, पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डे, पूर्व विधायक श्री लाभचंद बाफना, श्री अरूण वोरा एवं आयोजन समिति के पदाधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, नगर के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कुशाभाऊ ठाकरे जी की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रख्यात राजनेता कुशाभाऊ ठाकरे जी की पुण्यतिथि (28 दिसम्बर) पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र और समाज की सेवा को समर्पित रहा। वे सत्ता के माध्यम से नहीं, बल्कि मूल्य और संस्कार के माध्यम से राजनीति में सकारात्मक परिवर्तन लाने के पक्षधर थे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी की सादगी, अनुशासन, निष्ठा और आत्मीयता उनके व्यक्तित्व की पहचान थी। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने और जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ से कुशाभाऊ ठाकरे जी का विशेष संबंध रहा है। उन्होंने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि राजनीति का मूल उद्देश्य सेवा, राष्ट्रहित और समाज कल्याण होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी की पावन स्मृतियाँ हम सभी को राष्ट्र और समाज के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की निरंतर प्रेरणा देती रहती है।

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